Incest-चुदासी फैमिली complete

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Rohit Kapoor
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Incest-चुदासी फैमिली complete

Post by Rohit Kapoor » 22 Aug 2016 15:12

Incest-चुदासी फैमिली

फ्रेंड्स काफ़ी दिन आपसे दूर रहा और अब जब कुछ फ्री हो गया हूँ तो आपके लिए एक पारवारिक संभोग की
कहानी लेकर आया हूँ . ये कहानी आपको मस्त कर देगी ये मेरा वादा है
रात के 10 बज रहे थे और मैं कंप्यूटर पर नंगी लोन्डियो की चूत और गान्ड देख देख कर अपने अकडे हुए
लंड को मसल रहा था, फिर मैं वहाँ से उठा और अपने रूम से बाहर निकल कर सीधा किचन मे गया जहा
सोनू(सोनम) गुलाबी साड़ी पहने काम में लगी हुई थी, सोनू मुझसे सिर्फ़ 1 साल ही छोटी लगभग 29 की रही
होगी बिल्कुल रानी मुखर्जी.. के बराबर हाइट पर उसकी जांघे खूब मोटी और दूध खूब बड़े बड़े थे और सबसे
जानलेवा उसके उभरे हुए मोटे मोटे चूतड़ थे जिन पर कसी पैंटी की झलक भी साड़ी के उपर से नज़र आ
रही थी और किचन में पहुचते ही मेरी नज़र सोनू की मोटी उभरी गान्ड पर पड़ी और मेरा लंड पूरे ताव में
झटके देने लगा और मैं सोनू के पीछे जाकर उसके भारी भरकम चुतड़ों को कस कर अपने हाथो मे भर कर
कस कर मसलता हुआ अपने लंड को उसकी मोटी गान्ड की दरार में दबाते हुए कहने लगा...

रोहित- सोनम के गले मे होंठो से चूमते हुए, मेरी रानी कितनी देर लगा रही हो, मैं कब से वेट कर रहा हूँ,

सोनम- मुस्कुरकर मेरे लंड को पाजामे के उपर से मसल कर मुझे दूर धकेलते हुए, अरे दूर हटो ना कहीं
मम्मी जी ना आ जाए, तुमसे तो सब्र भी नही होता, और फिर सोनम ने मुस्कुराते हुए कहा, जाओ जाकर सो जाओ
तुम्हारे पास तो रोज बस एक ही काम रहता है,

मैने सोनम की बात सुन कर उसके मोटे मोटे कसे हुए दूध को दोनो हाथो में थाम कर कस कर मसल्ते हुए
कहा मेरी रानी तुझे बिना चोदे मुझे नींद कहाँ आने वाली है, और तू बड़ी सती सावित्री बनती है जबकि
मैं जानता हूँ तेरी चूत से भी पानी बह रहा होगा, इतना कह कर मैने सोनम की साड़ी के उपर से ही उसकी उभरी
हुई फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर भींच लिया और सोनम कसमसा उठी और फिर अचानक उसने कहा
छोड़ो मुझे मम्मी आ गई और उसका इतना कहना था कि मैने झट से उसकी चूत को छोड़ते हुए पीछे देखा जहाँ
कोई नही था, मैं सोनम को दुबारा पकड़ता इससे पहले ही वह खिलखिलाती हुई किचन से बाहर भाग कर मेरी मम्मी
के रूम में घुस गई,

मैं मुस्कुराता हुआ अपने रूम में चला गया, और अपने बिस्तेर पर लेट कर
सोचने लगा, जाने क्या बात थी कि शादी के पहले मैने कभी चूत नही मारी और केवल मूठ मार कर ही काम
चलाया लेकिन शादी के बाद से मुझे सिवाय नंगी चूत और गान्ड के अलावा कुछ नज़र ही नही आ रहा था, हालाकी
सोनम और मेरी शादी को लगभग 4 साल हो चुके थे, तभी सोनम रूम के अंदर आई और दरवाजे पर ही खड़ी
होकर मुस्कुराते हुए पुच्छने लगी...
सोनम : सुनो चाइ पियोगे?

रोहित : सोनम की चिकनी कमर और चिकने पेट और उसकी गहरी नाभि को ललचाई नज़रो से देखते हुए और अपनी नज़रो
को सोनम के मोटे मोटे दूध पर टिकाते हुए जानेमन चाइ नही मुझे तो दूध पिला दो

सोनम: अपना अंगूठा दिखा कर जीभ निकालकर दिखाते हुए कहने लगी बड़े आए दूध पीने वाले, अभी कम ख़तम करते
करते 1 घंटा और लग जाएगा,

रोहित : अरे यार कितना काम करोगी, कसम से राजा महराजाओ की जिंदगी अच्छी थी जितनी चाहे उतनी औरते रख
लेते थे एक बिज़ी होती तो दूसरी को चोद लेते दूसरी बिज़ी हो तो तीसरी,

सोनम : मुस्कुराते हुए तुम्हारी मम्मी को भेज दूं, उसकी बात सुन कर मैने मुस्कुराते हुए उसे लपक कर पकड़ना
चाहा किंतु वह तेज़ी से पलटकर बाहर भाग चुकी थी मैं उसकी रह देखता रहा करीब 1 घंटे के बाद वह आई
और आते से ही मेरे बदन से चिपक गई और सिसियाने लगी, हम दोनो गुत्थम गुत्था हो गये और फिर एक डेढ़ घंटे की
मेहनत के बाद पस्त होकर सो गये...........

सुबह के 7 बजे थे सोनू ने मुझे उठाते हुए चाइ टेबल पर रखी और फिर मेरे अंडरवेर में हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़
कर मूह बनाते हुए
सोनू : अरे क्या बात है आज लंड देवता सुबह सुबह सो रहे है, जबकि यह तो रोज सुबह तने रहते है

रोहित : उूउउन्न्नह हुउऊन्न्ं सोनू सोने दो ना

सोनू मेरे बगल में बैठ कर कहने लगी अच्छा आप सो जाओ मैं बस आपके लंड को हाथ में थामे रहती हूँ, फिर सोनू मेरे कानो के पास आकर कहने लगी रोहित एक बात कहूँ

रोहित : उहह क्या है

सोनू : आज सुधा दीदी को सुबह जीन्स पहनते हुए मैने देखा तो मैं हैरान रह गई, उनके चूतड़ बाप रे बाप बिना चुदवाये ही कितने बढ़ते जा रहे है, और जब मेरी नज़रे उनके मोटे मोटे पपीतों की तरह ठोस और नुकीले दूध पर गई तो मैं देखती ही रह गई

तुमने तो मेरे दूध दबा दबा कर इतने मोटे कर दिए है पर सुधा के तो बिना दबाए ही इतने बड़े हो गये है, सच रोहित तुम्हारी बहन को केवल ब्रा और पैंटी में जब मैने देखा तब मुझे अंदाज़ा हुआ
कि तुम्हारी बहन तो मस्त चोदने लायक माल हो गई है, उसके दूध देख कर तो ऐसा लगता है कि कही किसी से दबवाती तो नही है,

रोहित : क्या बात करती हो सोनू, वह ऐसी लड़की नही है वह भला किससे दबवाएगी,

सोनू : मुस्कुराते हुए मेरे खड़े लंड को कस कर भींचते हुए, कहीं तुम ही तो नही दबाते हो मोका देख देख कर तुम्ही तो नही
मसल देते हो अपनी कुँवारी बहन के मोटे मोटे दूधों को

रोहित : ना चाहते हुए भी मुस्कुरा कर क्या बात करती हो सोनू पागल है क्या वह मेरी बहन है

सोनू : मंद मंद मुस्कुराते हुए लोड्‍े को कसते हुए, अच्छा मसलना चाहते हो कि नही अपनी बहन के मोटे मोटे पपितो को

रोहित : मंद मंद मुस्कुराते हुए अरे तुम पागल हो क्या वह मेरी बहन है कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या

सोनू : लंड के टोपे को सहलाते हुए, तुम्हारी बहन है इसीलिए तो कह रही हूँ हर भाई जब अपनी निगाहे अपनी जवान बहन के सीने पर डालता है तो वह यही सोच कर डालता है कि उसकी बहन के बोबे कितने मोटे हो गये है अब ज़रा सच सच बताओ अपनी बहन को नंगी करके मसलना चाहते हो कि नही


रोहित : मुस्कुराते हुए नही

सोनू : मुस्कुरा कर आँखे दिखाते हुए, झूठ अगर नही मसलना चाहते तो यह मूसल अपनी बहन को नंगी करके मसल्ने के नाम पर इतना झटके क्यो मार रहा है

रोहित : वह तो तुम सहला रही हो इसलिए झटके मार रहा है, मैने मुस्कुराते हुए जबाब दिया.
Last edited by Rohit Kapoor on 11 Nov 2016 10:26, edited 1 time in total.

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Rohit Kapoor
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Re: Incest-चुदासी फैमिली

Post by Rohit Kapoor » 22 Aug 2016 15:14

तभी बाहर से सुधा ने आवाज़ लगाई भाभी दो मिनिट यहाँ आओ ना

सोनू : आँखे दिखाते हुए मंद मंद मुस्कुरा कर तुम रूको मैं अभी आकर तुम्हारी खबर लेती हूँ, जब अपनी बहन को ही मसलना है तो मुझसे क्यो शादी की, वो तुम्हारी चाइ रखी है , मैं आकर तुम्हे बताती हूँ और सोनू बाहर निकल गई, उसकी आँखो में और चहेरे की मुस्कान बता रही थी कि वह शरारत के मूड में थी और इसीलिए मुझे परेशान कर रही थी, लेकिन मुझे बहुत मज़ा आया और यह बात वह भी अच्छी तरह जानती थी.सोनू की सुधा से काफ़ी बनती थी क्यो कि सुधा के मॉडर्न मेकप और स्टाइलिश कपड़ो की तारीफ दिल खोल कर केवल सोनू ही करती थी और सुधा का हर बात में साइड लेती थी यही वजह थी कि सुधा सोनू से बहुत खुश रहती थी और उसकी हर बात मानती थी

सुधा : भाभी देखो ज़रा यह शॉर्ट स्कर्ट मुझ पर कैसी लग रही है और यह टॉप

सोनू : सुधा के गालो को चूमते हुए हाय ननद रानी कितनी मस्त लग रही हो तुम इस छोटी सी स्कर्ट में और तुम्हारे वॅक्स किए हुए यह गोरी गोरी पिंडलियाँ और सुडोल मोटी जांघे तो किसी को भी पागल कर दे


सुधा : सच भाभी क्या इतनी मस्त दिख रही हूँ मैं

सोनू : अरे पगली अपने भैया के सामने ना चली जाना नही तो वह भी तेरी मोटी मोटी गोरी गोरी जाँघो को देख कर फिसल जाएगे

सुधा : मुस्कुराते हुए तुम भी ना भाभी बहुत मज़ाक करती हो

सोनू : चल अब मैं जाउ कि और कुछ

सुधा : भाभी बस एक काम और

सोनू : बोल ना

सुधा : भाभी भैया को बोल दो प्लीज़ मुझे कॉलेज ड्रॉप कर दें

सोनू : मुस्कुराते हुए, एक शर्त पर

सुधा : वो क्या

सोनू : तू बाइक पर अपने भैया के साथ क्रॉस लेग बैठ कर जाएगी

सुधा : तो इसमे शर्त की बात कहाँ से आ गई वो तो मैं वैसे भी बयके पर क्रॉस लेग ही बैठूँगी मुझे एक ही तरफ दोनो पाँव करके बैठने में डर लगता है

सोनू : चल ठीक है मैं तेरे भैया को बोलती हूँ


दोनो को मैं खिड़की से देख रहा था और सचमुच सुधा की मोटी मोटी गोरी जांघे देख कर मेरा लंड उसकी गुदाज जवानी का रस पीने के लिए मचल रहा था और यह बात सोनू बहुत पहले ही ताड़ गई थी जब मैं सुधा के भारी चुतड़ों को तब घूर रहा था जब वह जीन्स पहन कर मटक मटक कर गार्डन में घूम रही थी और मैं और सोनू बेंच पर बैठे थे चलो बता ही देता हूँ .......वह हुआ यह था कि शाम को अक्सर 6 के बाद मैं, सोनू और सुधा घर के सामने वाले पार्क में जाकर घूमते थे,

पहले तो हम तीनो घूमते रहे फिर मैं बेंच पर बैठ गया और सुधा और सोनू राउंड लगाने लगी जब भी वह मेरे सामने से निकलती तो मैं कभी सोनू की और कभी सुधा की मोटी गान्ड को देख देख कर मस्त हो रहा था फिर सोनू भी थक कर मेरे पास बैठ गई और अब जब भी सुधा मेरे सामने से गुजरती मैं पाजामे में उछाल लेते हुए उसके भारी चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था उसकी पैंटी की लाइन भी झीने से पाजामे में साफ नज़र आ रही थी और उसके मोटे मोटे दूध तो ऐसे लग रहे थे जैसे कलमी आम हो थोड़ा अंधेरा होने लगा था वही सोनू ने मेरी नज़रो को ताड़ लिया और सीधे मेरे लंड को पकड़ लिया जो कि सुधा की गुदाज जवानी को देख देख कर पहले ही ताव में आ चुका था

सोनू : मेरे लंड को पकड़ कर कहने लगी तुम्हे शरम नही आती अपनी बहन की मोटी गान्ड देख देख कर अपने लंड को खड़ा किए हो,

मैं हकलाते हुए कहने लगा नही सोनू वह तो तुम्हारी गान्ड देख कर खड़ा हो गया,

सोनू : मुस्कुराते हुए झूठे कही के मैं तो तुम्हारे सामने नंगी भी हो जाती हूँ तो इतनी जल्दी तुम्हारा लोड्‍ा खड़ा नही होता है,

सोनू लगातार मेरे लोड्‍े को मसल रही थी और उसकी टोन चेंज हो गई फिर जैसे ही सुधा हमारे सामने से निकली वह कहने लगी रोहित तुम्हारी बहन की गान्ड तो वाकई मारने लायक हो गई है तुम्हारी भी क्या ग़लती इतने मोटे मोटे चूतड़ अगर किसी लोंड़िया के होंगे और वह अपनी गुदाज गान्ड ऐसे मटका मटका कर निकलेगी तो फिर वह अपनी बहन ही क्यों ना हो लंड तो उसकी गान्ड में घुसने के लिए खड़ा होगा ही, और वैसे भी आज कल अपनी बहन को ही आदमी सबसे पहले चोदने का सोचता है

सोनू की बातों से मेरा लंड झटके खाने लगा था

सोनू : अच्छा रोहित अगर सुधा तुमसे अपनी यह मोटी गान्ड खोल कर मारने के लिए दे तो तुम मारोगे कि नही

रोहित : अरे पागल हो क्या वह मेरी बहन है भला मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए, रहने दो अपनी बहन की गान्ड मारने के लिए तुम्हारा मूसल सर उठाए खड़ा है और तुम नखरा दिखा रहे हो
अब आगे......

बेड पर बैठे हुए मैं सोनू की जाँघो को सहला रहा था तभी सुधा आ गई

सुधा : भैया चलो मुझे कॉलेज छोड़ दो

मैं तो उस शॉर्ट स्कर्ट में सुधा की मोटी मोटी गोरी जाँघो को देखता ही रह गया और टीशर्ट में उसके कसे हुए पके आमों को तो देखते ही मसल्ने का मन होने लगा

सोनू : मुस्कुराते हुए, क्यो जी कैसी लग रही है मेरी ननद रानी

रोहित : मुस्कुराते हुए अच्छी लग रही है आख़िर बहन किसकी है


मैने बाइक स्टार्ट की और सुधा क्रॉस लेग करके बैठ गई और हमेशा की तरह मेरी कमर को थाम लिया पर वह नही जानती थी कि उसके भैया का मोटा लंड अपनी बहन की गदराई जाँघो को देख कर टनटना गया है और उपर से सुधा के सुडौल दूध जो कि मेरी पीठ पर किसी भारी बोझ की तरह रखे हुए थे मुझे बहुत मज़ा दे रहे है, तभी सामने एक कुत्ता आ गया और मैने ज़ोर का ब्राक मारा और सुधा के मोटे मोटे दूध पूरी तरह मेरी पीठ मे दब गये और सुधा के मूह से ...ओह भैया जैसे शब्द निकल पड़े,


सुधा : भैया मुझे भी बाइक चलाना सिखा दो ना मुझे स्कूटी चलाना पसंद नही है मैं तो बाइक राइडिंग पसंद करती हूँ

रोहित : इसमे कैन सी बड़ी बात है तू कॉलेज से आ जा फिर हमारे घर के साइड मे जो क्रिकेट ग्राउंड है वहाँ मैं तुझे रोज एक घंटा बाइक चलाना सिखा दूँगा

सुधा : मुझसे कस कर चिपकती हुई, ओके थॅंक्स भैया, वह इतने ज़ोर से चिपकी थी कि उसके गुदाज बदन के एहसास से मेरा लंड पूरी औकात मे आ गया था

TBC


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sexi munda
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Re: Incest-चुदासी फैमिली

Post by sexi munda » 22 Aug 2016 17:17

mitr bahut hi mast hai kahani

Jaunpur
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Re: Incest-चुदासी फैमिली

Post by Jaunpur » 22 Aug 2016 21:02

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bhut achi storii hai.
pl continue.
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