मैं और मेरा परिवार

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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xyz
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मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 18 Feb 2015 09:37

मैं और मेरा परिवार

दोस्तो वैसे तो मैं बहुत दिनो से आरएसएस पर कहानियाँ पढ़ रहा हूँ सभी कहानियाँ एक से बढ़ कर एक हैं इसलिए मैने भी सोचा कि मैं भी एक कहानी शुरू कर ही दूं वैसे तो मुझे पता है कि यहाँ कोई भी लेखक को बधाई नही देता कमेंट नही करता फिर भी मैं ये कहानी शुरू करने की हिम्मत कर पा रहा हूँ और आशा करता हू कि आप सभी रीडर्स का मुझे भरपूर सहयोग मिलेगा , धन्यवाद आपका ऐक्स वाई ज़ेड

अपडेट 1

मेरा नाम अवी है. बचपन मे ही मेरी मा और पिताजी की एक रोड आक्सिडेंट मे डेथ हो गयी. मैं अनाथ हो गया. मेरे पिताजी का एक छोटा भाई और तीन बहने है . मेरे पिताजी पाचो भाई बहेनो मे बड़े थे.


मेरे चाचा ने 3 शादिया की थी, क्यू कि मेरी बड़ी चाची और मझली चाची को कोई बच्चा नही हुआ था. इस लिए मेरे चाचा ने तीसरी शादी की. मेरी बड़ी चाची का नाम सुमन है. मझली चाची का नाम सीमा है और छोटी चाची का नाम मीना है.

पूजा बुआ की फॅमिली-पूजा बुआ को 2 बेटी और 1बेटा है. बड़ी बेटी का नाम स्वेता और छोटी बेटी का नाम सीतल और बेटे का नाम राज है.

नेहा बुआ की फॅमिली-नेहा बुआ को 2 बेटी है कोमल और कविता. नेहा बुआ को मैं बिल्कुल भी पसंद नही हू .वो हमेश मुझे मारती और गालियाँ देती है

नीता बुआ की फॅमिली-नीता बुआ को 1 बेटा और 1 बेटी है. दोनो जुड़वा है. बेटी का नाम लीना और बेटे का नाम राजेश है.

मेरे सभी भाई बहन मुझसे छोटे है सिर्फ़ पूजा बुआ की दोनो बेटियो को छोड़ के क्यू कि मेरी बुआ ने 18 साल से कम उमर मे शादी की थी.मतलब मेरे पिताजी से पहले शादी की थी. मेरी मा और पिताजी की डेथ के बाद मेरे दादाजी ने मुझे अपने गाओं मेरे चाचा के साथ रहने को कहा. बड़ी चाची ने मुझे अपने घर लाने के लिए दादाजी को कहा था.शायद उनको बेटा नही था इसी लिए मुझे अपने पास रहने को बुला लिया. मेरी तीनो बुआ और मेरे चाचा एक ही गाओं मे रहते है.

मेरे माता पिता की डेथ को काफ़ी समय हो गया , आज मेरी उमर 20 साल है, मेरे माता पिता का आक्सिडेंट मेरे लिए एक शॉक्ड था, इस सदमे से निकलने के लिए मुझे 3 साल लग गये

उन 3साल मे ना मुझे भूक लगती थी और ना प्यास लगती थी,ना मैं किसी से बात करता था,और ना खेलने जाता था,ना पड़ाई करता बस अपने माता पिता को याद करता था

पर कहते है ना जो चला जाता है उसकी याद मे कितने दिन आसू बहाओगे

मेरी बड़ी चाची के समझाने पर मैं ने अपनी नयी लाइफ सुरू करने का फ़ैसला किया

3 साल की गॅप को भर पाना मुश्किल था

फिर भी मैं ने हिम्मत नही हारी, बड़ी चाची ने मुझे गाओं के स्कूल मे अड्मिशन दिला दिया,बाकी लड़को से मेरी एज ज़्यादा थी,जिस से स्कूल मे मैं अकेला था,ना फ्रेंड थे और ना कोई हमदर्द था


ये थी मेरी नयी लाइफ की शुरूआत,

चलो मैं अपने भाई बहनो से मिलाता हू

पूजा(बड़ी बुआ)-42
नेहा(2न्ड बुआ) -40
नीता(छोटी बुआ जुड़वा बहन नेहा)-40
चाचा -37
1स्ट चाची (सुमन)-32
2न्ड चाची (सीमा)-29
3र्ड चाची (मीना)-27

स्वेता दीदी-22साल
सीतल दीदी-21साल
अवी(मैं)-20 साल
कोमल-19साल
कविता-18साल
लीना और राजेश-18साल
राज(स्वेता का भाई)-18 साल
Last edited by xyz on 11 Feb 2016 22:22, edited 1 time in total.

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xyz
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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 18 Feb 2015 10:01

मेरी बड़ी चाची मुझे मेरी मा जैसा प्यार करती है. मुझे कभी भी मेरी मा की कमी महसूस नही हुई . मेरी तीनो चाची मुझे अपने बेटे जैसा प्यार करती है. पर मेरे चाचा मेरी तीनो चाचियो को हमेशा गालिया देते है. मेरी तीनो बुआओ के पति दुबई मे काम करते है साल मे 1 महीने के लिए गाओं आते है.
मेरे चाचा का घर-
मेरे चाचा के घर मे 3 बेडरूम है. 1स्ट बेडरूम मे चाचा और छोटी चाची का है. 2न्ड बेडरूम सीमा चाची और सुमन चाची का है और 3र्ड बेडरूम मुझे दिया है. मेरे दादाजी घर के स्टोर रूम मे रहते है .उनकी बीमारी के वजह से स्टोर रूम को साफ करके दादाजी को दे दिया है .
मेरे दादाजी मुझे बहुत प्यार करते है क्योंकि मेरी बड़ी बुआ पूजा को दोनो बेटियाँ हुई और उसके बाद मेरा जनम हुआ .मैं मेरी फॅमिली मे सबसे बड़ा लड़का होने से मेरे दादाजी मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करते है.



मेरा अड्मिशन गाँव के स्कूल मे किया . मेरी ज़िंदगी अच्छे से चल रही है. जब मैं ने अपनी क्लास के हिसाब से बदलाव किए तब मेरे स्कूल मे मेरे दोस्त नगी पिक्चर देख कर उनकी बाते करते है. मुझे भी पिक्चर देख कर कुछ होता था तब मुझे पता नही था कि मेरा लंड कड़ा क्यू होता है .


एक दिन मैं मेरी पूजा बुआ के घर काम के लिए गया था .मैं हमेशा देखता था कि पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश हर महीने मे एक दिन को आता है. और जब भी पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश घर आता तब बुआ अपने बच्चो को पिक्चर देखने या फिर चाचा के घर खेलने भेज देती थी.

उस दिन भी पूजा बुआ ने अपने बच्चो को पिक्चर देखने भेज दिया. मेरे चाचा ने मुझे पूजा चाची के घर उनके पैसे देने के लिए भेजा .

जब मैं बुआ के घर पे गया तो घर पे कोई नही दिखा .मैं जब बुआ के रूम के पास गया तब मैने जो देखा उस पर मुझे विश्वास नही हो रहा था .

बुआ के दूध राकेश चूस रहा था .बुआ भी अजीब अजीब आवाज़े निकाल रही थी. अब बुआ की सहेली का भाई राकेश ने बुआ के पेटिकोट मे हाथ डाल कर उनका नाडा खोल दिया. बुआ अब बिल्कुल नगी हो चुकी थी .राकेश ने भी अपने कपड़े निकाल दिए . राकेश लंड लगबग 6 इंच का था . बुआ ने राकेश को चूत चाट ने के लिए कहा पर राकेश ने मना किया और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया .

चूत मे लंड डालने से बुआ ज़ोर से चीख पड़ी. पर राकेश ने उस चीख की परवा किए बिना ही अपने लंड को अपनी बहेन की सहेली की चूत मे डाल कर धक्के पे धक्का देना शुरू कर दिया था.

लगभग 10 मिनिट तक धक्के लगाने के बाद राकेश ज़ोर से चिल्ला कर बुआ के उपेर गिर गया.

बुआ- क्या राकेश तुम हमेशा बिना मेरी चूत चाटे ही अपना लंड मेरी चूत मे डाल देते हो

राकेश- पूजा तुम्हे तो पता है मुझे चूत चाट ना पसंद नही है

बुआ-तुम मेरी चूत को गीला किए बिना ही लंड पेल देते हो

राकेश-क्या करू अब तो आदत हो गयी है

बुआ-हाँ ये तुम्हारी पुरानी आदत है अब मुझे भी आदत हो गई है

राकेश- हाँ अब 6 साल से तुम्हारी चुदाई कर रहा हू अब भी तुम वैसे ही चुदाई का मज़ा ले रही हो जैसे पहली बार चुद रही हो

बुआ-तुम मेरी सुखी चूत मे लंड डालोगे तो मेरी चीख नही तो क्या हसी निकलेंगी

राकेश-इसी लिए तो मैं तुम्हारे बच्चो को पिक्चर देखने भेजता हू

बुआ-तुम बहोत ही चालाक हो हमेशा किसी ना किसी बहाने मेरी चूत मारने आ जाते हो

राकेश-क्या करू मेरी बीवी तुम्हारी तरह चुदाई मे मेरा साथ नही देती है.

बुआ-अब उठो बच्चे आने वाले होंगे

राकेश-हाँ उठता हू

मैं ये बाते सुनकर जल्दी से घर के बाहर आया.फिर थोड़ी देर बाद मैने घर का दरवाजा खट खाटाया पूजा बुआ ने मुझे अंदर आने को कहा और राकेश के पास छोड़ कर अंदर चली गयी.

राकेश- क्या बात है अवी , क्या हुआ, ऐसे चुप क्यू हो

अवी-कुछ नही भैया थोड़ी तबीयत खराब है

राकेश-क्यू क्या हुआ

अवी-कुछ नही वो...

राकेश-अरे ये वो वो क्या लगा रहे हो

अवी-(तुम्हारी चुदाई देख कर परेशान हू) कुछ नही भैया ऐसे ही

राकेश-आरे यार तुम मुझे अपना दोस्त समझ कर बता दो .डरो मत

अवी-(इसे कुतिया बनाता हू) भैया वो क्या है कि मेरी क्लास के लड़के गंदी पिक्चर देख कर मुझे बोलते है कि ये देख तेरी पूजा बुआ कैसे नगी है , ये देख तेरी बुआ के दूध कितने बड़े है.मुझे उन पर गुस्सा आता है

राकेश-देख अवी , तुम्हारी बुआ के बारे मे कोई भी कुछ कहे उन पर गुस्सा मत करा करो , लोग कितना भी कुछ कहे फिर भी तुम्हारी बुआ आख़िर तुम्हारी बुआ है

अवी-हाँ आप ठीक कह रहे हो

बुआ-अवी ये लो पैसे .अपने चाचा को दे देना

अवी-ठीक है बुआ अब मैं चलता हू . अच्छा भैया फिर मिलते है.

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 18 Feb 2015 10:05

Mera naam Avi hai. Bachpan main hi meri maa aur pitaji ki ek road accident me death ho gayi. Main anath ho gaya. Mere pitaji ko ek chcota bhai aur teen bahene hai . Mere pitaji paacho bhai baheno me bade the.


Mere chacha ne 3 shadiya ki thi, kyu ki meri badi chachi aur majeli chachi ko kohi bacha nahi hua tha. Is liye Mere chacha ne thisrai shadi ki. Meri badi chachi ka naam Suman hai. Majeli chachi ka naam Seema hai aur choti chachi ka naam Meena hai.

Pooja bua ki family-Pooja bua ko 2 beti aur 1beta hai. Badi beti ka naam Sweta aur chhoti beti ka naam Sital aur bete ka naam Raj hai.

Neha bua ki family-Neha bua ko 2 beti hai Komal aur Kavita. Neha bua ko main bilkul bhi pasand nahi hu .wo hamesh muze marati aur galiya deti hai

Neeta bua ki family-Neeta bua ko 1 beta aur 1 beti hai. Dono judwa hai. Beti ka naam Leena aur bete ka naam Rajesh hai.

Mere sabi bhai bahan muzse chhote hai sirf Pooja bua ke dono betiyo ko chhod ke kyu ki meri bua ne 18 saal se kam umar me shadi ki thi.matlab mere pitaji se pahale shadi ki thi. Meri maa aur pitaji ke death ke bad mere dadaji ne muze apne gaon mere chacha ke sath rahane ko kaha. badi chachi ne muze apne ghar lane ke liye dadaji ko kaha tha.shayad unko beta nahi tha isi liye muze apne pass rahane ko bhula liya. Meri teeno bua aur mere chacha ek hi gaon me rahte hai.

Mere mata pita ki death ko kafi samay ho gaya , aaj meri umar 20 saal hai, mere mata pita ka accident mere liye ek shocked tha, is sadmese nikalne ke liye muze 3 saal lag gaye

Un 3saal me na muze bhuk lagti thi aur na pyass lagti thi,na main kisi se bat kata tha,aur na khelne jata tha,na padai ki bas apne mata pita ko yaad karta tha

Par kahte hai na jo chala jata hai uski yaad me kitne din aasu bahayoge

Meri badi chachi ke samjane par main ne apni nayi life suru karne ka faisala kiya

3 saal ki gap ko bhar pana mushkil tha

Pir bhi main ne himmat nahi haari, badi chachi ne muze gaon ke school me admission kar diya,baki ladko se meri age jada thi,jis se school me main akela tha,na friend the aur na kohi hamdard tha


Ye thi meri nayi life ki suruvat,

Chalo main apne bhai bahano se milata hu

Pooja(badi bua)-42
Neha(2nd bua) -40
Neeta(choti bua judwa bahan neha)-40
Chacha -37
1st Chachi (suman)-32
2nd chachi (seema)-29
3rd chachi (meena)-27

Sweta didi-22saal
Sital didi-21saal
Avi(main)-20 saal
Komal-19saal
Kavita-18saal
Leena aur rajesh-18saal
Raj(sweta ka bhai)-18 saal



Meri badi chachi muje meri maa jaisa pyar karti hai. Muje kabi bhi meri maa ki kami mahasus nahi hui . Meri theno chachi muje apne bete jaisa pyar karati hai. Par mere chacha meri theno chachi ko hamesha galiya dete hai. Meri theno bua ke pati dubai me kam karate hai sal me 1 mahine ke liye gaon aate hai.
Mere chacha ka ghar-
Mere chacha ke ghar me 3 bedroom hai. 1st bedroom me chacha aur choti chachi ka hai. 2nd bedroom seema chachi aur suman chachi ka hai aur 3rd bedroom muje diya hai. Mere dadaji ghar ke store room me rahate hai .unki bimari ke vajase une store room ko saf karake dadaji ko deya .
Mere dadaji muje bohat pyar karate hai kuki meri badi bua pooja ko dono betiya hui aur uske bad mera janam huva .main meri family me sabse bada ladka honese mere dadaji muze sabse jada pyar karate hai.





Mera admission goan ke school me kiya . meri zindagi achse chal rahi hai. Jab main ne apne class ke hishab se badal kiye tab mere school me mere dost nagi picture dek kar unki bate karate hai. Muje bhi picture dek kar kuch hota tha tab muje pata nahi tha ki mera lund kada ku hota hai .


Ek din main meri pooja bua ke ghar kam ke liye gaya tha .main hamesh dekta tha ki pooja bua ke saheli ka bhai rakesh har mahine me ek din ke aata hai. Aur jab bhi pooja bua ke saheli bhai rakesh ghar aata tab bua apne bacho ko picture dekane ya pir chacha ke ghar khelne bejeti thi.

us din bhi pooja bua ne apne bacho ko picture dekne bej diya. Mere chacha ne muje pooja chachi ke ghar unke paise dene ke liye bheja .

Jab main bua ke ghar pe gaya to ghar pe kohi nahi dika .main jab bua ke room ke pass gaya tab main jo deka usper muje vishwas nahi ho raha tha .

Bua ke dood rakesh choos raha tha .bua bhi ajib ajib aavaje nikal rahi thi. Aab bua ke saheli ka bhai rakesh bua ki peticoat me hat dal kar unka nada kol diya. Bua ab bilkul nagi ho chuki thi .rakesh ne bhi apne kapde nikal diye . Rakesh lund lagbag 6 inch ka tha . bua ne rakesh ko choot chat ne ke liye ka par rakesh ne mana kiya aur apna lund bua ke choot me dal diya .

suki choot me lund dalne se bua jor se chik padi. par rakesh ne us chik ki parva kiye bhina hi apne lund ko apni bahen ki saheli ki choot me dal kar dakke pe dakke de raha tha.

lagbag 10 minute tak dakke lagane ke bad rakesh jor se chil kar bua ke uper gir gaya.

bua- kya rakesh tum hamesa bina meri choot chate hi apna lund meri choot me dal dete ho

rakesh- pooja tume to pata hai muze choot chat na pasand nahi hai

bua-tum meri choot ko gila kiye bina hi lund pel dete ho

rakesh-kya karu ab to aadat ho gayi hai

bua-ha ye tumari purani aadat hai ab muze bi aadat ho gahi hai

rakesh- ha ab 6 sal se tumari chudai kar raha hu ab bhi tum vaise hi chudai ka maza le rahi ho jaise pahali bar chud rahi ho

bua-tum meri suki choot me lund daloge to meri chik nahi to kya hasi niklengi

rakesh-isi le to main tumare bacho ko picture dekne bhejta hu

bua-tum bahot hi chalak ho hamesa kisi na kisi bahane meri choot marne aa jate ho

rakesh-kya karu meri biwi tumari tara chudai me mera sath nahi deti hai.

bua-ab uto bache aane vale honge

rakesh-ha uta hu

main ye bate sunkar jaldi se ghar ke bahar aaya.pir thodi der bad maine ghar ka darvaja khat khataya pooja bua me muje under aane ko kaha aur rakesh ke pas chod kar under chali gayi.

rakesh- kya bat hai Avi , kya huaa, aise chup ku ho

Avi-kuch nahi baiya thodi tabiyat kharab hai

rakesh-ku kya hua

Avi-kuch nahi wo...

Rakesh-aare ye wo wo kya laga rahe ho

Avi-(tumari chudai dek kar pareshan hu) kuch nahi baiya aise hi

rakesh-aare yar tum muze apna dost samajkar bata do .daro mat

Avi-(ise cuthiya banata hu) baiya yo ka hai ki mere class ke ladke gandi picture dek kar muze bolte hai ki ye dek teri pooja bua kaise nagi hai , ye dek teri bua ke dood kitne bade hai.muze unper gussa aat hai

rakesh-dek Avi , tumari bua ke bareme kohi bhi kuch kahe unper gussa mat kara karo , log kitna bhi kuch kahe pir bhi tumari bua aakir tumari bua hai

Avi-ha aap tik kai rahe ho

bua-Avi ye lo paise .apne chacha ko de do

Avi-tik hai bua ab main chalta hu . acha baiya pir milte hai.

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by xyz » 18 Feb 2015 10:05

दोस्तो माफ़ करना अगर कहानी मे इंग्लिश मे कोई कमी दिखे तो धीरे धीरे सही कर लूँगा

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Re: मैं और मेरा परिवार

Post by 007 » 18 Feb 2015 12:34

दोस्त कहानी का मजमून देख कर तो ऐसा लगता कि कहानी बहुत लंबी चलेगी
अच्छा लगा आप को एक कहानी के साथ देख कर पर यहाँ सिर्फ़ पढ़ने वाले हैं
हौंसला बढ़ाने वाले सिर्फ़ दो तीन ही है
(¨`·.·´¨) Always

`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &

(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !

`·.¸.·´
-- 007

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