वतन तेरे हम लाडले

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shubhs
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Re: वतन तेरे हम लाडले

Post by shubhs » 12 Sep 2017 19:22

बहुत ही छोटा अपडेट कुछ बड़ा दे
सबका साथ सबका विकास।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, और इसका सम्मान हमारा कर्तव्य है।

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Ankit
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Re: वतन तेरे हम लाडले

Post by Ankit » 13 Sep 2017 19:25

superb update

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rajsharma
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Re: वतन तेरे हम लाडले

Post by rajsharma » 16 Sep 2017 15:24

thanks all for comments.
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

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rajsharma
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Re: वतन तेरे हम लाडले

Post by rajsharma » 16 Sep 2017 15:44

वह इन्हीं विचारों में गुम था कि उसे अपने साथ किसी की मौजूदगी का एहसास हुआ। मेजर अपनी सोचों से बाहर निकला तो उसके साथ साना जावेद खड़ी थी। उसे देखकर राज की ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की सांस नीचे ही रह गई . साना जावेद का हॉट और सेक्सी बदन पूरा नंगा था। उसके बदन पर सिर्फ एक लाल रंग का ब्रा और एक लाल रंग की पैंटी जो पूरे गीले थे। साना जावेद के माथे के बालों से टपकता हुआ पानी उसके लाल लाल होंठों से होता हुआ नीचे गिर रहा था मेजर राज का दिल किया कि अभी वह साना जावेद के होंठों से टपकता पानी अमृत समझकर पी जाए मगर उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की। साना जावेद के सीने के उभारों पर भी पानी की बूँदें कैप्टन को अपनी ज़ुबान निकालने पर मजबूर कर रही थी मगर उसने बड़ी मुश्किल से अपने दिल और लंड की इच्छाओं पर काबू पाते हुए बैठा रहा। साना जावेद अब अपनी कमर लचकाती हुई उसी झूले पर बैठ गई जिस पर राज अब तक अंडर वेअर पहने झूले पर एक साइड पर पैर लटकाए बैठा था। जबकि साना जावेद एक साइड पर बैठी थी मगर वह पैर नीचे लटकाने की बजाय मेजर राज की ओर पैर फैलाकर झूले पर ही बैठ गई और उसके पांव राज के नंगे पैर तक पहुँच गए थे, साना जावेद ने अपने पांव राज की गोद में रख दिए थे

साना जावेद के पैर की एडियाँ मेजर राज के अंडर वेअर के ऊपर थीं और उनका दबाव राज को अपने लंड पर महसूस हो रहा था। जबकि साना जावेद ऐसे बैठी थी जैसे उसे पता ही न हो कि उसका पांव राज के लंड के ऊपर है हालांकि उसने जानबूझ कर ही ऐसा किया था। मगर कुछ ही देर बाद साना जावेद को अपने पांवों के नीचे मौजूद नरम सी चीज़ में सख्ती आती महसूस होने लगी। और थोड़ी ही देर में वह फुल सख्त हो गई, मेजर राज पूरी कोशिश कर रहा था कि उसका लंड खड़ा न हो मगर जब सामने इतनी सेक्सी लड़की सिर्फ ब्रा और पैन्टी पहन कर बैठी हो और उसका पैर भी लंड के ऊपर हो तो लंड मियां कहां किसी की सुनते हैं, देखते ही देखते राज के अंडरवेअर में एक तम्बू बन चुका था जिस पर साना जावेद का पांव था, अब साना जावेद ने एक हैरानगी का नाटक करते हुए कहा अरे यह क्या है .... और फिर अपने पैरों की तरफ देखा और फिर खुद ही बोली, और सॉरी मुझे पता नहीं था कि मेरा पांव। । । । । । यह कह कर साना जावेद ने अपना पैर थोड़ा साइड में कर लिया। जैसे ही साना जावेद ने पांव साइड पर किया तो राज का लंड जो कुछ दबा हुआ था पांव हटते ही वो फुल जोबन पर खड़ा हो गया और अब सही मायने में राज के अंडर वेअर मे एक तम्बू का दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

साना जावेद ने जब राज के अंडर वेअर को अधिक ऊपर उठते हुए देखा तो हंसी और बोली अरे तुम्हे क्या हो रहा है?नियंत्रण नहीं रख सकते क्या अपने ऊपर ??? इस पर राज ने कहा साना जी जब आप जैसी हॉट लड़की उसके साथ छेड़छाड़ करेगी तो भला मेरे नियंत्रण में कहां रहेगा यह ??? साना जावेद ने कहा, मैंने कब छेड़छाड़ की वो तो बस वैसे ही पांव ऊपर आ गया था। यह कह कर साना जावेद ने साथ मौजूद टेबल से एक शीशी उठा और बोली अच्छा यह बताओ तुमने कभी किसी की मालिश की है ?? मेजर राज समझ गया कि साना जावेद अब बहाने बहाने से आगे बढ़ना चाहती है, तो वह तुरंत बोल उठा कि जी आर्मी में मालिश करने की भी ट्रेनिंग दी जाती है कई बार हमें मालिश केंद्रों में भी काम करना पड़ता है, जहां किसी न किसी बड़े गैंगस्टर या आतंकवादी की पत्नी मालिश करवाने आती रहती हैं। साना जावेद ने कहा यह तो बहुत अच्छी बात है, यह तेल पकड़ो और मुझे मालिश दो। यह कह कर साना जावेद ने राज को तेल की छोटी शीशी पकड़ा दी और खुद उलटी होकर उसी झूले पर लेट गई, राज की पैंट में उसके लंड ने अंगड़ाइयाँ लेनी शुरू कर दी थीं साना जावेद की 28 इंच पतली कमर के साथ ही उसकी 34 इंच की गाण्ड कयामत ढा रही थी। हालाँकि उसने पैंटी पहन रखी थी मगर फिर भी उसके चूतड़ों का उभार और उसमें निहित लाइन बहुत स्पष्ट थी। पैन्टी गीली होने के कारण कुछ इकट्ठी हो चुकी थी और उसके चूतड़ों की लाइन में जा रही थी। एक बार तो मेजर राज का दिल किया कि अभी अपना लंड निकाले और साना जावेद की गाण्ड की लाइन में घुसा दे मगर उसे अभी नियंत्रण करना था।वह अंदर ही अंदर जानता था कि साना जावेद उससे चुदाई करवाने के लिए पूरी तैयार है, बस राज को थोड़ा हौसला रखना था और साना जावेद जो अपने दम पर उसे आकर्षित करने के बहाने कर रही थी राज को उसी के बहानों के अनुसार उसके पास जाना था।

राज साना जावेद के साथ ही झूले पर बैठ गया और साना जावेद की थाईज़ पर शीशी से तेल की बूँदों से नीचे उसकी पिंडलियों तक एक पैर पर तेल गिराया, फिर उसी तरह उसने दूसरे पैर पर भी तेल गिराया साना जावेद के पैर बहुत नरम और मुलायम बालों से पूरी तरह साफ थे तेल गिराने के बाद राज ने साना जावेद के दोनों पैरों पर हाथ फेरना शुरू किया, अपनी उंगलियों के अगले हिस्सों से साना जावेद की थाईज़ की पर मेजर राज ने गोल गोल उंगलियां घुमाई और उसकी टांग पर अच्छी तरह तेल की मालिश कर दी। साना जावेद की थाईज़ का मांस बहुत ही मुलायम था जिससे राज को बहुत मज़ा आ रहा था। मेजर राज ने साना जावेद के पीछे से कुछ नीचे तक अपने हाथों से मालिश की उसके बाद घुटनों से नीचे यानी साना जावेद की पिंडलियों की मालिश किया। इस दौरान साना जावेद चुपचाप राज की गर्म गर्म उंगलियों के स्पर्श को अपने शरीर पर महसूस करती रही। राज को भी लग रहा था कि साना जावेद के शरीर की गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही थी।

फिर मेजर राज झूले पर चढ़कर इस तरह से बैठ गया कि साना जावेद के दोनों पैर उसके पैरों के बीच थे राज घुटने लगाकर साना जावेद के ऊपर बैठा था और साना जावेद की नरम और मुलायम थाईज़ पर हौले हौले मालिश कर रहा था, अब तक राज ने साना जावेद के चूतड़ों को छूने की कोशिश नहीं की थी। मालिश करवाते हुए अचानक साना जावेद ने गर्दन थोड़ी सी साइड पर घुमाई और फिर अपने शरीर का अगला भाग भी मामूली घुमाया और राज की ओर देखती हुई बोली केप्टन मुझे एक बात बताओ। राज ने मालिश करते करते ही जवाब दिया जी मैम पूछें। साना जावेद ने कुछ देर सोचा कि वह पूछे या न पूछे, आख़िर उसने पूछ ही लिया और बोली कि कल जब आप ऐनी जाफ़री के साथ बाथरूम में थे ......... तो ......... । इसके बाद साना जावेद रुक गई,

मेजर राज ने पूछा तो मैम ???

साना जावेद ने फिर कहा तो उस समय जो चीखें मार रही थी वह। । । । । । वह मुझे सुनाने के लिए मार रही थी या वास्तव उसको इतना मज़ा आ रहा था ???? इस पर मेजर राज हंस पड़ा और बोला मैम उसका जवाब या तो आपको ऐनी जाफ़री ही दे सकती है या फिर। । । । । । । राज चुप हो गया और फिर से साना जावेद की थाईज़ की मालिश करने लगा .... साना जावेद ने पूछा या फिर ???? इस बार मेजर राज थोड़ा मुस्कुराया और बोला या फिर आप खुद जाँच भी कर सकती हैं कि वास्तव में मेरे साथ बहुत मज़ा आता है या नहीं ... राज का यह जवाब सुनकर साना जावेद ने ठहाका लगाया और बोली अच्छा तो तुम अपना उल्लू सीधा करना चाहते हो, चलो चुपचाप मालिश करो। फिर साना जावेद वापस सीधी होकर लेट गई और मेजर राज उसकी टांगों पर मालिश करने लगा। वह साना जावेद के पैर पर मांस को अपनी उंगलियों और अंगूठे से पकड़ कर हल्का सा दबाव डाल कर मसल रहा था जिससे साना जावेद को वास्तव में आराम मिल रहा था

फिर राज थोड़ा और आगे बढ़ा अब वह साना जावेद के चूतड़ों से कुछ पीछे बैठ गया था। अब वह साना जावेद की पतली कमरपर तेल गिरा रहा था, कमर से लेकर गर्दन तक राज ने साना जावेद की कमर पर तेल गिराया और अबकी बार बिना किसी झिझक के साना जावेद की डोरी पीछे से खोल दी, और अब साना जावेद की ब्रा की डोरी केवल उसकी गर्दन के आसपास थी, कमर पर मौजूद डोरी मेजर राज खोल चुका था, साना जावेद ने एकदम अपनी गर्दन ऊपर उठाई और बोली यह क्या कर रहे हो ???

मेजर राज ने आराम से कहा, मैम आपका ब्रा खराब हो जाएगा, हम तो जब भी किसी महिला की मालिश करते हैं उसका ब्रा इसी तरह खोल देते हैं। और कुछ औरतें तो सामने से भी मालिश करवाती हैं उनके तो बूब्स भी हम मालिश करते हैं। साना जावेद तो पहले ही यही चाहती थी मगर वह भाव दे रही थी कि वह तो केवल मालिश करवानी चाह रही है सेक्स करने का उसका कोई इरादा नहीं है। अब मेजर राज साना जावेद की थाईज़ पर बैठा साना जावेद की पतली कमर की अपने हाथों से मालिश कर रहा था। वह अपनी उंगलियों को साना जावेद की कमर दबा कर ऊपर से नीचे लेकर आता और फिर नीचे से ऊपर लेकर जाता। इसी तरह की मालिश करते करते मेजर राज कुछ आगे हुआ और साना जावेद के चूतड़ों के ठीक ऊपर आ गया। अब मेजर राज के लंड का दबाव साना जावेद को अपनी गाण्ड पर महसूस हो रहा था और वह बेचैन हुए जा रही थी राज का मोटा और लंबा लंड अपनी गाण्ड में लेने के लिए।
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
(¨`·.·´¨) Always
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