मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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Ankit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by Ankit » 13 Nov 2017 20:16

superb update

Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:18

Ankit wrote:
13 Nov 2017 20:16
superb update
Kamini wrote:
13 Nov 2017 19:32
mast update
dhanywad ap dono ka

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:19

मैंने जल्दी से मोम के रूम में जाकर दरवाजा बिना आवाज के बंद कर दिया। मोम अपने बेड पे सो रही थीं, मैं धीरे से उनके पास लेट गई, मोम गहरी नींद में सो रही थी। माँ का प्यारा चेहरा देखते हुए मुझे भी नींद आ गई।

मार्निंग में हम एक्सर्साइज करते टाइम स्माइल तो पास करती रही, पर कुछ बात नहीं हुई, और फिर हम सभी बिजी हो गये अपने-अपने काम में। ब्रेकफास्ट के बाद मोम और भाई भी साथ ही आफिस चले गये। मेरा दिन तो नार्मल था।

रात को मोम मेरे रूम में आई पर उसी टाइम भाई ने मोम को आवाज देकर बुला लिया। डिनर टेबल पे मोम ने बताया की वो बंगलोर जाने वाली है अपनी दोस्तों से मिलने। जब मैं बाद में मोम के रूम में गई तो मोम पैकिंग कर रही थी।

मेरे पास बैठते हुए मोम ने कहा की दिन को अकरम ने मोम को बुलाया था।

मैंने पूछा की क्या बंगलोर जाने का बहाना बनाना पड़ा अकरम की वजह से?

तो मोम ने कहा- “अकरम का काम तो मैं दिन को ही खत्म कर आई थी और रही बात बंगलोर जाने की, तो मैं रियल में अपनी दोस्त से मिलने जा रही हूँ…”

मुझे कल रात वाली बात पूछनी थी उससे पहले ही मोम को काल आया।

मोम- “हाँ हाँ अभी पैकिंग कर रही हूँ, आप क्या कर रहे हैं? उन्ह हाँ… आपको पता तो है… फिर? और ऐसे ही? अच्छा… मैं कब से कह रही हूँ आपको…”

मोम तो बस इसी में लगी हुई थी, लास्ट टाइम डैड का काल मुझे आया था तब मोम ने मुझसे फोन लिया और बहुत ही गुस्से से बात करने लगी थी, लगता है की मोम का गुस्सा खत्म हो गया होगा। वैसे काल आने पे मोम डैड से प्यार से ही बात करती हैं। जब मोम इसी तरह बातें करने में लगी रही तो मैंने मोम को इशारा किया की मैं अपने रूम में सोने जा रही हूँ।

अगले दिन, मोम बंगलोर चली गई, भाई आफिस, और मैं अपनी लड़कियों के गैंग के यहाँ। रात को भाई ने मुझे अपने साथ एक पार्टी में चलने को बोला। वहाँ पहुँचने पे भाई ने कहा की मुझे उसकी गर्लफ्रेंड होने का प्रिटेंड करना है, पूछने पे उसने एक लड़की के बारे में बताया।

जब मैं उस लड़की यानी ट्रिशा से मिली, उसकी हाइट मुझसे 1-2 इंच कम थी। वो पेटाइट गर्ल, छोटि-छोटी चूचियां, पर्फेक्ट गाण्ड वाली लड़की थी। ब्राउन आँखें और ऊँची नाक उसको और भी सेक्सी बना रही थी। भाई ने हमें मिलवाया, वो अपने करेंट बायफ्रेंड के साथ थी। पार्टी में ट्रिशा की दोस्तों से मैं बातें करने लगी। मुझे पता नहीं था की आदी अपने दोस्तों में इतना पापुलर है। मैंने और भाई ने खूब एंजाय किया।

पार्टी से वापस आते टाइम मैंने कार में अपने कपड़े उतार दिये और भाई को ब्लो-जोब देने लगी, जब घर नजदीक था तो मैंने भाई को कार रोकने को कहा।

भाई- “क्यों क्या हुआ, अरे बाहर क्यों जा रही हो?” भाई ने चौंकते हुए कहा और वो भी कार से बाहर निकला।

खुली सड़क पे मैंने भाई को ब्लो-जोब दिया। भाई ने फिर मुझे खड़ा किया और मेरे पीछे से मेरी चूत मारने लगा ही था की दो लोग वहाँ आ गये। वो हमें देखकर ही जोर से चिल्ला पड़े। जब तक वो पास आते तब तक हम कार में बैठ गये। एक ने खिड़की पे हाथ मारा।

तभी भाई ने कार भगा दी। हम उनसे जब बहुत आगे निकल आए तो हम जोरों से हँसने लगे। उसके बाद भाई ने मेरे बालों में हाथ डाला और अपना काम पूरा करने को कहा। लंबे टाइम के बाद ऐसा हुआ था की मोम 4 दिनों के लिए घर पे नहीं थी। भाई मुझे उठाकर अपने रूम में ले गया।
अगली सुबह मैं तैयार होकर एक्सर्साइज करने रूम में चली गई। एक घंटे बाद भाई रूम में आया, उसके हाथ में देखा एक काफी का कप और हाफ एरेक्ट टूल को जो गुड मार्निंग होने का हिंट दे रहा था। लेकिन भाई दीवार के सहारे खड़े काफी पीते हुए मुझे देख रहा था तो मैंने योगा करना चालू रखा।

मैं- “मुझे लगा की तू मार्निंग में ही शुरू हो जाएगा मुझे यहां देखकर…” मैंने आसान बनाते हुए कहा। मेरे मूव्स देखकर उसका लण्ड खड़ा हो गया था पर भाई ने अपने लण्ड को टच भी नहीं किया।

भाई- “आपको एक्सर्साइज करनी थी तो आप यहां आई हो, इसलिए मैं आपको परेशान नहीं करूँगा…” उसने आराम से काफी का कप रखते हुए कहा और ऐसे खड़ा होकर देखने लगा, जैसे मेरे एक्सर्साइज खत्म होने का इंतेजार करेगा।

“ओके…” मैंने कहा। उसका लण्ड लटक गया था की जैसे उसके मन की चीज नहीं मिलने पे वो मायूस हो गया हो। मैंने देखा की प्री-कम की लार धीरे से नीचे गिर रही थी।

जब मैंने खतम किया तो भाई के पास मैं घुटनों और हाथों के बल डागी के जैसे गई। जीभ से मैंने प्री-कम की लार उसकी जांघों से ली और ऊपर उठाते हुए लण्ड के सुपाड़े तक ले गई। स्किन को पीछे किया और सुपाड़े को मैंने मुँह में लेकर भाई को घूरती हुई मस्त चूसना शुरू किया।

भाई- “ऊओह्ह… सो गुड…” कहकर भाई ने मजे लेते हुए मेरे बोलो में हाथ फेरा। मस्त ब्लो-जोब के बाद उसने मेरी चूत आअह्ह… मस्त चूत को मस्त चूसा।

मैं- “फक मी…” मैंने और देर ना करते हुए कहा तो फिर भाई ने मुख्य खेल शुरू कर दिया। डर्टी टाक के साथ सेक्स करते मजा आ रहा था। हमने जम के सेक्स किया डर्टी भाषा में बात करते हुए।

इस सबके बाद बाकी का टाइम नार्मली जैसे था, भाई आफिस और मैं अपने काम पे। शाम को भाई ने काल करके कहा की हम रात को रेस्टोरेंट चलेंगे डिनर के लिए।

भाई मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह कैंडल लाइट डिनर पे ले गया। मैं उसको टीज करती रही और उसको भी मजा आ रहा था। मैंने उसका मूड देखकर उसकी दूसरी लड़कियों के साथ सेक्स लाइफ का पूछा। उसको खोलने के बाद वो मुझे अपनी डेट के बारे में बताने लगा।

उसने अभी तक 4 लड़कियां को ही डेट किया था। मुझे अजीब लगा की मैंने अगर मैंने अपने सेक्स पार्टनर की गिनती की होती तो पता नहीं कितनी होती, और चलो भाई ने जितना टाइम एक गर्लफ्रेंड के साथ रीलेशन में था उतना तो मैं कभी भी नहीं रही। भाई ने ट्रिशा की बात छेड़ दी। मैंने भाई को बताया की वो तो मुझे ठीक लगी और पूछा की उसको पटाने में मेरी हेल्प क्यों चाहिए?

भाई ने कहा- “ट्रिशा मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड है इसलिए मैं उसको पटना नहीं चमैंहता, मैं चाहता हूँ की ट्रिशा खुद मेरे पास आ जाए…”

मैंने कहा- “इस तरह ट्रिशा शायद ही पटे लेकिन अगर पट भी गई तो ज्यादा टाइम तेरे पास नहीं रहेगी…”

भाई ने कहा- वो तो है।

मैंने कहा- “इसकी जगह कोई और क्यों नहीं ढूँढ़ लेता? जो तेरे टाइप की भी हो। और अगर तेरे टाइप की जब तक ना मिले तो जो मिलती है उसको गर्लफ्रेंड बना ले, थोड़े टाइम के लिए ही सही…”

भाई ने कहा- “मैं टाइम पास गर्लफ्रेंड नहीं चाहता…”

इस टापिक को छोड़कर हमने फिर नये टापिक पे बात करने लगे। वो ये की अगर की हम ब्रदर सिस्टर नहीं होते तो हमारा रीलेशन कैसा होता?

मैंने कभी भी अपने फ्यूचर पति के बारे में नहीं सोचा, मुझे अपनी रियल सेक्स लाइफ भाई को नहीं बतानी थी इसलिए मैं उसकी इमेजिनेशन के साथ ऐसे ही हम वो हवाई महल बनाने लगे जिसमें थे पति, पत्नी और फ्यूचर।

लेकिन जो मेरे मन में फ्यूचर को लेकर सवाल थे वो मैं भाई से नहीं पूछ सकती थी। सोचा की मोम आएंगी तब बात करूँगी। फिर मैंने उस रात भाई के साथ एक प्रेमिका की तरह हसीन शाम बिताई और फिर रात।

अगले दिन हम फिर से सेक्सुअल हो गये। हमें कपड़ों से आलर्जी हो गई और चूहों की तरह लगे रहे। मैंने ट्रिशा को काल किया। पार्टी में हम दोस्तों बन गये थे, और हम शापिंग करने गये, ताकी और खुल सकें। मिशन सक्सेस होने के बाद मैं रात को लड़कियों के गैंग के साथ क्लब गई। जस्ट फ्लर्टिंग नथिंग मोर।

अगली सुबह भाई ने इनफार्म किया जब हम बाथरूम में सेक्स के बाद नहा रहे थे। उसने मुझे साबुन देते हुए कहा की शाम को उसका दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड ट्रिशा के साथ डिनर पे आएंगे। मैंने भाई की बैक पे साबुन लगते हुए कहा की ट्रिशा ने कहा था की वो तो तैयार है, लेकिन शायद ही उसका बायफ्रेंड मानेगा। भाई ने मुझे स्माइल दी और साबुन लेकर मेरी चूचियों पे लगाने लगा।

डिनर के बाद मैं और भाई चिपक के बैठे थे और दूसरी तरफ ट्रिशा और उसका बायफ्रेंड। शुरुआत होस्ट को करनी थी सो मेरे बायफ्रेंड यानी मेरे भाई आदी ने मेरी गर्दन पे किस किया और मैंने अपना ग्लास साइड में रखा। गेस्ट्स ने अपने होस्ट कपल को इंटिमेट होते देखा।

ट्रिशा के बायफ्रेंड ने अपने दोस्त के इशारे पे ट्रिशा को किस करने से शुरुआत की और धीरे-धीरे उसने भी होस्ट कपल से बराबरी कर ली। वहां अब दो बायफ्रेंड अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड से सेक्स कर रहे थे। मैं भाई को फर्श पे ले गई और रियल सेक्सी और अनिमल सेक्स स्टार्ट किया।

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:20



ट्रिशा ने देखा की मैंने अपने बायफ्रेंड के बारे में सही कहा था। पार्टी के होस्ट का सेक्स इतना स्टीमी और एरोटिक था की गेस्ट बस देखने लग गये। इसका बुरा असर ये हुआ कि गेस्ट बायफ्रेंड जब वापस अपनी गर्लफ्रेंड की चूत में घुसाने लगा की उसका खेल खतम गया। अच्छी बात ये थी की उनका सेक्स थोड़ी देर ही चला था।

अब उनको हमें देखने के अलावा और कोई काम नहीं था, उस बायफ्रेंड को चिढ़ाने के लिए मैं भाई पे रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में चुदाने लगी खासकर उसकी तरफ होकर और कभी-कभी उसको घूरते हुए। उसको ये महसूस हुआ की मैं कितना मजा ले रही हूँ। ट्रिशा को और तपाने के लिए मैंने डर्टी टाक करते हुए भाई का लण्ड चूसा।

पार्टी के बाद, रात यहीं रुकने का कहने पर भी हमारे गेस्ट रुके नहीं।

भाई और मैंने कुछ देर इस प्लान के सक्सेस का मजा लिया और देखा की भाई फिर से तैयार है। भाई ने एक कार्ड खेल रखने का बोला पर एक ट्विस्ट ये था की जो जीतेगा वो डामिनेंट बनेगा और जो हारेगा वो सबमिसिव। भाई कार्ड खेल में कितना माहिर था मुझे पता ही नहीं था। वो जीत गया था।

पहले उसने रस्सी से मुझे बाँध दिया, जो मेरे गले से होकर नीचे क्रॉच, फिर वहाँ से होकर बैक, फिर चूचियों को टाइट बाँध दिया, जिससे चूचियां लाल दिखने लगी और आखीर में मेरे हाथ भी बाँध दिए। भाई मुझे बालों से पकड़कर मोम के रूम में ले गया।

अब भाई ने कहा- “दीदी, अब मैं जो भी करूं वो आपको करना पड़ेगा, ओके?”

मैं- “ओके…”

भाई- “मतलब मैं आपको मारूँगा तो आपको मंजूर है? जो भी कुछ?”

मैं भाई का ऐसा रूप देखना चाहती थी, मैं देखना चाहती थी की वो क्या-क्या करेगा? मैंने हामी भर दी।

भाई- “प्रामिस?”

मैं- “प्रामिस…”

फिर उसने अपना लण्ड मुझे चूसने को दिया। मैंने कुछ देर अपना सिर हिलाकर ब्लो-जोब दिया। फिर भाई मेरे बाल पकड़कर मुँह को चोदने लगा। फिर चार शाट के बाद उसने लण्ड खूब अंदर गले में उतार दिया और ऐसे ही रहने दिया।

कुछ देर तो ठीक था, पर अब मैं साँस लेना चाहती थी तो ह्म्म… करने लगी तभी उसने निकाला। ऐसे उसने चार-पाँच बार किया जिससे मेरी जान ही निकाल गई फिर उसने मुझे देखकर कहा- “यू नो वाट, मैं बहुत टाइम से ऐसा करना चाहता था…”

मैं मुश्कुरा के बोली- “रियली मास्टर? आज जो-जो करना चाहे कर लो, आपको पूरी छूट है… आई एम योर स्लट, मास्टर आदी…”

भाई बेड पर लेट गया, मैंने झुक के उसके लण्ड को थोड़ा और चूसा और फिर मैं बैठ गई उसके ऊपर। जब भाई ने मुझे खोल दिया, तो मैंने उछल-उछल के चूत मरवाई। फिर भाई उठाकर मेरे पास आया। फिर कभी तो मुझे मेरी चूत पे थप्पड़ मारने लगा, तो कभी चारों उंगली से जोरों से मेरी चूत मसल दी, जिससे मेरी चूत से पानी निकल गया।

फिर मैं डागी स्टाइल में बेड पर आ गई। भाई ने मेरी गर्दन पकड़कर शाट मारे और उसके बाद मेरी गाण्ड पर तमाचे मारने लगा। वो बहुत ही बेरहम और सेक्सी था। मुझे दर्द हो रहा था पर मजा भी आ रहा था।

मैं- “एस फक मी…”

भाई- “से फक मी मास्टर…”

मैं- “ओह्ह… मास्टर आदी, प्लीज़्ज़… फक योर स्लेव सिस्टर लाइक आ चीप होर…”

भाई- “ओह्ह गोड…”

मैं- “एस मास्टर आदी… आई एम योर स्लट सिस्टर, आंड योर सिस्टर इस बिग्गेस्ट होर इन द टाउन, फक मी हार्ड…”

भाई- “आह्ह… आह्ह… आह्ह…” करके उग्रता से मुझे चोद रहा था। पूरा बेड जोर-जोर से बजने लगा।

मुझे लगता है की मेरी आवाजें बाहर तक गई होंगी। पर मुझे क्या मैं तो सातवें आसमान में थी- “आऽ आह्ह… चोद अपनी रण्डी को भेन्चोद…”

और उसने ऐसा किया भी, फुल स्पीड से। हम जानवरों की तरह सेक्स करते रहे, जब तक झड़ ना गये। फिर हम लेट गये… पर दो घंटे बाद हमने फिर से चुदाई चालू कर दी। इस बार उसने सिर्फ मेरे हाथों को बांधा, और दीवाल से टिका के मेरी चूत में पेलने लगा।

मेरे हाथों को ऊपर करके दूसरे हाथ से मेरे गालों पे थप्पड़ मारता रहा, शिट… उसका मारना भी मुझे मजा दे रहा था। उसने मेरी चूचियों पर चपत मार-मार के लाल रंग से रंग दिए। मैं दिखने में ऐसी लग रही थी जैसे मेरा गैंगबैंग हुआ है। हम जंगली होकर गालियां बकते ताबड़तोड़ ठुकाई करते रहे।

मेरे फिर से झड़ जाने के बाद भाई ने मुझसे पूछा। कोई और होता तो लस्ट में मुझसे पूछता ही नहीं। बाद में भाई मुझे बाथरूम में ले गया और उसके बाद उसने वो किया जो मैंने अपने सपने में भी नहीं सोचा था। मैं लस्टी स्लुटी होर उसको मना नहीं कर पाई और हाँ कर दी। उसने मेरे चेहरे, चूचियों पे पेशाब कर दी। फिर शावर ओन करके मेरी गाण्ड की बारह बजा दी, जो पहले से लाल कर दी गई थी। और आखीर में वो मेरे चेहरा पे झड़ गया।

उसने मेरे बंधन खोले, और हमने स्माइल देकर एक दूसरे को इतने सुपरहाट सेक्स के लिए थैंक्स कहा। भाई के अपने रूम में जाने के बाद मैं अपना फोन लेकर अपनी फोटोस लेने लगी, मेरे चेहरे पर वीर्य लगा हुआ था, गाल, चूचियां, गाण्ड सब लालमलाल हो रखे थे।

मुझे अब भी अजीब लग रहा था की उसने मेरे चेहरे पे पेशाब की। मैं उसके रूम में गई और बेड पर लेटे हुए भाई को देखा- “गुड नाइट मास्टर…” कहकर मैं उसका लण्ड पकड़कर सो गई।

अगले दिन भाई को आफिस के लिए गुडबाइ करके मैंने ट्रिशा को काल किया। हमने कल रात को लेकर बात की। मैंने कहा की मैं उसकी सेक्सी बाडी को भुला नहीं पा रही हूँ, अगर वो चाहे तो हम दोनों अच्छा टाइम साथ में बिता सकते हैं। रोमांचक और ईगर आवाज में उसने मुझे अपना अड्रेस दिया।

मैं ट्रिशा के ग़र गई। वो मुझे बेडरूम में ले गई।

बेड पे मैं ब्राउन आँखें को अपनी जांघों के बीच से देख रही थी, वो बता रही थी की उसको मेरी चूत का स्वाद कितना यम्मी लग रहा है। फिर मैं उसको लिटाकर उसके ऊपर लेट गई, मेरी 36डी की बड़ी-बड़ी चूचियां उसके शायद 34सी चूचियों को दबाए हुए थीं।

मैं उसको किस करते हुए नीचे गई, 23” वेस्ट, सेक्सी नाभि बटन, और षायद 34” के चूतड़। वो बिल्कुल कमसिन पर तेज धमाका करने वाली पटाखा थी।

ट्रिशा- “वाउ… यू नो हाउ टु फक फीमेल…” उसने हाँफते हुए कहा जब हम सेक्स कर चुके थे- “मैंने अपनी दोस्त के साथ पहले भी सेक्स किया है लेकिन आज मैंने तुमसे कुछ सीखा भी है…”

मैंने कहा- “थैंक्स, अगर तुम आज रात भी मेरे साथ चलो तो कुछ और भी चीजें मैं तुम्हें सिखा सकती हूँ…” और फिर हम आराम करती हुई बातें करने लगीं।

ट्रिशा मेरे बताए हुए टाइम पर पहुँच गई, वो खुद इतनी उत्तेजित थी की खुद मुझे बेडरूम ले गई। उसने मुझे नंगी किया और मेरी चूचियां, गर्दन, होंठ, चूचियां किस करते हुए उसने अपनी ड्रेस भी उतार दी।

ट्रिशा- “हाउ इज योर गिफ्ट लुक…” वो मेरे सामने रेड ब्रा पैंटी में लाल छड़ी लग रही थी।

मैं- “यू आर सो ब्यूटीफुल…” कहते हुए मैंने लंबा पैशनेट किस किया। मैंने ब्रा पैंटी निकालकर फेंक दी फिर- “तुम बहुत स्वादिष्ट हो…” मैंने उसकी चूत चखकर कहा।

फोरप्ले से हम दोनों हाट और गीली चूत वाली सेक्स की प्यासी हो गई थी। किसी के बेडरूम में आने का एहसास होने पे हमने किस ब्रेक करते हुए देखा की आदी हमारे सामने खड़ा है।

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:30

हम तीनों मेरे बेडरूम में थे, इतने टाइम उसके साथ रहकर मुझे पता चल चुका था की वो जंगली गर्ल है जो कुछ रोमांचक ट्राई करना चाहती थी। उसने कहा की किश्मत से मैं उसको मिल गई, बोलो। दिन को मैंने ट्रिशा को और तड़पा दिया था, और वो चुदक्कड़ लड़की अपने बायफ्रेंड को चीट करके मेरे और मेरे बायफ्रेंड (यानी भाई) के साथ थ्री-सम के लिए तैयार हो गई थी।
मैंने भाई के लण्ड को पकड़ा और ट्रिशा की तरफ करते हुए कहा- “डू यू वांट टु टेस्ट दिस?”
ट्रिशा- “ऊऊह्हह… सो ब्यूटीफुल , इस्स्स… आई वांटेड इट सो बैडली दैट नाइट उम्म…”
ट्रिशा जब मेरे भाई या यूँ कहें मेरे बायफ्रेंड का बड़ा लण्ड चूस रही थी तो मैं लेट गई और उसकी चूत मसलते हुए उंगली करने लगी। फिर उसने मुझे भाई का लण्ड चूसने को दिया और वो मेरी क्लिट पे अपनी जीभ चलाने लगी। फिर हमने भाई को लिटा दिया और बारी-बारी लण्ड और बाल्लस पे भूखों की तरह टूट पड़े।
ट्रिशा खड़ी होकर बोली- “कब से मेरी चूत मरी जा रही है, और इंतजार नहीं कर सकती…” और वो भाई के दोनों तरफ पैर करके लण्ड पे झुकने लगी। तब मैंने भाई के फड़कते लण्ड को पकड़ा और ट्रिशा- “आह्हह… फक…” फीलिंग लेते हुए लण्ड पे बैठ गई।
शुरू में तो धीरे फिर भाई ने स्पीड पकड़ ली।
ट्रिशा- “ओह्हह… माई गोड ओह्हह… माई गोड आआह्हह… फक आआ एइस्स्स… एस्स एस्स आअह्हह… फॅक्क ओह्हह…” रोती और चूत मराती हुई ट्रिशा अपनी चूत फटने का मज़ा ले रही थी।
उसके बाद भाई ने उसको हटाया और मेरी गाण्ड को पकड़कर मुझे अपनी तरफ कर दिया- “कम हियर…” और भाई मेरी चूत को मारने लगा, मैं तड़प रही थी।
और ट्रिशा हँसते हुए मुझे देख रही थी- दि दिस इस अमेजिंग ना…”
मैंने कहा- “ओह्हह… यस्स…”

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