मासूम ननद complete

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Dolly sharma
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मासूम ननद complete

Post by Dolly sharma » 24 Dec 2016 11:34

मासूम ननद



फ्रेंड्स आज काफ़ी दिनो बाद आपसे रूबरू हुई हूँ और आपके लिए एक मस्त कहानी लेकर आई हूँ आप अब से गुज़ारिश है कि आप अपना सहयोग ज़रूर दें . मेरा नाम डॉली है. मेरी शादी को कोई 8 - 9 महीने हुए हैं. मेरे हज़्बेंड का नाम राज है वो मेरे ऑफीस मे कोलीग था लेकिन शादी के बाद में ने जॉब छोड़ दी ऑर घर पर ही रहने लगी हूँ. राज कोई बहुत ज़्यादा अमीर आदमी नही है. उसकी फमिली शहर के पास ही एक विलेज मे रहती है. थोड़ी सी ज़मीन है जिस पर उसके घर वाले अपना गुज़ारा करते हैं. विलेज में उसका बाप, माँ ऑर सिस्टर ऑर छोटा भाई रहते हैं. उसका छोटा भाई अपने बाप के साथ ही होता है ज़मीनो पर. सिस्टर पढ़ रही थी गाओं के स्कूल मे ही. बहुत ही प्यारी लड़की है पायल , यानी मेरी ननद .





में अपने हज़्बेंड राज के साथ शहर मे ही रहती हूँ. हम ने एक छोटा सा मकान लिया हुआ है रेंट पर. इस मे एक बेडरूम वित अटॅच बाथरूम, छोटा सा टीवी लाउंज ऑर एक किचन है. एक छोटी सी बैठक है घर के अगले हिस्से में जिसका एक दरवाज़ा घर से बाहर खुलता है ऑर दूसरा टीवी लाउंज में है. घर के पीछले हिस्से में छोटा सा आँगन है. बस तक़रीबन 3 मरले का घर है ऊपेर की छत बिल्कुल खाली है. मेन गेट के अंदर थोड़ी सी जगह गैराज के तौर पर है जहाँ पर राज अपनी बाइक खड़ी करता है.





में ऑर राज अपनी शादी से बहुत खुश हैं ऑर बड़ी ही अच्छी लाइफ गुज़ार रहे थे. वैसे राज का बॅक ग्राउंड विलेज का था लेकिन फिर भी शुरू से शहर में रहने की वजह से काफ़ी हद तक शहरी ही हो गया था. रहन सहन ड्रेसिंग वाघहैरा सब शहरियों की तरह ही थी. ऑर वो काफ़ी ओपन माइंडेड भी था. घर पर हमेशा मुझ से फरमाइश करता कि में मॉडर्न किस्म के कपड़े ही पहनू. इस लिए घर पर में अक्सर टाइट लेग्गींगस ऑर टॉप्स, स्लिव लेस शर्ट्स ऑर टॉप्स ऑर हर किस्म के वेस्टर्न ड्रेसस पहन लेती थी. अक्सर बाहर जाते तब भी मैरी ड्रेसिंग काफ़ी मॉड ही होती थी. अक्सर जीन्स ऑर टी शर्ट पहनती थी या शलवार कमीज़ पहनती तो वो भी फॅशन के मुताबिक़ ही टाइट ऑफ मॉडर्न ही होते थे. घर से बाहर भी मुझे लेगिंग पहना कर ले जाता था अक्सर. घर आ जाता तो मुझ से सिर्फ़ ब्रस्सिएर ऑर लेगिंग में ही रहने की फरमाइश करता था.





राज मेरे हुश्न ऑर मेरे जिस्म का दीवाना था. हमेशा मेरे गोरे रंग ऑर खूबसूरत जिस्म की तारीफ करता था. जब भी मौका मिलता मेरे बूब्स को मसल देता था. ऑर मेरे खुले गले में हाथ डाल कर मेरे बूब्स को सहलाता रहता था. अपने पती को खुश करने ऑर उसे लुभाने के लिए में भी हमेशा डीप ऑर लो नेक की कमीज़ सिल्वाति थी जिस में से मेरे बूब्स भी नज़र आते ऑर क्लीवेज तो हर वक़्त ही ओपन होता था. दिन में जब भी मौका मिलता हम लोग सेक्स करते थे. बल्कि सच बात तो ये है कि में शादी से पहले ही अपना कंवारा पन राज पर लूटा चुकी थी. जी हां राज ही मेरी पहली ऑर आखरी मुहब्बत था ऑर ये राज की मुहब्बत ही थी जो कि मुझे शादी से पहले ही उसके बिस्तर तक ले आई थी उसकी बाहों में.







शादी के 8-9 महीने बाद भी जब हमारी सेक्स लाइफ ऑर हवस से भरी हुई ज़िंदगी पूरे चर्म पर थी तो एकदम इस में एक ब्रेक सी लग गई ऑर एक ठहराव सा आ गया . इसकी की वजह ये थी कि मेरी ननद पायल ने 10थ का एग्ज़ॅम पास कर लिया तो उस ने कॉलेज में अड्मिशन लेने का शौक ज़ाहिर किया तो मेरे ससुर जी ने पहले तो इनकार कर दिया लेकिन जब उसके चहेते बड़े भाई राज ने भी अपने बाप से बात की तो ससुर जी ने हामी भर ली कि अगर राज उसकी ज़िम्मे दारी उठा सकता है तो ठीक है. प्रॉब्लम ये था कि विलेज में कोई कॉलेज नही था ऑर उसे शहर में आना था. ऑर जब पायल ने कॉलेज में अड्मिशन लिया तो वो गाओं से शहर में आ गई ऑर ज़ाहिर है कि उसे हमारे साथ ही रहना था. सो पायल शहर में हमारे साथ उस छोटे से मकान में शिफ्ट हो गई.

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Dolly sharma
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Re: मासूम ननद

Post by Dolly sharma » 24 Dec 2016 11:35

पायल के आने से ऑर हमारे साथ रहने से मुझे ऑर तो कोई दिक्कत नही थी लेकिन सिर्फ़ एक मसला था कि हमारी सेक्स लाइफ थोड़ी लिमिटेड हो जानी थी. अब हमे जो भी करना हो अपने कमरे में ही करना था. वैसे पायल बहुत ही अच्छी नेचर की लड़की थी. अभी क़रीब 19 साल की थी बहुत ही सुंदर ओर खूबसूरत लड़की थी. बिल्कुल दूध की तरह गोरा रंग ऑर मक्खन की तरह से नरम नरम जिस्म था उसका. उसके सीने के उभार यानी बूब्स बन गये थे लेकिन अभी बहुत बड़े नही थे ज़ाहिरी बात है कि मुझ से तो छोटे ही थे. बहुत ही सादा ऑर इनोसेंट सी लड़की थी. मुझ से बहुत ही प्यार करती थी ऑर बहुत ही रेस्पेक्ट देती थी. जब से घर में आई तो किचन में भी मेरा हाथ बटाती थी ऑर घर का काफ़ी काम करती थी मेरे साथ. में भी पायल की शकल में एक अच्छी सी फ्रेंड को पा कर खुश थी. उसके सोने का इंतज़ाम उस छोटी सी बैठक में ही एक सिंगल बेड लगवा कर दिया था. वो वहीं पर ही पढ़ती थी ऑर वहीं पर ही सोती थी. बाथरूम उसे हमारे वाला ही यूज़ करना पड़ता था जिसका एक दरवाज़ा छोटे से टीवी लाउंज में खुलता था ऑर दूसरा हमारे बेडरूम में. बस रात को सोते वक़्त हम लोग अपने बेडरूम वाला बाथरूम का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लेते थे ताकि पायल बाहर से ही उसे यूज़ कर सके.

पायल वैसे तो बहुत ही खूबसूरत लड़की थी लेकिन सारी ज़िंदगी विलेज में रहने की वजह से बिल्कुल ही डल लगती थी. उसकी ड्रेसिंग भी बहुत ज़्यादा ट्रडीशनल किस्म की होती थी. सादा सी शलवार कमीज़ पहनती थी कभी भी मॉडर्न किस्म के कपड़े नही पहनती थी. मुझे घर में लेगिंग पहने देखना शुरू किया तो बहुत ही हैरान हुई तो में ने हंस कर कहा अरे यार क्यूँ हैरान होती हो ये सब आज के वक़्त की ज़रूरत ऑर फॅशन है. इसके बिना ज़िंदगी का क्या मज़ा है. वैसे भी तो घर पर सिर्फ़ तुम्हारे भैया ही होते हैं ना ऑर जब भी बाहर जाती हूँ तो उनके साथ ही जाती हूँ तो फिर मुझे किस चीज़ की फिकर है.




पायल : लेकिन भाभी बाहर तो बहुत से लोग होते हैं वो अजीब नज़रो से नही देखते क्या आपको.




में: अरे यार देखते हैं तो देखते रहें मेरा क्या जाता है. वैसे इन लोगो की कमीनी नज़रों का भी अपना ही मज़ा होता है.



में ने एक आँख मार कर पायल से कहा तो वो झेंप गई.




में उसे हमेशा ही मॉड ऑर न्यू फॅशन के कपड़े पहन ने का कहती लेकिन वो इनकार कर देती कि मुझे शरम आती है ऐसे कपड़े पहनते हुए ऑर फिर भैया बुरा मान गये तो मुझे इन कपड़ों में देख कर.



शहर में आने के बाद राज ने उसे खूब शहर की सैर करवाई. हम लोग राज की बाइक पर बैठ कर घूमने जाते. में राज के पीछे बैठ जाती ऑर मेरे पीछे पायल बैठ ती थी. खूब शहर की सैर करते ऑर एंजाय करते थे. बाइक पर बैठे बैठे में अपने बूब्स राज की बॅक पर प्रेस कर देती ऑर उसके कान में ख़ुसर फुससर करती जाती कि क्यूँ फिर फील हो रहे हैं ना मेरे बूब्स तुमको कमर पर. राज भी जान बुझ कर अपनी कमर की थोड़ा थोड़ा हरकत देता ऑर मेरे बूब्स को रगड़ देता. कभी में उसकी थाइस पर हाथ रख कर मौका मिलते ही उसकी पॅंट के ऊपेर से ही उसके लंड को सहला देती थी. जिस से राज को बहुत मज़ा आता था. हमारी इन शरारतों से बाइक पर पीछे बैठी हुई पायल बिल्कुल बेख़बर रहती थी.









राज अपनी सिस्टर से बहुत ही प्यार करता था. आख़िर वो उस की सूब से छोटी बहन थी ना कम से कम उस से 18- 19 साल छोटी थी. ओर मुझ से 10 साल छोटी थी वो. रोज़ाना राज खुद ऑफीस जाते हुए पायल को कॉलेज छोड़ के जाता ऑर वापसी पर साथ ही लेता आता था. मुझे भी कभी भी इस सब से कोई प्रॉब्लम नही हुई थी. जैसा कि ननद भाभी में घरों में झगड़ा होता है ऐसा कभी भी नही हुआ था मेरे ऑर पायल के बीच में बल्कि मुझे तो वो अपनी ही छोटी सिस्टर लगती थी.





फिर एक दिन वो इन्सिडेन्स हुआ जो कि इस कहानी के आगे बढ़ने की वजह बना. उस से पहले ना कुछ ऐसा वैसा हमारे घर में था ऑर ना ही किसी के दिमाग़ में. लेकिन उस वाक़ए के बाद मैरा दिमाग़ एक अजीब ही रास्ते पर चल पड़ा ऑर में ने वो सब करवा दिया जो कि कभी नही होना चाहिए था.

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Re: मासूम ननद

Post by Dolly sharma » 25 Dec 2016 10:11


वो सनडे का दिन था ऑर हम सब लोग घर पर ही थे. दोपहर के वक़्त हम सब लोग टीवी लाउंज में ही बैठे हुए टीवी देख रहे थे कि राज ने चाइ की फरमाइश की. इस से पहले कि में उठ ती हस्ब ए आदत पायल फॉरन ही उठी ऑर बोली, भाभी आप बैठो में बना कर लाती हूँ. में ने उसे थॅंक्स बोला ऑर दोबारा टीवी देखने लगी. राज भी मेरे पास ही बैठा हुआ था.




अचानक ही किचन से पायल की एक चीख की आवाज़ सुनाई दी ऑर साथ ही उसके गिरने की आवाज़ आई. में ऑर राज दोनो ही फॉरन ही उठ कर किचन की तरफ भागे चिल्लाते हुए कि क्या हुआ है पायल . जैसे ही हम लोग अंदर गये तो देखा के पायल नेची किचन के फर्श पर गिरी हुई है ओर अपने पैर को पकड़ कर दबा रही है ऑर दर्द के मारे कराह रही थी. हम फॉरन ही उसके पास बैठ गये ऑर में बोली, क्या हुआ पायल कैसे गिर गई हो.




पायल : बस भाभी पता ही नही चला कि कैसे मेरा पैर मेरे पायन्चे में फँस गया ऑर में नीचे गिर पड़ी.




राज: अरे ये तो शूकर है कि अभी इस ने चाइ नही उठाई हुई थी नही तो गर्म गर्म चाइ ऊपेर गिर कर ऑर भी नुक़सान कर सकती थी.




में ने आहिस्ता आहिस्ता पायल को पकड़ कर उठाना चाहा दूसरा बाज़ू राज ने पकड़ा ऑर हम ने पायल को खड़ी किया तो वो अपना लेफ्ट पैर नीचे ज़मीन पर नही रख पा रही थी. बड़ी ही मुश्किल से वो अपना एक पैर ऊपेर उठा कर मेरे ऑर अपने भैया के सहारे पर लंगड़ाती हुई टीवी लाउंज में पहुँची. इतने से रास्ते में ही वो कराहती रही कि भाभी नही चला जा रहा बहुत दर्द हो रही है. टीवी लाउंज में ला कर हम दोनो ने उसे सोफे पर ही लिटा दिया ऑर में उसके पास बैठ गई.




राज: लगता है कि इसके पैर में मोच आ गई है.



में ने पायल को सीधी कर के सोफी पर लिटाया ऑर उसके पैर की तरफ आ कर उसके पैर को सहलाते हुए बोली, हां लगता तो ऐसा ही है. में ने राज से कहा कि ज़रा बेडरूम में जा कर मूव तो उठा लाए ताकि में इसके पैर की थोड़ी सी मालिश कर सकूँ. मेरी बात सुन कर राज फॉरन ही कमरे में चला गया ऑर में आहिस्ता आहिस्ता उसके पैर को सहलाती रही. अभी भी पायल दर्द के मारे कराह रही थी.




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Re: मासूम ननद

Post by Dolly sharma » 25 Dec 2016 10:12

चन्द लम्हों के बाद ही राज वापिस आया ऑर मूव मुझे दी. मैने थोड़ी सी ट्यूब निकाली ऑर उसे पायल के पैर के ऊपर मलने लगी. फिर मैने राज से कहा कि ज़रा किचन में जा कर रब्बर बॉटल में पानी गरम कर के ले आओ ताकि थोड़ी सी सिकाई भी की जा सके. राज भी बहुत ही परेशान था अपनी बहन के पैर में मोच आने की वजह से इस लिए फॉरन ही किचन में चला गया.




पायल के पैर के ऊपर मूव लगाने के बाद मैने उसकी शलवार को थोड़ा ऊपर घुटनो की तरफ को उठाया ताकि उसकी लेग के निचले हिस्से पर भी मूव लगा दूं. पायल ने उस वक़्त एक बहुत ही लूस ऑर खुले पाइंचो वाली शलवार पहनी हुई थी ऑर शायद यही वजह थी कि वो इसके पाइन्चे से उलझ कर गिर गई किचन में. जैसे ही मैने पायल की शलवार को उसके घुटनो तक ऊपर उठाया तो पायल की गोरी गोरी टाँग मेरी आँखों के सामने नंगी हो गई.




उूुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ कितनी गोरी ऑर मुलायम थी पायल की टांगे. जैसे ही मैने उसकी नंगी टाँग को छूआ तो ऐसे लगा कि जैसे मैने मक्खन में हाथ डाल दिया हुआ. में उसकी मालिस का भूल कर आहिस्ता आहिस्ता उसकी टाँग को सहलाने लगी. धीरे धीरे अपना हाथ उसकी नंगी टाँग पर फैरने लगी. कभी पहले ऐसे नही हुआ था लेकिन आज एक अलग ही मज़ा आ रहा था उसकी टाँग को सहलाने का. फिर मैने अपने ख़याल को झटका को उसकी टाँग पर मूव लगान लगी.




थोड़ी ही देर में राज गरम पानी की प्लास्टिक बॉटल ले आया ऑर टेबल पर रख दी ऑर फिर दूसरी सोफा पर बैठ कर दोबारा से टीवी देखने लगा. पायल की टाँग पर मूव लगाते हुए अचानक ही मेरी नज़र राज की तरफ गई तो हैरानी से जैसे मेरी आँखे फॅट सी गई. मैने देखा कि राज की नज़रे टीवी की बजाय अपनी सग़ी बहन की नंगी टाँगो को देख रही हैं. मुझे इस बात पर बहुत ही हैरत हुई कि राज कैसे अपनी छोटी सिस्टर की नंगी टाँग को ऐसे देख सकता है. उसकी आँखों में जो शौक था वो में अच्छे से पहचान सकती थी आख़िर कार मैं उसकी बीवी थी.




ये देख कर एक लम्हे के लिए तो मेरे हाथ पायल की टाँग पर रुक सा गया लेकिन मुझ में हिम्मत ना हुई कि में अपने हज़्बेंड से नज़रे मिलाऊ या उसको रोकू या टोकू. मैने अपनी नज़रे वापिस पायल की टाँग पर जमा दी ऑर आहिस्ता आहिस्ता मूव मलने लगी. पायल को किसी बात का होश नही था वो तो बस अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी हुई थी. पायल की नंगी गोरी टाँग को सहलाते सहलाते मेरे दिमाग़ में एक शैतानी ख़याल आया क्यूँ ना में इसकी टाँग को थोड़ा ऑर एक्सपोज़ करूँ ऑर देखू कि तब भी राज अपनी बहन की गोरी गोरी टाँग को नंगी देखता है या नही.




यही सोच कर मैने आहिस्ता से पायल की शलवार उसके घुटने के ऊपर सरका दी. ऑर अब उसकी खुले पैइंची वाली शलवार उसके घुटने से नीचे थाइ पर आ गई थी. जिसकी वजह से पायल का घुटना ऑर उसकी थाइ का थोड़ा सा निचला हिस्सा भी नंगा हो गया था. मैने उसके घुटने पर भी आहिस्ता आहिस्ता मूव लगानी शुरू कर दी ऑर मसाज करते हुए तिरछी नज़र से अपने हज़्बेंड की तरफ देखा तो पता चला कि अब भी वो चोर नज़रों से अपनी बहन की नंगी टाँग ऑर थाइ को देख रहा है. में दिल ही दिल में मुस्करा दी.





कितनी अजीब बात थी कि एक भाई अपनी सग़ी छोटी बहन की नंगी टाँग को ऐसे प्यासी नज़रों से देख रहा था जैसे कि वो उसकी बहन ना हो बल्कि कोई दूसरी लड़की हो. मुझे इस गंदे खैल में अजीब सा मज़ा आरहा था ऑर में इसी लिए इस मसाज को एक्सटेंड करती जा रही थी ताकि राज ज़्यादा से ज़्यादा अपनी बहन के जिस्म से अपनी आँखों को सैंक सके.




मेरे दिमाग़ में एक और शैतानी ख़याल आया जिस से में राज को ऑर भी क़रीब से अपनी बहन की नंगी मुलायम टाँगे दिखा सकती थी. मैने अपने पास ही सोफे पर रखी हुई मूव नीचे फर्श पर गिरा दी. थोड़ी देर के बाद मैने राज को आवाज़ दी कि मुझे मूव नीचे से उठा कर दें.





मैने ये बात बिना राज की तरफ देखे हुए कही ऑर वो ऐसे चौंका जैसे किसी ख्वाब से जागा हो ऑर फिर हमारी तरफ बढ़ा. इतनी देर में मैने पायल की दूसरी टाँग भी नंगी कर दी थी ऑर उस को भी सहला रही थी. पायल को जैसे अब दर्द से कुछ सुकून मिल रहा था जिसकी वजह से वो आँखे मूंदी लेटी हुई थी. राज मेरे क़रीब आया ऑर नीचे फर्श पर से मूव उठा कर मेरी तरफ बढ़ाई लेकिन मैने अपनी स्कीम के मुताबिक़ बिना उसकी तरफ देखे हुए कहा थोड़ी सी यहाँ पर लगा दो. मैने पायल की दूसरी लेग की तरफ इशारा करते हुए उसे कहा. दिल ही दिल में मैं मुस्करा रही थी ऑर देखना चाहती थी कि राज का क्या रियेक्शन होता है अपनी बहन की नंगी टाँग के इतना क़रीब होते हुए. दूसरी तरफ मासूम पायल चुप चाप लेटी हुई थी आँखे बंद कर के उसे नही अंदाज़ा था कि उसकी भाभी एक गेम खैल रही है ऑर उसका अपना सगा बड़ा भाई किस नज़र से उसके नंगे जिस्म को देख रहा है.





आहिस्ता से राज ने हाथ बढ़ाया ऑर पायल की एक नगी टाँग के ऊपर से हाथ गुज़ार कर दूसरी तरफ वाली टाँग पर मूव लगाने लगा. मेरी नज़र उसके हाथ पर ही थी जिस में मुझे हल्की हल्की कपकपाहट महसूस हो रही थी. दूसरी टाँग की तरफ हाथ ले जाते हुए उसका हाथ पायल की पहली टाँग को टच करने लगा. मैने आहिस्ता से उसके चेहरे की तरफ देखा तो उसका चेहरा लाल हो रहा था ऑर नज़रे तो जैसे अपनी बहन की मखमली गोरी गोरी नंगी टाँगों से चिपकी ही पड़ी थीं. मूव लगा कर राज ने हाथ पीछे हटाया ऑर मूव को टेबल पर रख कर वापिस दूसरी सोफी पर जा कर बैठ गया ऑर टीवी देखने की आक्टिंग करने लगा जबकि उसकी नज़र अब भी थोड़ी थोड़ी पायल की नंगी टाँगों को ही देख रही थी.




थोड़ी देर चुप रहने के बाद राज बोला, आख़िर हुआ क्या था तुम को जो नीचे ऐसे गिर पड़ी.




पायल बोली, भैया वो मेरा पैर पाइची में फँस गया तो गिर गई.




मुझे तो जैसे मौका ही मिल गया मैने फॉरन ही कहा, गिरना ही है ना तुम ने जो इतने खुले खुले पाइनचे वाली शलवारे पहनती हो पुराने फॅशन की. कितनी बार कहा है कि महॉल ऑर फॅशन के मुताबिक़ ड्रेसिंग किया करो. मैने उसे प्यार से डाँटते हुए कहा.




राज भी बोला, हां ठीक ही तो कह रही है तुम्हारी भाभी. वैसे ये तुम्हारा ही काम है ना कि तुम इसे समझाओ कि कैसे रहना होता है शहर में.




में: मेरे पर क्यों गुस्सा होते हो पूछ लो इस से कितनी बार कहा है इसे कि मेरी तरह की ड्रेसिंग किया करो लेकिन ये नही मानती. तुम से डरती है कि पता नही भैया बुरा मान गये तो डान्टेन्गे फिर उसे.




राज: लो इस में मेरे बुरा मान ने वाली कॉन सी बात है वक़्त के मुताबिक़ तो चलना ही होता है ना आख़िर एक हद में रह कर.




में: यही तो में इसको समझाती हूँ कि देखो में भी तो पहनती हूँ ना लेटेस्ट कपड़े तो क्या कभी तुम्हारे भाई ने मुझे रोका है या कभी बाहर कुछ ऐसा वैसा हुआ है जो तुम डरती हो.




पायल : ( शरमाते हुए बोली) अच्छा भाभी अब बस भी करो क्यो मेरी वाट लगाने लगी हुई हैं भैया के सामने.




पायल की इस बात पर में ऑर राज दोनो हँसने लगे. में महसूस कर चुकी थी कि राज को अपनी सग़ी बहन की नंगी टाँगों को देख कर बहुत अच्छा लगा था. में सोच रही थी कि अगर पायल भी मेरे जैसे ही कपड़े पहने तो राज की तो फट ही जाएगी ऑर फिर में देखूँगी कि कैसे वो खुद को रोकता है अपनी बहन पर नज़र डालने से. मेरे दिल में सिर्फ़ ऑर सिर्फ़ शरारत थी कि में एक भाई को उसकी बहन के ज़रिए से टीज़ करू ऑर देखूं कि आख़िर कितना ज़ब्त कर सकता है एक भाई या किस हद तक देख सकता है अपनी बहन के जिस्म को.

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Re: मासूम ननद

Post by Dolly sharma » 26 Dec 2016 10:45

कुछ दिन के लिए पायल को छुट्टी करनी पड़ी अपने कॉलेज से ऑर घर पर ही रहती थी. में उसके रोज़ाना मूव लगा कर मालिश करती थी लेकिन हमेशा ही मेरी यही कोशिश होती थी कि में उसकी टाँगो की मालिश उसके भाई के सामने ही करूँ. ताकि उसे अपनी बहन के जिस्म से आँखे सैंकने का मौका मिल सके. ऑर उधर राज का भी यही हाल था कि जब भी में पायल के क्रीम लगाती तो वो आस पास ही भटकता रहता था.




इसी दोरान मैने पायल को एक जीन्स ला कर दी ऑर उस ने बहुत ही शरमाते हुए एक लोंग शर्ट के साथ पहनी. मैने भी उसको टी शर्ट पहन ने पर ज़ोर नही दिया कि चलो शुरू तो करे तो एक दिन इसको सेक्सी कपड़े भी पहना दूंगी. जब राज जॉब से वापिस आया तो पायल बाहर ही नही आ रही थी उस जीन्स में. बड़ी मुश्किल से वो बाहर आई तो उसका चेहरा शर्म से सुर्ख हो रहा था ऑर वो नज़रे ऊपर नही कर पा रही थी. हालाकी उसकी शर्ट ने उसकी पूरी जीन्स को छुपाया हुआ था ओर सिर्फ़ घुटनो से नीचे से ही नज़र आ रही थी उसकी जीन्स. तो वो अपनी कमीज़ को अपने जिस्म के साथ चिपका रही थी ऑर नीचे को खींच रही थी जैसे कि अपनी जीन्स को छुपाना चाहती हो.





राज ने उसे देखा तो पहले तो हैरान हुआ ऑर फिर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा. जिसे देख कर में भी हँसने लगी ओर पायल का ऑर भी बुरा हाल हो गया शर्म से. उसका चेहरा रोने वाला हो रहा था.




में: देख लो राज आज बड़ी मुश्किल से तुम्हारी इस चहेती बॅक्वर्ड माइंडेड बहन को जीन्स पहनाई है ऑर इसकी तो शरम ही नही जा रही. देखो तो सही किया कोई खराबी है इस में जो इस ने पहना है.




राज ने पायल की तरफ ऊपर से नीचे तक देखा ऑर बोला, नही यार बिल्कुल परफेक्ट है. पायल तुम तो ऐसे ही घबरा रही हो. अरे डॉली तुम ने इसे कोई शर्ट ले कर नही दी क्या .




में: यार वो भी ले देनी थी इसको मैने लेकिन इस ने सॉफ सॉफ इनकार कर दिया कि में टी शर्ट नही पहनूँगी. इस लिए में नही ले कर आई.





राज: अच्छा चलो फिर ला देना किसी दिन. जस्ट रिलॅक्स करो पायल क्यो परेशान हो रही हो ये तो आजकल सब लड़कियाँ ही पहनती हैं कॉलेज में और बाहर भी.





फिर हम सब ने खाना खाया ऑर अपने अपने रूम में आ गये. धीरे धीरे पायल को जीन्स की आदत होने लगी ऑर फ्रीली घर में जीन्स पहन ने लगी. लेकिन अभी भी उस ने कभी भी टी शर्ट नही पहनी थी. अब मेरा नेक्स्ट स्टेप उसको लेगिंग पहना ने का था जिस में उसके जिस्म के निचले हिस्से की पूरी शेप उसके भाई की नज़रों के सामने आजाती. काफ़ी बार मैने उसे कहा लेकिन वो शरमा जाती थी ऑर मेरी बात मान ने को तैयार नही थी.

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