काला साया complete

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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Dolly sharma
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Re: काला साया

Post by Dolly sharma » 14 Nov 2017 19:11

#इन जंगल..!

जय:-तनु तुम्हे क्या लगता है राज के बारे में..!

भाभी:-पता नही,बट ये कन्फर्म है कि हमारा राज सबसे अलग,इस पूरी दुनिया से अलग..!

जय:-हाँ सही कहा तुमने..!

ऐसे ही बाते करते-2 वो आगे बढ़ रहे थे,कि तभी एक हवा का झोका आया और जय और भाभी अपनी जगह से गायब हो गये..!

जबतक उन्हे कुछ समझ आता वो एक बहुत ही आलीशान घर में थे,जो बिल्कुल शीशे का बना हुआ था..!



जब उन्होने सामने देखा तो वो शॉक हो गये,वहाँ एक पूरी फॅमिली मौजूद थी,भाभी ने पीछे मूड के देखा तो वो लोग उसी जंगल में थे पर कहाँ ये उन्हे भी नही पता था..!

आदमी:-हेलो,में जानता हूँ कि राज आपका फ्रेंड है उन्होने जय से कहा..!

जय:-आप हमें कैसे जानते हैं..!

आदमी:-आप बस इतना जान ले कि राज मेरा "बेटा" है..!

जय:-व्हाट रब्बिश..!
उसके फादर तो डॉक्टर.प्रेम एक साइंटिस्ट हैं..!

आदमी:-मुझे जो बताना था में बता चुका हूँ,ये है राज की फॅमिली,और वो एक वेमपाइर है अंडरस्टॅंड..!

मुझे तुम्हारे और सबके बारे में सब कुछ पता है,और तुम यहाँ वो नीली घास लेने आए हो ना ये लो,उन्होने जय को देते हुए बोला..!

जब उसे सब कुछ याद आजाएगा तो तुम भी उसे कंट्रोल नही कर पाओगे..!

वो एक वेमपाइर है,हमारी फॅमिली में सबके पास अलग-2 पवर्स हैं जैसे कि राज की कज़िन फ्यूचर देख सकती है..!

& और भी बहुत कुछ..!

राज की मोम एक बहुत बड़ी मेजीशियन हैं जो अपने मॅजिक से कुछ भी कर सकती हैं..!

आंड अगर तुम्हे हम पर थोड़ा सा भी विश्वास हो गया हो तो,ये लो हमारी तरफ से एक छोटा सा गिफ्ट..!

जय ने जैसे ही रॅपर खोला उसमे दो स्टोन्स थे,जैसे उस दिन राज के पास थे..!

आदमी:-तुम इसे अपने दिल से लगाओ..!

जय और भाभी ने बिल्कुल वैसे ही किया और अचानक वो स्टोन उन दोनो के अंदर समा गया..!

आदमी:-मेरी तरफ से मेने तुम्हे कुछ पवर्स दिए हैं जिससे तुम सबकी प्रोटेक्षन कर सकोगे..!

अब तुम जो चाहो इन पवर्स से कर सकते हो..!

बाकी तुम्हे हमारे बारे में राज के पास्ट से पता चल जाएगा..!

फिर अचानक जय और भाभी ने कुछ सोचा और उसे सोचते ही वो कनक के घर के सामने थे..!

मतलब उन्होने घर आने के बारे में सोचा था,एक पल के लिए अपने पवर्स देख दोनो खुश हो गये..!

और खुशी-2 घर में एंटर हुए,क्योंकि उन्होने सब कुछ अब भगवान पे छोड़ दिया था..!

क्योंकि अब सबको पता था अब जो होना है वो होकर रहेगा..!

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Re: काला साया

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Dolly sharma
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Re: काला साया

Post by Dolly sharma » 16 Nov 2017 14:13

ऊटी के उसी जंगल में वो बूढ़े बाबा,अपनी आँखें बंद करके ध्यान लगाए हुए थे..!

जैसे ही उनकी आँख खुली उनके मुँह से पहला शब्द यही निकला,जल्द ही होगा अब "महायुद्ध"..!

और वो खुशी-2 अपना काम करने लगे..!

उसी बीच वो शैतान भी अपनी फ़ौज़ खड़ी कर रहा था..!

दिन प्रति दिन उन हैवानो की संख्या बढ़ती जा रही थी..!!

और यही शुरुआत थी इस कहानी की जहाँ सब कुछ बहुत ही ख़तरनाक होने वाला था..!


वही जय और भाभी घर में एंटर हुए..!

अंडरग्राउंड रूम की सफाई कर के वो सब किचन में लंच बनाते हुए बाते कर रहे थे..!

पायल:-पता नही जय भाई और भाभी कैसे होंगे,उन्हे नीली घास मिली भी होगी या नही..!

कनक:-उसी की टेन्षन तो मुझे भी है पता नही कहाँ होंगे सब..!

तभी उसी वक़्त भाभी और जय किचन में एंटर हुए,और साथ में ही बोले,हम आ गये..!

कनक पायल और मासी माँ तीनो बहुत खुश हुए भाभी और जय को देखकर..!

जय:-यार हम नीली घास ले तो आए हैं,पर इसे कैसे राज को खिलाएँगे ताकि वो बेहोश हो जाए.,!

पायल:-भाई उसका भी आइडिया है मेरे पास..!

जैसे ही जय ने उसकी बात समझी उसके मुँह से एक ही बात आई,गाजर का हलवा,अगर में ग़लत नही हूँ तो तुम उसी में नीली घास डालके राज को खिलाओगी..!

पायल:-भाई किसी ने सही कहा है कि समझदार व्यक्ति के लिए एक इशारा ही काफ़ी होता है..!

फिर सब डाइनिंग रूम में आए और पायल मेरे रूम की ओर बढ़ गयी..!

पायल:-ओये कुंभकारण उठ जा,उसने मुझे हिलाते हुए बोला..!

में:-ह्म,बोलो क्या है,मेने नींद में ही बोला..!

पायल:-वो क्या है मोम तुम्हे लंच के लिए बुला रही है..!

में:-ठीक है चलो आता हूँ में..!

फिर में उठा और फ्रेश होके नीचे आया.!

आज फिर मेरी और पायल की लड़ाई होगयि उस जगह के लिए,अब ये हमारा रोज का हो गया था,जिसमे में हमेशा हारकर पायल को अपनी गोद में बैठा लेता था..!

और यही तो प्यार हमारा भी था..!

फिर मेने लंच किया और लास्ट में मेने अपना फॅवुरेट गाजर का हलवा खाया..!

जो कि मुझे बहुत टेस्टी लगा.!

फिर में उठा और सोफे पे बैठ के टीवी देखने लगा,मुझे पता ही नही चला कि में कब सो गया..!

मेरे सोते ही जय मुझे रूम में लेके आया,अपनी गोद में उठा कर..!

मुझे वही रखे एक बेड पे लिटा दिया जो बहुत स्पेशल था.!



फिर कनक वही रखी एक बुक उठाती है जिसे कुछ देर पढ़ने के बाद वो अपनी आँखें बंद कर लेती है..!

फिर अपनी आँखें खोलकर मेरे राइट हॅंड में चाकू से कट लगाकर उस बुक पर मेरे खून की कुछ बूँद गिराती है..!

अचानक मेरा पूरा सरीर काँपने लगता है.!....

कनक:-अब जिसने-2 खुद राज का पास्ट महसूस करना है वो उसके माथे पर अपना अंगूठा रखे..!

तो जय और पायल रेडी होते हैं,क्योंकि मासी माँ को सबने ये करने से मना कर दिया,और भाभी को सबकी सेफ्टी बनाए रखने के लिए ये करने के लिए मना कर दिया गया..!

फिर जय और पायल ने लेफ्ट और राइट साइड में मेरे माथे पर अपना अंगूठा रखा और कनक मेरे सर के पास खड़े होकर अपना अंगूठा बिल्कुल माथे के बीच में रखती है..!

अचानक मेरे मुँह से चीखे निकलने लगी..!

आँखों से खून निकलने लगा,मेरा चिल्लाना इतना भयानक था कि रूम में पड़ी सभी चीज़े हिलने डुलने लगी.!

वो तो भाभी ने पवर्स से एक प्रोटेक्षन शीत बना दिया था जिससे किसी को भी चोट नही लगी..!

अचानक से कनक,पायल और जय की भी आँखे बंद हो गयी और वो देखने लगे मेरा अतीत..!

__________________________

#फ्लॅशबॅक..!

एक आदमी और औरत अपनी कार से कहीं जा रहे थे...!

वो आदमी एक डॉक्टर लग रहा था,उसके पहनावे और बोल चाल दोनो से भी..!

आदमी:-तुम्हे ज़्यादा दर्द तो नही हो रहा है ना..!

औरत:-क्या है तुम्हे,जल्दी चलो हॉस्पिटल,बहुत दर्द हो रहा है,कहीं बच्चे को कोई नुकसान ना पहुँचे..!

वो औरत प्रेगनेंट थी,आदमी तेज़ी से ड्राइव करते हुए ऊटी के जंगलों से गुजर रहा होता है..!

तभी सामने से ट्रक आता है,और वो कार को ठोकर मार देता है..!

कार बहुत दूर जंगलों के अंदर आकर गिरती है.!

और यही से शुरुआत होती है,मेरे अस्तित्व की..!

कार के अंदर बैठे आदमी औरत बहुत बुरी तरह से घायल हो जाते हैं,जिसके कारण वो बेहोश हो जाते हैं..!

वही पास से कुछ लोग गुज़रते हैं,असल में वो वेंपाइर्स का एक झुंड होता है.!

जैसे-2 वो आगे बढ़ते हैं उन्हे इंसान के करीब होने का आभास होता है,वो उसे महसूस करते हुए कार के पास पहुँचते हैं.!

वो देखते हैं कि कार की हालत बहुत बुरी थी पर जैसे ही उनकी नज़र उन आदमी औरत पर पड़ती है,वो तुरंत उन्हे बाहर निकाल कर उस जंगल से बाहर निकल जाते हैं..!

वेंप.हेड:-हमें इन्हे बचाना होगा,ये देखो ये तो प्रेगनेंट भी है..!

वेंप.1:-हाँ आप ठीक कहते हैं,हम इन्हे घर ले चलते हैं..!

फिर वो सारे वेंपाइर्स बिना कुछ डिस्कस किए उन्हे अपने घर ले आते हैं..!

ये वेंपाइर्स वेंप. प्रजाति का बस एक मात्र ऐसा परिवार है जो इंसानी खून नही पीता,ये अपनी प्यास जानवरो के खून से बुझाते हैं..!

ये वेंप.फॅमिली इसलिए खुद को वेजिटेरियन भी कहती है..!

और ये जानवरो के शिकार के लिए ही जंगल में आए थे..!

जैसे ही सब घर पहुँचते हैं,उन्हे एक रूम में लाके लिटाया जाता है..!

पर ये क्या दोनो आदमी और औरत की साँसे चलना बंद हो गयी हैं,पर हल्की-फुल्की जान अब भी बची थी..!

पर अब उन्हे बचाना पासिबल भी नही था,लेकिन जैसे ही वेंप.हेड की नज़र उस औरत के पेट पे जाती है वो देखता है कि बच्चा अब भी जिंदा है,वो बार बार उस औरत के अंदर हाथ पैर चला रहा है,ऐसा महसूस होता है..!

वेंप.हेड:-में अब इन्हे वेमपाइर बनाउन्गा क्योंकि तब ही हम इस बच्चे को बचा पाएँगे..!

वेंप.हेड'स वाइफ:-हाँ सही कहा,हम सब आपके साथ हैं..!

वेंप.हेड पेशे से एक डॉक्टर था,और सबसे समझदार और एक्सपीरियेन्स्ड वेंप था..!

सो वो उन्हे वेमपाइर बनाने का डिसाइड करते हैं,क्योंकि सब खुद को कंट्रोल नही कर पाते हैं,वो भी तब जब इंसान सामने हो..!

वो पहले उस औरत की गर्दन में अपने दाँत गढ़ाते हैं,और उसे वहाँ काट लेते हैं..!

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Smoothdad
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Re: काला साया

Post by Smoothdad » 16 Nov 2017 20:07

Shaandaar updates aise hi likhte raho

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Dolly sharma
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Re: काला साया

Post by Dolly sharma » 19 Nov 2017 14:07

Smoothdad wrote:
16 Nov 2017 20:07
Shaandaar updates aise hi likhte raho
thanks dear

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Dolly sharma
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Re: काला साया

Post by Dolly sharma » 19 Nov 2017 14:08

जैसे ही वो उस औरत को काटते हैं,वो चिल्लाने लगती है,उसकी चीख बहुत दर्दनाक होती है,धीरे-2 वो वेंप.में बदलने लगती है,और साथ में उसका बच्चा भी,जो कि सभी वेंपाइर्स से अलग और शक्ति शालि बनने वाला था..!

फिर वो उस आदमी को काटते हैं,सेम उसके साथ भी वही होता है..!

फिर वेंप.हेड'स वाइफ,उस औरत के पेट से नॉर्मली वो बच्चा निकालती है,और जैसे ही सब उस बच्चे को देखते हैं,सबकी आँखों में चमक आ जाती है,वो भी वेंप.बन गया होता है..!

फिर वो सारी रात वहॉ गुज़ार देते हैं..!

अगली सुबह जब वो औरत आदमी जागते हैं तो सब कुछ बदल गया होता है,और जैसे ही वो उन वेंप.को देखते है,वो चौंक जाते हैं,क्योंकि उस टाइम उन्हे भी नही पता होता है कि ये सब वेंप.हैं,और वो भी अब वेमपाइर बन चुके हैं..!

वेंप.हेड:-आप दोनो का हमारी वेंप.फॅमिली में स्वागत है,और में इनका हेड और ये है मेरी वाइफ..!

और फिर वो उन आदमी औरत को सारी बात बता देते हैं,जो कल हुई थी..!

पहले तो वो इस बात को नही मानते कि वो वेंपाइर्स हैं,पर जब उन्हे इसका ऐहसास होता है तब भी वो कुछ नही कर पाते..!

कुछ दिन वो वही उस जंगल में रहते हैं,अब उनका खाना पीना रहना सोना सब बदल गया होता है,लेकिन फिर भी वो अपने सहेर आते हैं,अपना सब कुछ छोड़ कर वापस वेंप.फॅमिली में सेट्ल होने के लिए..!

और यही से उनकी बरबादी शुरू हो जाती है..!

इधर वो आदमी औरत यहाँ अपने सहेर आते हैं,और उस जंगल में अचानक उन वेमपाइर और उनकी फॅमिली पर दूसरे वेंपाइर्स के कबीले वाले हमला कर देते हैं..!

बेचारे वो वेंपाइर्स कुछ दिन में लड़ते-2 थक जाते हैं,क्योंकि उस दिन वो अपना शिकार नही कर पाते,उन आदमी औरत की वजह से,और उन्हे ध्यान भी नही आता इस बात का,और लास्ट में सब मारे जाते हैं..!

इधर वो आदमी औरत अपने सिटी आके सब कुछ छोड़-छाड़ के अपनी नयी फॅमिली में जाने के लिए चल पड़ते है,क्योंकि वो यहाँ सर्वाइव नही कर पाते..!

और अब वो खुश भी थे अपनी नयी जिंदगी से लेकिन रास्ते में ही उस छोटे बच्चे की तबीयत खराब हो जाती है..!

बेचारे वो आदमी औरत परेशान हो जाते है क्योंकि अगर वो किसी भी डॉक्टर के पास उस बच्चे को ले जाते तो उन्हे तुरंत पता चल जाता कि वो इंसान नही है..!

बाहर से देखने में सब नॉर्मल था पर इन्नर स्ट्रक्चर से सॉफ पता चल जाता कि वो इंसान नही हैं..!

वो बच्चा तड़प रहा होता है,तभी उस आदमी को कुछ सूझता है,और उसे अपने एक साइंटिस्ट फ्रेंड की याद आती है..!

वो तुरंत अपनी कार दौड़ा लेता है,और एक आलीशान लॅब के सामने लाके रोकता है..!

वही पास में पड़े एक बोर्ड पे लिखा होता है,"डॉक्टर.प्रेम" वो तुरंत अंदर बढ़ते हैं..!

इसका मतलब वो बच्चा में हूँ,ओह माइ गॉड,मतलब वो आदमी औरत मेरे असली मोम डॅड हैं..!

और ये दिमाग़ में आते ही में लगभग चिल्लाते हुए जाग जाता हूँ..!

पूरा सरीर पसीने से भीगा होता है,आँखों में आँसू होते हैं,में खुद को कनक के उसी रूम में पाता हूँ..!

मुझे बहुत गुस्सा आ रहा होता है,में खुद को कंट्रोल नही कर पा रहा होता हूँ,पर उसी वक़्त जय और भाभी मुझे अपनी पवर्स से रोकने की कोशिश करते हैं..!

पर धीरे-2 मेरे सामने वो भी कमजोर पड़ जाते हैं,जब में नॉर्मल होता हूँ तो वही बेड पे बैठ जाता हूँ,मुझे कुछ समझ नही आता है कि फिर क्या होता है,और मुझे बहुत कुछ जानना था अभी..!

मेने अपना चेहरा उठा के देखा तो सब मुझे बहुत अजीब तरह से घूर रहे थे..!

में सबको इग्नौर करते हुए घर से बाहर आता हूँ और कार में बैठ के चल पड़ता हूँ डॅड(प्रेम) के पास अपने सवालो के जवाब पाने..!

वही सब मुझे रोकने की कोशिश करते हैं पर में नही रुकता..!

पायल:-मोम राज कहीं कुछ बुरा ना कर्दे..!

सब एक साथ:-पागल हो क्या सब ठीक होगा,राज काफ़ी समझदार है..!

भगवान सब कुछ ठीक कर देंगे,सब उनपे छोड़ दो,और प्ल्ज़ टेन्षन मत लो तुम..!


कुछ घंटो मैं में घर आ गया,और बिना कार पार्क किए में सीधा घर में एंटर कर लिया.!.

मुझे हॉल में ही मोम मिल गयी,और मुझे देखते ही बोली..!

मोम:-राज तुम बिना बताए यहाँ,क्या हुआ बच्चा कोई प्राब्लम है क्या..!.

में:-डॅड कहाँ हैं मोम..!
(में मोम के सामने कुछ रिक्ट नही करना चाहता था,पता नही क्यो फिर भी यही बात थी कि में उन्हे हर्ट नही करना चाहता था.!).

मोम:-अपनी लॅब में,जाओ मिल आओ..!

में:-ओके मोम.!!

फिर में सीधा डॅड की लॅब में आया.!.

में:-डॅड..!

अचानक मेरी आवाज़ सुन के वो चौंक गये..!

डॅड:-ह..हा राज तुम यहाँ.!
क्या बात है ट्रिप कॅन्सल कर दी क्या.!!

में:-डॅड में आपसे कुछ पूच्छू तो क्या आप सही-2 जवाब देंगे.!!

डॅड पहले तो मेरे बात सुनके चौंक गये फिर वो बोले हाँ-हाँ राज बोलो ना..!

में:-डॅड क्या आप मुझसे प्यार करते हो,क्या आप मुझसे सच में अपना मानते हो!!

डॅड:-व्हाट रब्बिश राज,बेटे हो तुम मेरे..!

आइ लव यू यार,उन्होने मुझे गले लगाते हुए बोला..!

में:-डॅड प्ल्ज़,में उनसे अलग होते हुए बोला.!!

डॅड आप आज भी झूठ बोल रहे हैं..!

नही हूँ में आपका बेटा,आपने मुझसे कभी भी सच नही बोला..!.

और सच तो ये है कि आप मेरे साथ-2 खुद से भी झूठ बोल रहे है..!

अगर में ट्रिप पे नही गया रहता तो मुझे अपना वजूद ही नही पता चलता.!

पहले तो मुझे लगता था कि में सबसे अलग हूँ बट असल बात ये है कि में इंसान हूँ ही नही..!

में इतना बोलकर वही बैठकर रोने लगा..!

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