मैं और मेरा परिवार

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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jay
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by jay » 20 Nov 2017 19:20

१२ लाख व्यूज एक और रिकॉर्ड कायम करने जा रही है ये कहानी

मित्र इस मंज़िल पर पहुँचने की अग्रिम बधाई


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(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

Re: मैं और मेरा परिवार

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 21 Nov 2017 14:45

jay wrote:
20 Nov 2017 19:20
१२ लाख व्यूज एक और रिकॉर्ड कायम करने जा रही है ये कहानी

मित्र इस मंज़िल पर पहुँचने की अग्रिम बधाई


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thanks

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 21 Nov 2017 14:46

नेहा बुआ खुद से बातें कर रही थी कविता ने हंस कर नेहा बुआ को होश मे लाया

कविता नेहा बुआ को खुद से बातें करते हुए देख कर हँसने लगी

कविता की हँसी से नेहा बुआ होश मे आ गयी

नेहा बुआ- तुझे क्या हुआ , ऐसे दाँत (टीत) क्यू दिखा रही है

कविता - आप खुद से बात कर रही है ये देख कर हँसी आ रही है

नेहा बुआ- ज़्यादा हंस मत वरना मार पड़ेगी

कविता- आप बात ही ऐसी कर रही थी कि हँसी आ गयी

नेहा बुआ को अहसास हो गया कि वो क्या कर रही थी

कविता- पर आप बोल क्या रही थी

नेहा बुआ- तुझे क्या करना है

कविता- आप टी की बात कर रही थी

नेहा बुआ- तू जाती है या मार खाएगी

कविता- आप कह रही थी कि अवी भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू अपना काम कर

कविता- मैं तो जा रही हूँ पर आप क्या कर रही है वो यो देखिए

नेहा बुआ- क्या कर रही हूँ मैं

कविता- आप कह रही है कि अवी भैया को टी नही देगी और टी बना भी दी है



नेहा बुआ- तू जाती है या मार खाएगी

कविता- आप कह रही थी कि अवी भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू अपना काम कर

कविता- मैं तो जा रही हूँ पर आप क्या कर रही है वो ये देखिए

नेहा बुआ- क्या कर रही हूँ मैं

कविता- आप कह रही है कि अवी भैया को टी नही देगी और टी बना भी दी है

कविता की बात सुनते नेहा बुआ ने नीचे देखा तो चूल्हे पे टी बन रही थी

टी बन चुकी थी

नेहा बुआ का चेहरा देखने लायक था

कविता फिर से हँसने लगी

नहा बुआ सोच रही थी कि टी नही बनाएगी पर ख़यालो मे खो कर कब टी बना दी ये नेहा बुआ को भी याद नही रहा

मेरे बारे मे कभी अच्छा तो कभी बुरा सोचते हुए रियल मे वो क्या कर रही है ये भूल गयी

नेहा बुआ ये देख हँसने लगी

कविता- माँ आप हंस रही हो

नेहा बुआ- तू नही समझेगी

कविता- पर आप कह रही थी टी नही बनाएगी और टी बना भी दी

नेहा बुआ- कहा ना तू नही समझेगी (मैं भी ना , मुझे हो क्या जाता है , जब भी अवी के बारे मे सोचती हूँ तो ऐसा ही होता है , )

कविता- अब टी का क्या करे , फेक दूं

नेहा बुआ- कोमल और तेरे भाई को टी ले जाकर दे

कविता-पर आप तो बोल रही थी कि भैया को टी नही देगी

नेहा बुआ- तू ज़्यादा बोलने लगी है

कविता- मैं तो वही बोल रही हूँ जो आप कह रही थी

नेहा बुआ-अब बोल रही हूँ ना कि टी ले जाकर दे
कविता- आप खुद दो ,

नेहा बुआ- जाती है या मार खाएगी

कविता- जा रही हूँ , पर भैया पूछेंगे तो क्या कहूँ

नेहा बुआ- बोलना कि तूने बनाई है

कविता- मैं झूठ बोलू

नेहा बुआ- रोज तो झूठ बोलती है , आज मैं कह रही हूँ ये नाटक करती है

कविता- मुझे क्या मिलेगा झूठ बोलने के लिए

नेहा बुआ- अपनी माँ से सोदा करती है

कविता- बिज़्नेस है ये

नेहा बुआ- कल गुलाब जामुन बना दूँगी

कविता- पक्का

नेहा बुआ- अब जा , वरना मार खाएगी

और कविता मेरे लिए टी लेकर आ गयी

नेहा बुआ फिर से मेरे बारे मे सोचने लगी

नेहा बुआ को खुद पे हँसी आ रही थी

मैं कविता के हाथ की टी पीने लगा

कविता ने टी के लिए मुझसे भी गिफ्ट माँग ही लिया

टी मिलने से पढ़ाई करने मे आसानी हो गयी

कोमल के साथ पढ़ाई करने के बाद मैं वापस घर आकर खाना खा कर पढ़ाई करने लगा


रिज़ल्ट लगते मैं कितना पानी मे हूँ वो पता चल गया.

ज़्यादा मस्ती करने का फल कैसा मिलता है ये मैं ने देख लिया.

ज़्यादा मस्ती और कम पढ़ाई से मेरा रिज़ल्ट इस से ज़्यादा क्या हो सकता था.

मैं ने अगर मेले मे रोज 1 घंटा भी पढ़ाई की होती तो मेरा रिज़ल्ट इतना बुरा तो नही होता.

मेरी वजह से छोटी चाची को गालियाँ खानी पड़ी

मेरी वजह से सबको नेहा बुआ की बात सुननी पड़ी

ग़लती मेरी है , मुझे पढ़ाई पे ध्यान देना चाहिए था

छोटी चाची ने कहा था कि पढ़ाई के साथ जो काम मिलते है वो भी पूरे करने चाहिए ,

मैं ने इस बात पे ध्यान ही नही दिया

पर अब ऐसा नही होगा

सब को पता है मैं ने किस तरह पढ़ाई की है पर कुछ दिन बाद लोग ये भूल जाएँगे कि मैं बिज़ी था उनको याद रहेगा की मुझे कम मार्क मिले है

ये साल ज़्यादा इम्पोर्टेंट नही था जिस से ज़्यादा फरक नही पड़ा

पर अगला साल तो फ्यूचर डिसाइड करेगा .जिस से मैं इस बार कोई रिस्क नही लूँगा.

अभी पढ़ाई कर ली तो आगे जाकर कोई काम भी आ गया तो ज़्यादा प्राब्लम नही होगी.

क्या पता स्वेता दीदी की मँगनी (सगाई) एग्ज़ॅम के समय आ जाए. रोहन की फॅमिली का कुछ कह नही सकते.

मैं ने एग्ज़ॅम होने के बाद 2 3 घंटे तो पढ़ाई कंटिन्यू कर रहा था पर अब तो रिज़ल्ट लगते मैं ने पढ़ाई और थोड़ा बहुत टाइम बहनों और फॅमिली के लिए अड्जस्ट करके मेरा दिन सेट किया है

मैं चुप चाप अपने कमरे पे बैठ कर पढ़ाई कर रहा था

रिज़ल्ट देख कर ऐसा लग रहा था कि पूरी पढ़ाई करके एग्ज़ॅम दे कर अच्छा रिज़ल्ट छोटी चाची के हाथ मे दूं

मेरा दिमाग़ मेरा साथ ही नही दे रहा था

मेरे दिमाग़ मे यही चल रहा था कि मुझे पढ़ाई करनी है

और मैं चुप चाप कमरे मे बंद रह कर पढ़ाई करने लगा

.रिज़ल्ट लग कर 1 हफ़्ता हो गया और इस 1 हफ्ते मे मैं अपने कमरे मे पढ़ाई करता रहा

छोटी चाची को मेरे बदले हुए रवैये को देख कर शक हो रहा था

पर मेरे दिमाग़ मे तो कुछ और चल रहा था

एक भूत सवार हो गया था मेरे अंदर

पर ऐसा कब तक चलता कि छोटी चाची को मेरे चुपके चुपके पढ़ाई के बारे मे पता ना चले to be continue...............

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shubhs
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by shubhs » 21 Nov 2017 17:20

ये भी है
सबका साथ सबका विकास।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, और इसका सम्मान हमारा कर्तव्य है।

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 23 Nov 2017 21:39

827



एक दिन छोटी चाची रात मे पानी पीने के लिए उठी तो मेरे कमरे की लाइट ऑन देखा.

कोई कितनी भी सावधानी का ध्यान रखे पर एक दिन ग़लती हो जाती है

मैं ने भी आज ग़लती से कमरे का लाइट ऑन रखा

छोटी चाची ने सोचा इतनी रात मे मैं क्या कर रहा हूँ.

पहले तो छोटी चाची ने विद्या के कमरे मे जाकर देखा कहीं वो मेरे कमरे तो नही है. पर विद्या तो अपने कमरे मे सो रही थी.

छोटी चाची को अब पता लगाए बिना चैन नही आएगा इस लिए छोटी चाची ने मुझे आवाज़ दी

छोटी चाची की आवाज़ सुनते ही मैं डर गया मैं ने आज ग़लती से टेबल लॅंप की जगह कमरे का लाइट ऑन रखा.

अब डरने से या छुपाने से कोई फ़ायदा नही होगा .

मुझे छोटी चाची को बताना होगा कि मैं क्या कर रहा हूँ

मैं ने डोर खोल कर छोटी चाची को अंदर आने दिया.

छोटी चाची ने कमरे को अच्छे से देखा. मेरा बिस्तेर क्लीन था ,पर स्टडी टेबल पर किताबें ओपन थी.

छोटी चाची बेड पर जाकर बैठ गयी और मुझे अपने पास बुलाया

सी चाची-अवी ,अभी तक सोया नही

अवी-सोने वाला था चाची

सी चाची-सोने वाला था तो अब तक क्या कर रहा था. रानी से फोन पर बात कर रहा था या कुछ और

अवी-चाची आप से झूठ नही कहूँगा. मैं पढ़ाई कर रहा था.

सी चाची-पढ़ाई . छुट्टियों मे

अवी-वो चाची मैं

सी चाची-कब से कर रहा है ऐसे चुपके चुपके पढ़ाई

अवी-1 हफ़्ता हो गया

सी चाची-मतलब रिज़ल्ट लगा तब से

अवी-हाँ,

सी चाची-अब समझी ,रिज़ल्ट की वजह से इतना टेन्षन ले रहा है

अवी-ऐसा भी कहा जा सकता है पर मैं इस लिए पढ़ाई कर रहा हूँ कि आगे जाकर अगर मैं बिज़ी हो गया तो पढ़ाई पे इसका असर ना हो

सी चाची-ये तो अच्छा सोचा तूने ,पर तू तो एग्ज़ॅम मे बाद भी पढ़ाई करता गया था फिर आज इतनी देर तक

अवी-वो रिज़ल्ट के वजह से थोड़ी ज़्यादा पढ़ाई करने लगा

सी चाची-कितनी

अवी-दोपेहर मे सोने का बहाना बना कर पढ़ाई कर रहा हूँ फिर शाम मे कोमल के साथ और रात मे 3 4 घंटे तो कर ही लेता हूँ

सी चाची-लगता है एक बार मे पूरी पढ़ाई करना चाहता है

(पूजा दीदी ने कहा था कि तुम्हारे पापा भी ऐसे पढ़ाई करते थे , एक मार्क कम मिला तो उसी की भरपाई इसी तरह की थी एक बार अवी के पापा ने )

अवी-आप कुछ मत कहना, मुझे रोकना मत पढ़ाई करने से



सी चाची-मैं क्यू रोकूंगी. पर ये कुछ ज़्यादा नही हो रहा.

(मीना प्यार से हॅंडल करना , पर जिस बात का डर है अगेर वो हो गया तो , पर ये तो होना ही था , अवी के अंदर अपने पापा के आदत तो आएगी ना , अपने पापा जैसे पढ़ाई कर रहा है )

अवी-इतना तो करना होगा ना चाची, मुझे अगले साल के साथ साथ एंटरेस की भी थोड़ी बहुत पढ़ाई करनी है.

सी चाची-मुझ से बेहतर तू जानता है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा.

(पढ़ाई को ज़्यादा इंपॉर्टेन्स देने की जगह फॅमिली को देना चाहिए , मुझे ये सब रोकना होगा , पढ़ाई करने से रोकने की बात नही कर रही हूँ , उसकी सोच ना बदल जाए इस का मुझे ध्यान रखना होगा, )

अवी-चाची

सी चाची-कर पढ़ाई पर ज़्यादा टेन्षन मत ले

(अवी ने भी पढ़ाई के चक्कर मे अपने भाई बहन से ठीक से बात नही की , कल बताया था मुझे स्वेता ने )

अवी-टेन्षन मे पढ़ाई नही होती.आपने कहा था. मैं बस पढ़ाई करूँगा.

सी चाची-आज के लिए इतना काफ़ी होगा चल सो जा

(मुझे ऐसा हल ढूँढना होगा जिस से अवी खुद को इस टेन्षन से आज़ाद कर दे )

अवी-आप को मुझपे गुस्सा तो नही आ रहा.कि मैं ने आपको कुछ बताया नही.

सी चाची-नही, पर तू अब सोएगा नही तो बुरा लगेगा. सुबह कसरत भी करनी है

(अवी पे गुस्सा हुई तो उसका अलग रिक्षन हो जाएगा अवी पे )

अवी-आपके जाते लाइट ऑफ करूँगा

और छोटी चाची ने मुझे एक किस करके गुड नाइट बोला.

छोटी चाची के जाते ही मैं भी लाइट ऑफ करके सो गया पर छोटी चाची की नींद मैं ने खराब कर दी.

छोटी चाची को नींद आना पासिबल नही था वो मेरे बारे मे सोच रही होगी.

ये अवी क्या कर रहा है. उसे कहा था की इतना टेन्षन मत ले पर उसने मेरी बात नही सुनी.

पूरा दिन पढ़ाई और हमारे साथ बिता कर अपनी छुट्टियाँ बेकार कर रहा है.

रोज मस्ती, हँसी मज़ाक करने वाला अवी ,उसके चेहरे पे आज वो चमक नही थी जो मैं रोज देखती थी.

फिर से वो डाइप्रेशन मे ना चला जाए.

इतना टेन्षन लेगा तो ज़रूर खुद की सेहत खराब करेगा.

ठीक है रात मे और शाम मे थोड़ी पढ़ाई करता है. पर दिन भर और वो भी देर रात तक पढ़ाई करना ठीक नही है.

उसके चेहरे पे हँसी अच्छी लगती है.

मुझे कुछ करना होगा उसके चेहरे की चमक वापस लाने के लिए

अगर मैं आज पानी पीने के लिए उठी थी नही तो मुझे कभी पता नही चलता.

अवी को पता था कि मैं उसे इसकी इजाज़त नही दूँगी. इसी लिए उसने मुझे बताया नही.

अच्छा हुआ मुझे जल्दी पता चला वरना पता नही अवी कितने दिन ऐसा रहता.फिर इसका असर फॅमिली पे ज़रूर होता

मुझे जल्दी कुछ करना होगा

क्या करू ,उसको थोड़ी चेंज की ज़रूरत है

उसे फ्रेंड की ज़रूरत है. जिसके साथ वो हँसी मज़ाक ,एंजाय कर सके

क्यूँ ना अवी को कुछ दिन के लिए अपने दोस्तो के साथ हॉलिडे पे भेज दूं

ऐसा करने से एन्वाइरन्मेंट चेंज होते ,फ्रेंड का साथ मिलते वो टेन्षन फ्री हो जाएगा.

ये ठीक रहेगा, वैसे भी अवी को नये लोग, नयी जगह, जाने की सख़्त ज़रूरत है इस से अवी को दुनिया के तोर तरीके भी पता चलेंगे

अवी को अपने हाथ और फैलाने का मोका मिलेगा.

अवी अपनी फॅमिली और पढ़ाई के बीच मे फँसता जा रहा है ऐसे मे उसे इस चक्र से बाहर निकालने की ज़रूरत है.

पीछे साल शहर2 जाने से अवी को बहुत फ़ायदा हुआ था .कितना मेच्यूर हो गया था अवी.

इस बार अवी को उसके दोस्तो के साथ टूर पे भेजना होगा. ताकि वो फॅमिली से दूर रहे , पढ़ाई के टेन्षन से दूर रहे , फिर से पहले जैसे जीना शुरू कर दे .

पर सुमन दीदी का क्या करूँ .उनको मनाना मुश्किल होगा.

सुमन दीदी अवी को इतने दिन के लिए वो भी फ्रेंड्स के साथ जाने की इजाज़त नही देगी.

और नेहा , उसे जब पता चलेगा कि अवी फ्रेंड्स के साथ बाहर जा रहा है तो मेरी गर्दन दबा देगी ,

नेहा को सिर्फ़ सुमन दीदी ही समझा सकती है ,

पर सुमन दीदी को मुझे समझाना पड़ेगा

सुमन दीदी और अवी की बुआ भी इजाज़त नही देगी. मेरे कहने पर भी नही देगी इजाज़त.

मुझे कुछ तो सोचना होगा जिस से अवी इस टेन्षन से फ्री हो सके.

अवी पढ़ाई करे पर इतना भी नही ,थोड़ी बहुत चल जाएगी पर पूरा दिन ये ठीक नही है.फॅमिली टाइम फॅमिली को देना चाहिए

कुछ सोच मीना ,अगर सुमन दीदी ने हाँ कर दी तो अवी की बुआ भी हाँ कर देगी.

बस सुमन दीदी को मनाना होगा.

एक आइडिया तो आ रहा है दिमाग़ मे ,ये आइडिया ठीक रहेगा.


इसी से काम.बन जाएगा

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