जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

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xyz
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Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

Post by xyz » 27 Oct 2017 19:52

Congratulations bro

Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

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shubhs
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Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

Post by shubhs » 27 Oct 2017 20:12

Update plz
सबका साथ सबका विकास।
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, और इसका सम्मान हमारा कर्तव्य है।

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Kamini
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Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

Post by Kamini » 28 Oct 2017 11:32

Mast update

abpunjabi
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Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

Post by abpunjabi » 30 Oct 2017 13:34

दीदी का थोड़ा सा भी नंगा जिस्म देखकर मुझे अब बहुत मज़ा आता था | मुझे बहुत कुछ समझ आने लगा था तब मैंने पूरा होश नही संभाला था | मुझे सेक्स के बारे में कुछ ख़ास नही पता था | लेकिन लंड अक्सर अपने आप खड़ा होना शुरू हो जाता था | दोस्तों के साथ बात करते हमेशा यह जानने की कोशिश करता कि सेक्स कैसे करते हैं | लंड कहाँ डालते हैं लड़की के पीछे वाले छेद में या आगे वाले छेद में उसके बाद जब मुझे मुट्ठ मारने के मज़े का पता चला तो मैं हर वक़्त सेक्स के बारे में ही सोचता रहता था और मुट्ठ मारकर खूब मज़ा लेता था,वक़्त गुज़रता गया , मैं अपनी ही बहन का दीवाना हुआ जा रहा था | वैसे भी बाहर किसी लड़की की चूत देखना आसान नही था | इसलिए मैं घर में ही पूजा दीदी पे ट्राइ करने लगा | पहले पूजा दीदी मेरे सामने ही कपड़े चेंज कर लिया करती थी लेकिन जब से हम रिक्शा पे एक साथ आए थे तब से उसने भी थोड़ा हिचकिचाना शुरू कर दिया था | मेरी कोशिश यह रहती थी कि किसी तरह दीदी का जिस्म देखूं या पेंटी के अंदर झांकु कि चूत कैसी होती है क्योंकि अब तक तो बस मुझे मुट्ठ मारने का पता था | मैंने कभी रियल में चूत नही देखी थी लेकिन अब दीदी भी नोटीस करने लगी थी कि मैं उसे टच करने की कोशिश करता हूँ |

मेरे दिमाग़ में अपनी दीदी को कैसे चोदना है इसकी प्लानिंग होनी शुरू हो गई थी | साली मेरी बहन किसी और से सेक्स का खेल खेल रही थी | मेरे दिमाग़ में यही चल रहा था कि इसको मैं ही चोदुंगा लेकिन कैसे यह उस वक़्त बहुत मुश्किल लग रहा था क्यॉंकि मेरे पास तो कोई टिप्स देने वाला भी नही था कि ऐसे करो या ऐसे ना करो फिर भी हिम्मत नही छोड़ी , रोहित हम दोनो बहन भाई का सीनियर था | उस को मैंने कई बार दूसरी लड़कियों के साथ भी देखा था | मुझे पता था कि वो मेरी बहन की चूत मारना चाहता है बस | लेकिन मेरी बहन को पता नही उस में क्या नज़र आया जितनी सेक्सी और खूबसूरत मेरी दीदी थी मुझे सारे स्कूल में ऐसी लड़की नज़र नही आती थी | सब लड़के उसके पीछे पीछे होते थे, लेकिन रोहित तो है भी कुछ खास नही था शायद उसमें लड़की को पटाने की कला थी | मेरी बहन इतनी सेक्सी थी कि उसने मुझे भी पागल किया हुआ था | सेक्स के मामले मे मैं बहुत गरम था | पता नही एक दिन में कितनी बार दीदी को सोचके मुट्ठ मारता था | बस उसी को दिमाग़ में रखकर वक़्त गुज़रता जा रहा था और मुझे यही डर रहता था कि कहीं मेरी बहन बाहर से किसी से ना चुद जाए | अगर ऐसा होगा, एक तो बदनामी, स्कूल में सब मेरा मज़ाक उड़ाते, दूसरा अगर मेरी बहन पेट से हो जाती तो आख़िर घरवालों को ही उसे सम्भालना पड़ता,तीसरा पता नही दूसरी लड़कियों के साथ सेक्स करने वाला रोहित, उसके साथ सेक्स सेफ भी था या नही | हो सकता था कोई बीमारी वगेरा भी हो | सुनने में यह भी आता था कि वो ड्रग्स भी लेता है | लड़कियों को पटाने में भी उसका रेकॉर्ड था | मेरे दिमाग़ में जब भी दीदी का रोहित के साथ चूमा चाटी वाला सीन आता तो मुझ से कंट्रोल नही हो पाता और मुझे उसी वक़्त मुट्ठ लगानी पडती थी |

कुछ दिन बाद स्कूल में किसी लड़की ने मुझे बताया कि तुम्हारी दीदी अपने क्लास रूम में रो रही है | मैं वहां गया तो कुछ लडकियाँ उसे चुप करवा रही थी | मैंने जाके उसका चेहरा अपने हाथों मे लेकर पूछा “क्या हुआ दीदी”,उसने मेरी तरफ देखा फिर मुझ से लिपट कर रोने लगी लेकिन कुछ बोली नही | दीदी अपना मुंह मेरी चेस्ट में छुपा रही थी | दीदी को अपनी बाहों में संभाल कर आज मुझे अजीब सी फीलिंग हो रही थी | ‘वाह!! क्या मज़ा आ रहा था मुझे | उसकी दोनो बड़ी बड़ी चूचियां मेरी चेस्ट के सामने पूरी तरह दब चुकी थीं | मेरा दिल धक धक कर रहा था |

मैंने ढीला सा रोने वाला मुंह बनाके बाकी लड़कियों को कहा, “आप लोग साइड पे हो जाओ प्लीज़” | पता नही कब मेरा एक हाथ दीदी की गांड, बट्स के उपर उसकी स्कर्ट पे था | फिर दूसरे लेफ्ट हैण्ड से मैं उसका चेहरा उपर करके पूछने लगा, “बताओ तो सही दीदी हुआ क्या है” | उसकी आँखें झुकी हुई थी | वो मेरी आँखों में आँखें नही डाल रही थी |

कितनी खूबसूरत थी मेरी बहन | उसका गोरा रंग लाल हो चुका था और एक एक आँसू उसकी गालों पे बहुत मज़े से चल रहा था | इस वक़्त मैं अपनी बहन की पूरी बॉडी और गरम साँसों को बिल्कुल करीब से महसूस कर रहा था | उसकी चुचियां उसकी ASS बट्स, उसका पेट, उसकी कमर, उसके होंठ तो मेरे होंठों के बिल्कुल करीब थे | दिल कर रहा था अभी चूस लूँ, दीदी के रस भरे होंठो को,लेकिन मज़बूर था | मैं इस सेक्सी पूजा दीदी का छोटा भाई था और सबके सामने कुछ भी नही कर सकता था | शुक्र है मैंने व-शेप अंडरवेयर पहन रखा था | उसमे मेरा लंड पूरा टाइट हुआ खड़ा था | अपनी बहन का देहकता बदन फील करके शायद मेरा लंड भी मुझ से कह रहा था कि बहन होगी तेरी, मेरा तो ये चोदने का समान है | वो रोई जा रही थी और मैं अपना मज़ा ले रहा था | कोई कुछ बता भी नही रहा था कि क्या हुआ है | फिर मैंने एक लड़की से पूछा कि आपको पता क्या हुआ | वो बोली पता नही रोहित और ऋतु का कोई चक्कर है | इन दोनो में कोई झगड़ा हुआ है और प्रिन्सिपल सर ने दोनो को वॉर्निंग दी है और कल अपने पेरेंट्स या गार्डियंस को साथ लाने को कहा है |

मैं समझ गया कि क्या झगड़ा हुआ होगा,चलो मेरे लिए अच्छा ही था | अब मुझे अपना रास्ता सॉफ दिखाई देने लगा था | मैं दीदी को चुप तो करवा ही रहा था लेकिन मेरा दिमाग़ बस अपनी सेक्सी बहन को चोदने की प्लानिंग मैं लगा था | दीदी के जिस्म ने अभी जो मेरे अंदर आग लगा दी थी उसको शांत करने का मौका नही मिल रहा था | घर जाते ही मैंने बाथरूम से दीदी की पेंटी उठाई और उसकी स्मेल लेने लगा | धुली हुई पेंटी से भी शायद उसकी चूत की थोड़ी बहुत स्मेल आ रही थी, मेरे अंदर का पानी और भी उबाले मारने लगा, मैंने पहले इमेजिन किया कि पेंटी का कौनसा हिस्सा दीदी की मस्त चिकनी चूत को छूता होगा फिर उस हिस्से पे अपनी जीभ फिराई और फिर उसी हिस्से को अपने लंड पे रखके मुट्ठ मारना शुरू कर दिया | आँखें बंद हो गई | दिमाग़ में वही तस्वीर थी | दीदी का मुझ से लिपटना और दीदी की तनी हुई चुचियों की चुभन मुझे अभी भी फील हो रही थी | उसका देहकता बदन उसके लाल होंठ सोचते सोचते मेरी मुट्ठ मारने की स्पीड तेज होती जा रही थी | अब मेरे दिमाग़ में खाली उसके लाल होंठ फ़्लैश कर गये और एक ख्याल आया कि काश मैं दीदी के होंठों पे अपने लंड का पानी निकालूँ | फिर ऐसा लगा कि जैसे पूजा दीदी के पिंक होंठ मेरे लंड के बिल्कुल सामने मेरे लंड का पानी निकलने की इंतज़ार कर रहे हों | उसी वक़्त मेरे अंदर से गरम मलाई निकली और मैंने अपने लंड को दीदी की पेंटी के अंदर ही मसल दिया | पेंटी के चूत वाले हिस्से से लेकर उपर तक सारी पेंटी मेरे लंड की मलाई से भर गई | मैंने अपने लंड को पेंटी के सूखे हिसे से पोंछके धीरे से पेंटी इस तरीके से वापिस रख दी कि उसमें पड़ा मेरा कम नीचे ना गिरे | अब ऐसा करना यानी दीदी की पेंटी पर अपने लंड का पानी निकालना मेरा रोज़ का काम हो गया था | लेकिन पता नही क्यों दीदी कोई रेस्पॉन्स नही दे रही थी | आख़िर वो अपनी पेंटी तो चेक करती ही होगी फिर भी कोई रेस्पॉन्स नही दे रही थी | मैं उसकी तरफ से बस एक प्लस पॉइंट का इंतज़ार कर रहा था |
अगर आपको यह कहानी पसंद आये तो कमेंट जरुर दीजिएगा ...........

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jay
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Re: जीजा के कहने पर बहन को माँ बनाया

Post by jay » 30 Oct 2017 14:42

nice update bro
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