मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

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pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:16


मैंने पीछे सलमान की तरफ देखते हुए कहा- “थैंक्स, मेरा बदन अभी भी दर्द कर रहा है और आपने मुझे चुदने से बचा लिया…”

सलमान- “पता है मेरी जान, उस गान्डू को अकल नहीं है, तू चिंता मत कर…” फिर उसने मुझे एक प्यारा सा किस दिया।

फिर मैंने भी उसको सपोर्ट किया, किस ब्रेक होने के बाद मुझे उसकी बाहों में कैद होकर बड़ा मजा आ रहा था और मेरी चूत में फिर से खलबली होनी शुरू हो गई। उसने मेरे बालों को पकड़कर फिर से किस किया, गर्म सांसें छोड़ते, गर्दन और कंधे पे किस करते हुए वो मेरी चूचियों से लेकर मेरी नाभि और फिर मेरी क्लिट तक सहलाने लगा।

उधर अकरम मोम के पीछे से हमें देख रहा था, ऐसा लगता था की वो मोम को तंग नहीं करना चाह रहा था। इसलिए फिर वो उनसे चिपक के सो गया।

इधर मैंने अपने हाथ को चूत पे लेजाकर पीछे से गर्म और सख्त लण्ड को अपनी चूत के बीच कर दिया, वो मेरी लेफ्ट चूची के निपल को हल्के से छेड़ता रहा और मैं हल्के से कसमसाती रही, जिसके कारण अपने लेफ्ट हैंड से अपनी चूत से सटे लण्ड की मसाज करने लग गई।

हम बहुत थके हुए थे। आज मेरी और मोम की जम के ठुकाई हुई थी, और ना जाने हमारे आने से पहले भी इन लोगों ने भी कितने मजे किए होंगे? वो अब भी हार्नी था और फोरप्ले कर रहा था। मैं थकी हुई थी और सोना चाहती थी, पर उसके खेल से मुझे अच्छा महसूस हो रहा था।

उसने उत्तेजना में अपने लण्ड को मेरी चूत के सिरे पर धीरे-धीरे रगड़ना शुरू कर दिया और फिर अचानक से उसने अपना बुरी तरह तड़पता हुआ लण्ड मेरी भट्टी जैसी गर्म और सागर से ज्यादा पानी से भरी चूत में डाल दिया। मैं हौले से सिसक उठी।

फिर सलमान कुछ देर यूँ ही रुका रहा, उसके बाद वो बहुत ही धीरे-धीरे, प्यार से मेरे अंदर-बाहर डालने लगा, इस धीरे और सेक्सी इनटेन्स सेक्स से बड़ा मजा आ रहा था।

मैं इस तरह का सेक्स काफी टाइम से नहीं कर पाई थी, क्योंकी जब भी मेरा कोई बायफ्रेंड होता वो मुझे वाइल्ड होकर ही चोदता और फिर उनमें इतनी समझ नहीं होती की मैं उनकी गर्लफ्रेंड हूँ, और उनसे प्यार भी चाहती हूँ, अभी मुझे ठीक वैसा महसूस हुआ जब मैंने अपनी वर्जिनिटी खोई थी।

सलमान मुझे एक कुँवारी लड़की की तरह का प्यार कर रहा था, मैं इस्स्स… उह्ह… उह्ह… उह्ह… माआ उन्ह उन्ह करती हुई लेटी रही, सलमान मेरे कान और गर्दन को चूमता हुआ गर्म सांसें छोड़ रहा था। तभी मैं अपनी चूत में जोरदार हिट महसूस करती हूँ और फिर बड़ा तेज आर्गैज्म मिलता है, मेरी चूत में बाढ़ सी आ जाती है। ये बिल्कुल अद्भुत और आश्चर्यजनक थे।

मोम करवट लेकर अकरम की तरफ हो जाती हैं।

मैं अपनी चूत मसलती हुई करवट लेटे हुए सलमान की तरफ मुँह कर लेती हूँ, और किस करते हुए एक टांग उसकी कमर पे रख देती हूँ और वो मेरी जाँघ पकड़कर मुझे अपने ऊपर लेकर मेरी दोनों जांघें फैला देता है और लण्ड को फिर से चूत में डाल देता है।

मेरी चूचियां उसके सीने पर रगड़ने लगती हैं, जब वो मेरी गाण्ड को पकड़कर मुझे हिला रहा होता है। मैंने तो जैसे अपने आपको उसके हवाले कर दिया था, वो मेरी पूरी बाडी को सहलाने लगा और मुझे किस करने लगा, धीरे-धीरे अब फिर से मैं झड़ने को होती हूँ।

अब वो मेरे बड़ी गाण्ड को दोनों हाथों से जकड़ के तेजी से चोदना चालू कर देता है और आखिरकार, मेरी चूत में उसका माल एक फुहार के साथ भर जाता है। उसके ठीक बाद मैं भी झड़ जाती हूँ। हम तेज सांसों के साथ एक दूसरे से लिपटे थे और मुझे हल्की ‘सस्स्स’ सुनाई दे रही होती है, और मैं सलमान के ऊपर लेटे हुये उन सस्स्स… आह्ह… को सुनती हुई सो जाती हूँ।

अगले दिन मेरी आँखें खुल जाती है। आह्ह… क्या रात थी, पर मेरी पूरी बाडी तो जैसे अकड़ सी गई थी। फिर मैं देखती हूँ कि मैं बेड के लेफ्ट साइड में लेटी हूँ और मेरे दायें साइड में सलमान, फिर मोम और आखीर में अकरम सो रहे होते हैं। मैं अंगड़ाई लेते हुए उठ जाती हूँ।

फिर मैं बाथरूम चली जाती हूँ, बाथरूम से अपने मुँह और हाथों को पोंछते हुए बेड की तरफ देखती हूँ, वो तीनों अब भी सो रहे होते हैं। तौलिया पास पड़ी चेयर पे फेंक के सामने सोफे के बीच टेबल के नीचे से अपनी पैंटी उठाकर पहन लेती हूँ, पर्स से फोन निकलकर देखती हूँ की 11:00 बज गये थे, कुछ मिस काल थे, रेहान के 4, भाई के 2, और 15 विशाल ने किए थे (लगता है बहुत ही याद आई थी उस मिनिस्टर के बचे को।)

फोन पर्स में डालकर बेड पर मोम को जाकर उठती हूँ, वो दोनों भी जाग जाते हैं। मैं स्वीट आंड सेक्सी आवाज में- “गुड मार्निंग हन्नी…”

मोम, अकरम, और सलमान अंगड़ाई लेते हुए- “गुड मार्निंग…” “गुड मार्निंग स्वीटी…” “गुड मार्निंग जानू…”

मोम उठती हैं पर सलमान उनको अपने पास करके किस कर देता है, और मोम उसका सोया हुआ लण्ड सहलाती हुई किस का जवाब देती हैं- “गुड मार्निंग बिग बाय…”

“आ मार्निंग…”

अकरम- “आह्ह… क्या पार्टी थी… भाई आपको मजा तो आया ना?”

सलमान मोम के किस को तोड़ते हुए कहता है- “बहुत, आज तक इतना मजा कभी नहीं आया, छोटे मुझपे तेरा कर्ज़ रहा…”

मोम- “अच्छा जी… और हमारा क्या?”

सलमान- “तेरी वजह से तो मैं कर्ज़े में डूब गया…”

मोम स्माइल के साथ उसे एक छोटा सा किस करती है।

अकरम मुझे अपने पास खींचकर, आह्ह… मेरी चूचियां उसके चेहरे से टकरा जातेी हैं, वो बोलता है- “कल तुम लोग जल्दी क्यों सो गई थी? हमारा इंतेजार ही नहीं किया…”

मैं- “तो फिर इतना लेट आए ही क्यों?”

अकरम- “अच्छा। चल कोई बात नहीं, अब तो खुश कर दे…”

मैं- “क्यों उन दोनों ने आपको खुश नहीं किया?”

सलमान और अकरम ‘ऊऊओ’ करते हुए चिढ़ाते हैं- “लगता है किसी और को खुश करने की जरूरत है?” फिर अकरम मेरी चूचियों को दबाकर मुझे अपने ऊपर गिरा देता है।

मेरी गाण्ड अकरम के लण्ड पर आ जाती है और मेरा सिर मोम की चूत के पास आ जाता है, मेरी नजरों के एकदम पास दो अँगुलियां एक रसीली चूत को मसल रही होती हैं, अकरम मेरी पैंटी को उतार के फेंक देता है। फिर मैं अपनी जीभ को मोम की क्लिट के ऊपर फेरने लग जाती हूँ।

बेड पर अकरम मेरी क्लिट को दबाते हुए मोम को किस कर रहा था, मोम सलमान का तगड़ा और मोटा लण्ड अपने हाथों से तेजी से सहला रही थी और सलमान मोम की चूचियां चूस और दबा रहा था और एक हाथ से मेरी चूचियां सहला रहा था।

वो दोनों उठकर हमें डागी स्टाइल में आने को बोलते हैं। थोड़ी देर बाद मैं और मोम घोड़ी बनकर उनके लण्ड को अपनी लाल गाण्ड हिला-हिलाकर अपने पीछे खड़े दो भाइयों के एक जैसे लण्ड को चोद रहे थे, उन्होंने अपनी जगह बदल दी। अब अकरम मोम की चूत को जोरदार झटके देते हुए मारे जा रहा था और सलमान मेरी चूत में अपना लण्ड पेल रहा था, और हम माँ बेटी चुदक़्कड़ रंडियों की तरह चिल्लाते और रोते हुए अपनी फड़वा रही थीं, ऐसा लग रहा था की अब तो सच में फट ही जाएगी।

मैं- “हाय मर गई आअह्ह…”

मोम- “चोदो चोदो आअह्ह… मेरी चूत आह्ह…”

मैं- “हाँ हाँ आई एम योर फकिंग होर, फक मी हार्डर…”

मोम- “एस एस एस…” मोम झड़ने वाली थी।

और मैं भी- “हार्डर हार्डर हार्डर…”

पर वो दोनों भाई रात भर सोने के बाद बहुत भूखे थे, वो दबा के खाए जा रहे थे हम माँ बेटी की चूत को।

अकरम- “आह्ह… हूँ हूँ ये ले, ए ले रांड़ साली हूँ हूँ हूँ…” फट-फट झटके देते हुए उसने कहा।

सलमान- “हूँ हूँ हूँ तुम लोगों की चूत का भोसड़ा बना देंगे…”

मोम- “हाँ… चोद डालो आअह्ह… फक आवर फकिंग चूत, इट्स आल योर्स…”

मैं पीछे मुड़कर उन दोनों को देखते हुए बोलती हूँ- “हमारा मुँह सूखा जा रहा है…”

मोम एरोटिक टोन में बोलती है- “हाँ कुछ पिलाओगे नहीं हमें?” और मोम मेरे बाल पकड़कर अपने पास करती है। फिर हम एक दूसरे को बेहताशा किस करते हैं।

सलमान- “आह्ह… क्या नजारा है…”

अकरम- “चलो एक साथ इनकी प्यास बुझा दें…”

फिर आखिरकार, वो एक साथ बोलते हैं- “ले आ पिल्ला दूं तुझे… चल नीचे बैठ जा और पी डाल सारा का सारा…”

हम झट से नीचे कार्पेट पर घुटनों के बल मुँह खोले बैठ जाती हैं, वो दोनों अपने लण्ड को तेजी से हिलाते हुए हमारे चेहरे और मुँह पर झड़ जाते हैं।

मोम- “आह्ह… ह्म मोना, कम हियर, लेट मी क्लीन योर फेस, ह्म टेस्टी, यू वांट सम?” और मोम उठकर मेरे मुँह पे लगे वीर्य को चाट के मुझे किस करती हैं।

मैं- “थैंक्स राखी…” फिर मैं भी ऐसा करके मोम का चेहरा क्लीन कर देती हूँ।

वो दोनों अब हमें अपनी बाहों में उठाकर बाथरूम लेकर जाते हैं और शावर के नीचे खड़ा कर देते हैं।

अकरम- “चलो अब हमें नहला दे मेरी जान…”

मोम मुश्कुराते हुए सोप उसके हाथ से लेती हैं, और मैं शावर ओन कर देती हूँ। मोम सोप अपनी चूचियां पे लगाती है, फिर वो अकरम के लटकते लण्ड को चूचियां के बीच रखकर मस्त चूची-चुदाई करती हैं।

मैं सोप को सलमान को देते हुए सेक्सी और शरारती आवाज में कहती हूँ- “आप जरा मेरी पीठ पे साबुन लगा दोगे?” और फिर हम एक दूसरे के बदन को अच्छी तरह से साफ कर देते हैं। फिर चारों शावर के नीचे नहाते हैं, जिससे उनके लण्ड वापस खड़े हो जाते हैं, और तब तक वो हमारी चूत, गाण्ड, और चूचियों को मसल मसलकर धो चुके होते हैं।

एक बार और बाथरूम हमारी चुदाई की आवाजों से भर जाता है। सुबह को उन्होंने हमारी चूत को फाड़ डाला था पर इस बार उन दोनों ने बारी-बारी से बाथरूम में हमारी गाण्ड फाड़ दी।

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:17


आखीर में अकरम ने मोम को अपनी गाण्ड ऊपर करके बैठा दिया और उसमें अपने लण्ड डाले ऊपर-नीचे होने लगा और फिर मुझसे कहा की वो अपना माल मेरे मुँह में भरेगा, पर उसको पीना मत।

फिर सलमान ने मेरे मुँह को अपने लण्ड से भर दिया और मैं सिर आगे पीछे करके उसके लण्ड से वीर्य निकालने लगी। तब वो मेरे मुँह में झड़ गया। जैसा उसने कहा, मैंने चाहते हुए भी उस टेस्टी वीर्य को अपने गले से नीचे नहीं उतरा।

अकरम ने मोम की गाण्ड से लण्ड निकालते हुए कहा- “अब इसकी गाण्ड में भर दे…”

मोम की गाण्ड का छेद खुला हुआ था और मुझे अंदर का हाल दिख रहा था, मैं अपने मुँह को छेद पे लेजाकर सारा वीर्य उसमें डाल दिया।

फिर अकरम ने अपना लण्ड मुझे चूसने को दे दिया और सलमान ने मोम की गाण्ड के छेद में अपना लण्ड डाल दिया, ताकी गाण्ड का छेद सिकुड़ ना जाए, कुछ देर बाद मोम की गाण्ड में उन दोनों का वीर्य था जिसे मैंने अपने मुँह से अंदर डाला था। फिर उन्होंने हमें बाथरूम के गीले फर्श पे लिटाकर अपनी जबान के कमाल से हमें झड़ने को मजबूर कर दिया, कुछ देर हम यूँ ही लेटे रहे फिर उसके बाद शावर ओन करके हम चारों नहाकर बाहर आ गये।

“चलो अब कुछ खा लेते हैं…” फिर हम सभी रूम में अपने कपड़े ढूँढ़ने लगे, मेरी और मोम की ड्रेस सोफे के कोने में खराब और सलवटों से भरी होती है।

मोम- “मेरी कार के अंदर शापिंग बैग रखे हैं, आप उनको ला देंगे?”

अकरम- “अभी ये ही पहन लो ना, यहाँ पर कोई कपड़ों को नहीं देखता…”

मोम- “नहाने के बाद मैं ये नहीं पहन सकती, आप किसी को बुला दो बैग लाने के लिए और कार की पीछे की सीट पे ही बैग रखे हुए हैं…”

अकरम- “रुक जरा, फोन किधर है?” फिर वो फोन ढूँढ़ने लगता है।

सलमान कहता है- “आज क्लब खाली ही है और कोई फेर्क नहीं पड़ेगा, पर मोम और मैं मना कर देते हैं…”

अकरम- “चलो अब तुम ये तो नहीं पहनोगी, कोई बात नहीं। अब तुम लोगों को ये कपड़े भी नहीं मिलेंगे…” और वो हमसे सारे कपड़े ले लेता है।

मैं- “नहीं नहीं…”

सलमान- “अब तो तुम लोगों को ही जाना पड़ेगा अपनी कार से कपड़े लेने…” कहकर वो दोनों हँसने लगते हैं।

मोम थोड़ी मूड में आकर कहती है- “नहीं, अब तो तुम ही लाओगे हमारे कपड़े…”

सलमान- “अच्छा। नहीं तो?”

मोम बोलने वाली होती है की तब अकरम मोम को तौलिया लाकर पकड़ा देता है- “अब ज्यादा शर्म आ रही है तो ये पहन के जाओ और अपने कपड़े लाओ…”

मैं- “क्यों मस्ती कर रहे हो, ला दो ना प्लीज…” प्लीज़्ज़… बोलते टाइम मेरी चूचियां हिलती हैं।

और दोनों हँसते हुए कहते हैं- “अब ये तौलिया ले लो, वरना यूँ ही नंगे जाना पड़ेगा…”

मोम तौलिया लेकर अपनी चूचियां और चूतड़ को कवर कर लेती है, और नाक ऊँची करके अपनी सेक्सी गाण्ड को मटकाते दरवाजा की तरफ जाती हैं।

सलमान मोम का हाथ पकड़कर रोकते हुए बोलता है- “ये फुलझड़ी तो बड़ी नकचढ़ी भी है, पर मानना पड़ेगा, सच्ची तू ऐसे ही बाहर चली जाएगी?”

मोम अपने हाथ सीने पे बांधती हुई बोलती है- “आप नहीं लाओगे, तो फिर किसी को तो जाना पड़ेगा…”

सलमान- “अरे हम तो मजाक कर रहे थे, अगर बाहर अकेली चली गई होती तो लोग पकड़ लेते तुझे…” और फिर सलमान काल करके किसी लड़के को खाना लाने को बोलता है।

मोम- “तुम भी तौलिया पहन लो…”

मैं- “इटस ओके राखी…” मैं आँख मारते हुए कहती हूँ।

पर अकरम हम दोनों को फिर से अलग नजरों से देख रहा होता है। मोम मुझे एक तौलिया ला देती हैं, जिसे चूची के ऊपर से बाँधकर मैं खुद को कवर कर लेती हूँ।

कुछ देर में एक लड़का खाना लेकर रूम में आता है, और अकरम मुझसे कार की चाभियां लेकर उस लड़के को हमारा सामान लाने को कहता है। हम चारों मिलकर खाना खाते हैं, और बातें करते हैं। इस सबके बाद वो खाना लाने वाला लड़का मुझे कार की चाभियां देता है और हमें अपने शापिंग बैग मिल जाते हैं।

मैं तौलिया निकाल के एक डीप ‘वी’ कट सफेद कलर का टाप और वेस्ट बेल्ट के साथ ब्लैक फ्लोयिंग हेम स्कर्ट पहन लेती हूँ, मोम रेड कलर डीप ‘वी’ कट रैमपर पहन लेती हैं, जिसमें उनकी कर्वी बाडी सेक्सी लग रही होती है। हम सभी ऊपर क्लब में जाते हैं, क्लब और वो जगह पहले से काफी खाली होती है, पर अब भी 3-4 लोग वहां बैठे होते हैं

सलमान- “चल ठीक, अब मैं चलता हूँ…” वो अकरम के गले लगकर मेरी तरफ आता है- “तेरी बड़ी याद आया करेगी अब से…”

मैं और मोम उसको किस करते हैं, फिर वो वहाँ से चला जाता है। अकरम उन 3-4 लोगों को सलमान के साथ जाने को बोलता है, अब उस जगह पे सिर्फ हम तीनों ही होते हैं।

अकरम मेरे और मोम की कमर पे हाथ रखकर ऊपर रूम में ले जाता है जहाँ मुझे उसने पहली बार चोदा था। उस रूम की तरफ जाते हुए अकरम हमारी तारीफें करते हुए कहता है- “तुम लोगों ने तो पार्टी की शान बढ़ा दी…”

हम थोड़े शर्मा जाते हैं। मैंने कहा- “पर आपने तो हमारी हालत खराब ही कर दी…”

अकरम- “तुम लोगों ने ही हमें मजबूर किया ऐसा करने के लिए…” हमारे चूतड़ों और पेट पर हाथ फेरते हुए कहा।

मोम सेक्सी आवाज में बोली- “वो कैसे?”

तब तक हम ऊपर रूम में पहुँच गये थे, और दरवाजा खुला छोड़कर हम बेड पर बैठ गये। अकरम किसी राजा की तरह बीच में बैठा हुआ था और मैं और मोम अगल बगल में रानियां बनकर उससे लिपटी हुई थीं।

अकरम- “तुम दोनों का ये जवान और सेक्सी बदन किसी को भी चोदने के लिए मजबूर करता है, इसलिए तुम लोग ही कसूरवार हो कल रात की ठुकाई के…”

मैं- “जब सामने इतने लंबे और तगड़े लण्ड होंगे तो कोई भी लड़की अपनी जवानी पे कैसे कंट्रोल कर सकती है? और तो और आपके वो दो भाई तो यूँ ही नंगे पुँगे घूम रहे थे…”

अकरम- “तुम दोनों को उनके लिए थोड़े ही ना बुलाया था। वैसे मेरा बड़ा भाई कैसा लगा?”

मोम- “आपके भाई तो आपकी तरह निकले, हमारे सभी छेदों की उन्होंने बैंड बजा दी…”

अकरम- “आखिर भाई किसका है? लेकिन ये तो बताओ, तुम दोनों को मजा तो आया ना दो भाइयों से एक साथ चुदने में?”

मैं उसके पैंट के ऊपर हाथ फेरते हुए बोली- “हाँ… बहुत…” और फिर पैंट पर से लंबे और कड़क तने हुए लण्ड को पकड़कर हिलाते हुए शरारती आवाज में- “और आपको? आपको मजा आया ना?” फिर झुक के उस उभार को चाटने लगी, फिर शरारती तरीके से हल्का काटा।

अकरम तड़पते हुए- “हाँ… मेरी जान, मजा तो मुझे भी आया। लेकिन कल जितने भी लोग यहाँ थे उन सबसे ज्यादा, और तो और तुम दोनों से भी ज्यादा…”

मोम अपने टाप के डीप ‘वी’ कट को साइड करके अपने चूचियां बाहर निकल देती हैं, और सेक्सी स्माइल से पूछती हैं- “ह्म्म… वो कैसे?”

अकरम अब हल्के से फुसफुसाते हुए कहता है- “मुझे तुम दोनों को पहले चार भाइयों से रण्डी के जैसे चुदते देखने में मजा आया, फिर आज सुबह देखा…” फिर हम तीनों एकदम पास में आ जाते हैं फिर वो बोला- “की कैसे दो भाई मिल के एक साथ माँ बेटी को चोद रहे हैं…”

मेरा हाथ उसके लण्ड पर फेरते हुए रुक जाता है, और मोम की सेक्सी स्माइल कहीं खो जाती है, हम एक दूसरे को देखने लग जाते हैं, कैसे पर आखिर कैसे इनको पता चला? ओह्ह… माई गोड।

अकरम चालू रहता है- “… और कैसे एक बेटी अपनी माँ की गाण्ड में किसी का माल भरती है, सच में मुझे तो अपनी पूरी लाइफ में ऐसा मजा नहीं आया…”

मोम मुझे देख रही थी। फिर मैंने धड़ाके दिल के साथ अकरम को पूछा- “कैसे? आपको कैसे पता चला?”

अकरम- “कल तेरे भाई का फोन आया था…”

मेरे तो जैसे काटो तो खून नहीं। मैं बिल्कुल सदमे में आ गई और मोम की आँखें और मुँह डर और शाक के मारे खुले के खुले थे।

मैं- “और… और क्या आपने उसको बता दिया?”

मोम अपने मुँह पे हाथ रख लेती हैं।

अकरम मोम को शाक और डरी हुई देखता है, तो अकरम मुश्कुरा के उनके कंधे पर हाथ रखकर बोलता है- “तुझे लगता है, मैं तेरी असलियत तेरे बेटे को बताऊँगा? पागल है क्या? उसने अपने बाकी पेमेंट को लेने के लिए फोन किया था। मैंने उससे बस कुछ सवाल पूछे और फिर मेरे को पता चला की पहले माँ आई थी, और फिर लास्ट टाइम वो बाहर गई हुई थी, इसलिए उसकी बहन को पेमेंट के लिए आना पड़ा…”

हमारी जान में जान आ गई की भाई को हमारे बारे में पता नहीं चला और अकरम ने भी उसको नहीं बताया, लेकिन अब भी हमारा दिल जोरों से धड़क रहा था।

अकरम- “और ये जान के मुझे भी धक्का लगा। यार सच में मानना पड़ेगा, तुम दोनों माँ बेटी पक्की चुदक्कड़ हो। आज तक मैंने खूब रंडियां देखी हैं, विदेशी चुदक्कड़ लौंडियों को भी अपने लण्ड का मजा चखाया है, पर तुम दोनों सबसे आगे हो…”

मैं और मोम रंडियों जैसे सेक्स करते रहे, और वो हम माँ बेटी के बारे में जानता था।

अकरम ने आगे कहा- “मैंने तुम लोगों को भले ही औरों से चुदाने दिया हो, पर मुझे खयाल है तेरा और तेरा भी की तुम अपने घर वालों से छिपाकर मजे करती हो। पर मुझे पता नहीं था की तुम दोनों एक ही घर से आई हो, तुम जब अपने भाई और बेटे को और हाँ पति को भी उल्लू बनाती हो तब?”

उसने आगे कहा- “वैसे भी जब तुझे अपनी बेटी के साथ और तेरी बेटी को तेरे साथ मिलकर कई-कई लोगों से मरवाने में कोई प्राब्लम नहीं होती, तो फिर मुझे क्या पड़ी है तुम्हारी पर्सनल लाइफ में लोचा करने की। इसलिए सिर्फ मेरे को ही पता है, मैंने किसी को भी नहीं बताया। ताकी तुम लोग अपनी मर्ज़ी से चुदती रहो, ना की मजबूरी से…”

ओफ्फ… चलो घर पे पता नहीं चला, हमारी जान में जान आ गई।

फिर अकरम मेरी तरफ देखते हुए कहता है- “अब आगे से ध्यान रखना की ये बात सिर्फ मुझे ही पता हो। ठीक…”

तभी मोम मेरी तरफ मुड़कर कहती है- “मोना, चलो अब यहाँ से…”

अकरम- “क्या हुआ? अभी कोई टेन्शन की बात नहीं है…”

मोम- “कैसे टेन्शन की बात नहीं है? आज आप जान गये हो, कल कोई और जान जाएगा। हम ऐसा नहीं कर सकते, हमारी बदनामी हो जाएगी और फिर हम क्या करेंगे?”

फिर मैं रिलैक्स होकर मोम को बोलती हूँ- “ओह्ह… कम ओन, मोम। भाई को कुछ भी पता नहीं चला है…”

अकरम- “शांत हो जा मेरी जान, कोई बदनामी वदनामी नहीं होगी, देख आज तक तूने यहाँ पे मेरे कितने कस्टमरों से चुदवाया है, कोई जान पाया अब तक? और फिर तुझे तो चुदाई का बड़ा शौक है, रह पाएगी बिना चुदाये, ऐसे ही? बोल…”

मोम कोई जवाब देना चाहती थी। पर मैं मोम को अच्छी तरह से जानती हूँ, वो तो कल बेशर्मी से रेहान की बाइक के पीछे अपनी नंगी गाण्ड पूरे शहर को दिख रही थी, और अभी मोम को बदनाम होने का डर है? मैंने कहा- “मोम, क्या आपको मजा नहीं आता ऐसी मजेदार लाइफ में? हाँ?”

मोम चुप रही।

मैंने मोम से कहा- “देखा, आप मना भी नहीं कर पा रही हो…”

मोम- “बात ये नहीं है। वी हैव टु स्टाप दिस। हम पकड़े जा सकते हैं, और फिर तुम्हारा फ्यूचर भी खराब हो जाएगा…”

मैं- “ओह्ह… प्लीज़्ज़… मोम, अभी तक क्या बिगड़ गया है?” फिर मैं मोम की चूचियां पे हाथ रखकर कहती हूँ- “और कल के चक्कर में आज जो बिगड़ सकता है उसका क्या?” कहते हुए मैं मोम की चूचियों को पकड़कर मसल देती हूँ।

मोम ‘सस्स्स…। करके- “पर बेटा, तू अब ऐसा नहीं कर सकती। मैं अपनी बेटी को किसी प्राब्लम में नहीं आह्ह… नहीं डाल सकती…” मोम कड़क आवाज में ये बात कहना चाह रही थी पर उन्होंने सेक्सी आवाज में कह डाला।

मैं- “क्यों? मैं क्यों नहीं मजे ले सकती, जो आप लेना चाह रही हो?”

मोम- “तू अभी… आऽऽ बहस मत कर…”

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:18


अकरम ने मोम की मिनी ऊपर करके उनकी चूत में दो उंगली डाल दी, और कहा- “तुझे अकेले मजे करने हैं, पर अपनी बेटी को मजे नहीं करवाना चाहती?” कहकरर वो मोम का दायां निपल चुटकी में जोर से मसल देता है।

मोम- “ऊउईई माँ… आह्ह… मैं अपनी बेटी को रंडियों के जैसी नहीं बना सकती…”

अकरम- “अच्छा? और तू खुद क्या है?”

मैं- “हाँ बोलो?”

मोम- “आ स्टाप दिस। मोना चलो आज के बाद ना मैं कभी ऐसा करूँगी और ना तुम करोगी…”

अकरम- “क्या?”

मोम मजे लेते हुए आइन्दा सेक्स ना करने की कसम खा रही होती हैं।

इसलिए मैं मोम को कहती हूँ- “ठीक है मोम, चलो अब यहां से…”

पर मोम मेरा हाथ अपनी चूत से नहीं हटाती और मुझे पता चल गया था की मोम असल में क्या चाहती हैं, पर वो स्वीकार नहीं कर पा रही थीं।

मैं- “चलो मोम, अब हम नार्मल लाइफ जियेंगे ओके?” ओके पर मैं उनकी क्लिट दबा देती हूँ।

अकरम ये सब देख रहा होता है। फिर वो कहता है- “ह्म्म… तो तुम अब से सती सावित्री बन ही रही हो। अच्छा तो एक बार इस रति वाली लाइफ को अलविदा कह दो…”

मोम बोली- “ठीक है…” उनकी हालत खराब हो रही थी।

फिर अकरम मोम की ड्रेस की जिप पीछे से खोल देता है, और मोम भी अपने हाथ ऊपर कर लेती है और अकरम उनकी ड्रेस ऊपर खींचके मोम को नंगी कर देता है। फिर मोम को पीठ के बल लिटाकर दोनों टाँगें फैलाकर मोम की गीली चूत पे अपना बड़ा सा लण्ड रगड़ते हुए मोम को कहता है- “बोल अब आखिरी बार रण्डी जैसे चुदेगी?”

“हाँ…” मोम की पीठ अकड़ जाती है।

अकरम- “और तेरी बेटी भी रण्डी बनकर चुदेगी? हाँ बोल…”

मोम- “नहीं मेरी बेटी को इससे दूर रखो…”

अकरम- “वो क्यों? आज तक तो बड़े मजे के साथ उसको भी अपनी चूत चुसाती आई है…” अपने लण्ड को उनकी चूत पे और तेज रगड़ते हुए वो बोला।

मोम- “आह्ह… अब डाल दो आखिरी बार, मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती…”

अकरम अपने लण्ड को चूत से हटा देता है और मेरे पास आकर मुझे किस करता है और मेरे कपड़े उतार देता है, और मैं अपनी मुट्ठी में उसके तगड़े लण्ड को भर के तेजी से सहलाती हूँ।

मोम तड़प रही होती है और अकरम अब मेरी चूत को मसलते हुए मोम की तरफ देख रहा होता है, और मोम की आँखें लण्ड की भीख माँग रही होती हैं। पर वो बेरहम उन्हें तड़पाता रहता है। मैं भी मजा लेते हुए मोम के पास आकर उनकी चूचियां दबा रही होती हूँ।

मोम- “आआह्ह… अब डाल भी दो ना…”

अकरम मेरी चूत में अपना लण्ड डाल देता है और उसपर मेरा वीर्य लगा देता है फिर वो मोम के पास जाकर उनके चेहरे के पास अपने लण्ड को दिखाते हुए- “देख तेरी बेटी भी चुदना चाहती है, पर तेरी वजह से वो आखिरी बार लण्ड नहीं ले पाएगी, बोल फिर, चुदायेगी उसको मुझसे?”

मोम- “आह्ह… सस्स्स… अब सहन नहीं होता आह्ह…”

अकरम मोम की चूत पे लण्ड रगड़ते हुए उनको तंग करता है- “बोल तू खुद एक रण्डी है, और अपनी बेटी को भी रण्डी की तरह चुदायेगी?”

मोम बुरी तरह तड़प उठती है- “ओह्ह… माँ शिट… हाँ मैं एक रण्डी हूँ, अब तो डाल दो…”

अकरम- “किसकी रण्डी है?”

मोम- “आपकी आह्ह… प्लीज़्ज़ फक मी… आई एम फकिंग स्लट आफ युवर्ज़, फक मी लाइक आ बिच, फक माई होर चूत वित योर फकिंग बिग काक, ओह्ह गोड…”

अकरम- “और? तेरी बेटी का क्या?”

मोम- “आऽ मुझे लण्ड चाहिए, प्लीज़्ज़… फक मी…”

अकरम- “और तुझे?” अकरम मुझसे पूछता है।

मैं भी अपनी चूत शांत करना चाहती थी इसलिए हाँ में सिर हिला दिया।

अकरम मोम से- “तेरी बेटी को मेरा लण्ड चाहिए, पहले उसे दूं या तुझे? अब बोल चुदाई करवाना चाहती है या नहीं?”

मोम के चेहरा पर बेताबी साफ दिख रही थी- “हाँ… मुझे करवानी है। प्लीज़्ज़… फक मी, आई डोन्ट यर अबाउट एनीथिंग फक में फार गोड सेक… आई एम आ स्लट, बैड मोम आंड होर…”

ये सुनते ही अकरम अपना सख्त लोहे जैसा लण्ड मेरी रांड़ माँ की चुदक्कड़ चूत में डाल देता है। इतनी तड़प के बाद मिले लण्ड से मोम का मजा दोगुना हो जाता है। अकरम मोम की कमर पकड़कर शाट पे शाट मार के मोम का हाल बुरा कर देता है।

मोम- “आह्ह… आह्ह… आह्ह… हाँ हाँ चोदो मुझे हाँ…”

मैं अपनी क्लिट को मसलते हुए सामने अपनी माँ को चुदाई का पूरा मजा लेते देखती रही। मोम जोर-जोर से चूत मसलते हुए अकरम का बड़ा सा लण्ड ले रही थी, अब वो झड़ने वाली होती है।

तभी अकरम अपना लण्ड निकाल के फिर से चूत के ऊपर लण्ड टिका के पूछता है- “ये बात फिर से अपनी बेटी को बोल, बता उसको तुझे कितना मजा आ रहा है?” कहकर अकरम मुझे आँख मारता है।

और मैं मुश्कुराते हुए मोम को लण्ड के लिए तड़पते हुए देख रही होती हूँ।

मोम- “मोना आई एम आ डर्टी स्लट मोम, योर मोम इस आ बिग फकिंग होर, आई लाइक फक, रियली रियली हार्ड फक्क आह्ह…”

अकरम अब मोम की टाँगें पूरी फैलाकर उनको चोदना चालू कर देता है।

मोम अपनी कमर हिला-हिलाकर सपोर्ट कर रही होती हैं- “फक हाँ हाँ अह्ह… आई लोव इट, फक मेी हार्डर वित योर बिग काक्क हाँ हाँ फक योर होर, योर स्लेव चूत…”

मोम की मस्त ठुकाई शुरू हो चुकी थी और मोम उत्तेजित होकर एक लय में लण्ड को पूरा अंदर ले रही थी, और फिर मैं मोम के पास जाकर उनके मुँह पर अपनी चूत रखकर बोलती हूँ- “डू यू लाइक इट, योर डाटर पुस्सी…”

मोम- “यस्स… आई वांट टु लिक इट, लेट मी टेस्ट योर जूस…”

फिर मैं मोम के चेहरे पर अपनी चूत फेरने लग जाती हूँ। मोम मेरी चूत पे तेजी से अपनी जीभ फेरती है जिससे मुझे हार्नी और किकी महसूस होता है। अकरम मेरी चूचियां पकड़कर मोम को और जोर-जोर से चोदने लगता है।

मोम- “आह्ह… मर गई…” मेरी चूत के नीचे से मोम की चीखें निकलना शुरू हो जाती है आऽ आऽ आऽ उम्म्म… उम्म्म… ऊओह्ह… चोदो हाँ चोदो अह्ह… फक अह्ह…”

अकरम- “क्यों रे मेरी रांड़, मजा आ रहा है अपनी बेटी की चूत और मेरा लण्ड लेकर?”

मोम मेरी चूत को जोर से चूसते हुए अंदर जीभ डालकर मुझे चोदने लगती है।

मैं- “आह्ह… सस्स्स्स आउच… मोम आह्ह…”

फिर अकरम मोम की चूत से अपना लण्ड निकाल लेता है, फिर वो मोम के चेहरे के पास अपना लण्ड लाता है, मैं अपनी चूत थोड़ी उठा देती हूँ और वो लण्ड को चूत और मुँह के बीच रखकर रगड़ने लगता है। मुझे और मोम दोनों को मजा आ जाता है।

पर लण्ड मुझे अपनी चूत में चाहिए था- “मोम आप अकरम की रांड़ है तो क्या मैं भी उनका लण्ड तो ले सकती हूँ ना?”

ये फन्नी सी सिचुयेशन होती है, जब हम सेक्स गेम खेल रहे हों। मैं मोम को अच्छे से जानती हूँ। वो अब बेशर्मी से चुदाई करवा रही थीं, और मुझे पता है की मोम को अपनी बेटी के साथ मिलकर ऐसी सेक्सी और रोमांचक लाइफ जीने में बड़ा मजा आता है। अब हम माँ बेटी मिलकर अकरम के लण्ड का पूरा मजा लेने वाले थे।

मोम शरारती स्माइल के साथ मुझे देख रही होती हैं, फिर मैं पीछे की तरफ झुक जाती हूँ। अकरम मोम के चेहरा के ऊपर से अपने तगड़े लण्ड को मेरी चूत में घुसेड़ देता है। अब मोम की आँखों पे अकरम की बाल्स थीं, और उनके रसीले लाल होंठों पर लण्ड का लंबा और मोटा तना रगड़ता हुआ मेरी चूत में जा रहा था।

अकरम लण्ड निकाल के मोम के मुँह में डाल देता है- “देख, तूने अपनी बेटी की चूत का क्या हाल किया है?”

और मोम उसे चूसने लगती हैं और फिर अपने मुँह से लण्ड निकाल के मेरी चूत पे रख देती है- “अकरम अब इसको भी चोद डाल…”

फिर अकरम मुझे चोदने लगता है, और मोम शैफ्ट और बाल्स को चाटती हैं। फिर हम अलग हो जाते हैं और मोम उठकर बैठ जाती हैं, और मैं पीठ के बल अपनी टाँगें खोलकर लेट जाती हूँ। फिर अकरम मेरी चूत के पास अपना लण्ड लाता है और मोम उसको पकड़कर मुँह में लेकर मेरी चूत में डाल देती है। फिर निकालती हैं और अपने मुँह में डालकर चूसती है और फिर वापस चूत में डाल देती है। अकरम अब जोर-जोर से मेरी चूत को फाड़ने लग जाता है।

और मोम मेरी चूत के होंठों को खोलकर अकरम को बोलती हैं- “चोद इसे, फक इट, फक हेर लिटिल चूत, अकरम, इसको भी रण्डी बना दे मेरे जैसी, चोद मेरी बेटी की चूत को, फाड़ दे…”

pongapandit
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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:19

मैं- “ओह्ह… मोम ओह्ह… आअह्ह… मर गई ऊ माँ…”

मोम- “एस यू लोव इट, डोन्ट यू?”

मैं- “एस मदर आह्ह…”

मोम- “यू लोव दिस बिग फकिंग काक…”

मैं- “ओह्ह हाँ… जोर-जोर से चोदो मुझे…”

मोम- “फक हार्डर अकरम, फक माई डाटर, शी इस बैड… वेरी वेरी बैड गर्ल, आई वांट यू टु पनिश हर…”

मैं- “एस मम्मी आई एम बैड डाटर, पनिश योर स्लट डाटर, बिकाज आई वांटेड टु बी लाइक यू, आ डर्टी होर…”

मोम- “एस आई एम बिग फकिंग होर, यू वांट टु बी लाइक योर मदर?”

मैं- “हाँ यस्स…”

अकरम- “जैसी माँ…”

मोम- “वैसी बेटी…”

अकरम- “तुम दोनों तो पक्की चुदक्कड़ हो…”

मैं- “आखिर बेटी किसकी हूँ?”

अकरम- “तो फिर, अब से चुदाई करवाना बंद? रंडियों की जिंदगी खतम?”

मोम अपनी ओर इशारा करते हुये- “ये रण्डी हमेशा रण्डी रहेगी…”

अकरम- “और ये?” मेरी और इशारा करके मुझे जोर का झटका देते हुए पूछता है।

मोम- “मुझे से भी बड़ी…”

फिर अकरम मेरी कमर को कस के पकड़कर फट-फट की जोर की आवाज से मुझे चोदता है और फिर मैं झड़ जाती हूँ, मेरी चूत की बैंड बज जाती है। पर अकरम नहीं रुकता और मोम मेरी चूत मसलती रहती है, मेरी हालत बहुत ही खराब हो चुकी होती है और मैं जोर-जोर से चिल्ला-चिल्ला के मेरी चुदाई के मजे लेती हूँ।

एक बार और झड़ जाने के बाद मोम मेरी चूत चाटने लगती हैं, और हम 69 की पोजीशन में आ जाते हैं, और अकरम मेरे मुँह और मोम की चूत की तरफ आकर, चूत में अपना लण्ड डालकर चोदने लगता है और मैं उसके शैफ्ट को चाटने लग जाती हूँ।

कुछ देर बाद मोम भी झड़ जाती है, अकरम अपना लण्ड निकाल के मेरे मुँह में डाल देता है और चोदने लगता है, और उसके बाद फिर से चूत को चोदने लग जाता है फिर वो मोम की चूत में झड़ जाता है। उसका लण्ड निकाल के मेरे मुँह में डाल देता है और मैं उसके और मोम के वीर्य को चाट लेती हूँ। उसके बाद मोम की चूत में दो अँगुलियां डालकर अंदर से वीर्य निकालने लगती हूँ।

चूत में से वीर्य निकलकर मेरे मुँह में आ गिरता है और मैं वो सारा माल अपने मुँह में भर लेती हूँ। मोम उठकर मेरे पास आती हैं और मैं बैठ जाती हूँ और मोम के बाल पकड़कर किस करती हूँ, मोम मेरे मुँह से वीर्य ले लेती हैं। अकरम के माल को हम दोनों अपने मुँह में अपनी जीभ को लड़ाते हुए लेती और देती हैं, और आखीर में पी जाती है, आज तक इतना टेस्टी वीर्य हमने कभी भी नहीं पिया था।

अकरम बेड पे लेट जाता है। फिर मोम और मैं मिलकर एक साथ उसके पेट पर लेटे लण्ड को अपने हाथों में लेकर चूसते हैं, कभी मोम बाल्स को मुँह में लेकर जोर से चूसती हैं, तो मैं पूरा लण्ड अपने मुँह में डाल लेती हूँ। अकरम बेड पर हम माँ बेटी को अपने लण्ड के साथ खेलते हुए देखकर आँहें भर रहा होता है। फिर हम तीनों बेड पे एक दूसरे से चिपक के लेट जाते हैं, और एक दूसरे को सहलाते रहते हैं।

मुझे और शायद मोम को भी अब थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था और हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे। अब लगता है की हम अब माँ बेटी के रिश्ते से भी ज्यादा कुछ और भी थी। मुझे अपनी मोम के लिए अलग तरह की फीलिंग मेरे दिल में महसूस हो रही थी और उस वजह से मोम मुझे और भी आकर्षक, प्यारी, हाट, क्यूट, सेक्सी लग रही थी।

कुछ देर लेटे रहने के बाद हम उठ जाते हैं और अकरम हमारे लिए ड्रिंक लाता है, एक पेग पीने के बाद मैं अकरम से कहती हूँ की वो वादा करे की वो हमारे बारे में किसी को नहीं बताएगा।

अकरम एक शर्त पर मानता है की हम अब हमेशा उससे चुदाई करने आया करेंगी जिसे हम दोनों खुशी से मान लेती है। दोपहर के दो बज चुके थे, फिर मैं और मोम ड्रेस-अप होने के बाद अकरम को गुडबाइ किस देकर नीचे जाते हैं। अकरम कुछ देर बाद हमारा सामान और एक लिफाफा लाकर मोम को देता है। हम वो लिफाफा और अपना सामान लेकर कार में बैठकर घर की तरफ रवाना हो जाते हैं।

मैं मोम को पूछती हूँ- “इस लिफाफा में क्या है?”

मोम कार ड्राइव करते हुए मुझे खोलने को कहती है, जिसमें 10 लाख का चेक निकलता है।

मैं- “अकरम ने बाकी के दस लाख का चेक दिया है…” मोम चुपचाप ड्राइव कर रही होती हैं, मैं अपने आपको मोम से कुछ कहना चाह रही होती हूँ, पर बोल नहीं पाती।

मोम कुछ देर थोड़ा सोचने और झिझक के बाद- “मोना, तुझे क्या लगता है?”

मैं- “उम्म… किस बारे में?”

मोम- “तुझे अजीब नहीं लग रहा?”

मैं- “क्या अजीब?” मुझे पता था मोम किस बारे में कह रही थी, क्योंकी मैं भी सामने महसूस कर रही थी।

मोम- “कुछ नहीं, घर चल के बात करते हैं…”

पर मैं अभी बात करना चाहती थी इसलिए कहा- “मोम, मुझे भी अजीब लग रहा है…”

मोम मेरी तरफ देखती है और कार रोड के साइड में लेकर रोक देती है, मोम और मैं एक दूसरे की आँखों में देख रहे होते हैं, और हमारे दिल भी तेज धड़क रहे होते है, की आगे कौन क्या कहने वाला है? मोम मेरा हाथ पकड़ती हैं। पर मैं अपने आपको रोक नहीं पाती और झट से मोम को चूमने लगती हूँ। मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था की मैं जिसके मदहोश कर रहे होठों को जी भर के चूम रही हूँ वो मेरी माँ है, मोम और मैं कई मिनट के किस के बाद एक दूसरे की आँखों में देख रहे होते हैं।

मोम- “आई लोव यू मोना…”

मैं- “आई लोव यू टू शालिनी…”

हम कुछ देर और किस करते हैं की तभी मेरा फोन रिंग करता है। मैं काल कट करने वाली होती हूँ पर वो काल भाई का होता है, स्क्रीन पर “भाई” लिखा देखकर मुझे एहसास होता है की मैं मोम को किस कर रही हूँ, ना की अपनी जान से प्यारी गर्लफ्रेंड को। हमारी किस ब्रेक हो जाती है।

मैं- “हेलो…”

भाई- “दीदी कहा हो, आपने फोन क्यों नहीं उठाया?”

मैं और मोम अब तक कंफर्टबल हो जाते हैं। फिर मोम मेरी स्कर्ट से अपनी गीली अँगुलियां निकाल लेती हैं, और मुँह में ले लेती हैं।

मैं स्माइल के साथ- “वो हम बिजी थे ना शादी में, कल देर रात काम किया और आज सुबह को भी…” मोम समझ जाती हैं।

भाई- “बढ़िया, अच्छा तो काम पूरा हो गया? घर कब आ रही हो?”

मैं- “ये पूछने के लिए तूने इतने काल किए थे?”

भाई- “नहीं वो मुझे मीटिंग में जाना है, बाहर। इसलिए बताने के लिए काल किया, और हाँ मोम को बता देना की वो आप गई थी ना उस दिन पैसे निकलवाने, तो वहां से बाकी के पैसे लेती आएं। वो मोम को चेक दे देंगे…”

मैं- “ओके बोल दूँगी…”

भाई- “ओके बाइ…” फिर मैं बाइ बोलकर काल कट कर देती हूँ।

भाई ने अकरम की बात छेड़ दी थी, इस वजह से मैं और मोम शरारती मूड से सीरीयस मूड में आ जाती है, मैंने कहा- “मोम जब हम सेक्स कर रहे थे, जिस तरह हमने एक दूसरे से सेक्स किया था, जो बातें कही थी वो… वाट डू यू फीलिंग नाउ?”

मोम- “मोना जब से हम एक साथ हैं, मुझे बहुत ही अलग महसूस होता है…”

मैं- “लाइक टैबू?”

मोम कुछ देर सोचती है फिर कहती है- “नो, नोट रियली, मुझे डर्टी फीलिंग होता है, नहीं ये इन्सेस्ट जैसा नहीं लग रहा था, बट लाइक इट…”

मैं स्माइल के साथ कहती हूँ- “आई थिंक, दैट वाज फन…”

मोम- “हाँ… तू मेरे सामने जब बेशर्मी से ओफफ्फ़… आह्ह्ह… करके चुदवाई… सच बेटा मुझे बहुत ही अच्छा लगता है तेरे साथ…” हमें हँसी आ जाती हैं, और हम बहुत देर तक हँसते हैं, ये अजीब था, हमने कभी ऐसे बातें डिसकस नहीं की थी।

मैं- “मोम एक बात बताओ, क्या हम दोनों उम्म्म… आपको नहीं लगता हम रियली रण्डी बन गई हैं…”

मोम मुझे आँख मारते हुए- “हम नहीं, तुम…”

मैं- “मौऊउंम क्या?”

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Re: मेरी माँ का और मेरा सेक्स एडवेंचर

Post by pongapandit » 13 Sep 2017 20:19



मोम अपने होठों पर चुप होने का इशारा करती हैं, और उनके गाल लाल सुर्ख हो जाते हैं।

मैं- “मोम बताओ ना?”

मोम- “इट ृास नाट लाइक रण्डी, नोट होर आइदर…”

मैं- “तो?” मोम अब शर्मा रही थी और मुझे भी मोम के सीक्रेट जानने थे।

मोम मुझे घूरते हुए देखकर- “अभी नहीं, फिर बताऊँगी… प्रामिस मैं तुझे जरूर बताऊँगी, पर अभी घर चलते है मैं बहुत थक गई हूँ…”

मैं- “ओके माई डर्टी मोम…”

मोम “बिल्कुल सही कहा, रण्डी…” कहकर मोम मुझे किस करती है।

मैं- “लेट्स गो…”

मोम कार स्टार्ट करके रोड पे ले जाती है जो घर की तरफ जा रही थी। भाई घर पर नहीं होता, दरवाजा बंद कर देने के बाद मोम मुझे हग करती है और- “आई लोव यू…” कहती हैं

मैं- “आई लोव यू टू…”

मोम- “हाँ… फीलिंग एग्ज़ॉस्टेड…”

मैं- “ओके मोम, अब मैं नहा लेती हूँ…”

मोम- “रुक मैं भी आती हूँ…” फिर हम मेरे रूम में जाते हैं, और चेयर पर पर्स और बैग रख देते हैं, मैं जाकर खिड़की को पर्दे से कवर कर देती हूँ। फिर अपने कपड़े उतारकर हम एक साथ बाथ लेते हैं। हम एक दूसरे को अच्छी तरह से नहलाते हैं, हमारे चूचियां एक दूसरे को रगड़ती रहती हैं, मोम और मैं नहा लेने के बाद बाहर आ जाते हैं। नहाने के बाद कुछ फ्रेश महसूस करते हुए मैं बेड पर नंगी लेट जाती हूँ।

मैं मोम को बोलती हूँ- “आज हम डिनर के लिए बाहर जाते हैं…”

मोम अपने बालों को सुखाते हुए हाँ बोल देती हैं। फिर मोम तौलिया उतार के मेरे पास नंगी लेट जाती हैं। मोम मुझे किस करती है और मैं उनको बाहों में भर लेती हूँ, हम एक दूसरे से लिपट के सो जाते हैं।

गहरी नींद से जब आँख खुली तब ऐसा लगा की सुबह हो गई, पर रूम में अंधेरा था, कुछ पल मैं छत की ओर देखती रही, आँखों में जो हल्की सी नींद बची हुई थी, वो अब धीरे-धीरे चली गई। मैं उठकर बैठ गई और फिर लेफ्ट साइड में लैंप की लाइट ओन की, रूम में लाइट ने मेरे नंगे बदन को और चमका दिया। अपने दायें साइड में मुड़ के देखा की बेड पर एक गोरा हसीन बदन जो बिल्कुल मेरे जैसा था वो सिकुड़कर सोया हुआ था।

मैंने प्यार से जुल्फें हटाकर मोम के गालों पे एक किस कर दिया, फिर धीरे से कंधे हिलाकर कहा- “मोम मोम…”

मोम- “उम्म्म…” नींद में से उनके मुँह से आवाज निकली।

मैं- “चलो अब उठ भी जाओ…”

मोम- “सोने दो ना अभी तो…”

मैं- “कम ओन ूठो ना…” मोम को फिर हिलाते हुए कहा। पर मोम अब भी सोना चाहती थी।

मोम- “एम्म्म… टाइम क्या हुआ है?”

मैं बेड साइड टेबल पर से देखा की 7:20 बजे थे, फिर मोम को बताया पर मोम को फर्क नहीं पड़ा- “ओके आप कुछ देर सो लो जब तक मैं डिनर करके आती हूँ, ओके?”

मोम- “एम्म… क्या?”

मैं- “उठो ना हमने डिसाइड किया था ना की हम बाहर खाना खाने चलेंगे। तो अब?”

मोम- “अभी तो टाइम है…”

मैंने हँसते हुए कहा- “फिर ऐसे ही चलोगी क्या?”

मोम स्माइल के साथ आँखें बंद किए बोली- “हाँ… ऐसे ही चलेंगे, बड़ा मजा आएगा…”

मैं- “फिर तो लोग हमें खा जाएंगे…” फिर मैंने एक बार और मोम को जगाने की कोशिश की।

मोम आँखें खोलकर मुझे देख रही थी फिर उन्होंने कहा- “डिनर कैन्सल कर देते है और कुछ माँगा लेते हैं…” मोम अब पलट के मेरी तरफ हो गई, जिससे मैं उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां और जांघों में छूपी हुई चूत की लकीर देख सकती थी। और मैं अपने पैर फैलाकर अपनी चूत दिखा रही थी और मेरे सीने पर मेरी चूचियां मासूम सी उभरी हुई थीं।

मोम ने मेरे चूचियों को अपनी हथेली में भर लिया, और फिर उसे दबाते हुए बोली- “ओके…”

मैंने मोम के होंठों पे एक छोटा किस- “आई लोव (किस) यू (किस)…” किया

मोम- “मैंजानती हूँ, स्वीटी…” और मोम का हाथ मेरी गाण्ड को सहला रहा था। फिर हम बेड से उठे और तैयार होने लग गये।

मोम मेरे साथ बाथ लेकर अपने रूम में चली गई और मैं वार्डरोब से ड्रेस निकाल के पहन ली, डार्क ग्रीन कलर की मिनी जिसके लो-ओपें बैक पे एलास्टिक स्ट्रैप्स थी और फ्रंट लो-कट में सेक्सी क्लीवेज। पर मैंने अंडरगार्मेंट नहीं पहने, क्योंकी मैंने सोचा की कार में और शायद रेस्टोरेंट में कुछ फन टाइम मिल जाए।

कुछ देर बाद मोम मेरे रूम में आई, उन्होंने रेड कलर की मिनी पहनी थी वो भी डीप ‘वी’ गला जिसमें उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों का अच्छा खासा क्लीवेज दिख रहा था।

मैं- “वाउ… यू लुक सो हाट…”

मोम- “थैंक्स, यू टू…” उन्होंने पलट के बैक व्यू दिखते हुए अपने बाल आगे कर लिए- “हाऊ इस इट?”

मोम की कमर तक पीठ पूरी नंगी थी, फिर मेरी नजरें नीचे जाते ही उनकी बड़ी और गोल-गोल गाण्ड पर ठहर गईं- “आई लोव योर सेक्सी गाण्ड राखी…” मैंने ऐसा कहते हुए एक चपत लगा दी।

फिर मोम और मैं मेकप करके घर से रवाना हो गई एक हसीन शाम गुजारने को। कुछ टाइम हम ये डिसाइड नहीं कर पाए की किस होटल या रेस्टोरेंट में जाए? हमने बहुत ही सेक्सी कपड़े पहने हुए थे इसलिए ना तो नार्मल रेस्टोरेंट में जाना चाहते थे और ना ही बड़े होटल में, क्योंकी वहां परिवार भी हो सकती थी। आखिरकार, सर्च करने के बाद हम रोमांटिक कपल के लिए ही बने एक रेस्टोरेंट में चले गये, बाहर से वो किसी क्लब और बार से मिलता जुल्लता रेस्टोरेंट था।

मोम- “कहीं और चलते हैं…”

मैं- “अब और कहां पर जाएं, फिर देर भी हो जाएगी अगली जगह को ढूँढ़ने में…”

हम अपना मूड खराब नहीं करना चाहते थे, इसलिए डिनर करके वापस आ जाने का तय करके अंदर चले गये। अंदर से कुछ डार्क व्यू और रोमांटिक म्यूजिक का माहौल था, 3-4 कपल्स भी दिख रहे थे, हम साइड में एक गोल टाइप टेबल पर बैठ गये।

मोम- “नोट बैड हाँ…” आस-पास देखने पर उन्होंने कहा।

हम अब अच्छा महसूस कर रहे थे। इसलिए अब कुछ बातें शुरू करने लगे। पर कुछ देर बाद लगा की कोई वेटर नहीं आ रहा। मोम ने कार्ड को पढ़ते हुए पूछा की क्या लेना है? पर मैं सोच रही थी की आर्डर कैसे दें? आस-पास देखकर मैं पता लगा रही थी की वेटर कब आएगा? हमारे लेफ्ट साइड में कपल धीरे और स्माइल के साथ बातें कर रहे थे।

मोम के पीछे की तरफ दूसरा कपल किसिंग में बिजी था। मैंने पीछे देखा की चार लोग डबल डेट पे आए हुए थे और उनकी हँसी और उनके जोक्स कुछ-कुछ सुनाई दे रहे थे। पर पीछे कार्नर पर एक कपल चुपचाप खाना खा रहा था। फिर मैंने देखा की कार्नर के डार्क साइड में दो लड़के भी थे, शायद उनकी गर्लफ्रेंड वाशरूम गई होंगी।

मोम- “तो तुम क्या लोगी?”

“हाँ…” मैंने मुड़कर मोम की तरफ देखा, तो पास ही एक वेटर खड़ा था आर्डर लेने के लिए। फिर मैंने भी आर्डर दे दिया। उसके जाने के बाद मैं और मोम फिर एक दूसरे को देख रहे थे।

मैंने आगे झुक के मोम से पूछा- “तो मोम, कैसा महसूस कर रही हो आप?”

मोम ने स्टाइल से कंधे से बलों को पीछे करते हुए कहा- “फाइन लेकिन… …”

मैं- “लेकिन?”

मोम- “अगर मुझे मोम ना बुलाओ तो और अच्छा लगेगा…” आँख मारते हुए कहा सेक्सी स्माइल से कहा।

मैं- “तो क्या सुनना चाहोगी?”

मोम- “कुछ सेक्सी सा, आई थिंक…”

मैं- “शालिनी बेटर है?”

मोम- “उम्म… नो…” मोम ने लेफ्ट हैंड से अपने क्लीवेज को ओर दिखाते हुए- “काल मी राखी…”

मैं- “राखी?”

मोम- “एस…”

मैं- “वैसे, र…खी नामे क्यूं?” मैंने पूछा।

मोम- “आई लाइक इट…”

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