एक राजा और चार रानियाँ complete

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 05 Jan 2017 19:53


महक;अपने रूम में रोती तिलमिलाती सॅम को गालियाँ देती पता नही क्या सोचने लगती है.
सुबह 8एएम;पे जब सॅम की आँख खुली तो उसके आस पास कोई नही था रोज़ाना नजमा उसे उठाने आती थी पर आज क्या हुआ कहीं महक ने नही नही वो खुद को समझाता हुआ बेड छोड़ देता है और हॉल में आजाता है
सामने का नज़ारा देख उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है

2बॅग हॉल में रखे हुए थे उसे पता था एक बॅग तो ज़ेबा का है पर ये दूसरा बॅग किसका है

महक;डाइनिंग टेबल पे बैठी सुबह का नाश्ता कर रही थी वो सॅम को एक नज़र देखती है और फिर मुस्कुराते हुए नाश्ता करने लगती है

सॅम;कौन जा रहा है महक

महक;अम्मी से पूछ ना

सॅम;महक के सर पे टप्पू मारता हुआ नजमा के रूम की तरफ बढ़ जाता है

नजमा;रूम में शबनम के साथ बातें कर रही थी

नजमा;;मेरी बात अच्छी तरह याद रखना अगर मुझे ये पता चला कि तूने सॅम को फोन पे कॉंटॅक्ट करने की कोशिश की तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.

शबनम;जी अम्मी

तभी सॅम वहाँ दाखिल होता है

सॅम;क्या हुआ भाभी सब ठीक तो है ना सॅम का सवाल शबनम से था पर नज़रें नजमा के चेहरे पे टिकी हुई थी

शबनम से पहले नजमा ही बोलती है

नजमा;शबनम कुछ दिनो के लिए अपनी अम्मी के साथ मायके जा रही है उसके भाई की तबीयत कुछ ठीक नही है..

सॅम;ऊहह अच्छा

शबनम;सॅम को भीगी हुई पलकों के साथ देखती है उन आँखों में ना जाने क्या था जो सॅम को अंदर तक फन्ना कर देता है

शबनम और ज़ेबा सब से रुखसत लेके निकल जाते है

उनके जाने के बाद सॅम अपने रूम में चला जाता है
उसके पीछे पीछे नजमा भी आजाती है और अंदर पहुँच के रूम का दरवाज़ा बंद कर देती है

सम;चौंकते हुए नजमा को देखता है

नजमा;सॅम के करीब आती है और सटा सॅट सटा सॅट थप्पड़ो की बौछार सॅम के चेहरे पे करती चली जाती है

सॅम;को कुछ समझ नही आ रहा था कि नजमा को क्या हो गया है वो नजमा का हाथ पकड़ लेता है

आख़िर बात क्या है

नजमा;मुझ से पूछ रहा है कमिनाते बात क्या है एक तरफ मुझे कहता है अम्मी में आपसे बे पनाह मोहब्बत करता हूँ और दूसरी तरफ अपनी भाभी और उसकी अम्मी के साथ चाइयीयैआइयियीयियी

तू कितना बेशर्म इंसान है सॅम आज मुझे पता चला तू एक दरिन्दा है जिसे औरतों के जिस्म की भूक है अर्रे तूने जो काम किए है ना वो कोई पढ़ा लिखा इंसान कर ही नही सकता तू बहुत गिर चुका है सॅम मेरी नज़रों में आज के बाद में तुझ से बात क्या तेरी शकल भी नही देखना चाहती दूर होज़ा मेरी नज़रों के सामने से

महक ने अपना बड़ा सा मुँह सुबह सुबह ही नजमा के सामने खोल दिया था

शबनम;के भाई की तबीयत का तो सिर्फ़ बहाना था असल में नजमा ने ज़ेबा और शबनम की कुछ दिनो के लिए इस घर से छुट्टी कर दी थी.

नजमा;ये बोलते बोलते बेड पे गिर गयी उसका बीपी हाइ हो गया था उसे ट्रीटमेंट की ज़रूरत थी वो हाँफ रही थी

सॅम;उसे सहारा देता है पर ऐसी हालत में भी नजमा सॅम के छूने से तिलमिला जाती है

नजमा;दूर हट कमिनाते

महक ;जो रूम के बाहर से सब सुन रही थी दरवाज़ा खट खटाने लगती है

सॅम;दरवाज़ा खोल देता है
जैसे ही महक नजमा को बेड पे पड़ा देखती है. और चील की तरह नजमा की तरफ लपकती है

महक;;नजमा की दवाइयो में से बीपी की गोली लाकर नजमा को खिला देती है कुछ देर बाद नजमा का बीपी कंट्रोल होता है और नजमा महक के सहारे से अपने रूम में चली जाती है..

सॅम;परेशान हो चुका था वो कपड़े पहन के घर से बाहर निकल जाता है

सारा दिन पता नही सॅम कहाँ कहाँ घूमता रहा रात 10 बज चुके थे पर सॅम का कोई पता नही था

नजमा;को घबराहट होने लगी थी वो बार बार सॅम का नंबर ट्राइ करती है पर उसका मोबाइल ऑफ आ रहा था

महक;नजमा के पास बैठी उसे दिलासा दे रही थी

अम्मी आ जाएगा सॅम अपने फ्रेंड्स के यहाँ गया होगा

नजमा;तू सब जानती है ना बेटा पता नही मेरा दिल ज़ोरों से घबरा रहा है कहीं कुछ उल्टी सीधी हरकत ना कर्दे ये लड़का

नजमा;की घबराहट लाज़मी थी सॅम था बड़ा ज़िद्दी

कुछ सेकेंड के बाद डोर बेल बजती है और महक दरवाज़ा खोलती है सामने सॅम खड़ा था उसके चेहरे पे गम के बदल छाए हुए थे

महक;कहाँ था तू अम्मी कितनी परेशान हो रही थी बोलके नही जासकता था

सॅम;महक को कुछ जवाब नही देता और सीधा अपने रूम में जाके बंद हो जाता है

नजमा;के लाख दरवाज़ा खट खटाने पे भी वो डोर नही खोलता आख़िर नजमा परेशान हाल अपने रूम में चली जाती है.


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(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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Re: एक राजा और चार रानियाँ

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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 05 Jan 2017 19:54

दूसरे दिन जब नजमा;सॅम के रूम के करीब पहुँची तो रूम का दरवाज़ा खुला था पर सॅम बेड पे नही था बाथरूम में से पानी बहने की आवाज़ नजमा को एहसास दिलाती है कि सॅम नहा रहा है..
वो सॅम के लिए नाश्ता बनाने किचिन में चली जाती है

जब सॅम;हॉल में पहुँचा तो बिल्कुल खामोश था उसके चेहरे पे कोई भाव नही थे

नजमा;उसे नाश्ते की प्लेट सर्व करती है
एक पल के लिए दोनो की नज़रें मिलती है

सॅम;अम्मी मुझे आपसे कुछ बात करनी है

नजमा;हाँ बोल

सॅम;अम्मी मुझे माफ़ कर दीजिए मेने जो कुछ किया है शायद उसके सज़ा ये है कि में आपके नज़रों से हमेशा हमेशा के लिए दूर चला जाऊ

इसीलिए में ने ये फ़ैसला किया है कि में यूके जा रहा हूँ और वहीं रहूँगा

नजमा;के तो जैसे हाथ पैर फूल गये थे
तुझे मेरे बात इतनी बुरी लगी कि तूने इतना बड़ा फ़ैसला कर लिया

सॅम;कुछ नही कहता और चुप चाप वहाँ से चला जाता है

नजमा;खुद को कोस्ती है कि आख़िर मेने उसे ऐसा क्यूँ कहा कि दूर होज़ा मेरे नज़रों के सामने से
सारी ग़लती मेरी है मैं सॅम को कहीं जाने नही दूँगी कभी नही वो ठान लेती है

पर सॅम भी जाने की ठान चुका था.

कमाल की बात तो ये थी कि ग़लती सॅम ने किया था पर अफ़सोस नजमा को हो रहा था गुस्सा नजमा को होना चाहिए था पर रिएक्ट सॅम कर रहा था

दिल तो नजमा का टूटा था दिल के जिस कोने में एक धुंधली सी तस्वीर उभर के आई थी नजमा कि वो सॅम ने मिटाने की कोशिश किया था

ये इश्क़ नही आसान बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है.

आज पहली बार नजमा का दिल सॅम के जाने से हर्ट हुआ था इतना हर्ट कि कोई सोच भी नही सकता जब नजमा ने सॅम को फीरोजा की बाहों में देखी थी तब भी उसे इतना हर्ट नही हुआ था बल्कि सच कहीं तो उस वक़्त नजमा को जलन हुई थी जिसे उसने गुस्से की शकल में एक कड़वा घूट समझ के पी लिया था

पर आज जब सॅम उसे हमेशा हमेशा के लिए दूर जाने की बात कर रहा था तो पता नही दिल के किसी कोने में कोई चीखा ज़रूर था.

नजमा;सॅम के रूम में पहुँच जाती है जहाँ सॅम कपड़ों की पॅकिंग कर रहा था

सॅम;नजमा को देखता है और फिर दुबारा अपने काम में लग जाता है

नजमा;सॅम तू कहीं नही जा रहा है

सॅम;में जा रहा हूँ अम्मी

नजमा;मेने कहा तू कहीं नही जा रहा

सॅम;में जा रहा हूँ मतलब जा रहा हूँ

नजमा;सॅम के पास जाके उसके हाथ से कपड़े छीन लेती है और एक थप्पड़ उसके गाल पे जड़ देती है.

आँसू सॅम की आँखों में आने चाहिए थे पर रो नजमा रही थी..
तू खुद को समझता क्या है मैं तेरी अम्मी हूँ मेने कहीं तू नही जाएँगा और गर तू जाएगा तो अपनी अम्मी को ज़िंदा नही देख पाएगा

वो रुकी नही रोते हुए सॅम के रूम से निकल गयी.

सॅम;;हाथ में कपड़े पकड़े उसे जाता देखता रह गया.

महक;;जब कुछ देर बाद सॅम के रूम में आई तो सॅम बेड पे लेटा हुआ था

क्यूँ जवान मेने सुना कि तू जा रहा है
तुसी ना जाओ ना

महक;के चेहरे पे मुस्कान थी और होंठो पे शरारत.

वो सॅम और नजमा के बीच की सारे बातें सुन चुकी थी

सॅम;ठंडे आहें भरते हुए
तू अगर मुझे रोकते हुए मर भी जाती तो में नही रुकता पर अम्मी की बात में नही टाल सकता

महक;मरे मेरे दुश्मन तेरे जैसे..में क्यूँ तुझे रोकू जा जाना है तो जा

सॅम;बेड से उठ जाता है और महक के करीब आके उसकी आँखों में देखते हुए
सच में तुझे कोई फरक नही पड़ता

महक;नही

सॅम;मेरे आँखों में देख के कह ना फिर

महक;;तू जाना मुझे बहुत काम है.

सॅम;;महक को अपनी बाहों में कस लेता है इधर देख मेरी तरफ

महक;सॅम का चेहरा देखने लगती है.
बोल क्या है

सॅम;;अगर में चला गया तो तुझे कोई फरक नही पड़ेगा

महक;के होंठ लरज के रह जाते है दिल तो उसका भी दुखा था सॅम के जाने का सुनके पर उसके अहम ने उसे मजबूर किया हुआ था.

तुझ जैसे गंदी इंसान को कौन अपने घर में रखना पसंद करेगा महक ने घूरते हुए सॅम को कहा

सॅम;अब जब में गंदा हूँ ही सब की नज़र में तो क्यूँ ना तेरे साथ भी

महक;चुप कर कमिनाते और छोड़ मुझे वरना में अम्मी को आवाज़ दूँगी

सॅम;;सज़ा तो तुझे मिलेगी मुँह खोलने की मोटी

और अचानक महक के कुछ बोलने से पहले सॅम अपने होंठ महक के काँपते होंठों पे रख देता है.
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 07 Jan 2017 10:47

सॅम;;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प निचला होंठ उसने बुरी तरह काट लिया था जिससे महक के होंठ से खून निकलने लगा था वो रुआंसी हो गयी थी

महक;ये तूने क्या हरकत की सॅम छोड़ मुझे और महक सॅम के पेट में मुक्का जड़ते हुए वहाँ से भाग जाती है.

सॅम;अपने होंठों पे लगा महक का खून सॉफ करते हुए

मेरी जान तूने शेर के मुँह को खून चखा दिया है अब तुझे मुझसे कोई नही बचा सकता.

नजमा;;महक को वॉश बेसिन में अपना चेहरा सॉफ करते हुए देखती है

नजमा;क्या हुआ बेटा तेरे मुँह से खून कैसे निकल रहा है

महक;;वो अम्मी जी वो में ववो पता नही होंठ फटने से शायद खून निकल रहा होगा

नजमा;दिखा मुझे.

महक;जल्दी से अपना चेहरा छुपाते हुए वहाँ से भाग जाती है..
नजमा;;ऑफीस के लिए निकलने ही वाली थी कि उसे फीरोजा का फोन आता है.

नजमा;हेल्लो फीरोजा कैसी हो सब ठीक तो है ना

फीरोजा;बाजी वो अब्बू की तबीयत ठीक नही है आप यहाँ आ सकती हो क्या अभी

नजमा;पर हुआ क्या अब्बू को कुछ बताओ तो

फीरोजा;बस आप यहाँ आ जाओ

नजमा;ठीक है में बस अभी निकल रही हूँ

और फोन डिसकनेक्ट हो जाता है

नजमा;काफ़ी परेशान होचुकी थी वो कुछ सोचते हुए सॅम और महक को आवाज़ देती है

सॅम;क्या हुआ अम्मी सब ठीक तो है ना

महक;भी नजमा का परेशान चेहरा देख पूछ बैठी

नजमा;वो बेटा तुम्हारी खाला का फोन आया था अभी अब्बू की तबीयत शायद कुछ ठीक नही है मुझे अभी जाना होगा.
सॅम तुम ऐसा करो ऑफीस चले जाओ और वहाँ का काम देख के जल्दी घर आ जाना मैं शायद कल ही आ पाउन्गी

सॅम;आमी में भी आपके साथ चलता हूँ

नजमा;जानती थी ये वहाँ जाने को क्यूँ उछल रहा है
नाना तो रह जाएँगे ये और फीरोजा एक कमरे में शुरू होज़ाएँगे

नजमा;नही तुम यहीं रूको ऑफीस का काम भी देखना है और महक बेटा तुम घर के बाहर नही जाओंगी समझी

महक;जी अम्मी

नजमा;जल्दी जल्दी कुछ समान लेके अपनी कार में बैठ के निकल जाती है

सॅम;नजमा के जाने के बाद महक की तरफ देखते हुए
अर्रे मोटी ये तेरे होंठ को क्या हुआ

सॅम;के काटने से महक का नचला होंठ थोड़ा सूज गया था

महक;;तिलमिलाते हुए तेरा सर हुआ है कम्बख़त मारे अब तो अम्मी भी नही है अब तुझे मुझसे कौन बचाएगा

और महक सॅम पे टूट पड़ती है

वो सॅम को सोफे पे गिरा के उसके उपर चढ़ जाती है और इधर उधर जहाँ जगह मिले वहाँ घूँसे मारने लगती है

सॅम;हंसता चला जाता है उसे तो जैसे गुद गुदी सी हो रही थी

सॅम;अचानक ही महक की दोनो कलाईयों को पकड़ के उसे अपने नीचे करलेता है और उसके उपर चढ़ जाता है

सॅम;महक तू ये कैसे भूल गयी कि छुरी तरबूज़ पे गिरे या तरबूज़ छुरी पे कटता हमेशा तरबूज़ ही है..

महक;;सॅम का इरादा भाँप चुकी थी वो बस किसी भी तरह वहाँ से निकलना चाहती थी क्योंकि वो इन दिनो में एक बात तो जान चुकी थी कि जब सॅम उसे प्यार से चूमता है तो वो खुद अपने आप में नही रहती और वो चाह कर भी सॅम को रोक नही पाएगी

छोड़ मुझे कमिनाते वरना में चिल्लाउन्गी

सॅम;;चिल्ला जितनी ज़ोर से चिल्लाना चाहती है चिल्ला

महक;बच्ऊऊऊऊऊऊऊऊ मुझे इस कमिनाते से बच्ऊऊऊऊ
वो सच में चिल्लाने लगती है

सॅम;फ़ौरन अपने होंठों से उसकी चीख अपने अंदर समा लेता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;का किसिंग का अंदाज़ हाईईईईईईईईईईईई उसके होंठ किसी साकी की शराब की तरह थे एक बार जो किसी के होंठों को चूम लें तो बस उसे अपना आदि बना लें

ये उसका दीवाना पन था या मोहब्बत का सुरूर..महक सॅम के नीचे ना कोई हरकत कर रही थी और ना कोई विरोध.
वो तो जैसे सॅम के होंठों का सारा रस पीते जा रही थी

महक;की आँखे बंद थी और ज़ुबान सॅम के मुँह में ऐसा लग रहा था मानो जैसे कोई बरसों का प्यासा दो घूंठ पानी की तलाश में कुछ ढूँढ रहा हो

दोनो बस एक दूसरे की ज़ुबान चूस्ते जा रहे थे

तकरीबन.10मिनट बाद बाहर बाइक के हॉर्न की वजह से वो दोनो एक दूसरे से अलग हुए पर मोहब्बत का प्याला वो दोनो पी चुके थे

महक;की आँखे लाल होचुकी थी उस में वो तड़प सॉफ देखी जासकती थी जो एक माशुका की आँखों में होती है अपने माशूक को पा लेने की

सॅम;सोफे पे से उठ के महक को अपने सीने से लगा लेता है

सॅम;एक और

महक;उनह हूँ छोड़ मुझे जाने दे ना

सॅम;बस छोटी सी

महक;अहह छोड़ ना बाबा क्या कर रहा है होश में तो है ना तू

सॅम;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

दोनो फिर से एक दूसरे में खो जाते हैं

शायद महक होश में नही आना चाहती थी इसीलिए वो सॅम को और कस के अपने से चिपका के चूम रही थी
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 07 Jan 2017 10:48

भाई बहेन की मोहब्बत ने एक नई राह पे अपने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे ये रास्ता उन्हे किस मंज़िल पे लेजाएगा ये तो वो खुद भी नही जानते थे पर कहते है ना
प्यार का अंजाम किसने सोचा हम तो मोहब्बत किए जा रहे है

कुछ देर बाद अचानक बाहर बिजली चंकी और आसमान में बादल घिर आए

उस बिजली की आवाज़ ने पता नही महक के दिल पे क्या ज़ुल्म ढाए कि वो एक झटके में सॅम से अलग हो गयी और सोफे पे से उठ के खड़ी हो गयी

सॅम;उसके इस अजीब से बर्ताव से बिदक सा गया था
फिर सॅम को एहसास होता है कि महक जिस जगह बैठी थी वहाँ एक पानी का धब्बा सा बन गया है इसका मतलब महक सॅम की बाहों में पहली मर्तबा सिर्फ़ किस करने से पानी छोड़ चुकी थी

महक;सॅम को घूरते हुए देखने लगती है
देख सॅम आइन्दा मेरे करीब भी आने की कोशिश मत करना वरना मुझसे बुरा कोई नही

सॅम;मुस्कुराता हुआ वो पानी के निशान पे अपनी दो उंगलियाँ घुमाता है और चिप चिपा सा वो पानी अपनी नाक के पास लेक पहले सूँघता है और फिर वो दोनो पानी से भीगी हुई उंगलियाँ अपने मुँह में डालके चूस लेता है

महक;;आँखे फाडे उसे देखती रह जाती है

सॅम;महक को पकड़ने ही वाला था कि फोन की रिंग बजती है

ये फोन ऑफीस से था और सॅम को उदास दिल से ऑफीस जाना पड़ता है

महक;अपने कॉलेज चली जाती है.

ऑफीस में भी सॅम का दिल नही लगता वो महक को फोन लगाता है

महक;क्या बात है कमिनाते आज कैसे फोन किया

सॅम;बस मेरे जान की याद आ गई

महक;;ओये ओये ओये शकल देखी है अपनी आयने में मैं कोई तेरी जान वान नही हूँ समझा ना आगर मुझे अयन्दा जान कहा ना तो भुर्ता बना दूँगी समझ ले

सॅम;हाई मेरी जान तेरी इसी अदा का तो में दीवाना हो गया हूँ

महक;मुस्कुरा रही थी पर दिखा गुस्सा रही थी
देख सॅम बहुत हुआ मुझे ये सब ठीक नही लगता में फोन रख रही हूँ

सॅम;एक किस्सी तो देदो जी

महक;जुत्ते दूं क्या वहाँ आके

सॅम;मुआहह
सॅम खुद महक को इधर से फोन पे किस कर देता है

महक;चिल्लाते हुए कमिनता
और महक फोन काट देती है

आज पता नही इन्दोनो को हो क्या गया था वो दोनो ऐसे बिहेव कर रहे थे जैसे भाई बहेन नही बल्कि लवर्स हों

महक;का दिल जहाँ सॅम को देखने के लिए मचल रहा था
वहीं सॅम का दिल महक को बाहों में भर के पता नही क्या क्या करने के लिए कह रहा था.

जैसे तैसे शाम हो जाती है और दोनो घर की तरफ निकल जाते है.

जब सॅम ;घर पहुँचता है तो वो सीधा महक के रूम में जाता है

महक;आयने के सामने खड़ी थी उसने टॉप और स्कर्ट पहन रखी थी

गोरी गोरी सफेद टाँगें और चिकना मखमली पेट सॅम सॉफ देख सकता था

अपने पीछी खड़े सॅम को जब महक आयने में देखती है तो उसके चेहरे पे मुस्कान आजाती है

सॅम;कहीं जा रही हो महक

महक;इतराते हुए हाँ वो मेरे फरन्ड की बर्तडे पार्टी है ना वहीं जा रही हूँ

सॅम;ऐसे कपड़े पहन के

महक;क्यूँ क्या खराबी है इन में

सॅम;तू ऐसे कपड़े क्यूँ पहनती है महक तू सादे सिंपल ड्रेस में कितनी प्यारी लगती है

महक;उफफफफफफ्फ़ हो ओल्ड मॅन

आज कितने दिनो के बाद तो मौका मिला है ये सब पहनने का अम्मी घर पे जो नही है में तो यही पहन के जाउन्गी.

सॅम;उसे कुछ बोल पाता इससे पहले बाहर कार का हॉर्न बजता है

महक;सॅम को तिर्छी नज़रों से देखती है ओके बाइ ओल्ड मॅन.

हाँ सुनो मुझे प्लीज़ पिकप करने मत आना
और महक अपनी फरन्ड सीमा के साथ कार में बैठ के चली जाती है

आज सॅम को अजीब सा फील हो रहा था जैसे कुछ अन होनी होने वाली है
जैसे कुछ बुरा
वो खुद को समझाता है पर उसका दिल नही मानता और वो उसे उलझन में घर के अंदर आजाता है.

खाना खाने के बाद सॅम टी.वी ऑन करके इधर उधर चॅनेल्स बदलने लगता है पर उसे कुछ भी अच्छा नही लगता.
वो क्लॉक की तरफ देखता है रात के 10 बज रहे थे
महक को पार्टी में गये हुए 3 घंटे होचुके थे

तभी सॅम के मोबाइल पे महक का कॉल आता है

सॅम;खुश होके जैसे ही फोन रिसीव करता है उधर से महक की खौफनाक चीख सुनाई देती है

महक;सॅम बच्ऊऊऊऊऊऊऊऊऊ मुझे प्लेआसेज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ यहाँ प्लाज़ा होटेल्ल्ल्ल्ल्ल के सामने जल्दी आअजाआओ सॅम

और फोन कट हो जाता है

सॅम;हेलो हेलो महक हेलो करता रह जाता है.

वो बिजली की तेज़ी के साथ खड़ा होता है और अपनी बाइक निकाल के आँधी की तरह घर से निकल जाता है.
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 11 Jan 2017 11:50

जब महक और उसकी फरन्ड सीमा की पार्टी से वापस घर आ रही थी
तब अचानक उनकी कार पंक्चर हो गयी वो जैसे ही कार से नीचे उतरे उनके सामने उस इलाक़े का जाना माना गुंडा बिल्ला और उसका पार्ट्नर सल्या खड़े थे

बिल्ला;क्या हुआ जाने मॅन
सुलया;भाई माल एक नंबर है ये वाली मेरी और वो वाली आपकी

दोनो शराब के नशे में धुत्त थे और उनके हाथ में एक बड़ा सा चाकू भी था

महक और सीमा घबरा के वापस कार में बैठ जाते हैं
और कार के शीशी उपर चढ़ा लेते है..और तभी महक सॅम को फोन लगाती है

बिल्ला;अर्रे बचके जाएगी कहाँ छम्मक छल्लो

सुलया';अपने हाथ की दारू की बॉटल कार के शीशे पे मार देता है
जिससे महक और सीमा बुरी तरह घबरा जाती है.

बिल्ला;अपने हाथ के चाकू से कार के शीशी पे ज़ोर से वार करता है और दो टीन बार में ही शीशा टूट जाता है

अब दोनो लड़कियाँ बुरी तरह घबरा चुकी थी वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगती हैं पर उस अंधेरे में उनकी आवाज़ सुनने वाला कोई नही था उपर से बारिश भी शुरू होचुकी थी

बिल्ला;अपना हाथ अंदर डालके कार का गेट खोल देता है
और महक के बाल पकड़ के उसे बाहर खींच लेता है

साली चिल्लाएगी ना तो ये देख पूरा का पूरा अंदर घुसेड के पेट में आठ का आकड़ा बना दूँगा चुप कर साली.

सुलया;अर्रे भाई ये चिकनी बहुत शोर मच्चा रेली है दूं क्या इसको

बिल्ला;देख ना साली कपड़े तो धन्दे वाली के जैसे पहनी है और चिल्ला ऐसे रही है जैसे बहुत शरीफ हो चल सुलया उतार इसके कपड़े

महक;बच्ऊऊऊओ नहियीईईईईईईईईईईईईईईईई.
बिल्ला की बात सुनके सुल्लया अपने हाथ का चाकू महक की गर्दन पे लगा देता है
और एक हाथ से महक का टॉप खींच लेता है महक ने अगर ब्रा नही पहनी होती तो शायद आज वो बीच रास्ते में बिल्कुल टॉपलेस हो जाती

महक;;रोने लगी थी वो अपने आप को कोसने लगती है कि क्यूँ उसने सॅम को उसे पिकप करने के लिए मना किया था

कार में बैठी सीमा भी जैसे हक्का बक्का से रह गई थी ये सब देख के उसके तो मुँह से आवाज़ भी नही निकल पा रही थी

बिल्ला;आगे बढ़ता है और चाकू महक के शॉर्ट में डालके उसे चीर देता है

वो दोनो अपने गंदे पीले पीले दाँत दिखा के हँसे जा रहे थे और महक अपना शॉर्ट भी उतर जाने से किसी कोमा के पेशेंट्स की तरह खड़ी थी

सीमा;भैया हमे जाने दो प्लीज़ वो रोए गिड गिड़ाई पर उसकी मासूम गुहार का उन्दोनो पे कोई असर नही होने वाला था

बिल्ला;हाहः सुलेआ देख तेरी वाली मुझे भैया बोलती है साली
भैया नही सैयाँ चलो आज करेंगे ताता थैया,हाहहः

बिल्ला;के हाथ महक की ब्रा को खोलने के लिए आगे बढ़ते है.
तभी

एक तेज रफ़्तार बाइक आके बिल्ला की जाँघ के बीचो बीच लगती है

बिल्ला;अहह ज़ोर की चीख के साथ 6फिट दूर जाके गिरता है

सुलया;तू कौन है रे हरामजादे

सॅम;;तेरा बाप

अपनी बहेन महक को सॅम अपनी जॅकेट पहना के जैसे ही मुड़ता है उसके सामने बिल्ला और सुलया अपने हाथों में तेज़ धार चाकू लिए उसकी तरफ बढ़तें है.

पर सॅम के सर पे तो जैसे खून सवार हो गया था उसे बस महक के चीखे ही सुनाई दे रही थी

सॅम का ढाई किल्लो का हाथ जब बिल्ला के कन पटी पे पड़ता है तो उसे अपनी माँ का पीया हुआ वो दूध याद आजाता है जो उसने एक ही बार पिया था

वो चक्कर ख़ाके ज़मीन चाटने लगता है

सुलया ;अपने गुरु को देख सॅम पे चाकू से वॉर करता है पर सॅम नीचे झुक के अपने जूडो कराटे वाली किक सुलया की छाती पे रख देता है जिससे सुलया के मुँह से दारू के साथ साथ खून भी निकलने लगता है

दोनो ज़मीन पे चित पट पड़े थे और सॅम बिल्ला की छाती पे पैर रख के उसे कहता है

आयन्दा इस इलाक़े में नज़र भी आए ना तुम दोनो तो बेटा याद रखना लोही खेए रोड पीछे से डालूँगा और मुँह में से निकालूँगा.

दोनो इस लायक ही नही बचे थे कि कुछ कर पाते तभी वहाँ पोलीस की वेन आ जाती है और दोनो बदमाशों को कार में भर के पोलीस स्टेशन ले जाती है...


सॅम;;सीमा के अब्बू को फोन करता है और कुछ देर में वो भी वहाँ आजाते है और सॅम का शुक्रिया अदा करके सीमा को अपने साथ लेजाते है.

महक;;कार के फ्रंट टाइयर के पास बैठी रो रही थी वो अभी तक सदमें में थी

सॅम;उसे सहारा देके उठाता है और बाइक पे बैठके घर की तरफ चल पड़ता है.

महक;अभी भी पीछे बैठी बैठी सिसक रही थी
जैसे ही वो दोनो घर में पहुँचे महक;

वहीं नीचे फर्श पे बैठ के ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है

मुझे माफ़ करदो भाई मुझे माफ़ करदो अगर आज तुम नही आते तो
बस वो इतना बोलती जा रही थी और आँसू उसकी आँखों से मुसलसल बह रहे थे

सॅम;महक मेरा बच्चा ऐसे रोते नही ना जब तक तेरा भाई ज़िंदा है तुझे कोई कुछ नही करसकता चल खड़े होज़ा शाबाश.

और सॅम;महक को अपने कंधे का सहारा देके उसके रूम में ले जाता है
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