काले जादू की दुनिया complete

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
Post Reply
Jemsbond
Super member
Posts: 4047
Joined: 18 Dec 2014 12:09

काले जादू की दुनिया complete

Post by Jemsbond » 23 Oct 2015 23:30

काले जादू की दुनिया

लेखक--अभयरायचन्द


फ्रेंड्स जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि मैं कोई राइटर नही हूँ पर कोई कहानी अच्छी लगती है तो उसे हिन्दी में डब करके राजशर्मास्टॉरीज पर पोस्ट कर देता हूँ दोस्तो ये कहानी सेक्सी होने के साथ काले जादू पर आधारित है ...........

“अर्जुन………बचाओ मुझे……मैं यहाँ इस अंधेरी खौफनाक गुफा मे बंद हू…मेरे बेटे बस एक तुम ही हो जो मुझे यहाँ से बाहर निकाल सकते हो………”

एक ऐसा ही सपना उसके दिमाग़ के अंधेरे गलियारो मे आता है जिस से अर्जुन की नींद खुल गयी.

“माआआआ……………” अर्जुन हड़बड़ा के उठ गया. उसके चेहरे पर पसीने की बूंदे सॉफ दिखाई दे रही थी.

“पिच्छले दो महीनो से मुझे यह अजीबो ग़रीब सपने आ रहे है. लगता है जैसे कि मेरी माँ मुझे पुकार रही हो. पर यह कैसे हो सकता है, मेरी माँ तो बारह साल पहले ही मर चुकी है. लेकिन उनकी यह दर्द भरी पुकार अभी भी मेरे कानो मे मंदिर की घंटियों की तरह गूँज रही है. आख़िर इन सपनो का अचानक आने का क्या मतलब हो सकता है.”

अर्जुन अपने इन्ही ख़यालो मे खोया हुआ था कि बाहर दरवाज़े की घंटी बज गयी. बाहर शाम हो चुकी थी पर अभी भी आसमान मे घने काले बादल छाए हुए थे, हल्की हल्की ठंडी हवा चल रही थी जो दिन मे हुए बारिश के होने का सबूत थी. साइट पर बहुत काम होने की वजह से अर्जुन जो वहाँ का चीफ इंजिनियर था, थोड़ा थक गया था जिसकी वजह से उसे हल्की नींद आ गयी थी.

अर्जुन तौलिया लपेट कर जम्हाई लेते हुए दरवाज़े तक पहुचा, “कौन है…?” उसने पूछा.

“अरे कौन है भाई...अब बोलो भी...” उसने फिर दोहराया.

“तुम्हे मैं भाई दिखती हू...” बाहर से एक लड़की की मीठी आवाज़ आई.

जैसे ही अर्जुन ने दरवाज़ा खोला तो सामने एक खूबसूरत लड़की टाइट सफेद पंजाबी सूट मे खड़ी थी. “अरे सलमा...तुम यहाँ...व्हाट आ सर्प्राइज़ बेब...” कहते हुए अर्जुन ने उस सुंदर सी लड़की को कमर से पकड़ कर अंदर खीच लिया और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया.

“ह्म्‍म्म.....मिस्टर. अर्जुन आज आप बड़े नॉटी मूड मे लग रहे हो...क्या बात है, मैM मिली नही इतने दिनो से तो इतने बेकरार हो गये...” सलमा अर्जुन की बाँहो मे झूमते हुए बोली.

अर्जुन ने सलमा को धक्का दे कर दीवाल के सहारे झुका दिया और उसकी गंद पकड़ कर अपने लंड से कस कर चिपका लिया, फिर पीछे से उसकी एक कान को हल्के से चूस्ते हुए बुद्बुदाया, “तेरी चूत जो नही मिली मुझे इतने दिनो से...”

“आह....उम्म्म....छोड़ो अर्जुन जब देखो तब तुम्हे सिर्फ़ सेक्स ही सेक्स दिखता है...तुम जानते हो ना मुझे यह सब करना बिल्कुल पसंद नही है... अब तो कभी कभी लगता है कि तुम मुझसे नही सिर्फ़ मेरे जिस्म से प्यार करते हो.”
Last edited by Jemsbond on 11 Dec 2015 06:17, edited 1 time in total.
*****************
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
*****************

Jemsbond
Super member
Posts: 4047
Joined: 18 Dec 2014 12:09

Re: काले जादू की दुनिया

Post by Jemsbond » 23 Oct 2015 23:30


अर्जुन ने सलमा की बातों पर ध्यान नही दिया और उसकी गंद मे अपना खड़ा लॉडा पीछे से रगड़ने लगा. सलमा को यह एहसास हो चुका था कि उसके आशिक़ का लंड खड़ा हो चुका है और तौलिए के अंदर से उसकी गंद मे घुसने की कोशिश कर रहा है.

सलमा बचने के लिए जैसे ही आगे की ओर झुकी वैसे ही अर्जुन ने भी अपना तना हुआ लंड उसकी गंद के साथ साथ आगे बढ़ा दिया और ज़ोर से उसकी टाइट गंद पे गढ़ा दिया. कमर के चारो तरफ हाथो का शिकंजा बना कर अर्जुन, सलमा के कानो को बड़ी शिद्दत से चूसने लगा. फिर वो हौले से नीचे आया और बड़े प्यार से सलमा की गोरी पीठ और गर्दन को चूमने लगा.

अर्जुन को पता था कि कान और गर्दन चूसने और चूमने से सलमा बहुत ज़्यादा और बहुत जल्दी गरम हो जाती है, पर फिर भी अभी तक सलमा ने उसे अपने साथ सेक्स करने नही दिया था.

पर फिलहाल सलमा भी लगातार अपनी पीठ और गर्दन पर अर्जुन की गरम सांसो को महसूस कर रही थी जो उसे बहुत ही ज़्यादा उत्तेजित कर रहा था.

“उम्म्म्म......आहह.....ओह्ह्ह्ह....प्लीईईईईईज...अर्जुंन्ं...तुमने मुझसे वादा किया था कि हम शादी से पहले कभी सेक्स नही करेंगे...” सलमा की आवाज़ मे विरोध से ज़्यादा समर्थन था.

अर्जुन को तो अभी सलमा के जिस्म के अलावा कुछ और दिख ही नही रहा था. वासना उसपर पूरी तरह से हावी हो चुकी थी. उसने झटके से सलमा को घुमाया और उसके होंठो को अपने होंठो मे क़ैद कर लिया.

सलमा पर भी खुमारी चढ़ती जा रही थी. उसने अपने कोमल मुलायम हाथ अर्जुन के गर्दन के चारो तरफ डाल दिए और उसके होठ चूसने लगी. अर्जुन ने मौका देख कर अपने हाथो मे सलमा की गंद को थाम लिया और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा. सलमा अब पूरी तरह से बावली हो चुकी थी. अर्जुन ने सलमा की गर्दन से उसका दुपट्टा उतार फेका और उसके बड़े बड़े दूध को कमीज़ के उपर से दबोच कर मसल्ने लगा.

“आह....अर्जुन....प्लीज़...मैं सेक्स नेह्हियियी करना चाहती....” सलमा अपनी चुचि मसले जाने से बहुत उत्तेजित हो रही थी.

“जानू तुम पूरे दो महीने बाद मुंबई आई हो....तेरी इस कमसिन बुर मे मेरे लौडे का एक राउंड तो बनता है ना...” कहते हुए अर्जुन सलमा की मोटी चुचियो को दबोच कर उनसे खेलने लगा. इतनी ज़ोर से चुचि मसले जाने से सलमा कराह उठी. अर्जुन ने उसको अपने गोद मे उठाया और ले जाकर बेरहमी से अपने बिस्तर पर पटक दिया. अपना तौलिया हटा के वो सलमा पे टूट पड़ा.

एक झटके मे सलमा की कमीज़ उसके जिस्म से अलग हो गयी. अंदर काले रंग की टाइट सिल्की ब्रा मे उसकी गोरी चुचि बाहर आने को बेताब थी.

“प्लीज़ अर्जुन...इसके आगे मत बढ़ो...तुम्हे मेरी कसम...” गिडगिडाते हुए सलमा अपनी चुचि अर्जुन की वासना भरी निगाहों से छुपाने लगी. उसे लगने लगा था कि अगर वो अर्जुन को नही रोकेगी तो वो हो जाएगा जो वो शादी से पहले नही करना चाहती. उसकी आँखो से वासना का परदा हट चुका था.

टू बी कंटिन्यूड...
*****************
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
*****************

Jemsbond
Super member
Posts: 4047
Joined: 18 Dec 2014 12:09

Re: काले जादू की दुनिया

Post by Jemsbond » 24 Oct 2015 20:57

अब तक आपने पढ़ा...........................
“प्लीज़ अर्जुन...इसके आगे मत बढ़ो...तुम्हे मेरी कसम...” गिडगिडाते हुए सलमा अपनी चुचि अर्जुन की वासना भरी निगाहों से छुपाने लगी. उसे लगने लगा था कि अगर वो अर्जुन को नही रोकेगी तो वो हो जाएगा जो वो शादी से पहले नही करना चाहती. उसकी आँखो से वासना का परदा हट चुका था.


अब आगे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

“कम ऑन डार्लिंग...किसी बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड के बीच चुदाई तो होती ही है...” कहते हुए ज़बरदस्ती अर्जुन ने ब्रा को फाड़ कर सलमा की चुचियो को आज़ाद कर दिया.

अर्जुन के इस वहशिपन को एक बार देख कर सलमा भौचक्की रह गयी, “अर्जुन क्या तुम्हे मेरी फीलिंग की कोई परवाह नही है...क्या तुम सिर्फ़ मेरे इस जिस्म से प्यार करते हो मेरी आत्मा से नही....”

“अरे बस कर नौटंकी...बहुत सुन लिया तेरा सती सावित्री होने का नाटक....अब चल यह सलवार खोल नही तो यह भी फाड़ दूँगा.” कहते हुए अर्जुन ने सलमा के हाथो को एक तरफ हटाया और झटके से उसकी सलवार का नाडा खोल दिया.

“प्लीज़ अर्जुन मैं तुमसे प्यार करती हूँ...हम यह सब शादी के बाद करेंगे...प्लीज़ अल्लाह के वास्ते यह सब बंद करो...” सलमा अपनी नंगी जाँघो को चिपकाते हुए बोली.

“साली यह शादी शादी क्या लगा रखा है...तुम जानती हो तुम्हारे अब्बू और अम्मी जान, कभी इस रिश्ते के लिए तय्यार नही होंगे...तुम एक मुस्लिम लड़की हो और मैं एक हिंदू लड़का हूँ, यह शादी कभी नही हो सकती...अब कम से कम मुझे सुहागरात तो मना लेने दो.” अर्जुन ने बेदर्दी से सलमा की जाँघो को अलग कर दिया और उसकी काली मॅचिंग सिल्क पैंटी भी खीच कर फाड़ दी.

अंदर का नज़ारा देख कर अर्जुन के मूह मे पानी आ गया, “हुहम....बोलती है चुदाई नही करूँगी तो फिर अपनी झान्टो को शेव कर के क्यू आई है...”

उसने अपने हाथो पर थूक लगा कर सलमा की पवरोटी जैसे फूली चूत को सहलाने लगा. क्लीन शेव चूत के उपर गुलाबी दाना बड़ा कामुक लग रहा था. अर्जुन बारी बारी से सलमा की खूबसूरत चुचियो का दूध पीने लगा और एक हाथ से चूत के दाने को हौले हौले सहलाने लगा, उसे पता था कि एक औरत को कैसे गरम किया जाता है.

सलमा को तो विश्वास नही हो रहा था कि वो जिस से प्यार करती है वो उसके जिस्म का इतना भूका है, सिर्फ़ दो महीने मे अर्जुन का असली रंग उसके सामने आ गया, वो समझ चुकी थी कि अर्जुन ने इसीलिए उसे आज इतनी शाम को अपने घर बुलाया था.

वो अपनी किस्मत को कोस रही थी कि क्यू वो अर्जुन की मीठी मीठी बातों मे आ गयी कि उनका धर्म कभी भी उनके प्यार के बीच नही आएगा और यदि आया तो वो सलमा को उसके घर से भगा के शादी कर लेगा.

उसे अपने अब्बू और अम्मी की बातें याद आ रही थी जब उन्होने कहा था कि अर्जुन जैसे अमीर लड़के सिर्फ़ लड़कियो के जिस्म से खेलते है कभी उनसे प्यार नही करते. उसे अब अर्जुन से नफ़रत सी होने लगी थी, लेकिन उसे पता था कि अब उसका कौमार्या नही बचेगा. उसको एहसाह हो गया था कि अर्जुन जैसे लड़के से प्यार करने की सज़ा उसे मिल रही है.

उम्मीद छोड़ कर सलमा ने अपने जिस्म को अर्जुन के हवाले कर दिया और एक मोम के पुतले की तरह शांत पड़ गयी. उसका जिस्म तो शांत था पर उसकी आँखो से लगातार आँसू बहे जा रहे थे.

खैर चूत सहलाए जाने से उसके अंदर चिकनाहट आ रही थी जिसे देख कर अर्जुन का हौसला और बढ़ गया, “आ गयी ना लाइन पर...इतनी बड़ी बड़ी बातें कर रही थी...अब देख तेरी खुद की चूत कैसे पानी छोड़ रही है...” कहते हुए अर्जुन ने अपनी एक उंगली पर थूक लगाकर चूत के अंदर पेल दी.

भले ही सलमा का जिस्म उसका साथ नही दे रहा था पर उसका मन यही कह रहा था कि शादी से पहले यह सब करना ग़लत है, उसके अब्बू अम्मी ने उसको ऐसी ही नेक तालीम दी थी. खैर उसने आगे आने वाले पल को अल्लाह पर छोड़ कर अपनी आँखे बंद कर ली.

अर्जुन अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका था. उसने अपने खड़े लंड पर थूक लगाया और सलमा की जाँघो के बीच आ गया, “तय्यार हो जा मेरी रानी अपने राजा का लंड लेने के लिए...”

मोम के पुतले की तरह पड़ी सलमा कुछ ना बोली, वो अपने किस्मत से समझौता कर चुकी थी. इधर अर्जुन ने अपना खड़ा लंड सलमा की चूत पर टिका दिया और हौले हौले अपने लंड से चूत के छेद को रगड़ने लगा. उत्तेजना के मारे अर्जुन का हल्लबी लंड और फूल के मोटा और लंबा हो गया था. लंड की नसें सॉफ दिख रकी थी जो बता रही थी कि उसका लंड बहुत तगड़ा है.

सलमा की होंठो को मूह मे चूसने के साथ वो अपना लंड पेलने के लिए तय्यार था,”क्या हुआ जानू...तुम तो किसी मोम के पुतले की तरह कुछ रियेक्शन ही नही दे रही हो...देखना जब मेरा लंड तेरी कुवारि बुर मे जाएगा तो तुझे भी जन्नत का मज़ा मिलेगा...”

अर्जुन ने एक ज़ोर का धक्का लगाया और उसके लंड का सुपाडा सलमा की कुवारि बुर को चीरते हुए अंदर जा घुसा. पता नही सलमा सचमुच की मोम का पुतला बन गयी थी या वो चुप रह कर ही अपना विरोध जाता रही थी, क्यूकी इतना बड़ा लंड का सुपाडा जब उसकी कुवारि चूत मे घुसा तब भी उसके मूह से कोई आवाज़ नही आई, हाँ बस आया तो उसके आँखो से आँसू. वो सारा दर्द पी कर रह गयी.

*****************
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
*****************

Jemsbond
Super member
Posts: 4047
Joined: 18 Dec 2014 12:09

Re: काले जादू की दुनिया

Post by Jemsbond » 24 Oct 2015 20:58


अर्जुन ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया और अपने थोड़े फँसे हुए लंड का एक करारा धक्का मारा. उसका हल्लबि लंड सलमा की कुवारि चूत की दीवारो को बेरहमी से चीरते हुए उसकी झिल्ली को फाड़ दिया और सीधे जा के सलमा की बच्चे दानी से टकराया. सलमा की चूत बुरी तरह से फैल गयी थी. चूत की दीवारो ने लौडे को कस कर जाकड़ लिया था.

खून की तेज़ धार सलमा की चूत से बह निकली. खून इतना ज़्यादा था जैसे अर्जुन के लंड ने किसी बड़ी नस को काट दिया हो. पर आश्चर्य की बात यह थी कि सलमा के मूह से फिर भी कोई आवाज़ नही निकली, क्यूकी शायद अब तक सलमा अपने होश गवाँ चुकी थी.

“बहनचोद यह तो बेहोश हो गयी...अब क्या करूँ...लगता है इसके मूह पर पानी डालना पड़ेगा.....पर लंड इतनी टाइट चूत से निकालने का मन नही हो रहा है.....चलो जो भी होगा देखा जाएगा.” एक वहशी मुस्कान हंसते हुए अर्जुन बेहोश सलमा को वैसे ही ठोकने लगा.

धक्के पे धक्का मारते हुए अर्जुन हुंकार भर रहा था. नीचे बेचारी सलमा बेहोश पड़ी थी. उसे तो बिल्कुल पता ही नही चल रहा था कि उसकी मुलायम मखमली चूत को रंडी की तरह अर्जुन चोद रहा था.

“साली की चूत का आज भोसड़ा बना के रहूँगा...लंड बहुत रगड़ रगड़ कर जा रहा है...अगर कही जन्नत है तो वो औरत की चूत मे है...” कहते हुए अर्जुन गपा गॅप सलमा की बुर पेलने लगा.

सलमा के बेहोश होने की वजह से अर्जुन को उसके चिल्लाने या चीखने का कोई डर भी नही था, इसीलिए वो इतनी बेदर्दी से उसकी चूत चोद रहा था जैसे कोई बाजारू रंडी को चोद रहा हो.

ना जाने वो कितनी देर तक सलमा को रौन्द्ता रहा, उसके जिस्म से अपनी हवस का प्यास बुझाता रहा.



इतनी कसी हुई कमसिन बुर को चोदने के बाद अब अर्जुन झड़ने के नज़दीक आ गया था. उसे पता था कि सलमा की चूत के अंदर झड़ने से उसके माँ बन ने का ख़तरा है इसी लिए उसने आख़िरी वक़्त पर अपना लॉडा खीच लिया.

सलमा अभी भी अपना सुध बुध खो कर अर्जुन के बिस्तर पर नंगी बेहोश पड़ी थी. अर्जुन उसके उपर चढ़ कर अपने हल्लबि लंड को जो सलमा के खून से पूरा सना हुआ था उसे सलमा के प्यारे होंठो पर रगड़ने लगा.

अब उस से और बर्दाश्त नही हो पाया और उसके लौडे ने सलमा के चेहरे पर वीर्य की बौछार कर दी. वीर्य की पिचकारी सलमा की आँखो और नाक मे घुस गयी और कुछ उसके खुले हुए मूह के अंदर जा पहुचि.

वीर्य की पिचकारी अपने चेहरे पर महसूस करके सलमा बेहोशी के आलम से बाहर आ गयी और उसे होश आ गया. होश आते ही उसने महसूस किया कि उसकी आँखे ठीक से खुल नही रही है क्यूकी उनपे कुछ चिप चिपा और लिस लिसि चीज़ लगी है जो अर्जुन के लौडे से निकला हुआ वीर्य था.

जब सलमा ने अपनी आँखे किसी तरह खोली तो अपने उपर अर्जुन को चढ़ा पाया. उसने देखा कि अर्जुन की आँखे मज़े मे बंद थी और वो अपने लंड को मसल रहा था जिस से वीर्य की आख़िरी बची हुई कुछ बूंदे टपक कर सलमा के मूह मे गिर गयी. उसे तब एहसास हुआ कि उसका मूह पहले से ही अर्जुन के वीर्य से भरा हुआ था.

अगली चीज़ हो सलमा को महसूस हुई वो थी एक तेज़ दर्द की लहर जो उसे अपनी चूत मे महसूस हुई. उसे जानने मे देर नही लगी कि उसकी चूत बेरहमी से पूरी तरह फॅट गयी है.

अर्जुन ने जब देखा कि सलमा को होश आ गया है तो उसके ऊपर से उठा और बगल मे बिस्तर पर लेट गया. सलमा ने अपना सर उठाया और अपनी चूत को देखा. सामने बिस्तर की चादर पर बेहिसाब खून पड़ा देख उसका आँखे एक बार फिर नम हो गयी. जब उसने अपनी चूत पर हाथ फेरा तो एक दर्द की तेज़ की लहर उसके जिस्म मे दौड़ गयी. उसकी चूत सूज कर गुम्मा हो गयी थी. अर्जुन ने उसे इतने बेरहमी से जनवरो की तरह पेला था कि चुदाई ख़तम होने के बावजूद उसकी फटी हुई चूत से अभी तक खून की धार रिस रिस कर बाहर आ रही थी.
*****************
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
*****************

Jemsbond
Super member
Posts: 4047
Joined: 18 Dec 2014 12:09

Re: काले जादू की दुनिया

Post by Jemsbond » 24 Oct 2015 20:59


सलमा ने एक नज़र बगल मे लेटे हुए अर्जुन पर डाली, उसके मूह पर एक विजयी मुस्कान थी और मूह मे एक सिगरेट.

“अरे मेरी रानी, तुझे कुछ नही हुआ, ज़रा सा बस बेहोश हो गयी थी....और यह खून भी तुरंत रुक जाएगा...एक दो बार और चुदवा लोगि मुझसे तो चूत बिल्कुल खुल जाएगी और मेरे खड़े लंड को अपने अंदर अच्छे से अड्जस्ट कर लेगी...” अर्जुन आराम से सिगरेट का कश लगाते हुए बोला.

सलमा ने सोचा कि यह कितना गंदा आदमी है, जो उस से इतना प्यार करती है उसे यह वासना का पुजारी बेहोशी की हालत मे भी चोदता रहा. वो बिना कुछ बोले उठी, पर इतनी ताबड़तोड़ चुदाई के बाद उसके पैर जवाब दे गये और वो लड़खड़ा गयी.

अर्जुन आगे बढ़ कर उसे थामने वाला ही था कि सलमा ने उसे पहले ही रोक दिया. वो नही चाहती थी यह इंसान उसे अब एक भी बार और च्छुए.

बाहर अब तक काफ़ी रात हो गयी थी. सलमा चुप चाप अपने कपड़े समेटने लगी, उसकी आँखे लगातार आँसू टपका रही थी. उसने अपना सलवार कमीज़ उठाया और पहन ने लगी. ब्रा और पैंटी तो अर्जुन ने बेरहमी से फाड़ दी थी जो अब पहन ने लायक नही रह गयी थी.

बिना ब्रा पैंटी के कपड़े पहन ने से सलमा का सफेद सलवार चूत की जगह पे खून लगने से लाल हो गया था. उसने एक मोम के पुतले की तरह अपना दुपट्टा उठाया और घर से बाहर जाने लगी.

“अरे इतनी रात को बाहर क्यू जा रही है...आज मेरे यहाँ ही रुक जा...थोड़ी और मस्ती करते है...रात भर प्यार व्यार करेंगे...” अर्जुन मूह से सिगरेट निकालते हुए बोला.

सलमा लड़खड़ाते हुए अर्जुन के पास आई और अपनी पूरी ताक़त लगा कर अर्जुन के गालो पर ज़ोर का तमाचा लगा दिया. “तुमने आज मुझसे प्यार नही मेरा बलात्कार किया है...” सलमा ने बस इतना कहा और लड़खड़ाते कदमो से बाहर निकल गयी.

तमाचा पड़ने से अर्जुन सन्न रहा गया, पर आज ना जाने क्यू उसे बुरा नही लगा. वासना का भूत अब अर्जुन से उतर चुका था. उसके दिल मे कही ना कही ग्लानि का भाव था कि उसने सलमा के साथ जो किया वो ग़लत था. इस से पहले वो कयि लड़कियो को ठोक चुका था पर वो सब अर्जुन के दौलत की भूकि थी और खुद अपनी चूत मरवाने के लिए हमेशा तय्यार रहती थी. पर सलमा की बात कुछ और थी. भले ही वो ग़रीब परिवार की थी पर उसमे अर्जुन के लिए सच्चा प्यार था ना कि बाकी लड़कियो की तरह पैसो का लालच.

अर्जुन को अभी तक लग रहा था कि सलमा सेक्स एंजाय करेगी, उसने सलमा के संस्कारो को ठीक से समझा नही था. सलमा के लिए अपनी और अपने अब्बू अम्मी की इज़्ज़त ही सबकुछ थी जिसकी अभी अभी उसने धज्जिया उड़ा दी थी.


to be continued...
*****************
दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
*****************

Post Reply

Who is online

Users browsing this forum: Bing [Bot], Google [Bot] and 82 guests