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by rajaarkey
23 Feb 2017 11:19
Forum: Hindi ( हिन्दी )
Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

ज्यों ही शाज़िया फोन से फारिग हुई तो उस ने देखा कि नीलोफर कमरे में उस के सामने ही अपने गीले कपड़े उतार कर दूसरे कपड़े पहनने लगी है. शाज़िया को यूँ अपने सामने ही नीलोफर को अपने कपड़े उतारते देख कर बहुत शरम महसूस हुई और वो बोली ”यार तुम अंदर अपने बाथरूम में जा कर कपड़े पहन लो ना.” निलफोर शाज़िया की ब...
by rajaarkey
23 Feb 2017 11:17
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Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

शाज़िया अपने जिस्म को देख कर फख्र महसूस कर रही थी.कि 30 साल तलाक़ याफ़्ता होते हुए उस की फिगर बहुत मस्त और कसी हुई थी. अपनी मिड्ल एज में आ कर भी वो बिल्कुल नही बदली बल्कि अब तो उस का बदन पहले से भी ज़्यादा निखर कर और पूर्कश हो गया था. शाज़िया ने आईने के सामने खड़े खड़े अपने चूचों के गुलाबी दानो पर ...
by rajaarkey
23 Feb 2017 11:15
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Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

ज़िंदगी अपनी डगर पर चल रही थी. नीलोफर एक तरफ़ तो ज़ाहिद से अपनी चुदाई करवा रही थी. जब कि दूसरी तरफ शाज़िया को फन्नी पिक्चर और लतीफ़े सेंड करने के साथ साथ अब नीलोफर ने कुछ ज़ू महनी ( द्विअर्थी ) और थोड़ा गंदे लतीफ़े भी सेंड करना शुरू कर दिए. पहले तो शाज़िया को यह बात कुछ अजीब लगी मगर उस ने नीलोफर से...
by rajaarkey
21 Feb 2017 15:14
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Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

नये घर में मूव होने के कुछ दिन बाद एक दिन ज़ाहिद दोपहर को जब अपने घर आया तो उस वक्त उस की बेहन शाज़िया टीवी लाउन्ज में बैठी “आम” (मॅंगो) चूस रही थी. शाज़िया दुपट्टे के बैगर झुक कर इस तरह बैठी हुई थी. कि उस की कमीज़ के गले में से शाज़िया के मोटी और भारी चूचों की हल्की ही लकीर वाइज़ा हो रही थी. आम चू...
by rajaarkey
21 Feb 2017 15:14
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Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

इस तरह अचानक और बे इख्तियरि में ज़ाहिद से भूरपूर तरीके से चिपटने से शाज़िया की भारी छातियाँ उस के भाई की छाती से टकराई. तो ज़ाहिद के जिस्म में सर से ले कर पैर तक एक अजीब सी मस्ती की लहर दौड़ गई. बेहन के बदन की खुशुबू को अपनी सांसो में समाता हुआ महसूस कर के ज़ाहिद का दिल चाहा कि वो आज अपनी बेहन की श...
by rajaarkey
21 Feb 2017 15:13
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Topic: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

आख़िर कार ज़ाहिद ने अपने दिमाग़ की बात मानते हुए अपने ज़हन को सकून पहुँचाने के इरादे से वॅन की विंडो के साथ टेक लगा कर अपनी आँखे बंद कर लीं. शाम को घर पहुँच कर ज़ाहिद ने अपनी अम्मी को उन के लिए लाए हुए कपड़े दिए कर पूछा” अम्मी शाज़िया कहाँ है” “वो अपने कमरे में लेटी हुई है बेटा” ज़ाहिद के हाथों से ...

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