मैं और मेरा परिवार

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 05 Dec 2017 15:15

828 ब


रानी ने कॉल नही उठाया ,

मुझे पता था कि रानी ने फोन क्यूँ नही उठाया .क्यू कि मैं ने उसे आते ही कॉल नही किया

फिर भी एक बार और कॉल किया.

रानी ने पहली रिंग पूरी होने सेपहले फोन उठा लिया.

रानी-मोबाइल मत तोड़ना

हेलो कहने की जगह ये क्या बोल रही है रानी.

अवी-हेलो

रानी-मोबाइल मत तोड़ना

पिछली बार की बात याद है रानी को

अवी-अगर अभी फोन नही उठाती तो ज़रूर तोड़ देता.

रानी-मैं गुस्सा नही हूँ. मैं ने फोन उठाया ,

मैं रानी की बात सुनकर हँसने लगा

रानी-हंस क्यू रहे हो

अवी-तुम गुस्सा होने के बाद भी बोल रही न कि गुस्सा नही हो

रानी-तुम्हारे वजह से ऐसा बोल रही हूँ क्या पता मेरे गुस्से के वजह से तुम गुस्सा होकर मोबाइल तोड़ दो

अवी-ये मोबाइल कैसे तोड़ सकता हूँ. ये तुम्हारा गिफ्ट है.

रानी-तो क्या अब मैं गुस्सा हो सकती हो

अवी-हाँ, ,

मुझे रानी के ऐसा पूछने से हँसी आ रही थी

रानी-तुम्हें अब समय मिला मुझे फोन करने का

अवी-तुम्हें तो पता था कि मैं कल आने वाला हूँ तो तुम फोन नही कर सकती

रानी-ट्रेवलिंग करते समय फोन करके डिस्ट्रब नही करते .तुम ने क्यू नही किया, एक मेसेज कर देते

अवी-तुम्हें पता है मेले मे मैं तुमसे एक सवाल पूछा था कि तुम्हारे पास मेरे लिए टाइम नही है.

रानी-पहले मेरी बात का जवाब दो

अवी-जवाब ही दे रहा हूँ. मैं ने मेले मे ऐसा पूछा था ना

रानी-हाँ पूछा था

अवी-तुम्हारा जवाब क्या था.

रानी-कि तुम्हारी बहन मुझे अकेला नही छोड़ती

अवी-तो सोचो तुमसे इतना प्यार करती थी तो मेरे आते मेरी बहनों ने मुझे चैन से सास भी लेने नही दी

रानी-मैं इस बात को कैसे भूल गयी. मैं ईडियट हूँ

अवी-और तो और मेरी चाची बुआ ,इनसे जब टाइम मिलेगा तभी तो तुम्हें कॉल करेगा.

रानी-सॉरी

अवी-ऐसे नही

रानी-फिर

अवी-अपनी एक पिक सेंड करो कान पकड़ कर

रानी ने फोन कट करके एक पिक्स सेंड की. और वापस फोन किया.

अवी-ये फोटो मैं वॉलपेपर रखूँगा

रानी-क्यू?

अवी-मुझे याद रहेगा कि तुम सॉरी भी बोल सकती हो

रानी-वेरी फन्नी

अवी-वो छोड़ो ,तुम आज क्लास क्यू नही गयी.

रानी-कोमल के बिना कैसे जाती

अवी-तुम जाती तो कोमल की पढ़ाई जो आज ना जाने से रुकी है वो कवर हो जाती.

रानी-वो हम मिलके कर लेंगे

अवी-वैसे रानी तुम्हें आना चाहिए था टूर पे ,बहुत मज़ा आता

रानी-तुम ने पूछा ही नही वरना मैं आ जाती.

अवी-नेक्स्ट टाइम ज़रूर पूछूँगा.

रानी-किसी दिन हम घूमने जाएँगे. तुम मुझे कही घूमने ले जाते नही.

अवी-ऐसे हम इतना प्यार करते है. कही और जाने की क्या ज़रूरत है.

रानी-कम से कम मूवी के लिए तो ले जा सकते हो.

अवी-मूवी भी ले जाउन्गा और घूमने भी जाएँगे.लेकिन कॉलेज स्टार्ट होते ही ,अभी तुम्हारे पास टाइम कहाँ है.

रानी-पक्का ले जाओगे

अवी-हाँ,

रानी-और बताओ तुम्हें मेरी याद आई की नही.

अवी-तुम बताओ तुम्हें याद आई

रानी-हाँ, हर समय याद आती है.

अवी-पढ़ाई करते हुए

रानी-पढ़ाई करते भी आती है.

अवी-बाइयालजी पढ़ते हुए आती होगी.

रानी-बाइयालजी

अवी-रिप्रोडक्षन चॅप्टर है ना बाइयालजी मे

रानी-हाँ

अवी-मेल रेपोर्डकटिव ऑर्गन की डाग्राम निकाली है.

रानी-हाँ

अवी-वो डाइयग्रॅम निकालते हुए मेरी याद ज़रूर आई होगी.

रानी-तुम ,तुम बहुत गंदे हो

अवी-बताओ ना याद आई कि नही.

रानी-मैं फोन रख रही हूँ

अवी-ऐसा मत करना पहले जवाब दो

रानी-तुम मुझे अपना जैसा बनाना चाहते हो.

अवी-एक सिंपल सा सवाल पूछा है.उसका जवाब दो

रानी-इसके जवाब बाद मे दूँगी

और रानी ने फोन कट कर दिया.

रानी ने बिना जवाब दिए फोन कट किया

मैं फोन करने वाला था कि रानी ने एक पिक्स भेजा

मैं ने पिक्स देखा तो पिक्स मेल रेपोर्डकटिव ऑर्गन का था

और उसपे मेरा नाम लिखा हुआ था अवी

रानी का जवाब मुझे पसंद आया.

रानी काफ़ी स्मार्ट है.

बना जवाब दिए मुझे खुश कर दिया.

मैं ने रानी को वापस फोन किया

अवी-आइ लव यू

रानी-आइ लव यू टू

और एक प्यारा सा किस दे कर हम ने प्यारी भरी बातें ख़तम की

Re: मैं और मेरा परिवार

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 05 Dec 2017 15:15

828 सी

रानी से बात करने के बाद मैं ने छोटी चाची की तरफ देखा.

छोटी चाची वीडियो देखने की जगह मेरी और रानी की बात सुन रही थी.

अवी-ऐसे क्या देख रही है आप

सी चाची-काश मैं रानी की जगह होती.

अवी-आपकी जगह तो उस से भी उची है

सी चाची-तुम दोनो की प्यारी बातें सुनकर मुझे रानी से जलन हो रही है

अवी-आपको जलन हो रही ,वो भी रानी से

सी चाची-और नही तो क्या, कोई भी तुम्हारी बातें सुनेगी तो उसको रानी से जलन ही होगी.काश मैं रानी की जगह होती,

अवी-आप जैसी है ,मुझे वैसी पसंद है. जितना मैं आप से प्यार करता हूँ उतना ही रानी से करता हूँ

सी चाची-लेकिन मुझसे ऐसी प्यार भरी बातें नही करता

अवी-पर जैसी बातें करता हूँ उनमे भी प्यार होता है.मुझे आपसे ऐसी ही बातें करना पसंद है.

सी चाची-अवी मुझे किस करो ना

अवी-क्या हुआ आपको

सी चाची-अवी करो ना एक किस ,आज मैं कह रही हूँ

छोटी चाची के कहते ही मैं ने उनको बेड पर लिटा दिया.

और उनके पैरो पे एक किस किया.

चोथ चाची ने अपनी आँखों बंद की

मैं ने छोटी चाची की सारी को धीरे धीरे उपर करते हुए उनके पैरो पे किस करना शुरू किया.

चाची की साँसे मेरे हर एक किस के साथ तेज चलने लगी.

चाची के गोरे गोरे पैरो पे किस करने से मेरी धड़कने भी तेज चलनी लगी.

उनके जाँघो तक आते हमारी दोनो की धड़कने एक रिदम मे चलने लगी

चाची के नरम नरम जाँघो पे किस करने का सुकून कुवारि चूत जैसा था.

चाची की जांघों को मसल्ने का मन हो रहा था पर आगे की मंज़िल ज़्यादा प्यारी थी.

मैं चाची की जांघों पर अपनी जीभ घूमाते उनकी आँखों ऐसी बंद हुई कि वो अब मेरे प्यार करने के बाद खुलेगी.

मैं ने ज़्यादा देर ना करते हुए चाची की पैंटी को थोड़ा साइड मे करके मेरी पसंद और दुनिया की सबसे प्यारी चूत पे एक प्यारा सा किस किया.

मेरा प्यारा से भरा हुआ किस छोटी चाची की आत्मा को छु गया जिस से चाची का पंल निकल गया.

एक किस ने चाची का पानी निकाल दिया.

मैं जो टूर पे मस्ती की उसकी वीडियो देख रही थी.

फिर मेरी और रानी की बातें

चाची के अंदर प्यार की जवाला बदकाने के लिए काफ़ी था.

मैं ने चाची के अमृत का एक एक ड्रॉप पी लिया

चाची ने मुझे अपना अमृत पिला कर अपनी आँखों खोल दी.

अवी-आपको एक किस चाहिए था

सी चाची-तुम मेरे मान की दिल की बात जान लेते हो.

अवी-आपको प्यार जो इतना करता हूँ

सी चाची-तूने सही जगह किस किया

अवी-आपका बेटा हूँ , ग़लत जगह कैसे प्यार करता

सी चाची-अब उठ मेरे उपर से अमित की नींद खुल गयी होगी.

अवी-आपको हमेशा वीक पॉइंट पर उंगली रखती है

सी चाची-अमित को हम तेरे जैसा बनाएँगे

अवी-हम अमित और सुमित को मेरे जैसा बनाइए

सी चाची-ग़लती हो गयी.

अवी-पहली ग़लती माफ़ कर रहा हूँ , सब बेटो को एक जैसा प्यार करेंगे.

सी चाची-हाँ, एक जैसा प्यार करेंगे. तेरी दादी भी यही कहती थी.

अवी-दादी

सी चाची-कुछ नही

अवी-दादी तो कब की भगवान के पास गयी है. आपने तो कहा था कि बड़ी चाची के शादी से पहले वो भगवान के पास गयी थी

सी चाची-(ये क्या निकल गया मेरे मूह से, अगर अवी को अपने दादी के बारे मे बताया तो गड़बड़ हो जाएगी. सुमन दीदी के शादी के बाद अवी की दादी भगवान के पास चली गयी थी,कुछ सोच मीना ) वो पूजा दीदी ने कहा था कि तुम्हारी दादी सब बच्चों को एक जैसा प्यार करने पे विश्वास रखती थी.

अवी-दादी की सोच अच्छी थी.

सी चाची-हाँ, बेटा हो या बेटी ,बच्चों को एक जैसा प्यार करना चाहिए ऐसा तुम्हारी दादी कहती थी.

अवी-और क्या कहती थी

सी चाची-बाकी बाद मे बताउन्गी. अमित उठ गया होगा.

अवी-ठीक है ,अमित को उसकी खुराक खिला दीजिए

सी चाची-जी पतिदेव

अवी-भागवान अब ज़्यादा मत तड़फ़ा मेरे बेटे को, उसके पास जल्दी जाओ

सी चाची-पतिदेव का हुकुम सर आँखों पे

और चाची ने मुझे एक किस किया और अमित के पास चली गयी.

चाची की हर एक बात हर एक अदा पे मुझे उनको प्यार करने का दिल.करता है.

चाची के जाते ही मैं लॅपटॉप पे अपने वीडियो डेलीट करने लगा.पर बॅकप हमेशा रखता हूँ

दोफर अभी तक ख़तम नही हुई थी जिस से मैं सो गया.

थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं शाम मे तैयार होके कोमल की तरफ जाने लगा.

सी चाची-कहाँ जा रहा है

अवी-कोमल के पास पढ़ाई करने के लिए

सी चाची-टूर पे जाने के बाद भी तेरा पढ़ाई का भूत उतरा नही


अवी-बस कोमल के पास 2 घंटे पढ़ाई करूँगा उसे ज़्यादा नही. इतना तो करना होगा ना

सी चाची-ठीक है पर इस से ज़्यादा की तो कान पकड़ कर पिटाई करूँगी.

अवी-जी

फिर मैं कोमल के पास जाकर पढ़ाई की ,

फिर मैं घर आकर अपने बच्चों के साथ खेलने लगा.

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 05 Dec 2017 15:16

828 डी


फिर मुझे ऋतु दीदी का ख़याल आया.

क्यू ना उनको थोड़ा परेशान करू.

अब तक उनका कॉल आना चाहिए था. मुझसे मिलना चाहिए था. चलो मैं खुद उनको मुझे कॉल करने को बोलता हूँ

लगता है ऋतु दीदी मुझे हल्के मे ले रही है

चलो ऋतु दीदी को एक झटका देता हूँ

मैं ने ऋतु दीदी की जगह पंकज को कॉल किया

अवी-हेलो पंकज

पंकज-आज मेरी याद कैसी आई

अवी-तू तो काम रहने पे मुझे याद करता है,कैसी चल रही है छुट्टियाँ

पंकज-मैं मामा के आया हूँ. छुट्टियाँ बिताने के लिए

अवी-पता है. पिछले हफ्ते तेरे घर पे गया था तो आंटी ने बताया

पंकज-मेरे घर आया था कोई काम था

अवी-ऐसे घर पे बोर हो रहा था कि सोचा तुझसे मिलके कही घूमने का प्रोग्राम बनाया जाए पर तू तो मामा के यहाँ गया है

पंकज-मुझे पता होता कि तू घूमने का प्लान बना रहा है तो मैं मामा के यहाँ क्यूँ जाता ,

अवी-चल जाने दे ,वैसे कल मैं ने मार्केट मे ऋतु दीदी को देखा था.

पंकज-ऋतु दीदी आ गयी. मुझे तो किसी ने बताया नही

अवी- तुझे नही पता

पंकज- नही

अवी-शायद मेरा वहाँ भी हो सकता है , मैं ने मार्केट मे देखा था

पंकज- दीदी की एग्ज़ॅम पूरी हो गयी होगी ,

अवी- तू फोन करके देख ऋतु दीदी को

पंकज-देखता हूँ ,

अवी-ऋतु दीदी को बताना कि मैं ने उनको याद किया था.

पंकज-बोल दूँगा.,वैसे तू जाकर मिल ले दीदी से हर बार पूछता रहता है कब आएगी.

अवी-मैं तो कल मिल लूँगा पर उनको अच्छा लगेगा कि उनका एक भाई तो उनको याद करता है.

पंकज-बड़ा आया भाई वाला, चल बोल दूँगा ,

अवी-बाइ

पंकज अब ऋतु दीदी को फोन करेगा.

पंकज के मूह से मेरा नाम सुनते ऋतु दीदी घबरा जाएगी.

और पंकज से मेरा नंबर लेके मुझे फोन करेगी.

चलो देखहता हूँ कितने देर मे फ़ोन आता है

लो आ गया अननोन नंबर से फोन

मैं ने फोन नही उठाया.

मोबाइल को साइलेंट पे किया.

ऋतु दीदी को थोड़ा परेशान होने देता हूँ

सुबह उठ कर देखता हूँ ऋतु दीदी कितनी परेशान है.

जितने ज़्यादा मिस्ड कॉल उतनी ज़्यादा परेशान होगी.

मैं ने मोबाइल को साइलेंट पे कर दिया और मैं खुद साइलेंट हो गया.

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 05 Dec 2017 15:17

Sorry friends kuch din ke liye bahar ja raha hun ab kuch din update nahi de paunga

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shubhs
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by shubhs » 05 Dec 2017 16:22

Very nice
सबका साथ सबका विकास।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, और इसका सम्मान हमारा कर्तव्य है।

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