कहीं वो सब सपना तो नही

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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कहीं वो सब सपना तो नही

Post by 007 » 06 Nov 2014 10:19

कहीं वो सब सपना तो नही



ये स्टोरी एक मिड्ल क्लास फॅमिली की है ओर इसके प्रमुख किरदार इस परकार है....

डेड,,,,अशोक कपूर उम्र 43,, बॅंक मे जॉब करते है,,ओर फ्री टाइम मे बॅडमिंटन,,
क्रिकेट ओर जिम मे कसरत करने का शोक रखते है,,,कालेज टाइम मे भी अपनी
कालेज की क्रिकेट टीम के कप्तान थे,,अपनी सेहत का बहुत ख्याल रखते है.
हाइट 5'8,,,वेट करीब 72 से 80 क्ग रंग गोरा पर इतना ज़्यादा गोरा भी नही.
दिखने मे किसी नेवी या मिलिटरी के ऑफीसर लगते है.

माँ,,,,सरिता कपूर हाउस वाइफ है,,ज़्यादा पड़ी लिखी नही है,,बहुत ग़रीब बाप
की बेटी थी..छोटी उम्र मे ही शादी हो गई थी.घर का काम बहुत अच्छी तरह से
जानती थी.खाना बनाना उनकी हॉबी थी,,ओर उस काम मे बहुत माहिर भी थी.पूरी फॅमिली
ओर रिश्तेदार उनके खाने की तारीफ करते हुए थकते नही थे. उम्र 40 रंग दूध जैसा
गोरा हाइट 5'2 वेट 48 से 56 क्ग.सरिता थोड़ी मोटी थी,ज़्यादा मोटी नही बस भरे
हुए शरीर की मालकिन थी,,

विशाल कपूर,,,,,घर का बड़ा बेटा,,, आज कल मेकॅनिकल इंजिनियरिंग कर रहा है
ओर साथ-2 पार्ट टाइम जॉब..दिल्ली मे रहता है ओर महीने मे 2-4 दिन क लिए ही घर आता.
उम्र 22 हाइट 5'9 वेट 72 से 80.बाप की तरह ही फिट रहता है जिम जाने का बहुत
शोक रखता है.रंग गोरा है दूध के जैसा,भूरी आँखें दिखने मे कश्मीरी लगता
है.बाप का बहुत लाड़ला है.

शोभा कपूर.....घर की बड़ी बेटी,,,अपने नाम की तरह है बिल्कुल अपने घर की
शोभा बड़ाती है,,उम्र 20 बीए 2न्ड इयर मे है.बहुत चुलबुली है माँ ओर बाप दोनो की
लाडली है.खूब मस्ती करती है घर मे.रंग गोरा दूध जैसा हाइट 5'3 वेट
40 से 45 आँखें बिल्कुल बड़े भाई जेसी है ब्राउन ओर साथ ही लिप्स के नीचे एक छोटा सा
तिल है जो उसके चेहरे को चार चाँद लगाता है ओर शोभा के चेहरे की शोभा बड़ाता
है,,,

सोनिया कपूर,,,,घर की छोटी बेटी ..बहुत नटखट है ये भी शोभा की तरह
शोभा बुटीक मे बुआ की मदद करती है पर ये नवाबजादि तो एक कप चाय भी न्ही
बना सकती बाकी के काम तो दूर की बात है.आगे 18 अभी +1 मे स्टडी करती है रंग
की गोरी है अपनी बड़ी सिस की तरह. हाइट भी सेम है पर वेट थोड़ा कम है..
शोभा जहाँ भरे हुए शरीर की है वहीं ये साहबजादी एक दम स्लिम है,,ओर
शोभा ज़्यादातर सलवार सूट पहनती है वही सोनिया हमेशा जीन्स ओर टी-शर्ट,,हर
टाइम गुस्से मे रहती है छोटी छोटी बात पे गुस्सा हो जाती है.हमेशा चिडती रहती
है,,,इसलिए खाना पीना भी नही लगता इसको,,

सन्नी कपूर,,,,,,घर का सबसे छोटा बेटा बहुत बड़ा तूफान है हर टाइम मस्ती ही
करता रहता है ये सोनिया का जुड़वा है ***एडिटेड*** हाइट 5'3 वेट 55 से 62 ये भी +1
मे है ओर सोनिया क साथ सेम कालेज मे है. पर जहाँ सोनिया अपनी सिस शोभा जैसी
गोरी चिटटी है वही ये साहिबजादे थोड़े साँवले रंग के है,इसलिए सोनिया इसको ब्लेकि
बोलती है ओर ये गुस्सा करके उसके साथ झगड़ा करता है.ये जनाब स्टडी करने मे
बेहद कमजोर है ओर हर टाइम बस कंप्यूटर पे चाटिंग या वीदीओ खेलते है
फिर भी हमेशा पास ज़रूर होते रहते है पर वो भी पूरे पूरे नंबर से. माँ का
लाड़ला बेटा है ये

गीता कपूर,,,,,ये किरदार अशोक की बहन है,,शादी के 5 महीने बाद ही अपने पति
से झगड़ा करके यहाँ आ गई थी तभी से यहाँ रहती है,,अब तो तलाक़ भी हो
चुका है पर दूसरी शादी के मूड मे नही है ये महारानी की.अपनी भाभी से बिल्कुल
नही बनती इसकी हर बात पे अपनी भाभी से लड़ाई रहती है हमेशा पर शोभा से
बहुत बनती है इसकी..दोनो भुआ भतीजी कम ओर दोस्त ज़्यादा है. उम्र 38 हाइट मे
अपने भाई की तरह लंबी है करीब 5'7 ओर रंग भी सांवला पर काला नही. बहुत ही
ज़्यादा सेक्सी है अपनी फिगर का बहुत ध्यान रखती है फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स
किया हुआ है ओर अपना एक छोटा सा बुटीक चलाती है जहाँ शोभा भी उनकी हेल्प
करती है.है तो 38 की पर लगती है 25 या 27 की,,,,भाई की लाडली है

सुरिंदर ,,,,,,ये इस कहानी का अजीब किरदार है रिश्ते मे अशोक का साला है..
सरिता का छोटा भाई.सरिता की शादी के 2 साल बाद ही सरिता का बाप मर गया था
इसलिए सरिता ओर अशोक इसको अपने साथ अपने घर ले आए.पड़ा लिखा बिल्कुल नही है
ओर ना ही कोई काम करता है,पर घर का थोड़ा बहुत काम कर लेता है,,जैसे बज़ार
से सब्जी लेके आना,,वॉशरूम के नल ठीक करना,गार्डेन की सफाई करना..ओर एक सबसे
बड़ा काम करते है चरसबाज़ी का,,चरस के बहुत बड़े शोकीन है. उम्र 37 रंग
सांवला यानी डार्क ब्राउन हाइट मे अपने जीजा जी से भी लंबा है करीब 6"2 इंच
क़िस्सी से घर मे ज़्यादा बात नही करता सिवाए अपने बड़े भानजे विशाल ओर बहन ,,जीजा
से थोड़ा डरता है ओर दूर दूर ही रहता है उनसे क्यूकी वो हर वक़्त काम करने को
बोलते रहते है ओर बार बार वेला होने का ताना भी मारते है,,पर फिर भी इज़्ज़त
बहुत करता है अपने जीजा की. हर बात मानता है उनकी,,,

सन्नी बाइक पे कालेज से घर आ रहा है सोनिया भी उसके साथ है अभी वो लोग अपने
कालेज से बाहर ही निकले थे की सोनिया की एक फ्रेंड ने उसको रुकने का इशारा किया.
सोनिया ने भी सन्नी को बाइक रोकने के लिए बोला.सन्नी ने बाइक उसकी दोस्त के पास जाके
रोक दी.
ही कविता ,,ही सोनिया,,,, क्या हुआ कविता यहाँ बाहर क्यूँ खड़ी हो सोनिया ने कविता से
पूछा,,,

कुछ नही यार मेरी एक्टिवा पंक्चर हो गई है ओर यहाँ पास मे कोई पंक्चर की शॉप
भी नही है.मैने भाई को फोन किया पर वो ऑफीस मे बिज़ी है.उसने बोला की मैं
एक्टिवा कालेज मे ही छोड़ दूं ओर रिख़्शा पे घर चली जाउन.पिछले 15 मिंट से यहाँ
खड़ी हूँ कोई रिक्शा भी नही आया.ओर गर्मी भी बहुत है.

कोई बात नही तुम हमारे साथ आ जाओ हम तुमको घर तक छोड़ देते है ओर वैसे भी
तुम्हारा घर मेरे घर के रास्ते मे ही है.ओह थेन्क्स सोनिया,,,

इसमे थेन्क्स की क्या बात हम कोन से अजनबी है हम दोनो तो दोस्त है ओर दोस्त को थेन्क्स
नही बोलते.तभी सन्नी बीच मे बोल पड़ा..थेन्क्स तो एसे बोल रही है जैसे पहली बार
हमारे साथ जा रही है. एक्टिवा लिए तो अभी 3-4 महीने ही हुए है पहले भी तो अपने
साथ ही आती जाती थी.चल बैठ जा चुप चाप.बड़ी आई थेन्क्स वाली..ओर हस्ने लगा..
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Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Post by 007 » 06 Nov 2014 10:20


सोनिया,,,चुप कर बेवकूफ़ खबरदार जो मेरी दोस्त को कुछ बोला .सन्नी,,,,ओके बाबा सॉरी,
सॉरी कविता जी..कविता शर्मा जाती है ओर बोलती है नो सॉरी सन्नी ज़ी...जैसे
दोस्ती मे थेन्क्स नही बोला जाता वैसे ही सॉरी भी नही बोला जाता..ओर तीनो हस्ने लग
जाते है..तभी सोनिया थोड़ा आगे होती है ओर सन्नी को भी बाइक पे आगे होके कविता के
लिए जगह बनाने को बोलती है.सन्नी भी आगे हो जाता है ओर सोनिया भी.कविता के लिए
काफ़ी सीट की जगह बन जाती है..क्यूकी सोनिया ने जीन्स पहना हुआ है इसलिए वो बाय्स
की तरह लेग्स क्रॉस करके बैठी हुई है..कविता बाइक पे बैठ जाती है ओर सन्नी
आगे बाइक चलाना शुरू कर देता है..रास्ते मे दोनो बातें करती रहती है ओर सन्नी
अपनी मस्ती मे बाइक चलाता रहता है,,करीब 20-25 मिंट बाद सन्नी कविता के घर के
सामने बाइक रोक देता है,,कविता उतार जाती है ओर साथ मे सोनिया भी,,तुम क्यूँ उतर गई पागल सोनिया,,,ओर सन्नी हस्ने लगता है,,,
चुप कर ब्लेकि ..मुझे थोड़ा काम है कविता के घर मे हमने कालेज के कुछ नोट्स
तयार करने है.मुझसे अकेले नही होगा इसलिए कविता क साथ मिलकर बना लेती हूँ.
तुम घर जाओ मैं बाद मे आजाउंगी ..मोम्म को बोल देना मेरा खाना नही बनाए मैं खाना
भी कविता के घर पे कर लूँगी ओर शाम को 6 बजे पापा क साथ घर आजाउंगी..

अशोक का बॅंक यहीं पास मे है वो भी इसी रास्ते आता जाता है


सन्नी बाइक आगे बड़ा लेता है ओर घर की तरफ चल पड़ता है.घर पहुँच कर सन्नी
बाइक रोकता है ओर अपने रूम की तरफ चला जाता है फिर रूम से फ्रेश होके बाहर
आता है ओर मोम को आवाज़ लगा कर बोलता है मोम जल्दी से खाना बनाओ बहुत भूख लगी
है पर 2 मिनट तक मोम के रूम से कोई आवाज़ नही आती तो वो उठकर अपनी मोम के रूम की
तरफ जाता है रूम का डोर खुला हुआ है पर अंदर कोई नही है.वो किचन की तरफ
जाता है पर वहाँ भी कोई नही है.


आपको बता देता हूँ की घर मे 4 रूम है जिनमे से 1 रूम अशोक ओर सरिता का है,,
2न्ड रूम अशोक की सिस गीता का,,शोभा गीता का साथ रूम शेयर करती है..ओर 3र्ड वाला
रूम सन्नी ओर सोनिया का है..ओर 4र्थ रूम असल मे रूम नही स्टोररूम है पर वहाँ भी
एक सिंगल बेड लगा हुआ है,,,जब विशाल दिल्ली से आता है 2-3 दिन क लिए तो उसी रूम
मे सोता है..सभी रूम्स मे अटॅच बातरूम है,,,सुरिंदर का कोई रूम नही है वो
जहाँ जगह मिलती है सो जाता है,,कभी हॉल मे कभी डाइनिंग रूम मे ,,वैसे अक्सर
वो स्टोर रूम मे सोता है पर जब विशाल आ जाता है तो वो कहीं भी सो जाता है.
उसको रूम या बेड से नही नींद से मतलब है,,,,घर के 2 रूम नीचे है ओर 2 रूम
उपर 1स्ट फ्लोर पे.अशोक ओर सरिता का रूम ओर साथ मे स्टोररूम जहाँ सिंगल बेड लगा
हुआ है वो नीचे है,,ओर 1स्ट फ्लोर पे सन्नी सोनिया का रूम साथ मे गीता का रूम है.

सन्नी बहुत आवाज़ लगता है पर कोई जवाब नही आता.उसको पता है की गीता बुआ अपने
बुटीक मे होती है वो रात को 7-8 बजे आती है.ओर शोभा दीदी भी कालेज से सीधा
गीता बुआ की बुटीक पे चली जाती है ओर उनकी हेल्प करती है.ओर फ्री टाइम मे अपनी
स्टडी भी कर लेती है..शोभा भी बीए की स्टडी के साथ-2 फॅशन डिज़ाइनिंग का कोर्स
कर रही है ओर गीता उसकी हेल्प करती है उसमे.....ओर सुरिंदर मामा तो चरस पीके
यह्न वहाँ घूमते रहते है कभी घर की छत पे तो कभी बाहर गार्डेन मे.

सन्नी जैसे ही सीडियों से नीचे आने लगता है उसको कुछ आवाज़ सुनाई देती है.जो छत पेर
बने एक स्टोररूम से आ रही होती है उस रूम मे घर का फालतू कब्बाद का समान पड़ा
हुआ है.सन्नी को आवाज़ सॉफ सुनाई नही देती वो उस रूम की तरफ़ बॅडता है ओर अंदर से
आ रही आवाज़ को सुन-ने की कोशिश करता है अंदर कोई हल्की हल्की आवाज़ मे बातें कर
रहा था ओर बीच बीच मे बहुत हल्का हल्का चिल्ला भी रहा था.सन्नी ने डोर खोल
कर अंदर जाने की कोशिश की पर रूम अंडर से लॉक था.सन्नी को बाहर से कुछ भी
क्लियर सुनाई नही दे रहा था पर सन्नी इस आवाज़ को सुनना चाहता था ओर देखना भी
चाहता था की ये आवाज़ के पीछे कोन है..सन्नी को बड़ी अजीब से बेचैनी हो रही थी
ओर डर भी लग रहा था की कहीं घर मे कोई चोर तो नही घुस आया. अभी वो अकेला
था अगर उसके मामा जी या डेड उसके साथ होते तो वो नही डरता डर से ज़्यादा सन्नी की
बेचानी थी क्यूकी वो आवाज़ उसको जानी पहचानी लग रही थी.सन्नी रूम के पिछली तरफ
बनी हुई विंडो की तरफ गया तो देखा विंडो भी क्लोज़ थी पर विंडो पुरानी होने
की वजह से उसमे कई जगह पर छोटे छोटे होल बने हुए थे.सन्नी ने एक होल से
अंदर देखने की कोशिश की तो कामयाब हो गया,पर जैसे ही उसने अंदर का नजारा देखा
उसके पैरों तले से ज़मीन निकल गई वो गुम सूम हो गया.वो कुछ एसा देख रहा था
जिसके बारे मे वो कभी सोच भी नही सकता था,,अंदर उसकी माँ एक पुरानी टेबल पे
आगे की ओर झुकी हुई थी उसके ब्लाउस के बटन खुले हुए थे ओर साडी के साथ -2
पेटीकोत भी उपर पीठ तक उठा हुआ था ओर पेंटी नीचे घुटनो तक गिरी हुई थी
अंदर बहुत अंधेरा था ओर जिसस विंडो पर वो खड़ा हुआ था वहाँ से उसकी माँ तो
नज़र आ रही थी पर माँ के साथ दूसरा शॅक्स कोन है ये देखने मे सन्नी को मुस्किल
हो रही थी पर अपनी माँ की हालत देख कर सन्नी इतना तो समझ गया था की उसकी माँ
अंदर चुद रही थी . वो शॅक्स उसकी माँ के पीछे खड़ा हुआ था ओर अपना लंड माँ की
गांद मे डालकर आगे पीछे कर रहा था.सन्नी ने देखा उसका लंड करीब 7' लंबा ओर
2' मोटा था उस लंड ने उसकी मों की गंद को फाड़ कर रखा हुआ थ.पर फिर भी उसकी
माँ उस शॅक्स को ओर तेज झटके मरने को बोल रही थी,,अहह ओह
ह्म्*म्म्मममममममममममममममममम उूुुुुुुुुुुउऊहह हाँ मेरे राजा एसे ही चोदो,,,,,
डाल दो अपना पूरा लंड मेरी गंद मे,अहह उूुुउऊहह
सन्नी देख कर हैरान था की इतना बड़ा लंड गंद मे गया हुआ है पर फिर भी उसकी
मों ओर लंड माँग रही है ओर स्पीड तेज करने को बोल रही है.तभी उसने अपना लंड
गंद से बाहर निकाला ओर माँ के मुँह के पास ले गया माँ ने लंड को मुँह मे लिया ओर
लॉलिपोप की तरह चूसने लगी वो लंड इतना बड़ा ओर मोटा था की सन्नी हैरान हो गया
की उसकी माँ ने फिर भी बड़ी आसानी से उसको अपने मुँह मे ले लिया था ओर बड़े आराम से
चूस रही थी फिर 2 मिंट चूसने के बाद उसकी माँ ने लंड को मुँह से निकल दिया ओर
उस आदमी ने दोबारा अपना लंड उसकी माँ की गंद मे डाल दिया उसने थोड़ा थोड़ा करके न्ही
बल्कि एक ही झटके मे पूरा लंड माँ की गंद मे उतार दिया उसकी माँ की चीख निकल गई
पर उसकी माँ इतने हल्के से चिल्लाई थी की उसकी आवाज़ सन्नी तक ही पहुँची थी.अगर
कोई सिद्डियों पे होता या रूम से थोड़ा भी दूर होता तो उसको ये चीख सुन्नी मुश्किल
थी,
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Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Post by 007 » 06 Nov 2014 10:21




उसने अपना लंड पूरी स्पीड से ओर जोरदार झटको से उसको माँ की गंद मे डालना जारी
रखा उसकी माँ अहह उहह करते हुए मज़ा ले रही थी
ओर ओर तेज स्पीड करने को बोल रही थी फिर उसने अपने हाथ माँ के बूब्स पे रखे ओर
उसको ज़ोर से दबाना ओर मसलना शुरू किया ओर पकड़ मजबूत करके लंड को गंद मे ओर तेज़ी
से पेलने लगा अहह ओह एसे ही,
अहह हहाआंन्*णणन् म्*म्मीरररी र्रााज्जजा ईससी हहिि कक्च्छूड्ड़ो
आआअप्प्पनन्ी र्राानणनी कककूऊव आअहह फ़ाआआअद्द्द्दद्ड ककक्काअरर
र्ररराक्खह द्डू म्मीररीि ग्गगाणन्ँदडड़ ककककूऊव हंन्न्ना ईएससी हही प्प्प्प्ुउउउर्र्रीई
स्स्पपीड़द्ड ससीए कक्चहूओदददूव मम्मूऊऊुज्ज्ज्झहह्ी सन्नी ने पहली बार अपनी माँ के मुँह
से एसी बातें सुनी थी वो हैरान था की जो औरत इतनी मासूम ओर भोली-भाली दिखती
है वो चुद्ते हुए एसी गंदी भाषा भी बोल कर सकती है ओर आज पहली बार ही उसने
अपनी माँ को नंगी देखा था,,,,,पूरी तरह से नही पर उसकी माँ लगभग नंगी ही थी
अपना माँ का गोरा ओर नंगा बदन देख कर सन्नी को भी कुछ कुछ होने लगा उसकी माँ
के बड़े बड़े बूब्स हवा मे लटक रहे थे ओर हर एक झटके क साथ उपर नीचे हो
रहे थे,वो आदमी बूब्स को जानवरों की तरह मसल भी रहा था ओर बीच बीच मे
उनको छोड़ कर अपने हाथों को माँ के बड़ी गंद पे रख देता ओर जबरदस्त पकड़ बना
कर लंड पेलने की स्पीड तेज करता..उसकी माँ की हालत बहुत खराब थी पर वो फिर भी
बहुत एंजाय कर रही थी उस बड़े मूसल लंड को अपनी गंद मे लेके,इधर सन्नी की भी
हालत खराब होने लगी अपनी माँ को देख कर उसके भी हाथ अपने आप अपने लंड पे
चला गया उसने पेंट की ज़िप खोल कर लंड को बाहर निकल लिया जो पहले से ही अपनी
ओकात मे सर उठा कर खड़ा हुआ था उसने अपने लंड की तुलना उस आदमी क लंड से की
सन्नी का लंड 7' का था पर मोटा उसके लंड से ज़्यादा था सन्नी ने अपने लंड को हाथ मे
लेके मूठ मारनी शुरू करदी उधर उसकी मों बड़े लंड से चुद रही थी ओर इधर सन्नी
अपनी मोम के बड़े बड़े बूब्स को देख कर मूठ मरने लगा मूठ मरते टाइम सन्नी को
अपनीमोम कुछ ज़्यादा ही सेक्सी लगने लगी वो सोचने लगा काश उस आदमी की जगह वो अपनी मोम की गंद मार रहा होता इधर उस आदमी ने अपनी स्पीड ओर तेज करदी ओर इधर सन्नी का हाथ भी अपने लंड पे पूरी रफ़्तार से चलने लगा,,उसकी मोम की आवाज़ भी थोड़ी तेज होने लगी अहह ऊऊऊऊऊहह हमम्म्मममममममम
पर उसकी मोम ज़्यादा उची आवाज़ नही कर रही थी वो ख्याल रख रही थी की उसकी आवाज़
उस स्टोर रूम से बाहर नही जाए,,करीब 15-20 मिंट बाद उस आदमी ने उसकी मोम की पीठ
के कासके पकड़ा ओर तेज तेज आहह उहह करने लगा उसकी मोम भी
उस आदमी क साथ उूुुुुुउऊहह अहह
हमम्म्ममममममममममममममममममममममम करने लगी ओर इधर सन्नी भी हाथ को तेज चलने लग
कुछ ही देर मे उस आदमी ने एक तेज आवाज़ के साथ पानी छोड़ दिया ओर उसकी मोम की गंद को
अपने पानी से भर दिया साथ ही उसकी मोम ने भी पानी छोड़ दिया पर अभी उस आदमी ने
अपना लंड बाहर नही निकाला था वो 2 मिंट एस ही रुका रहा जब उसने अपना लंड बाहर
निकाला तो उसकी मोम के गंद से बहुत सारा पानी निकला जिसमे उस आदमी का माल(स्पर्म) मिला
हुआ था उसने लंड निकल कर उसकी मोम के मूह के पास कर दिया ओर उसकी मोम ने लंड को
अच्छी तरहा चाट कर सॉफ कर दिया इधर सन्नी ने भी अपना पानी निकल दिया ओर लंड
को अपनी पेंट के अंडर कर लिया ,रूम मे उसकी मोम भी अपने कपड़े ठीक करने लगी ओर
उस आदमी ने भी अपना पजामा ठीक करके पहन लिया.


आ गया मेरा बेटा काब आए तुम कलाज से सन्नी बेटा..मैं अभी आया हूँ मों,,पर
मैने तो तुमको आते नही देखा,,,मैं 2 मिंट पहले आया था मों आप यहाँ थी ही नही
मैने आपके रूम मे भी देखा था,,श्यड मैं बतररों मे थी उस टाइम बेटा,ओक मों,
बुत मैं तो आपको देखता हुआ उपर च्चत पे चला गया था..तभी मों तोरा दर गयइ.
की जब वो उपेर से नीचे आई थी तो सन्नी कहीं नज़र नही आया था.कैःन उसने कुछ
देख ना लिया हो कहीं वो यूयेसेस टाइम उपर च्चत पे ना हो,,,,,,सन्नी बेटा मैने जब
देखा की तेरे कलाज से आने का टाइम हो गया है पर अभी तक तुम आए नही तो मुझे
लगा की तुम श्यड आके अपने रूम मे लाते गया होगे इसलिए मैं तुम्हारे रूम मे देखने
गयइ थी तब तुम रूम मे तो नही थे,,,,,सन्नी समाज गया था की मों एस क्यू पूच
रही है,,,,सन्नी ने जवाब दिया की तब मैं वॉशरूम मे फ्रेश हो रहा था मों,,,

ओक बेटा आब तुम दोनो डाइनिंग टेबल पे बैठो मैं अभी खाना लगा देती हूँ,,विशाल
बोला मों मुझे भूक नही है मैं सफ़र से तक गया हूँ आप लोग खाना खा लो मैं
आराम करने जा रह हूँ...मैने सोचा इतनी दमदार चुदाई की है थकान तो होगी ही.
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Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Post by 007 » 06 Nov 2014 10:21



मोम बोली ठीक है बेटा तुम आराम कर लो मैं सन्नी को खाना खिला देती हूँ,,अगर कुछ
चाहिए होगा तो मुझे बुला लेना,,मैने दिल मे सोचा अभी तो इतनी जबरदस्त गंद के
मज़ा लेके आया है अब ओर क्या चाहिए उसको,,फिर मैं जाके डाइनिंग टेबल पे बैठ गया
ओर मोम ने खाना लगा दिया ओर वापिस किचन मे जाने ल्गी तो मैं बोला कहाँ जा रही हो
मोम,,कुछ नही बेटा तेरे भाई के पास जा रही हूँ बेचारा सफ़र से थक गया है ,,
देखों कहीं कुछ चाहिए तो नही उसको,,मैने कहा मोम जब देखो भैया की टेंशन
लेती रहती हो कभी हमे भी इतना प्यार कर लिया करो,,तभी मोम हस्ने लगी और मेरे
पास आके मुझे गले से लगा लिया,,मैं चेयर पे बैठा हुआ था ओर मोम खड़ी हुई थी
इसलिए मेरा सर मोम के बूब के बीच मे डब गया था ,,तभी मेरे लंड ने ओकात मे
आना शुरू कर दिया मोम ने कुछ देर क लिए ही मुझे अपनी बाहों मे भरा था पर
मेरे लंड को ओकात मे आने क लिए इतना टाइम काफ़ी था,,,फिर मोम ने मुझे खाना खाने
को बोला ओर खुद दूध का ग्लास लेके भाई क रूम मे चली गई,,मुझे लगा की शायद
अब वो लोग रूम मे भी कुछ ना कुछ करेंगे पर दूध का ग्लास देके मोम बाहर आ
गई ओर अपने रूम मे चली गई,,जाते जाते मुझे बोलने लगी की बेटा सोनिया कहाँ है,,
मैने बोला की मों वो कविता के घर पे रुक गई थी उन दोनो को कुछ नोट्स तयार करने
थे उसने बोला था की उसका खाना मत ब्नाना वो कविता के घर ही खा लेगी,,ठीक है
बेटा आब मैं आराम करने लगी हूँ अगर कुछ चाहिए होगा तो आवाज़ लगा देना,,,मैने
दिल मे सोचा की मुझे भी वही चाहिए मोम जो अभी कुछ देर पहले आप भाई को दे रही
थी..मोम रूम मे चली गई ओर मैं खाना खाने लगा,,पर मेरा दिल नही कर रहा था
कुछ खाने को,,मेरे दिमाग़ मे वही स्टोररूम वाला सीन घूम रहा था जब मोम टेबल
पे झुकी हुई थी ओर भाई उनकी गंद मार रहा था,,मुझे गुस्सा भी आ रहा था ओर
हैरानी भी हो रही थी,,मैं सोच रहा था कहीं वो सब सपना तो नही था,,नही वो
सपना नही था यही देखने क लिए मैने खाना बीच मे छोड़ा ओर उपर छत की तरफ
चला गया छत पे जाके मैं जब स्टोर रूम मे गया तो देखा वहाँ ज़मीन गिल्ली थी
मों का पानी ओर भाई का स्पर्म वहाँ बिखरा हुआ था तभी मुझे क़िस्सी के उपर आने की
आहट सुनाई दी,मैने डोर से हल्का सा बाहर होके देखा तो मोम उपर आ रही थी ओर
सीधा स्टोररूम की तरफ ही आ रही थी,,मैं जल्दी से एक पुरानी अलमारी क पीछे जाके
छुप गया ओर मोम को देखने लगा,,मों अंदर आई ओर आके उससी जगह खड़ी हुई जहाँ वो
कुछ देर पहले भाई से गंद मरवा रही थी,मोम का ध्यान भी ज़मीन पर भिखरे हुए
उसके पानी ओर भाई के स्पर्म की तरफ था..मोम कुछ देर तो एसे ही उसको देखती रही..
श्यड कुछ सोच रही थी फिर मों ने एक कपड़ा उठाया ओर ज़मीन पर गिरे हुए पानी को
सॉफ करने लगी 2 मिंट सॉफ करने क बाद मोम उठी ओर बाहर चली गई,,मैने देखा
यही मोका ठीक है यहाँ से भागने का,,बाहर जाके देखा तो मों वाटेरटांक के पास
लगे एक नाल से पानी लेके उस कपड़े को धू रही थी मों की पीठ मेरी तरफ थी मैं
जल्दी से नीचे भाग गया ओर आपमे रूम मे जाके लाते गया तभी 1 मिनिट बाद मों भी
नीचे आ गयइ मेरे रूम मे,,मैं लेता हुआ था,,,,मों ने पूछा क्या हुआ बेटा आज तूने
खाना ठीक से नही खाया ..कुछ नही बस भूख नही थी मों,,,क्यू क्या हुआ??पहले तो
बड़ी भूख लगी थी तभी तो खाना कहने क लिए मुझे ढूँढ रहे थे तो आब क्या
हुआ???

कुछ नही मोम पहले भूख लगी थी अब नही लगी,,,तेरी तबीयत तो ठीक है
एसे पूछते हुए मोम मेरे पास आ गई ओर मेरे माथे पे हाथ लगाके देखने लगी कहीं
मुझे बुखार तो नही मैं,,तेरा बदन तो ठीक है बेटा फिर एक दम से भूख कैसे
मिट गई तेरी,,,पता नही मोम,,चल ठीक है तू आराम करले मैं भी आज ज़रा थक
गयइ हूँ जाके आराम करती हूँ,,,मोम उठकर मेरे रूम से बाहर चली गई ,,जब तक वो
मेरे रूम से बाहर नही गई तब तक मैं उनकी बड़ी मोटी और मस्त गंद को देखता रहा
आज तक कभी मैने मोम को इतना गौर से नही देखा था,,पर अब तो मेरा मोम की तरफ
देखने का नज़रिया ही बदल गया था,,मैं लेटा लेटा मोम के बारे मे ओर उपर वाले रूम
की चुदाई के बारे मे सोचने लगा

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Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Post by 007 » 06 Nov 2014 10:22

सन्नी अपने रूम मे लेट कर अपनी मा ओर भाई के बारे मे सोच रहा था तभी सन्नी ने
टाइम देखा तो सोचा की अभी तो बहुत टाइम है डेड के आने मे सोनिया भी अभी नही आई
होगी नीचे मोम ओर भाई अकेले है कहीं मोका देख कर वो फिर से चुदाई तो नही कर
रहे ,यही सोच कर सन्नी अपने रूम से निकला ओर बड़े हल्के कदमो से सीडियाँ उतर
कर नीचे मों के रूम की तरफ गया मों के रूम का डोर खुला हुआ था ओर मों अंदर
नही थी उसको लगा कहीं मों भाई क रूम मे तो नही है वो सीधा भाई के रूम की
तरफ बॅडने लगा रूम का डोर बंद था उसने डोर पे नॉक करने की जगह डोर को
आराम से खोलना बेहतर समझा उसने बड़े प्यार से रूम का डोर ओपन किया तो देखा की उसका
भाई तो अंदर सो रहा है,तभी उसको किचन मे से कुछ आवाज़ आई वो समझ गया की मों
किचन मे है तो वो किचन मे चला गया उसकी मों वहाँ रात के खाने की त्यारी कर
रही थी जैसे ही वो किचन मे घुस्सा तो मों ने बोला आ गया मेरा प्यारा बेटा,,आराम
कर लिया तुमने ,,हाँ मों ,,अभी भूख तो नही लगी,,,नही मों ,,थोड़ी देर मे तेरे
पापा आने वाले है उनके लिए कॉफी बना रही हूँ तुमने तो नही पीनी कॉफी,,,मैने
बोला अभी तो बहुत टाइम है पापा के आने मे अभी तो 5 भी नही बजे,,5 नही बजे अभी
तक उसकी मों ने बड़ी हैरानी से पूछा,,,,,हाँ मों अभी तो जस्ट 4:40 हुए है,,मुझे
तो लगा था बेटा की 5:40 हो गये इसलिए मैं किचन मे आके तेरे पापा के लिए कॉफी
बनाने की त्यारी करने लगी,,पता नही मेरे दिमाग़ को क्या हुआ है टाइम भी ठीक से
नही देखा गया,,,,मैने सोचा की गंद चुदाई का नशा कुछ ज़्यादा हो गया होगा,,,,हो
सकता है मों अपने रूम की वॉल क्लॉक रुक गई हो या खराब हो गई हो,,हाँ बेटा एस्सा
ही हुआ होगा,,मों बातें करते करते किचन का काम कर रही थी ओर मैं उसको देख
रहा था,,फिर मैने बोला की ठीक है मों आब आप कॉफी बना ही रही हो तो मेरे लए
बना लेना तब तक मैं टीवी देख लेता हूँ,,,,,मैं किचन से बाहर निकला ओर बाहर
हॉल मे पड़े हुए सोफे पे बैठ गया ओर टीवी देखने लगा,,मैं उस सोफे पे बैठा था
जहाँ से टीवी क साथ साथ मों को भी देख सकूँ,,मेरा धयान टीवी की तरफ कम था ओर मों
की तरफ ज़्यादा था,,मैं मों को बड़ी गौर से ओर गंदी नज़र से देख रहा था पहले
मैने सोचा की नही ये सब ग़लत है फिर मैने सोचा की अगर भाई मों को चोद सकता
है तो मैं क्यू नही,,मैने मों को देखा उनकी बड़ी मोटी ओर मस्त गंद बड़े-बड़े बूब्स
मेरे ख्याल से उनका फिगर 42 34 40 होगा वो एक दम मस्त औरत लग रही थी आज
मुझे मोटी गंद देख कर दिल कर रहा था की अभी किचन मे जाके लंड पेल दूं मों
की गंद मे ,,मैं उपर के सीन को याद करके सोच रहा था की मों टेबल पे झुकी
हुई है ओर भाई की जगह मैं मों की गंद मार रहा हूँ,,,,,,,मों आहह
उउउहह ह्म्*म्म्मममममममममममममममम करते हुए बोल रही है हाँ मेरे
प्यारे बेटा सन्नी एस ही गंद मरो अपनी मों की ओर तेज ओर तेज ओर मैं भी फुल स्पीड
से झटके मार रहा हूँ मैं इस कदर गुम था अपने सपने मे की मों मेरे पास खड़ी
हुई मुझे कॉफी पीने को बोल रही थी ओर मुझे कुछ होश ही नही था तभी मों ने
मेरे सर पे हल्का सा हाथ मारा तो मैं सपनो की हसीन वादियों से हक़ीकत के वीराने
मे पहुँच गया,,,,कहाँ खोया हुआ है मेरे प्यारा बेटा,,,कुछ नही मों वो बस,,मैं
देख रही हूँ जबसे कालेज से आए हो कुछ अजीब सी हरकते कर रहे हो तुम,,पहले
बोलते हो भूख लगी है जब खाना दिया तो बोला की अब भूख नही,,,,,कॉफी पीने
को बोला ओर अब मैं कॉफी पीने को बोल रही हूँ तो ना जाने किस दुनिया मे खोए हुए
हो तबीयत तो ठीक है ना तुम्हारी,,,,,,,हाँ मों तबीयत बिल्कुल ठीक है,, तो इतना
परेशान क्यू हो आज,,,,,,अब क्या बोलू मों की जो कुछ आज मैने देखा है वो कोई भी
देख लेता तो परेशान हो जाता,,,,,,,,कुछ नही मों कालेज के नोट्स तयार करने है
उसी की टेन्षन हो रही है,,सोनिया की वेट कर रहा हूँ वो कविता क घर से नोट्स
लेके आए तो मेरी भी थोड़ी हेल्प हो जाएगी,,,,,फोन करके पूछ अभी तक आई क्यू
नही वो,,मैने बोला मों उसने बोला था की वो डेड के साथ आ जाएगी,,,ठीक है बेटा
अब तुम काफ़ी पियो ओर मैं किचन का काम करने चली,,,अब क़िस्सी ओर दुनिया मे मत
पहुँच जाना ओर कॉफी पी लेना कहीं ठंडी नही हो जाए,,,,,कॉफी ठंडी होती है
तो होने दो मों आज जो गर्मी मेरे जिस्म मे पैदा हुई है उसका क्या करू,,,,,,,,,मों
किचन मे चली गई ओर मैं कॉफी पीने लगा,,



करीब 6:20 पर डेड ओर सोनिया घर आ गये,,डेड फ्रेश होने चले गये ओर सोनिया भी अपने
रूम मे चली गई,,सोनिया आज बहुत खुश लग रही थी वो बड़ा हस्ते मुस्कुराते हुए
रूम मे गई थी,,,मैं भी उठ कर उसके पीछे-2 रूम मे चला गया सोनिया रूम मे जाके
बेड पे लेट गई डोर ओपन ही छोड़ दिया था उसने,,वो तो अक्सर रूम मे एंटर करते ही
डोर क्लोज़ कर लेती थी तो आज क्या हुआ इसको,,,,बड़ी खुश लग रही हो आज बात क्या
है सोनिया मैने रूम मे एंटर करते ही सोनिया से पूछा,,,,,तेरे को क्या लेना ब्लेकि
तेरे से मेरी खुशी बर्दाश्त नही होती क्या,,ओर हस्ने लगी ,,नही पागल मैं तो एसे
ही पूछ रहा था,,नही ब्ताना तो मत बता भाड़ मे जा,,,,,,,गुस्सा मत कर मेरे प्यारे
भाई बताती हूँ तुझे,,,,,तेरी तबीयत तो ठीक है,,,तू मेरे से इतना प्यार से बात
कर रही है,,,,,,,,प्यारे भाई???? वो फिर हस्ने लगी,,,,,तू मेरा प्यारा भाई नही
है क्या,,,,,मैने कहाँ सीधी तरह बोल बात क्या है,,,,वो मैं ,,,वो बस,,,,क्या हुआ
अभी ब्रेक मार के क्यू बोल रही है,,अभी खुश थी अभी एस डर रही है जैसे मैने
तेरी चोरी पकड़ ली हो,,,,,चोरी कैसी चोरी,,अरे पागल मैं जस्ट पूच रहा हूँ तू
इतनी खुश क्यू है,,,,कुछ नही भाई मेरे नोट्स रेडी हो गये है ना कविता की हेल्प
से इसलिए खुश हूँ ये नोट्स बहुत ज़रूरी थे मेरे लिए,,,मैने कहा ठीक है,,अब
तू मेरी हेल्प भी कर देगी नोट्स त्यार करने मे,,,,,,चल-चल फुटले यहाँ से मैं
कोई हेल्प नही करने वाली तेरी,,,,सारा दिन वीदीओ खेलता रहता है स्टडी पे ध्यान
नही देता अब मेरी हेल्प माँग रहा है,,,जितना टाइम ओर दिमाग़ कंप्यूटर पे लगता
है उतना कभी क्लास ओर स्टडी मे भी लगा लिया करो,,,,,,,,,,,तू मेरी हेल्प करेगी
नही ये बता बस,,,,ठीक है हेल्प कर दूँगी पर बदले मे मेरे को क्या मिलेगा,,,,
मैने बोला की एक एक्सट्रा चीज़ ओर मशरूम पिज़्ज़ा ,,,,वो झट से मान गई,,मुझे पता
है उसको पिज़्ज़ा बहुत पसंद है,,,ठीक है पर अभी नही थोड़ी देर रुक कर,,मैने
कहा ठीक है,,बाद मे सही पर भूल मत जाना,,,
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