एक राजा और चार रानियाँ complete

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jay
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by jay » 11 Jan 2017 11:52


महक;के जिस्म में बुझ चुकी आग फिर से जल उठती है और एक सिसक उसके होंठों से अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की शकल में बाहर निकल जाती है

शरम ओ हया के बादल फिर से घिरने लगते है पर सॅम इन बादलों के पार महक को लेजाना चाहता था उस जगह जहाँ वो खुल के एक दूसरे से चुदाई की बातें करसकें और बिकलूल हज़्बेंड वाइफ की तरह चुदाई करसकें

महक;सॅम की आँखों में ही देख रही थी

सॅम;थोड़ा आगे बढ़ता है और अपने लंड का सुपाडा महक के लिप्स पे घिसता है जैसे लिप्स टिक लगा रहा हो

महक;के होंठ थोड़े से खुलते है पर इतने नही कि वो सॅम के लंड को निगल जाए

सॅम;थोड़ा सा लंड अंदर केए तरफ डालता है
चूस ले महक अपने भाई का लंड

महक;थोड़ा झीजक रही थी पर वो सॅम को नाराज़ भी नही करना चःटी थी वो और मुँह खोलती है और ज़ुबान बाहर निकाल के लंड पे फेरती है शिप्प्पप्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;प्रेशर देके लंड अंदर डालता चला जाता है और वो सीधा महक के हलक में जाके अटक जाता है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प उःन्णननणणन् बहुत बड़ा लंड होने की वजह से महक की सांस घुटने लगी थी और आँखे फटी की फटी रह गयी थी पर सॅम लगातार अंदर बाहर किए जा रहा था गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह ठीक से कर साली हाआआआआअ

महक;सॅम को गिरा के नीचे कर देती है और खुद उसपे सवार हो जाती है अब महक बहुत आसानी से लंड गटक सकती थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सलाइवा और सॅम के लंड का पानी दोनो नीचे बेड शीट गीला कर रहे थे पर महक तो जैसे लंड छोड़ने को तैयार ही नही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प

वो टेस्ट्स को मरोड़ मरोड़ के लंड चुस्ती चले जा रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह ऐसा मत कर महक दर्द होता है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;;चुप कर मेरा है मेरे मर्ज़ी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;के लंड की नसें फूल चुकी थी और लंड का सुपाडा लाल हो चुका था अब सॅम से एक पल भी बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था वो महक के बाल पकड़ के उसे डोगी स्टाइल में झुका लेता है और पीछे से अपना लंड उसकी चूत के लिप्स पे घिसने लगता है अहह

महक;;जल्द से जल्द वो तलवार अपनी म्यान में लेना चाहती थी अहह डालना रे सॅम अहह जल्दी से डाल दे अंदर अहह

सॅम;ये ले मेरी जान हाआआआआआआआआ अहह अहह
वो फिरसे चीरता हुआ अंदर चला गया था

और महक के चेहरे पे खुशी और दर्द के मिले जुले असर छोड़ गया उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आराम से नही चोद सकता अहहहहहहहहः बहेन हूँ में तेरी कोई रांड़ नही हुन्न अहह

सॅम;साली लंड लेने के लिए तड़प रही थी और अब चिल्ला रही है रुक अहह
वो महक की गोरी नरम नरम गान्ड पे थपा थप थप्पड़ मारने लगता है

इन थप्पाड़ों का महक पे उल्टा ही असर होता है और वो और जोश में अपनी गान्ड पीछे करते हुए सॅम का लंड अंदर लेती जाती है अहह अहह अम्मी ग क्या ख़ाता है रे आआहह ज़रा सा तो रहम खा अपनी बहेन पे ऊऊहह

सॅम;अहह चोदने दे ना मेरी जान बहुत टाइट है तेरी अहह अहह

ना धक्को की बरसात कम हो रही थी और ना महक की गान्ड रुकने का नाम लेरही थी पूरा रूम दोनो की आवाज़ों से गूँज रहा था

तकरीबन 20 मिनट की ज़ोरदार चुदाई के बाद महक की टाँगे जवाब दे गयी और वो चीखते हुए झड्ने लगती है अहह बस कर मार देगा क्या अहह

सॅम;भी उसी के पीछे झड्ने लगता है और फिर वहीं महक के उपर लुढ़क जाता है.
दोनो बुरी तरह थक चुके थे उन्हे कब आँख लगी पता ही नही चला.


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(ज़िद (जो चाहा वो पाया) running).
(वक्त का तमाशा running)..
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

Re: एक राजा और चार रानियाँ

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Kamini
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by Kamini » 12 Jan 2017 14:02

जय कहानी बहुत ही हॉट है प्लीज अपडेट थोड़े जल्दी देने की कृपा करें

mini
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by mini » 05 Feb 2017 11:49

yyyyyyyyyyyyyyy kya ho gya site ko

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shubhs
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by shubhs » 05 Feb 2017 13:24

वेबसाइट लगता है कि25 दिन बैक हो गयी है पिछली बार की तरह
सबका साथ सबका विकास।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, और इसका सम्मान हमारा कर्तव्य है।

prkin
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Re: एक राजा और चार रानियाँ

Post by prkin » 06 Feb 2017 09:47

Plugging in from own backup.

सुबह 8एएम;
सॅम की जब आँख खुली तो महक उसके पास नही थी वो उठ के बाथरूम में फ्रेश होने चला जाता है और फिर जब टवल लपेट के किचिन में आता है तो मारे हैरत के उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है.

महक;शलवार कमीज़ में खड़ी नाश्ता बना रही थी
ज़िंदगी में पहली बार उसने शलवार कमीज़ पहनी थी और वो भी शबनम भाभी की

पीछे से बिल्कुल शबनम की तरह लगने वाली महक इस शलवार कमीज़ में जन्नत की हूर से कम नही लग रही थी शायद वो भी अभी अभी नहा के आई थी उसकी खुली हुई ज़ूलफ़े उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रही थी

सॅम;अपनी टवल निकाल के चेयर पे रख देता है और पीछे से महक को दबोच लेता है

महक;अहह क्या कर रहे हो हटो रात को तो तुमने मुझे मार ही दिया था

सॅम;क्या बात है महक तू तो बहुत खूबसूरत लग रही है

महक;बस बस मुझे पता है ये तारीफ किस लिए होरही है पर अभी मुझे बहुत काम है.

सॅम;मेरी जान काम के लिए तो पूरी ज़िंदगी पड़ी है पहले प्यार उसके बाद काम

महक;ने अभी भी सॅम को नही देखा था कि वो किस हॉल में खड़ा है जैसे ही वो मुड़ती है वो शरमा जाती है

किसी तीर की तरह सॅम का लंड सीधा महक की गान्ड का निशाना लिए हुए था

महक;कपड़े तो पहन लो

सॅम;किस लिए जबकि में तो तुझे नंगी करने आया हूँ

महक;हटो सॅम

सॅम;महक को शीलफ से खड़ा कर देता है और उसके दोनो ब्रेस्ट को मसलता हुआ उसके लिप्स को चूसने लगता है
उसका लंड महक की जाँघ में घुसा हुआ था और चूत पे रगड़ खा रहा था

महक;उनह नही ना अभी नही ना सॅम उःन्णनननननणणन् काम करने दोना हााआअ

सॅम;शलवार का नाडा खोल के उसे नीचे गिरा देता है और पैंटी को थोड़ा साइड में खिसका के अपना लंड चूत में घुसा देता है अहह अहह

महक;;अपनी एक टाँग सॅम की कमर पे चढ़ा के खड़े खड़े सॅम का लंड अंदर ले रही थी पैंटी पूरी ना उतरने की वजह से सॅम का लंड पैंटी को घिसता हुआ अंदर बाहर हो रहा था

सॅम;को इस चुदाई में और मज़ा अरहा था अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक दिल तो करता है तुझे रात दिन बस चोदता ही रहूं अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क्या चूत है तेरी एकदम मखमल अहहहहहहहहहहहः

महक;सिसक ते हुए अहह चोदो ना समीर तुम्हारी तो हूँ में अहह ऊइईईईई अम्मी गगगगगगगगग उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

अचानक;किसी का ज़ोर दार थप्पड़ सॅम की गान्ड पे पड़ता है
सटकककककककककककककककककककककककककक

सॅम;चौंकते हुए पीछे देखता है और महक के साथ साथ उसके भी होश उड़ जाते है..

नजमा;समीर कुत्ते कमिनाते
नजमा;सॅम के पीछे खड़ी थी और उसकी आँखों में गुस्सा सॉफ देखा जासकता था.


सॅम के साथ महक भी बुत बनी खड़ी थी कमाल की बात तो ये थी कि अब भी सॅम का लंड महक की चूत में था और नजमा की नज़र उसी पे थी

नजमा;सामने पड़ा हुआ बेलन उठा कर सॅम की कमर पे मारती है दूर हट बदजाद.

औट तू बदचलन लड़की ये तूने किया कि तूने अपना कुँवारा पन इस कम्बख़्त के हवाले कर दिया अर्रे ये तो है ही कमीना मुझे तुझ से ये उम्मीद नही थी.

सॅम;फॅक की आवाज़ के साथ अपना लंड महक की चूत से बाहर निकाल लेता है

उसका पानी नही निकला था इसलिए उसका लंड अभी भी तना हुआ था और अब नजमा की तरफ इशारा कर रहा था

तभी वहाँ फीरोजा दाखिल होती है और सामने अपने भानजे और भांजी को बिल्कुल नंगा देख उसे बड़ा सा शॉक लगता है.

वो दोनो तो सत्तार ख़ान को साथ लेके आई थी यहाँ सिटी के किसी डॉक्टर को उन्हे दिखाने गनीमत तो ये थी कि सत्तार ख़ान चल फिर नही सकते थी वो बेचारे व्हीएल चेयर पे घर के गेट पे ही बैठे थे.

फीरोजा;ये में क्या देख रही हूँ बाजी

नजमा;फीरोजा को घूरते बस कर कमिनाते ये सब तेरा ही किया धरा है तूने मेरे बच्चे को बिगाड़ दिया है
पहले तू उसके बाद वो शबनम और अब ये कमिनाते इसे तो में जान से मार दूँगी
वो महक की तरफ बढ़ती है पर सही वक़्त पे सॅम नजमा का हाथ पकड़ लेता है

सॅम'बस करो अम्मी अब हम बच्चे नही रहे हम अपना अच्छा बुरा जानते है और अगर आपको हम इतने ही बुरी लगते है तो ठीक है हम दोनो भाई बहेन हमेशा के लिए ये घर छोड़ के चले जाएँगे

सॅम ने अपना आख़िरी हथियार इस्तेमाल करलिया था ये वो चीज़ थी जो नजमा को हिला के रख देती थी सॅम से दूर जाने के नाम से ही वो कांप जाती थी

नजमा;आगे बढ़ती है और एक ज़ोरदार थप्पड़ सॅम के मुँह पे और एक करारा थप्पड़ महक के मुँह पे रसीद कर देती है.

तू मेरे सबर का और इम्तिहान मत ले सॅम तू क्या समझता है तेरी ये बातें मुझे बहला फुसला लेंगी नही कभी नही तू कभी नही सुधर सकता आज में जान चुकी हूँ..आज के बाद तू मुझ से बात मत करना.


सॅम;पर अम्मी

नजमा;उसे उंगली के इशारे से धमकी देने वाले अंदाज में घूरते हुए वहाँ से चली जाती है

सत्तार ख़ान दरवाज़े पे थे

सत्तार ख़ान;क्या हुआ बेटा सब ठीक तो है ना

नजमा;जी अब्बू चलिए आपको रूम में ले चलती हूँ

दोनो अभी भी ऐसे ही खड़े थे पर सॅम के साथ साथ महक के चेहरे पे भी सुकून था.

फीरोजा;सॅम के करीब आती है और अपने हाथ में सॅम का लंड पकड़ लेती है
हाईईईईईईईई रे ज़ालिम तुझे एक पल के लिए भी अपनी खाला की याद नही आई कितना तडपी हूँ में तेरे लिए और तू इस कलमुही को चोद रहा है

तीनो खाला भानजे ज़ोर ज़ोर से हँसने लगते है

महक;तो क्या खाला आप भी

फीरोजा;नीचे बैठते हुए सबसे पहले मैने ही तो इसका रस पिया था

फीरोजा;कई दिनो की प्यासी थी उसका हलक सूख के बंजर ज़मीन की तरह हो चुका था वो झट से सॅम के लंड को अपने मुँह भर के ज़ोर ज़ोर से चूसने लगती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह खाला अम्मी आ जाएँगी छोड़ो नहाआआआआ

फीरोजा;आने दे आज मुझे मत रोक सॅम गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह अहह तेज धार के साथ अपना पानी फीरोजा के हलक में उतारने लगता है अहहहहहहहहहहः

महक;आँखे फाडे ये सब देख रही थी कि कैसे उसकी खाला अपने भानजे के पानी का एक एक कतरा अपनी ज़ुबान से चाट रही है.

सॅम;जल्दी से वहाँ से भाग के अपने रूम में घुस जाता है और कपड़े पहनने लगता है.

महक;जैसे ही मुड़ती है फीरोजा उसे पीछे से पकड़ के उसके ब्रेस्ट मसलते हुए
क्यूँ री कैसा लगा

महक;शरमाते हुए धत्त आप भी ना खाला

फीरोजा;उसकी चूत में उंगली डालके बाहर निकालते हुए उसे सूंघती है और फिर अपने मुँह में डालके चूसते हुए
ह्म्म्म्म ममममममम टेस्टी रात काफ़ी मस्ती की तुम दोनो ने

महक;इस हरकत से सिहर गयी थी उसे खड़ा रहना मुश्किल हो रहा था वो तेज कदमों से अपने रूम में घुस जाती है.

फीरोजा;के चेहरे पे खुशी सॉफ देखी जासकती थी
फीरोजा;के चेहरे पे मुस्कान आजाती है.

नजमा;सत्तार ख़ान के पास बैठी बातें कर रही थी तभी वहाँ सॅम कपड़े पहन के आता है

सॅम;नाना जान कैसी तबीयत है आपकी

सत्तार ख़ान;बिल्कुल ठीक हूँ बेटा ये तुम्हारे अम्मी ने ज़बरदस्ती मुझे यहाँ ले आई वरना मैं तो वहीं ठीक था..
तुम सूनाओ कैसे हो

सॅम;नजमा की तरफ देखते हुए बस नानू शुरू है दिन रात काम..

नजमा;सॅम को घूर्ने लगती है

सतार ख़ान;अर्रे बेटा समीर तुम्हारी अम्मी हर वक्त तुम्हारे साथ है तुम फिकर ना करो नजमा तुम्हे कभी अकेला नही होने देगी क्यूँ नजमा मैं ठीक कह रहा हूँ ना

नजमा;अब्बू आप आराम कीजिए खाना खाने के बाद डॉक्टर के पास चलना है.

और नजमा उन्हे लिटा के अपने रूम में चली जाती है

जाते जाते उसे फीरोजा और महक कुछ हंसते हुए बातें करते नज़र आते है वो महक को खा जाने वाली नज़रों से देखते हुए अपने रूम में पहुँच जाती है

कुछ देर नानू से बात करने के बाद सॅम भी नजमा के रूम में चला जाता है

नजमा;अपने बेड पे लेटी हुई थी और उपर घूमते फन को देख रही थी

सॅम;बेड पे जाके एक कोने में बैठ जाता है
अम्मी मुझसे बात क्यूँ नही कर रही हो आप

नजमा;कोई जवाब नही देती

सॅम;अम्मी प्लीज़ ऐसे मत करो ना देखो चाहें तो मुझे जान से मार दो पर ऐसे बात तो मत बंद करो

नजमा;सॅम इस वक़्त मैं बहुत गुस्से में हूँ तू यहाँ से चला जा

सॅम;नही जाउन्गा जब तक आप मुझसे अच्छे से बात नही करोगी मैं कहीं नही जाउन्गा.

नजमा;बेड से उठ के खड़े हो जाती है
तू यहाँ से जाता है या मैं बाहर जाऊ

सॅम;मौके की नज़ाकत को समझते हुए वहाँ से चले जाने में ही भलाई समझता है वो अपने रूम में आके बेड पे लेट जाता है और आने वाले वक़्त के बारें में सोचने लगता है.

दोपहर के खाना खाने के बाद

नजमा;अब्बू चलिए हम डॉक्टर के पास से हो आते है
फीरोजा तुम घर पे रहना

फीरोजा;ठीक है बाजी पर आप अकेले कैसे अब्बू को ले जाएँगी आप सॅम को साथ लेजाओना

नजमा;नही कोई ज़रूरत नही है

सतार ख़ान;बेटा फीरोजा बिल्कुल ठीक कह रही है चलो सॅम बेटा

नजमा;चुप हो जाती है और तीनो हॉस्पिटल की तरफ निकल जाते है.

उनके जाने के बाद महक अपने रूम में चले जाती है और फीरोजा मेन डोर बंद करके एक नाइटी पहन के महक के रूम में जाती है

महक;बेड पे लेटी हुई थी
फीरोजा;उसके पास जाके उस से एक दम चिपक के लेट जाती है

महक;उस वक़्त सॅम को सोच सोच के अपनी चूत सहला रही थी जब फीरोजा उसके उपर हाथ रखती है




फीरोजा;महक क्या सोच रही हो बेटा

महक;काँपते हुए बोली खाला आप तो सब जानते होना

फीरोजा;हाँ बेटा पर एक बात बता सॅम तुझे कितने दिनो से चोद रहा है

महक;कल रात से

फीरोजा;ह्म्म्म्म म पर बेटा मैने देखी सुबह सॅम ने तो कॉंडम नही पहना था ऐसे से तो तू प्रेगनेंट हो जाएगी

महक;हाँ खाला वो में

फीरोजा;मैं समझ सकती हूँ महक पर आगे से तुझे ख़याल रखना होगा

महक;ऐसी बातें अपनी खाला से कर रही थी उसे यक़ीन ही नही हो रहा था पर ये सब सच था..वो झिझकते हुए कहती है. ठीक है खाला

फीरोजा;गुड गर्ल
दोनो खाला भांजी एक दूसरे के इतने करीब थी कि उन्हे एक दूसरे की साँसे सॉफ सुनाई दे रही थी अचानक महक अपनी आँखे बंद कर्लेति है और फीरोजा उसी वक़्त अपने होंठ महक के लिप्स पे लगा देती है

दोनो एक दूसरे को पॅशनेट किस करने लग जाते है

ये सब इतनी जल्दी हुआ कि उन्हे संभलने का मौका ही नही मिला इसके पीछे वजह शायद ये थी कि फीरोजा कितने महीनो से सॅम के लंड की याद में तड़प रही थी और आज जो उसने देखा उससे उसकी चूत पानी छोड़े जा रही थी वही हॉल महक का था सॅम से आधी अधूरी चुदाई ने उसकी चूत का वो हाल किया था कि वो कि बार बाथरूम जाके अपनी चूत रगड़ चुकी थी पर कोई फ़ायदा नही हुआ था

दोनो के लिप्स एक दूसरे से अलग होने का नाम ही नही लेरहे थे

फीरोजा;महक के पूरे कपड़े उतर चुके थे और महक नंगी होके अपनी खाला के उपर चढ़ि हुई थी

फीरोजा;अपनी एक फिंगर महक की चूत में और एक फिंगर महक के गान्ड में डालके हिला रही थी




महक;;जोश में आके अहह सिसकारियाँ भर रही थी और फीरोजा लगातार अपनी फिंगर अंदर बाहर किए जा रही थी

महक;अपनी खाला को भी नंगी कर देती है सेक्स की प्यास दोनो के जिस्म को पागल बना रही थी

फीरोजा;महक की कमर पे थप्पड़ मार कर उसे उल्टा कर देती है और अपनी ज़ुबान महक की गान्ड के सुराख पे लगा के चूत तक चाटती चली जाती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प

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