मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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Smoothdad
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by Smoothdad » 12 Nov 2017 14:58

बहुत जबर और मजेदार जा रही है कहानी।

अगली कड़ी उत्सुकता से की प्रतीक्षा में . . .

Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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Dolly sharma
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by Dolly sharma » 12 Nov 2017 18:59

superb.................

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Nov 2017 18:21

मेरी नींद 11:00 बजे पूरी हुई, पर बदन में दर्द अब भी था। मैं हैरान थी की मोम कैसे इतनी सुबह ओफिस चली गई थी? मैं थकी मुड़कर साथ टीवी ऑन करके सोफे पे बैठ गई। क्या रात थी और अब मेरा मूड कुछ नहीं करने का कर रहा था, बस यूँ ही टीवी देखती रही।
12:00 बजे भी मैं बिखरे बालों में और नंगी, चिप्स खाती हुई टीवी देख रही थी। तब भाई ओफिस से आया। भाई जल्दी से प्लास्टिक बैग को टेबल पे रखते हुए कहा- “ये रहा लंच…” फिर अपने रूम की तरफ तेज़ी से चला गया।
मैं- “क्या हुआ?” मैंने पूछा पर उसने जवाब नहीं दिया।
फिर भाई जब रूम से आया और मोम के रूम में जाते हुए उसने पूछा - “ऐसे क्या बैठी हो?”
मैं- “तू क्या ढूँढ रहा है?”
भाई- “बिल…”
मैं- “कैसा बिल?”
भाई- “आपको नहीं पता? और आप अभी पागलों की तरह क्यों बैठी हो? रात का नशा आपका भी अभी तक नहीं उतरा?”
मैं- “नहीं, और मेरे भी का मतलब?”
भाई- “मोम…”
मैं- “मोम को क्या हुआ?”
भाई- “वो छोड़ो…” और इतना कहकर वो वापस अपने रूम की तरफ गया और 5-6 मिनट बाद ढूँढ -ढुंढ़ाई करके चला गया।
मैंने मोम को काल करके पूछा । लेकिन मोम ने 15 मिनट बाद वापस काल करके बताया की मॉर्निंग में मोम की वियर्ड वाक की वजह से मोम किचेन में गिर गई थी। भाई ने आवाज़ सुनी और मोम की हेल्प करने आया तो उसने मोम को फर्श पे दर्द से कराहते हुए देखा। उसने मोम को उठाया और मोम के बेडरूम के दरवाजे तक ले आया। लेकिन मोम ने उसको रोका और लड़खड़ाते हुए अंदर आकर दरवाना बंद कर दिया।
मैंने पूछा तो मोम ने कहा की अब वो ठीक है, बस मॉर्निंग में ही दर्द था।

फिर कुछ रुक के मोम ने कहा- “आदी की मॉर्निंग हम दोनों से बेटर थी…”
मैंने पूछा - कैसे?
मोम ने कहा- “उसने एक पल के लिए मोम को अध नंगी देखा लिया था…”
मेरा दिन तो आराम से निकला।
रात को भाई ने हमारी एक तरह से क्लास ले ली, उसने हम दोनों को डांटा की हमने इतनी पी और फिर ड्राइव करते हुए घर आए। हमें भाई को काल करना चाहिए था। फिर उसने नॉर्मल होकर पूछा - “पार्टी कैसी रही?”
तो हमने एक नकली स्टोरी सुना दी। लेकिन मैं और मोम कल रात की चुदाई याद करने लगे। भाई जब काल रिसीव करने अपने रूम में गया तो हम बस कल की बातें करने लगे।
मोम ने बताया की तुषार के साथ पहली बार सेक्स करने के बाद मोम वहीं रुक गई और फिर मॉर्निंग में भी सेक्स के बाद वापस घर तो आ गई थी, लेकिन ओफिस नहीं जा पाई। क्योंकी मोम जब चलती को किसी को भी पता चल जाता की मोम की गाण्ड किसी ने फाड़ दी है।
आदी वापस आकर डिनर करने बैठ गया और हम तीनों ने साथ में डिनर किया।
रात को भाई के साथ सेक्स करने के बाद मैं मोम के रूम में गई, नहां मोम मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने मोम की चूत पे अपनी चूत रखी और उंगली से भाई का वीर्य बाहर निकालने लगी, जितना निकाल सकती थी। फिर मैंने उस वीर्य को मोम की चूत में घुसाया।
मैंने मोम को महीनों पहले बताया था की उनके बेटे के लण्ड का टाइप क्या है? उसी टाइप का डिल्डो लेकर मोम ने मेरी चूत में डाला और भाई के वीर्य से गीला डिल्डो लेकर मोम ने अपनी चूत की भूख शांत की। पता नहीं मोम जब झड़ी तो उनका मूड खराब हो गया। मैंने सोचा की उनको शायद गिलटी महसूस हो रही हो।
अगले दिन मोम ने एक्सरसाइज़ नहीं की। और तो और मोम जल्दी ओफिस भी चली गई। शाम को अकरम के दलाल का काल आया। रात के 9:30 बजे मैं वापस आई और अपने रूम में चली गई, डिनर से पहले किचेन में मोम का मूड सही लग रहा था, पर मैंने उनको पूछा नहीं।
ऐसे ही इधर-उधर की बातों के बाद मोम ने पूछा की मेरा कैसा रहा?
मेरा जवाब था- “ज्यादा देर नहीं चला, बाकी ठीक ही था…”
मोम ने फिर कहा- “नहाते टाइम क्लीन कर दी ना?”
मैंने हँसते हुए कहा- “तो क्या माउथ वाशर डालकर क्लीन करूं?”

मोम हँस ती हुई फ्रिज से कुछ लेने लगी। मुझे लगा की शायद मोम का मूड अच्छा हो तो मैंने कहा- “उम्म तो… रात को?”
मोम ने बाउल लेकर फ्रिज को बंद करते हुए ‘ना’ में सिर हिला दिया। ह्हम, अब क्या करूं की मोम का मूड सही हो जाए। इतना मैं सोच ही रही थी की मोम ने बिना मेरी तरफ देखे कहा- “चाहे तो तू मेरे पास सो जाना…”
मैंने सबसे पहले डिनर किया और खाना खाते मोम भाई को गुड नाइट बोलकर मैं अपने रूम में जाकर ब्रश करते टाइम आइडिया आया की मैं मोम के सोने से पहले भाई के साथ कुछ सेक्स कर लूँ, क्योंकी मेरा आज का सेक्स मजेदार नहीं था। मैं नीचे गई और देखा की मोम किचेन से अपने रूम में गई और भाई अब भी डिनर चेयर पे बैठे टीवी देख रहा था। भाई ने मुझे दबे पाँव आते देखा और फिर डिनर टेबल के नीचे जाते हुए।
मोम- “वो 25000 क्यों माँग रहा था? तूने उससे क्या बात की फिर?” मोम की आवाज़ आई और फिर मेरे लेफ्ट में चेयर हिली।
मोम की मौजूदगी में मैं भाई को बिना आवाज़ के ब्लो-जोब देती रही। मोम काफ़ी देर भाई से बात करती रही, मुझे याद है लास्ट टाइम भाई की हवा टाइट थी। पर अभी भाई बिल्कुल शांत था और नॉर्मल टोन में मोम से बात कर रहा था।
मुझे डर था की वैसे भी अभी मोम का मूड खराब है और अभी उनको मेरा यहां होने का पता चला तो हो सकता है की बहुत गुस्सा हो जाएँ । मुझे इस वजह से भाई का लण्ड चूस ना बंद करना पड़ा। भाई ने मोम को प्राडक्ट्स के प्रमोशन को लेकर अपना प्लान बताते टाइम उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे मुँह को अपने मोटे लण्ड का फक होल बना लिया।
ओह्हह गोड… भाई तो बड़े आराम से मोम से बात कर रहा था और अपनी सिस को रांड़ बनाकर मजे ले रहा था। मैं उसकी इस आइडिया से गरम होने लगी। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी तो भाई ने मेरे बाल को कसकर पकड़ लिया और मुझे खुद की मर्ज़ी से इश्तेमाल करने लगा।
मोम उठी और जाने लगी, तो भाई ने फिर एक टापिक छेड़कर मोम को रोक लिया। वो पक्का इसके बाद फुल मजे ले रहा होगा। फिर मोम अपनी बात पूरी करके चली गई।
मैंने उनके रूम का दरवाना बंद होने की आवाज़ सुनी। मैं टेबल के नीचे बाहर आई- “तू हम दोनों को पिटवा देगा…”
भाई ने मुझे पकड़कर झुका दिया और वहीं पे मेरी मारने लगा।
मैं- “पागल हो गया है क्या तू ?” मैंने फुसफुसाते हुए कहा- “जो आअह्हह… रूम में चलते हैं ओफ्न…”
लेकिन भाई सुनने वाला नहीं था। दो मिनट के बाद उसको और मस्ती सूझी - “चलो दि…” टीवी के सामने काउच है और उसके 10 फीट दूर मोम के बेडरूम का दरवाना है। भाई मुझे काउच पे ले गया और मुझे डागी स्टाइल में चोदने लगा। हम लकी थे कि मोम अपने रूम में सो गई थी।

आवाज़ तो हमने धीमी ही रखी पर इस रिस्की सेक्स में हम ब्रो-सिस जबरदस्त चुदाई कर रहे थे। फिर भाई काउच पे लेट गया और मैं काउगर्ल पोज़ीशन में आ गई। मैं और भाई आँख मिलाए हुए इंटीमेट लव कर रहे थे, जो मेरे फर्स्ट ओर्गज्म से टूटा । भाई मेरी गाण्ड पकड़कर नीचे शाट मारने लगा। मैंने तड़पते हुए आँखे खोली और दायें साइड में बेडरूम के दरवाजे की तरफ देखा।
भाई का फोकस मुझे चोदने में था और मेरा ध्यान मोम को मुझ चुदते हुए देखने में। मेरे सीने में एकदम आग लग गई थी, पर मोम की हल्की स्माइल ने उसको बुझा दिया । मोम दरवाजे पे आराम से हाथों को अपने सीने पे बांधे शो देख रही थी।
आबियस्ली भाई को मोम नहीं देख सकती थी और ना ही उसकी तेज फटके मारती स्पीड को। लेकिन शाट्स का शोर सुनकर वो कल्पना कर रही होंगी की उनके आदी में कितना दम है।

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Nov 2017 19:11

मैं ज्यादा देर मोम की साइड में नहीं देख सकती थी, क्योंकी भाई को पता चल जाता। लेकिन कभी-कभी मैं पक्का करती रही की हमारे लाइव पॉर्न मूवी की ओड़ीयंस चली तो नहीं गई है? ओड़ीयंस को मजे आ रहे थे। मुझे इससे पहले इतना मज़ा नहीं आया। मुझे मज़ा बढ़ाने का एक आइडिया आया।
मैं बोली- “हाऊ डू यू नील, माइ बिग लवर। फकिंग ऑन सिस्टर इन दिस फकिंग रिस्की प्लेस?”
भाई- “दिस इस सो हाट…” उसने मुझे चोदते हुए धीरे से कहा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था की मोम भी सुन रही थीं। मोम को तो आइडिया भी नहीं था की टेबल के नीचे क्या चल रहा था, और हाँ हाँ… अभी ओह्हह गोड… उनके ही रूम के सामने- “आई लव यू …”
मैंने भी अपने बालों में हाथ डालते हुए, प्लेषर में कहा- “आई लव यू टू , सो मच…”
भाई- “मोम अगर देख लें, ये सोचकर क्या महसूस होता है आपको?”
मैंने मोम की तरफ देखते हुए कहा- “तू बता?”
भाई- “अगर मोम ने देख लिया तो बहुत ही हंगामा हो जाएगा, लेकिन आई विश, काश मोम के सामने ही हम लव कर सकते…”
मैं- “हाँ… कितना अच्छा होता की जब नी करता हम बता पाते की हम कितना एक दूसरे को लव करते हैं…”
भाई- “डोन्ट जो, मैं कभी-कभी सोचता हूँ , ये हमारा सीक्रेट मोम को पता चल जाए…”
मोम भी ध्यान से सुन रही थी। मैंने पूछा - “अच्छा वो क्यों?”
भाई- “क्योंकी मैं ये सोच-सोचकर पक गया हूँ की फ्यूचर में हम इसी तरह रहेंगे? क्या होगा जब मोम को पता चलेगा? मोम कैसे रिएक्ट करेगी? इसलिए एक बार मोम को सच में पता चल जाए और आखिर पता तो चले?”

मैं दरवाजे पे खड़ी मोम की तरफ देखते हुए- “सच कहूँ तो मुझे भी आइडिया नहीं है की मोम क्या सोचती? क्या रिएक्ट करती?” फिर भाई की तरफ देखते हुए- “वैसे मोम खुले दिमाग की हैं तो सही। हो सकता है हमारा इस तरह का इन्सेस्ट लव वो आक्सेप्ट कर लें?”
भाई- “लेकिन , ये तो पॉसीबल नहीं है यार…” उसने ये बात कुछ उदासी से कही।
मैं अपनी कमर हिलाकर लण्ड को चूत में लेते हुये रुक गई थी। कसा- “तो फिर छोड़ो और जो अभी पॉसीबल है, उसका तो मज़ा लेते हैं…” कहकर मैंने फिर से लण्ड पे उछलना शुरू कर दिया।
हमने चालूकिया ही था की भाई ने कहा- “यू नो आई लव मोम, युजुअलि सन डोन्ट लव हिज़ मदर लाइक आई डू ?”
मैंने अब अपने चेहरा पे बहुत ही हीट महसूस की, मोम यहीं खड़ी है, मैंने कहा- “उह्हह… हाँ…”
भाई- “अगर पॉसीबल हो की मोम इन्सेस्ट रिलेशन को आक्सेप्ट करती हैं, तो फिर ये भी पॉसीबल है की… …”
मैं रुक गई- “क्या?”
भाई- “जस्ट इमेजिन व्हाट इन वी… आल थ्री ऑफ अस…”
मुझे उस दिन मोम की बात याद आई, तो मैंने कहा- “अगर ऐसा होता तू मोम से कैसा बिहेव करता? मुझसे कैसा बिहेव करता?”
भाई- “आई लव बोथ आज यू , मैं आपसे रेस्पक्ट से बिहेव करता हूँ जब हम लोगों के सामने होते हैं और अकेले आप जानती ही हो… तो फिर मोम को मैं बाहर मोम की तरह ही ट्रीट करता अगर… अगर यू नो … आई नो एवरी गर्ल नीडस रेस्पेक्ट फ्राम हर बायफ्रेंड आर हिबैंड…”
मैं- “ओह्हह… आदी, आई लव यू …”
एक सेकंड के लिए मैंने मोम को देखा जो दरवाजे पे खड़ी थी और अपने मुँह पे हाथ रखे खड़ी थी। ये बात मोम को भी छू गई थी।
मैं झुक के भाई को किस करने लगी और हम जताने लगे की हमें कितना प्यार है एक दूसरे के लिए। किस ब्रेक करके मैं मोम को देखने उठी, और देखा की दरवाना बंद हो चुका था।
लास्ट में भाई ने मेरी चूत में अपना प्यार भर दिया, जिससे मेरा दिल पिघल गया, आई कान्ट टेल हाउ आई फेल्ट लेकिन दैट वान लाइक आई एम आज टाप आज द वल्ड टचिंग द स्काइ। मैंने भाई को कहा- “मैं अपने रूम में सोऊूँगी…”

और भाई मुझे गुड नाइट किस होंठों पे करके स्माइल के साथ अपने रूम में चला गया।


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