वक्त का तमाशा

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jay
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वक्त का तमाशा

Postby jay » 26 Dec 2015 23:04

वक्त का तमाशा


वर्ली इलाक़े में स्थित एक आलीशान बंगला, बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में बनाया गया.. बंगले का गेट खुलते ही एक आलीशान ग्रीन लश गार्डेन, जिसको चारो तरफ बस हरियाली ही हरियाली थी... भिन्न भिन्न प्रकार के फूलों के साथ, महेंगी से महेंगी गाड़ियाँ भी पार्क की हुई थी... गार्डेन किसी गोल्फ कोर्स से छोटा नहीं था... गार्डेन के ठीक बीचों बीच एक फाउंटन बना हुवा था जिसमे लव क्यूपिड पत्थर से बनाया गया था.. गेट से कम से कम 50 कदमों की दूरी पर था घर के एंट्रेन्स का दरवाज़ा... दरवाज़ा खुलते ही,किसी की भी आँखों में चमक आ जाए... एक बड़ा सा हाल, हॉल के एक कोने में राउंड स्टेर्स बनी हुई जो ले जाती घर के उपरी हिस्से में.. हॉल के बीचो बीच छत पे लगा हुआ एक सोने का आलीशान झूमर.. पर्षिया का कालीन, इटली का फर्निचर और हॉल के दूसरे कोने में बना हुआ एक बार... महेंगी से महेंगी स्कॉच की बॉटल्स रखी हुई थी.. और बंगले के ठीक पीछे समंदर का किनारा.... बंगले को देखकर किसी को भी लगता कि यह शायद राज कपूर की किसी फिल्म का सेट है...




कहानी आगे जारी है...................................................


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xyz
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Re: वक्त का तमाशा

Postby xyz » 29 Dec 2015 16:02

नई कहानी के लिए थॅंक्स भाई जी
Jaunpur
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Re: वक्त का तमाशा

Postby Jaunpur » 31 Dec 2015 14:30

Jay bro,
kahani ko aage to bdao, suru to kro.

thanks
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rajaarkey
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Re: वक्त का तमाशा

Postby rajaarkey » 31 Dec 2015 23:39

दोस्तो आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएँ

आप सबको नया साल 2015 की हार्दिक शुभकामनायें । नूतन बर्ष आपके एवं आपके परिवार के लिए हर्षोल्लास,अच्छा स्वास्थ्य,सम्पन्नता ,सुरक्षा, नव ज्योत्स्ना,नव उल्लास और समृधि लेकर आए ।
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jay
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Re: वक्त का तमाशा

Postby jay » 04 Jan 2016 20:22

मित्रो सबसे पहले तो आप सब को नये साल की शुभकामनाएँ


और अब काफ़ी दिन इस फोरम पर ना आने की माफी . मित्रो रोज तो नही पर दो दिन में अपडेट देने की ज़रूर कोशिस करूँगा .
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Re: वक्त का तमाशा

Postby jay » 04 Jan 2016 20:37

24दिसंबर 1985 :-



"उम्म्म्म.. छोड़िए ना, आप तो बस हमारे मज़े ही लूट रहे हैं... पता नहीं कब बनाएँगे हमे इस घर की रानी...." नीतू ने बिस्तर पे एक अंगड़ाई लेके कहा



"अरे मेरी जान, इस दिल की रानी बन गयी है तू अब और क्या चाहिए तुझे... यह दिल इस घर से छोटा थोड़ी है..." उसके साथ के मर्द ने उसे अपने सीने से लगा के कहा.. नीतू उस आदमी की बाहों में ऐसी सिमटी जैसे चंदन के पेड़ से साँप.. नीतू का बदन उस वक़्त किसी भी मर्द के लंड को हिचकोले खिला देता.... नीतू ने नाम के लिए बस एक सफेद झीनी साड़ी पहनी थी जो उसके चुचों को ढक रही थी और नीचे से घुटनो तक थी, उसका सोने सा तराशा हुआ शफाक बदन उसके साथ के मर्द को पागल बनाए जा रहा था..



"छोड़िए जी.. आप तो बस बातें बना रहे हैं.... अगर बनाना होता तो कब का हम से शादी कर ली होती, और अपने बच्चे को अपना लेते.. पर अब तक ना ही आपने मुझे अपनाया है, ना ही आपके बच्चे को..." नीतू ने उस मर्द से अलग होते हुए कहा



"हाए मेरी जान.. ऐसे ना रूठ, तुझसे थोड़ा वक़्त ही तो माँगा है.. फिर तुझे और हमारे बच्चे को ऐसी शान से इस घर में लाउन्गा के दुनिया देखती रह जाएगी..." उस आदमी ने फिर नीतू को अपनी बाहों में जकड़ा और नीतू ने भी उसका साथ दिया..



"आहः सीईईई... हाए यह आपका सीना किसी भी औरत को आपकी गुलाम बना दे आहहूंम्म..." नीतू ने उस मर्द के सीने पे अपनी जीभ घूमाते हुए कहा



"उम्म्म आहाहा, तेरा सीना भी तो किसी भी मर्द को उसके घुटनो पे ला दे मेरी रानी..." कहके उस मर्द ने नीतू की साड़ी उसके जिस्म से अलग कर दी... नीतू के चुचे देख वो अपने होंठों पे जीभ घुमाने लगा..



"हाए मेरी रानी अहहहहा क्या चुचे हैं उफ़फ्फ़ अहहाहा" कहके उस मर्द ने नीतू के चुचों पे हाथ रखा और उन्हे धीरे धीरे दबाने लगा...



"अहाहहा.. जब से आप ऊवू अँग्रेज़ी फिल्म देखे हैं.. बहुत ही प्यासे हो गये हैं आहाहाहहा" नीतू ने सिसकारी लेते हुए कहा



"उम्म्म्म अहहाहा तू चीज़ ही ऐसी है मेरी जान आहा हाए..." कहके उस मर्द ने नीतू के चुचों को धीरे से भींच दिया और दूसरे चुचे को अपने मूह में लेके हल्के हल्के से चूसने लगा



"अहहाहा.... हां चुसिये ना अहहहहाआ..... ओह" नीतू बहकने लगी थी




"उम्म्म अहहाहः ऑश मेरी गरम रानी आहहहहा...." कहके उस आदमी ने उसके आम जैसे चुचों को छोड़ा और उसकी भीनी चूत में दो उंगलियाँ घुसा दी..




"अहहैयईईई माआ..... धीरे कीजिए अहाहाहहा..." नीतू ने बहकते हुए कहा




"आहहा क्या खुश्बू है तेरी जान अहहहहहा.." कहके उस आदमी ने दोनो उंगलियाँ निकाली और खुद सूंघने लगा और साथ में नीतू को भी उसकी महक दी..




"हटिए, गंदे कहीं के.. अँग्रेज़ी मूवी नहीं देखना आगे से..." नीतू ने हँसते हुए कहा



"हाए मेरी रानी.. अब ज़रा हमे भी खुश कर दे.. अँग्रेज़ी मूवी की हीरोइन बन जा अब मेरी रानी अहाआहा" कहके वो आदमी पलंग से उतरा और पलंग से लग के अपनी पॅंट खोलने लगा... जैसे ही उसने अपना पॅंट उतारा, उसका लंबा काला लंड जो आधा आकड़ा हुआ था नीतू की आँखों के सामने आ गया.... नीतू ने उसकी बात को अच्छे से समझ लिया था कि उसके लंड को मूह में लेना था... आज तक नीतू ने ऐसा कुछ नहीं किया था, पर क्यूँ कि वो उसे बेतहाशा प्यार करती थी, इसलिए उसे नाराज़ नहीं करना चाहती थी... नीतू ने अपने हाथों से धीरे धीरे उसके लंबे आधे खड़े लंड को पकड़ा और उसके टोपे के हिस्से को धीरे धीरे उपर नीचे करने लगी.. नीतू के हाथ को महसूस करते ही वो आदमी मस्ती में आ गया और उसके लंड में जान आने लगी... नीतू ने जब उसके लंड को हिलाने की स्पीड बढ़ाई, उसका लंड अपनी औकात पे आने लगा..






"अहहाहा हाए अहहहहा.. कितना बड़ा है आपका अहहहा..." नीतू ने उसके लंड को हिलाते हुए कहा




"हाए मेरी जाना अहहहा... तेरी चूत में जाके तो यह कहीं गायब ही अहहहाहा हो जाता है ना अहहहाहा..." कहके उस आदमी ने उसके लंड को नीतू के हाथ से छुड़ाया और लंड उसके मूह में घुसा डाला..




"हाए मेरी रानी अहहाहहा.. अँग्रेज़ी मूवी की हेरोइनिया लग री है अहहहहहहा.." कहके उस आदमी ने नीतू के मूह में अपने लंड से धक्के मारना चालू कर दिया और उसके मूह को चोदने लगा



"अहाहहाः उम्म्म गुणन्ं गन अहहहहा..... उम्म्म्म अहहहहहहा" नीतू कुछ बोल ही नहीं पा रही थी उसके लंड के धक्कों की वजह से




"अहाहहा.. अपनी चूत दे दे अब मेरी रानी अहहहहा..." लंड को निकाल के उस आदमी ने कहा




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