मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:13

मोम अपनी ड्रेस उठाती है।

मैं- “क्या मोम, आप यहीं शुरू हो गई?”

मोम अपने हाथों में कपड़े लेकर नंगी ही कार की तरफ जाती हैं- “सारी बेटा, रेहान के साथ पता नहीं कैसे मैं बहती चली गई…” और हम कार के पास पहुँच जाते हैं।

और रेहान का दोस्त आदिल मोम को मुँह फाड़े देख रहा होता है। मैं उसे कार से उतर जाने को कहती हूँ, और ड्राइविंग सीट पे बैठ जाती हूँ। मोम आदिल के पास जाती हैं, जो कार से बाहर निकलकर खड़ा था। मोम उसको शरारती स्माइल देते हुए उसकी पैंट के टेंट पर अपना हाथ फेरते हुए- “ओह्ह्ह… थैंक यू डियर…” कहते हुए कार में बैठ जाती हैं।

फिर मैं कार स्टार्ट करके वापस मैं हाइवे पे ले जाती हूँ।

मोम- “ओफफो… ये तो खराब हो गई…” मोम अपनी ड्रेस को चेक करते हुए कहती हैं।

मैं- “ऐसा करो, आप अभी ये ड्रेस पहन लो…”

मोम- “नहीं, मुझे अब ये नहीं पहननी…” और पीछे की सीट पे अपने कपड़े फेंक देती है। फिर कुछ ढूँढ़ते हुए कहती हैं- अरे वो ड्रेस कहां है?”

मैं- “उसी शाप में रख आए थे हम। पहले हमने माल जाना है फिर अकरम के यहाँ…”

मोम डैशबोर्ड पे पैर रखकर टीशू-पेपर से चूत साफ करती हैं। अच्छा हुआ की कार की स्पीड तेज होती है, जिससे बाकी लोग हमारी तरफ ज्यादा ध्यान से देख नहीं पाते, पर धीरे-धीरे आगे ट्रैफिक जाम होने लगता है। हमारी कार के आस-पास बाइक्स और कारें बढ़ने लगती हैं। मोम पीछे की सीट पे चली जाती हैं, और वो खराब हो चुकी ड्रेस पहनने लगती हैं।

दायें साइड पे एक बाइक पर दो बूढ़े मोम की तरफ लार टपकाते हुए देख रहे थे। पर मोम का ध्यान उनपर नहीं गया। लेफ्ट साइड पे एक बड़ी सुवो थी, जिसमें 3 औरतें बैठी थीं, उनकी उमर मोम इतनी थी पर देखने में किसी टीवी सीरियल की सास लग रही थीं, और खूब सारी ज्यूयलरी पहनी होती है, वो- “हे राम… हे भगवान्… देखो तो…” करती मोम को देख रही थीं।

काफी देर बाद फिर ट्रैफिक चलने लगता है और मैं तेजी से माल की तरफ कार ले जाती हूँ। हम माल में उस शाप पे जाते हैं। हमको आधे घंटे में अकरम के यहां पहुँचना था, पर उस आधे घंटे को गुजरे दस मिनट हो चुके थे, वहाँ से खरीदी हुई ड्रेस कलेक्ट करके हम, ड्रेस चेंज करने जाते हैं।

मैं- “ये लो मोम, और जल्दी से पहन लो, हम बहुत लेट हो चुके हैं…”

मोम- “क्या? ओह्ह्ह… नो…” और फिर मोम पहली ड्रेस निकाल लेती है और पूरी नंगी होकर बैग से एक ड्रेस निकालकर पहन लेती हैं। मोम पीली बैकलेश मिडी पहन लेती है, जिसमें मोम की कर्वी बाडी बहुत सेक्सी दिख रही होती है, तभी मुझे अकरम की काल आ जाती है।

अकरम- “यार किधर हो, यहाँ पे सब तुम लोगों का इंतेजार कर रहे हैं…”

मैं- “हम बस रास्ते में ही हैं…”

अकरम- “ठीक है जल्दी कर…”

मोम घूमकर मुझे पूछती है- “ठीक तो है ना?” मोम की पीठ पूरी नंगी खुली होती है और उनकी गाण्ड पूरी तरह से विजिबल होती है।

मैं- “यू लुक लाइक आ पोर्न-स्टार…”

मोम- “गुड, चलो चलते हैं…”

फिर हम वापस कार की तरफ जाते हैं। रास्ते में बहुत से लड़के और लड़कियां हमें देख रहे होते हैं। पर अकरम के क्लब पहुँचने में भी हमको फिर से ट्रैफिक जाम की वजह से देर हो जाती है।

मोम- “एक घंटा लग गया…” मोम ने कार से उतरते हुए कहा।

मैं अकरम को काल करती हूँ- “हम आ गये हैं…”

अकरम बोलता है- “तुम वहीं रुको…” पीछे से किसी लड़की की चिल्लाने की आवाज आ रही होती है- “मैं भेजता हूँ किसी को…” और हाँफते हुए काल कट हो जाता है।

कुछ देर बाद अब्दुल बाहर आता है, और हम उसके पीछे चले जाते हैं, अंदर वो हमको बेसमेंट में लेकर जाता है। एक लंबे गलियारे में हम चल रहे होते हैं, और वहाँ पे और भी दरवाजे होते हैं। हम सीधे चलते रहते हैं। आखिरकार, गलियारे के आखीर में एक दरवाजे के पास से हम दायें मुड़ जाते हैं। अब्दुल और मोम आगे निकल जाते हैं।

पर मुझे उस दरवाजा से लोगों को बात करते, चिल्लाते और जोरों से किसी लड़की की चिल्लाने की आवाज आ रही होती है। वो एक लड़की की आवाज नहीं होती, लगता है और भी थीं, शायद दो।

“आऽ आऽ चोद चोद आआऽ माँ उम्म्म्मम…”

“साली ये ले हाहाहा…”

मुझे उस दरवाजे से आदमियों के हँसने, हाँफने और लड़कियों की चुदाई की आवाज आती है। मैं उस दरवाजे को खोलने ही वाली थी की अब्दुल ने मेरा हाथ पकड़कर पीछे खींच लिया।

अब्दुल- “आप क्या कर रहो हो?”

मैं- “हमें यही जाना है न?”

अब्दुल- “पागल हो गई हो क्या आप? अगर आप अंदर चली गई ना तो वो लोग आप पर भी टूट पड़ेंगे…”

मैं बोली- “पर वो तो पहले से ही किसी के साथ कर रहे हैं ना?”

अब्दुल ने पास आकर कहा- “वो तो रंडियां हैं, उनका तो रोज का है, अंदर जो लोग हैं ना… उन्होंने कभी भी आप जैसी को हाथ तक नहीं लगाया, छोड़ो, उम्म्म चलो, आपको तो आगे भाई के रूम में जाना है…”
. और फिर हम आगे चले जाते हैं। पीछे रूम में से आवाज सुनाई दे रही होती है।

“चाच्चा पहले खड़ा तो कर…” एक लड़की की आवाज ने मजाक उड़ाते हुए कहा। फिर लोगों के ठहाका लगाने की आवाज आती है।

फिर एक बूढ़े की आवाज आती है- “एक बार इसको खड़ा तो कर, फिर देख साली, कौन बाप है यहां पे…” और लोग भी हँसने लगते हैं।

लड़की- “मर वर जाओ तो मुझे मत कहना…”

हम फिर दरवाजे से दायें में आगे बढ़ते हुए एक बार लेफ्ट मुड़कर और एक ग्लियारे में जाते हैं। लेफ्ट की साइड पे खिड़कियां होती हैं और रूम के अंदर अलग-अलग बाक्स और कार्टून भरे होते हैं और एक खिड़की से एक रूम के अंदर कुछ पीसी और बड़ी स्क्रीन लगी होती है, जिसमें ऊपर क्लब और बाकी जगह की ब्लैक आंड ह्वाइट वीडियो चल रहे होते हैं। फिर दायें में एक आखिरी दरवाजे में अंदर जाते हैं। वो रूम इस जगह का सबसे साफ कमरा था। लेफ्ट में एक बड़ा सा बेड था और दायें में सोफा और फर्श पे कार्पेट, रूम के दूसरी तरफ एक मिनी बार भी था।

अब्दुल- “आप यहां इंतेजार करो…”

हम रूम में सोफे पे बैठ जाते हैं। कुछ देर बाद बैठे-बैठे हम बोर होने लगते हैं, तो पास में मिनी बार से कुछ ड्रिंक लेकर हम बैठ जाते हैं। 15-20 मिनट हो जाते हैं, तब रूम का दरवाजा खुलता है, 4 लोग हँसते हुए रूम में आते हैं, और रूम का दरवाजा बंद कर देते हैं।

अकरम अपने साथ 3 लोगों को भी अंदर लाता है। दो तो पूरे नंगे होते हैं। पर उनके लौड़े सिकुड़कर दो इंच के हो चुके होते हैं। उन दोनों के हाथ में बोतल भी होती है। तीसरे ने अकरम की तरह सिर्फ पैंट पहन रखी होती है, उसके दायें कंधे और बांह पे टैटू बना होता है। वो अकरम जितनी उंचाई का होता है और बाडी भी उतनी ही सेक्सी होती है।

अकरम- “हाँ… ओह्ह्ह… हूँ बड़ी देर लगा दी तुम लोगों ने?” अकरम हमें देखते हुए कहता है।

उसके पीछे वो तीनों मुँह फाड़े हमें देख रहे होते हैं, और- “वाउ… क्या माल है…” जैसी तारीफें करने लगते हैं।

मोम- “पर आप लोग तो पहले ही शुरू हो चुके हो…” मोम ने कहा।

अकरम- “अरे अभी कहां?” अकरम पास आकर मोम को किस करने लग जाता है।

दोनों नंगे लड़के मुझे पकड़ लेते हैं, हम कुछ देर किस और स्मूचिंग करने के बाद अलग हो जाते हैं, वो पहले से ही चुदाई करके आए हुए होते हैं, इसलिए सभी के लंबे लण्ड लटक रहे होते हैं, फिर वो चारों हमारे सामने बैठ जाते हैं, और मैं मोम के साथ बेड पे बैठ जाती हूँ।

अकरम- “ये है मेरा बड़ा भाई सलमान (जो अकरम के जैसे पैंट पहने हुए था), और ये मेरी खाला के लड़के अशरफ और इरफान (बाकी नंगे लड़के)”

फिर वो सलमान से कहता है- “और ये हैं मेरी खास आइटम, जिसको तुझे मैंने दिखाया था फोन पे…” वो मेरी बात कर रहा था और मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा की अकरम ने मेरी चुदाई की फुटेज औरों को भी दिखाई है। फिर कहा- “और ये है मेरी रखैल जो किसी को भी निचोड़ के रख दे…”

वो हमें देखते हुए हमारी तारीफें करते हैं और हम हँसते हुए अपने सेक्सी कर्व्स दिखाते हैं। फिर सलमान बोलता है- “चलो कुछ अपनी अदाएं तो दिखाओ, और इन सोए हुए सापों को जगाओ…”

अकरम- “ये अदा से दिखाएगी भी और करेगी भी, आज तुम लोग मेरी इन रंडियों के खूब मजे ले लो, जितना चाहे मार लो, मना नहीं करेंगी। तुम थक सकते हो पर ये नहीं…”

सभी हँसने लग जाते हैं।

मैं बेड पे बैठी हुई अपनी टाँगें फैला करके शार्टस के ऊपर से चूत पर हाथ फेरती हूँ, और फिर दूसरे हाथ से टाप को ऊपर करके ऊपर से चूचियां दबाती हुई मोम के पास झुकते हुए उनको किस करती हूँ।

Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:14



मोम मेरा टाप थोड़ा ऊपर करके ब्रा में ही मेरी चूचियां दबाती है, फिर किस को खत्म करके उन सभी की तरफ हाट तरीके से बैठ जाती हैं

और मैं भी धीरे-धीरे अपनी टाँगें फैलाकर अपनी जवान चूत सभी के सामने रख देती है, मोम मुझे देखकर फिर से किस करने लग जाती है, और मैं अपना टाप उतारने लग जाती हूँ। और फिर मोम मेरी बड़ी-बड़ी और रसीली चूचियां को ब्रा से आजाद कर देती हैं, और मिडी में दिख रही नंगी चूत को मसलते हुए मेरी चूचियां चूसती हैं, और टिटस पे जीभ फेरती हुई दूसरे टिट को मसलती हैं।

मैं अपनी गाण्ड हिलाते हुए शार्टस को निकाल देती हूँ और अब मैं सिर्फ एक ब्लैक पैंटी में होती हूँ। फिर मैं मोम को भी नंगी कर देती हूँ और वो मुझे अपनी चूचियां चूसने और दबाने के लिए मेरे चेहरे को अपने पास लाती हैं।

सामने अकरम और सलमान नंगे हो जाते हैं। और फिर सभी चारों अपने लण्ड को हाथ में लिए हमारा शो एंजाय करते हैं।

मोम मेरी चूत में उंगलीबाजी करती हुई ‘स्स्स्स… आह्ह्ह…’ कर रही होती हैं, और मैं भी उनको उंगलीबाजी करती उनकी चूचियों के निपल काट रही होती हूँ, और चूस रही होती हूँ। फिर मैं खड़ी होकर मोम के चेहरे के सामने अपनी चूत करके कहती हूँ- “चाटो इसे बेबी…”

और मोम अपनी टाँगें फैलाकर अपनी चूत जोर से मसलती हुई मेरी चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लगती हैं-

मैं- “आअह्ह्ह… आआऽ हूंम्म… यअह्ह्ह… इस्स्स्सस्स…”

फिर मैं उठकर अकरम के पास जाती हूँ। पर वो मेरी पैंटी उतारकर मेरी गाण्ड पे चपत मार के अशरफ के पास भेज देता है। अशरफ मुझे अपनी गोद में बिठाकर मुझे किस करता है, और सलमान मेरी तरफ झुक कर मेरी चूचियां चूसने लग जाता है।

वहां सामने मोम अपनी चूत मसलते हुए हमें देख रही होती हैं। फिर मोम के पास इरफान उठकर जाता है और उनकी चूचियों को चूमने और दबाने लग जाता है, और मोम उसका लण्ड मसलती हैं। मेरे नीचे अब अशरफ का लण्ड खड़ा होकर मेरी चूत में चुभने लगता है।

मैं- “आपका तो खड़ा कर दिया मैंने…” फिर सलमान को देखकर- “अब आपकी बारी…” फिर मैं उठकर सोफे पे खड़ी हो जाती हूँ, और उसके चेहरे को अपनी चूत पे लगा देती हूँ।

सलमान मेरी चूत को अपनी जीभ से जोर-जोर से चूसकर चाटने लगता है- “आह्ह्ह… इस्सस्स… उम्*म्म्म…”

अशरफ और अकरम अपने खड़े हो चुके लण्डों को मसलते हुए दोनों मोम के पास जाते हैं, और मोम पर टूट पड़ते हैं। वो तीनों मिलकर मोम की चूचियां और चूत को चूसने लग जाते हैं।

सलमान मुझे उठाकर पालग पर ले जाकर लेटा देता है, और मैं खुद-ब-खुद अपनी टाँगें खोलकर एक तगड़े लण्ड का इंतेजार करती हूँ। पर अकरम मेरी चूत को चाटने लग जाता है और अशरफ मेरे पास आकर मेरे मुँह में अपना मोटा और 7” इंच का लण्ड डाल देता है जिसे मैं मजे लेते हुए चूसती हूँ।

उधर मोम मेरे पास लेटी होती हैं, और सलमान ने अपना लण्ड मोम के मुँह में डाल रखा होता है, इरफान मोम की चूत पे अपना लण्ड रगड़ रहा होता है, फिर मोम की चूत में डालकर वापस निकाल लेता है। फिर चूत पर रगड़ता है, एक बार डालकर निकाल लेता है, फिर इरफान उनकी एक टांग को अपने कंधे पे रखकर जोर से चोदना शुरू कर देता है।

मोम की चूचियां गोल-गोल घूमने लग जाती हैं और मोम- “आअह्ह्ह… उम्म… उम्म…” करते हुए सलमान का लण्ड पूरा का पूरा मुँह के अंदर ले लेती हैं।

सलमान ‘आह्ह्ह’ करते हुए मोम को अपनी बाल्स चूसने को बोलता है। मोम उसके रगड़ते और सलाइवा से भरे लण्ड को मुँह से निकालकर जीभ को पूरे लण्ड परे फेरते हुए बाल्स तक ले जाती हैं, और एक बाल को मुँह में जोर से चूसती हैं, क्या नजारा था।

इधर मेरी चूत को चाट-चाट कर अकरम मुझे बेहाल कर देता है।

मैं- “आह्ह्ह… आऽ मैं झड़ने वाली हूँ आई एम कमिंग… हाँ आई एम कमिंग…” फिर मैं झड़ जाती हूँ।

फिर अकरम मुझे घोड़ी बनने को बोलता है। मैं अशरफ का लण्ड छोड़कर झटके से उठती हूँ, मुझे बहुत ही उत्तेजना महसूस हो रही थी और फिर मैं अपनी सेक्सी और हाट गाण्ड को उठाकर अकरम के शैतान जैसे लण्ड के सामने पेश करती हूँ, और अपने बाल झटक के पीछे करते हुए अशरफ का लण्ड फिर से चूसते हुए अपनी चुदाई का इंतेजार करती हूँ। अकरम मेरी गाण्ड पे अपना तगड़ा लण्ड सेट करके जोर का धक्का मारता है।

मैं- “ओह्ह्ह… माँऽऽ…” मेरी चीख निकल जाती है, मैं पीछे अकरम को देखती हूँ और मोम मेरी तरफ देखने लग जाती हैं।

अकरम पीछे मोम को देखते हुए फिर मेरी गाण्ड पे एक धक्का मार देता है।

मैं- “आअह्ह्ह…”

मोम अपनी नजर अकरम की आँखों से हटाकर सलमान का लण्ड चूसने लग जाती हैं। पर अकरम मोम को ही देखते हुए मेरी गाण्ड मारे जा रहा था। मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था, ये मैंने क्या कर दिया? कहीं उसको शक तो नहीं हुआ की एक माँ अपनी बेटी की गाण्ड को किसी मर्द से चुदने दे रही है, जबकी वो खुद भी दो लौड़ों का मजा ले रही है? ‘चलो जो होगा देखा जाएगा’ सोचते हुए मैं अपने मुँह को आगे-पीछे करके अशरफ का लण्ड चूसने लगी।

फिर वो मेरे सिर और बालों को पकड़कर मेरे मुँह को ही जोरों से चोदने लगता है। मेरी साँस लेने को नहीं बन पाती। फिर वो एक पल के लिए रुकता है। तो मैं जोर से सांस लेती हूँ। फिर वो वापस मेरे मुँह को जोरों से चोदने लगता है। मेरे मुँह से एक तरह रोने जैसी आवाजें निकल रही थीं। वो मेरे मुँह में अपना पूरा लण्ड अंदर डालकर झड़ जाता है, फिर वो पास में ही लेट जाता है।

पीछे अकरम मेरी गाण्ड में लण्ड निकालकर मुझे खड़ा कर देता है, और खुद पलंग पे लेट जाता है, और मुझे अपने लण्ड पर बैठने को बोलता है।

मैं ऊपर चढ़कर गाण्ड को अकरम की तरफ करके नीचे झुक जाती हूँ, और एक हाथ से अपनी चूत पे थोड़ा सा थूक लगाकर उसके लण्ड को अपनी चूत पे सेट करके बैठ जाती हूँ, और आँखें बंद करके उसके मोटे लण्ड को मेरी चूत को चीरते हुए महसूस करती हूँ।

पूरा लण्ड अंदर ले लेने के बाद अपने दोनों हाथों को पीछे करके ऊपर-नीचे होती हूँ- “आऽ आऽ आऽ इस्स्स…” और फट-फट की आवाजों के साथ मेरी दो बड़ी-बड़ी चूचियां भी मजे से उछल रही होती हैं।

मैं मोम को देख रही होती हूँ, मोम सैंडविच की तरह उन दोनों के लण्ड अपनी चूत और गाण्ड में लिए हुये फक-फक चिल्ला रही होती हैं। दोनों दबा-दबाकर मोम के दोनों छेदों को चोदे जा रहे थे। फिर मोम सलमान को किस करते हुए अपनी चूत से उसका लण्ड निकालकर थोड़ा मसलती हैं, और फिर अपनी चूत में डाल लेती हैं, और वो उनको चोदने लग जाता है।

अकरम मेरी गाण्ड को पकड़कर ऊपर उठा देता है और बहुत ही ताकत से एक मशीन की तरह अपने लण्ड से मेरी चूत को फाड़ने लग जाता है।

मैं- “आऽऽ फफक्क… शिट… आऽऽ मर गई आऽऽ…”

उधर मोम- “चोदो मुझे… हाँ हाँ चोदो, मेरी चूत चोदो आअह्ह्ह… इस्स्स… चोदो मुझे… फक माई अशोल यू मदरफकर… आआह्ह्ह… हार्डर हार्डर फाड़ दो मेरी गाण्ड…”

इधर मेरे मुँह से चीखें निकल रही होती है- “तेज और तेज आआह्ह्ह… आई एम कम्मिंग… मैं आ रही हूँ…” फिर मैं झड़ जाती हूँ और आगे की तरफ झुक जाती हूँ।

तब भी अकरम मेरी चूत मारे जा रहा था। फिर वो भी मेरी चूत में एक पल के लिए अपना लण्ड खूब अंदर डालकर झड़ जाता है।

उधर वो दोनों खड़े हो जाते हैं और मोम घुटनों के बल बैठकर दोनों के लौड़ों को मसल रही होती हैं, और एक-एक करके चूस भी रही होती हैं।

फिर वो दोनों मोम को मेरे पास लिटा देते हैं, मोम सरक कर मेरी तरफ आती हैं, और मैं मोम को किस करती हूँ और हम एक दूसरे की चूत में उंगलीबाजी करते हैं, फिर सलमान और इरफान अपने-अपने लण्ड हमारी चूत में डालकर झड़ जाते हैं।

अकरम सोफे पर सभी के लिए ड्रिंक रखकर बैठ जाता है, और बाकी लोग भी सोफे पर अपने लण्ड को दायें, बांयें झुलाते हुए बैठ जाते हैं, और आराम से ड्रिंक करते हैं, और हम दोनों को एक दूसरे की चूचियां और चूत से खेलते हुए देखते हैं।

सलमान- “आज तो मजा आ गया…”

इरफान- “सच में यार…”

अशरफ- “क्या कयामत है मेरे से एक नहीं संभल पाई…”

सलमान- “तू भाई रहने दे, तेरे बस की बात नहीं है…” फिर कहा- “भाई तेरी गलती नहीं है, साली चीज ही ऐसी है…” फिर सभी हँसने लग जाते हैं।

अकरम- “तुम लोगों को तो अभी पूरी रात का जश्न मनाना है…”

फिर वो आपस में बातें करने लग जाते हैं। मैं धीरे से मोम को स्मूचिंग करते हुए उनके कानों में बोलती हूँ- “क्या उनको पता चल गया क्या?”

मोम- “पता नहीं?”

मैं- “हो सकता है उसने ऐसे ही आपको देखा हो…”

मोम- “नहीं, मुझे उसकी आँखों में देखने पर ऐसा नहीं लगा। क्या होगा अब, वो जानता है?”

मैं- “मोम अब हम कुछ कर नहीं सकते, और हमें पक्के से पता भी तो नहीं है, और पता चल भी गया हो तो क्या बिगड़ जाएगा?”

मोम- “वो हमें ब्लैकमेल कर सकता है?”

मैं- “अभी टेन्शन लेने से कोई फायदा नहीं है मोम…” कहकर मैं मोम को लिप-किस करती हूँ। उनको फिर किस करके कहा- “और अभी के लिए मोम एंजाय करो। चलो अभी जो भी होगा देखा जाएगा…”

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:14


मैंने मोम को किस करी, और मोम भी जीभ इश्तेमाल करती हुई फुल रेस्पान्स देती हैं। कुछ देर तक हम एक दूसरे को एंजाय करती हैं, फिर हम उठकर सोफे पर बैठकर ड्रिंक लेती हैं, और मोम भी अपना ग्लास उठाकर अशरफ के पास जाती है। फिर उसके लण्ड को पकड़कर उसपर बैठ जाती हैं, और ड्रिंक करती हैं। वो चूचियां दबाते हुए ड्रिंक खत्म कर देता है और मोम अपनी कमर हिलाकर थोड़ी खुश होती हैं। शायद उनकी चूत में अशरफ का लण्ड अब फिर से खड़ा होने लगा था।

फिर वो मोम की टाँगें फैला देता है। हम सभी को उसका लण्ड मोम की चूत में डाला हुआ दिखता है, फिर मोम अपनी ड्रिंक खत्म करके उसके ऊपर उछल-उछल के चुदवाने लग जाती है। ये देखकर वो बाकी तीनों के लण्ड भी खड़े हो जाते हैं।

मैं इशारे से उनको कहती हूँ की वो मोम के साथ ही मजा करें, मुझे ड्रिंक खत्म करनी है। वो सभी मिलकर मोम की आसपास खड़े हो जाते हैं, और मोम दो लण्ड हाथों में लेकर मसलती हुई तीसरे को मुँह में डालकर चूसती हैं- “मुउआह्ह्ह… उम्म… उम्म… याहह… उम्म्म…” वो सभी के लौड़े चख रही थी।

“सक इट बिच…”

“साली आअह्ह्ह… चूस और चूस…”

“मेरा भी ले ले जी भर के चूस…”

मैं अपनी ड्रिंक पीते हुए अपनी चूत को मसल रही होती हूँ। अकरम मोम के पीछे जाता है और अशरफ को आगे आने को बोलता है। फिर अशरफ सोफे पे बैठा जाता है। उसके ऊपर मोम जो अपनी बड़ी सी गाण्ड अकरम के लण्ड की तरफ कर देती है। फिर अकरम धीरे से गाण्ड के दो मोटे तरबूजों को पकड़कर बीच में अपना मूसल डाल देता है

मोम दो लण्ड अपने हाथों में लेकर एक साथ मुँह में ले रही थी, और अब मोम के पास दो लण्ड चूसने को थे, और दो लण्ड उनके दोनों छेदों को बड़ा करने में लगे थे। सोफे पर अशरफ थोड़ा लेटा होता है और मोम उसके ऊपर उसका लण्ड अपनी चूत में लिए होती हैं। वो मोम की चूचियां चूसते हुए हिल नहीं पा रहा था। पर मोम के पीछे अकरम उनकी गाण्ड में जोर-जोर से धक्के मार रहा था, इस वजह से उनकी चूत और गाण्ड की एक साथ ठुकाई हो रही थी।

पर मोम तो इतने से भी खुश नहीं थी। वो सलमान के 7” इंच के लण्ड को पकड़े हुए हिला रही थी और इरफान के 6” इंच मोटे लण्ड को जो उनके मुँह में आ नहीं सकता था, उसको अपने मुँह को आगे-पीछे करके चूस रही थी। कितने बेरहम थे सब, एक अकेली चूत को चोदकर सभी मजे कर रहे थे।

तब मैं उठकर उनके पास जाती हूँ- “तुम लोग सिर्फ चूसते रहोगे या चोदोगे भी? हाँ…”

तब सलमान और इरफान को मेरा ख्याल आता है- “चल आ जा तेरी भी ख्वाहिश पूरी कर देते हैं…” कहकर वो दोनों मुझे चूमने लगते हैं, और मेरी चूत और चूचियों को मसलते हैं।

सलमान- “देखते हैं, तेरी चूत मेरे लण्ड को इतनी देर तक झेल पाती है?”

मैं उसके लण्ड को पकड़ते हुए जवाब देती हूँ- “उसके लिए मेरी चूत में आपको अपना लण्ड डालना पड़ेगा…”

उधर उसके पीछे सोफे पर मोम अशरफ और अकरम से चुदवा रही थीं।

इरफान- “तब तक, तू इसका मजा ले…” वो मेरे पीछे आकर मुझे नीचे झुका देता है।

मैं खड़ी थी मेरी एक टाँग को सलमान ने पकड़कर ऊपर कर दी थी, जिससे मेरी चूत पूरी खुलकर सलमान का लण्ड ले रही थी और इरफान मुझे थोड़ा झुकाकर अपने लण्ड को मेरा सिर पकड़कर चोदने में लगा था। फिर मेरी चूत की मस्त चुदाई करने के बाद सलमान मेरी गाण्ड भी मार रहा था। और तब तक इरफान का चूस-चूसकर मैंने अपने मुँह में उसका वीर्य भर लिया था और मैं भी दो बार झड़ चुकी थी।

सलमान ने अब मेरी चूत में लण्ड डालकर मुझे ऊपर उठा लिया था।

मेरे पीछे मोम अशरफ के लण्ड को चूसती हुई उछल-उछल के अकरम के लण्ड को चोद रही थी। फिर कुछ देर बाद वो दोनों झड़ने वाले होते हैं, और यहाँ सलमान भी। मैं पीछे मोम को देखती हूँ। अशरफ ने अपना माल मोम के चेहरे पर उड़ेल दिया होता है, और मोम घुटनों के बल बैठी अपने वीर्य से सने चेहरे से अकरम का लण्ड चूस रही थी।

सलमान भी मुझे मोम के बगल में बैठा देता है और मोम मुझसे कहती है- “मोना डू यू वान्ट टु क्लीन माई फेस?” अशरफ का वीर्य मोम की भौहों और गाल पे लगा होता है।

“ओह्ह्ह… हाँ राखी, विद प्लेज़र…” फिर मैं उसे चाट लेती हूँ। फिर हम दोनों हमारे चेहरे पर दो-दो लण्डों को हसरत से देख रहे होते हैं।

मैं- “फिल आवर माउथ वित योर टेस्टी कम…”

“ले रांड़ तैयार हो जा मेरे लण्ड के जाम को पीने के लिए…”

मैं- “आह्ह्ह… मैं बहुत ही प्यासी हूँ, मुझे पिला दो अपना नमकीन पानी उह्ह्ह…”

“मुँह खोल, ले पिला दूं तुझे…” उन मोटे और लम्बे से लौड़ों के मालिक मूठ मारते हुए झड़ने को तैयार हो जाते हैं, और हम मुँह खोले इंतजार कर रही होती हैं।

अकरम और सलमान अब अपना लण्ड लिए झड़ने को होते हैं, की तभी दरवाजा पे कोई खटखट करता है। अशरफ उठकर दरवाजा खोलता है और अब्दुल का सिर दरवाजा से हमें देखते हुए अकरम से बोलता है- “उन लोगों का हो गया है…”

अकरम- “ठीक है…” फिर वो और सलमान आखिरकार झड़ जाते हैं।

और दरवाजा पे अब्दुल हमें दो लौड़ों के माल को पीते, फिर उनको चाटते और चूसते हुए देखता है।

वो दोनों कपड़े यानी सिर्फ पैंट पहनकर दरवाजे पे इंतेजार कर रहे अब्दुल के पास दरवाजे की तरफ जाते हैं, और उसके साथ चले जाते हैं। इरफान और अशरफ ड्रिंक करते हुए खड़े हो जाते हैं और रूम से वो भी निकल जाते हैं, नंगे ही।

फिर मोम और मैं खड़ी होकर रूम के बाथरूम में अपना चेहरा धोकर वापस आकर बेड पे ढेर हो जाती हैं। हम अब बुरी तरह से थक चुके थे मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा था और मैं जानती थी की मोम का भी यही हाल होगा।

मोम और मैं फैलकर और आँखें बंद करके लेटी रही। आधे घंटे या उससे भी ज्यादा टाइम के बाद रूम का दरवाजा खुला और मैंने हल्की आँखें खोलकर देखा की एक लड़का अंदर आया। मैंने आँखें बंद कर ली, वो हमें पलंग पर नंगी और बेहाल देखकर कुछ सोच में पड़ गया, हमारी चूत पूरी तरह से गीली थी और हमारे बदन हवस की बेरहम चुदाई के निशान और सबूत दे रहे थे, फिर वो वापस चला गया।

मोम बोली- “मोना जाकर दरवाजा बंद कर दो…”

पर मेरे बदन में बहुत ही दर्द हो रहा था। मैंने सोचा की अच्छा हुआ की चला गया, पर ये क्या? थोड़ी देर बाद वो लड़का इस बार दो और लड़कों के साथ आ गया।

“अरे यार, ये तो उन लौंडियों से बहुत ही अच्छा माल है…”

“लगता है महँगी वाली रंडियां हैं, वही जो अमीरों से चुदाई करती हैं ये…”

ये हमारे अलावा किसकी बात कर रहे हैं? क्या अकरम ने हमें इन लोगों के हवाले कर दिया है? पहले तो उसने और उसके भाइयों ने हमारी जम के चुदाई कर ली, अब उसने अपने आदमियों को भी मजे लेने के लिए भेज दिया?

मुझे लगा, जिस पार्टी के लिए हम यहाँ पे आए थे ये वो लोग तो नहीं लग रहे। मैं मोम की तरफ देखकर कह सकती थी की ये लोग भी अकरम के नीचे काम करने वाले लोग होंगे। पर हमें पता नहीं था की हम लोगों को ऐसे लोगों से भी चुदवाना पड़ेगा।

वो लोग हमारे पास आकर मेरी और मोम की चूचियां दबाने लगे और चूत में उंगली डाल दी। पर हम अपनी आँखें बंद किए लेटी रहीं, हमसे अब उठा भी नहीं जा रहा था।

“इसकी फुद्दी तो भरी पड़ी है…”

“कोई इनको मस्त पेल गया लगता है…”

“क्या? उम्म… क्या अपन लोग भी बजा दें?”

हम इतने थक चुके थे की हमारे मुँह से शब्द भी नहीं निकल रहे थे। हम उनको मना कैसे कर सकते थे।? और अगर मना कर भी दें तो क्या वो रुकते?

“तुम लोगों का तो पता नहीं मैं तो इनको चोद रहा हूँ…”

“पागल है क्या? ये भाई का खास कमरा है। यहाँ पर सिर्फ उनसे ही लौंडिया चुदवाती है, और कोई दूसरा इनको हाथ नहीं लगा सकता…”

“देख ना यार, ये तो पहले से ही चुद चुकी हैं, अब भाई थोड़े ही ना इनको चोदेंगे। वो तो पार्टी मना कर चले गये…”

“सही बोला, चल इनको यहाँ से उस कमरे में लेकर चोदते है…”

“यहीं कर देते हैब ना…”

“नहीं भाई के कमरे में नहीं…”

“अब कौन उठाए इनको, यहीं कर डालते हैं, और इनके अंदर ही माल छोड़ देंगे…”

“पर भाई को पता चला तो?”

“छोड़ ना यार… चल, इन लौंडियों को उठाकर उसी कमरे में लेजाकर पेलते हैं…”

“चल चल तू इस बड़ी वाली को उठा और तू इस छोटी वाली को…”

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:15


अब हम लोगों को पता चल गया था की ये लड़के अकरम के आदमी हैं, और हमें इनके लिए नहीं बुलाया गया था। बची खुची ताकत बटोर के मैं कड़क आवाज में बोली- “ओये… हटो, चलो जाओ यहाँ से…”

वो एकदम से मुझे देखने लगे। मैंने इन लड़कों को इस क्लब में देखा था। फिर एक लड़का बोला- “क्यों साली, तू यहाँ पे मरवाने नहीं आई है क्या?”

तभी मोम बोली- “तेरे बाप ने अपने लिए हमको बुलाया है। चलो, अब इससे पहले की वो तेरी गाण्ड मारे, निकलो यहाँ से…”

पर वो ना तो हिले और ना ही वो अब कुछ बोले, बल्की उन्होंने अपनी पैंट से लण्ड निकालकर जबरदस्ती मेरी और मोम की टाँगें फैला दी और एक ने तो मेरी चूत पे अपना लण्ड भी रख दिया, और तो और बाकी दो ने मोम की चूत पे अपने लण्ड को और एक ने तो थोड़ा सा घुसा भी दिया।

अब हम क्या करें? अब तक तो हम बड़े मजे से चुदा रहे थे, खुलकर अपनी ठुकाई करा रहे थे, लेकिन अब तो लगता है की हमारा बलात्कार होने वाला था। उसी टाइम रूम खुला और मैंने अकरम के आने की उम्मीद से दरवाजा की तरफ देखा, पर अब्दुल रूम में आया।

वो हम सभी को इस हालत में देखकर गुस्से से पास आया और एक को कस के झापड़ लगा दी और फिर वो बोला- “मादरचोदों, भेन के लौड़े, क्या कर रहे हो? छोड़ो इनको…”

एक लड़का अपने 5” इंच के लण्ड को मेरी चूत पे सेट किए था और अब्दुल की तरफ, मार खाकर भी बेशर्मी से बोला- “क्या अब्दुल भाई, आपको भी चाहिए क्या?”

अब्दुल- “चुप भोसड़ी के, अकरम भाई ने खास सलमान भाई के लिए इनको बुलाया है…”

जो लड़का मोम की चूत पे अब भी अपना लण्ड रगड़ रहा था वो मोम की क्लिट पे और रगड़ते हुये बोला- “अब्दुल मियां, इसकी चूत तो कुछ और ही बोल रही है, लगता है इसका मन अब भी नहीं भरा…”

और उसके पास खड़ा लड़का जो अपने लण्ड को मोम चूत में आधा डाल चुका था, उसने बिना डरे कहा- “हाँ… ये अब भी खूब गीली है…”

“अरे उन्होंने अपना काम खतम कर भी लिया और चले भी गये। अब तो ये अपनी है…” ये बोलने वाले की बात सुनकर मेरी चूत मुझे धोखा दे रही थी।

“हाँ… और अब इनको कौन चोदने वाला है?” हँसते हुए वो बोला जो हिलाते हुए मोम की चूत में अपना लण्ड डाले बेखबर मोम को चोद रहा था।

मुझे मोम को देखकर लगा की उनकी हालत खराब हो रही थी और वो फिर से चुदने को तैयार हो रही थी। मेरी भी चूत में फिर से लण्ड की चाहत बढ़ने लगी और मेरी चूत पे लगे लण्ड को मैं अपने अंदर लेना चाहती थी। लण्ड चाहिए तो था पर इन लोगों से तो कभी नहीं।

अब्दुल- “भाई ने तुम लोगों के लिए उन रंडियों क्या इंतजाम किया था और फिर तुम लोगों ने उन रंडियों से चुदाई कर तो ली ना, साले उंगली देखकर सिर पे चढ़ने लगे। जाओ जाकर उनको चोदो। पूरी रात के लिए पड़ी है यहाँ पे, चलो फूटो यहां से…”

“अरे वैसी तो रोज ही चोद देते हैं, पर ऐसा माल बहुत किश्मत वालों को मिलता है…”

“अरे भाई जितना बोलोगे, इतनी देर में हम लोगों ने चोद भी दिया होता…”

मुझे भी लण्ड की चाहत में उसकी बात सही लगी। और फिर मोम की “सस्स…” सुनाई दे रही थी।

“भाई लोग चले गये हैं ना, अब क्यों देर रहे हो मियां? आपको नहीं करना तो हमें तो करने दो…”

“वैसे वो हैं कहां?”

अब्दुल बोला- “वो अपने फूफा और रिश्तेदारों को छोड़ने गये हैं, जिन्होंने उन रंडियों को तुम्हारे हवाले कर दिया था, उनकी वजह से ही वो बाद में तुमको चोदने को मिली। अब सालो, भाई को पता चलेगा ना, आकर पहले तेरे को मारेंगे। फिर वो ऊपर क्लब में अपने भाइयों के साथ इनको चोदेंगे…”

“अरे… कितनी देर में वापस आएंगे? अभी बस थोड़ा सा… कर लेने दो ना…” मेरी तरफ वाले ने पूछा।

अब्दुल- “तुम लोग चलो उस रूम में, वहाँ उन रंडियों को चोदो, उनको भी पैसे दिए वसूल करो जाकर…” अब्दुल अब गुस्से से बोला।

“अरे वो कहां और ये कहां? चलो अब्दुल भाई, आप पहले कर लो हम बाद में कर लेंगे…”

अब्दुल- “चुप साले। मादरचोद जाकर अपनी भेन को चोदना…” अब्दुल गुस्से में ऐसे बोला की शायद अब उन लोगों को पीटने ही वाला था।

“चलो यार… हाँ…” मोम की चूत सेमें अपने लण्ड को निकलकर एक लड़का बोला।

तभी मोम की तड़पती आवाज बोल पड़ी- “कितनी देर में अकरम आएगा?”

हम सभी मोम को देखने लगे। अब्दुल अटकते हुए बोला- “आधे घंटे में…”

मोम- “तो फिर मेरी चूत मारो ना, देर किस बात की कर रहे हो?”

तभी मेरी गीली चूत में करेंट दौड़ पड़ा और मैंने अपनी कमर हिलाकर उस 5” इंच के लण्ड को अपनी चूत में ले लिया।

अब तो वो तीनों हम पे टूट पड़े, और अब्दुल मुँह खोले हैरानी से हमें देख रहा था, मोम की चूत में 6” इंच लण्ड जोर-जोर से आ जा रहा था, और मोम 4” इंच के लण्ड और बाल्स को पकड़कर मस्त तरीके से चूस रही थी, और मेरी चूत को 5” इंच के लण्ड वाला लड़का जोरों से चोद रहा था।

मैं पहले की ठुकाई की वजह से लेटी-लेटी चुद रही थी। पर मोम में वापस चुदाई करने के लिए ताकत आ गई और वो अपने मुँह को आगे पीछे करके लण्ड चूस रही थी।

ऐसे में वो लड़का बोला- “उह्ह… अरे मैं… मैं तो झड़ने वाला हूँ…”

तभी मोम ने उसके लण्ड को मुँह से निकल दिया और पीछे धकेल दिया। पीछे हटते ही वो झड़ गया, मुझे चोद रहा लड़का भी अब झड़ने वाला था, और जो लड़का मोम को चोद रहा था उसने अपनी स्पीड धीरे कर दी। पर मोम को समझ में आ गया और मुझे भी की वो भी कमीने निकले। हम दोनों ने अपनी चूत से उनका लण्ड निकल लिया और बैठकर अपने हाथ से हिलाकर उन लोगों को खाली कर दिया, वो तीनों शर्म के मारे रूम से भाग गये।

अब्दुल उनके जाने के बाद रूम से बाहर निकलने वाला ही था की मैंने कहा।- “तुम हमें नहीं चोदोगे?”

“उम्म्म… मैं वो… भाई…”

मोम- “अब्दुल, चलो यहाँ आओ…”

अब्दुल हमारे पास आया और खड़ा हो गया, उसकी पैंट में एक टेंट बन चुका था और हम माँ बेटी भी तड़प रही थी।

मोम- “चलो भी, अब्दुल…” कहते हुए मोम उसकी पैंट को खोलने लगी- “सस्स्स… ओह्ह… गिव में दैट…” कहकर मोम ने उसकी पैंट खोल दी।

और मैं सदमे से एकटक उसके नीचे देखती रह गई। अब्दुल अब हमारे सामने अपने 9” इंच के लण्ड के साथ खड़ा था, उसका अनकांडा अपने आपको आजाद पाकर फनफना रहा था।

मोम ने अपने हाथों में ले लिया, और मुँह में लेते हुए- “उम्*म्म्म… आअह्ह… उम्म्म… उम्म्म… सस्स्स…” फिर मोम ने मुँह से निकाल दिया- “इटस सो फकिंग बिग…”

हमसे रहा नहीं गया और मैं और मोम किसी भूखों सी उसपर टूट पड़ी, कभी मोम लण्ड की पूजा करती और कभी मैं उसकी आरती उतारती- “सस्स्स… उम्म्म… उम्म्म… हाँ उम्म्म… उम्म्म…” की आवाज से मैं उस लण्ड को मुँह में लेती और मोम उसके बाल्स को अपनी जीभ को निकाल के खूब चाट लेती और मुँह में ले लेती।

10 मिनट के बाद अब्दुल ने हमें उठाया और पलंग पे लेटा दिया, वो अपनी शर्ट उतार के फेंक देता है, मोम अपनी टाँगें फैलाए अपनी दो उंगलियों से चूत खोल देती है।

मोम- “ले अब्दुल, आज एक बार फिर से फाड़ दे मेरी चूत को…”

मैं मोम को देखती रह जाती हूँ, क्या? मोम पहले भी अब्दुल के इतने लंबे, मोटे, शैतान से लण्ड का मजा ले चुकी है?

मोम मेरे चेहरे की हैरानी देखकर हँस देती है- मोम- “इस्स्स… नाउ फक मी अब्दुल, फक युवर होरस लिटिल पुस्सी…”

अब्दुल मोम की आज कई बार चुद चुकी चूत पे अपना लण्ड सेट कर लेने के बाद एक झटके से पूरा अंदर डाल देता है।

मोम- “आअह्ह… मर गई आआह्ह…” मोम चिल्ला पड़ी।

फिर अब्दुल मोम को जमके चोदने लग गया, और मोम मुझे पास ला के मोम की चूत को चाटने ले लिए झुका देती है। मैं के अब्दुल लण्ड को पकड़कर बाहर निकाल देती हूँ फिर मोम की क्लिट पर थोड़ा थूकती हूँ। फिर वापस उसमें लण्ड को घुसा देती हूँ- “आअह्ह… एस हाँ हाँ…” मोम तड़प के साथ मजे ले रही होती है, फिर मोम की चूत से पानी निकल आता है जिसे मैं पी लेती हूँ।

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:16


फिर मोम हटकर साइड में हो जाती है और मुझे लेट जाने को बोलती है। मेरे लेट जाने के बाद मोम ने मेरी टाँगें फैला दी, ताकी अब्दुल मुझे चोद सके।

मोम- “अब्दुल, आज तेरे लिए एक नई चूत हाजिर है, ये भी तेरे हथियार की मार खाने के लिए बेताब है…”

मैं मोम की बातें सुनकर शर्मा जाती हूँ। मोम तो अपनी बेटी को एक रांड़ की तरह पेश कर रही है, पर ये सुनकर मेरी उत्तेजना और भी बढ़ गई।

अब्दुल- “तैयार हो जा, रोने के लिए…” फिर उसने मेरी गीली चूत में अपना लण्ड धीरे से घुसेड़ दिया, और वो चूत की दीवार पे लग गया।

“आअह्ह… स्सोऽ फकिंग बिग…” मैं अपनी चूत को मसलती हुई अपनी चूचियां दबा देती हूँ।

मोम मुझे किस करने लग जाती हैं, और फिर अब्दुल जो शुरू होता है की मेरी चीख निकल के मोम के मुँह में ही रह जाती है। वो मुझ पकड़े होती है, पर अब्दुल मेरी चूत को दबा-दबा के मार रहा होता है। मोम फिर मेरी चूत को मसल रही होती है, पर मेरी चूत में अब्दुल के लण्ड का मजा सबसे ज्यादा होता है। मैं उसको रोकना चाहती थी। पर जो वो शुरू होता है की रुकता नहीं।

धीरे-धीरे मेरी चुदक्कड़ चूत को उसके बड़े से लण्ड की आदत हो जाती है और फिर मैं भी मजे लेते हुए चिल्लाती रहती हूँ- “चोदो, चोदो मेरी चूत… फक इट, फक माई पुस्सी, ओह्ह… हाँ हाँ और और… मोर…”

अब्दुल- “ये ले हाँ हाँ, आज तेरी भी बजा दूँगा…” अब्दुल पशीने से नहा गया था।

मैं- “हाँ… अब्दुल चोद मुझे, आअह्ह… चोद आह्ह… मर गई…”

अब्दुल- “तेरी चूत बहुत टाइट है, आज तो इसको चूत से भोसड़ा बना दूँगा…”

मैं झड़ जाती हूँ और अपने हाथ से मोम की चूत को जोर से मसल देती हूँ।

“आआह्ह… ऊऊओ शिट…” कहकर मोम मुझे फिर किस करती है और मोम भी तड़प रही होती हैं लण्ड के लिए, कहा- “सस्स्स… अब मेरी बारी… अब्दुल अब मेरी चूत को तेरा लण्ड दे दे…”

मैं अपनी पानी छोड़ती हुई चूत से लण्ड को निकाल के मोम को देती हूँ- “फक इट, टेक दिस प्रिक, होर टेक इट इन योर फकिंग डर्टी डर्टी होर पुस्सी…”

मोम- “येस, गिव इट तो मी, मेरी रण्डी चूत नीडस दिस फकिंग बिग काक… शिट इट्स सो बिग, फक मी वित योर बिग काक, फक माई डर्टी पुस्सी…” और मोम मेरे पास बैठी अपनी चूत को आगे पीछे करते हुए लण्ड को ले रही थी।

और अब्दुल भी मोम की कमर को पकड़े उनको आगे पीछे कर रहा था।

मोम मुझे अपने पास करके किस करने लगी, मोम तो फुल जोश में थी- “ओह्ह… ओह्ह… आआ फक माई पुस्सी…”

अब्दुल तो जैसे पूरे फार्म में था वो जम के शाट पे शाट लगा रहा था- “हाँ… ऊ हाँ हाँ…” वो पूरे पशीने से नहा गया था- “साली तेरी चूत की तो हाँ हाँ आज्ज भोसड़ा बना दूंगा हुहुहू फँसधुह…”

फिर मोम जोरों से चिल्ला पड़ती है और उनकी चूत से खूब सारा पानी बहना शुरू हो जाता है और वो तेजी से हाँफ रही होती हैं, और वो बुरी तरह से काँप रही होती हैं। फिर भी मोम अपनी क्लिट को मसलती रहती है।

उसके बाद मोम ने हटाकर मुझे लेटा दिया और मेरे मुँह पर चूत रखकर बैठ गई- “सक माई फकिंग चूत यू बिच, उम्म्म… इस्स्स्स…” मोम की चूत में करेंट दौड़ रहा था।

मैं अपनी माोम की चूत को पूरी ताकत से चूस और चाट रही थी और वो भी मुझे अपना रस पिलाकर फिर से झड़ गई।

तब अब्दुल ने मुझे कमर से पकड़कर अपने पास खींच लिया और फिर मेरी चूत को मारने लगा। मोम मेरे ऊपर से हटकर मेरे पास लेटकर मेरी चुदाई देख रही थी।

अब्दुल की मर्दानगी भरी चुदाई के कारण मेरी हालत ही खराब हो गई और मैं झड़ गई। मेरी चूत से खूब पानी निकल रहा था।

अब्दुल ने अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी चूत में अपने दायें हाथ की बीच की दो उंगलियों को मेरी चूत में डालकर जोरों से मसलकर मेरी बारह बजाने लगा। फिर उसने मोम को पास बुलाया और मोम अपनी एक टांग ऊपर करके हाथ में ले लेती हैं, अब मोम को अब्दुल ने फिर से चोदना शुरू कर दिया।

मैं- “आअह्ह… फक फक फक उम्म्म… आअह्ह… शिट…” मैं तड़प कर मरी जा रही थी।

और अब्दुल मोम की मारे जा रहा था, और मोम पहले से ज्यादा तड़प रही थी, वो झड़ती हुई बोलती जा रही थी “टोर माई चूत… फक इट आह्ह… मेरी चूत… हाय रैम इट यू फकर…”

अब्दुल मेरी चूत में दो उंगलियों को जोरों से मसल रहा था और मेरी चूत से पानी के छींटे उछल रहे थे। मेरी चूत फिर से झड़ जाती है और थोड़ी देर बाद मोम भी झड़ जाती हैं। अब्दुल अब झड़ने ही वाला होता है।

मैं तभी बोल पड़ी- “मेरी गाण्ड, अब्दुल मेरी गाण्ड में अपना बड़ा सा लण्ड पेल दो, प्लीज़्ज़… फक माई आस…”

अब्दुल मुझे घोड़ी बनाकर मेरी गाण्ड में अपना लण्ड पेल देता है।

“आआअ… शिट…” मैं चिल्ला पड़ती हूँ- “अब्दुल फक माई लिटिल गाण्ड का छेद… मेक इट बिगर… और मार ओह्ह माँ स्स्स्स… ओह्ह… गोड इट्स फकिंग बिग आऽ हाँ हाँ आई लोव इट…”

अब्दुल पूरे जोश में मेरी गाण्ड को दबा-दबा के फाड़ देता है और आखिरकार, वो अंदर ही झड़ जाता है। मेरी गाण्ड में इतना दर्द होता है की मेरी आँखों में पानी आ जाता है। फिर वो मुझ पर झुक जाता है और तेज-तेज हाफ रहा होता है। मेरी गाण्ड की जलन से मैं मरी जा रही होती हूँ, और अब्दुल का वीर्य मेरी गाण्ड के छेद से बहने लगता है।

मैं बड़ी कामुक आवाज से बोलती हूँ- “थैंक्यू अब्दुल…”

मोम भी हँसते हुए बोलती हैं- “थैंक्यू अब्दुल्ल…” और हम हँसते हुए उसको हाथ हिलाकर बाइ-बाइ करते हैं।

अब्दुल मुश्कुराता है और थोड़ा शर्माते हुए वो जल्दी से अपने कपड़े पहन लेता है और फिर आज की रात को सबसे रंगीन बनाकर अब्दुल कमरे से निकल जाता है।

मोम मुझे अपनी बाहों में लेकर लिपट जाती हैं, और अपनी उंगलियों से मेरी जलती गाण्ड को सहलाती हैं, मोम और मैं एक बार फिर नंगी और अकेली थी, एक दूसरे से लिपटी हुई थी।

मोम मुझे देखते हुए कहती है- “होर…”

मैं शर्माते हुए कहती हूँ- “आइ एम सारी… शट-अप बिच…” और हम हँस पड़ते हैं, काफी देर तक हमारी हँसी नहीं रुकती, फिर मैं मोम की चूत हल्के से सहलाती हूँ, उनसे लिपट जाती हूँ, और हम सो जाते हैं।

हम आज बहुत बुरी तरह से चुद चुके होते हैं। चार लोगों ने हमें जम के चोदा था। फिर उन तीनों कमीनों ने हमारी भूख और प्यास को बढ़ा तो दिया था पर उसे शांत एक ऐसे मर्द ने किया जिसको देखकर कभी सोचा ही नहीं था की उसके पास यहां का सबसे लंबा लण्ड है।

फिर मेरी नींद किसी की आवाजों से खुल जाती है। मेरे पास मोम लेटी हुई गहरी नींद में सो रही होती हैं। पर रूम में अब अकरम और उनके भाई भी होते हैं, वो लोग किसी को घेर के खड़े होते हैं। फिर कुछ होश आने के बाद समझ में आता है की चार लोग अपने लण्ड से कंडोम निकालकर दो लड़कियों को अपने लण्ड चूसा रहे थे। मैं लेटी-लेटी उनको देख रही थी।

एक स्लिम बाडी, घुंघराले बाल जो अब उलझे और वीर्य से भरे थे, लंबी सेक्सी टांगों वाली लड़की जिसकी चूचियां थोड़ी छोटी-छोटी थीं, फिर भी वो मस्ती से दो लोगों को हाट ब्लो-जोब दे रही थी, उसकी स्लिम बाडी के उलट उसके पास वाली लड़की थी।

उसका फिगर कर्वी था और वो उससे ज्यादा सांवली थी, उसकी हाइट दूसरी लड़की से छोटी थी, उसके बड़ी-बड़ी चूचियों पर बड़े काले-काले निपल थे और उसके चूतड़ फुटबाल जितने बड़े-बड़े थे और इस सब खूबियों के कारण वो पक्की चुदक्कड़ लग रही थी।

दोनों औरतें एकदम प्रोफेशनल थीं चुदाई में, पर उनकी अबकी हालत से वो भयानक दिख रही थीं, सेक्सी बाडी होने पर भी वो दोनों के चेहरे चुड़ैल जैसे हो गये थे और पता नहीं वो लोग उनको कैसे चोद रहे थे, और चार लण्ड अब उनको चोदने वाले थे, पर वो उनपर झड़ गये और उन्होंने सब कुछ पी लिया। फिर वो सभी सोफे पे बैठ गये और वो लड़कियां कार्पेट पे लेट गई, तब उन सभी ने मुझे देखा।

सलमान- “ओह्ह… जाग गई? तुम लोग गहरी नींद में थी, तो हमने यहीं पर अपना खेल चालू कर लिया…” सलमान ने कहा।

मैं- “कोई बात नहीं…” मैं बोली।

फिर वो सभी मर्द उठकर मेरे पास आए और मेरे मुँह के पास अपने लटकते लौड़ों को लाकर कहा- “आज बेचारों ने बहुत ठुकाई की है जरा गुड नाइट किस्सी दे दो…” फिर वो हँसने लगे।

मैं नींद भरी आँखों से उनको देखती हूँ। उनके प्लीज़्ज़… बोलने पर मैंने सभी लण्ड के सुपाड़े को एक-एक करके किस किया।

सलमान बोला- “मेरी जान थोड़ा प्यार से किस करो, नहीं तो कल ये तुमको नहीं मिलेगा…”

मैं बोली- “ओके तो फिर…” फिर उसके लण्ड को पूरा मुँह में ले लिया और फिर जोर से चूसते हुए अपने मुँह से निकाला- “अब ठीक है?” शरारती स्माइल से पूछा।

सलमान- “वाह… मजा आ गया…”

उसके बाद मैंने सभी चारों लण्डों को 3-4 बार वैसे ही मुँह में लिया और निकाला, वो दो रंडियां मुझे देख रही थीं, पर मैंने उनपर ध्यान दिया ही नहीं।

चारों को मेरे गुड नाइट किस्सी देने के बाद अशरफ का मूड बन गया और वो मेरे पास आया पर सलमान बीच में आकर मेरे पीछे लेट गया और अशरफ की तरफ देखते हुए कहा- “तुम लोग ऊपर वाले रूम में जाकर सो जाओ…”

तब तक अकरम मोम के पीछे लेट गया। उन दोनों के हम पर कब्जा कर लेने से अशरफ का मूड आफ हो गया, क्योंकी बेड पर अब मेरे और मोम के साथ वो दोनों स्पून पोजीशन में थे। आखिरकार, वो अपना खड़ा होता लण्ड लेकर उन रंडियों और इरफान को साथ लेकर रूम से निकल गया।

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