एक राजा और चार रानियाँ complete

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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jay
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एक राजा और चार रानियाँ complete

Post by jay » 09 Oct 2016 09:49

एक राजा और चार रानियाँ

फ्रेंड्स ये कहानी मैं हिन्दी मे पोस्ट कर रहा हूँ लेकिन अपडेट थोड़े लेट ही मिला करेंगे

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 09 Oct 2016 09:52

दोस्तो ये कहानी है समीर की
समीर;जिसे प्यार से सब सॅम कहते है एक 6फ्ट.2इंच हाइट का मालिक देखने मे टॉम क्र्यूज़ जैसी बॉडी बिल्कुल सलमान ख़ान जैसे फेर कलर इस वक़्त उसकी उमर थी 23साल .समीर पछले 2साल से इंग्लेंड मे अपने एमबीए की स्टडी कर रहा है.

नजमा बेगम;समीर की अम्मी फेर कलर एज 38य्र 5फ्ट.7इंच की हाइट देखने मे बिल्कुल सुष्मिता सेन जैसे चुचे एकदम सुडोल अपने फिगर का पूरा ख़याल रखती है नजमा बेगम ग्रॅजुयेट है और फिलहाल अपने मरहूम (डेड)शोहर कासम ख़ान का बिज़्नेस संभाल रही है एक निहायत ही शरीफ किस्म की औरत जो सिर्फ़ अपने बिज्निस मे इंटरेस्ट रखती है

शबनम ख़ानम;समीर की भाभी अब क्या बताऊ इनके बारे मे एक पर्फेक्ट ब्यूटी देखने मे बिल्कुल दूध की तरहा सफेद रंग 5.5 हाइट.जब वो मुस्कुराती है तो उनके गालों मे डिंपल बिल्कुल प्रीटी ज़िंटा के याद दिला देते है.पर आज कल ये कम ही हँसती है किस्मत ने इनके साथ बहुत नाइंसाफी की है शादी के एक 6महीने बाद ही इनके शोहर और ससुर का एक रोड ऐक्सीडेंट मे मौत हो गयी थी. पर नजमा बेगम की सग़ी बहेन की बेटी होने की वजह से नजमा ने उन्हे कभी अपने से दूर जाने नही दिया फिलहाल वो नजमा के साथ बिज़्नेस संभाल रही है

महक ;नजमा की बेटी और समीर की जुड़वा बहेन.एक लड़ाकू हमेशा हुक्म चलाने वाली मगर बहुत ही खूबसूरत लड़की है 5.6 हाइट चुचे इतने बड़े भी नही है क्योंकि अभी तक महक ने लंड का स्वाद नही चखा है हमेशा जीन्स शर्ट्स मे रहने वाली महक ने कभी शलवार कमीज़ नही पहने वो तो जैसे भूल ही गयी थी कि वो लड़की है

आबिद ख़ान;(गान्डू) नजमा बेगम का सबसे छोटा बेटा जिसकी उमर 18य्र है पतली सी कमर कोई इसे पीछे से देखे तो लड़की समझे बातें भी लड़कियों वाले अंदाज़ मे करता है फिलहाल 12थ के एग्ज़ॅम दे चुका है और फ्री है अपने पी.सी पे रात दिन सिर्फ़ गे मूवीस देखते रहता है अभी तक किसी से मरवाया नही है क्यू कि डरता है अगर उसके अम्मी नजमा को पत्ता चल गया तो

फिरोजा बेगम;30य्र की खूबसूरत औरत इन्होने अभी तक शादी नही की ये अपने अब्बू यानी समीर के नाना की खिदमत करती है और नजमा के घर से 100किमी दूर दूसरे एक गाओं मे रहती है.चूत की आग उसे हमेशा परेशान करती रहती है पर किस से चुदाये गाओं मे उसके अब्बू की बहुत इज़त है और सभी लोग उनसे डरते है.फीरोजा 5.7हाइट की मालिक है रंग थोड़ा घेंवा है पर नमक दार चेहरा है हर किसी को अटर्क्ट करता है

समीर के नाना जान की खिदमत और उनके देखभाल करने वाला कोई नही इसीलिए फीरोजा ने अभी शादी के लिए इनकार किया हुआ है

ये तो थे इस स्टोरी के कॅरेक्टर्स अब चलते है कहानी की तरफ

मॉर्निंग 8एएम;
अपी उठो उठो ना अपी कब तक सो ओगी आप उठोना देखो ना आज सॅम भाई आने वाले है उठो ना
आबिद;लगातार महक को हिला रहा था पर महक थी कि कुंभ करण की तरहा टस से मस नही होरही थी वो गुस्से से बेड पे उठ के बैठ जाती है
महक;क्या है आबिद क्यू परेशान कर रहा है

आबिद;अपी आज सॅम भाई आने वाले है हमेशा के लिए चलो ना उनके वेलकम का इंतेज़ाम करते है अम्मी भाभी सभी कितनी तैयारियाँ कर रहे है चलो ना

महक;चिढ़ते हुए सॅम आने वाला हैना कोई प्रिन्स चार्म्स तो नही और तू क्यूँ इतना उछल रहा है तुझे देखने कोई रिश्ता नही आ रहा पहले बारिश मे जैसे मेन्डक और कछवे खुश होते है वैसे तेरी हालत है चल हट मुझे फ्रेश होने दे

आबिद;का मुँह उतर जाता है और वो बड़बड़ाता हुआ महक के रूम से निकल जाता है
हिट्लर अपी

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 09 Oct 2016 09:53


हर कोई कभी ना कभी महक को इस नाम से ज़रूर पुकारता था हिट्लर जो वो थी भी अपने नाक पे मक्खी तक नही बैठने देती थी पूरे महोल्ले मे मशहूर थे महक अपने झगड़ालू अंदाज़ की वजह से लड़कियों वाले तो शौक उसमे थे ही नही अपनी बुलेट बाइक पे किसी मर्द की तरहा कॉलेज जाती थी लड़के भी उससे डरते थे क्योंकि एक मर्तबा उसने अपने क्लास मे एक लड़के के गाल मे सबके सामने ज़ोरदार थप्पड़ रसीद किए थे
वजह किसी को पता नही थी.

नजमा;आबिद को ऐसे बडबडाते देख उसे किचन मे बुला लेते है जहाँ पहले से शबनम नाश्ता तय्यार कर रहे थे

नजमा;क्या हुआ बेटा कौन परेशान है

आबिद;देखो ना अम्मी मैने अपी को कहा कि सॅम भाई आने वाले है चलो उनके वेलकम के लिए तैयारी करते है तो वो उल्टा मुझ पे भड़क गयी हिट्लर कही की

नजमा और शबनम;दोनो हँसने लगते है अर्रे मेरा बेटा महक तो है ही मेंटल तू कहाँ उसके बातों का बुरा मान रहा है चल बैठ नाश्ता कर

शबनम;ये लो आबिद नाश्ता कर्लो और शबनम आबिद के सामने नाश्ता रख देते है

आबिद;भाभी महक आपके जैसी क्यूँ नही है

शबनम;कैसे आबिद

आबिद;इतने समझदार सबका ख़याल रखने वाली हमेशा सबसे प्यार से बात करने वाली

शबनम;मुश्कूराते हुए बस बस और मक्खन ना लगाओ और चुप चाप नाश्ता करो

नजमा;शबनम बेटा हम 2 बजे एरपोर्ट चले जाएँगे सॅम को लाने

शबनम;जी अम्मी

आबिद;मैं भी चलूँगा

नजमा;ठीक है सब मिलके चलेंगे ओके

समीर;आज दोपहर के फ्लाइट से इंडिया आने वाला था वो बहुत खुश था उसे यूके मे सब बहुत याद आते थे अभी तक उसके दिमाग़ मे अपने घर के लोगों को लेके कोई गंदा ख्याल नही था हालाँकि यूके मे वो कई कुँवारी और बड़ी उमर की औरतों को चोद चुका था

1पीएम;नजमा अपने कार मे दोनो बच्चों और बहू के साथ एरपोर्ट के लिए निकल जाते है

महक कुछ खास खुश नही थी सॅम के आने से

आबिद;शबनम की तरफ मुँह करके भाभी सॅम भाई कितना चेंज हो गये होंगे ना कितने दिन हो गये उन्हे देखे

शबनम;हाँ पर इतने भी चेंज नही हुए होंगे सॅम

शबनम भी दिल मे खुश थे वो सॅम को बहुत प्यार करते थे सिर्फ़ अपने देवर की नज़र से क्योंकि सॅम का चेहरा उसके शोहर से बहुत मिलता जुलता था वो जब भी सॅम को देख कर उसे उसके शोहर की याद नही आती थी उसे ऐसे लगता जैसे वो सामने ही है शबनम के दिल मे अपने देवर के लिए कोई ग़लत सोच अभी तक नही पैदा हुई थी

महक;बुरा सा मुँह बनाते हुए आबिद मुझे लगता है सॅम के सींग निकल आए होंगे इन दिनो है ना भाभी

नजमा;चुप कर महक जब देखो उट पटांग बातें करती रहती है ये लड़की और दोनो भाई बहेन हँसने लगते है
इस बात चीत मे वो एरपोर्ट पहुँच जाते है

करीब 2.3पीएम';समीर एरपोर्ट से बाहर आता है

वो बहुत हॅंडसम लग रहा था एकदम गबरू जवान चौड़ी छाती चेहरे पे मुस्कान और कोट पॅंट मे उसे देखा ही जासकता था वो सीधा अपनी फॅमिली की तरफ बढ़ता है
आबिद और महक तो उसे देखते ही रह जाते है
आबिद;कितना खूबसूरत लग रहे है भाई
महक;हन्ंननननणणन्

शबनम;उसे देख के मुस्कुराती है
और नजमा अपने बेटे को अपने गले से लगा ले ती है
नजमा;मेरा बेटा कितना अच्छा लग रहा है किसी की नज़र ना लगे कैसा है मेरा बच्चा
नजमा अपनी माँ की ममता सॅम पे बरसाने लगती है और उसे अपने से चिपका लेती है
सॅम;भी नजमा के गले ज़ोर से लगता है जिससे सॅम की चौड़ी छाती मे नजमा के नरम चुचे धँस जाते है
नजमा;अहह
महक;हमे भी मिलने दो पठ्ठे से--कैसा है सॅम थोड़ा मोटा हो गया है

सॅम;हंसता हुआ महक के गले लगता है मुझे तो तू मोटी लग रही है मेन्डक और दोनो भाई बहेन हंसते हुए एक दूसरे से मिलने लगते है

जब सॅम महक के गले लगता है तो उसे ज़मीन से उठा लेता है जिससे महक हवा मे उठ जाते है और उसके कड़क चुचे सॅम से जा टकराते है

महक;का दिल ज़ोर से धड़कने लगता है ऐसा उसके साथ पहले कभी नही हुआ था पर आज ये उसे क्या हो रहा है उसे सॅम की बाहों मे इतना अच्छा फील हो रहा है

आबिद;हटो भी मुझे मिलने दो भाई से

सॅम;अर्रे आबिद मेरा छोटा भाई कैसा है

आबिद;ठीक हूँ भाई आप कैसे हो

सॅम;बिल्कुल फिट देख तेरे सामने खड़ा हूँ

आबिद;सॅम को नीचे से उपर तक देखने लगता है और सॅम के गले लग जाता है

शबनम;कैसे हो सॅम

सॅम;ठीक हूँ भाभी आप कैसे हो

शबनम;मुस्कुराते हूँ ठीक हूँ

नजमा;अब क्या सारा दिन यहीं रुकने का इरादा है चलो कार मे बैठो

सॅम;अम्मी कार में चलो

नजमा;उसे कार की कीज़ देते हुए ओके

सॅम;कार स्टार्ट कर देता है और उसे भगाने लगता है

आबिद;आराम से भाई

सम;डर मत छोटे कुछ नही होगा

नजमा;धीरे चलाओ बेटा

सम;जी अम्मी और सॅम कार के स्पीड कम करदेता है

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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 09 Oct 2016 09:55


सॅम की नज़र सामने आएने पे पड़ती है उसे उसमे शबनम नज़र आती है

शबनम;का चेहरा खिला हुआ था कुछ बाल उसे चेहरे पे परेशन कर रहे थे जिन्हे वो बार बार हटा रही थी इसी बीच शबनम की नज़र भी आएने मे सॅम से जा टकराती है

दोनो एक दूसरे को कुछ सेकेंड के लिए देखते है और शबनम स्माइल करके रोड पे देखने लगती है
कुछ देर बाद वो फिर से देखती है और उसे हैरानी होती है कि सॅम उसे देख रहा था

शबनम;थोड़ा सीरीयस होते हुए नजमा से बातें करने लगती है और कार घर पे पहुँच जाती है

सम;अपने लाए हुए दोनो बॅग हॉल मे रख देता है

नजमा;सॅम बेटा तुम फ्रेश होजाओ फिर सब मिलके खाना खाएँगे

सॅम;ओके अम्मी ..भाभी बाथरूम मे गरम पानी हैना

शबनम;चलो मैं देखती हूँ और सॅम शबनम के पीछे चला जाता है
शबनम;गीजर ऑन करके मुड़ती है वैसे ही वो सॅम से टकरा जाती है इस टक्कर मे उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिर जाता है

सॅम;अपनी भाभी के चेहरे को देखता है

शबनम;जल्दी से अपनी साड़ी ठीक करती है और सॉरी कहती है

सम;मुश्कूराता हुआ बाथरूम मे घुस जाता है

शबनम और नजमा;किचन मे लंच की तैयारी कर रहे थे और महक अपने रूम मे उल्टे लेटी हुई थी
सॅम;बाथरूम से बाहर आजाता है उसने सिर्फ़ टवल बाँध रखा था वो सीधा हॉल मे पड़े अपने बॅग की तरफ बढ़ता है जिसमे उसके अंडरगार्मेंट्स थे

आबिद;वही हॉल मे बैठा हुआ था वो सॅम की तरफ देखता है दोनो की आँखें मिलती है सम उसे हल्के से स्माइल देता है सॅम के दिमाग़ मे अभी तक कोई बात नही थी

पर आबिद ठंडी आहें भरने लगता है
आबिद;दिल मे क्या बॉडी है भाई की और वो सॅम के टवल को देखता है जिसमे सम का लंड का उभर नज़र आता है

आबिद;सोफे पे से खड़े होते हुए कुछ चाहिए भाई

सम;हाँ यार मेरे अंडरवेर नही दिख रहे आते टाइम तो बॅग मे डाला था

आबिद;भाई मैं देख देता हूँ आप रूम मे जाओ मैं लेके आता हूँ आपके बाल भी गीले है मैं लाता हूँ ना

सॅम;आबिद को अजीब से अंदाज़ मे देखता है और कंधे उचकाते हुए ओके जल्दी लेके आ

आबिद;सॅम के रूम मे जाने के बाद बॅग मे अंडरवेर देखने लगता है और उसे वो मिल जाते है
आबिद;इधर उधर देखता है और सम के अंडरवेर को अपनी नाक से लगा के सूंघने लगता है
उसे एक अजीब ही अहसास होता है उसने कभी इससे पहले ऐसा काम नही किया था

सॅम;अपने रूम से आवाज़ देता है--आबिद बेटा मिले कि नही

आबिद;जी जी भाई मिल गये और वो सॅम के रूम मे चला जाता है ये लो भाई
आबिद वही बेड पे बैठ जाता है

सम;आबिद से बातें करते हुए अपना टवल निकाल देता है

आबिद;की आँखें फटी की फटी रह जाती है सॅम का ढीला लंड 5इंच का उसकी आँखों के सामने लटक रहा था वो दिल मे सोचता है बाप रे बाप इतना बड़ा साँप अगर ये फॅन फेलाएगा तो कितना बड़ा होज़ायगा

सॅम;उसे हिलाते हुए अबे क्या हुआ कहाँ खो गया मैने पूछा एग्ज़ॅम कैसे गये तेरे

आबिद;जी जी भाई बहुत अच्छे गये

सॅम;बेटा फैल हुआ ना तो तू तो गया अम्मी के हाथों

आबिद;क्या भाई क्यूँ डरा रहे हो अम्मी के नाम से

नजमा;सॅम के रूम मे आती है सॅम अब तक अपने पॅंट पहेन चुका था पर उसने उपर कुछ नही पहना था

सॅम;अम्मी यहाँ कितने गर्मी है इंडिया मे

नजमा;हाँ बेटा यूके में क्लाइमेट यहाँ से बहुत ठंडा है कुछ दिन लगेंगे तुझे यहाँ अड्जस्ट होने मे
चल खाना ठंडा हो रहा है और आबिद तू यहाँ क्या कर रहा है चल तू भी

सभी डाइनिंग टेबल पे खाना खाने लगते है

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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 12 Oct 2016 10:07


सम;अर्रे वाह अम्मी मज़ा आ गया क्या खाना बनाया हैं आपने

नजमा;अपनी भाभी की तारीफ करो क्यूँ की खाना शबनम ने बनाया है

सम;शबनम की तरफ देखते हुए सच भाभी ऐसा खाना बनाया है आपने दिल करता है आपके हाथ चूम लूँ

आबिद;को ठन्सका लग जाता है

सॅम;उसके पेट पे हल्के से मारते हुए आबे धीरे खा अंदर अटक जाएगा

आबिद;शायद अटक गया अंदर भाई और वो पानी पीने लगता है

शबनम;के चेहरे पे मुस्कान आजाती है आख़िर सॅम ने उसकी तारीफ जो की थी

महक;शबनम को छेड़ते हुए अर्रे वाह भाभी हम तो आपकी इतनी तारीफ करतें है आप हमे एक स्माइल भी नही देती और
वो आगे कुछ बोलते उससे पहले शबनम उसका कान खेंचते हुए

शबनम;खाना खाओ मेडम जी
और शबनम का चेहरा शरम से लाल होने लगता है पर सबके मौजूदगी मे वो खुद को संभाल लेती है

नजमा;सभी को साथ हंसता खेलता देख दिल ही दिल मे बहुत खुश होते है

खाना खाने के बाद सॅम अपने लाए हुए गिफ्ट सभी को देने लगता है वो नजमा और शबनम के लिए एक बहुत ही मँहगे वाले सिल्क की साड़ी लाया था आबिद के लिए जीन्स पॅंट और महक के लिए एक लेटेस्ट मोबाइल फोन

महक;चिल्लाते हुए अर्रे वाह गब्बर तूने तो दिल खुश कर दिया मेरा क्या मॉडेल लाया है तू मेरे लिए वाह भाई वाह और वो एक्सिटमेंट मे सॅम से चिपक जाते है

सॅम;उसे अपने से और चिपकाते हुए एक ही तो पॅट है मेरा अच्छा हैना

महक;बहुत अच्छा और वो अपना सेल फोन लेके अपने रूम मे चले जाते है

आबिद;भी खुश था वो भी कपड़े ट्राइ करने रूम मे चला जाता है

सॅम;नजमा और शबनम से --कैसे है अम्मी भाभी

नजमा;बहुत अच्छे है बेटा पर मेरे पास ऑलरेडी इतने सारे है

सम;उफफफफफ्फ़ हो अम्मी क्या मैं अपनी स्वीट अम्मी के लिए दिल से कुछ नही लासकता
और दोनो माँ बेटे गले मिलते है

पता नही कैसे पर सॅम नजमा को कस्के बाहों मे जाकड़ लेता है

नजमा;के चुचे सॅम की चेस्ट मे धँसने से उसके चीख निकल जाती है अहह उसे कितने दिनो बाद किसी मर्द ने ऐसे पकड़ा था वो भी भूले मे सॅम को अपने मे समा लेती है

30 सेकेंड वो ऐसे ही रहते है फिर नजमा को एहसास होता है कि शबनम वही खड़ी है वो सॅम से अलग हो जाती है

सम;नजमा की आँखों मे कुछ तलाश करने की कॉसिश करता है
पर नजमा की आँखें झुकी हुई थी

शबनम;अपने रूम मे चली जाती है

सम;अम्मी भाभी को क्या हुआ

नजमा;अर्रे कुछ नही उसे शायद तेरे भाई की याद आ गई होगी वो भी ऐसे ही शबनम के लिए नयी नयी साड़ी लाता रहता था

सॅम;ह्म्म्म्म मम और उसके कदम शबनम के रूम मे बढ़ जाते है

शबनम;अपने रूम मे आयने के सामने खड़ी थी उसकी आँखों मे नमी थी

सम;पीछे से शबनम को पकड़ के अपनी तरफ घुमा लेता है
क्या हुआ भाभी सारी पसंद नही आई

शबनम;नही सॅम बहुत अच्छी है

सॅम;तो फिर इन खूबसूरत आँखों मे ये आँसू क्यूँ

शबनम;अर्रे कुछ भी तो नही तू भी ना

वो वहाँ से जाने लगती है तभी सॅम उसे जाने नही देता और उसके दोनो हाथ पकड़ लेता है

शबनम;सॅम की आँखों मे सवालिया अंदाज़ मे देखने लगते है

सॅम;भाभी आपको मेरे कसम है अगर आज के बाद आप ऐसे रोई तो मैं अपने जान दे दूँगा

शबनम;सॅम के होंठों पे अपना हाथ रख देती है नही नही सॅम मैं नही रोउंगी पर तू ऐसे बातें ना किया कर ये घर और हम सब पहले ही कई मौतें देख चुके है प्लीज़ मैं नही रोउंगी पक्का

सॅम;पक्का वादा

शबनम;ह्म्म्म्म मम

सॅम;शबनम को अपनी बाहों मे लेलेता है पता नही उसे क्या हो गया था शायद वो बहुत ज़्यादा एमोशनल हो गया था वो शबनम के सर को अपने छाती से लगा लेता है

सॅम;भाभी आप हंसते हुए अच्छे लगते हो आप हमेशा हँसते रहा करो

शबनम;को उसकी बातें और एमोशनल कर देती है और वो सॅम से चिपक जाती है

दोनो ये भूल गये थे कि वो किस हालत मे है

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