माया complete

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jay
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माया complete

Post by jay » 09 Sep 2015 22:39

माया


फ्रेंड्स "माया" ये एक ऐसी बला है जो इंसान के ना चाहने पर भी उसके ऊपर हावी हो जाती है इसीलिए तो बुजुर्गों ने कहा है माया तेरे तीन नाम "परसी" "परसा" "परशुराम" मतलब "जर" "जोरू" और "ज़मीन" दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि ये क्या बात हुई तो मैं बस यही कहूँगा कि "को जग जाय न व्यापी माया"

एक और कहानी आपके लिए शुरू होने वाली है इस कहानी को लिखा है त्रिवेणी का रोमियो ने इसी लिए इसका सारा क्रेडिट इसके लेखक को जाता है मुझे उम्मीद है आपका जैसा प्यार पहली कहानियों को मिला है वैसा ही प्यार इस कहानी को भी मिलेगा

फ्रेंड्स हम सभी लोगों के जीवन में पैसे की बहुत अहेमियत है.. हम चाहते हैं हमारे पास हर वो सुख हो जिससे हमारी ज़िंदगी आराम से गुज़रे... हर वक़्त, हर पल हम अपने नफे नुकसान के बारे में सबसे पहले सोचते हैं.


पैसा है तो उसे संभालने की मुसीबत... पैसा नही है तो उसे कमाने की इच्छा... हम दिन में कई बार सोचते हैं.. "काश... पैसा आ जाए कहीं से..."



पैसों के बाद बात आती है ताक़त की.... जब इंसान के पास पैसा आ जाता है, वो सब पे राज करना चाहता है.. वो चाहता है जहाँ वो जाए लोग उसे सलाम करें, उसके सामने झुकें, उसकी इज़्ज़त करें.... पैसे वाला अक्सर चाहता है कि उसके संबंध बड़े लोगों के साथ होने चाहिए... बड़े, नामी गिरामी लोगों के साथ उठना बैठना हो, वो जहाँ जायें लोग उन्हे जाने पहचाने.... चाहे वो पोलीस हो, बिज़्नेस मेन, या मंत्री और संतरी... बस, बड़े कॉंटॅक्ट्स तो चाहिए ही.


हां... दिन तो गुज़र गया पैसे कमाने में... शाम गुज़री बड़े लोगों के साथ... लेकिन रात.. रात को जनाब , काटना बहुत मुश्किल होता है.. चाहे वो पैसे वाला हो या ग़रीब, जिस्म की भूक हर किसी को लगती है.. किसी ने सही कहा है, यह जिस्म प्यार नहीं जानता, जानता है तो सिर्फ़ भूक... जिस्म की भूक... इंसान की यह भूक कभी ख़तम नहीं होती, यह तो बस बढ़ती जाती है..


इंसान के सर पे जब इन तीन चीज़ो को हासिल करने का भूत सवार हो जाता है, तब... तब क्या होता है.. जानने की कोशिश करेंगे हम इस कहानी से.. यह कहानी मिश्रण है अडल्टरी और इन्सेस्ट का.. यह कहानी गुज़रेगी पुणे से न्यू यॉर्क वाया मुंबई.

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jay
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Re: माया

Post by jay » 09 Sep 2015 22:45

अरे हाँ फ्रेंड्स एक बात तो कहना भूल ही गया कि इस कहानी के अपडेट्स थोड़े धीमी स्पीड से मिलेंगे हाँ ये दूसरी बात है कि अगर कभी समय ज़्यादा मिला तो अपडेट्स जल्दी भी हो सकते हैं

Jaunpur
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Re: माया

Post by Jaunpur » 10 Sep 2015 09:42

.
Good Start
Continuoue.
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rajsharma
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Re: माया

Post by rajsharma » 10 Sep 2015 09:51

जय नई कहानी के लिए शुभकामनाए
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

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jay
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Re: माया

Post by jay » 14 Sep 2015 07:21

Jaunpur wrote:.
Good Start
Continuoue.
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rajsharma wrote:जय नई कहानी के लिए शुभकामनाए

thanks bhai logo

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