चुदाई घर बार की complete

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maheshgarg
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Re: चुदाई घर बार की

Post by maheshgarg » 24 Apr 2017 12:26

bhai kahani 10manth se band paid he plez updete stori

Re: चुदाई घर बार की

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Jemsbond
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Re: चुदाई घर बार की

Post by Jemsbond » 05 Sep 2017 19:22

फरजाना का जिस्म चुत चाटने से एक दम से जैसे काँपने लगा था की मैं थोडा घबरा गया और उठ के बैठ गया तो फरजाना ने अपनी आखेँ खोल के मेरी तरफ देखा

अपनी चुत पे फिंगर रखते हो बोली भाई हट क्यों गये चतो ना ... कितना मज़ा आ रहा था मुझे

मैने इनकार मैं सर हिलाते हो कहा नहीं मेरी जान अब चाटूँगा नहीं अब मैं तुम्हारी चुत मैं अपना लंड घुसा के चोदुंगा और इतना बोलते ही मैं आगे हुआ

अपना लंड फरजाना की चुत पे सेट कर के हल्का सा झतका दे के अपने लंड को 3 इंच....,, तक फरजाना की चुत मैं घुसता हुआ उस के ऊपर लेट गया तो

फरजाना के मुह से सस्सिईईईईईईई की आवाज़ के बाद भाई पहले आराम से करना पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ कल बहुत दर्द हुआ था तो
मैने कहा आज कुछ नहीं होगा मेरी जान अब बस मज़े ही मज़े हैं और इतना बोलते ही

अपने लंड को फरजाना की चुत पे दबाने लगा जिस से मेरा लंड आहिस्ता आहिस्ता फरजाना की चुत मैं पूरा जा घुसा और फरजाना के मुह से आअहह सस्स्सीईई भाई बस आहिस्ताआआ ऊओह हान्ंनणणन् बस अभी रुकूऊऊऊ उनम्म्मह की आवाज़ भी कर रही थी और हम मेरे सर को भी अपनी तरफ खींच के मुझे अपने ऊपर पूरी तरह लिटा लिया
थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही फरजाना के ऊपर लेटा रहा और फिर मैं उठा और

फरजाना की टाँगों को पूरी तरह खोल के अपने लंड को भी फरजाना की चुत से कॅप तक निकाला और वापिस घुसा दिया तो फरजाना के मुह से आऐईयईईईईईईईईईईईईईई ऊऊहह भाईईईईईईईईईई पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता करूऊऊऊऊ ऊऊओह भाईईईईईईईईईईईईईईईईई आहिस्ता पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ की आवाज़ै करने लगी

जैसे जैसे मैं अपना लंड फरजाना की टाइट चुत मैं इन आउट करता तो मुझे अपना आप कंट्रोल करना मुस्किल लगता जा रहा था क्यों की फरजाना की चुत मेरे लंड को अंदर से एक बार भींचती और फिर हल्का सा ढील छोड डेटी तो
वहीं दोसरि तरफ फरजाना भी अपनी फरजाना को नीचे से मेरे लंड की तरफ दबा के मेरे झतकों का साथ देनी लगी और हाआंन्णाणन् भाइईईईईईईईई फाड़ डालो मेरिइईईईईई चुत को मुझे गश्ती की तरह छोड़ो भाई

जान ऊऊहह मैं गैिईईईईईईईईई भाईईईईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ैईन भी करती जा रही थी और फिर फरजाना का जिस्म एक बार आकड़ा और फिर ढीला पड़ गया क्यों की उस की चुत ने अपना सारा पानी निकल दिया था

फरजाना के फारिघ् होने के बाद मैं भी फरजाना के चुत मैं 5 6 तेज़ झतकों के साथ फारिघ् हो गया और अपना लंड बाहर निकल लिया और फरजाना की चुत की तरफ देखने लगा

जहाँ मेरे लंड से निकला पानी लगा हुआ था

मुझे इस तरह अपनी चुत की तरफ देखता पा के फरजाना उठ के बैठ गई और हंसते हो बोली क्या देख रहो हो भाई तो मैने हंसते हो कहा कुछ नहीं मेरी जान बस हुस्सान का ख़ज़ाना देख रहा था


उस रात मैने 2 बार व् की चुत मारी और उस के बाद मैं फरजाना को अपने साथ ही लिपटा के सो गया तो

मेरी आँख फरजाना के हिलने से खुली मैं उठा तो फरजाना ने कहा भाई कपड़े पहन लो मैं जा रही हूँ अभी सुबह होने वाली है तो मैने अपने ऊपर एक चादर खींच ली और फरजाना की तरफ देख के बोला ठीक है यार तुम जाओ और मुझे सोने दो नींद आ रही है

फरजाना कब गई मुझे नहीं पता लेकिन जुब दोबारा मेरी आँख खुली तो उस वक़्त मुझे फरी बाजी ने उठाया था और जैसे ही मैं उठा तो बाजी ने मेरा कान पकड़ लिया और बोली

विक्की तुम कितने बड़े कामीने हो रात को खामोशी से फरजाना को अपने साथ रूम मैं ले के घुस गये और मेरा और अम्मी का कुछ भी ख्याल नहीं आया तुम्हें और ऊपर से तुम

किस बेशर्मी से नंगे सो रहे हो

बाजी के कान मरोड़ने की वजा से भी मेरी नींद उड़ चुकी थी तो मैने बाजी के हाथ से अपना कान छुदया और उन का हाथ पकड़ के उन्हें अपने पास बिता लिया और बोला

यार अब घर मैं किस से शरम करू क्या अब भी कुछ बाकी बचा है जिस से हमनें शरमाना चाहिए

नहीं भाई बात तुम्हारी ठीक है लेकिन मेरी एक बात हमेशा याद रखना और अबू अम्मी भी ये ही चाहते हैं की हम आपिस मैं जिस तरह मर्ज़ी से रहें जो चाहे कराईं लेकिन हुमारे बीच एक परदा भी रहना चाहिए ताकि हम बाहर के लोगों के सामने भी थोडा अपने आप को संभाल सकैं क्यों के अगर हम ने हर हद पर कर डाली तो हुमारी तबाही मैं कुछ भी बाकी नहीं बचेगा यहाँ जो लोग हुमारी इज़्ज़त करते हैं आज ये लोग ही हुमारी बोटियाँ काट खाईंगे

बाजी की बात सुन के मैं सोच मैं पड़ गया और थोड़ी देर के बाद बोला बाजी बात तो आप की ठीक है हमनें जो भी करना है उस मैं कुछ ना कुछ शरम हया

हमेशा रखनी होगी वरना सिर्फ़ तबाही ही हुमारे नसीब मैं होगी बाकी अगर हम अब यहाँ से सब कुछ छोड चार के ज़मीन बेच के किसी दौर के शहर मैं शिफ्ट हो जायं तो बहतेर है जहाँ कोई हमनें ना जनता हो

मेरी बात सुन के बाजी हंस दी और बोली तुम्हें अब ख्याल आया इस बात का लेकिन अबू अम्मी इस बात का फ़ैसला पहले ही कर चुके हैं अब हमनें यहाँ से जाना होगा जहाँ हमनें कोई ना जनता हो

बाजी की बात सुन के मैं उठा और सलवार पहन के बाजी से बोला ठीक है बाजी अब मैं ध्यान रखा करूगा लेकिन ये तो बताओ रात क्या हुआ फरीदा अबू के साथ मज़ा ले चुकी है या अभी नहीं

बाजी मेरी तरफ देख के मुस्कुरई और बोली भाई लगता है की अब तुम्हें ख्याल आ रहा है फरीदा के बारे मैं पूछने का वेसे तुम्हें ये बता दूँ की फरीदा रात अबू के साथ सुहाग रात मना चुकी है
अब तुम निकलो यहाँ से और जा के नहा लो मैं नाश्ता लाती हूँ

मैं बाजी की बात सुन के रूम से निकल गया और नहा के रूम मैं वापिस आया तो बाजी मेरे लिए नाश्ता ला चुकी थी मैने बैठ के नाश्ता किया और उस के बाजी से फरीदा के बारे मैं पूछा तो बाजी ने कहा

अपने रूम मैं ही है अभी तक निकली नहीं

मैं तो रात अम्मी के साथ उन के रूम मैं ही थी बाकी अभी तक अपने रूम मैं नहीं गई तुम खुद ही जा के देख लो क्या कर रही है

मैं उठा और बाजी के साथ फरीदा के रूम की तरफ चल दिए और जुब रूम मैं पहुँचा तो फरीदा बाजी को देखा अपने बिस्तेर पे लेती होई थी मूड के हुमारी तरफ देखनी लगी जो

उस वक़्त सिर्फ़ एक चादर अपने ऊपर लिए लेती होई थी जो की उस के बूबस से हटी होई थी

फरीदा को इस तरह लेटा देख के और उस के नंगे बॉबस को देख के मेरा लूँद खड़ा होने लगा

हम दोनो के एक साथ देख के फरीदा थोडा शर्मा गई और जल्दी से अपनी चादर अपने ऊपर ठीक कर ली तो बाजी मुस्कुराती होई आगे बढ़ी और फरीदा के साथ जा के बैठ गई

बोली क्या हुआ फरीदा हमनें देख के अपने आप को छुपा क्यों रही हो शरम आ रही है क्या मेरी रानी को फरीदा जो के पहले ही शर्मा रही थी बाजी की बात से और भी लाल हो गई और चादर को अपने ऊपर कर के फेस भी चादर मैं घुसा लिया तो बाजी ने कहा

भाई आप ऐसा करो जाओ यहाँ से जुब तक तुम यहाँ रहोगे फरीदा इसी तरह शरमाती रहेगी तुम जाओगे

तो मैं इसे रूम से निकाल लुंगी

मैं दोनो की तरफ देखते हो बोला ठीक है बाजी अगर आप ये ही चाहती हो तो मुझे कोई मसाला नहीं है मैं चला जाता हूँ वेसे अब तो फरीदा को मुझ से नहीं शरमाना चाहिए और इतना बोल के फरीदा और बाजी वाले रूम से निकला और अम्मी के रूम की तरफ चल दिया

अम्मी के रूम मैं आया तो देखा के अम्मी अपने रूम मैं नहीं थी तो तब मुझे याद आया की अगर बाजी घर पे ही हैं तो अम्मी अबू के साथ खेतों पे गई हूँ गी तो मैं वापिस अपने रूम मैं आ गया

रूम मैं आ के मैं अपने बिस्तेर पे लेट गया और अभी थोड़ी देर पहले देखे फरीदा के नंगे बूब,स को याद कर के अपने लंड को हाथ मैं ले के मसालने लगा और सोचने लगा की काश मैने इतनी ज़िद ना की होती तो गुज़री रात अबू की जगा मैने फरीदा की कुँवारी चुत का मज़ा लिया होता

दोपहर तक का वक़्त मैने फरी और फरजाना के साथ गुज़ारा जिस मैं के कोई ख़ास्स बात नहीं होई

यहाँ आप के साथ शेर करू इस लिए आगे चलते हैं तो दोपहर के खाने के बाद जो की मैने अपने ही रूम मैं खाया था और जुब बाजी बर्तन उठाने आयो तो मैने बाजी को रोक लिया और बोला यार बाजी क्या मैं थोडा टाइम अगर आप इजाज़त दें तो मैं कुछ देर फरीदा के रूम मैं चला जाओं

बाजी.... विक्की कामीने बड़ा दिल कर रहा तेरा फरीदा की चुत मरने को मैं भी तुम्हारी बड़ी बेहन हूँ मेरा कुछ ख्याल नहीं है तुम्हें.... कुत्ते...

मैं... आप तो मेरी जान हो बाजी अगर आप का दिल कर रहा है तो मैं आप के साथ कर लेटा हूँ

बाजी... चल चल ज़्यादा माखन मत लगा मुझे और वेसे भी मैं कौन सा फरीदा की चुत पे अपना हाथ रख के बैठी होई हूँ जिस तरह वो मेरी बेहन है उसी तरह वो तुम्हारी भी बेहन है जाओ उस के रूम मैं देख लो क्या पता कुछ काम बन ही जाए तुम्हारा

मैं... नहीं बाजी फरीदा नहीं मानेगी मुझे पता है क्यों की मैने जिस तरह उस को अपनी ज़िद की वजाह से अबू की तरह धकेला था अब वो मुझे अपने पास भी नहीं फटकने देगी लिख लो मेरी बात को

बाजी ने बर्तन साइड पे किए और मेरा हाथ पकड़ के मुझे उठा दिया और बोली विक्की ऐसे ही अपने दिमाग के घोड़े मत दौड़ते रहा करो जाओ जा के फरीदा के पास जा के बैठो

तुम्हें पता चल जाएगा की वो क्या चाहती थी और अब क्या चाहती है चलो शाबाश और मुझे रूम से बाहर की तरफ ढाका भी दे दिया

मैं बाजी की बात मान के रूम से निकला और फरीदा के रूम मैं चला गया तो फरीदा उस वक़्त सलवार क़मीज़ पहने अपने बिस्तेर पे लेती आराम कर रही थी और मुझे देखते ही बाजी जल्दी से उठ के बैठ गई तो मैं जा के फरीदा बाजी के पास बैठ गया तो फरीदा ने अपना सर झुका लिया

मैने अब हिम्मत की और फरीदा के झुके हो सर की तरफ देखते हो बोला फरीदा क्या नाराज़ हो मेरे साथ तो फरीदा ने अपना सर ढेरे से उठाया और मेरी तरफ देख के अपना सर इनकार मैं हिला दिया लेकिन बोली कुछ नहीं तो मैने अपना हाथ आगे बढाया.

और उस की रनो पे रखते हो उस के फेस की तरफ देखा तो फरीदा मेरी तरफ ही देख रही थी
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दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
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Jemsbond
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Re: चुदाई घर बार की

Post by Jemsbond » 05 Sep 2017 19:22


मैने अपना हाथ फरीदा की रनो पे रखते ही उस की रनो को सहलाने लगा और उस की आँखों मैं देखते हो पूछा फरीदा मेरा यहाँ आना तुम्हें बुरा तो नहीं लगा ना

फरीदा ने अब अपना सर झुका लिया और इनकार मैं सर हिला दिया और बस इतना ही बोली की भाई मैं आप को अपने पास आने से कभी मना नहीं कर सकती और रात भी जो हुआ और मैने जो किया आप ही की ख़ुसी के लिए किया है क्यों की आप मुझे सज़ा देना चाहते थे

और अब तो मैने आप की दी होई सज़ा भी पूरी कर ली है

सॉरी बाजी मुझे आप की ख्वाइश का अहतरम करना चाहिए था इस तरह आप के साथ ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करनी चाहिए थी और इतना बोल के मैं खामोश हो गया और अपना हाथ जो क बाजी की रनो पे था और उस से मैं बाजी की रनो को सहला रहा था थोडा तेज को किया और बाजी की आपस मैं जुड़ी होई रनो को अपने हाथ से थोडा खोल दिया और अपना हाथ बाजी की चुत तक पंहुचा दिया

जैसे ही मेरा हाथ बाजी की चुत से टच हुआ बाजी के मुह से सस्स्सीई की हल्की सी सिसकी निकल गई और बाजी ने अपनी रनो को भींच लिया जिस से मेरा हाथ बाजी की दोनो रनो के दरमियाँ मैं ही फँसा रह गया

बाजी की चुत उस वक़्त अपने ही पानी से भीगी होई थी जिस से सलवार भी काफ़ी गीली हो रही थी तो मैने अपना हाथ बाजी की रनो मैं से खींचा और बाजी की क़मीज़ को पकड़ के उठाने लगा तो बाजी ने मुझे रोकने की बिल्कुल कोशिश नहीं की बल्कि क़मीज़ उतरने मैं मेरा साथ देने लगी

बाजी की क़मीज़ उतार के मैने साइड पे रख दी और बाजी को बिस्तेर पे लिटा दिया और साथ ही उन के ब्रा भी उन के बूबस से थोड़ी ऊपर कर दी जिस से उन के बूबस मेरे सामने नंगे हो गये
फरीदा बाजी के बूबस को नंगा करने के बाद मैं खड़ा हो गया और अपने कपड़े उतार दिए और नंगा होके

बाजी के पास बिस्तेर पे बैठ गया उन के पैरों की तरफ और फरीदा बाजी की रनो को सहलता हुआ उन के बूबस की तरफ आया और उन के ऊपर पूरी तरह झुक के बाजी के बूबस को अपने एक हाथ मैं पकड़ के दबा लिया और झुक के बाजी के बूबस को मुह मैं भर लिया

थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही बाजी के बूबस को चूस्ता रहा और सहलाता रहा जिस से बाजी काफ़ी गरम हो गई और उन के मुह से आअहह विक्कीईईईईईई मेरे भाईईईईईईईईई उन्म्मह हान्ंनननणणन् भाईईईईईईईई चूसो इन्हाइन मज़ा आ रहा हाईईईईईईईईईईईई भाईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ै करने लगी

उस के बाद मैने बाजी के बूबस को छोड़ा और बाजी को उन की जगाह से उठा दिया और खुद उन की जगाह पे लेट गया तो
बाजी स्वालिया नज़रों से मेरी तरफ देखने लगी तो मैने कहा बाजी क्या अपने भाई के लंड को प्यार नहीं करोगी तो बाजी हल्का सा मुस्कुरा दी
अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और खुद मेरे लंड की तरफ झुक के मेरी रनो और पेट पे किस करने लगी
बाजी के इधर उधर चूमने से भी काफ़ी मज़ा आ रहा था लेकिन मुझे बेचानी भी हो रही थी की बाजी ये क्या कर रही है

लंड को क्यों नहीं चूस रही अपने मुह मैं भर के तो मैने बाजी के सर को पकड़ के अपने लंड की तरफ घुमा दिया और बोला बाजी लंड को चूसो ना पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ तो बाजी ने मेरी तरफ देखा और हल्का सा मुस्कुरा के मेरे लंड की कॅप को अपने मुह मैं लेने लगी

अब बाजी मेरे लंड की कॅप को अपने मुह मैं ले के चूस रही थी और कभी कभार मेरे लंड को छोड के मेरे लंड की गोलियों को भी चूसने लगती

जिस से मेरे मुह से लज़ात सिसकियाँ भी निकल जाती
थोड़ी देर तक बाजी इसी तरह मेरे लंड को चुस्ती और चूमती रही और फिर उठ गई और बोली बस भाई
इस से ज़्यादा मुझ से नहीं होगा तो मैं भी उठ बैठा और फरीदा बाजी की पनटी और ब्रा को उतार दिया और बाजी फरीदा को बिस्तेर पे लेटने को बोला तो बाजी लेटते हो बड़ी अदा से मेरी तरफ देखने लगी

बाजी को इस तरह अपनी तरफ देखते हो पा के मैने बाजी की टाँगों को पकड़ के अपनी तरफ खींचा तो बाजी बिस्तेर पे गिर गई तो मैने बाजी की रनो को पूरी तरह खोल दिया

बाजी की छोटी सी और टाइट चुत को अपने दोनो हाथों से पूरी तरह खोल के देखने लगा

फरीदा बाजी की एक बार की छोटे लंड से चुदी होई चिकनी चुत को देख के मेरे मुह मैं पानी आने लगा तो मैं झट से बाजी की चुत की तरफ झुका और अपनी ज़ुबान निकल के बाजी की चुत के ऊपर रख के चाटने लगा और अपनी ज़ुबान को गोल कर के फरीदा बाजी की चुत मैं भी घुसने की कोशिश करने लगा

मेरे इस तरह चुत को चाटने से फरीदा के जिस्म मचल उठा और उस के दोनो हाथ मेरे सर पे गये और उस के मुह से आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईईईई ये क्या कर रहे हो उनम्म्मह मेरी नंननननननननणणन् ऊओह भाईईईईईईईईईईई हन चतो भाई खा जाओ अपनी बेहन की चुत कूऊऊऊओ आअहह भाईईईईईईईईईईईई बौहत अच्छा लग रहा हाईईईईईईईईईईईईई पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई मुझे सारी ज़िंदगी इसीईईई तरह प्यार करना ऊओह भाईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ मैं सिसकने लगी

थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही बाजी फरीदा की चुत को चाटता रहा और चूस्ता रहा बाजी जल्दी ही मेरे मुह पे फ़ारिग हो गई उनकी चुत से निकला पूरा रस मै पी गया

उस के बाद मैं उठा
अपना लंड बाजी की चुत पे सेट किया और आहिस्ता आहिस्ता से दबाने लगा. मेरा लंड बाजी की तिघत चुत मैं नहीं घुस रहा था . मेने धीरे से बाजी को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और एक तेज के झटके के साथ अपना पूरा लंड बाजी की चुत पे चाप दिया .
बाजी मेरे मोटे लंड का दर्द बर्दास्त करने लगी.. उन्होंने अपने दोंतों को आपस में कीट लिया था.. और दर्द के कारण उनका मुह लाल हो गया ..लेकिन बाजी.. कुछ नहीं बोली उनकी आखों से आसू निकलने लगी...

बाजी के मुह से सस्सिईईईईईईईईईईई आआहह आहिस्ता भाई आराम से डालो आप का थोडा ज़्यादा मोटा है ऊऊहह भाईईईईईईईईईईई की आवाज़ के साथ मेरा लंड अपनी चुत मैं लेती रही

आहिस्ता आहिस्ता मेरा पूरा लंड फरीदा बाजी की चुत मैं घुस गया तो मैं वहीं रुक गया और बाजी के ऊपर लेट के बाजी के बूबस को दबाने लगा और बोला
बाजी क्या अबू के साथ भी इतना ही मज़ा आया था आप को तो बाजी ने अपनी टाँगों को मेरी कमर पे पीछे की तरफ जाकड़ बनाते हो कहा भाई सच्ची पूछो तो....नहीं.. पर आपका हुकुम था .. आपने जो सजा दी थी मुझे......

लेकिन ये नहीं के आप का लंड उन से ज़्यादा तगड़ा है बस आप ये सोचो के उस वक़्त जुब अबू का लंड मेरी चुत मैं जा चुका था तो सिर्फ़ ये सोच कर ही क जिस के लंड के पानी की वजाह से मैं इस दुनिया मैं ऐइ थी आज उसी का लंड मेरी चुत मैं घुसा मुझे चोद रहा है तो यक़ीन मानो मेरी चुत ने उसी वक़्त पानी छोड दिया था बाकी तो पूछो मत.....ही मत
अब मेरा लंड बड़े आराम आराम से बाजी की चुत मैं घुसने लगा

मैने अपने लंड को फरीदा बाजी की चुत मैं आहिस्ता से इन आउट शरू कर दिया तो बाजी ने कहा आअहह विक्की लेकिन एक बात सच ये भीईीईईईई हाईईईईईईईईईई की तुम्हारा लंड अबू के लंड से ज़्यादा मोटा और तगड़ा हाईईईईईईईईईईईईई याक़ीम मानो भाई इस वक़्त मैं मज़े से हवाओं मैं उड़ रही हून्ंनणणन्

बाजी के मुह से निकालने वाले अल्फ़ाज़ को सुन के मुझे अब जोश आने लगा और मैने अपनी स्पीड बडा दी बाजी की चुदाई की और बाजी के बूबस को भी जानवरों की तरह दबाने लगा

तो बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईईईईईई व्क्कि मेरिइईईईईईईईई जान नैईईईईईईईईईईईईईईई ल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ऐसा मत करूऊओ भाईईईईईईईईईईई दर्द होता हाईईईईईईईईई आराम आराम से धीरे धीरे बही..बजुत मोटा लंड है... ओह बहुत मज़ा आ रहा है भाई मेरे बूबस को ऊओह की आवाज़ करने लगी

बाजी की बात सुन के मैने बाजी के बूबस को दबाना और मसलना बंद कर दिया और बाजी की रनो को पूरी तरह उठा के अपना लंड पूरा बाहर निकल के झटके से बाजी की चुत मैं घुसने लगा

बाजी के मुह से आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईईईई ज़्यादा ज़ोर मत लगाओ बस..ऐसे ही... ओह भैईईई ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईई कितने आचे हूऊऊओ आप आअहह उंन्नमममह की आवाज़ै करने लगी

थोड़ी देर तक ऐसे ही छोड़ने के बाद मैने अपना लंड बाहर निकल लिया और बाजी को कुटिया बनने को बोला
बाजी के कुटिया बनते ही मैने फरीदा बाजी के पीछे अपनी पोज़िशन सेट की और अपना लंड फरीदा बाजी की चुत पे सेट किया और आहिस्ता से बाजी की चुत मैं घुसने लगा लंड के घुसते ही बाजी अपना सर घुमा के मेरी तरफ देखने लगी

मैने मुस्कुराते हो कहा क्या हुआ बाजी इस तरह अच्छा नहीं लग रहा है क्या तो बाजी मेरी बात सुन के मुस्कुरा दी और बोली अभी करोगे तो पता चले गाना की कैसा लगता है

बाजी की बात सुनते ही मैने बाजी की गांड पकड़ लिया और पूरी जान का झतका दिया तो बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईई भाई आराम से करो पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अभी हल्का हल्का दर्द होता ईईईईईईईईई

ऊऊहह की आवाज़ करने लगी लेकिन मैं अब कोई बात सुन,ने के मूड मैं नहीं था और बाजी की गांद को जकड़े हो झटके लिगता चला गया तो बाजी भी आअहह भाईईईई पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता ऊऊहह उंन्नमममह भाईईईईईईईईईई आअहह भाईईईईईईईईईईईईईईईई मैं गैिईईईईईईईईईईईईईईई आहिस्ता पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ आहिस्ता करूऊऊऊओ की आवाज़ करने लगी

लेकिन मैं नहीं रुका और लगा रहा झटके मरने और साथ ही आअहह फ्रीद्ाआाअ ईईईईईईईईईईईईईई मैं जाने वाला हूँ ऊऊहह बाजिीइईईईईईईईईईईईईई मेरा निकालने वाला हाईईईईईईईईईईईईईईईई की आवाज़ के साथ और 3-4 तेज़ झतकों के साथ ही मैं और फरीदा बाजी एक साथ मैं ही फारिघ् हो गए

फरीदा बाजी की चुत मैं फारिघ् होने के बाद मैं बाजी के ऊपर से हटा और उन के साथ ही साइड पे बाजी की तरफ करवट ले के लेट गया और

फरीदा बाजी की तरफ देखने लगा तो बाजी का फेस मेरे इस तरह उन की तरफ देखने से हल्का गुलाबी हो गया शरम से तो फरीदा बाजी ने अपनी निगाहें नीची कर लीं और धीमी आवाज़ मैं बोली पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ भाई ऐसे मत देखो ना मेरी तरफ

मैं......... क्यों बाजी क्या आप को मेरा इस तरह देखना अच्छा नहीं लग रहा जो आप मुझे अपनी तरफ देखने से भी मना कर रही हो क्या मैं आप की नज़र मैं इतना ही बुरा हूँ

बाजी के मेरे देखने से भी आप को तकलीफ़ हो रही है( जान बुझ के फरीदा बाजी को सताने के लिए बोल रहा था)
बाजी... मेरी बात सुन के अपनी आँखों को उठाया और मेरी तरफ देख के हल्का सा मुस्कुरई और फिर मेरी तरफ करवट बदल के बोली भाई

अगर मुझे आप के देखने या चुने से इतनी ही तकलीफ़ होती तो मैं रात अबू के साथ आप ही की ख्वाइश पूरी करने के लिए ना सोती और अभी भी अगर आप मेरी रनो के बीच मैं देखो तो आप को अपना ही लंड जूस जो के मेरे लोवे जूस के साथ मिक्स हो के फैला हुआ होगा नज़र आ जाए गा

फिर भी अगर आप ये समझ रहे हो के मुझे आप से कोई तकलीफ़ है तो आप ग़लत सोच रहे हो

मैं... फरीदा बाजी को अपनी तरफ खींच के किस करते हो बोला बाजी मैं जनता हूँ की आप कितनी अच्छी हो और मेरा कितना ख्याल करती हो वो तो मैं बस ऐसे ही आप की तंग कर रहा था (हंसते हो)

बाजी... विक्की तुम बहुत बुरे हो ( इतना बोलते ही फरीदा बाजी ने अपना सरमेरे सीने मैं छुपा लिया )

बाजी फरीदा के इस बे सखता से अंदाज़ ने यक़ीन मानिए के मेरा दिल ही लूट लिया था और उस वक़्त मुझे अपनी इस बेहन पे हद से ज़्यादा प्यार आया और इस से पहले के मैं कुछ और करता या बोलता के दरवाजे पे नॉक होने लगी जो की पहले ही खुला हुआ था बस एक परदा था जो दरवाजे पे गिरा हुआ था
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दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
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Jemsbond
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Re: चुदाई घर बार की

Post by Jemsbond » 05 Sep 2017 19:23


नॉक की आवाज़ सुनते ही फरीदा बाजी ने जल्दी से एक चादर साइड से उठाई और हम दोनो के ऊपर कर ली
तभी फरी बाजी परदा उठा के मुस्कुराती होई रूम मैं इन होई और हम दोनो की तरफ देख के बोली अब बाहर भी निकल आऊ न्यू कौपेल के तुम लोगों के लिए यहाँ ही हनीमून का इंतज़ाम करना पड़ेगा

मैने बाजी की बात सुन के कहा आप चलो बाजी हम आ रहे हैं अभी तो बाजी मुस्कुराती होई आँखों से हुमारी तरफ देखती होई रूम से निकल गई तो मैं जल्दी से उठा और अपनी सलवार पहन के फरीदा बाजी की तरफ देखते हो बोला चलो बाजी आप भी अब कपड़े पहन के बाहर आ जाओ और नहा लो फिर बैठ के बताईं करते हैं आपिस मैं और रूम से निकल गया

फरीदा बाजी के रूम से निकला तो सामने सहन मैं बैठी फरजाना और फरी बाजी मेरी तरफ ही देख के मुस्कुरा रही
लेकिन मैने उन दोनो की तरफ ज़रा भी ध्यान नहीं दिया और बात रूम मैं जा घुसा और नहाने लगा जुब मैं नहा के बाहर आया तो फरजाना और फरी बाजी के फरीदा भी बैठी होई थी

लेकिन उस का सर झुका हुआ था और वो हल्का सा मुस्कुरा भी रही थी मुझे बात रूम से निकलता देखते ही फरीदा उठी और बाथरूम की तरफ भागी तो मैं अपने रूम मैं जा के कपड़े तब्दील किए और आराम करने लगा

बाकी का दिन ऐसे ही बिना किसी ख़ास बात के गुज़र गया और रात को जुब अम्मी अबू घर आ गये तो हम सब ने मिल के खाना खाया और खाना खा के मैं उठा और अपने रूम की तरफ जाने लगा तो

अबू ने मुझे रोक लिया और बोले विक्की अभी 30 मिनट के बाद तुम सब लोग मेरे रूम मैं आ जाओ मैं चाहता हूँ के आज हम सब बैठ कुछ बताईं जो ज़रूरी हैं कर लें

मैने हाँ मैं सर हिलाया और अपने रूम मैं आ गया और 30 मिनट के बाद

अबू के रूम की तरफ चल दिया जहाँ सब लोग जमा हो चुके थे मेरे रूम मैं इन होते ही अबू ने मुझे भी बैठने का इशारा किया और मेरे बैठते ही बोले के जैसा के अब हम सब लोग जानते हैं की हुमारे बीच एक रिश्ता तो वो है की जो दुनिया के नज़र मैं है
लेकिन एक रिश्ता जो की पिछले कुछ अरसे मैं हुमारे दरमियाँ तेज़ी से परवान चढ़ा है

वो ये है की अब यहाँ इस घर मैं जो औरतें हैं वो मेरे और व्क्कि की बीवियाँ बन चुकी हैं और हम दोनो तुम सब के शोहार बन चुके हैं
लेकिन इस के बावजूद एक बात ये है यहाँ सब लोग हमनें जानते हैं और अगर किसी को भी शक हो गया तो सिर्फ़ तबाही के इलावा कुछ हाथ नहीं आएगा

क्यों की ये जो हुमारा राज़ है इस मैं बिल्लो भी शरीक है और उस ने मेरे सामने एक मुतालबा रखा है उसे भी हम अपनी फॅमिली मैं शामिल कर लेंगे ( मीन वो विक्की के साथ शादी करना चाहती है)

ये जो मुतालबा है वो इतना बड़ा या कोई अजीब भी नहीं है लेकिन मैं समझ रहा हूँ वो इस मोका का फाइयदा उठना चाह रही है और आज वो हुमारा साथ भी दे रही है

लेकिन बात ये है की वो हम मैं से नहीं बाहर की है और कब हुमारा भंडा फोड़ देगी कुछ नहीं बोल सकते

इस लिए मैने उसे इनकार तो नहीं किया लेकिन ये कहा है की हम लोग यहाँ से ज़मीन बेच रहे हैं और शहर जा रहे हैं वहाँ अपना घर बार सेट कर के यहाँ आ के तुम्हारी शादी विक्की से करवा दूँगे

जिस पे वो बड़ी मुश्किल से मानी है

अब मसाला ये है की हमनें किसी दूरके सिटी मैं जाना होगा जहाँ हमनें ना तो कोई जनता हो और ना ही किसी का ख्याल वहाँ तक आ सके बाकी ज़मीन की बात फाइनल हो चुकी है 2 3 दिन मैं हमनें पैसे मिल जायेंगे ज़मीन के

तब तक तुम सब लोग सोच लो की हमनें यहाँ से किस तरफ निकलना है और कल तुम विक्की यहाँ से निकल जाओगे मकान की तलाश मैं जहाँ हम लोग कुछ दिन रुक सकैं. वहाँ पे तुम्हारी पदाई भी हो सके और तुम किसी अच्छी से नौकरी पे लग जाओ.....


मैने हाँ मैं सर हिला दिया और बोला अबू अप ने ये अच्छा फ़ैसला किया है यहाँ से जाने का अब जुब हम लोग जिस शहर मैं जायेंगे वहाँ ना तो कोई हुमारा जानने वाला होगा और वहाँ हुमारे न्यू रिश्ते भी बन जायंगे जिस पर कोई उंगली भी नहीं उठा सकेगा.
लेकिन मेरी एक ख्वाइश.. और दिली तमना भी की वहाँ जाके ,,मै पढाई कर के जब अच्छी से नोकरी पे लग जाऊँगा ..तो आपको मेरा निकाह फरी बाजी से करना होगा ..मै उनसे बहुत प्यार करता हूँ...
और जिंदगी भर उनके साथ ही रहना चाहत हूँ....
मेरे बात सुनके ..सब लोग मुझे और फरी बाजी को देखने लगे देखने लगे........

अब्बू बोले ..अगर फरी को कोई ऐतराज़ नहीं है हो हमने मंजूर है ...

अब्बू की बात सुन के फरी बाजी की आखों मै .आसूं ..आज गए ..शायद खुशी की... वो उठी और मुझे गले से लगा लिया...
इन सब बातों के बाद अबू ने कहा एक बात और भी ध्यान मैं रखना है

हम जहाँ भी रहेंगे आपिस मैं जो भी हूँ जो भी करेंगे लेकिन रात के अंधेरे मैं दिन मैं हम लोगों के एक शरीफ़ा और सीधी फॅमिली ही नज़र आना चाहिए क्यों की इस मैं ही हुमारी भलाई है

अबू की बात से सब ने इतफ़ाक़ किया तो उस के बाद फरी बाजी ने अचानक ही कहाकी अबू क्यों ना हम लोग यहाँ से जाने से पहले एक यादगार रात गुजारें क्यों क फिर तो हमनें यहाँ आना नसीब होगा नहीं

अबू ने फरी बाजी की तरफ देखा और बोले क्या मतलब बेटी जो बोलना है खुल के बोलो ज़रा यहाँ कों सा कोई गैर बेता है सब अपने ही तो हैं

फरी बाजी बोली के अबू मेरा दिल चाह रहा है

हम आज यहाँ आख़िरी बार सब लोग मिल की प्यार करें एक दोसरे के सामने इसी रूम मैं तो अबू बाजी की बात सुन के हंस दिए और बोले अगर तुम्हारा दिल कर रहा है तो मुझे कोई ऐतराज़ नहीं लेकिन बाकी सब से भी पूछ लो वो क्या चाहते हैं

उलझन या इनकार ना देख के फरी खड़ी हो गई और मेरे पास आ के मुझे भी खड़ा कर लिया और बोली जिस का जहाँ दिल चाहे जिस से दिल चाहे शरू हो जाओ शरमाओ नहीं कोई भी

तो सब मुस्कुरा दिए तो अम्मी उठी और फरजाना का हाथ पकड़ के उसे अबू की तरफ ले गई और फरीदा को मेरी तरफ भेज दिया

बाजी ने फरीदा के आते ही मेरी सलवार का नडा खोला और मेरी सलवार उतार दी तो मैने खुद ही अपनी क़मीज़ भी उतार दी और रूम मैं बिना सलवार क़मीज़ के एक निक्केर मैं खड़ा रह गया

मेरे कपड़े उतरते ही बाजी फरी ने भी कपड़े उतार दिए और हम दोनो ने फरीदा की तरफ देखा जो क अभी तक ऐसे ही खड़ी होई हुमारी तरफ देख रही थी तो मैं आगे बढ़ा

और फरीदा को एक स्टोल पे बिता दिया और बोला की यार क्या हमनें ही नंगा करवाना था खुद भी तो अपने कपड़े उतार दो

फरीदा मेरी बात सुन के सर झुका गई लेकिन इस के साथ ही उस के हाथ सलवार की तरफ गये और सलवार उतरने लगी और आहिस्ता आहिस्ता सलवार फरीदा के घुटनों तक आ गई तो उस की पिंक पनटी सॉफ नज़र आने लगी

फरीदा को इस तरह आहिस्ता आहिस्ता सलवार यतर्ता देख के फरी बाजी ने एक झटके से फरीदा बाजी की सलवार उतार दी और फिर उस की क़मीज़ भी निकल दी और फरीदा को बिना कपड़ों के सिर्फ़ पनटी मैं मेरे सामने खड़ा कर दिया

फरीदा के नंगा होते ही बाजी फरी मेरे पैरों मैं बैठ गई और मेरी निक्केर उतार के मेरे लंड को अपने हाथ मैं पकड़ के मेरी तरफ देख के मुस्कुरई और फिर मेरा लंड अपने मुह मैं ले के चूसने लगी

थोड़ी देर तक बाजी मेरा लंड चुस्ती रही और उस के बाद फरीदा की तरफ देखा जो क अब बिस्तेर पे बेती होई थी और अपनी पनटी उतार चुकी थी और अब अपनी चुत मैं उंगली कर रही थी अबू की तरफ देख के जो क अब फ़रज़ाना की चुत मैं अपना लंड घुसाए छोड़ रहे थे और उस के मुह से आआहह अबुउुुुुुुउउ जीईए थोडा तेज़ करूऊओ

उनम्म्मह अबू जीईई आअहह आप बौहत अच्छा छोड़ते हो अबू जीईए की आवाज़ कर रही थी और नीचे से अबू के हर ढके के जवाब मैं अपनी गांद को उछाल के अबू का जवाब भी दे रही थी

फरीदा को अपनी चुत मैं उंगली करता देख के मैने अपना लंड फरी बाजी के मुह से निकल लिया और

फरीदा के पास जा के खड़ा हो गया और उस की आँखों मैं देखने लगा जो क मेरी तरफ से नज़र हटा के मेरे तगड़े वॉर मोटे लंड की तरफ ही अब देखे जा रही थी

साथ ही अपनी चुत मैं उंगली भी कर रही थी तो मैने फरीदा को और ज़्यादा ना तड़पते हो बिस्तेर पे लिटा दिया और उस की टाँगों को पूरी तरह खोलते हो अपना लंड अपनी बेहन की चुत पे रख दिया लंड को

फरीदा बाजी की चुत पे सेट करते ही मैने फरीदा बाजी की कमर पे अपने दोनो हाथ रखे और एक तेज़ झतका दिया जिस से मेरा लंड पूरा फरीदा की चुत को खलता हुआ और अपनी जगा बनाता हुआ पूरा जड़ तक फरीदा बाजी की चुत मैं जा घुसा जिस से बाजी के मुह से आऐईयईईईईईईईईईई क्कीईईईईईईईईईई आहिस्ताआअ करूऊओ ऊऊहह भाईईईईईईईईईईईई

उंन्नमममह क्या लंड है तुम्हारा आअहह भाईईईईईईईईई आज फाड़ डालो अपनी बेहन की चुत कूऊऊओ कुटिया की तरह घस्सेट घस्सीट की छोड़ो मुझे भाईईईईईईई रंडी मना डलूऊऊऊऊ आआहह उंन्नमममह की आवाज़ैईन करने लगी और साथ ही अपनी गांड को भी मेरे हर झटके पे मेरे लंड की तरफ उछाल के चुदाई का मज़ा लेने लगी

अब फरीदा की टाँगों को मैने उस के कंधों की तरफ पूरी तरह दबा दिया और खुद उस की चुत क ऊपर अच्छी तरह अपनी जगा सेट कर के अपना लंड पूरा फरीदा बाजी की चुत से बाहर निकलता और फिर से पूरा लंड फरीदा बाजी की चुत मैं ताप्प्प्प्प की आवाज़ के साथ घुसा देता

फरीदा बाजी भी आआईयईईईईईईईईईई कामीने और तेज़ छोड़ो मुझे ऊऊओह विक्ककीईईईईईईईईईई फाड़ डालो अपनी बेहन की चुत कूऊऊऊऊओ उनम्म्मह विक्कीईईईईईईईईई मुझेव अपने बचे की मा बना डालो भाईईईईईईईईईईईईईई उनम्म्ममह ऊऊहह भाईईईईईईई की एक तेज़ आवाज़ के साथ ही थोडा काँपने लगी और इस के साथ ही फ़रीदा की चुत पानी चॉर्ने लगी

फरीदा फारिघ् होने के बाद निढाल सी हो गई तो मैने उस की चुत मैं से अपना लंड निकल लिया और फरी की तरफ देखा जो क मेरे करीब ही नंगी बैठी हुमारी तरफ देख रही थी

मैने फरी बाजी के बाद अबू की तरफ देखा जो की अभी तक फरजान की एक टाँग उठाए उसे छोड़ रहे थे और फरजान भी आअहह अबू और ज़ोर से करूऊओ उन्म्मह की आवाज़ कर रही थी

मैने उन दोनो की तरफ से नज़र हटाई और फरी को खड़ा कर के खुद बिस्तेर पे बैठ गया और फरी बाजी को अपने लंड पे बैठने को कहा तो बाजी मेरे लंड को पकड़ के अपनी चुत मैने लेती होई मेरे लंड पे बैठ गई

अपना एक हाथ मेरी गर्दन मैं डाल के मेरे फेस की तरफ मूडी और मुझे किस भी करने लगी मैने अपने

दोनो हाथ बाजी की कमर पे रख लिए और बाजी को ऊपर नीचे हो क छुड़वाने मैं मदद करने लगा जिस से बाजी आसानी से मेरा लंड अपनी चुत मैं इन आउट करवाने लगी और साथ ही थोड़ी थोड़ी देर के बाद मेरी तरफ मुड़ती और मुझे किस भी करने लगती उस के बाद मैने बाजी को अपने लंड से उठाया और बाजी को कुटिया बना के अपना लंड पीछे से बाजी की चुत मैं घुसा की धुवन दर चुदाई करने लगा जिस से बाजी क मुह से आआहह विक्कीईईईईईईईईईईईईई और तेज़ मेरी जानंणणन् उनम्म्मह भाईईईईईईईईईईईईई फाड़ डालो मेरी चुत को ऊऊहह मेरे बेहन छोड़ भाईईईईईईईईईईईईईईईई मुझ कुटिया की चुत को अपने लंड से फाड़ डलूऊऊऊओ उनम्म्मह भाईईईईईईईई बौहत मज़ा आ रहा हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई की तेज़ आवाज़ैईन करने और मचलने लगी जिस की वजा से मुझ से भी अब कंट्रोल नहीं हो पा रहा था और मैं बाजी की मोटी गांद पे ज़ोर ज़ोर से तपद मरते हो आआहह मेरी गश्ती बेहन ये लीईईई

सलिइीईईईई रनडिीईईईईईईईईई की औलद्द्द्दद्ड आअहह की आवाज़ के साथ ही बाजी की चुत मैं ही फारिघ् हो गया और अपना लंड निकल के साइड पे हो के लेट गया और लंबी साँसाइन लेने लगा
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दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
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Jemsbond
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Re: चुदाई घर बार की

Post by Jemsbond » 05 Sep 2017 19:24


कुछ देर तक मैं अपनी आखेँ बंद किए लेटा रहा और अपनी साँस बहाल करता रहा और फिर अपनी आखेँ खोल के देखा तो अबू भी अम्मी और फरजान को छोड़ने के बाद आराम कर रहे थे

कुछ देर हम सब ने आराम किया और उस के बाद अम्मी फरजान को ले के मेरी तरफ आ गई और बाजी फरीदा को अबू की तरफ ले गई और उस के बाद फिर से एक दौर चुदाई का लगा और

फिर हम सब नंगे ही रूम मैं सो गये एक साथ जुब हम उठे और नहा के नाश्ता कर लिया तो अबू ने मुझे कहा क तुम शहर चले जाओ (जिस का अबू ने नाम भी बताया) और वहाँ किसी मकान का इंतज़ाम करो

मैं शहर आ गया अबू से पैसे ले के और अब हम सब लोग यहाँ मकान ले चुके थे और ज़मीन बेच के यहाँ शिफ्ट भी हो चुके हैं .
इस बात को अब ६ साल हो गए थे मेने इंजीनियरिंग करके एक कम्पनी मै अच्छी नौकरी ज्वाइन कर ली..

उसकी बाद मुझे विदेश मैं एक अच्छी जॉब मिल गयी तो मै सब को लेके यहाँ आ गया ..३ साल पहले अब्बू का दिल की बीमारी से इंतकाल हो गया पर अब्बू ने मेरी और फरी बाजी का निकाह करवा दिया था

फिर मेने २ साल पहले फरीदा बाजी का और १ साल पहले फरजान को निकाह .अच्छे लड़कों से करवा दिया........वो अपने घर मै खुश है.

मै ..अम्मी और मेरी प्यारी बेगम, मेरी फरी बाजी जो आज भी मेरे लिये कुछ भी करने को तैयार रहती है

हम तीनों एक ही घर पे रह के ..अपनी जिंदगी का मज़ा ले रही हैं ...

जो भी हमारे बीच हुआ ...किसी को पता नहीं है.... फरीदा और फरजाना के शोहर फरी को मेरी बेगम के रूप मै जानते हैं...

कभी कभी हम सब भाई बहन और अम्मी ..जब भी अकेले मोका मिलता है... पुराने दिन याद करते है .. हमें..अब्बू की कमी बहुत खलती है... पर क्या करे...


समाप्त



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दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

तुफानो में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं!

यूँ तो मिल जाता है हर कोई!

मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
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