वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास ) complete

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rajaarkey
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 09 Nov 2017 18:31




अपनी अम्मी से मेहन्दी लगवाने की कुछ देर बाद शाज़िया बाथरूम में गई. और बाथरूम में अपनी फुद्दि को शेव करने के साथ साथ अच्छी तरह शोवर ले कर पाक हो गई.

शोवर से फारिग हो कर शाज़िया ने अपने सजना के लिए सजना शुरू कर दिया. और अपने नई शलवार कमीज़ का सूट पहन कर अपने जानू के इस्तिक़्बाल के लिए रेडी हो गई.

तैयार होने के बाद शाज़िया चाय बनाने के लिए किचन में गई. तो उसे अंदाज़ा हुआ कि उस की अम्मी रज़िया बीबी साथ वाले घर में नीलोफर के पास गई हुई थी.

किचन में जा कर ज्यों ही शाज़िया ने चाय का बर्तन चूल्हे. पर रखा.तो इस दोरान उसे अपने कमरे से अपने बच्चो के रोने की आवाज़ सुनाई दी.

“लगता है बच्चो को फिर भूक लग गई है,मुझे चाहिए कि ज़ाहिद के आने से पहले में इन्हे अपना दूध पिला कर सुला दूं,ताक़ि फिर मुझे ज़ाहिद के साथ मज़ा लेने में कोई दुश्वारी ना हो” ये सोचते हुए शाज़िया ने चूल्हा बंद किया. और किचन से निकल कर अपने कमरे की तरफ चल पड़ी.

अपने कमरे के नज़दीक जाते जाते शाज़िया को महसूस हुआ कि उस के बच्चो ने भूक के मारे ज़्यादा रोना शुरू कर दिया है.



इसीलिए शाज़िया ने अपने कमरे में दाखिल होने से पहले ही अपनी कमीज़ को अपने भारी मम्मो से उपर उठा कर अपने मोटे दूध भरे मम्मे ब्रेज़ियर से बाहर निकाल कर नंगे कर लिए.

ताकि कमरे में जाते साथ ही वो अपने दोनो निपल्स को अपने दोनो बच्चों के मुँह में एक साथ घुसा दे.

कमरे में आते ही शाज़िया ने अपने बेटा और बेटी को को एक साथ अपना दूध पिलाना शुरू कर दिया.

शाज़िया के मोटे मम्मो के निपल्स बच्चो के मुँह में जैसे ही गये. तो अपनी माँ शाज़िया के दूध की धार अपने हलक में जाता महसूस कर के शाज़िया के बच्चो ने रोना बंद कर दिया.

थोड़ी देर बाद शाज़िया की बच्ची तो दूध पीते पीते सो गई. जिसे बिस्तर पर लिटा कर शाज़िया ने अपनी कमीज़ भी उतार दी. और अपने बेटे को अपने आगोश में ले कर फिर से उसे अपना दूध पिलाना शुरू कर दिया.

अभी शाज़िया अपने बेटे को अपने मम्मे से लगा कर अपने भारी मम्मे को हाथ से निचोड़ते हुए अपने बेटे को दूध पिलाने में मसरूफ़ हुई ही थी.



कि इतनी देर में ज़ाहिद अपने घर में दाखिल हुआ. और घर शाज़िया के कमरे के खड़े हो कर अपनी बीवी बहन को अपने बेटे को दूध पिलाने का ये नज़ारा देखने लगा.

“हाईईईईईईईईईईई मेरी बहन के ये मम्मे तो पहले ही बहुत खूबसूरत और भारी थे, जब कि अब उन में दूध भरा होने की वजह से ये तो पहले से भी काफ़ी बड़े बड़े हो गए हैं” ज्यों ही ज़ाहिद ने अपने बेटे को उस की माँ शाज़िया की भारी छाती से मुँह लगे उस का मोटा मम्मा चूस्ते देखा.

तो अपनी बहन के दूध भरे उन मम्मो को आज इतने दिनो बाद अपने सामने ऐसे नंगा देख कर ज़ाहिद का लंड उस की पॅंट में खड़ा हो कर लोहे की तरह सख़्त हो गया.

ज़ाहिद अभी अपनी बहन के दूध भरे नंगे मम्मो का बाहर खड़े खड़े नज़ारा ले रहा था. कि इतने में कमरे में मौजूद शाज़िया ने देखा कि उस का बेटा भी उस की गोद में सो चुका है.

शाज़िया ने अपने बेटे को भी अपने बड़े पलंग पर उस की बहन के पहलू में लिटा दिया.

ज्यों ही बच्चे को बिस्तर पर लिटा कर शाज़िया सीधी हुई. तो कमरे से बाहर खड़ा ज़ाहिद एक दम बच्चो की जगह अब अपनी बहन शाज़िया की गोद में लेट गया.

“बच्चो को तो दूध पिला चुकी हो,अब बच्चो के बाप को कब अपने दूध के ज़ायक़े का स्वाद चखाओगी मेरी रानी” बिस्तर पर बैठी अपनी बहन की गोद में लेट कर ज़ाहिद ने बड़े प्यार से अपनी बहन के दूध भरे मोटे मम्मे को हाथ में ले के दबाया.


तो ज़ाहिद के हाथ की उंगली लगने से शाज़िया के मम्मे से ताज़ा सफेद दूध की धार एक दम से निकली.



जिस ने शाज़िया के अंगूर की साइज़ वाले मोटे निपल को पूरा भिगो दिया.

“वो तो बच्चे हैं,और उन को अपना दूध पिलाना मेरा फ़र्ज़ है, जब कि आप अब बच्चे नही बल्कि बड़े हो गये हैं,इसीलिए मेरे मम्मो से दूध पीना आप के लिए मुनासिब बात नही” अपनी गोद में सर रख कर लेटे अपने भाई की फरमाइश सुन कर शाज़िया शरम से सिमट गई. और एक अदा के साथ अपने भाई की बात का जवाब देते हुए मुस्कुराइ.

“चाहे कुछ भी ही आज में तुम्हारे इन दूध भरे मम्मो से तुम्हारा ताज़ा दूध पी कर ही रहूं गा मेरी जान, इसीलिए अब नखरे छोड़ो और अपने जानू को अपने गरम दूध का मज़ा दो जल्दी से” ज़ाहिद ने जब दूध पीने की अपनी फरमाइश पर अपनी बहन को यूँ शरमाते देखा. तो वो भी एक बच्चे की तरह अपनी ज़िद पर उतर आया.
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by Kamini » 09 Nov 2017 22:31

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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 11 Nov 2017 22:08

Kamini wrote:
09 Nov 2017 22:31
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shukriya
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 11 Nov 2017 22:09

ज़ाहिद अब अपनी बहन की गोद में अपना सर रख कर लेटा हुआ था. जब कि शाज़िया के बड़े बड़े दूध से भरे हुए मम्मे ज़ाहिद के चेहरे के उपर लटक रहे थे.

“ हाईईईईईईईईईई अपने बच्चो की तरह तुम भी अपनी बहन बीवी का दूध पीना चाहते हो,तो चलो अपना मुँह खोलो, मेरे मुन्ने” ज्यों ही ज़ाहिद ने अपनी बहन के मोटे मम्मो की छाँव में लेट कर अपनी बहन शाज़िया से ज़िद की.

तो अपनी गोद में लेटे अपने सोहर भाई की बचकाना ज़िद के आगे हार मानते हुए शाज़िया ने अपने मोटे भारी दूध भरे मम्मे को अपने हाथ में पकड़ कर दबाया.



जिस की वजह से शाज़िया के मम्मे से दूध की एक तेज धार निकली. जो नीचे लेटे ज़ाहिद के होंठो और सारे मुँह को गीला कर गई.

“हाईईईईईईईईईईईईईईईई क्या मेटा स्वाद है मेरी बहन के मोटे मम्मो के इस दूध का,आज के बाद हो सके तो मुझे चाहिए भी अपने इस खालिस दूध से बना कर पिलाया करो मेरी जान” ज्यों ही शाज़िया के मम्मो का गरम दूध मुँह के रास्ते ज़ाहिद के हलक में उतरा.



तो अपनी बहन के खालिस गरम दूध का ज़ायक़ा पहली बार चख कर ज़ाहिद मज़े से मचल उठा.

“मेरे दूध से बनी चाय पीने से पहले,आप मेरे मम्मो का असली दूध ट्राइ करो मेरी जान” अपनी भाई की बात सुन कर शाज़िया भी गरम हो गई. और उस ने ज़ाहिद के बालों में अपना हाथ फेरते हुए अपने भारी मम्मे को ज़ाहिद के खुले मुँह पर झुका दिया.

शाज़िया के मोटे भारी मम्मे का निपल अब शाज़िया की गोद में लेटे ज़ाहिद के होंठो को छू रहा था.

ज्यों ही शाज़िया का लंबा निपल नीचे हो कर ज़ाहिद के मुँह से टच हुआ. तो नीचे लेटे ज़ाहिद ने अपने होंठ खोल कर शाज़िया के निपल को अपने मुँह में ले कर चूसना शुरू कर दिया.

अपनी बहन के मोटे दूध भरे मम्मे को अपना मुँह लगाने की देर थी. कि ज़ाहिद का मुँह एक ही लम्हे में अपनी बहन शाज़िया के मीठे दूध की धार से एक दम भर गया.

अपनी बहन के ताज़ा गरम और खलास दूध को अपने मुँह में भरते ही ज़ाहिद ने हल्का सा साँस लिया.और फिर एक ही घूँट में अपनी बहन का सारा दूध अपने गले से नीचे उतार दिया.

"ऊऊहह हाआन्ं हाआनन्न ज़ोर से चूसो और ज़ोर से, मेरे निपल को दाँतों से दबाओ, मुझे पता होता कि अपने शोहर को अपने मम्मो का दूध पिलाने में इतना मज़ा मिलता है,तो अपने मम्मो में दूध आने के पहले ही दिन, में आप को अपना दूध पिला देती मेरी जान” ज़ाहिद के मुँह से मज़े से बे हाल होते हुए शाज़िया ने अपने भाई के बालों में अपनी उंगलियाँ फेरने लगी. और साथ ही अपने मोटे मम्मे को ज़ोर से ज़ाहिद के मुँह पर दबा दिया.

“हाईईईईईईईईईईईई आज अपनी ही बहन का दूध पीने के बाद,में भाई और शोहर के साथ साथ अपनी ही सग़ी बहन का बेटा भी बन गया हून्ंननननननणणन्” ज्यों ही शाज़िया ने अपने मम्मे को ज़ोर से अपने भाई ज़ाहिद के खुले मुँह में धँसाया. तो अपनी बहन के मम्मे से “शरप शारप” कर के शाज़िया का दूध पीता ज़ाहिद बोला.

ज़ाहिद का मुँह अपनी बहन के दूध से अब इतना भर चुका था. कि दूध ज़ाहिद के मुँह से निकल कर अब उस के होंठो पर भी फैलने लगा था.

जब शाज़िया ने अपने दूध को यूँ अपने भाई के मुँह से बाहर छलकते देखा. तो शाज़िया ने एक दम ज़ाहिद के मुँह से अपना मम्मा निकाल लिया.

“क्या हुआ मेरी जान” ज़ाहिद ने जब शाज़िया को अपना मम्मा उस के मुँह से दूर करते देखा. तो एक दम बे चैन हो कर बोला.

“ज़रा सबर करो,अभी बताती हूँ मुन्ने के अब्बा” ज़ाहिद की बात का जवाब देते हुए शाज़िया ने अपने सर को ज़ाहिद के मुँह पर झुकाते हुए अपने होंठ अपने भाई के होंठो पर रखे.

और अपने भाई शोहर ज़ाहिद के लिप्स के कोनों पर लगे अपने ही दूध को अपनी ज़ुबान से सॉफ कर दिया.

“हां आप कह तो सही रहे हैं.वाकई ही मेरे दूध का ज़ायक़ा बहुत स्वादिष्ट है भाईईईईईईईई” अपने ही मम्मो के दूध को अपनी ज़ुबान से पहली बार चाटते हुए शाज़िया सिसकारी.

और फिर अपने हाथों से अपने मम्मे को पकड़ कर शाज़िया ने अपने मम्मे को वापिस अपने जानू शोहर के मुँह में रख दिया.

शाज़िया का दूध भरा मम्मा एक बार फिर अपने मुँह में लेते ही ज़ाहिद ने अपने मुँह को पूरा खोल कर निपल के साथ अपनी बहन के मोटे मम्मे का काफ़ी सारा हिस्सा भी अपने मुँह में लिया. और मज़े ले ले कर अपनी बहन के ताज़ा दूध से तृप्त होने लगा.

जब ज़ाहिद का दिल एक मम्मे को चूस चूस कर भर गया. तो उस ने अपनी बहन के दूसरे मम्मे को अपने मुँह से लगाया.

और दबा दबा और निचोड़ निचोड़ कर अपनी बहन के मम्मो से दूध निकाल निकाल कर अपने मुँह के ज़रिए अपने हलक में उतारता गया.

अपने दोनो बच्चो को अपना दूध पिलाने के बावजूद शाज़िया के फुल टॅंक साइज़ मम्मो में इतना दूध बाकी था. जिसे शाज़िया पूरी रात भी अपने भाई ज़ाहिद को पिलाती तो उस का दूध सुबह तक ख़तम नही हो पाता.

इधर ज़ाहिद अपनी बहन के मोटे मम्मो से उस का दूध पीने में मसगूल था.

तो दूसरी तरफ शाज़िया ने अपनी गोद में लेटे भाई ज़ाहिद की पॅंट की ज़िप को खोल कर अपने भाई के मोटे तगड़े लंड को अपने हाथ में थाम लिया.

“चलो भाई अपने सारे कपड़े उतार कर बिस्तर पर लेट जाओ.मुझ से अब मज़ीद सबर नही हो रहा”शाज़िया ने अपने हाथ से अपने भाई के मोटे लंड की मूठ लगाते हुए अपनी भाई ज़ाहिद से इल्तिजा की.

“हाईईईईईईईईईईईई में भी कब से इस मोके का मुंतीज़ार हूँ, कि कब में तुम्हारी इस प्यारी फुद्दि में अपना लंड डाल सकूँ मेरी ज़ोज़ा जानी” अपनी बहन की बात सुन कर ज़ाहिद जोश में आया. और अपने सारे कपड़े उतार कर दूसरे ही लम्हे बिस्तर पर बिल्कुल नंगा लेट गया.

ज़ाहिद के कपड़े उतरने के दौरान शाज़िया भी अपनी शलवार उतार कर पूरी नंगी हो गई.

ज्यों ही शाज़िया का नंगा वजूद एक भर फिर अपनी आब-ओ-ताब के साथ ज़ाहिद की भूकि आँखों के सामने नमूदार हुआ.

तो अपनी बहन की सॉफ-ओ-शॅफॉफ चूत और शाज़िया के हाथों और पैरों पर लगी ताज़ा मेहन्दी का सुर्ख रंग देख कर ज़ाहिद समझ गया. कि सुहाग रात की तरह आज भी उस की बहन शाज़िया अपने भाई ज़ाहिद के लिए खास तौर पर बनी सन्वरि है.

अपनी बहन के उस का प्यार का ये अंदाज़ ज़ाहिद के दिल के साथ साथ उस के लंड को भी बहुत भाया. जिस वजह से उस का मोटा लंड आकर कर मज़ीद सख़्त हो गया.

मुकमल नंगा होने के बाद शाज़िया बेड पर कमर के बल लेटे ज़ाहिद के जिस्म के उपर चढ़ी.

और अपनी गरम फुद्दि को अपने भाई के पेट पर फेरते हुए साथ ही साथ ज़ाहिद के मोटे,खड़े लंड को अपने मेहन्दी वाले पैरो के दरमियाँ कस कर अपने पावं से भी अपने भाई के लंड को रगड़ने लगी.

“आप पहले मेरी चूत में अपना लंड डालो गे, या फिर मेरी गान्ड की ठुकाई करो गे जानू” ज़ाहिद के होंठो को चूमते चूमते शाज़िया ने अपनी गान्ड को अपने मेंहदी वाले हाथ से खोलते हुए अपने शोहर ज़ाहिद से पूछा.

“हाईईईईईईईईईईईईईई आज तो में चुदाई की शुरूवात अपनी बहन की फुद्दि से ही करूँगा मेरी जान” अपनी बहन की ज़ुबान से ज़ुबान लड़ाते ज़ाहिद ने सिसकी लेते हुए जवाब दिया.

ज़ाहिद और शाज़िया के होंठ एक दूसरे के होंठो से एक चिपके हुए थे. जैसे आज के बाद दोनो एक दूसरे से कभी अलग नही होंगे .

अपनी बहन शाज़िया के होंठो को उपर से चूमते हुए ज़ाहिद ने अपने जिस्म के उपर बैठी शाज़िया की कमर को अपने हाथ से पकड़ कर नीचे की तरफ खींचा.

तो हवा में झूलता ज़ाहिद का मोटा बड़ा लंड नीचे उस की बहन शाज़िया की फुद्दि के होंठो को खोलता हुआ एक दम से शाज़िया की चूत में दाखिल हुआ.
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 12 Nov 2017 12:20

"थोड़ा आराम से, मेरी चूत का अन्द्रुनि हिस्सा अभी नाज़ुक है,आप का मोटा लंड मेरी बच्चे दानी को फाड़ ही ना दे कहीं” ज्यों ही ज़ाहिद का लंड तकरीबन दो महीने बाद शाज़िया की चूत की गहराई में गया.तो मज़े और दर्द से सिसकती हुई शाज़िया बोल उठी.

“फिकर ना करो,में बहुत प्यार से अपनी बीवी की चूत में अपना लंड डालूंगा.मेरी जान” शाज़िया की बात का जवाब देते हुए ज़ाहिद ने नीचे से अपनी गान्ड को उपर उठा कर धक्का मारा. तो ज़ाहिद का लंड उस की बहन की गीली चूत में धँसता चला गया.

“हाईईईईईईईईई दो बच्चे इस चूत से पेदा करने के बावजूद तुम्हारी फुद्दि अभी तक काफ़ी तंग है मेरी जान” ज्यों ही ज़ाहिद के लंड का मोटा टोपा ज़ाहिद के धक्के की वजह से नीचे से स्लिप हो कर शाज़िया की फुद्दि में घुसा . तो अपनी बहन की चूत की गिरफ़्त को अपने लंड पर पा कर ज़ाहिद भी मज़े से सिसकार उठा.

“हाईईईईईईईईईईईईई में इस चूत से चाहे 10 बच्चे भी निकाल दूं, मगर फिर भी आप का लंड इतना मोटा है, कि आप का लौडा इस चूत में ऐसे ही फँस कर जाए गा भाईईईईईईईईईईईई” अपने भाई की बात का जवाब देते हुए ज़ाहिद के मोटे लंड पर बैठी शाज़िया आगे को झुकी.

और ज़ाहिद की तरफ आगे को झुकने के दौरान शाज़िया ने अपने हाथ से अपनी गान्ड को खोलने की कोशिश की.



ताकि किसी तरह उस की नाज़ुक फुद्दि में ज़ाहिद के लंड से होने वाला दर्द कुछ कम हो सके.

दूसरी तरफ बिस्तर पर लेटा हुआ ज़ाहिद अब अपनी लंड को एक बार फिर अपनी बीवी बहन शाज़िया की फुद्दि में डालने के बाद. अब बिस्तर पर लेट कर नीचे से धक्के मारते हुए अपनी बहन शाज़िया की चूत को मज़े से चोदने में मसरूफ़ हो गया था.

ज़ाहिद के हर धक्के पर शाज़िया के मोटे दूध भरे मम्मे हवा में उच्छल उच्छल जाते थे.

इस दौरान ज्यों ही शाज़िया पीछे से अपनी गान्ड को हाथ से खोलते हुए थोड़ा आगे को झुकी. तो शाज़िया के हवा में झूलते दूध से भरपूर मम्मे ज़ाहिद के मुँह के ऐन सामने आ गये.

अपनी बहन के भारी मम्मो को हाथ में पकड़ कर ज़ाहिद ने एक दम मुँह में डाला. और जोश के साथ शाज़िया को चोदते हुए साथ साथ अपनी बहन के दूध का मज़ा भी फिर से लेने लग गया.

काफ़ी देर तक अपने भाई ज़ाहिद से चुदवाने के बाद शाज़िया एक दम चीखी "हाईईईईईईईईईईईई मेरा पानी निकलने वाला है,हाईईईईईईईईईईईईई में गई”

ज्यों ही शाज़िया ने ज़ाहिद के लंड पर अपनी चूत का पानी छोड़ा. तो नीचे से ज़ाहिद ने भी एक भरपूर धक्का अपनी बहन की फुद्दि में मारा और बोला “लो मेरे लंड का पानी भी ले मेरी जान”.

इस के साथ ही ज़ाहिद ने भी अपने लंड का गरम पानी अपनी बहन की चूत में गिरना शुरू कर दिया.

ज़ाहिद चूँकि शाज़िया को आज अपने लंड पर भींच कर अपनी बहन की चूत को चोदने में मसरूफ़ था.

इसीलिए शाज़िया की फुद्दि में अपने लौडे का पानी खारिज करने के बावजूद ज़ाहिद के लंड का सारा वीर्य शाज़िया की फुद्दि की दीवारों से लग कर नीचे लेटे ज़ाहिद के लंड और पेट पर गिर गया.

जिस की वजह से ज़ाहिद के अपने पानी ने उस के पेट, लंड और आंडों को पूरा भिगो कर रख दिया.

थोड़ी देर अपनी बहन की बाहों में आराम करने के बाद ज़ाहिद ने शवर लिया. और फिर किसी काम के सिलसिले में घर से निकल पड़ा.

अपने बच्चो की पैदाइश और चिली की चुदाई के बाद ज़ाहिद और शाज़िया एक दूसरे के साथ वैसे तो बहुत खुस-ओ-खुराम ज़िंदगी बसर कर रहे थे.

मगर इस के साथ साथ दोनो बहन भाई को अपनी अम्मी रज़िया बीबी की सेहत की फिकर सता रही थी.

इस की वजह ये थी. कि शाज़िया और नीलोफर की डेलिवरी के बाद ज्यूँ ज्यूँ रज़िया बीबी की डेट करीब आ रही थी.त्यु त्यु दिन-ब-दिन रज़िया बीबी की तबीयत खराब होने लगी थी.

“अगर आप को किसी किस्म का मसला है तो, क्यों ना लेडी डॉक्टर से बात कर के में आप का अबॉर्षन करवा दूं अम्मी” अपनी अम्मी की गिरती सेहत देख कर ज़ाहिद बहुत परेशान हुआ. और उस ने अपनी अम्मी रज़िया बीबी को लेडी डॉक्टर से चेक अप भी करवाने की कॉसिश करते हुए कहा.

मगर हर दफ़ा रज़िया बीबी ने “में ठीक हूँ, और में हर हाल में तुम्हारे बच्चे को जनम दे कर रहूंगी मेरे बच्चे” ये कहते और ज़िद करते हुए डॉक्टर के पास जाने से मना कर दिया.

फिर आख़िर वो दिन आन पहुँचा जब रज़िया बीबी अपने ही बेटे के बच्चे की माँ बनने वाली थी.

उस दिन रज़िया बीबी समित उस के सारे घर वाले बहुत ही खुश थे. और ज़ाहिद, शाज़िया,नीलोफर और जमशेद रज़िया बीबी को साथ ले कर हॉस्पिटल आ गये.

रज़िया बीबी की उमर ज़्यादा होने की वजह से डेलिवरी में कॉंप्लिकेशन का डर था.

इसीलिए ऑपरेशन रूम में जाने से पहले हॉस्पिटल वालों ने ज़ाहिद और रज़िया बीबी से कई किसम के पेपर्स पर साइन करवाए. और फिर रज़िया बीबी अपने बेटे और बेटी की आँखों के सामने ऑपरेशन थियेटर में चली गई.

ज़ाहिद,शाज़िया,नीलोफर और जमशेद सब अपने बच्चो के साथ हॉस्पिटल के वेटिंग रूम में इंतिज़ार कर रहे थे. कि कब डॉक्टर आ कर उन को सब ठीक है की खबर सुनाए.
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