घर के रसीले आम मेरे नाम

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vnraj
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby vnraj » 09 Jan 2017 22:46

जल्दी से लममममममममबाआआआआआ अपडेट दे दीजिए
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rajaarkey
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 10 Jan 2017 19:14

Sorry dosto update me 1-2 din ka time lagega
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby Kamini » 12 Jan 2017 14:03

Raj ji plz update
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 12 Jan 2017 15:52

Kamini wrote:Raj ji plz update
Shukriya update abhi de raha hun
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 12 Jan 2017 15:55

रश्मि से बर्दाश्त करना मुश्किल होजाता है आवर उसे लगता है कि वह अपने भैया से अभी चिपक कर लिपट जाए . राज लगातार अपनी ख़ूबसूरत बहन के ख़ूबसूरत जिस्म को सहलाता हुआ अपने हाथ को रश्मि की कमर पर लेजा कर जब अपने हाथ को रश्मि की मोटी गदराई गांड पर ले जाता है और उसकी मोटी गांड को स्कर्ट के ऊपर से अपने हाथ में भरता है तो उसको एक दम झटका लगता है क्योंकि उसे ऐसा महसूस होता है कि रश्मि ने अंदर पैंटी नहीं पहनी है और जैसे ही वह रश्मि कि जांघो से उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी स्कर्ट के अंदर हाथ डाल कर उसकी मोटी गांड पर हाथ ले जाता है तो उसके दिल कि धड़कन एक दम से ठहर जाती हैं और उसके हाथ में उसकी बहन कि भारी भारी नंगे चूतड़ आ जाते हैं और वह पागलों की तरह अपनी बहन की मोटी गांड को अपने हाथों से सहलाने लगता हैं और जब वह अपने हाथ को रस्मी की भारी गांड के दोनों पाटों के बीच उसकी गुदा में फेरता है तो वह मस्त हो जाता है और रश्मि आनंद के सागर में गोते लगाने लगती है . राज का हाथ अपनी बहन के मोटे मोटे चूतड़ो को चीरते हुए उसकी गांड के छेद में पहुँच जाता है और फिर वह धीरे धीरे रश्मि की गांड के छेद को अपनी उँगलियों से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठों को चूसने लगता है

धीरे राज रश्मि की मोटी गांड के छेद को सहलाते हुए अपने हाथ को रश्मि की चूत पर ले जाता है और रश्मि एकदम अंगड़ाई लेने का बहाना करके सीधी हो जाती है और उस समय राज की जान जैसे हलक में आ जाती है . और वह एकदम रश्मि से दूर होकर उसे छोड़ देता है और तभी उसकी नजर रश्मि की गदराई मोटी मोटी जांघो पर पड़ती है और वह अपनी बहन की मोटी मोटी जांघो को देख कर पागल हो जाता है और उसका लंड खड़ा हो जाता है राज जल्दी से उठ कर रश्मि के पैरों की ओर आ जाता है और धीरे से रश्मि की स्कर्ट को जैसे ही वह ऊपर की ओर उठाता है तो अपनी बहन की बिना बालों वाली और पाव रोटी की तरह फूली हुई चूत को देख कर राज के मुंह में पानी आ जाता है

रश्मि धीरे से अपनी आँखे खोल कर अपने भैया को देखती है जोकि अपनी बहन की फूली हुई चूत को आँखे फाड़े देख रहा था रश्मि को राज का चेहरा देख कर थोड़ी हंसी आ जाती है और वह अपनी आँखे फिर से बंद कर लेती है और मन ही मन सोचती है हाई भैया आज पहली बार अपनी बहन की जांघो के बीच चिपकी फूली हुई चूत देख कर ही तुम्हारे चेहरे का रंग उड़ गया है अगर मैं अपनी दोनों मोटी मोटी जांघो को फैलाकर अपना मस्ताना भोसड़ा दिखा दूंगी तो आप पागल हो जाएंगे अब देख लो अपनी बहन की गदराई चूत को . क्या कहते हो है ना आपके मोटे लंड के लायक . भैया एकबार अपना मोटा लंड घुसा दो न अपनी बहन की गदराई चूत में . आपका पूरा लंड न खा लिया एक ही झटके में तो कहना



Rashmi se bardast karna muskil ho jata hai aur use lagta hai ki vah apne bhaiya se abhi kas kar chipak jaye, Raj lagatar apni khubsurat bahan ke khubsurat jism ko sahlata hua apne hath ko Rashmi ki kamar par lejakar jab apne hath ko Rashmi ki moti gadaraai gaanD par le jata hai aur uski moti gaanD ko skirt ke upar se apne hantho men bharta hai to usko ek dam jhatka lagta hai kyoki use aisa mehsus hota hai ki Rashmi ne andar penty nahi pahni hai aur jaise hi vah Rashmi ki jangho se uski skirt ko upar karke uski skirt ke andar hath dal kar uski moti gaanD par hath le jata hai to uske dil ki dhadkan ek dam se thahar jati hai aur uske hath men uski bahan ke bhari-bhari pure nange chutd aa jate hai aur vah pagalo ki tarah apni bahan ki
moti gaanD ko apne hantho se sahlane lagta hai aur jab vah apne hath ko Rashmi ki bhari gaanD ke dono pato ke beech uski guda men pherta hai to vah mast ho jata hai aur Rashmi aanand ke sagar men gote khane lagti hai, Raj ka hath apni bahan ke mote-mote chutdon ko chirte huye uski gaanD ke chhed men pahuch jata hai aur phir vah dhire-dhire Rashmi ki gaanD ke chhed ko apni ungliyo se sahlata hua uske rasile hontho ka ras pine lagta hai ,


dhire-dhire Raj Rashmi ki gaanD ke chhed ko sahlate huye apne hath ko Rashmi ki chut men le jata hai aur Rashmi ek dam se angdai lene ka bahana karke sidhi ho jati hai aur us samay Raj ki to jan jaise uske halak men aa jati hai aur vah ek dam se Rashmi se thoda dur hokar use chod deta hai, tabhi uski najar Rashmi ki gadaraai moti nangi jangho par padti hai aur vah apni bahan ki gori-gori moti jangho ko dekh kar pagal ho jata hai aur uska lund khada ho jata hai, Raj jaldi se uth kar Rashmi ke pero ki aur pahuch jata hai aur dhire se Rashmi ki skirt ko jaise hi vah upar uthata hai apni bahan ki bina balo wali chikni aur pav roti ki tarah phuli hui chut ko dekh kar uske muh men pani aa jata hai, Rashmi dhire se apni aankhe khol kar apne bhaiya ko dekhti hai jo ki uski phuli hui chut ko apni ankhe phade-phade dekh raha tha, Rashmi ko Raj ka chehra dekh kar
thodi hasi aa jati hai aur vah apni aankhe phir se band karti hui apne man men sochti hai hay bhaiya aaj pahli bar apni bahan ki dono jangho ke beech chipki hui phuli chut dekh kar hi tumhare chehre ka rang ud gaya hai agar men apni dono moti-moti jangho ko phailakar apna mastana bhosda aapko dikha dungi to aap to pagal ho jayege, ab dekh lo aaram se apni bahan gadaraai chut ko kya kahte ho hai na aapke mote lund ke layak, ek bar apna mota lund ghusa do meri phuli hui chut men aapka pura lund na kha liya ek hi jhatke men to kahna,
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Re: घर के रसीले आम मेरे नाम

Postby rajaarkey » 13 Jan 2017 22:43

राज रश्मि की फूली हुई चूत देख कर पागल हो जाता है और डरते हुए धीरे से रश्मि की गदराई उठी हुई चूत में अपनी हथेली रखता है और वह रश्मि की फूली हुई चूत के गरम और मुलायम अहसास से पागल हो जाता है और धीरे से अपने हाथ के पंजो से अपनी बहन की चूत को दबोचने लगता है और रश्मि की हालत यह हो जाती है कि उसको लगता है कि कहीं उसके मूह से आवाज़ ना निकल जाए वह खूब ज़ोर से सीसीयाना चाहती है पर अपनी साँसे रोके हुई लेटी रहती है, राज अपनी बहन की फूली हुई चूत को बड़े प्यार से सहलाता हुआ उसके चेहरे को देख कर हाए रश्मि तू कितनी खूबसूरत है काश तू मेरी बीबी होती, और राज धीरे से अपने मूह को अपनी बहन की फूली हुई चूत पर लेजा कर उसकी चूत पर अपने होंठ को रख कर उसकी फूली हुई चूत को अपने होंठो से दबाने लगता है और रश्मि एक दम से लरज जाती है और उसका मान होता है कि वह अपनी दोनो मोटी जाँघो को एक दम से फैला दे और अपने भैया के मूह को अपनी चूत में पकड़ कर भर दे, राज धीरे-धीरे रश्मि की चूत को अपने होंठो से चूमते हुए उसकी गदराई मोटी जाँघो को अपने हाथो में भर -भर कर दबाने लगता है,

जब राज उसकी फूली हुई चूत को अपने मूह से कई बार चूम लेता है तब वह रश्मि की मोटी-मोटी जाँघो को धीरे से विपरीत दिशा में फैलाने की कोशिश करता है पर रश्मि अपनी जाँघो को कसे रहती है, राज थोड़ी ताक़त लगाकर रश्मि की जाँघो को थोड़ा फैलता है और उसे अपनी बहन की फूली हुई चूत की फांको के बीच की दरार नज़र आने लगती है और वह अपनी बहन की फटी हुई फांको को देख कर पागल हो जाता है और वह धीरे से रश्मि के एक पैर को अपने हाथों में उठाकर उसके पैर को हल्के से मोड़ने लगता है और रश्मि का दिल बहुत जोरो से धड़कने लगता है, राज रश्मि के एक पैर को फोल्ड करके रख देता है और फिर जैसे ही दूसरे पैर को फोल्ड करता है रश्मि की फूली हुई चूत कुछ फटी हुई नज़र आने लगती है और राज धीरे से अपनी बहन की चूत की फांको को सहलाता है और फिर राज उसकी मोटी मूडी हुई जाँघो को पूरी फैला देता है और अपनी जवान बहन का मस्त फूला हुआ भोसड़ा देखता ही रह जाता है रश्मि की चूत की मोटी-मोटी फांके खुल जाती है और उसकी चूत का रस से भरा हुआ गुलाबी छेद नज़र आने लगता है, राज झुक कर रश्मि की गुदाज चूत को सूँघता है और अपनी बहन की मस्तानी चूत की मादक महक उसे पागल कर देती है,

वह रश्मि की चूत को बिल्कुल करीब से देखता है और उसका दिमाग़ थोड़ा ठनकता है और वह अपने मन में सोचता है कि रश्मि की चूत से तो बहुत पानी आ रहा है, इसका मतलब यह हुआ कि रश्मि जाग रही है, उसके होंठो पर थोड़ी मुस्कुराहट आ जाती है फिर भी वह बिना कन्फर्म किए हुए कोई रिस्क लेना नही चाहता था और वह वापस रश्मि के पास आकर लेट जाता है और रश्मि के रसीले होंठो को चूम कर अपने हाथों से उसकी गदराई चूत को सहलाते हुए अपने मूह को रश्मि के कान के पास लेजा कर धीरे से

राज – रश्मि

राज - रश्मि आइ लव यू

राज - रश्मि, तुम्हारी चूत कितनी प्यारी है और रश्मि की चूत को अपने हाथों में भर कर हल्के-हल्के दबाता हुआ धीरे से उसके कानो में कहता है रश्मि में तुझे चोदना चाहता हूँ, आइ लव यू रश्मि, में तुझे पूरी नंगी करके तेरी इस फूली हुई चूत का सारा रस पीना चाहता हूँ और रश्मि को अपनी बाँहो में भर कर उसके होंठो को चूमने लगता है और रश्मि उसकी बातों को सुन कर पागल हो जाती है और उसकी चूत फड़कते हुए पानी छोड़ने लगती है,

राज - लगभग सारी रात रश्मि कभी चूत कभी उसके मोटे-मोटे दूध कभी उसकी गदराई भारी गान्ड और उसकी गुदा को सहलाते हुए उसके होंठो को चूस्ता रहता है और रश्मि चुपचाप पड़े-पड़े पानी छोड़ती रहती है, आख़िर कार रश्मि की सुबह बड़ी मुस्किल में होती है और जब राज उसके पास से उठ कर बाथरूम में चला जाता है तब रश्मि को ऐसा महसूस होता है जैसे कई सालो की क़ैद के बाद आज़ाद हुई हो और वह खुल कर गहरी सांस लेती है और करवट ले कर सो जाती है और जब जागती है तो सुबह के 10 बज चुके थे, वह एक दम से उठती है और रूम में इधर उधर देखती है लेकिन राज उसे नज़र नही आता है और वह जाकर बाथरूम में घुस जाती है और फिर आधे घंटे बाद नहा कर अपनी जीन्स फसा कर तैयार होकर राज के आने का वेट करने लगती है.

करीब 10 मिनट बाद राज रूम के अंदर आता है और रश्मि को देख कर मुस्कुराता हुआ
राज - क्यो इतनी देर तक सोती हो

रश्मि- भैया आप उठ गये थे तो मुझे क्यो नही जगाया, और अपने मन में भैया आपका तो गजब स्टॅमिना है दो रात से सोए नही और उसके बाद भी हीरो बन कर घूम रहे हो,

राज - मेने सोचा क्यो तेरी नींद खराब करूँ, चल तुझे चाइ पिला कर लाता हूँ आज तूने सुबह की चाइ तक नही पी

रश्मि- मुस्कुराते हुए उसके साथ चल देती है,

राज - उसकी गदराई गान्ड को घूर कर देखते हुए अपने हाथ से उसके चुतड़ों पर मार देता है और रश्मि बड़े आश्चर्य से अपने भैया को आँखे फाड़ कर देखती हुई

रश्मि- क्या हुआ भैया

राज - क्या तेरे पास इस जीन्स के अलावा कोई ड्रेस नही है क्या जब देखो जीन्स पहन लेती है

रश्मि- राज को आँखे फाड़ कर देखती हुई तो और क्या पहनूं यह दूसरी जीन्स है अब वो अलग बात है कि एक दो जीन्स एक जैसे कलर की है,

राज - अरे में यह कहना चाहता हूँ कि जीन्स के अलावा भी तो तू कुछ पहन सकती है

रश्मि- मुस्कुराकर क्यो में आपको जीन्स में अच्छी नही लगती क्या

राज - अरे वो बात नही है, अच्छा यह बता तेरे पास साड़ी है, तूने कभी साड़ी पहनी है

रश्मि- हाँ एक दो बार मम्मी की साड़ी पहनी है, लेकिन अभी मेरे पास यहाँ कोई साड़ी नही है

राज - अच्छा चल मेरे साथ और राज रश्मि का हाथ पकड़ कर कार में बैठा कर उसे मार्केट ले जाता है और वहाँ पर

रश्मि- मुस्कुराते हुए क्या बात है भैया क्या आप मुझे साड़ी दिलाओगे

राज - हाँ, में आज तुझे साड़ी पहने हुए देखना चाहता हूँ

रश्मि- अपने मन में क्यो भैया क्या साड़ी पहना कर अपनी बहन की चूत को फाड़ने का इरादा है, कल रात तो आपने हद ही कर दी मेरी मोटी-मोटी जाँघो को पूरी तरह फैला कर मेरी चूत को कितनी गौर से देख रहे थे और फिर उसे चूम भी लिया हाय भैया काश आप अपना मोटा लंड भी भर देते तो मज़ा आ जाता

राज - रश्मि को कोहनी मारते हुए क्या सोचने लगी खड़ी-खड़ी चल अब अंदर चल

दोनो शॉपिंग माल के अंदर चले जाते है और फिर एक काउंटर पर खड़े होकर राज दुकानदार को साड़ियाँ दिखाने को कहता है और राज उन साडियो को रश्मि के कंधे पर डाल-डाल कर देखने लगता है कि कौन सी उस पर जॅंच रही है, फिर एक खूबसूरत ब्लू कलर की साड़ी को रश्मि पर डालते हुए

राज - देख रश्मि इसमे तू कितनी खूबसूरत लग रही है बोल यह पसंद है तुझे

दुकानदार- सर जी भाभी जी के लिए यह साड़ी एक दम पर्फेक्ट है और देखिए ना इसका कलर भी आपकी वाइफ पर कितना अच्छा लग रहा है


Raj Rashmi ki phuli hui chut dekh kar pagal ho jata hai aur darte huye dhire se Rashmi ki gadaraai uthi hui chut men apni hatheli rakhta hai aur vah Rashmi ki phuli hui chut ke garam aur mulayam ahasaas se pagal ho jata hai aur dhire se apne hath ke panjo se apni bahan ki chut ko dabochne lagta hai aur Rashmi ki halat yah ho jati hai ki usko lagta hai ki kahi uske muh se aawaj na nikal jaye vah khub jor se sisiyana chahti hai par apni sanse roke hui leti rahti hai, Raj apni bahan ki phuli hui chut ko bade pyar se sahlata hua uske chehre ko dekh kar hay Rashmi tu kitni khubsurat hai kash tu meri bibi hoti, aur Raj dhire se apne muh ko apni bahan ki phuli hui chut par lejakar uski chut par apne honth ko rakh kar uski phuli hui chut ko apne hontho se dabane lagta hai aur Rashmi ek dam se laraj jati hai aur uska man hota hai ki vah apni dono moti
jangho ko ek dam se phaila de aur apne bhaiya ke muh ko apni chut men pakad kar bhar de, Raj dhire-dhire Rashmi ki chut ko apne hontho se chumte huye uski gadaraai moti jangho ko apne hantho men bhar -bhar kar dabane lagta hai,

jab Raj uski phuli hui chut ko apne muh se kai bar chum leta hai tab vah Rashmi ki moti-moti jangho ko dhire se viprit disha men phailane ki koshish karta hai par Rashmi apni jangho ko kase rahti hai, Raj thodi takat lagakar Rashmi ki jangho ko thoda phailata hai aur use apni bahan ki phuli hui chut ki phanko ke beech ki darar najar aane lagti hai aur vah apni bahan ki phati hui phanko ko dekh kar pagal ho jata hai aur vah dhire se Rashmi ke ek per ko apne hantho men uthakar uske per ko halke se modne lagta hai aur Rashmi ka dil bahut joro se dhadkane lagta hai, Raj Rashmi ke ek per ko fold karke rakh deta hai aur phir jaise hi dusre per ko fold karta hai Rashmi ki phuli hui chut kuch phati hui najar aane lagti hai aur Raj dhire se apni bahan ki chut ki phanko ko sahlata hai aur phir Raj uski moti mudi hui jangho ko puri phaila deta hai aur apni jawan bahan ka mast phula hua bhosda dekhta hi rah jata hai Rashmi ki chut ki moti-moti phanke khul jati hai aur uski chut ka ras se bhara hua gulabi chhed najar aane lagta hai, Raj jhuk kar Rashmi ki gudaj chut ko sunghta hai aur apni bahan ki mastani chut ki madak mahak use pagal kar deti hai,

vah Rashmi ki chut ko bilkul karib se dekhta hai aur uska dimag thoda thankta hai aur vah apne man men sochta hai ki Rashmi ki chut se to bahut pani aa raha hai, iska matlab yah hua ki Rashmi jag rahi hai, uske hontho par thodi muskurahat aa jati hai phir bhi vah bina confirm kiye huye koi risk lena nahi chahta tha aur vah vapas Rashmi ke pas aakar let jata hai aur Rashmi ke rasile hontho ko chum kar apne hantho se uski gadaraai chut ko sahlate huye apne muh ko Rashmi ke kan ke pas lejakar dhire se

Raj – Rashmi

Raj - Rashmi i love u

Raj - Rashmi, tumhari chut kitni pyari hai aur Rashmi ki chut ko apne hantho men bhar kar halke-halke dabata hua dhire se uske kano men kahta hai Rashmi men tujhe chodana chahta hu, i love u Rashmi, men tujhe puri nangi karke teri is phuli hui chut ka sara ras pina chahta hu aur Rashmi ko apni banho men bhar kar uske hontho ko chumne lagta hai aur Rashmi uski bato ko sun kar pagal ho jati hai aur uski chut phadkte huye pani chhodne lagti hai,

Raj - lagbhag sari rat Rashmi kabhi chut kabhi uske mote-mote doodh kabhi uski gadaraai bhari gaanD aur uski guda ko sahlate huye uske hontho ko chusta rahta hai aur Rashmi chupchap pade-pade pani chhodti rahti hai, aakhir kar Rashmi ki subah badi muskil men hoti hai aur jab Raj uske pas se uth kar bathroom men chala jata hai tab Rashmi ko aisa mehsus hota hai jaise kai salo ki kaid ke bad aajad hui ho aur vah khul kar gahri sans leti hai aur karwat le kar so jati hai aur jab jagti hai to subah ka 10 baj chuka tha, vah ek dam se uthti hai aur room men idhar udhar dekhti hai lekin Raj use najar nahi aata hai aur vah jakar bathroom men ghus jati hai aur phir aadhe ghante bad nahakar apni jeans phasa kar taiyar hokar Raj
ke aane ka wait karne lagti hai.

karib 10 minat bad Raj room ke andar aata hai aur Rashmi ko dekh kar muskurata hua
Raj - kyo itni der tak soti ho

Rashmi- bhaiya aap uth gaye the to mujhe kyo nahi jagaya, aur apne man men bhaiya aapka to gajab stamina hai do rat se soye nahi aur uske bad bhi hero ban kar ghum rahe ho,

Raj - mene socha kyo teri neend kharab karu, chal tujhe chai pila kar lata hu aaj tune subah ki chai tak nahi pi

Rashmi- muskurate huye uske sath chal deti hai,

Raj - uski gadaraai gaanD ko ghur kar dekhte huye apne hath se uske chutdon par mar deta hai aur Rashmi bade ashcharya se apne bhaiya ko aankhe phad kar dekhti hui

Rashmi- kya hua bhaiya

Raj - kya tere pas is jeans ke alawa koi dress nahi hai kya jab dekho jeans pahan leti hai

Rashmi- Raj ko aankhe phad kar dekhti hui to aur kya pahnu yah dusri jeans hai ab vo alag bat hai ki ek do jeans ak jaise color ki hai,

Raj - are men yah kahna chahta hu ki jeans ke alawa bhi to tu kuch pahan sakti hai

Rashmi- muskuraakar kyo men aapko jeans men achchi nahi lagti kya

Raj - are vo bat nahi hai, achcha yah bata tere pas sadi hai, tune kabhi sadi pahni hai

Rashmi- ha ek do bar mummy ki sadi pahni hai, lekin abhi mere pas yaha koi sadi nahi hai

Raj - achcha chal mere sath aur Raj Rashmi ka hath pakad kar car men baitha kar use market le jata hai aur vaha par

Rashmi- muskurate huye kya bat hai bhaiya kya aap mujhe sadi dilaoge

Raj - ha, men aaj tujhe sadi pahne huye dekhna chahta hu

Rashmi- apne man men kyo bhaiya kya sadi pahna kar apni bahan ki chut ko phadne ka irada hai, kal rat to aapne had hi kar di meri moti-moti jangho ko puri tarah phaila kar meri chut ko kitni gaur se dekh rahe the aur phir use chum bhi liya hay bhaiya kash aap apna mota lund bhi bhar dete to maza aa jata

Raj - Rashmi ko kohni marte huye kya sochne lagi khad-khadi chal ab andar chal
dono shoping mal ke andar chale jate hai aur phir ek counter par khade hokar Raj dukandar ko sadiya dikhane ko kahta hai aur Raj un sadiyo ko Rashmi ke kandhe par dal-dal kar dekhne lagta hai ki kaun si us par janch rahi hai, phir ek khubsurat blue color ki sadi ko Rashmi par dalte huye

Raj - dekh Rashmi isme tu kitni khubsurat lag rahi hai bol yah pasand hai tujhe

dukandar- sir ji bhabhi ji ke liye yah sadi ek dam perfect hai aur dekhiye na iska color bhi aapki wife par kitna achcha lag raha hai
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