हिटलर को प्यार हो गया complete

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Rohit Kapoor
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हिटलर को प्यार हो गया complete

Post by Rohit Kapoor » 07 Feb 2016 16:49

हिटलर को प्यार हो गया

लेखिका -सेक्सी रीत

प्रीति अपने कॉलेज से घर वापिस आ रही थी. वो अपने शहर के ही एमजी कॉलेज में पढ़ती थी. प्रीति बहुत ही सुन्दर और सेक्सी थी. उसका चहरा एकदम गोरा था और बाकी शरीर भी पूरा साँचे में ढला हुआ था. उसका फिगर 32-28-34 था वो एकदम स्लिम ट्रिम थी. उसके चूतड़ कमर के नीचे थोड़े बाहर को निकले हुए थे जो कि उसके जिस्म का सब से आकर्षक हिस्सा थे. उसके चूतड़ जब टाइट जीन्स में क़ैद होकर उसके चलते वक़्त आपस में थिरकते थे तो देखने वालो के पसीने छूट जाते थे. वो अक्सर जीन्स-टॉप और टी-शर्ट पहनती थी. जो कि उसके गोरे जिस्म के साथ चिपकी रहती थी.

वो पैदल घर की तरफ आ रही थी और चलते चलते वहाँ पहुँच चुकी थी जहाँ पे कुछ बदमाश टाइप के लड़के अक्सर बैठते थे. वो अक्सर आती जाती लड़कियों पे कॉमेंट करते थे और कभी कभी तो यहाँ वहाँ हाथ भी फिरा देते थे. प्रीति जब वहाँ से गुज़रने लगी तो एक लड़का जिस का नाम बहादुर था वो उठ कर प्रीति के साथ चलने लगा और उसने अपना हाथ प्रीति की कमर में डाल दिया और प्रीति ने एकदम से उसका हाथ झटक दिया और बोली.
प्रीति-ये क्या बदतमीज़ी है.

बहादुर-क्या हुआ जानू मज़ा नही आया क्या.

प्रीति-शट अप युवर माउत ईडियट.

बहादुर ने अपना लेफ्ट हाथ उठाया और प्रीति के लेफ्ट चूतड़ पे रख कर उसे मसल दिया. प्रीति कराह उठी और उसने अपना हाथ बहादुर को मारने के लिए उठाया मगर बहादुर ने उसे अपने दूसरे हाथ में पकड़ लिया और बोला

बहादुर-साली मुझ पे हाथ उठाएगी.

प्रीति-प्लीज़ छोड़ो मेरा हाथ. आअहह.

इतने में विकी वहाँ आ पहुँचा जो कि अपने दोस्त की दुकान पर से आ रहा था. उसने जब देखा कि उसकी बेहन का हाथ किसी ने पकड़ रखा है तो वो आग में जल उठा.

बहादुर-साली याद रख अगर ज़्यादा नखरा दिखाने की कोशिश करेगी तो ऐसी जगह से तुम्हे उठवाउन्गा कि किसी को पता तक नही चलेगा और उसके बाद तुम्हारी इस गुलाबी चूत का ऐसा हाल करूँगा की याद रखेगी.

और उसने प्रीति का हाथ छोड़ दिया और प्रीति पलट कर अपने घर की तरफ भाग गई उसने विकी को नही देखा था.
विकी आग में जलता हुआ बहादुर की तरफ बढ़ा और उसे गले से पकड़ लिया और बोला.

विकी-अबे साले मेरी बेहन का हाथ पकड़ता है तेरी तो मैं सारी फॅमिली चोद दूँगा. और विकी ने दूसरे हाथ का मुक्का बनाकर एक घुसा उसकी नाक पे मारा. और उसकी नाक में से खून आने लगा. फिर विकी ने अपनी एक टाँग मोड़ कर बहादुर की दोनो टाँगों के बीच मारी और बहादुर अपने लंड वाली जगह पकड़ कर नीचे गिर गया. विकी ने अपनी बेल्ट निकाली और धड़ा धड़ उसके उपर बरसा दी.

उधर एक लड़का भागता हुआ विकी के घर पहुँचा और बोला.
लड़का-दीदी दीदी वहाँ पे हिट्लर भैया किसी लड़के को बुरी तरह से पीट रहे हैं.
प्रीति भागती हुई बाहर आई और बोली.

प्रीति-कहाँ पे जल्दी चल.

वहाँ पहुँच कर प्रीति ने देखा कि विकी उसी लड़के को पीट रहा था जिसने उसे छेड़ा था. वो भागती हुई विकी के पास पहुँची और बोली.

प्रीति-भैया छोड़ो अब इसे जल्दी घर चलो.
विकी उसे मारता रहा.

प्रीति-भैया प्लीज़ चलो आपको मेरी कसम.
और वो विकी को खीच कर घर की तरफ लेज़ा ने लगी.
बहादुर उठा और भाग निकला.

प्रीति-भैया क्या कोई किसी को ऐसे मारता है.

विकी-उसने तुम्हे छेड़ा था और जो तुम्हे कुछ कहेगा उसका मैं यही हाल करूँगा. वैसे भी पूरे कलाज में हिट्लर के नाम से मशहूर है तेरा भाई.

प्रीति हँसती हुई बोली.

प्रीति-मैं अच्छी तरह से जानती हूँ मेरे हिट्लर भैया.

विकी भी प्रीति के साथ एमजी कॉलेज में पढ़ता था. वो पूरे कॉलेज में हिट्लर के नान से जाना जाता था. और पिछले 2 साल से 2न्ड एअर में फैल हो रहा था.
प्रीति ने इसी साल 1स्ट्रीट एअर में अड्मिशन ली थी. और उसकी क्लासस शुरू हो चुकी थी मगर विकी की क्लासस कल से शुरू होनी थी.
Last edited by Rohit Kapoor on 08 Mar 2016 06:55, edited 2 times in total.

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Rohit Kapoor
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Re: हिटलर को प्यार हो गया

Post by Rohit Kapoor » 07 Feb 2016 17:09

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सुबह हुई तो प्रीति ने चाय बनाई और अपने भैया को उठाने उसके रूम में गई.

प्रीति-भैया उठो चाय पी लो और आज कॉलेज भी जाना है आपको.

विकी-उम्म्म्मम सोने दो ना. चाय रख दो यहाँ टेबल पे.
प्रीति ने उसका कंबल खीच दिया और बोली.

प्रीति-जल्दी उठो 8 बज रहे हैं.
हारकर विकी को उठना पड़ा.

विकी-तुम भी सुबह सुबह उठ जाती हो दिमाग़ खाने के लिए. मुझे तो लगता है कि बांग देने वाला मुर्गा भी तुमसे बाद में उठता होगा.
प्रीति सिरहाना उठाती है और विकी को मारती है.

प्रीति-चुप करो तुम्हारी तरह नही है कि सूरज देवता से शर्त लगाकर सोते है कि देखते है बाद में कॉन उठेगा.
फिर प्रीति बाहर निकल जाती है.
ऐसी नोक झोक इन दोनो में अक्सर चलती रहती है.
विकी कॉलेज के लिए रेडी हो जाता है और प्रीति को आवाज़ लगाता है.

विकी-अरे पीतू(विकी प्रीति को प्यार से पीतू ही कहता है) रेडी होने में इतना टाइम क्यूँ लगाती हो जल्दी आओ.
प्रीति भागती हुई शोल्डर पे बॅग डाले विकी के पास आती है. उसने आज ब्लॅक टी-शर्ट और ब्लू जीन्स पहनी हुई है. वो विकी की बाइक पे उसके पीछे बैठ जाती है.

प्रीति-चलो भैया.
विकी कॉलेज की तरफ बाइक उड़ा देता है.

विकी की फॅमिली मे उसकी बेहन के इलावा उसकी माँ और पिता जी हैं. उसके पिता जी एक गूव्ट. जॉब करते है. पर फिर भी बच्चों की पढ़ाई और महनगाई के चलते उन्हे परिवार चलाने में मुश्क़िल पेश आती है. उनका परिवार एक मीडियम तबके का परिवार है.

विकी को अपने परिवार की कोई चिंता नही है. उसके माता पिता बहुत बार बैठ कर उसे समझा चुके हैं. मगर विकी एक कान से सुनता है तो दूसरे से निकाल देता है. उसके माता पिता उस से बहुत परेशान हैं. रोज़ ही उसके कारनामे उन्हे सुन ने को मिल जाते है. एक दो बार तो वो लड़ाई के मामले में थाने तक भी जा चुका है. वो तो उसके मामा की अच्छी जान पहचान है कि हर वार वो छूट जाता है.

विकी और प्रीति कलाज पहुँच जाते है.

प्रीति-ओके भैया मैं अपनी क्लास में चलती हूँ. और हां आज अपना फिर से हिट्लर पना ना दिखा देना.

विकी-अच्छा अच्छा अब जा और ध्यान से पढ़ना.

प्रीति-कभी खुद पे भी ये बात आज़मा लो भैया ध्यान से पढ़ने वाली शायद तुम पास हो जाओ.

विकी-तू जाती है कि नही.
प्रीति हँसती हुई क्लास की तरफ चल देती है.

विकी भी क्लास की तरफ जाता है. आज फर्स्ट डे है उनका तो वो सोचता है नये नये पटाके आए होंगे आज तो क्लास में.
तभी उसे अपने दोस्त बॉब्बी और दिपु दिखाई देते है.

फिर वो तीनो क्लास में पहुँच जाते है और 1स्ट लेक्चर शुरू होता है.
उनके एक टीचर मिस्टर. नरेन्दर लेक्चर अटेंड कर रहे हैं.

नरेन्दर-आप सब का वेलकम है हमारे कलाज में जो स्टूडेंट्स 1स एअर से आए हैं उनका भी और जो इसी एअर न्यू अड्मिशन हैं उनका भी और विकी की तरफ देखकर टीचर फिर से बोलता है. और उनका भी जिन्होने इस साल भी यहीं पे रहना है.
और पूरी क्लास हँसने लगती है.

नरेन्दर-तो डियर स्टूडेंट्स आप सभी मुझे अपनी अपनी इंट्रो दो. आज हम सिर्फ़ इंट्रो ही लेंगे. सो लेट'स स्टार्ट.

और सभी स्टूडेंट्स अपनी इंट्रो देने लगते है.
विकी की वारी आती है तो वो उठकर खड़ा हो जाता है और जैसे ही कुछ बोलने लगता है तभी नरेन्दर सिर उसे रोक देते हैं.

नरेन्दर-अरे बैठो हिट्लर साहब आपके बारे में तो मैं बतता हूँ. तो स्टूडेंट्स ये है महान शक्षियात के मालिक विकी. इन्हे 2 साल हो गये है यहाँ पे 2न्ड एअर में सडते हुए और पता नही और कितने दिन सडना है इन्होने यहाँ पे. आप इनसे दूर रहिएगा क्योंकि आप ने सुना होगा कि एक गला हुआ सेब पूरी सेबो की पेटी को गला देता है.

और फिर से सभी हँसने लगते हैं.
विकी वैसे तो इस सब का आदि है उसे कोई फ़र्क नही पड़ता इन सब बातो का लेकिन आज वो थोड़ा गुस्सा हो उठता है.

उसके बाद उसके 2नो फ़्रेंड इंट्रो देते है जो उसके साथ ही बैठे होते हैं.
फिर उनके आगे की लाइन का नंबर. आता है. और नरेन्दर सर बोलते हैं.

नरेन्दर-जी मिस आप बताइए.
और एक लड़की खड़ी होती है. जिसका नाम रीत है.

रीत-जी माइ नेम इस रीत.मैने लास्ट एअर डीएवी कलाज से पास किया न्ड दिस एअर मैने इस कलाज में अड्मिशन लिया है.

नरेन्दर-तो आप क्या बन ना चाहती हैं.

रीत-जी मैं आइएएस ऑफीसर बन ना चाहती हूँ.
तभी पीछे से विकी की आवाज़ आती है.

विकी-लो आ गयी एक और किरण बेदी.
रीत पीछे देखती है और विकी से पूछती है.

रीत-जी आपने कुछ कहा.

विकी-यस किरण बेदी जी.

नरेन्दर-विकी गेट आउट फ्रॉम दा क्लास.
रीत बैठ जाती है और विकी बाहर चला जाता है.
रीत को उदास देख कर उसके साथ वाली सीट पे बैठी लड़की सीमा उसे कहती है.

सीमा-अरे रीत तू इसकी बात को लेकर परेशान मत हो वो तो है ही बदतमीज़.
और वो दोनो निकल कर कॅंटीन की तरफ चल देती हैं.

Jemsbond
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Re: हिटलर को प्यार हो गया

Post by Jemsbond » 07 Feb 2016 22:19

Congratulation Rohit bhai :b: :b: :b: :b: :b: :b: :b: :b: :b:
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दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
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Jaunpur
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Joined: 10 Jan 2015 09:20

Re: हिटलर को प्यार हो गया

Post by Jaunpur » 07 Feb 2016 23:31

.
Rohit bro,
naye thred ke liye baddai

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jay
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Contact:

Re: हिटलर को प्यार हो गया

Post by jay » 08 Feb 2016 09:17

रोहित भाई वेलकम बॅक


नई कहानी के लिए बधाई
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