वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

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rajaarkey
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 04 Sep 2017 19:37

“उफफफफफफफफफफफफ्फ़ ज़ाहिद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड तुम्हारे लंड की सख्ती ने तो मेरे मम्मो को पागल कर दिया है, जब ये बड़ा लंड मेरी चूत में जाएगा तो मेरी फुददी की तो फिर से शामत ही आ जाए गी बेटॅयायेयीययाया” अपने जवान बेटे के मोटे लंड को अपनी छातियों के दरमियाँ उपर नीचे होता देख कर रज़िया बीबी भी मज़े से सिसकारते हुए बोली.

“हाईईईईईईईईईई आप के मोटे मम्मो में इतना मज़ा है, तो आप की चूत तो इस से भी ज़्यादा मज़ा देगी मुझे ” ज़ाहिद ने भी अपनी अम्मी की बात का जवाब दिया. और बहुत गरम जोशी से अपनी अम्मी के मोटे मम्मो के दरमियाँ अपने लंड को फैरने लगा.

कुछ देर अपनी छातियों को अपने बेटे के लंड से चुदवाने के बाद रज़िया बीबी ने अपने मम्मो को अपने हाथों की गिरफ़्त से आज़ाद किया.

तो ज़ाहिद के सख़्त लंड को उस की अम्मी के मोटे चूचों की जेल से रिहाई नसीब हो गई.

ज़ाहिद के लंड को अपने मम्मो से निकालने के बाद रज़िया बीबी अपने हाथों को अपनी पैंटी पर लाई. और बदस्तूर अपने बेटे की टाँगों के दरमियाँ बैठे बैठे रज़िया बीबी ने अपनी गीली पैंटी को उतार कर अपनी चूत को भी बिल्कुल नंगा कर दिया.

ज्यों ही रज़िया बीबी ने अपनी पैंटी को उतार कर उसे बेड पर पड़ी अपनी ब्रेज़ियर के पास फैंकने की कोशिश की.

तो ज़ाहिद ने एक दम से रज़िया बीबी के हाथों से अपनी अम्मी की गीली पैंटी को पकड़ लिया. और अपनी अम्मी की चूत के पानी से भीगी हुई पैंटी को अपने मुँह पर रख कर पैंटी पर लगे हुए अपनी अम्मी की चूत के पानी को सूंघने और चाटने लगा.

“हाईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आप की पैंटी पर लगे हुए आप की चूत के पानी को चख कर मुझे आइडिया हो चुका है कि आप की फुददी में आग लगी हुई है, इसीलिए आज रात आप से सुहाग रात मनाने में बहुत मज़े आएँगे अम्मिईीईईईईईईईई जीिइईईईईईईई” ज़ाहिद ने अपनी नोकेलि ज़ुबान को अपनी अम्मी की गीली पैंटी पर घुमाते हुए कहा.

“हान्ंननननणणन् आज तुम मेरे साथ सोहाग रात तो ज़रूर मनाओ गे, मगर मेरे साथ मनाई जाने वाली तुम्हारी ये सोहाग रात, उस सोहाग रात से मुक्तलिफ हो गी, जो इस से पहले तुम ने अपनी बहन शाज़िया के साथ मनाई है बेटा” अपने बेटे को यूँ अपनी पैंटी दीवाना वार चूमता देख कर रज़िया बीबी ने सिसकरते हुए ज़ाहिद को कहा.

“सुहाग रात में तो एक शोहर अपनी बीवी को चोदता है, इसीलिए में भी अब आप का सोहर बन कर आप की पहले से उतरी हुई नथ को दुबारा से उतारूँगा, तो फिर आज आप के साथ मेरी ये सोहाग रात मुक्तिलफ कैसे हो गी अम्मी जनाआआआआआआआआं” अपनी अम्मी की कही हुई बात को ना समझते हुए ज़ाहिद ने रज़िया बीबी से पूछा. और इस के साथ ही अपनी अम्मी की पैंटी को अपने मुँह से अलग कर के बिस्तर पर रख दिया.

“ओह थोड़ा सबर तो करो, में शाज़िया और अपनी सोहाग रात के दरमियाँ वाले फरक को ना सिर्फ़ तुम्हें बता दूं गी, बल्कि अपनी अमल से तुम्हे ये फरक पूरी तरह समझा भी दूँगी बेटा” रज़िया बीबी ने अपने बच्चे ज़ाहिद की बात का जवाब देते हुए कहा.

“हाईईईईईईईईईईईईई सबर ही तो नही होता, इसीलिए पहेलियाँ बुझवाने की बजाय, आप सीधी तरह पूरी बात बता दो ना अमिीईईईईईईईईईई” अपनी अम्मी की बात को फिर ना समझते हुए ज़ाहिद झुंझला कर बोला.

“तुम बहुत ही बे सब्रे हो ज़ाहिद, अच्छा सुनो हां एक रवायती सोहाग रात में एक शोहर ही हमेशा अपनी बीवी को चोदता है, जब कि तुम्हारी और मेरी आज की ये सोहाग रात इसीलिए मुक्तलिफ हो गई, कि एक दुल्हन की हैसियत से आज में खुद अपने शोहर को चोदून्गि , मेरे बच्चेयययययययी” रज़िया बीबी ने जब अपने बेटे ज़ाहिद को यूँ बे सबरा होता देखा. तो उस ने ज़ाहिद के सामने अपने दिल की बात खोल कर रख दी.

(अपने बेटे ज़ाहिद के साथ रज़िया बीबी ने ये बात इसीलिए की थी. कि रज़िया बीबी असल में पुराने ज़माने की औरत थी.

जिस ने अपनी पहली चुदाई का मज़ा ज़ाहिद के अब्बू से शादी के बाद ही हासिल किया था.

अपनी बेवा की ज़िंदगी के दौरान ज़ाहिद के अब्बू रज़िया बीबी को बिस्तर पर सीधा लेटा कर हमेशा एक ही तरीके से उस की चुदाई किया करते थे.

इस चुदाई के दोरान ज़ाहिद के अब्बू रज़िया बीबी की चूत में अपनी लुली डाल कर चन्द धक्के मारते. और फिर कुछ ही सेकेंड्स में अपनी लुली का पानी रज़िया बीबी की चूत में छोड़ कर खुद एक दम सो जाते थे.

ज़ाहिद के अब्बू की रज़िया बीबी से की जाने वाली इस हम बिस्तरी को लंड का पानी निकलना तो कहा जा सकता था.

मगर इस सारे रंडी रोने को चुदाई कहना असल में चुदाई की तोहीन थी.

एक मर्द एक औरत के जिस्म से खेल कर उस के जिस्म की प्यास कैसे और किस किस तरीके से बुझा सकता है.

इस का अंदाज़ा रज़िया बीबी को पहली दफ़ा ज़ाहिद और नीलोफर की चुदाई की फोटो और वीडियो देख कर हुआ था.

उस के बाद रज़िया बीबी ने जब ज़ाहिद और शाज़िया के कमरे में होने वाली लाइव चुदाई का मंज़र अपनी आँखों से देखा. तो अपने बेटे ज़ाहिद को अपनी बहन की मुतलकिफ़ स्टाइल में चुदाई करता देख कर रज़िया बीबी के तो होश की उड़ गये थे.

फिर आज दोपहर को जब शाज़िया और ज़ाहिद ने मिल कर अपनी अम्मी रज़िया बीबी को चोद कर उस की प्यासी चूत को ठंडक पहुँचाई थी.

तो अपनी बेटी की गरम ज़ुबान और बेटे के मोटे लंड को अपनी मोटी चूत के उपर और अंदर ले कर रज़िया बीबी को चुदाई का असल मतलब समझ आ गया था.

इसीलिए ये ही वजह थी कि रज़िया बीबी आज अपने बेटे के कमरे में आने से पहले अपने दिल में ये तय कर चुकी थी.

कि उस ने आज अपनी सोहाग रात मनाते वक्त अपने नये सोहर बेटे के साथ चुदाई के वो ही तरीके दोहराने हैं.

जो ज़ाहिद इस से पहले नीलोफर और फिर अपनी बहन शाज़िया के साथ चुदाई के दोरान आज़मा चुका था.

यानी सादी लफ़्ज़ों में अगर ये कहा जाए. कि आज की रात रज़िया बीबी अपने बेटे ज़ाहिद से चुदवाने नही,बल्कि खुद अपने बेटे ज़ाहिद को चोदने आई थी.तो ये ग़लत नही हो गा.)
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 04 Sep 2017 19:37

“हाईईईईईईईईईईईईईईई आप वाकई ही आज मुझे चोदने आई हाईईईईईिन अम्मिईीईईईईई” रज़िया बीबी के मुँह से ये इलफ़ाज़ सुन कर ज़ाहिद की खुशी की कोई इंतहा ना रही. और उस का लंड खुशी के मारे ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा.

“हाआँ ये वाकई ही सच है बेटा” कहते हुए रज़िया बीबी ने अपने बेटे के मोटे खड़े हुए लंड को अपने हाथ में पकड़ा. और ज़ाहिद के लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी.

ज़ाहिद के लंड को सहलाते सहलाते रज़िया बीबी अपने मुँह को अपने बेटे के सख़्त लंड के नज़दीक ले आई.

ज्यों ही ज़ाहिद का लंड और रज़िया बीबी का मुँह एक दूसरे के नज़दीक हुए.

तो ज़ाहिद के लंड की टोपी के सुराख से निकलनी वाली पिशाब की मखसोस बू (स्मेल) रज़िया बीबी की नाक में घुस गई.

“हाईईईईईईईईईईईईई शाज़िया और नीलोफर को ज़ाहिद का लंड मज़े मज़े से चूस्ता देख कर में तो समझी थी, कि शायद लंड में कोई बू नही होती, मगर यहाँ तो मामला इस के विपरीत है, नहियीईईईईईईईई में शायद अपने बेटे का लंड सक ना कर पाऊ” ये सोच जेहन में आते ही एक लम्हे के लिए रज़िया बीबी की हिम्मत जवाब देने लगी.

“हीईीईईईईईईईई में तो आज अपने बेटे को खुद चोद कर ज़ाहिद को ये बताना चाहती थी. कि उस की बूढ़ी अम्मी की चूत में तो, उस की जवान बहन की चूत से ज़्यादा गर्मी मौजूद है, मगर में तो पहले ही मामले में नाकाम हो कर हार मानने लगी हूऊऊऊऊओन” ज्यों ही रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की लंड चुसाइ से पीछे हटने का सोचा. तो दूसरे ही लम्हे रज़िया बीबी के दिल में ये बात आई.

चन्द लम्हे के लिए रज़िया बीबी की चूत और उस दिल-ओ-दिमाग़ में एक हल्की सी जंग हुई.

मगर आख़िर मे अपनी चूत के आगे हार मानते हुए रज़िया बीबी ने अपने जवान बेटे के तगड़े लंड की निहायत मोटी टोपी के लिए अपना मुँह पूरा खोल दिया.



ज्यों ही रज़िया बीबी का मुँह खुला. तो ज़ाहिद के बड़े लंड की मोटी टोपी उस की अम्मी की गरम ज़ुबान से पहली बार टच हुई.

“ओह” ज़ाहिद का सख़्त लंड की फूली हुई टोपी रज़िया बीबी की गरम ज़ुबान से ज्यों ही छुई. तो दोनो माँ बेटे के मुँह से एक साथ सिसकारी निकल गई.

ज़ाहिद तो अपनी ज़िंदगी में कई दफ़ा नीलोफर और शाज़िया से अपने लंड को चूसा चुका था.

लेकिन रज़िया बीबी की पूरी ज़िंदगी में ये पहला मोका था. जब वो किसी मर्द के लंड को यूँ अपने पाक मुँह के साथ प्यार कर रही थी. और ये मर्द भी कोई आम मर्द नही बल्कि उस का अपना सगा बेटा ज़ाहिद था.

जिस का लंड अपने मुँह में ले कर चाटने के लिए रज़िया बीबी ने आख़िर अपने दिल को राज़ी कर लिया था.

ज़ाहिद के लंड की बू से डरी हुई रज़िया बीबी तो ये समझ रही थी. कि उसे यक़ीनन अपने बेटे ज़ाहिद के लंड का कोई स्वाद नही आएगा.

मगर ज़ाहिद के लंड की टोपी को पहली बार अपनी ज़ुबान के साथ छूते ही रज़िया बीबी को अपने बेटे के लंड का नमकीन ज़ायक़ा ना सिर्फ़ अच्छा लगा.

बल्कि रज़िया बीबी को ज़ाहिद के लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान घुमाते हुए एक अजीब सा सरूर भी मिला.
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by VKG » 05 Sep 2017 06:47

Mast hai
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 12 Sep 2017 12:57

VKG wrote:
05 Sep 2017 06:47
Mast hai
shukriya dost
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Re: वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास )

Post by rajaarkey » 12 Sep 2017 12:58

ज़ाहिद के लंड की बू से डरी हुई रज़िया बीबी तो ये समझ रही थी. कि उसे यक़ीनन अपने बेटे ज़ाहिद के लंड का कोई स्वाद नही आएगा.

मगर ज़ाहिद के लंड की टोपी को पहली बार अपनी ज़ुबान के साथ छूते ही रज़िया बीबी को अपने बेटे के लंड का नमकीन ज़ायक़ा ना सिर्फ़ अच्छा लगा.

बल्कि रज़िया बीबी को ज़ाहिद के लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान घुमाते हुए एक अजीब सा सरूर भी मिला.

ये शायद इसी सरूर का असर था. कि रज़िया बीबी अपनी सारी झिझक को ख़तम करते हुए अब बहुत प्यार और मज़े के साथ अपने बेटे ज़ाहिद के लंड की टोपी पर अपनी गरम ज़ुबान घुमाने लगी थी.

“उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ अम्मिईीईईईईईईई जीिइईईईईईईईईईईईईईईई” रज़िया बीबी की गरम ज़ुबान लंड पर पकड़े हुए महसूस कर के ज़ाहिद के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं.

“लंड चुसाइ का ये मेरा पहला तजुर्बा है,इसीलिए मुझे बताओ कि में सही लंड चूस रही हूँ ना, मेरे बच्चेयययी” ज़ाहिद की गरम सिसकियाँ जब रज़िया बीबी के कानों में पड़ी.



तो लंड की टोपी पर गरम ज़ुबान फेरते फेरते रज़िया बीबी ने अपनी बेटे ज़ाहिद की आँखों में आँखे डाल कर पूछा.

“उफफफफफफफफफफफ्फ़ मुझे तो यकीन ही नही हो रहा है, कि मेरी सग़ी अम्मी आज खुद मेरा लंड चूस रहियीईईई हैं, हाईईईईईईईईई में इतनी इज़्ज़त अफज़ाई के लिए आप का तहै दिल से शूकर गुज़ार हूँ अम्मी”अपनी अम्मी की बात का जवाब देते हुए ज़ाहिद सिसकारा.



“जो मज़ा तुम्हारे मरहूम अब्बू नही ले सके मुझ से,वो मज़ा में आज तुम्हे दूंगी मेरे बच्चे” रज़िया बीबी ने ज़ाहिद के लंड को अपने दोनो हाथों में पकड़ा. और अपने बेटे के सख़्त मोटे लंड के उपर नीचे अपनी गरम और लंभी ज़ुबान को घुमाते हुए ज़ाहिद से कहा.

“हाईईईईईईईईईईईईईिन बिल्कुल ऐसेयययययययी ही चूसैींन्नननणणन् अम्मिईीईईईईईईईईईई” ज्यों ही रज़िया बीबी की ज़ुबान ने ज़ाहिद के लंड की रगों (वाइन्स) को छुआ.तो ज़ाहिद मज़े की शिद्दत से चिल्ला उठा.

कुछ देर अपने बेटे के लंड के उपर से ले कर नीचे तक अपनी ज़ुबान को फैरने के बाद रज़िया बीबी ने अपना पूरा मुँह खोला. और ज़ाहिद के मोटे लंबे लंड को अपने मुँह में भरते हुए बोली.“हाईईईईई कितना शानदार लंड है मेरे बेटे का, में तो तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई हूँ मेरे बच्चे ”



कहते हुए रज़िया बीबी ने अपने बेटे ज़ाहिद के तगड़े लंड को अपने मुँह में भरा. और अपने बेटे के जवान लंड को लॉली पोप की तरह चूसने लगी.

जैसे ही रज़िया बीबी ने अपने बेटे के मोटे लंड को अपने गरम मुँह में लिया. तो ज़ाहिद के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं.



“ओह अम्म्म्मममममममी ज़ाआआअँ,मुझे लंड चुसाइ का ऐसा मज़ा आज तक किसी औरत ने नही दिया, जो मज़ा आप मुझे इस वक्त दे रही हाईईईईईईईईई,उफफफफफफफफफफफ्फ़ हाईईईईईईईईईईईईई” इस के साथ ही बिस्तर पर बैठा हुआ ज़ाहिद एक दम से उठा. और फर्श पर खड़े हो कर रज़िया बीबी के मुँह को अपने बड़े लंड से चोदते हुए ज़ाहिद ने मज़े से कहा.

बे शक लंड चुसाइ वाला ये काम रज़िया बीबी अपनी ज़िंदगी में पहली बार कर रही थी.

मगर पहली बार इस तरह का काम करने के बावजूद रज़िया बीबी किसी माहिर रंडी की तरह अपने बेटे ज़ाहिद के लंड की चूसाई लगा रही थी.

रज़िया बीबी अपने बेटे ज़ाहिद के लंड की टोपी को चाट्ती हुई नीचे जाती.और फिर चाट्ती हुई दूसरी तरफ से वापिस लंड की टोपी तक पहुँच जाती थी.

वापिस टोपी पर आ कर रज़िया बीबी फिर अपनी ज़ुबान से ज़ाहिद के लंड के चारों तरफ से चाट्ती. और फिर लंड को अपने मुँह में भर कर अपने बेटे के लंड को किसी कुलफी की तरहा चूसने लगती.

रज़िया बीबी को अपने बेटे के जवान लंड को पहली बार चूस कर इतना मज़ा मिल रहा था.



कि अपने बेटे के लंड को चूसने के साथ साथ रज़िया बीबी नीचे से अपनी चूत के दाने को भी अपने हाथ से रगड़ रगड़ कर अपनी फुद्दि को ज़ाहिद के मोटे लंड के लिए तैयार भी कर रही थी.

जब कि दूसरी तरफ अपनी अम्मी के मुँह की गर्मी को अपने तने हुए लंड पर महसूस कर के मज़े के मारे ज़ाहिद के मुँह से निकलने वाली सिसकियाँ तो रुकने का नाम ही है ले रही थी.और वो” “हाईईईईईईईईई, ओह,उफफफफफफफ्फ़ अम्मिईीईईईई” कहता हुए रज़िया बीबी के मुँह को उस की चूत समझ कर चोदे जा रहा था.

रज़िया बीबी थोड़ी देर बहुत शौक और मज़े के साथ अपने बेटे के लंड को सक करती रही.
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