घर के रसीले आम मेरे नाम

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rajaarkey
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 03 Jan 2017 10:01

vnraj wrote:मस्त है

shukriya dost
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 03 Jan 2017 10:02

Phantom wrote:Update please..........

update aane hi vala hai
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 03 Jan 2017 10:04

रश्मि एक ही रात में राज की नज़रो मे उतर जाती है और राज उसके लाजवाब हुस्न को पीने के लिए तड़पने लगता है. उसे समझ नही आता है कि इतनी खूबसूरत और मस्तानी लड़की पर आज तक उसकी ऐसी नज़रे पहले कभी पड़ी क्यों नही. तभी दूसरी ओर से रजनी चाइ लेकर आती है और राज और रश्मि को चाइ देकर वह भी वही बैठ कर चाइ पीने लग जाती है. राज एक नज़र अपनी मम्मी की गदराई जवानी पर मारता है और फिर धीरे-धीरे चाइ की चुस्किया लेने लगता है.

कुच्छ देर बाद राज अपने ऑफीस की ओर चला जाता है और रश्मि बाथरूम में जाकर नहाने लगती है. रजनी राज के रूम में जाकर उसके रूम की सफाई करने लगती है. और जैसे ही राज के बेड के गद्दे को उठती है उसकी नज़र उसी आल्बम पर पड़ जाती है और वह उसी बेड पर बैठ कर जैसे ही उस आल्बम का पहला पेज पलटती है उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है.

रजनी अपने मन में.. बाप रे राज ऐसी आल्बम देखता है मुझे तो यकीन नही होता वह इतना सेक्सी है. दिखता तो कितना भोला है और ओफ्फ कितना बड़ा लंड उस लड़की की चूत में घुसा हुआ है. रजनी उन पिक्स को देख कर पागल हो जाती है और बार-बार एक-एक सीन को पलट-पलट कर देखने लगती है. उसकी फूली हुई चूत एक दम गीली हो जाती है. वह जल्दी से उस आल्बम को पूरी देख कर फिर से वही रख देती है और चुपचाप बाहर आ जाती है. और कुछ देर के लिए बाहर आकर बैठ कर गहरी साँसे लेती हुई… मुझे तो पता ही नही था कि राज चूत मारने के लिए इतना तड़प रहा है. ज़रूर उन फोटो को देख-देख के अपना लंड हिलाता होगा. उसका लंड भी तो कितना मोटा और बड़ा है जिसकी चूत में घुसेगा वह तो मस्त हो जाएगी. ऐसे मोटे लंड से चुदने के लिए तो में भी तड़प रही हूँ. काश राज जैसा मोटा लंड मेरी चूत को भी फाड़ देता तो कितना मज़ा आता. हे क्या करूँ मेरी चूत तो बहुत खुजलाने लगी है. जब से राज के लंड को अपने हाथो से दबोचा है उसकी मोटाई के अहसास ने मेरी चूत की खुजली और भी बढ़ा दी है. राज भी चूत के लिए कितना प्यासा है तभी तो ऐसी आल्बम देखता है. कुच्छ ऐसा नही हो सकता कि राज का लंड मुझे अच्छे से देखने को मिल जाए.

तभी एक दम से रजनी चौक जाती है और रश्मि बाथरूम से नहा कर केवेल पेंटी पहने हुए बाहर आ जाती है, और अपनी मम्मी को देख कर मुस्कुराते हुए अपनी मोटी गान्ड मटकाते हुए अपने रूम की ओर चल देती है. रजनी रश्मि की मोटी गान्ड को देख कर अपने मन में… इस कामिनी की मोटी गान्ड भी खूब मटकने लगी है. इस पर ध्यान नही दिया तो यह जल्दी ही किसी मोटे लंड को अपनी चूत में भर लेगी इसके लक्षण ठीक नही दिखते हैं. घोड़ी इतनी बड़ी हो गई है फिर भी शरम नही आती है कैसे अपनी मोटी-मोटी गान्ड को मटका कर इतरा-इतरा कर चल रही है. बहुत ही चुदासी निकलेगी यह.

दोपहर को रजनी अपने रूम में जाकर सो जाती है और रश्मि अपने भैया के रूम को अंदर से बंद करके उस आल्बम को खोल कर देखने लगती है और उसकी फूली हुई चूत पानी छोड़ने लगती है. वह उस फोटो आल्बम को देख कर बहुत गरम हो जाती है और अपनी फूली हुई चूत के खड़े दाने को अपने हाथो की उंगलियो से सहलाते हुए गहरी-गहरी सिसकिया लेती हुई उस फोटो को देखने लगती है. जब उससे रहा नही जाता है तब वह अपनी पेंटी को उतार कर स्कर्ट उपर करके नंगी हो जाती है और उस आल्बम के मोटे-मोटे लंड को देख-देख कर अपनी चूत में अपनी एक उंगली डालकर मूतने वाली पोज़िशन में बैठ कर चूत में उंगली करने लगती है. वह बहुत देर तक अपनी चूत में लगातार उंगली करती है और उसकी चूत दर्द करने लगती है लेकिन उसका पानी नही निकल पाता है और जब वह थक जाती है तो गहरी-गहरी साँसे लेती हुई बाथरूम में जाकर अपनी चूत को ठंडे पानी से धो लेती है और वापस आकर सीधे कोमल को फोन लगाती है.)

कोमल- हेलो!

रश्मि- कमिनि कहीं की! ऐसी आल्बम दी है उसके साथ एक डिल्डो भी दे देती.

कोमल- (हँसते हुए) क्या हुआ मेरी रानी? क्यों इतना नाराज़ हो रही है?

रश्मि- अरे यार कोमल मुझसे तो नही हो रहा है मेरी तो चूत हाथ से रगड़ने पर दुखने लगी है.

कोमल- अरे पगली अब तेरे लिए डिल्डो कहाँ से लाऊँ?

रश्मि- कोमल कुछ तो आइडिया बता. नही तो में तड़प कर ही मर जाउन्गी.

कोमल- (मुस्कुराकर) एक आइडिया है?

रश्मि- क्या?

कोमल- तेरे भैया का मोटा लंड!

रश्मि- (गुस्से से कोमल को चिल्ला कर) कोमल बंद कर अपनी बकवास! में यहाँ दर्द से तड़प रही हूँ! और तुझे मज़ाक सूझ रहा है.

कोमल- माइ स्वीट हार्ट! में मज़ाक नही कर रही हूँ. में तेरे लिए सीरियस हूँ.

रश्मि- अब बस भी कर! बड़ी आई! मज़ाक नही कर रही है, मज़ाक नही तो और क्या है यह, जो चीज़ पोज़िबल ही नही है उसके बारे में तू मुझे सलाह देकर मज़ाक नही तो और क्या कर रही है?

कोमल- (कुच्छ सोच कर) अच्छा बाबा! नाराज़ मत हो में एक काम करती हूँ. में तेरे लिए किसी बॉय फ्रेंड का इंतज़ाम कर दूं तो चलेगा?

रश्मि- नही-नही मुझे डर लगता है.

कोमल- उफफफफ्फ़ हो ना घर में चुदना चाहती हो और ना बाहर ही किसी का लंड लेना चाहती हो तो क्या करूँ तेरे लिए? आसमान से लंड उतर कर आएगा क्या?

रश्मि- अच्छा तू मेरी किसी से दोस्ती तो करा दे फिर मुझे अगर ठीक लगेगा तो में सोचूँगी पर किसी भी ऐरे गैरे से मेरे बारे में कुछ कह मत देना नही तो में तेरी जान ले लूँगी.

कोमल- अरे पागल है क्या? क्या में इतना नही समझती, तू फिकर मत कर एक लड़का है वह मुझ पर लाइन मारता है हम कल उससे मिलते है और टाइम पास करते हैं. अगर तुझे पसंद आया तो तू अपनी लाइन जमा लेना. वैसे मुझे तो वह पसंद नही है. अब तू मिल कर देख लेना.

रश्मि- चल ठीक है. कल एग्ज़ॅम के बाद मिलते हैं.

कोमल- ओके बाइ डार्लिंग!

रश्मि- बाइ रश्मि!

(उस दिन उस आल्बम को अपने बॅग में वापस रख लेती है. और उस रात दोनो माँ बेटी साथ में सोती है और राज अपने रूम में सोता है. और जब वह बेड के नीचे देखता है तो उसे कुछ नही मिलता है और वह अपनी मम्मी और बहन के बारे में सोचता हुआ सो जाता है.)

रजनी- (रश्मि के सर पर हाथ फेरते हुए..) कल के पेपर की पढ़ाई हो गई..?

रश्मि- मम्मी अब मेरा पढ़ने लिखने में मन नही लगता है.

रजनी- तो फिर क्या करने का मन है तेरा?

रश्मि- (मुस्कुराकर अपने मन में..) अब तो मेरा चूत मराने का मन होता है.

रजनी- क्यों दाँत दिखा रही है?

रश्मि- (मुस्कुराकर) कुछ नही.

रजनी- बेटी अब बचपाना छोड़ दे! अब तू बड़ी हो गई है.

रश्मि- अच्छा, तो में कौन सा बचपाना दिखाती हूँ?

रजनी- देख बेटी अब अपनी चाल ढाल और रहन सहन का अंदाज थोड़ा चेंज कर. अब तू एक जवान लड़की हो गई है.

रश्मि- (अपने मन में... मम्मी एक बार जब में किसी मोटे लंड से अपनी चूत मरा लूँगी तो तुम्हे मेरी चाल भी बदली हुई नज़र आने लगेगी. एक बार मेरी चूत फटने तो दो..) मम्मी एग्ज़ॅम के बाद में कही घूमने जाउन्गी.

रजनी- कहाँ?

रश्मि- भैया से कहती हूँ कि मुझे कहीं घुमाने ले जाए!

रजनी- तेरे भैया को फ़ुर्सत ही कहाँ है, वह बेचारा अपनी ड्यूटी बजाए या तुझ आवारा को घुमाता फिरे.

रश्मि- अरे देखना में भैया से एक बार कहूँगी, और वह मुझे कहीं ना कहीं ज़रूर घुमाने ले जाएँगे.

रजनी- ठीक है, ठीक है अब जाकर लाइट बंद कर्दे फिर सुबह एग्ज़ॅम के लिए भी जाना है ना. पता चला वहाँ एग्ज़ॅम हो गई और यहाँ घोड़ी घोड़े बेच कर सो रही है. और रश्मि को ढकते हुए अब जा भी.

रश्मि- मम्मी उस जनम में तुम ज़रूर मेरी सास रही होगी और में तुम्हारी बहू..!

रजनी- (मुस्कुराकर) जितना दिमाग़ तेरा इन बातों में चलता है उतना अगर पढ़ाई में चला लेती तो पूरे स्कूल में टॉप आती.

रश्मि- (मुस्कुराकर) चलो तुम्हे यह तो लगा कि मेरा दिमाग़ कितना तेज चलता है और फिर रश्मि कमरे की बत्ती बुझा कर अपनी मम्मी के पास लेट जाती है.

(सुबह राज रश्मि को एग्ज़ॅम सेंटर पर छोड़ कर निकल जाता है और रश्मि अपनी एग्ज़ॅम के बाद सीधे कोमल से मिलती है और कोमल फिर एक लड़के से उसे मिलाती है. कोमल रश्मि को आँख मार… यार में अभी 10 मिनट में आती हूँ तब तक तुम दोनो बाते करो और कोमल वहाँ से चली जाती है. रश्मि उस लड़के के पास खड़ी हुई बस एक ही सवाल पूछती है कि… क्या नाम है तेरा तभी दूसरी ओर से एक बाइक आकर उसके पास रुकती है और रश्मि जब पलट कर देखती है तो राज उसको देख रहा था. राज को देख कर वह लड़का वहाँ से चल देता है और रश्मि राज के पास जाकर…)

रश्मि- अरे भैया आ गये आप.

राज- कौन था वह लड़का?

रश्मि- पता नही!

राज- तो फिर उसके पास क्यों खड़ी थी?

रश्मि- वो क्या है ना…

राज- देख रश्मि मुझे तेरा लड़को से दोस्ती करना बिल्कुल पसंद नही है, स्कूल आती हो अपनी पढ़ाई करो और सीधे अपने घर की ओर बढ़ जाओ. बेकार में किसी से ज़्यादा दोस्ती यारी करने की कोई ज़रूरत नही है. समझी!

रश्मि- जी भैया!

राज- चलो बैठो बाइक पर!

(और रश्मि अपने मोटे चूतड़ उचका कर बैठ जाती है. और राज अपनी बाइक चला देता है. रश्मि पीछे बैठी-बैठी अपने मन में… बड़े आए लड़को से दोस्ती ना किया करो. अरे मेरी चूत फड़कती है तो तुम्हारा क्या जाता है? कितना सीधा लग रहा था वह लड़का दो मिनट में सारा खेल खराब कर दिया अब ऐसा तो है नही कि तुम्हारी बहन मोटे लंड के लिए मर रही है और तुम अपने लंड से उसकी चूत को फाड़ सकते हो. राज उसी आइस क्रीम के ठेले के पास अपनी बाइक रोक देता है और रश्मि उतर जाती है.)

राज- आइस क्रीम खाएगी?

रश्मि- (अपना मूह फूला कर) नही.

राज- (मुस्कुराकर उसके गाल पर अपना हाथ फेरते हुए…) नाराज़ हो गई मुझसे!

(रश्मि अपने मूह को फुलाए हुए इधर उधर देखने लगती है राज उसके गुस्से से लाल खूबसूरत चेहरे को देख कर मस्त हो जाता है और उसका दिल करता है कि रश्मि का गुस्से से लाल चेहरा चूम कर उसे मना ले पर कुछ सोच कर, अपने कान पकड़ कर अच्छा बाबा आइ आम सॉरी!)

रश्मि- (मुस्कुराकर उसके हाथ को उसके कान से हटाते हुए..) भैया आप माफी माँगते हुवे अच्छे नही लगते.

राज- (मुस्कुराकर) अरे भैया! दो आइस क्रीम देना.

(और फिर रश्मि और राज आइस क्रीम खाते हुए एक दूसरे को मुस्कुराकर
देखने लगते है.)

राज- देखो रश्मि आज कल के लड़को से दोस्ती अच्छी नही होती है. बहुत कम लड़के ऐसे होते है जो लड़की को सम्मान की नज़र से देखते है बाकी सब आवारा गर्दि के अलावा कुछ नही करते इसलिए में तुम्हे उनसे दूर रहने के लिए कहता हूँ.

रश्मि- (मस्कुरा कर राज को देखती हुई अपने मन में..) भैया आप कहते तो ठीक हो लेकिन तुम्हारी बहन क्या करे उसको तो एक मोटे लंड से चुदने की चाहत है और अगर आपको अपनी बहन का इतना ही ख्याल है तो अपने मोटे डंडे को मेरी चूत में भर कर मेरी चूत फाड़ क्यो नही देते? एक बार मुझे अपने मोटे लंड से चोद दो तो फिर में किसी लड़के को क्या दुनिया के किसी भी मर्द को ही देखना बंद कर दूँगी.

राज- क्या सोच रही हो?

रश्मि- कुछ नही!

राज- देखो रश्मि अब तुम बड़ी हो गई हो इसलिए में तुम्हे ज़्यादा फोर्स नही करूँगा क्योंकि तुम अपना अच्छा बुरा खुद समझ सकती हो, मेरा फर्ज़ था तुम्हे आगाह करने का इसलिए मेने तुम्हे टोंक दिया. अब अगर तुम्हे मेरी बात बुरी लगती है तो फिर में तुम्हे हाथ पकड़ के तो रोक नही सकता. आगे जो भी करना सोच समझ के करना.

रश्मि- (मुस्कुराकर अपने मन में… भैया तुम्हे में बड़ी लगने लगी हूँ तो फिर मेरे गदराए बदन को एक बार अपनी निगाहो से देखो तब तुम्हे पता चल जाएगा कि इस लड़की को अब किस चीज़ की सबसे ज़्यादा ज़रूरत पड़ रही है. और मुझे तुम्हारा भाषण नही बल्कि तुम्हारा मोटा लंड चाहिए बोलो दे सकते हो? और फिर अचानक रश्मि के मूह से दुबारा ज़ोर से निकल जाता है...) बोलो भैया दे सकते हो?

राज- (उसको देख कर) क्या?

(रश्मि को एक दम अपनी ग़लती का अहसास होता है और वह मुस्कुराकर एक आइस क्रीम और क्या?)

राज- (मुस्कुराते हुए..) अरे भैया एक आइस क्रीम और दे दो.

रश्मि- भैया एक बात कहूँ..

राज- हां बोल!

रश्मि- भैया मेरी एग्ज़ॅम के बाद हम कहीं घूमने चले!

राज- कहाँ जाना है तुझे?

रश्मि- जहाँ आप ले चलो.

राज- ठीक है में आज ही लीव अप्लिकेशन दे देता हूँ तेरी एग्ज़ॅम जब तक ख्तम होगी मेरी छुट्टी भी सेक्षन हो जाएगी.

(रश्मि खुश होकर राज का मूह अपने होंठो से चूम लेती है और राज एक दम से रश्मि को देखता रह जाता है और फिर रश्मि को इतना खुश देख कर वह भी मुस्कुरा देता है, राज अपनी बाइक स्टार्ट करता है और रश्मि अपने भारी चुतड़ों को उचका कर सीट पर टिका देती है और फिर दोनो अपने घर आ जाते है. राज रश्मि को ड्रॉप करके वापस अपने ऑफीस निकल जाता है. रश्मि जैसे ही घर के अंदर जाती है कोमल का कॉल आ जाता है और रश्मि.)

रश्मि- हां! बोल.

कोमल- क्यों जान कहाँ गायब हो गई उस लोंडे को लेकर?

रश्मि- अरे आज तो तूने मुझे मरवा ही दिया था.

कोमल- क्यो क्या हुआ? (रश्मि उसे अपने भैया वाली बात बता देती है और कोमल सुन कर..)

कोमल- लगता है जान तेरे भैया तुझे दूसरे लड़के के साथ देख कर जल भुंज गये थे.

रश्मि- पता नही यार पर में तो एक दम से डर गई थी.

कोमल- एक बात कहूँ!

रश्मि- हां बोल!

कोमल- थोड़ा सा अपने भैया पर ध्यान दे के देख, तुझे तेरे भैया से अच्छा कोई नही चोद सकता है.

रश्मि- क्या बकवास कर रही है.

कोमल- देख में तो तेरी बात का ही जवाब दे रही हूँ. कभी अपने भैया के चेहरे को पढ़ने की कोशिश तो कर. मुझे तो लगता है वह तुझे ज़रूरत से ज़्यादा चाहता है.

रश्मि- (अंदर ही अंदर खुश होती हुई..) तू यह कैसे अंदाज़ा लगा रही है?

कोमल- अच्छा तेरे भैया ने तुझे डाटने के बाद बाद में यह भी कहा होगा कि तू उनकी बात से नाराज़ तो नही है.

रश्मि- (कोमल की बात सुन कर चौक जाती है) हां-हां. कहा था.

कोमल- तो फिर ऐसा लगता है मेरी रानी कि तेरे भैया भी तुझ पर मरते हैं.

रश्मि- तू भी ना कोमल कुछ भी बोलती रहती है चल अब फोन रख हम बाद में बात करेंगे.

कोमल- चल ठीक है ओके बाइ!

(रश्मि फोन काटने के बाद एक पल के लिए कोमल की बात को सोचने लगती है और फिर मुस्कुराती हुई जैसे ही मुड़ती है सामने रजनी खड़ी रहती है.)

रजनी- क्या गुपचुप बाते हो रही थी कोमल और तुझ में?

रश्मि- (मुस्कुराकर) कुछ नही मम्मी वो तो यह कह रही थी कि रश्मि आजकल तेरी मम्मी कुछ ज़्यादा मोटी दिखने लगी है.

रजनी- (मुस्कुराकर) बेटी जब में तेरी उमर में थी तब में भी ऐसे ही बाते बनाने में माहिर थी. तू अपनी मम्मी को बेवकूफ़ समझती है क्या.

रश्मि- ओफफफ्फ़ हो मम्मी अब हम बच्चो की बातों से आप को क्या लेना है?

रजनी- इतनी बड़ी घोड़ी है और अपने आप को बच्चा कहती है.

रश्मि- (मुस्कुराकर) अच्छा में आपको एक बात बताना तो भूल ही गई भैया और हम मेरी एग्ज़ॅम के बाद घूमने जा रहे हैं.

रजनी- अच्छा! कहाँ जाने का इरादा है तुम लोगो का?

रश्मि- यह तो मुझे नही पता भैया ही जाने कहाँ ले जाएगे मुझे.

(उसके बाद रश्मि बाथरूम में जाकर हाथ मूह धोकर आती है और जाकर शीशे के सामने अपने चेहरे को देखने लगती है, और अपने मन में सोचती हुई… क्या में खूबसूरत दिखती हूँ या नही, भैया को में कैसी लगती हूँ पता नही, पर कोमल सही कह रही थी मुझे भैया के चेहरे को पढ़ना होगा कि उनके मन में क्या चल रहा है.



Rashmi ek hi rat mein Raj ki najro me utar jati hai aur Raj uske lajawab husn ko pine ke liye tadapne lagta hai. use samajh nahi aata hai ki itni khubsurat aur mastani ladki par aaj tak uski aisi najre pahle kabhi padi kyon nahi. tabhi dusri aur se Rajni chai lekar aati hai aur Raj aur Rashmi ko chai dekar vah bhi vahi baith kar chai pine lag jati hai. Raj ek najar apni mummy ki Gadraee Jawani par marta hai aur phir dhire-dhire chai ki chuskiya lene lagta hai.

Kuchh der bad Raj apne office ki aur chala jata hai aur Rashmi bathroom mein jakar nahane lagti hai. Rajni Raj ke room mein jakar uske room ki safai karne lagti hai. aur jaise hi Raj ke bed ke gadde ko uthati hai uski najar usi album par pad jati hai aur vah usi bed par baith kar jaise hi us album ka pahla page palatti hai uski aankhe phati ki phati rah jati hai.

Rajni apne man mein.. bap re Raj aisi album dekhta hai mujhe to yakin nahi hota vah itna sexy hai. dikhta to kitna bhola hai aur off kitna bada lund us ladki ki chut men ghusa hua hai. Rajni UN pics ko dekh kar pagal ho jati hai aur bar-bar ek-ek seen ko palat-palat kar dekhne lagti hai. uski phuli hui chut ek dam gili ho jati hai. Vah jaldi se us album ko puri dekh kar phir se vahi rakh deti hai aur chupchap bahar aa jati hai. aur kuch der ke liye bahar aakar baith kar gahri sanse leti huee… mujhe to pata hi nahi tha ki Raj chut marne ke liye itna tadap raha hai. Jarur un photo ko dekh-dekh ke apna lund hilata hoga. Uska lund bhi to kitna mota aur bada hai jiski chut men ghusega vah to mast ho jayegi. aise mote lund se chudane ke liye to men bhi tadap rahi hoon. kash Raj jaisa mota lund meri chut ko bhi phad deta to kitna maza aata. hay kya karu meri chut to bahut khujlane lagi hai. jab se Raj ke lund ko apne hatho se dabocha hai uski motaee ke ahasaas ne meri chut ki khujli aur bhi badha di hai. Raj bhi chut ke liye kitna pyasa hai tabhi to aisi album dekhta hai. kuchh aisa hnahi ho sakta ki Raj ka lund mujhe achche se dekhne ko mil jaye.

Tabhi ek dam se Rajni chauk jati hai aur Rashmi bathroom se nahakar kevel penty pahne Huwe bahar aa jati hai, aur apni mummy ko dekh kar muskurate Huwe apni moti gaanD matkate Huwe apne room ki aur chal deti hai. Rajni Rashmi ki moti gaanD ko dekh kar apne man mein… is kamini ki moti gaanD bhi khub matakne lagi hai. is par dhyan nahi diya to yah jaldi hi kisi mote lund ko apni chut mein bhar legi iske lakshan thik nahi dikhte hain. ghodi itni badi ho gai hai phir bhi sharam nahi aati hai kaise apni moti-moti gaanD ko matka kar itra-itra kar chal rahi hai. bahut hi chudasi niklegi yah.

Dophar ko Rajni apne room mein jakar so jati hai aur Rashmi apne bhaiya ke room ko andar se band karke us album ko khol kar dekhne lagti hai aur uski phuli hui chut pani chodane lagti hai. vah us photo album ko dekh kar bahut garam ho jati hai aur apni phuli huee chut ke khade dane ko apne hatho ki ungliyo se sahlate Huwe gahri-gahri siskiya leti hui us photo ko dekhne lagti hai. jab usse raha nahi jata hai tab vah apni penty ko utar kar skirt upar karke nangi ho jati hai aur us album ke mote-mote lund ko dekh-dekh kar apni chut mein apni ek ungli dalkar mutne wali position mein baith kar Chut mein Ungali Karne lagti hai. vah bahut der tak apni chut mein lagatar ungli karti hai aur uski chut dard karne lagti hai lekin uska pani nahi nikal pata hai aur jab vah thak jati hai to gahri-gahri sanse leti huee bathroom men jakar apni chut ko thande pani se dho leti hai aur vapas aakar sidhe Komal ko phone lagati hai.)

Komal- hello!

Rashmi- kamini kahi ki! aisi album di hai uske sath ek dildo bhi de deti.

Komal- (haste Huwe) kya hua meri rani? kyon itna naraj ho rahi hai?

Rashmi- are yaar Komal mujhse to nahi ho raha hai meri to chut hath se ragadne par dukhne lagi hai.

Komal- are pagali ab tere liye dildo kaha se laoon?

Rashmi- Komal kuch to idea bata. nahi to men tadap kar hi mar jaungi.

Komal- (muskuraakar) ek idea hai?

Rashmi- kya?

Komal- tere bhaiya ka mota lund!

Rashmi- (gusse se Komal ko chillkar) Komal band kar apni bakwas! men yaha dard se tadap rahi hoon! aur tujhe majak sujh raha hai.

Komal- my sweet heart! men majak nahi kar rahi hoon. men tere liye seriouse hoon.

Rashmi- ab bas bhi kar! badi aaee! majak nahi kar rahi hai, majak nahi to aur kya hai yah, jo cheej posible hi nahi hai uske bare mein tu mujhe salah dekar majak nahi to aur kya kar rahi hai?

Komal- (kuchh soch kar) achcha baba! naraj mat ho men ek kam karti hoon. men tere liye kisi boy friend ka intjam kar du to chalega?

Rashmi- nahi-nahi mujhe dar lagta hai.

Komal- ufffff ho na ghar mein chudanaa chahti ho aur na bahar hi kisi ka lund lena chahti ho to kya tere liye? aasman se lund utar kar aayega Kya?
Rashmi- achcha tu meri kisi se dosti to kara de phir mujhe agar thik lagega to men sochungi par kisi bhi aire gaire se mere bare men kuch kah mat dena nahi to men teri jan le lungi.

Komal- are pagal hai kya? kya men itna nahi samajhti, tu fikar mat kar ek ladka hai vah mujh par line marta hai hum kal usse milte hai aur time pass karte hain. agar tujhe pasand aaya to tu apni line jama lena. vaise mujhe to vah pasand nahi hai. ab tu mil kar dekh lena.

Rashmi- chal thik hai. kal exam ke bad milte hain.

Komal- ok bye darling!

Rashmi- bye Rashmi!

(Us din us album ko apne bag mein vapas rakh leti hai. aur us rat dono ma beti sath men soti hai aur Raj apne room mein sota hai. aur jab vah bed ke niche dekhta hai to use kuch nahi milta hai aur vah apni mummy aur bahan ke bare men sochta hua so jata hai.)

Rajni- (Rashmi ke sar par hath pherte Huwe..) kal ke paper ki padhai ho gaee..?
Rashmi- mummy ab mera padhne likhne mein man nahi lagta hai.

Rajni- to phir kya karne ka man hai tera?

Rashmi- (muskuraakar apne man mein..) ab to mera chut maraane ka man hota Hai.

Rajni- kyon daant dikha rahi hai?

Rashmi- (muskuraakar) kuch nahi.

Rajni- beti ab bachpana chhod de! ab tu badi ho gaee hai.

Rashmi- achcha, to men kaun sa bachpana dikhati hoon?

Rajni- dekh beti ab apni chaal dhaal aur rahan sahan ka andaj thoda change kar. ab tu ek jawan ladki ho gai hai.

Rashmi- (apne man mein... mummy ek bar jab men kisi mote lund se apni chut mara lungi to tumhe meri chal bhi badli hui najar aane lagegi. ek bar meri chut phatne to do..) mummy exam ke bad men kahi ghumne jaungi.
Rajni- kahaan?

Rashmi- bhaiya se kahti hoon ki mujhe kahi ghumane le jaye!

Rajni- tere bhaiya ko fursat hi kahan hai, vah bechara apni duty bajaye ya tujh aawara ko ghumata phire.

Rashmi- are dekhna men bhaiya se ek bar kahungi, aur vah mujhe kahi na kahi jarur ghumane le jayenge.

Rajni- thik hai, thik hai ab jakar light band karde phir subah exam ke liye bhi jana hai na. pata chala vaha exam ho gaee aur yaha ghodi ghode bech kar so rahi hai. aur Rashmi ko dhakate Huwe ab ja bhi.

Rashmi- mummy us janam mein tum jarur meri saas rahi hogi aur men tumhari bahu..!

Rajni- (muskuraakar) jitna dimag tera in bato men chalta hai utna agar padhai men chala leti to pure school men top aati.

Rashmi- (muskuraakar) chalo tumhe yah to laga ki mera dimag kitna tej chalta hai aur phir Rashmi kamre ki batti bujha kar apni mummy ke pas let jati hai.

(Subah Raj Rashmi ko exam center par chhod kar nikal jata hai aur Rashmi apni exam ke bad sidhe Komal se milti hai aur Komal phir ek ladke se use milati hai. Komal Rashmi ko aankh mar… kar men abhi 10 minat men aati hoon tab tak tum dono bate karo aur Komal vaha se chali jati hai. Rashmi us ladke ke pas khadi huee bas ek hi sawal puchti hai ki… kya nam hai tera tabhi dusri aur se ek bike aakar uske pas rukti hai aur Rashmi jab palat kar dekhti hai to Raj usko dekh raha tha. Raj ko dekh kar vah ladka vaha se chal deta hai aur Rashmi Raj ke pas jakar…)
Rashmi- are bhaiya aa gaye aap.

Raj- kaun tha vah ladka?

Rashmi- pata nahi!

Raj- to phir uske pas kyon khadi thi?

Rashmi- vo kya hai na…

Raj- dekh Rashmi mujhe tera ladko se dosti karna bilkul pasand nahi hai, school aati ho apni padhaee karo aur sidhe apne ghar ki aur badh jao. bekar mein kisi se jyada dosti yaari karne ki koi jarurat nahi hai. Samajhi!

Rashmi- Ji bhaiya!

Raj- chalo baitho Bike par!

(Aur Rashmi apne mote chutd uchka kar baith jati hai. aur Raj apni Bike chala deta hai. Rashmi piche baithi-baithi apne man mein… bade aaye ladko se dosti na kiya karo. are meri chut phadkti hai to tumhara kya jata hai? kitna sidha lag raha tha vah ladka do minat mein sara khel kharab kar diya ab aisa to hai nahi ki tumhari bahan mote lund ke liye mar rahi hai aur tum apne lund se uski chut ko phad sakte ho. Raj usi Ice Cream ke thele ke pas apni Bike rok deta hai aur Rashmi utar jati hai.)

Raj- Ice Cream khayegi?

Rashmi- (apna muh phulakar) nahi.

Raj- (muskuraakar uske gal par apna hath pherte Huwe…) naraj ho gaee mujhse!

(Rashmi apne muh ko phulaye Huwe idhar udhar dekhne lagti hai Raj uske gusse se lal khubsurat chehre ko dekh kar mast ho jata hai aur uska dil karta hai ki Rashmi ka gusse se lal chehra chum kar use mana le par kuch soch kar, apne kan pakad kar achcha baba i am sorry!)

Rashmi- (muskuraakar uske hath ko uske kan se hatate Huwe..) bhaiya aap maphi mangte Huwe achche nahi lagte.

Raj- (muskuraakar) are bhaiya! Do Ice Cream dena.

(aur phir Rashmi aur Raj Ice Cream khate Huwe ek dusre ko muskuraakar
dekhne lagte hai.)

Raj- dekho Rashmi aaj kal ke ladko se dosti achchi nahi hoti hai. bahut kam ladke aise hote hai jo ladki ko samman ki najar se dekhte hai baki sab awara gardi ke alawa kuch nahi karte isliye men tumhe unse dur rahne ke liye kahta hoon.

Rashmi- (msukuarakar Raj ko dekhti huee apne man mein..) bhaiya aap kahte to thik ho lekin tumhari bahan kya kare usko to ek mote lund se chudane ki chahat hai aur agar aapko apni bahan ka itna hi khyal hai to apne mote dande ko meri chut mein bhar kar meri chut phad kyo nahi dete? ek bar mujhe apne mote lund se chod do to phir men kisi ladke ko kya duniya ke kisi bhi mard ko hi dekhna band kar dungi.

Raj- kya soch rahi ho?

Rashmi- kuch nahi!

Raj- dekho Rashmi ab tum badi ho gaee ho isliye men tumhe jyada force nahi karunga kyonki tum apana achchha bura khud samajh sakti ho, mera farj tha tumhe aagah karne ka isliye mene tumhe tonk diya. ab agar tumhe meri bat buri lagti hai to phir men tumhe hath pakad ke to rok nahi sakta. aage jo bhi karna soch samajh ke karna.

Rashmi- (muskuraakar apne man mein… bhaiya tumhe men badi lagne lagi hoon to phir mere gadaraaye badan ko ek bar apni nigaho se dekho tab tumhe pata chal jayega ki is ladki ko ab kis cheej ki sabse jyada jarurat pad rahi hai. aur mujhe tumhara bhasan nahi balki tumhara mota lund chahiye bolo de sakte ho? aur phir achanak Rashmi ke muh se dubara jor se nikal jata hai...) bolo bhaiya de sakte ho?

Raj- (usko dekh kar) kya?

(Rashmi ko ek dam apni galti ka ahasaas hota hai aur vah muskuraakar ek Ice Cream aur kya?)

Raj- (muskurate Huwe..) are bhaiya ek Ice Cream aur de do.

Rashmi- bhaiya ek bat kahu..

Raj- haan bol!

Rashmi- bhaiya meri exam ke bad hum kahi ghumne chale!

Raj- kaha jana hai tujhe?

Rashmi- jahaan aap le chalo.

Raj- thik hai men aaj hi leave application de deta hoon teri exam jab tak khtam hogi meri chutti bhi section ho jayegi.

(Rashmi khush hokar Raj ka muh apne hontho se chum leti hai aur Raj ek dam se Rashmi ko dekhta rah jata hai aur phir Rashmi ko itna khush dekh kar vah bhi muskura deta hai, Raj apni Bike start karta hai aur Rashmi apne bhari chutdon ko uchka kar seat par tika deti hai aur phir dono apne ghar aa jate hai. Raj Rashmi ko drop karke vapas apne office nikal jata hai. Rashmi jaise hi ghar ke andar jati hai Komal ka call aa jata hai aur Rashmi.)

Rashmi- haan! Bol.

Komal- kyon jan kaha gayab ho gaee us londe ko laker?

Rashmi- are aaj to tune mujhe marwa hi diya tha.

Komal- kyo kya hua? (Rashmi use apne bhaiya wali bat bata deti hai aur Komal sun kar..)

Komal- lagta hai jan tere bhaiya tujhe dusre ladke ke sath dekh kar jal bhunj gaye the.

Rashmi- pata nahi yaar par men to ek dam se dar gaee thi.

Komal- ek bat kahun!

Rashmi- haan bol!

Komal- thoda sa apne bhaiya par dhyan de ke dekh, tujhe tere bhaiya se achchha koee nahi chod sakta hai.

Rashmi- kya bakwas kar rahi hai.

Komal- dekh men to teri bat ka hi jawab de rahi hoon. kabhi apne bhaiya ke chehre ko padhne ki koshish to kar. mujhe to lagta hai vah tujhe jarurat se jyada chahta hai.

Rashmi- (andar hi andar khush hoti huee..) tu yah kaise andaja laga rahi hai?

Komal- achcha tere bhaiya ne tujhe datne ke bad bad men yah bhi kaha hoga ki tu unki bat se naraj to nahi hai.

Rashmi- (Komal ki bat sun kar chauk jati hai) haan-haan. kaha tha.

Komal- to phir aisa lagta hai meri rani ki tere bhaiya bhi tujh par marte hain.

Rashmi- tu bhi na Komal kuch bhi bolti rahti hai chal ab phone rakh hum bad men bat karenge.

Komal- chal thik hai ok bye!

(Rashmi phone katne ke bad ek pal ke liye Komal ki bat ko sochne lagti hai aur phir muskurati huee jaise hi mudti hai samne Rajni khadi rahti hai.)

Rajni- kya gupchup bate ho rahi thi Komal aur tujh mein?

Rashmi- (muskuraakar) kuch nahi mummy vo to yah kah rahi thi ki Rashmi aajkal teri mummy kuch jyada moti dikhne lagi hai.

Rajni- (muskuraakar) beti jab men teri umar men thi tab men bhi aise hi bate banane mein mahir thi. tu apni mummy ko bewkuf samajhti hai kya.

Rashmi- offff ho mummy ab hum bachcho ki bato se aap ko kya lena hai?

Rajni- itni badi ghodi hai aur apne aap ko bachcha kahti hai.

Rashmi- (muskuraakar) achcha men aapko ek bat batana to bhul hi gaee bhaiya aur hum meri exam ke bad ghumne ja rahe hain.

Rajni- achcha! kahaan jane ka irada hai tum logo ka?

Rashmi- yah to mujhe nahi pata bhaiya hi jane kaha le jayege mujhe.

(uske bad Rashmi bathroom mein jakar hath muh dhokar aati hai aur jakar shishe ke samne apne chehre ko dekhne lagti hai, aur apne man men sochti huee… kya men khubsurat dikhti hoon ya nahi, bhaiya ko men kaisi lagti hoon pata nahi, par Komal sahi kah rahi thi mujhe bhaiya ke chehre ko padhna hoga ki unke man men kya chal raha hai.

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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 03 Jan 2017 10:08


इसी तरह दिन बीत जाते हैं और रश्मि की एग्ज़ॅम के लास्ट दिन रश्मि कोमल के साथ गार्डन में बैठी रहती है और उसके मोबाइल पर राज का फोन आता है.)

राज- रश्मि आज मुझे थोड़ा अर्जेंट वर्क आ गया है तो में एक घंटे बाद आउन्गा, अगर तुम चाहो तो रिक्शा पकड़ कर घर आ जाओ.

रश्मि- नही भैया आप एक घंटे बाद आ जाओ, में तब तक कोमल के साथ गार्डन में बैठ कर आपका वेट करती हूँ.

राज- अच्छा ठीक है में जल्दी आने की कोशिश करूँगा.

रश्मि- ओके भैया!

कोमल- (मुस्कुराती हुई..) क्या कह रहे थे तेरे भैया?

रश्मि- उनको थोड़ा टाइम लगने वाला है आने में.

कोमल- चल अच्छा है! तब तक हम यही बैठ कर गप्पे मारते हैं.

रश्मि- यार! आज से छुट्टिया शुरू हो गई और अब तेरा क्या प्लान है कहाँ छुट्टिया मनाने जा रही है या फिर यहीं रहेगी?

कोमल- अरे में कहाँ जाउन्गि मुझे तो यही रहना है पर तेरा अपने भैया के साथ जाने का प्रोग्राम फिट हुआ कि नही?

रश्मि- अब देखती हूँ! आज भैया से बात करूँगी.

कोमल- अच्छा ये बता तुझे वो फोटो कैसे लगे?

रश्मि- बहुत ही मस्त थे लेकिन जब से मेने वह सब देखा है मेरी चूत मुझे रात-रात भर सोने नही देती है उसमे एक मीठा सा दर्द बना ही रहता है.

कोमल- अरे तो अपने भैया से अपनी चूत की थोड़ी बहुत मालिश करवा लेती रानी.

रश्मि- (अपना मूह बना कर..) मेरा भैया मुझे तो ढंग से छूता नही मेरी चूत क्या छुएगा.

कोमल- मेरी जान! तूने कोशिश ही नही की होगी नही तो मर्द तो औरत की चूत छुना क्या उसे चाट भी जाते हैं.

रश्मि- (कोमल को देख कर..) हे! ये चाटने चटवाने की बात मत कर कोमल, मुझसे अपनी फूली हुई चूत वैसे भी संभाली नही जा रही है, और तू है बस मेरा पानी बहाने पर लगी हुई है.

कोमल- अच्छा रश्मि एक बात मुझे सच-सच बता.

रश्मि- क्या?

कोमल- अगर तेरे भैया तुझे चोदना चाहे तो तू उनसे अपनी चूत मरवाएगी कि नही?

रश्मि- अरे कामिनी तूने मुझे वह फोटो दिखा के इतना पागल कर दिया है कि में खड़े-खड़े अपने भैया का लंड लेने के लिए तैयार हूँ, पर मेरी किस्मत इतनी जोरदार कहाँ है. ना जाने कब तक मेरी चूत मुझे तड़पाती रहेगी.

कोमल- रश्मि तू बहुत सेक्सी है तुझे देख कर तो सच में तेरे भैया का लंड दिन भर खड़ा रहता होगा.

रश्मि- अरे, खड़ा रहने भर से क्या होता है? जब मेरी चूत में घुस कर उसे फाड़ दे तब ना कुछ राहत मिलेगी.

कोमल- रश्मि तेरे भैया का लंड सच में बहुत मोटा होगा, क्या तू सह लेगी अपने भैया का लंड?

रश्मि- बात तो ऐसी कर रही है जैसे मेरे भैया आज ही मुझे चोदने वाले हों, ख्यालो की दुनिया से निकल और कुछ सही आइडिया दे नही तो अपना मूह बंद करके चुप चाप बैठ जब देखो बस सपने दिखाने के काम करती है.

कोमल- रश्मि तू तो ऐसी बात करती है जैसे मुझे बड़ा भारी एक्सपिरिन्स हो लौन्डो को फसाने का, लेकिन हाँ तेरे जैसा गबरू जवान भाई मेरा होता तो में तो अब तक उससे कई बार अपनी चूत फडवा चुकी होती.

रश्मि- बड़ी आई चूत फदवाने वाली, दूर से सब को ऐसा ही लगता है. जब मेरा भैया सामने आएगा तो बिना उसके लंड डाले ही तेरी गान्ड फॅट जाएगी.

कोमल- पर तू कोशिश तो कर सकती है ना..

रश्मि- वो कैसे?

कोमल- तू अपने भैया से ज़्यादा से ज़्यादा चिपकने की कोशिश करा कर जब तक वह तेरे गदराए बदन को छुएगा नही उसका ध्यान तेरी ओर कैसे जाएगा?

रश्मि- और कहीं भैया ने मुझे खीच कर एक झपट टिका दिया तो?

कोमल- अरे अब इस तरह डर-डर कर जिएगी तू अपने भैया का क्या कुत्ते का लंड भी नसीब नही होगा और ऐसी ही दिन रात आग में जलती रहेगी.

रश्मि- तेरी चूत में खुजली नही होती क्या, तू क्यों नही अपनी चूत मारने की बात करती है?

कोमल- अरे अब कोई मुझे चोदने के लिए आगे नही आता है तो क्या करूँ? मोहल्ले वालो के सामने नंगी जाकर खड़ी हो जाउ क्या? अगर तुझमे हिम्मत है तो अपने भैया को कह दे कि एक बार वह अपने मोटे लंड से मेरी चूत को कस कर चोद दे.

रश्मि- (अपना मूह बना कर..) बड़ी आई मेरे भैया का लंड लेने वाली, खबरदार जो मेरे भैया की तरफ आँख उठा कर भी
देखा तो में तेरी जान ले लूँगी.

कोमल- (मुस्कुराकर) ओफफफफफ्फ़ हो जलन! इतनी ज़्यादा जलन! तेरे भैया अगर मुझे चोद भी देंगे तो तेरा क्या बिगड़ जाएगा?

रश्मि- मेरे भैया ऐसे हर किसी लड़की को थोड़ी चोदेन्गे वो तो सिर्फ़ अपनी बीबी या फिर....

कोमल- (मुस्कुराकर) या फिर तुझे चोदेगे यही ना?

रश्मि- (अपनी आँखे निकाल कर कोमल को देखती हुई..) मेरा भाई है. मुझे चोदे या कुछ भी करे तुझे उससे क्या?

कोमल- अच्छा-अच्छा तेरा भाई तेरा है और किसी का नही पर अगर में तेरे भैया की बीबी होती तब भी क्या तू मुझसे ऐसे ही जलती?

रश्मि- बड़ी आई मेरे भैया की बीबी बनने वाली, अपना मूह देखा है कभी आईने में?

कोमल- (रश्मि की बात सुन कर थोड़ा मुँह बना कर..) क्या में इतनी बुरी लगती हूँ?

रश्मि- (कोमल के सीरीयस चेहरे को देख कर..) नही यार में तो मज़ाक कर रही हूँ! तू तो बुरा मान गई.

कोमल- नही रश्मि में तेरी बात का कभी बुरा नही मानती हूँ, मेरी लाइफ में तेरे सिवा कोई मेरा हमदर्द और हमराज़ नही है. तू मेरे लिए क्या है यह तू नही जानती है.

रश्मि- (मुस्कुराकर) चल अब ज़्यादा नौटंकी मत कर और आगे बोल क्या कह रही थी कि तू मेरे भैया की बीबी होती तो में तुझसे जलती कि नही, यही ना?

कोमल- हां!

रश्मि- अगर तू मेरे भैया की बीबी होती तो फिर पता नही में अपने भैया से दूर ही रहती वो भी तेरी खुशी के लिए.

कोमल- और अगर में तेरे भैया को यह कह देती कि तुम्हारी बहन तुमसे अपनी चूत मराना चाहती है तो फिर..?

रश्मि- (कुछ सोच कर..) पहले ये बता कि अगर तू मेरी भाभी होती तो मुझे अपने भैया से चुदवाने में मदद करती कि नही?

कोमल- (मुस्कुराकर) क्यों नही? ज़रूर करती, आख़िर पहले तू मेरी सहेली है बाद में मेरी ननद बनती ना.

रश्मि- (मुस्कुराकर) याद रखना अपनी इस बात को संयोग का कुच्छ कहा नही जा सकता है. यह पोज़िबल तो नही है कि तू मेरी भाभी बनेगी लेकिन यह असंभव भी नही है. कहीं तू मेरी भाभी बन कर आ गई तो याद रखना पहला हक़ मेरे भैया पर मेरा ही होगा. समझी!

कोमल- (मुस्कुराकर रश्मि के दूध को दबाते हुए..) अरे मेरी रानी! तेरे लिए में अपना पति क्या अपनी जान भी दे सकती हूँ. मौका लगे तो कोमल को तू आजमा कर देख लेना.

(दोनो की बाते चल ही रही थी कि राज का फोन आ जाता है और फिर रश्मि और कोमल गार्डन के बाहर निकल जाती है और सामने राज खड़ा रहता है.)

कोमल- हेलो राज भैया!

राज- हे कोमल कैसी हो तुम?

कोमल- बस भैया फाइन!

राज- तो आज तुम लोगो का एग्ज़ॅम ख़तम हुआ!

कोमल- (मुस्कुराकर) हां भैया! एग्ज़ॅम ख़तम और छुट्टिया शुरू..

राज- चलो अच्छा है अब कुछ समय आराम से छुट्टिया बीताओ, में भी रश्मि को लेकर एक हफ्ते के लिए कश्मीर जा रहा हूँ. इस बार हम वही घूम कर आएँगे. (रश्मि राज की बात सुन कर खुशी से झूम उठती है और कोमल को बाइ करके अपने गदराए चुतड़ों को उचका कर बाइक पर चढ़ जाती है और राज उसको लेकर घर की ओर चल देता है.)

रश्मि- भैया! आज आइस क्रीम नही खिलाओगे क्या?

राज- क्यों नही पर आइस क्रीम के पहले चल तुझे पानिपुरी खिलाता हूँ. तुझे पसंद है ना?

रश्मि- बहुत.

(राज अपनी बाइक को पार्क करके रश्मि का हाथ पकड़ कर पानिपुरी के ठेले की ओर चल देता है और फिर वहाँ दोनो पानिपुरी खाते है और फिर आइस क्रीम खाते हुए एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते हैं.)

रश्मि- भैया! हम कब निकल रहे है?

राज- कल!

रश्मि- (खुशी से उछलती हुई..) सच!!!!

राज- हां! पर में सोच रहा था कि मम्मी को भी साथ ले चलें क्या?

रश्मि- (राज की बात सुन कर अपना मूह बनाते हुवे) मुझे नही मालूम.

राज- (रश्मि के चेहरे के भाव को पढ़ कर) पर पता नही मम्मी जाना चाहेगी कि नही.

रश्मि- अरे भैया मम्मी को कहाँ ले जाओगे वह वैसे भी कहीं जाने के नाम पर आलस करने लगती है.

राज- (मुस्कुराता हुआ..) क्यों? तेरा मन नही है क्या मम्मी को ले जाने का?

रश्मि- (अपनी नज़रे चुराते हुवे..) मुझे क्या करना है आपकी मर्ज़ी जिसे चाहो ले जाओ.

राज- (मुस्कुराकर) अच्छा! तेरा मन नही है तो नही ले जाते हैं.

रश्मि- (अंदर ही अंदर खुश होती हुई, उपरी नाटक दिखा कर..) नही मेने कोई मना नही किया है, बाकी आपकी जैसी मर्ज़ी नही ले जाना है तो मत ले जाइए.

राज- (उसके गाल को खिचते हुवे..) तू मम्मी से क्या कह रही थी?

रश्मि- (राज को देखती हुई..) क्या कह रही थी?

राज- यही कि मम्मी पिछ्ले जानम में लगता है तुम मेरी सास थी, और में तुम्हारी बहू.

रश्मि- (मुस्कुराकर) वो तो में ऐसे ही मज़ाक कर रही थी.

राज- (मुस्कुराकर) वैसे इस जनम में भी तू मम्मी की बहू जैसी हरकते ही कर रही है.

(रश्मि अपने भैया की बात को समझ जाती है और अपनी नज़रे इधर उधर मटकाती हुई मुस्कुराने लगती है और राज उसके नज़ो-नखरे वाले अंदाज को देख कर मस्त होता रहता है और उसके कदम अपनी बहन को अपनी बाँहो में लेने के लिए बहकने लगते हैं. वह रश्मि के हुस्न का दीवाना हो जाता है और रश्मि के नशीले योवन की मस्ती को पीने के लिए तड़पने लगता है. जब वह रश्मि के खूबसूरत चेहरे को अपने मूह से चूमने भर की कल्पना करता है तो उसका लंड खड़ा हो जाता है और वह सोचता है… रश्मि मे गजब की कशिश है जब इसका खूबसूरत रूप ही मुझे पागल कर देता है तो इसके मखमली मुलायम बदन को अपनी बाँहो में लेकर भरते समय मेरा क्या होगा? यह तो किसी अप्सरा से भी कही ज़्यादा खूबसूरत है और पता नही मुझे इसका चेहरा इतना अच्छा क्यों लगता है? मुझे अपनी लाइफ में कुछ नही चाहिए मुझे बस रश्मि चाहिए. बस रश्मि.

रश्मि- (राज को हाथ लगा कर हिलाते हुए..) क्या हुआ भैया? कहाँ खो गये?

राज- (मुस्कुराता हुआ..) कुछ नही बस ऐसे ही कुछ याद आ गया था.

(रश्मि राज के चेहरे को गौर से देखती है और उसकी नज़रे पढ़ने की कोशिश करती है लेकिन तभी राज रश्मि की आँखो में देखता है और एक पल के लिए दोनो की आँखे एक दूसरे से मिल जाती है और दोनो की आँखो से एक दूसरे के लिए चाहत भरी ख्वाहिशे निकालती रहती है.)





Isi tarah din beet jate hain aur Rashmi ki exam ke last din Rashmi Komal ke sath garden mein baithi rahti hai aur uske mobile par Raj ka phone aata hai.)

Raj- Rashmi aaj mujhe thoda urgent work aa gaya hai to men ek ghante bad aaunga, agar tum chaho to riksha pakad kar ghar aa jao.

Rashmi- nahi bhaiya aap ek ghante bad aa jao, men tab tak Komal ke sath garden men baith kar aapka wait karti hoon.

Raj- achcha thik hai men jaldi aane ki koshish karunga.

Rashmi- ok bhaiya!

Komal- (muskurati huee..) kya kah rahe the tere bhaiya?

Rashmi- unko thoda time lagne wala hai aane mein.

Komal- chal achcha hai! tab tak hum yahi baith kar gappe marte hain.

Rashmi- yaar! Aaj se chuttiya shuru ho gai aur ab tera kya plan hai kaha chuttiya manane ja rahi hai ya phir yahi rahegi?

Komal- are men kahaan jaugi mujhe to yahi rahna hai par tera apne bhaiya ke sath jane ka program fit hua ki nahi?

Rashmi- ab dekhti hoon! aaj bhaiya se bat karungi.

Komal- achcha ye bata tujhe vo photo kaise lage?

Rashmi- bahut hi mast the lekin jab se mene vah sab dekha hai meri chut mujhe rat-rat bhar sone nahi deti hai usme ek meetha sa dard bana hi rahta hai.

Komal- are to apne bhaiya se apni chut ki thodi bahut malish karwa leti rani.

Rashmi- (apna muh bana kar..) mera bhaiya mujhe to dhang se chuta nahi meri chut kya Chhuwega.

Komal- meri Jan! Tune koshish hi nahi ki hogi nahi to mard to aurat ki chut chhuna kya use chat bhi jate hain.

Rashmi- (Komal ko dekh kar..) hay! ye chatne chatwane ki bat mat kar Komal, mujhse apni phuli hui chut vaise bhi sambhali nahi ja rahi hai, aur tu hai bas mera pani bahane par lagi huee hai.

Komal- achcha Rashmi ek bat mujhe sach-sach bata.

Rashmi- kya?

Komal- agar tere bhaiya tujhe chodana chahe to tu unse apni chut marwayegi ki nahi?

Rashmi- are kamini tune mujhe vah photo dikha ke itna pagal kar diya hai ki men khade-khade apne bhaiya ka lund lene ke liye taiyar hoon, par meri kismat itni jordar kaha hai. na jane kab tak meri chut mujhe tadpati rahegi.

Komal- Rashmi tu bahut sexy hai tujhe dekh kar to sach men tere bhaiya ka lund din bhar khada rahta hoga.

Rashmi- are, khada rahne bhar se kya hota hai? jab meri chut men ghus kar use phad de tab na kuch raahat milegi.

Komal- Rashmi tere bhaiya ka lund sach men bahut mota hoga, kya tu sah legi apne bhaiya ka lund?

Rashmi- bat to aisi kar rahi hai jaise mere bhaiya aaj hi mujhe chodane wale ho, khyalo ki duniya se nikal aur kuch sahi idea de nahi to apna muh band karke chup chap baith jab dekho bas sapne dikhane ke kam karti hai.

Komal- Rashmi tu to aisi bat karti hai jaise mujhe bada bhari experince ho laundo ko phasane ka, lekin ha tere jaisa gabru jawan bhai mera hota to men to ab tak usse kai bar apni chut phadwa chuki hoti.

Rashmi- badi aaee chut phadwane wali, dur se sab ko aisa hi lagta hai. Jab mera bhaiya samne aayega to bina uske lund dale hi teri gaanD phat jayegi.

Komal- par tu koshish to kar sakti hai na..

Rashmi- VO kaise?

Komal- tu apne bhaiya se jyada se jyada chipakne ki koshish kara kar jab tak vah tere gadaraaye badan ko Chhuwega nahi uska dhyan teri aur kaise jayega?

Rashmi- aur kahi bhaiya ne mujhe khich kar ek jhapat tika diya to?

Komal- are ab is tarah dar-dar kar jiyegi tu apne bhaiya ka kya kutte ka lund bhi naseeb nahi hoga aur aisi hi dinrat aag men jalti rahegi.

Rashmi- teri chut mein khujli nahi hoti kya, tu kyon nahi apni chut marane ki bat karti hai?

Komal- are ab koee mujhe chodane ke liye aage nahi aata hai to kya karun? mohalle walo ke samne nangi jakar kahdi ho jau kya? agar tujhme himmat hai to apne bhaiya ko kah de ki ek bar vah apne mote lund se meri chut ko kas kar chod de.

Rashmi- (apna muh bana kar..) badi aaee mere bhaiya ka lund lene wali, khabardar jo mere bhaiya ki taraf aankh utha kar bhi
dekha to men teri jan le lungi.

Komal- (muskuraakar) offffff ho jalan! Itni jyada jalan! Tere bhaiya agar mujhe chod bhi denge to tera kya bigad jayega?

Rashmi- mere bhaiya aise har kisi ladki ko thodi chodenge vo to sirf apni bibi ya phir....

Komal- (muskuraakar) ya phir tujhe chodege yahi na?

Rashmi- (apni ankhe nikal kar Komal ko dekhti huee..) mera bhai hai. mujhe chode ya kuch bhi kare tujhe usse kya?

Komal- achcha-achcha tera bhai tera hai aur kisi ka nahi par agar men tere bhaiya ki bibi hoti tab bhi kya tu mujhse aise hi jalti?

Rashmi- badi aaee mere bhaiya ki bibi banne wali, apna muh dekha hai kabhi aaine mein?

Komal- (Rashmi ki bat sun kar thoda muh bana kar..) kya men itni buri lagti hoon?

Rashmi- (Komal ke serious chehre ko dekh kar..) nahi yaar men to majak kar rahi hoon! tu to bura man gaee.

Komal- nahi Rashmi men teri bat ka kabhi bura nahi manti hoon, meri life mein tere siva koi mera humdard aur humraj nahi hai. tu mere liye kya hai yah tu nahi janti hai.

Rashmi- (muskuraakar) chal ab jyada nautanki mat kar aur aage bol kya kah rahi thi ki tu mere bhaiya ki bibi hoti to men tujhse jalti ki nahi, yahi na?

Komal- haan!

Rashmi- agar tu mere bhaiya ki bibi hoti to phir pata nahi men apne bhaiya se dur hi rahti vo bhi teri khushi ke liye.

Komal- aur agar men tere bhaiya ko yah kah deti ki tumhari bahan tumse apni chut marana chahti hai to phir..?

Rashmi- (kuch soch kar..) pahle ye bata ki agar tu meri bhabhi hoti to mujhe apne bhaiya se chudwane men madad karti ki nahi?

Komal- (muskuraakar) kyon nahi? jarur karti, aakhir pahle tu meri saheli hai bad mein meri nanad banti na.

Rashmi- (muskuraakar) yaad rakhna apni is bat ko sanyog ka kuchh kaha nahi ja sakta hai. yah posible to nahi hai ki tu meri bhabhi banegi lekin yah asambhav bhi nahi hai. kahi tu meri bhabhi ban kar aa gaee to yaad rakhna pahla haq mere bhaiya par mera hi hoga. Samjhi!

Komal- (muskuraakar Rashmi ke doodh ko dabate Huwe..) are meri rani! tere liye men apna pati kya apni jan bhi de skati hoon. mauka lage to Komal ko tu aajma kar dekh lena.

(Dono ki bate chal hi rahi thi ki Raj ka phone aa jata hai aur phir Rashmi aur Komal garden ke bahar nikal jati hai aur samne Raj khada rahta hai.)

Komal- hello Raj bhaiya!

Raj- hay Komal kaisi ho tum?

Komal- bas bhaiya fine!

Raj- to aaj tum logo ka exam khatam hua!

Komal- (muskuraakar) haan bhaiya! Exam khatam aur chuttiya shuru..

Raj- chalo achcha hai ab kuch samay aaram se chuttiya bitao, men bhi Rashmi ko lekar ek hafte ke liye kashmir ja raha hoon. is bar hum vahi ghum kar aayenge. (Rashmi Raj ki bat sun kar khushi se jhum uthti hai aur Komal ko bye karke apne gadaraaye chutdon ko uchka kar Bike par chadh jati hai aur Raj usko lekar ghar ki aur chal deta hai.)

Rashmi- bhaiya! Aaj Ice Cream nahi khilaoge kya?

Raj- kyon nahi par Ice Cream ke pahle chal tujhe panipuri khilata hoon. tujhe pasand hai na?

Rashmi- bahut.

(Raj apni Bike ko park karke Rashmi ka hath pakad kar panipuri ke thele ki aur chal deta hai aur phir vaha dono panipuri khate hai aur phir Ice Cream khate Huwe ek dusre ko dekh kar muskurate hain.)

Rashmi- bhaiya! hum kab nikal rahe hai?

Raj- kal!

Rashmi- (khushi se uchalti huee..) sach!!!!

Raj- haan! Par men soch raha tha ki mummy ko bhi sath le chale kya?

Rashmi- (Raj ki bat sun kr apna muh banate Huwe) mujhe nahi malum.

Raj- (Rashmi ke chehre ke bhav ko padh kar) par pata nahi mummy jana chahegi ki nahi.

Rashmi- are bhaiya mummy ko kaha le jaoge vah vaise bhi kahi jane ke nam par aalas karne lagti hai.

Raj- (muskurata hua..) kyon? tera man nahi hai kya mummy ko le jane ka?

Rashmi- (apni najre churate Huwe..) mujhe kya karna hai aapki marji jise chaho le jao.

Raj- (muskuraakar) achcha! tera man nahi hai to nahi le jate hain.

Rashmi- (andar hi andar khush hoti huee, upari natak dikha kar..) nahi mene koee mana nahi kiya hai, banki aapki jaisi marji nahi le jana hai to mat le jaiye.

Raj- (uske gal ko khichte Huwe..) tu mummy se kya kah rahi thi?

Rashmi- (Raj ko dekhti huee..) kya kah rahi thi?

Raj- yahi ki mummy pichhle janam mein lagta hai tum meri saas thi, aur men tumhari bahu.

Rashmi- (muskuraakar) VO to men aise hi majak kar rahi thi.

Raj- (muskuraakar) vaise is janam men bhi tu mummy ki bahu jaisi harkate hi kar rahi hai.

(Rashmi apne bhaiya ki bat ko samajh jati hai aur apni najre idhar udhar matkati huee muskurane lagti hai aur Raj uske najo-nakhre wale andaj ko dekh kar mast hota rahta hai aur uske kadam apni bahan ko apni banho men lene ke liye bahakne lagte hain. vah Rashmi ke husn ka diwana ho jata hai aur Rashmi ke nashile yovan ki masti ko pine ke liye tadapne lagta hai. jab vah Rashmi ke khubsurat chehre ko apne muh se chumne bhar ki kalpana karta hai to uska lund khada ho jata hai aur vah sochta hai… Rashmi me gajab ki kashish hai jab iska khubsurat roop hi mujhe pagal kar deta hai to iski makhmali mulayam badan ko apni banho mein lekar bharte samay mera kya hoga? yah to kisi apsara se bhi kahi jyada khubsurat hai aur pata nahi mujhe iska chehra itna achcha kyon lagta hai? mujhe apni life men kuch nahi chahiye mujhe bas Rashmi chahiye. bas Rashmi.

Rashmi- (Raj ko hath laga kar hilate Huwe..) kya hua bhaiya? kahan kho gaye?
Raj- (muskurata hua..) kuch nahi bas aise hi kuch yaad aa gaya tha.

(Rashmi Raj ke chehre ko gaur se dekhti hai aur uski najre padhne ki koshish karti hai lekin tabhi Raj Rashmi ki aankho men dekhta hai aur ek pal ke liye dono ki aankhe ek dusre se mil jati hai aur dono ki aankho se ek dusre ke liye chahat bhari khawaishe nikalti rahti hai.)
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby vnraj » 03 Jan 2017 23:40

लगता है आम अभी कच्चा है
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 04 Jan 2017 09:26

vnraj wrote:लगता है आम अभी कच्चा है

दोस्त आम पक तो गये हैं बस चूसने में कुछ देर ही जा रही है हा हा हा हा हा
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