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Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Posted: 05 Dec 2017 17:05
by pongapandit
superb..........................

Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Posted: 06 Dec 2017 11:46
by Ankit
superb update

Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Posted: 07 Dec 2017 15:25
by 007
Thanks dosto

Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Posted: 07 Dec 2017 15:34
by 007


तभी कुछ शांत होके डॅड उठे ओर मेरे पास आ गये,,,,अच्छा बता तुझे कोई काम तो नही आज,,,

जी नही डॅड लेकिन क्यू,,आपको कोई काम था क्या मेरे से,,,,

हाँ बेटा,,,,विशाल भाई भी गाओं चला गया है उसको कुछ नये कपड़े लेने थे,,लेकिन टाइम नही था
जाते जाते तेरी कुछ न्यू पॅंट्स ले गया है ,,सही फिट आई थी उसको,,,,,,ऑर जाते जाते मुझे कुछ पैसे
दे गया है,,जाके उसके लिए भी शॉपिंग कर्लो ओर अपने लिए भी कुछ शॉपिंग कर लेना,,,

इतना बोलकर डॅड अंदर गये ओर कुछ पैसे लाके मुझे दे दिए,,,,

मेरा भी दिल कर रहा था कहीं बाहर घूमने को,,,,इसलिए डॅड से पैसे लिए ऑर तैयार होके घर से
चला गया,,,,माँ का दिल तो कर रहा था मैं उनके साथ चुदाई करूँ लेकिन मैं बहुत ज्याद थक
गया था ,,अब मूठ मारना या चुदाई करना तो दूर पैशब करने के लिए लंड को हाथ लगाने को
दिल नही कर रहा था,,,,,पैसे पॉकेट मे डालके मैं करण के घर की तरफ चल पड़ा ताकि उसको
भी साथ लेता चलूं क्यूकी अकेले जाने मे मुझे अजीब सा लग रहा था ऑर अकेला वही तो दोस्त
था मेरा,,,

बाइक लेके करण के घर की तरफ चल पड़ा,,जब करण के घर पहुँचा तो शिखा ने गेट खोला

हाई दीदी,,,,,

हेलो सन्नी,,,,

शिखा ने एक हल्के पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी,,,मैने सोचा कि साला दिन मे भी नाइटी
कुछ ऑर नही पहन सकती थी क्या,,,,नाइटी मे से सारा जिस्म नज़र आ रहा था,,,,बड़े बड़े बूब्स
जो अब पहले से भी ज़्यादा बड़े हो गये थे वो सर उठा उठा कर नीचे से उपर निकल रहे थे,,
दीदी ने मुझे उनके बूब्स की तरफ घूरते देखा ऑर शरमाने लगी,,,,

अंदर आओ ना सन्नी,,दीदी ने अपने बूब्स पर हाथ मलते हुए बोला,,,,,

दिल तो किया अंदर चला जाउ लेकिन इतना थक गया था रेखा की वजह से की लंड मे भी कोई हलचल
नही हो रही थी शिखा को देख कर,,,,,

नही दीदी अभी नही,,,डॅड ने कुछ काम बोला है वहीं करने जा रहा हूँ,,,,सोचा करण को भी
साथ ले जाउ,,,आप करण को बुला दो,,,,

करण तो घर पे नही है,,,,सुबह से कहीं बाहर गया हुआ है,,,,

कहाँ गया है दीदी,,,

तभी दीदी गेट से थोड़ा अंदर हो गई ओर अपने हाथों से अपने बूब्स मसल्ते हुए बोली,,,मुझे
नही पता ,,अंदर आके माँ से पूछ लो वो भी बड़ा याद कर रही है तुमको,,,,

तभी अंदर से आवाज़ आई,,कॉन आया है बेटी,,,,

मुझे पता था शिखा को देख कर तो नही लेकिन अलका को देख कर मेरा मूड खराब हो जाना है
ऑर लंड का बुरा हाल हो जाना है इसलिए मैने जल्दी से बाइक स्टार्ट किया ऑर वहाँ से भाग गया,,,,

साला पहली बार हुआ था की मैं चूत से दूर भाग रहा था,,,,लेकिन क्या करता अगर रुक जाता वहाँ
तो दोनो ने मिलकर मुझे पूरा का पूरा निचोड़ लेना था,,,जो थोड़ा बहुत रस रेखा ने मेरे अंदर
छोड़ दिया था वो भी शिखा ऑर अलका आंटी ने ख़तम कर देना था,,एक एक बूँद निचोड़ लेनी
थी,,,,,

करण के घर से थोड़ा आगे आके मैने करण को फोन किया तो पता चला कि वो माल मे ही है
पिज़्ज़ा शॉप मे ,इसलिए मैं भी माल की तरफ ही चल पड़ा,,,,


माल की पिज़्ज़ा शॉप मे पहुँचा तो सामने के एक टेबल पर करण बैठा नज़र आ गया ऑर उसके साथ
2 लोग ऑर थे,,,,एक तो थी रितिका लेकिन साथ मे कोई ऑर भी था जो बहुत खूबसूरत था,,


मैं टेबल के पास गया तो करण उठकर खड़ा हो गया उसने मेरे से हाथ मिलाया ऑर मुझे गले
लगा कर मिला,,,,,,

ऑर क्या हाल है सन्नी भाई ,,,,,करण ने मेरे गले लगते हुए पूछा,,,,

मैं भी उसको हग किया ,,,,मैं ठीक हूँ भाई तू बता,,,,,

तभी करण मेरे से दूर हुआ ओर मुझे चेर पर बैठने को बोला,,,,

रितिका को तो तुम जानते ही हो सन्नी भाई,,,,अब इनसे मिलो ये है पायल,,,रितिका के साथ आई है,,

मैं उसकी तरफ देखा तो वो जल्दी से अपनी चेर से उठ गई,,,ऑर मेरी तरफ अपना हाथ बड़ा दिया,
मैं भी चेर से उठा ऑर अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए उसके कोमल ऑर सॉफ्ट हाथ को अपने हाथ मे
पकड़ा ऑर शाकहन्ड किया तभी हाथ मिलते ही वो टेबल से आगे की तरफ झुक कर मुझे गले लगाने
लगी,,,ये मेरा पहला मोका था किसी लड़की के गले लग्के मिलने का,,,वो भी पहली बार जिस से मिला
था,,,,

उसने आगे बढ़ कर पहले तो मुझे गले से लगा लिया फिर मेरे एक गाल पर अपना गाल टच किया ऑर
हवा मे किस करते हुए दूसरी तरफ के गाल पर अपना गाल टच कर दिया ,,इस बार भी उसने किस
की लेकिन मेरे गालों को अपने लिप्स से टच नही किया,,,,ये कैसा तरीका था मिलने का मुझे समझ
ही नही आया,,,,भाई किस ही करनी थी तो सीधी तरह करती क्यूकी सीधी किस मे मैं बहुत ज़्यादा
एक्सपर्ट हूँ,,,,

उसने एक छोटा सा टॉप ऑर उसके साथ एक शॉर्ट-स्कर्ट पहनी हुई थी ,,उसकी पीठ भी पूरी नंगी थी ओर
शॉर्ट-स्कर्ट की वहज से उसकी टाँगे भी पूरी नंगी थी,,,,उसके बाल एक दम ठीक तरह से बँधे
हुए थे,,,उसने जुड़ा किया हुआ था ऑर एक भी बाल जुड्डे मे से बाहर नही था,,हल्के पिंक कलर
के लिप्स पर हल्की पिंक कलर की ही लिपस्टिक लगी हुई थी,,,जिस्म एक दम तना हुआ था,,ना तो मोटी थी
ज़्यादा ऑर ना ही पतली,,एक दम सही फिगर थे उसका,,,पेट अंदर की तरफ ऑर बूब्स बाहर की तरफ,,
कोई 20-25 साल की लग रही थी,,,बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत थी,,,,लगता था ब्यूटी प्रॉडक्ट्स पर बहुत
ज़्यादा खर्चा करती थी क्यूकी फेस पर बहुत ग्लो थी ऑर एक भी पिंपल नही था फेस पर,,,


उसकी नंगी पीठ पर मेरा हाथ फिसलता जा रहा था ऑर खुद पर क़ाबू पाना मुश्किल हो रहा था
वो कुछ पल ही मेरे से हग करके खड़ी हुई थी लेकिन इतने मे ही दीन द्या ल सर उठाने लगा था,,,

वो मेरे से दूर हुई ओर अपनी चेर पर बैठ गई ,,फिर मैं रितिका को हेलो बोला ओर चेर पर बैठ
गया,,,लेकिन मेरा ध्यान पायल की तरफ था,,,

इनसे मिला तो दिया मुझे करण लेकिन ये तो बताया नही ये है कॉन,,,,

तभी रितिका बोल पड़ी,,सन्नी ये मेरे मामा जी के बेटे की वाइफ है,,,,उसने इतना बोला तो सब लोग उसकी
तरफ देखने लगे,,,,

उसके जवाब मे मासूमियत सॉफ झलक रही थी,,,,

Re: कहीं वो सब सपना तो नही

Posted: 07 Dec 2017 15:35
by 007


मैने रितिका की तरफ देखा तो उसने भी आज शॉर्ट्स पहनी हुई थी उसकी भी आधी से ज़्यादा टाँगे
नंगी थी,,,मैने आज पहली बार उसको ऐसे कपड़ो मे देखा था ,,अक्सर वो सूट ही पहनती थी लेकिन
कभी कभी जीन्स टॉप भी होता था लेकिन शॉर्ट्स कभी नही पहने थे उसने,,, लेकिन उसके शॉर्ट्स
इतने भी छोटे नही थे वो घुटनो तक आते थे,,,जबकि पायल की शॉर्ट स्कर्ट तो बहुत ज़्यादा छोटी
थी,,,,

स्टुपिड,,,सीधी तरह नही बोल सकती कि ये तेरी भाभी है,,,,,लेकिन दिखने मे तो नही लगता कि आप
शादीशुदा हो,,,बहुत अच्छे से अपनी फिगर का ध्यान रखती हो आप,,,,ऑर मुझे तो पहली नज़र मे
आपको देख कर ऐसा लगा था कि आप या तो मॉडेल हो या कोई एर होस्टेस्स,,,,

आपकी सेन्स ऑर ह्युमर की दाद देनी पड़ेगी मिस्टर सन्नी,,,क्या नज़र रखते हो आप,,,,सही पहचाना मैं
पहले एर होस्टेस्स अकादमी से ट्रेनिंग ले चुकी हूँ लेकिन कभी जॉब नही की ,,,ऑर ना कभी ज़रूरत
पड़ी,,,,

उसके बोलने से अंदाज़ से ये सॉफ झलक रहा था कि वो काफ़ी पैसे वेल बाप की बेटी है,,,तभी तो
इतने नखरे से बोल रही थी,,,,लेकिन फिर भी एक अलग अंदाज़ था उसका,,,नखरे के साथ हल्की तमीज़
के साथ भी बोल रही थी वो,,,सॉफ ज़ाहिर था वो बहुत तेज थी,,मीठी चोट करती थी ताकि खुद को भी
खुश कर सके ऑर सामने वाले को नीचा भी दिखा दे लेकिन फिर भी सामने वाले को उसकी इस हरकत
का पता नही चले,,,,

हम बहुत शातिर है पायल जी ऑर नज़र भी काफ़ी तेज है हमारी,,,,लेकिन फिर भी हम आपको देख कर
धोखा खा गये,,,,,आप तो शादी शुदा लगती ही नही हमे,,,,,क्या फिगर मेनटेन किया है अपने,,

वो अपनी तारीफ़ से खुश हो गई,,,,थॅंक्स्क्स मिस्टर सन्नी,,,लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि मेरी
शादी को 9 साल हो गये है ऑर मेरा एक ---- साल का बच्चा भी है,,,,

ओह्ह मयी गॉड,,,क्या ये सच है,,,लेकिन आपको देख कर तो लगता है कि आप कॉलेज स्टूडेंट हो,,,कसम
से अपने तो मुझे हैरान ही कर दिया पायल जी,,,,

वो बहुत खुश हो रही थी अपनी तारीफ सुनके ऑर मुझे अजीब नज़रो से भी देख रही थी,,,हम लोग
ऐसे ही बातें करने लगे ओर तभी पिज़्ज़ा आ गया ओर हम पिज़्ज़ा एंजाय करने लगे,ऑर साथ साथ बातें
करने लगे,,,

मेरा ध्यान पिज़्ज़ा खाती हुई पायल पर था ,,वो कुछ अलग ही अंदाज़ मे पिज़्ज़ा खा रही थी,,पिज़्ज़ा
के सॉफ्ट चीज़ को वो अपने दाँतों मे बड़ा कर खींच खींच कर खा रही थी,,ऑर कभी
पिज़्ज़ा स्लाइस को अपने लिप्स पे रख कर हल्के से चूस रही थी,,,मेरा ध्यान उसी तरफ था लेकिन मैं
रितिका से नज़रे बचा रहा था क्यूकी वो भी मुझे देख रही थी,,लेकिन उसका ज़्यादा ध्यान करण की
तरफ था,,,

पिज़्ज़ा खाते ऑर बातें करते हमे 6-7 बज गये ओर फिर मैं ऑर करण उठे ओर काउंटर पर जाके
बिल पे करने लगे,,,तभी मेरा ध्यान रितिका ऑर पायल की तरफ गया जो कुछ बातें कर रही थी मैं'
उनकी बातें तो नही सुन पा रहा था लेकिन इशारों से लग रहा था कि रितिका पायल को कुछ करने से
मना कर रही थी या शायद पायल रितिका को मना कर रही थी,,,क्यूकी रितिका बार बार अपने सर को
ना मे हिला रही थी,,,,अब पता नही वो खुद कुछ करने से मना कर रही थी या पायल को रोक रही
थी कुछ करने से,,,,

हम लोग पिज़्ज़ा शॉप से बाहर निकल आए,,,,,,

चल करण भाई अब शॉपिंग करते है,,,,,

नही आज शॉपिंग नही करनी सन्नी,,,आज कुछ चिल करते है तुम शॉपिंग फिर कर लेना,,,ये आवाज़ थी
पायल की,,,,

क्यू आज शॉपिंग क्यू नही करनी,,मैं तो घर से शॉपिंग के लिए ही आया था,,,,

तो आज रहने दो ना कल कर लेना ,,वैसे भी मैं कुछ ही दिन के लिए यहाँ आई हूँ,,,इतना बोलकर पायल
ने मेरा हाथ पकड़ लिया,,क्या मेरे लिए इतना नही कर सकते,,,,,पायल बहुत ज़्यादा फ्रॅंक थी या
बोलो कि फ्रेंड्ली थी,,,वो मेरे साथ चिपक चिपक कर बात कर रही थी ,,जैसे वो शादीशुदा नही
थी कोई कॉलेज की स्टूडेंट थी ऑर मैं उसके साथ ही कॉलेज मे था ऑर उसका दोस्त था,,उसकी इस हरकत
से करण या रितिका को भी कुछ प्रोबलम नही हो रही थी,,,,

सही बोला है औरत प्यार से चाहे तो कुछ भी करवा सकती है मर्द से,,,ऑर मर्द भी किसी कट्पुतली
की तरह नाचने लगता है औरत की उंगली के इशारे पर,,,,

ठीक है आज शॉपिंग नही करते तो फिर क्या करना है ,,,मैने अपना हाथ पायल के हाथ से दूर
करते हुए पूछा,,,

पायल मेरी इस हरकत से थोड़ा खुश हो गई,,वो समझ गई मैं शरमा रहा हूँ उस से,,,,


चलो मेरे साथ मैं बताती हूँ क्या करना है,,,,,इतना बोलकर वो हमे माल की पार्किंग मे
ले गई जहाँ एक लंबी सी कार खड़ी हुई थी,,,उसने अपने बॅग मे से कार की चाबी निकली ऑर खुद कार
की ड्राइविंग सीट पर बैठ गई फिर दूसरी तरफ का डोर ओपन करके मुझे आवाज़ लगाई ऑर मुझे
अपने साथ आगे की सीट पर बैठने को बोला जबकि करण ऑर रितिका पीछे वाली सीट अर बैठ गये,,,,

फिर उसने कार ड्राइव करनी शुरू की ऑर पता नही किस तरफ चलना शुरू कर दिया,,मुझे नही पता
था ये हमको कहाँ लेके जा रही थी,,लेकिन जल्दी ही पता चल गया,,,

वो हम लोगो को डिस्को क्लब लेके आई थी,,,,मैं पहले कभी डिस्को नही गया था ऑर जाता भी क्या
करने,,,,ना मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी ओर ना ही मुझे सिगरेट ओर ड्रिंकिंग की आदत थी तो डिस्को मे आके क्या करना
था,,,,सिर्फ़ नाचने के लिए डिस्को मे आने की क्या ज़रूरत ऑर अगर करण को साथ लेके आता तो लोग हम
दोनो को गे समझते ,,,,,लोल्ज़्ज़्ज़्ज़

कार से उतर कर करण ऑर रितिका आगे की तरफ चल पड़े जबकि पीछे मैं ऑर पायल चलने लगे,,पायल
ने मुझे ऐसे पकड़ा हुआ था जैसे की मैं उसका पति या बाय्फ्रेंड हूँ,,,,वो एयिर्हसटेस्स की ट्रैनिंग
ले चुकी थी शायद इसलिए इतनी फ्रॅंक थी ,,या शायद उसकी नेचर ही ऐसी थी,,,,,

मैं उसके साथ डिस्को की तरफ चल पड़ा तभी हम लोगो के आगे आगे चल रहे करण को डिस्को के
बाहर खड़े एक बाउन्सर से रोक दिया,,ओर अंदर नही जाने दिया तभी पायल ने आगे बढ़ कर बोला,,,

ये लोग मेरे साथ है,,,,,पायल ने इतना बोला था कि बाउन्सर पायल को सॉरी बोलने लगा,,,,सॉरी पायल
मेडम मुझे नही पता था ये लोग आपके साथ है,,,,फिर उसने करण ओर रितिका को भी सॉरी बोला ऑर
हमे अंदर जाने दिया,,,,