एक राजा और चार रानियाँ complete

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 24 Dec 2016 17:31

रात1एएम;सभी अपने अपने रूम्स में सो रहे थे सॅम अपने बेड से उठता है और शबनम के रूम की तरफ बढ़ता है
जब वो रूम का दरवाज़े पे हाथ रखता है तो उसका दिल ज़ोरों से धड़कने लगता है शबनम ने रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद नही किया था

सॅम;जब रूम के अंदर दाखिल हुआ तो चारों तरफ अंधेरा पसरा हुआ था वो भाभी भाभी कहके शबनम को आवाज़ देता है पर शबनम की तरफ से कोई रिप्लाइ नही आता वो लाइट ऑन करदेता है और डोर बंद करके जब पीछे मुड़ता है

उसकी आँखे जैसे किसी तेज़ रोशनी से चौंधिया जाती है सामने हुस्न की मलिका शफ़ाफ़ गोरे जिस्म वाली किसी परी को देख किसी आम से आदमी का जो हाल होता है वही हाल सॅम का हो गया था

लाल रंग की साड़ी में लिपटी हुई वो परी जिसके होंठ शबनाक की बूँदों की तरह चमक रहे थे उसकी पेशानी पे चमकते पसीने की वो बूँदें मानो ऐसी लग रही थी जैसे पहली बारिश की चन्द मदमस्त बूंदे किसी पेड़ के पत्ते पे जब गये हो
शबनम ने अपनी शादी की वही साड़ी पहनी थी जिसमे सॅम ने जब उसे शादी वाले दिन देखा था तो उसके दिल में भी एक बार को अपने भाई के लिए जलन और हसद पैदा हो गयी थी कि काश ये मालिकाए हुस्न मेरी बिस्तर की ज़ीनत बन पाती
पर आज वो दिन शायद आ गया था जिसके बारे में सोच सोच के सॅम ने कितनी बार मूठ मारा था

शबनम;का सर झुका हुआ था और साँसें तेज चल रही थी
सॅम;उसके एकदम करीब जाके खड़ा हो जाता है और धीरे से शबनम के चेहरे को उपर उठाके उसकी नशीली आँखों में देख के कहता है
थॅंक यू सो मच भाभी जो अपने मेरी बात मान ली
शबनम;अपना सर उपर उठाके उसे देखती है शबनम की आँखों में आँसू थे जो बस छलकने ही वाले था कि सॅम अपनी ज़ुबान से उस छलकते हुए पैमाने को पी जाता है

शबनम;के पूरे जिस्म में कपकपाहट सी पैदा कर गया था सॅम का इस तरह उसके आँसू पीना

सॅम;भाभी क्या आप मुझसे नाराज़ हो

शबनम;नही में सर हिलाती है

सॅम;तो आप रो क्यूँ रही हो

शबनम;पता नही सॅम मुझे कुछ पता नही मुझे अपनी ज़ात पता नही मैं तो ये सब करना भी नही चाहती थी मैं तो रूम लॉक करके सोजाना चाहती थी मैं तुमसे बात भी नही करना चाहती थी पर मैं नही जानती कि मे ये सब चाहते हुए भी क्यूँ करना सकी

मुझे अपने होने का एहसास दिलाओ सॅम में भी एक औरत हूँ मुझे वो एहसास चाहिए जो मैं तुम्हारे भाई के साथ दफ़ना चुकी थी क्या तुम मुझे वो प्यार दे सकते हो जो मैं चाहती हूँ

सॅम;नही जानता था कि शबनम इतनी एमोशनल लड़की है उसके दिल में शबनम के लिए इज़्ज़त और मोहब्बत दोनो का मुकाम और बढ़ गया था वो शबनम की बाहें थाम के उसे अपने सीने से लगा लेता है और उसके कानों के पास की ज़ुल्फो को हटा के धीरे से कहता है
आइ लव यू भाभी
आप वो दूसरी औरत हो जिसे मैं ये दिल से कह रहा हूँ
आप मुझसे जितना प्यार करती है शाएद मैं अभी उतना प्यार आपसे नही करता हूँ पर मैं आपको वादा करता हूँ कि मैं आपकी हर जायज़ तमन्नाओ को पूरा करूँगा जो आप मुझसे चाहती है

शबनम;सॅम की आँखों में अपना अक्स तलाश करने लगती है
उससे एक धुंधला सा चेहरा देखाई देता है जिसे वो अपना चेहरा समझ के उससे लिपट जाती है
ओह सॅम तुम नही जानते मैं भी तुमसे कितना प्यार करती हूँ और वो एक छोटी सी बच्ची की तरह अपने सॅम के चेहरे को चूमना शुरू कर्देति है

सॅम;भी शबनम को चूमे जा रहा था और अब उसके हाथ अपना जादू दिखा रहे थे वो शबनम की साड़ी उसकी नाभि के पास से खींच लेता है और एक हाथ से उसका ब्लाउस भी खोल देता है

शबनम;सिर्फ़ लेनहगे और ब्रा में थी वो इतनी पागल होचुकी थी कि उसने भी सॅम की पॅंट और शर्ट खोल दी थी दोनो एक दूसरे को देखने लगते है और फिर दुबारा एक दूसरे को चूमने लग जाती है इस बार ये पॅशनेट किस्सिंग थी जिसमें ज़ुबान और सलाइवा एक दूसरे को पिलाया जा रहा था

वो दोनो जल्द से जल्द पूरी तरह नंगे होना चाहते थे और हुआ भी यही जहाँ सॅम ने शबनम के पूरे कपड़े निकाल दिए वहीं शबनम ने भी सॅम को लग भग नंगा करदी थी सॅम सिर्फ़ अंडरवेर में था और शबनम उसके सामने पूरी नंगी खड़ी थी दोनो एक दूसरे को मसलते हुए बेड पे गिर जाते हैं
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(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

Re: एक राजा और चार रानियाँ

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 24 Dec 2016 17:32


सॅम;शबनम को उपर से नीचे तक देखने लगता है

शबनम;के ब्रेस्ट सफेद दूध जैसे थे और निपल का कलर एकदम गुलाबी जब सॅम ने उसे अपने हाथ में लिया तो उसे ऐसा फील हुआ जैसे मखमल को छू रहा हो

शबनम का पेट एकदम पतला किसी मॉडेल की तरह था और जाँघ एकदम भरी हुई उसकी सबसे कीमती जगह पे एक भी बाल नही था जब सॅम शबनम की चूत के पास पहुँचा तो वो जैसे उसका दीवाना हो गया गुलाब की दो पंखुड़ियाँ एक दूसरे से बातें कर रही थी और हल्का भूरा क्लाइटॉरिस उसपे चार चाँद लगा रहा था

सॅम;के होंठ शबनम की चिकनी चूत पे झुकते चले जाते है और वो आइस्क्रीम की तरह उसे चाटता चला जाता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प

शबनम;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सॅम नही वहाँ गंदा है हाआआआअ ऊऊऊऊऊओ नही ना उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह मत करो ना सॅम हााआआ वो बोल कुछ रही थी और कर कुछ और रही थी उसके हाथ सॅम के सर को और चूत पे झुका रहे थे
शबनम;का ये पहला अनुभव था जब उसके उस हिस्से को किसी ने ऐसे चूमा था

सॅम;गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प नही भाभी आज नही रोको मुझे गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प

तकरीबन 10मिनट की ज़ोरदार चुसाइ के बाद शबनम थोड़ी हलकान होचुकी थी उसने एक बार अपना पानी सॅम को पिला दिया था अब उसकी बारी थी सॅम का पानी पीने की

सॅम;शबनम के होंठों को चूमने लगता है और उसे उसी का पानी टेस्ट करवाता है
भाभी मुँह में लोना

शबनम;नही सॅम मुझे गंदा लगता है मैं नही लूँगी

सॅम;प्यार में कुछ गंदा नही होता

शबनम;उनह सॅम नही अहह

वो इनकार कर रही थी पर इकरार करवाना सॅम को खूब आता था वो शबनम का हाथ अपने मुस्सल पे लगा देता है
शबनम;हााआआ वो कांप जाती है इतना मोटा और इतना लंबा मैं कैसे लूँगी ये सवाल उसके दिमाग़ में सबसे पहले आया पर उसने सॅम को बोली नही

सॅम;शबनम;की परेशानी समझ गया वो उसकी आँखों में देख के कहता है लेना तो पड़ेगा ही भाभी

शबनम;नही क्या मैं क्या कह रहे हो सॅम तुम

सॅम;शबनम को घुमा के 69 में लेलेता है और उसकी चूत की दुबारा चुसाइ शुरू करदेता है जिससे शबनम मचल जाती है और उसका मुँह खुलता चला जाता है और फिर अचानक सॅम को अपना लंड नरम गीली चीज़ के आजू बाजू आता जाता महसूस होने लगता है ये शबनम की ज़ुबान थी जो सॅम के लंड को चाट रही थी और फिर गटकते चली जाती है अंदर तक गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

दोनो देवर भाभी एक दूसर को ऐसे प्यार कर रहे थे जैसे कल कयामत आने वाली है

जब सॅम से बर्दस्त नही होता वो शबनम को अपने नीचे लेलेता है और उसके उपर चढ़ जाता है

उसका रोड एकदम पत्थर की तरह हो चुका था और शबनम की चूत किसी शीशे की तरह चमक रही थी वो एक दूसरे की आँखों में देख के इजाज़त लेते है और जब शबनम हाँ में कहते हुए आँखे बंद कर्लेति है तो सॅम अपने लंड पे ज़ोर लगाता चला जाता है और वो शबनम की चूत को चीरता हुआ अंदर और अंदर तक घुसता चला जाता है

शबनम;के मुँह से घुटि घुटि आवाज़ निकल रही थी क्यूंकी सॅम ने अपने होंठ उसके लिप्स पे जमा रखे थे और वो दौर शुरू होचुका था जिसका शबनम को इंतजार था
तेज तेज झटकों के साथ सॅम पेलता चला जा रहा था और शबनम उसे मज़बूती से पकड़ के अपने अंदर तक लेते जा रही थी

वो दोनो हाँफने लगे थे पर थके नही थे और दोनो थकना भी नही चाहते थे बस वो तो एक दूसरे के जिस्म में डुबजाना चाहते थे

सॅम;सटा सॅट अपनी तलवार शबनम की ढाल पे मारता चला जाता है और शबनम अपने बचाव में अपनी कमर उछालती चली जाती है हााआआ अहह अहह

पूरे रूम में उनकी पॅच पॅच की आवाज़ें गूँज रही थी और ठंडी हवाएँ उनके जिस्म पे आते पसीने को सुखाते चले जा रही थी

सॅम;शबनम को तकरीबन 25 मिनट तक एक ही पोज़िशन में चोदता चला जाता है और फिर एक ज़ोरदार झटके के साथ शबनम पे ढेर हो जाता है उसका पानी शबनम की चूत को भरने लगता है और कुछ पानी बाहर निकल के उसकी गान्ड के सुराख को भी गीला करता हुआ बेड शीट पे गिरने लगता है
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 25 Dec 2016 17:04

दोनो एक दूसरे को देखते हैं और सॅम अपना सर शबनम की छाती पे रख के साँसें धीमी करने लगता है
सॅम;का सर शबनम की ब्रेस्ट पे था और शबनम सॅम के बालों में उंगलियाँ डाले अपने ख़यालों में गुम थी
उसे अपने अधूरे ख्वाब पूरे होते नज़र आ रहे थे एक औरत और छाती भी क्या है एक अच्छा घर हो एक प्यार करने वाला शोहर हो और प्यारे प्यारे बच्चे हों जो ख्वाब शबनम के चकना चूर हो गये थे उन्होने आज फिर से सर उठाया है और सॅम से पूछ लेती है

सॅम हमने जो किया वो ग़लत तो नही है ना
सॅम;बिल्कुल नही भाभी जब दो प्यार करने वाले अपनी मर्ज़ी से एक दूसरे के साथ सोते हैं तो वो ग़लत नही बल्कि सिर्फ़ और सिर्फ़ प्यार होता है जो मैं आपसे और आप मुझसे करती हो

शबनम;हन्ंनणणन् तुम सही कह रहे हो और ये तुम मुझे आप आप कहना छोड़ दो आज से में तुम्हारी शबनम हूँ मुझे नाम से बुलाओ समझे

सॅम;उसकी एक ब्रेस्ट को काटते हुए शबनमाआआआआआआ श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

शबनम;अहह चीख भी नही सकती थी बस कसमसा के रह जाती है
तुम ना बड़े वो हो
सॅम;क्या

शबनम;अच्छे वाले

सॅम;ओह्ह्ह्ह गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
वो बुरी तरह शबनम की ब्रेस्ट को चूसने लगता है जिससे शबनम की साँसें तेज हो जाती है और वो सॅम के नीचे आना चाहती है पर सॅम उसकी ब्रेस्ट को चूस्ता हुआ उसकी चूत को सहलाए जा रहा था शबनम बुरी तरह कांप जाती है उसकी गुलाबी निपल अकड़ के खड़े हो जाते है

सॅम;जान चुका था कि शबनम अब बर्दास्त नही करसकती पर वो तो आज शबनम को बेशरम बनाने के पीछे पड़ा था
एक इंडियन औरत कभी अपने मुँह से ये नही कहती कि सुनो आज मेरा बड़ा दिल कर रहा है मुझे कस के चोदो ना बस वो तो अपने जिस्म को शोहर के जिस्म पे रगड़ के या किस करके बताती है ये वो क्या चाहती है वही इस वक़्त शबनम कर रही थी पर सॅम था कि जानते हुए भी अंजान बन रहा था

शबनम;के सबर का प्याला झलक जाता है और वो सॅम को नीचे लेके उसके उपर चढ़ जाती है और देखते ही देखते पेशानी से लेके लंड तक उसे किस करती चली जाती है जब वो वहाँ पहुँची तो उससे रहा नही गया मुँह में लेने को गंदा कहने वाली शबनम बिना सोचे समझे एक झटके में सॅम का खड़ा लंड अपने मुँह में भर के लोली पोप की तरह चूसने लगती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

सॅम;के लंड की चुसाइ इतनी जानदार तरीके से होरही थी कि वो बर्दस्त नही कर पाता और शबनम को घुमा के अपने नीचे करलेता है और उसके दोनो पैर खोल देता है और एक ज़ोर दार तरीके से अपना लंड शबनम की चूत में घुसा देता है एक ज़ोर दार चीख जो शबनम के मुँह से निकल सकती थी पर सॅम के सही वक़्त पे उसके मुँह बंद करदेने से रुक गयी

शबनम;अपने नये लंड से काफ़ी खुश थी सॅम का चोदने का अंदाज़ ही निराला था वो पूरा बाहर निकाल के जड़ तक पेल देता था और हर बार शबनम बेड में धँसती चली जाती थी

सॅम;अपनी कमर को थोड़ा घुमा घुमा के चोदता था जिससे शबनम को ऐसे लगता था जैसे कोई रोलर उसकी चूत में घूम रहा हो

दोनो हार मानने को तैयार नही थे और पसीने में लटपथ होने के बाद भी वो अपनी रास लीला ख़तम नही कर पा रहे थे ये जिस्म की भूक भी अजीब होती है जब लगती है तो मिटने का नाम ही नही लेती

सुबह 4 बजे तक ये सिलसिला शुरू रहा आख़िर शबनम को कहना पड़ा कि सॅम अब तुम जाओ मेरी कमर दुख रही है मैं कहीं भागी थोड़ा जा रही हूँ कल कर लेना

एक पॅशनेट किस्सिंग के बाद सॅम शबनम के रूम से निकल के अपने रूम में जाके ऐसे ही नंगा सो जाता है

सुबह9बजे;;जब सॅम की आँख खुली तो चाइ का कप उसकी टेबल पे रखा हुआ था
सॅम;को लगा शायद भाभी रख के गयी होंगी वो चाइ पीक उसे वापस टेबल पे रखता है तभी रूम में नजमा आती है
नजमा;का चेहरा कुछ कह रहा था पर होंठ खामोश थे वो एक नज़र सॅम पे डालके कप लेजाने लगती है तभी सॅम उसका हाथ पकड़ लेता है और नजमा को बेड पे बैठा देता है

सॅम;क्या हुआ अम्मी आप परेशान लग रहीं है

नजमा;नही तो कुछ भी नही तू फ्रेश होज़ा

सॅम;अम्मी दे दोना

नजमा;क्या हैरत से

सॅम;उसके ब्रेस्ट पे उंगली रखते हुए ईईई

नजमा;सॅम को आँखे निकाल के देखती है जैसे अब ज़ोर की रख देगी सॅम को

सम;भी बेशरमों का बाप था
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 25 Dec 2016 17:05

नजमा;देख सॅम मज़ाक की भी एक लिमिट होती है तू दिन ब दिन और नालायक होता जा रहा है और ये ऐसे कैसे सोता है तू कपड़ा तो पहन के सोया कर

सॅम;उफफफफफफफ्फ़ हो अम्मी मैं आपका बेटा हूँ कितनी मर्तबा आपने बचपन में मुझे नहलाया है

नजमा;तब तू बच्चा था और अब

सॅम;और अब क्या अम्मी

नजमा;कुछ नही मुझे जाने दे

सॅम;अपनी चादर हटा देता है और नजमा को अपनी उस कीमती चीज़ के दीदार करा देता है

नजमा;के मुँह से एक हल्की सी जो गौर से सुनाई दे श्ह्ह्ह्ह्ह्ह सिसकी निकल जाती है
बेशर्म कहीं के हाथ छोड़ मेरा वरना

सॅम;नजमा का एक हाथ पकड़ के अपने एक गाल पे थप्पड़ मारता है फिर दूसरे वरना यही करने वाली थी ना आप अम्मी मैं आपकी मार से पीछे नही हटने वाला मैं आपको उस वक़्त प्यार करना छोड़ दूँगा जब मौत का फरिश्ता मुझे ले जाएगा

नजमा;का दिल लरज जाता है और वो अपना हाथ सॅम के मुँह पे रख देती है खबरदार जो ऐसे अल्फ़ाज़ मुँह से निकाले तो तुझे मेरी कसम सम

सॅम;नजमा को सीने से लगा देता है और पकड़ नॉर्मल नही बहुत मज़बूत थी नजमा कभी कभार ही तो इतनी एमोशनल होती थी
और सॅम इसी के इंतजार में रहता था

नजमा;ऊऊचह छोड़ना दर्द होता है

सॅम;पहले दो

नजमा;नही दूँगी चाहे कुछ भी करले

सॅम;देखो अम्मी शराफ़त से देदो वरना

नजमा;वरना अपनी अम्मी के साथ ज़बरदस्ती करेगा तू

सम;अर्रे अम्मी मैं भला क्यूँ ज़बरदस्ती करने लगा जब आप मुझे प्यार से देना चाहती हो तो चलो जल्दी से देदो वरना कोई आजाएगा

नजमा;बेड से उठते हुए नही मुझे जाने दे कल भी तूने अहह अहह

वो बोलते बोलते सिसक उठी क्यूंकी सॅम ने अपना मुँह उसके ब्लाउस के बीच का क्लीवेज़ पर रख के चाटना शुरू कर्दिया था श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

नजमा;अहह तू ये ज़बरदस्ती कर रहा है अहह सॅम ये ग़लत है

सॅम;मैं सिर्फ़ प्यार कर रहा हुनह्ह्ह्ह्ह्ह्ह वो एक ब्रेस्ट को ब्लाउस के उपर से ही मुँह में लेके चूस्ता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

नजमा;जानती थी कि अभी वो नही रुकी तो बहुत देर होज़ायगी वो सॅम को पीछे धकेल के एक थप्पड़ उसके गाल पे रसीद के उसे घूरती हुए वहाँ से चली जाती है
वो जानती थी कि ये बेशरम पे अब थप्पड़ों का भी असर नही होता

दुपहर 1पी एम


सॅम अपने ऑफीस के कॅबिन में बैठा कुछ फाइल्स देख रहा था तभी उसका सेल फोन बजता है
जब वो सेल उठाके देखता है तो उसके चेहरा खिल उठता है और वो फोन रिसिव करके हेल्लो कहता है
सॅम;फोन रिसिव करता है
हेलो
दूसरी तरफ शिबा थी जाफ़री साहब की वाइफ वो सॅम से कुछ कहती है और सॅम अपनी कार की कीस लेके बाहर निकल जाता है तभी उसे नजमा जाता देख आवाज़ देती है
नजमा;सॅम एक मिनट ज़रा मेरे कॅबिन में आना

सॅम;जी आया और वो नजमा के कॅबिन की तरफ चला जाता है
हाँ बोलो अम्मी

नजमा;सॅम के चेहरे को गौर से देखते हुए कहाँ जाने की तैयारी है

सॅम;खुद को संभालता हुआ वो अम्मी मेरे फ्रेंड से मिलने जा रहा हूँ बस थोड़ी देर में आ जाउन्गा

नजमा;ह्म्म्म्म ममम अच्छा सुनो शबनम की अम्मी (यानी सॅम की मुँह बोली खाला)आज 5पी एम ट्रेन से आ रही है उन्हे पिकप करने स्टेशन पे चले जाना देखो भूलना मत

सम;अपना टाइम दिमाग़ में अड्जस्ट करते हुए
ह्म्म्म्म ओके अम्मी में चला जाउन्गा और कुछ उसकी नज़रें नजमा की ब्रेस्ट पे टिक जाती है जिसे नजमा देख लेती है

नजमा;बस आज के लिए इतना काम ही कर्लो तो बहुत है वरना तुम्हे कोई काम बोलना मतलब टाइम वेस्ट

सॅम;क्या अम्मी आप भी ना कोई काम अपने दिलसे बोला करो फिर देखो सॅम आपका कैसे दिल लगा के वो काम अंजाम देगा पर आपका दिल मुझ पे आता ही नही वो थोड़ा हंसा बोलते बोलते

जिससे नजमा का चेहरा थोड़ा लाल हो गया वो सॅम की डबल मीनिंग बातें खूब जानती थी पर आज नजमा का मूड भी अच्छा था वो सॅम के पास आके उसके कंधे पे अपने दोनो हाथ रख के धीरे से कहती है
नजमा--सबर कर बेटा सबर का फल मीठा होता है

सॅम;की बाँछे खिल उठती है वो नजमा को और करीब करने के चक्कर में अपने दोनो हाथ उसकी कमर पे लगा देता है और नजमा के चेहरे पे प्यार भरी नज़रें गढ़ा देता है
हाईईईईईईईईई अम्मी आपके फलों के लिए तो मैं ज़िंदगी भर इंतजार करलूंगा
बस आप एक बार निचोड़ के तो खिलाओ

नजमा;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मामला संभालते हुए उसे पीछे धकेल्ति है तुझे उंगली हाथ में दो तो तू पूरा हाथ पकड़ लेता है
पता नही हाथ दूँगी तो क्या पकड़ लेगा

सॅम;आगे बढ़ना चाहता था पर किसी के कदमों की आहट से वो पीछे को हट जाता है

शबनम;कॅबिन में दाखिल होती है और सामने सॅम और नजमा को खड़ा देख एक पल के लिए ठिठक जाती है ऊऊऊओ मैं बाद में आती हूँ

नजमा;आर्रे क्या बात है बेटा मैं तो सॅम को ये कह रही थी कि तुम्हारी अम्मी को स्टेशन से लेता आए

शबनम;हाँ आप जल्दी चले जाना सम्म्म्ममम
उसने सॅम थोड़ी रुक के कही थी

सम;शबनम का पास से गुज़रता हुआ उसके कंधे को छूता चला जाता है

शिबा ;बेसब्री से सॅम का गेट पे इंतजार कर रही थी उसकी पैंटी गीले होरही थी सॅम के बारें में सोच सोच के जब वो सॅम को आता देखती है तो अपने रूम में चली जाती है
उसने दोनो नौकरों को हाफ डे की छुट्टी देदि थी
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 26 Dec 2016 19:22

सॅम;जब शिबा के रूम में दाखिल हुआ तो शिबा जो दरवाज़े के पीछे खड़ी थी जल्दी से डोर बंद कर्देति है और उछल के सॅम की बाँहों में चढ़ जाती है और सॅम के मुँह को चूमने लगती है

शिबा;ओह समीर ओह मैं पागल हो गई हुहन समीर ओह मुझे कुछ कारोना

सॅम;को एक पाल के लिए सच में ये लगता है कि कहीं ये सच में पागल तो नही है और वो शिबा को बेड पे बैठा देता है

शिबा;सच में एक हुस्न की मलिका थी सॉफ शफ़ाफ़ सुफेद जिस्म अपनी पिंक कलर लग रही थी उसकी साड़ी नाभि के थोड़ी उपर थी ऐसा लग रहा था कि एक झटका दो और वो साड़ी सररर से नीचे गिर जाएगी लो कट वाला ब्लाउस और शाएद अंदर ब्रा नही थी सॅम की आँखों में जैसे खून उतर आया था वो शिबा को बेड से उठा देता है और उसे अपनी छाती से दबा के चिपका लेता है
अहह
सॅम;एक बात बताओ क्या तुमने मुझे सच में इतना मिस किया

शिबा;हाँ समीर में खुद नही जानती कि मेने ये दो दिन कैसे गुज़रे है जबसे तुम्हे देखी हूँ तबसे मेरा बुरा हाल है एक एक पल मेरे लिए सदियों से लंबे गुज़रे है अहह बस बेटा अब और ना तडपा

सॅम;शिबा को चूमते हुए साली बेटा बोलती है चड्डी खोलके दिखाउन्गा ना तो अब्बू बोलेगी

शिबा;भी एक चुड़क्कड़ किस्म की औरत की तरह पेश आ रही थी जिसे बस जल्द से जल्द लौडा चाहिए था हन्ंननणणन् तो देखा ना मेरे बच्चे देख कि में दर्जी हूँ क्या है तेरी चड्डी में ज़रा में भी तो देखूं और वो नीचे बैठ जाती है और एक झटके में सॅम की पॅंट और अंडरवेअर नीचे खींच लेती है
वो सच में डर जाती है बाप्प्प्प्प्प्प रे क्या है ये

सॅम;के चेहरे पे फकर के भाव सॉफ देखे जासकते थे और उसका औज़ार था भी धार दार एक दम किसी समुराई तलवार की तरह जो एक वॉर में सामने वाली की चीर के रख दे

शिबा;उसे उपर नीचे हाथ में लेके देखने लगती है जैसे कोई शख्स किसी अनौूखी चीज़ को बड़े गौर से देखता है
वो अपनी ज़ुबान की टिप उसके लंड के टिप पर लगा के पहले चाट्ती है एक पानी का कतरा जो शायद शिबा के हिलने से या सॅम के एग्ज़ाइट्मेंट से बाहर आ गया था शिबा उसे चाट लेती है

अहह तेरा तो बहुत मीठा है रे समीर में तो पूरा माल लूँगी वो भी बिना फीस अहह गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प उःन्ह्ंहंहंहंह्न गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

सॅम;कुछ बोल पाता इससे पहले उसका लंड शिबा के मुँह के अंदर तक जा चुका था अहहहहहहहः साली रांड़ है क्या अहह हराम जादि अहह मरोड़ती क्यूँ है अहह छीनाल अहहहहहहहः ये सब गालियाँ सॅम को फीरोजा ने सिखाई थी अहह
तेरी माँ को चोदु आराम से कर अहह

शिबा;तेरी गान्ड में दम कितना है वो देखने दे साले अहह मुझे डराने चला था हााआअ देख तेरे लंड को कैसे मज़ा चखाती हूँ गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प
वो भूकी शेरनी थी जिसे महीनो बाद मास का टुकड़ा मिला था वो उसे ऐसे कैसे छोड़ देती गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

सॅम;का लंड फौलाद की तरह अकड़ चुका था वो शर्ट उतार देता है और पूरा नंगा खड़ा हो जाता है

शिबा;सॅम के लंड को छोड़ के अब सॅम के टेस्ट्स को मुँह में भर लेती है गलपप्प्प्प्प अहह और फिर अचानक वो सॅम को एक टाँग बेड पे रखने को कहती है और अपनी ज़ुबान सॅम के पीछे के सुराख पे लगा के उसकी गान्ड चाटने लगती है अहह गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;उछल सा जाता है आबिद ने भी कभी सॅम की गान्ड को नही चाटा था पर आज शिबा ने उसकी दिल की मुराद पूरी कर दी थी वो सॅम के पीछे के सुराख को अंदर तक चूस रही थी चाट रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प और एक हाथ से उसके लंड को सहला रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

10 मिनट के बाद जब शिबा से बर्दास्त नही होता तो वो खड़ी हो जाती है और कुछ सेकेंड में अपने सारे कपड़े उतार के बेड पे पैर खोल के लेट जाती है

शिबा;आजा मेरे भडवे चाट ले मेरी चूत और गान्ड को ज़रा मेरी चिकनी चूत का नमक भी चख के बता कैसा है

सॅम;उस वक़्त तक पागल हो चुका था और वो शिबा की चूत पे झुक जाता है और गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प शिबा की छोटी सी गुलाबी पन्खुडियो वाली चूत को गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प आहाआआआआ गलपप्प्प्प्प्प्प्प

शिबा;अहहहहहहहः समीर आह फक मी बस्टर्ड अहह फक फक फक ओह यस फक मी अहह मादर चोद अहह वहीं खींच उसे अहह उउउइईईईईईईई अम्मिईीईईईई जी अहह क्या अच्छा चूस्ता है रे हरामी अहह चोद मुझे हााआअ एक बार रगड़ दे रे अहह ऊइईई आमियीईईईईईईई गगगगगगग मेरी चूत का क्या हाल कर दिया इस ज़ालिम ने अहह

सॅम;पे जोश और गुस्सा चढ़ा हुआ था शिबा की इतनी छोटी चूत को चीरने का जोश और उसकी गालियों का जवाब देने का गुस्सा वो शिबा की गान्ड के नीचे एक तकिया लगा देता है जिससे उसकी चूत उपर को उठ जाती है और सॅम बिना कुछ सोचे बिना कुछ बोले अपने औज़ार को उस नाज़ुक सी स्ट्राव्बेरी पे लगा के चीर देता है अहहहहहहहहहः अहह ले हराम जादी हाआआआआआ

शिबा;उनह नही अहह निकाल ले सॅम अहहहहहहहः में नही ले पाउन्गी इसे हाआआआअ प्लीज़ निकाल ले अहहहहहहहहहहः मेरी चूत में क्या डाल दिया रीईईईई अहह फॅट गयी रे मेरी अहहहहहहहहहः

फॅक फॅक फॅक उनह आहह ऊीीईईईईईईईई माआआआअ बस रूम में ये दोनो आवाज़ें और बीच बीच में शिबा की सिसकने की आवाज़ गूँज रही थी

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