मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 08 Nov 2017 20:14

मैं शॉपिंग बैग लिए जा रही थी, पर उसने सिर्फ़ हैट पहनी हुई थी, उसका गोरा बदन नंगा था, किसी ने क्लोजेट ही पहना हुआ था, किसी ने टेप से टिट्स को कवर किया हुआ था। लेकिन सबने सैंडल, जूते पहन थे, मैंने हाई हील पहनी हुई थी और ब्लैक ओफिस सूट । हाँ उसको यही कहा जा सकता था, क्योंकी मेरी गर्दन पे कालर और कोट मेरे कंधे को ही ढक रहे थे, इतना छोटा ही सूट था और दो इंच की टाई।
मर्दों में सब पूरी तरह नंगे नहीं थे, मेरे दायें साइड के आदमी ने एक ब्लैक अंडरवेर पहनी हुई थी लेकिन उसके लण्ड और आँड बाहर थे, एक ने सिर्फ़ टाई पहनी हुई थी।
मैं आखिर कैसी जगह पे आ गई थी? कहां पे थी, पर मुझे ऐसा लग रहा था की मुझे पता है की मैं कहां और क्यों जा रही हूँ ? मैं भीड़ से अलग हुई और कुछ लोग भी मेरे साथ एक बिल्डिंग में गये। कुछ लोगों को उनके दोस्त मिल गये।
मैं अकेली जाती रही और उस बड़े हाल में मुझे एक बूढ़ा आदमी मिला जो 4 फुट का था। उसने मेरी चुचियों को देखा और चूत के पास एक यंत्र ले गया। बीप की आवाज़ हुई और वो पलट गया, मुझे भी उसके साथ जाना था। जाते हुए मुझे एक रूम के मिरर में मोटी हट्टी-कट्टी औरतें दिखीं, जो दो-दो के ग्रुप में एक दूसरे से कुश्ती टाइपूल ड़ रही थी, पर वो कुश्ती करने जैसा नहीं लगा।
मुझे उस बूढ़े आदमी के पीछे जाना पड़ा। फिर एक और रूम में मैंने देखा की एक लाइन में मर्दों को किसी ट्राली से बाँधा हुआ था, पर इस अजीब दुनियां में पहली बार मैंने खड़े लण्ड देखे। एक साइड में खड़ी लड़की ने बटन दबाया और वो ट्राली चलने लगी। आगे ठीक सामने और लड़कियां दीवार के सहारे खड़ी थीं, अपनी गाण्ड आगे किए हुए। मुझे और आगे जाना था पर मुझे पीछे उन औरतें की सिसकारियाँ सुनाई दी।
बहुत अजीब-अजीब चीज़ें देखने के बाद मैं आखिरकार, एक रूम में पहुँच गई। पूरे रास्ते जो कुछ देखा मेरी चूत गीली हो चुकी थी, उस बूढ़े ने मुड़कर मुझे, फिर मेरी चूत को देखा। फिर हँस कर कुछ दूसरी भाषा में कहा।
मुझे लगा की उसने कहा- “तुमने नेचुरली खुद को तैयार कर लिया। बहुत बढ़िया…” फिर वो मुड़ा और फिर उसी भाषा में बोलने लगा- “कुछ भी नहीं करना तुम्हें, बस जमे रहना है। तुम तैयार हो?”
मैंने कहा- “हाँ…”
उस रूम में एक पूल था पर वो पूल तैरने के लिए नहीं था, उसमें बेड बने हुए थे, और हर बेड के ऊपर एक मशीन आर्म बनी हुई थी जिसके एंड पे मुझे खड़ा होना था, मैं एंड पे खड़ी हुई, उसी टाइम रूम में और लड़कियां आने लगीं।

उस बूढ़े ने मुझे मशीन आर्म के एंड में बिठाया और मुझे बाँध दिया। लेकिन जो लड़कियां और औरतें आई थीं, वो खुद ही अपनी-अपनी जगह पे गई और नीचे पूल में बेड के ऊपर मशीन आर्म पे बैठकर खुद को बाँधने लगी।
थोड़ी देर बाद एक अलार्म बीप बजा और पूल के एंड में एक दरवाजे से मर्द आने लगे। वो कमजोर और बिगड़ी हेल्थ वाले आदमी थे, लेकिन उनके लण्ड तैयार थे। सब अपने बेड पे लेट गये। वो बूढ़ा चला गया था। मेरे नीचे पूल बेड पे एक जो मर्द लेटा उसने मुझे देखा फिर बेड पे साइड से रिमोट उठाकर एक बटन दबाया।
मैं जिस मशीन आर्म पे बैठी थी वो हरकत में आ गई और मैंने नीचे देखा, उसने रिमोट से 2-3 बटन दबाए जिससे वो रोबोट आर्म ने मुझे उल्टा कर दिया, और मैं नीचे जाने लगी मेरा मुँह उसके लण्ड पे आ गया। अब अपना लण्ड मेरे मुँह में डाला और रिमोट से मुझे ऊपर-नीचे करने लगा। फिर उसने मुझे स्थिर रखकर और उठकर मेरे मुँह को चोदने लगा। आसपास के लोगों की सेक्स की आवाज़ें आ रही थीं। मुझे ऐसा लगा की लोगों से खुद सेक्स नहीं होता, इसलिए ये लड़कियों को अपने हिसाब से चोदते थे।
पास के दूसरे और तीसरे कमजोर दिख रहे आदमी आपस में बात कर रहे थे की उसको एक लड़की ने इतनी बुरी तरह से चोदा की उसको अस्पताल में भरती होना पड़ा, इसलिए उसके एक दोस्त ने यहाँ का बताया, अब उसको अच्छा लग रहा है की वो जैसे चाहे उस तरह से सेक्स कर सकता है।
दूसरे बंदे ने उसकी बात में हामी भरते हुए शिकायत की कि ये मशीन उसको समझ में नहीं आती।
उसके बाद मेरा आंगल बदल दिया गया। 3 बार लोग आए और हमें इश्तेमाल करके चले गये। हर बार के बाद हमें खुद को खोलकर, एक शावर में जाना पड़ता और सॉफ करके वापस उस मशीन पे बैठना होता। लेकिन मेरी चूत इश्तेमाल हुई थी पर झड़ी नहीं थी। मैंने आस-पास देखकर खुद को उंगली किया, मैं हाई होने लगी तब मेरे पास वाली ने मुझे टोका और इशारा किया की और लोग आ रहे हैं। मैंने हाथ हैंडल पे रखे और बटन दबाया और मेरे हाथ बाँध गये।
मेरे वाले आदमी ने मुझे रिमोट से घुमाया और मेरी गाण्ड उसकी तरफ हो गई। उसने शाट नहीं लगाया बल्कि रोबटिक आर्म मुझे आगे पीछे कर रही थी और इतनी स्पीड से की मेरी हालत खराब होने लगी, और मैं झड़ गई। मेरे पैर काँपने लगे, ओर्गज्म एकदम रियल था की मेरी आँख खुल गई।
ओह्हह गोड… ये कैसा सपना था?
मैं अब भी भाई के ऊपर लेटी हुई थी और उसका लण्ड मेरी चूत में था, रियली मैं अभी-अभी… क्या मैंने? रियली? मेरी चूत और लण्ड के बीच गीला-गीला था।
मैंने अपनी आँखे बंद की ताकी मैं सो सकूँ। लेकिन इस टाइम मुझे ढंग का सपना आना चाहिए। मुझे वो चीज़ें दिख रही थी इसलिए मैंने फोकस किया की कार में जा रही हूँ । नो नो उम्म चाकलेटस। नो मैं और मोम सोफे पे बैठी हुई हैं, उम्म इट्स वर्किंग। सो मोम मोम ने पहना है।
मोम ने दिन में क्या कहा था- “आई वांट टु सक तट काक व्हिच कोटेड विद योर टेस्टी वीर्य आज योर स्वीट कंट…”

मैंने सोचा की जैसे मोम सच में ऐसा करने वाली हैं, अभी भाई का लण्ड मेरी चूत के जूस से सना हुआ है और मोम कभी भी अपने बेटे का लण्ड नहीं लेगी अपने मुँह में।
मैं ऐसे ही सोचते-सोचते सोने लगी। मतलब सो गई थी की मुझे अपनी गाण्ड पे कुछ महसूस हुआ। ह्हम भाई मी लिटिल भाई… हाउ गुड ही फक मी। मेरी गाण्ड में हाथ घुमाने लगा और मैंने भाई की तरफ देखा, वो सोया हुआ था, वो सपने में था, आई लोव हिम और… उसका हाथ? ये हाथ… कुछ तो अलग है। मैं पलटी और मेरा दिल जोर से धमाके करते हुए धड़कने लगा।
“मोम…” मैंने फुसफुसाते हुए कहा।
लाइट आज थी पर हाल की रोशनी रूम में इतनी थी की मैं बेड के कोने पे अपनी माँ को देख सकती थी। उन्होंने अपना ब्लैक सिल्क किमोना पहना हुआ था और उनकी आँखों में लस्ट दिख रहा था। ये रियल नहीं है, मैं फिर से एक और अजीब सपना देख रही हूँ ।
चुप रहने का इशारा करके मोम ने भाई की दाईं टांग को धीरे से उठाया और साइड में कर दिया, अब मैं मोम को भाई के पैर फैलाते हुए देख रही थी। ये काम उन्होंने धीरे-धीरे किया, जीतने में मैं नॉर्मल हो गई। अब मैं समझ गई की वो क्या करने वाली हैं? मोम भाई के पैरों के बीच में झुक के बैठ गई और मेरी गाण्ड को सहलाने लगी।
मोम स्माइल कर रही थी, वो थोड़ी घबराई हुई भी लग रही थी। डर तो मैं भी रही थी क्योंकी ये ड्रीम नहीं है, ये रियलिटी है। मैंने मोम को इशारा किया की वाकई वो ये करने वाली है? मोम ने भाई के चेहरा की तरफ इशारा किया, मैं समझ गई और बहुत धीरे से ऊपर उठी और सरकते हुए ऊपर की तरफ जाने लगी, फिर रुक गई जब भाई के चेहरा पे मेरी चुचियाँ आ गईं और भाई का चेहरा कवर कर दिया।
मैं धीरे से उठी ताकी पीछे मोम को देख सकूँ।
मोम चुपचाप भाई के सोए हुए लण्ड को देख रही थी। मोम हिम्मत जुटा रही थी शायद। पर मोम ने डिसाइड कर लिया था। मेरा दिल धड़कने लगा जब मोम आगे बढ़ी। मोम ने लण्ड को छुआ और फिर मोम ने ऊपर मेरी चूत की तरफ देखा, फिर मेरी तरफ। उसके बाद मोम ने मेरी चूत में उंगलियों डाली और बचा हुआ रस बाहर निकाला। उसको मोम ने लण्ड पे लगाया और फिर उसको हाथ में लेकर सहलाने लगी। डर और लस्ट सॉफ दिख रहा था मोम के चेहरा पर। भाई अब भी सोया हुआ था पर उसका छोटा लण्ड जागने लगा था।
मोम भाई के आधे खड़े लण्ड को सहलाना बंद करके उसको देख रही थी। मोम ने मुझे देखा और… और मैं तो खुद हैरान थी की मोम ने इतना कुछ कर लिया था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। मैंने देखा की मोम बिल्कुल लण्ड के पास आ गई थी, फिर मोम ने मुझे देखा और मैंने देखा की मोम के चेहरा इमॉशनलेश था। ओह्हह… गोद। आँखे बंद करके मोम ने अपने सामने खड़े लण्ड को मुँह में ले लिया। एक पल रखने के बाद मोम ने उसको निकाल लिया। यार यकीन नहीं होता। मोम ने अब एक बार और भाई के लण्ड को मुँह में लिया और इस बार उसको चुसते हुए मुँह से धीरे-धीरे निकालने लगी।

मुझमें करेंट दौड़ रहा था ये देखकर। मोम ने मेरी ओर देखा और उनके चेहरा पे स्माइल आ गई। मेरा तो मुँह खुला का खुला रह गया। मुझे लगा की अब मोम ने अपनी वो बात सही साबित कर ली थी और उनको और कुछ नहीं करना था। लेकिन मोम भाई के लण्ड को देख रही थी।
ओह्हह… यानी वो मोम को ललचा रहा था। देखो तो।
मोम ने भाई के खड़े लण्ड को मेरी गीली चूत में डाल दिया और मेरी तरफ देखने लगी। मुझे लगा की अब मोम का काम खत्म हो गया, पर नहीं, वो मुझे देख रही थी की और ऐसा लगा की इंतजार कर रही थी।


मुझे समझ में नहीं आ रहा था तो मोम ने मेरी गाण्ड को पकड़कर हिलाया जिससे लण्ड चूत को चोदने लगा। मैंने घबरा के मोम को ऐसा नहीं करने का कहा। लेकिन मोम ने मुझे शांत रहने का इशारा किया, और मेरी चूत पे झुक गई और मुझे मोम का चेहरा दिखना बंद हो गया। लेकिन मैं उनकी गर्म साँस वहाँ नीचे महसूस कर रही थी। ओह्हह गोड… मोम मेरी गाण्ड को हिला रही थी और मुझे लगा की वो अपने बेटे का लण्ड और बाल्स चाट रही थी।
फिर मोम ने मेरी गाण्ड हिलाना बंद किया, फिर मुझे महसूस हुआ की भाई के लण्ड को मेरी चूत से निकाल लिया गया है। मैंने धड़कते दिल से मोम को देखना चाहा लेकिन मोम का सिर ही दिखा। अब मोम को किसी बात का डर नहीं था। मुझे आवाज़ से पता चला की मोम अपने बेटे के लण्ड को मस्त चूसने में लगी हुई हैं। ब्लो-जोब देते हुए मोम ने किमोना उतार दिया।



अब रूम में पूरी परिवार नंगी थी। माँ अपने बेटे का लण्ड चूस रही थी और बेटी उसकी रखवाली कर रही थी। मुझे वहां टच हो रहा था, लगा जैसे मोम ने भाई का लण्ड पूरा टाइट और हाडन कर लिया था फिर मैंने महसूस किया की भाई ने कुछ हरकत की।
मैंने जल्दी से मोम को इशारा किया पर मोम तो लण्ड पे लगी हुई थी। भाई और कराहा जिससे मेरी तो फट गई। अब क्या करूं? मैंने पीछे हाथ किया और मोम के सिर पे हल्का मारा। मोम फिर भी नहीं हटी तो मैंने पीछे मुड़कर देखा की मोम की ठोड़ी वीर्य से भरी हुई है और मोम भाई के लण्ड से सारे वीर्य को चूस कर निकाल चुकी थी।
भाई ह्हम्म… करते हुए सोता रहा। क्या उसको पता भी है की क्या हुआ है? … मैंने वापस पीछे देखा और मोम उठ रही थी। मोम के होंठ और ठोड़ी पे वीर्य अब भी लगा हुआ था। मोम ने अपना किमोना उठाया और मुझे आँख मारकर और स्माइल के साथ, नंगी, रूम से बाहर चली गई।

Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by xyz » 09 Nov 2017 12:17

hot updates bhai ji

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 09 Nov 2017 15:18

xyz wrote:
09 Nov 2017 12:17
hot updates bhai ji
dhanywad bhai ji



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