मैं और मेरा परिवार

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Smoothdad
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by Smoothdad » 30 Nov 2017 14:51

आगे क्या हुआ ……………अगली कड़ी के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा में . . .

Re: मैं और मेरा परिवार

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Aadi
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by Aadi » 30 Nov 2017 17:05

Mst update bhai ..and i think ki vo larki mala thi .
Bs guess kr rha hu

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 30 Nov 2017 18:29

827 फ

हरीश की भाभी पंकज की बहन ऋतु है.

ऋतु दीदी ने शादी कर ली और मुझे पंकज ने बताया नही.

शायद पंकज को भी पता नही चला होगा.

ऋतु दीदी ने किसी को बताया नही होगा

चलो फाइनलि 1 साल बाद मेरी मुलाकात ऋतु दीदी से हो गयी.

कब से पंकज को पूछ रहा था कि ऋतु दीदी कब आएगी.

ऋतु दीदी के घर ना आने के पीछे ये राज़ था.

ऋतु ने चुपके से शादी कर ली.

अब तो ऋतु दीदी से बहुत सारी बातें करनी होगी ,

लेकिन ऋतु दीदी ने शादी करके बहुत बड़ा झटका दिया.

हरीश-भैया ये मेरा नया फ्रेंड अवी है. और अवी ये मेरे बड़े भैया विक्रांत है

मैं ने हाथ मिला कर उनका स्वागत किया.

हरीश ने अपनी भाभी के पैर छु लिए

हरीश-भैया ,आपने भाभी को अपना बना लिया.

हरीश-भाभी नमस्ते ,मैं आपका देवर और ये मेरा दोस्त है अवी

मैं ने ऋतु दीदी की तरफ हाथ बढ़ाया तो ऋतु दीदी अपने हज़्बेंड को कॉर्नर मे ले गयी.

और दोनो मेरी तरफ देख कर बातें कर रहे थे.

मैं समझ गया था कि ये क्या बात कर रहे है.

उनकी बातें होते ही ऋतु दीदी मेरे पास आ गयी.

हरीश का भाई हरीश को साइड मे ले गया.

ऋतु-अवी मुझे तुमसे बात करनी है.

अवी-आपको मेरा नाम याद है.

ऋतु-देखो मैं जो कह रही हूँ वो ध्यान से सुनो

अवी-ऋतु दीदी अभी तो आप ट्रॅवल करके आई है थोड़ा आराम कीजिए बातें तो होती रहेगी.

ऋतु-मेरे लिए ये बात बहुत इम्पोर्टेंट है.

अवी-पंकज तो अपने मामा मामी के घर गया है. उसके आने तक बहुत टाइम है.

ऋतु-पंकज से तुम बात नही करोगे

अवी-वो शहर जाके देखेंगे ,वहाँ आराम से बात करेंगे ,

और मैं हरीश की तरफ जाने लगा.

ऋतु-मेरी बात तो सुनो

मैं ने कुछ नही सुना और हरीश के पास आया.

ऋतु दीदी भी मेरे पीछे पीछे आ गयी.

हरीश-भैया आप यहाँ क्यूँ आए सीधे अपने शहर आते

विक्रांत-तुझे पता है ना मम्मी पापा मुझपे नाराज़ है.

हरीश-पर अब तो ज़्यादा नाराज़ होंगे

विक्रांत-पता है. मेरी शादी की बात सुनते ही वो मुझे धक्के मारकर निकाल देंगे और ऋतु के साथ शादी करने से तो गोली मार देंगे

हरीश-आप मम्मी पापा को कैसे मनाएँगे

विक्रांत-उनको आराम से बताउन्गा.

हरीश-भाभी कहाँ रहेगी.

ऋतु-मैं अपने घर पे जाउन्गी. जैसे कुछ हुआ ही ना हो

हरीश-पर कब तक ऐसे रहेंगे

विक्रांत-हम बस एक महीने के लिए यहाँ आए है. फिर वापस अमेरिका जाएँगे

ऋतु-मेरे डॉक्युमेंट और ज़रूरत की चीज़े लेकर हम अमेरिका जाएँगे

विक्रांत-और हम अमेरिका मे ही रहेगे

हरीश-ये क्या बोल रहे है

विक्रांत-मैं अमेरिका मे सेट्ल हो चुका हूँ. और ऋतु भी यही चाहती है

हरीश-भाभी के घर वाले

ऋतु-हम ने सब सोच लिया है.एक दिन बता देंगे पर अभी नही. अभी बताया तो वो हमारी शादी को नही मानेंगे

हरीश-पर भैया आप यहाँ भी तो रह सकते है. यहाँ हमारा बिज़्नेस

विक्रांत-ये सब तेरा है, मैं अमेरिका मे खुश हूँ और ये बात किसी को मत बताना

हरीश-जैसा आप ठीक समझे

ऋतु-तुम अपने दोस्त को भी बता दो

हरीश-अवी किसी को नही बताएगा.

अवी-पूरी बातें यही एरपोर्ट पे करनी है या होटेल भी चलना है

हरीश ने समान उठा लिया और मैं कार चलाते हुए होटेल की तरफ जाने लगा.

हम जितने दिन इस टूर पे आए थे तब से एक प्राइवेट फार्महाउस पे रुके थे .


पर हरीश के भैया भाभी आने से सबने अपना समान होटेल मे शिफ्ट किया.

हरीश-भैया आपने शादी कब की.

अवी-तुम्हें भी बताया नही

हरीश-मुझे 1 महीने पहले बताया था. भैया आप अमेरिका मे थे भाभी यहाँ थी तो शादी कहाँ हुई.

विक्रांत-लंबी कहानी है घर जाके बताउन्गा.

हरीश-भाभी आपसे बहुत सी बातें करनी है.

ऋतु दीदी ने मेरी तरफ देख कर बात की

ऋतु-क्या बात करनी है

हरीश-पहले आप एक दूसरे से प्यार करते थे फिर फॅमिली प्राब्लम की वजह से दूर हो गये अब अचानक फिर से मिलते शादी कर ली,मूवी जैसा लग रहा है

ऋतु-वो हुआ ऐसा कि

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 30 Nov 2017 18:30

ऋतु दीदी हरीश को इस तरह बताना चाहती कि वो बात मैं समझ सकूँ

पर होटेल आ गया.

ऋतु दीदी की एक लाइन पूरी होने से पहले मैं ने ब्रेक मार दिया

अवी-होटेल आ गया.

ऋतु दीदी समझ गयी कि उनको जल्दी कुछ करना होगा. कुछ तो सोचना होगा.

होटेल आते ही ऋतु विक्रांत के साथ धीरे धीरे बातें करते हुए होटेल के अंदर चली गयी.

हरीश ने उनके लिए रूम बुक करके रखा था

रूम मे जाते ही विक्रांत और ऋतु काफ़ी देर तक रूम मे बातें करते रहे ये बता कर कि उनको फ्रेश होना है.

हमारा टूर पूरा हो चुका था .छोटी चाची का फोन आया था ये पूछने के लिए की मैं कब आ रहा हूँ.

हमारी पॅकिंग हो चुकी थी.

बस हरीश के फ़ैसले का इंतज़ार था.

विक्रांत ने हम सबको अपने रूम मे बुला लिया

विक्रांत-तो तुम सब ने टूर एंजाय किया होगा.

हरीश-बहुत एंजाय किया.

हिट्लर-भैया ये आपकी गर्लफ्रेंड है.

हरीश ने सबको बताया था कि उसका भाई आ रहा है.

पर ग़लती से एरपोर्ट पे हरीश ने मुझे अपने भैया भाभी के बारे मे बताया .

हरीश ने ग़लत आदमी को अपने भैया भाभी के बारे मे बताया

हरीश के ऐसा करने से विक्रांत और ऋतु दीदी मुसीबत मे फँस गये

विक्रांत-मेरी गर्लफ्रेंड नही मेरी दोस्त है. हम अमेरिका मे मिले ,ये वहाँ पढ़ाई करने आई थी. हमारे शहर की है तो साथ मे यहाँ आ गये

हरीश-भैया आप आराम करो फिर हम शहर की तरफ वापस जाएँगे

विक्रांत-और कुछ दिन रूको हम साथ मे मिल कर एंजाय करेंगे

ऋतु दीदी मुझे रोकना चाहती है बात करने के लिए

हिट्लर-भैया हम काफ़ी दिन से यहाँ है. अब बोर हो गये

विक्रांत-एक 2 दिन और रुक जाओ.मैं भी तुम सबके साथ इस जगह को एंजाय करना चाहता हूँ

ऋतु-यहाँ बोर हुए तो हम किसी और जगह चलते है.

हरीश-आइडिया अच्छा है. क्या कहते हो

सब एक दूसरे के चेहरे देखने लगे

अवी-मैं और नही रुक सकता ,मेरे घर से फोन आया है.

विक्रांत-एक दिन से क्या होगा.

ऋतु-एक दिन रुकने से हमे आराम भी मिलेगा.

अवी-एक ज़रूरी काम है. वरना मैं ज़रूर रुकता

ऋतु दीदी मेरे काम की बात से घबरा गयी

ऋतु-कौन सा काम


अवी-कल मेरी सिस्टर का बर्तडे है. इस लिए मुझे जाना होगा(झूठ)

हरीश-फिर तो तुम्हें जाना होगा. तू चला जा हम रुकते है.

मेरे जाने की बात से विक्रांत और ऋतु एक दूसरे के चेहरे देखने लगे.

मेरे अकेले शहर जाने से ऋतु दीदी रिस्क नही ले सकती.

ऋतु-ठीक है हम भी शहर चलते है

हरीश-पर रुकने का क्या हुआ

विक्रांत-फिर कभी आएँगे.

हरीश-जैसा आप ठीक समझे

विक्रांत-कब निकलना है.

हरीश-एक घंटे मे निकलते है.

विक्रांत-हमारे लिए कार बुक कर लो

ऋतु दीदी का चेहरा उतर चुका था.

उनको मुझसे बात किए बिना चैन नही आएगा.

हम नाश्ता करके शहर की तरफ जाने लगे.

इस टूर मे सब ने बहुत मस्ती की जिस से सब थक चुके थे.

मैं ने तो फुल मस्ती की.

ये तौर यादगार रहेगा मेरे लिए.

इस टूर मे मैं चुदाई और बीयर ज़्यादा पी.

नयी नयी जगह पर घूमने गये.

रोज नये पार्टनर के साथ सोना

मैं हर दिन 2 बीयर की कॅन तो ख़तम कर ही देता.

मैं एंजाय करने के साथ रानी कोमल छोटी चाची और बड़ी चाची को रोज फोन करता था.

उनके बिना एंजाय्मेंट मे ज़्यादा मज़ा नही आया .

लास्ट मे मुझे जोरदार झटका लगा.

ऋतु दीदी ने शादी की.

ऋतु दीदी से शहर मे बात करूँगा.

विक्रांत और ऋतु कार मे मेरे साथ बैठ सकते थे पर वो सबके सामने बात नही करना चाहते थे

हम आराम से शहर पहुँच गये.

टूर सक्सेजफूल रहा.

रिज़ल्ट का टेन्षन कम हुआ.

मैं ने राजेश को मुझे लेने के लिए बुलाया.

मैं कॉलेज के सामने उतर गया.

सब ने मुझे गले लगा कर अलविदा किया.

मुझे अपने ग्रूप का पर्मनॅंट मेंबर बना दिया.

वैसे अब उनके ग्रूप मे कुछ बचा नही था फिर भी बहुत काम का ग्रूप था.

मैं ने सबको फिर से मिलने का वादा किया .

हिट्लर की तो आँखो मे आसू आ गये थे.

टूर पे जाते समय मुझे ले जाने से ऐतराज था और अब मुझे दूर जाने से रो रही थी.

मेरे शेर ने हिट्लर को भीगी बिल्ली बना दिया.

मैं कॉलेज के सामने उतर कर राजेश का इंतज़ार करने लगा.

राजेश के आते ही मैं गाओं की तरफ जाने लगा.

अपनी फॅमिली से मिलने

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 30 Nov 2017 18:31

Aadi wrote:
30 Nov 2017 17:05
Mst update bhai ..and i think ki vo larki mala thi .
Bs guess kr rha hu
bhai apko jawab mil gaya hoga

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