आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 21 Nov 2017 20:23

जब ख़ान , सना और आँचल को अपने रेस्टरूम में ले गया तो आँचल समझ गयी की आज ख़ान का थ्रीसम का प्लान है. आँचल का , फिल्म एक्ट्रेस सना को ख़ान से चुदते हुए देखने का सपना आज पूरा होने वाला था , इस ख़याल से उसकी चूत गीली हो गयी.

रेस्टरूम में ख़ान बेड पर बैठ गया और सना को अपनी गोद में बिठा लिया. फिर उसके होठों को चूमते हुए उसकी चूचियों को मसलने लगा.

आँचल ने देखा सना सिसकारी लेने लगी है और ख़ान की शर्ट के बटन खोलने की कोशिश कर रही है. ख़ान ने सना के मुँह में जीभ डाल दी और उसके मुंह को चूमने लगा.

आँचल अकेले खड़ी होकर ख़ान और सना को एक दूसरे का चुंबन लेते देख रही थी. ख़ान ने सना का ब्लाउज खोल दिया और सना की चूचियों के निपल को उंगलियों से दबाने लगा. फिर सना के होठों का चुंबन खत्म करके उसने अपना मुँह सना की चूचियों पर लगा दिया. सना ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए अधमुंदी आँखो से आँचल को देख रही थी. आँचल ने देखा सना की तनी हुई चूचियों को ख़ान ने चूस चूसकर अपनी लार से गीला कर दिया. ख़ान दोनो चूचियों को बारी बारी से चूसने और काटने लगा. सना आनंद और दर्द से मचलते हुए सिसकारियाँ लेने लगी. उन दोनो की कामक्रीड़ा देखकर आँचल की साँसे भारी हो गयी, उसकी चूचियां तन गयी और चूत से रस बहने लगा.

ख़ान ने आँचल को अकेली खड़े देखा. उसने आँचल को पास बुलाया,” यहाँ आओ, ज़रा सना के बदन पर हाथ तो फिराओ. देखो ये कितनी सेक्सी है.”

आँचल पास आई और सना के चेहरे को हाथों से सहलाने लगी. फिर झुककर, उसने सिसकारियाँ लेती सना के रसीले होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमने लगी. दोनो एक दूसरे के मुँह में जीभ घुमाने लगी.

आँचल को सना के होठों का चुंबन अच्छा लगा और वो उसे चूमती रही. ख़ान झुकी हुई आँचल की चूचियों को दबाने लगा. फिर ख़ान ने आँचल को खींचकर सना से अलग कर दिया क्यूंकी वो आँचल की टीशर्ट को उतारकर उसकी बड़ी बड़ी चूचियों से मज़े लेना चाह रहा था. उसने आँचल के सर के ऊपर से खींचकर टीशर्ट निकाल दी. आँचल ने ब्रा नही पहनी थी. उसकी बड़ी गोरी चूचियां आज़ाद हो गयी.

सना ने आँचल की चूचियों को देखा तो उसने हाथ लगाकर उनका वज़न तौलने की कोशिश की . फिर ख़ान की गोद से उतरकर दोनो हाथों से आँचल की चूचियों को दबाने लगी और अपने मुँह में भरकर चूसने लगी. आँचल आँखे बंद करके सिसकारियाँ लेने लगी. अब सना की सेक्सी गांड ख़ान की तरफ थी. ख़ान ने सना की स्कर्ट और फिर पैंटी उतार दी. अब सना पूरी नंगी हो गयी थी.

सना के चूचियों को चूसने से आँचल अब जोर जोर से सिसकारियाँ लेने लगी. ख़ान उठकर आँचल के पीछे आ गया और उसका जीन्स खोलकर उसकी गीली हो चुकी पैंटी भी उतार दी. और आँचल को उठाकर बेड पर लिटा दिया.

आँचल की टाँगों को सना ने अलग कर दिया और आँचल की चूत में अपना मुँह लगा दिया. आँचल की तनी हुई क्लिट को सना जीभ से छेड़ने लगी और आँचल की गीली चूत में दो उंगलियाँ डालकर अंदर बाहर करने लगी.

“उनह……आअहह…..ओह्ह …” आँचल सिसकने लगी.

फिर सना ने आँचल की चूत से अपनी उंगलियाँ बाहर निकाल ली जो चूतरस से पूरी भीग चुकी थी और अब उसने आँचल की चूत में अपनी जीभ घुसा दी और उसका चूतरस चाटने लगी. अपनी नाज़ुक चूत में सना की रफ जीभ के घूमने से आँचल बहुत उत्तेजित हो गयी और अपनी गांड को सना के मुँह पर उछालने लगी. कुछ ही देर में आँचल को जबरदस्त ओर्गास्म आ गया और उसने सना का सर पकड़कर अपनी चूत में दबा दिया. सना को अपना दम घुटता सा महसूस हुआ.

“आअहह………….ओह………उफफफफफफफफफफफफफ्फ़…………ओइईईईईईईईई” करते हुए आँचल झड़ गयी और उसकी चूत से निकले रस ने सना का मुँह भिगो दिया. अब जाकर आँचल ने सना के सर से अपनी पकड़ ढीली की.

तब तक ख़ान अपने कपड़े उतारकर लंड को हाथ में लिए हिला रहा था और उन दोनो की काम लीला देखकर मज़े ले रहा था. आँचल को ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेकर झड़ते देखकर ख़ान से अब रुका नही गया. उसने सना को बाल पकड़कर आँचल की चूत से हटा दिया और आँचल की दोनो टाँगे पकड़कर फैला दी.

ख़ान ने अपने मोटे और बड़े लंड को आँचल की फूली हुई चूत के छेद पर लगाया और एक ज़ोर का धक्का लगाकर लंड अंदर घुसा दिया.

“आहह…उन्न्ह…ओइईई…म्म्माआअ…” अपनी गीली , पर टाइट चूत में ख़ान का मोटा लंड घुसते ही आँचल चिल्लाई.

ख़ान के मोटे लंड से अपनी चूत की दीवारों को स्ट्रेच होते महसूस कर आँचल कामोन्माद में डूब गयी. ख़ान उसकी चूत में तेज तेज शॉट मारने लगा , उन धक्कों से आँचल का बदन और उसकी बड़ी चूचियां ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी. ख़ान आँचल की मांसल जांघों को पकड़े हुए उसकी चूत की ठुकाई करते रहा.

सना आँचल की चुदाई देखकर कामवासना से बेहाल हो गयी , वो अपनी चूत में खुद ही उंगली करके अपना ओर्गास्म लाने की कोशिश करने लगी. फिर सना आँचल के खूबसूरत चेहरे पर बैठ गयी और अपनी गीली चूत को आँचल के मुँह पर रगड़ने लगी. आँचल ने सना की बिना बालों वाली चूत में जीभ घुसाकर उसे चाटना शुरू किया. अपने हाथों से उसने सना की पतली जांघों को पकड़ लिया और अपने सर को थोड़ा उठाकर सना की चूत चाटने लगी.

आँचल ने सना की चूत को इतना मज़ा दिया की जल्दी ही सना को ओर्गास्म आ गया
“ऊऊओ…ओह…..आआअहह….” सिसकारियाँ लेते हुए सना झड़ गयी और उसकी चूत ने रस बहाते हुए आँचल का मुँह भिगो दिया. जबरदस्त ओर्गास्म से सना अपने को सम्हाल नही पाई और सिसकते हुए बेड पर आँचल के बगल में गिर गयी. आँचल ने अपने ऊपर से सना की टाँगे हटाकर साइड में कर दी.

इधर ख़ान आँचल को पेले जा रहा था , अपने को झड़ते हुए महसूस करके ख़ान ने आँचल की चूत में धक्के तेज कर दिए.

मोटे लंड के धक्कों की मार से आँचल ज़ोर से सिसकने लगी …..ऊओह…….ओइईईई…..आआहह…

तभी ख़ान ने आँचल की चूत को अपने गाड़े वीर्य से भर दिया. और अपना लंड आँचल की चूत से निकाल लिया. जबरदस्त चुदाई से थककर ख़ान भी आँचल के बगल में लेट गया.

वो तीनो बेड पर लेटे हुए अपनी सांसो पर काबू पाने का प्रयास करने लगे. आँचल बेड पर नंगी अपनी टाँगे फैलाए लेटी हुई थी. उसकी चूत से वीर्य और चूतरस निकलकर चादर पर गिर रहा था. अभी तक की चुदाई का आँचल ने जी भरकर आनंद लिया. ख़ान और सना के साथ चुदाई से उसे भरपूर कामतृप्ति मिल गयी.

थोड़ी देर आराम करने के बाद आँचल ने देखा सना उठ बैठी है. फिर सना आँचल के ऊपर आ गयी. अब दोनो एक दूसरे के बदन को चूमने लगी और हाथ फिराने लगी. फिर आँचल ने अपने ऊपर झुकी हुई सना की चूचियों को मुँह में भर लिया और उन्हे चूसने लगी. सना ने आँचल की चूत में तीन उँगलियाँ डाल दी और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी. दोनो ही औरतें सिसकारियाँ लेने लगी.

आँचल और सना को सिसकारियाँ लेते देखकर ख़ान अपना लंड हिलाने लगा. फिर उसने आँचल के मुँह में अपना लंड घुसा दिया. आँचल ख़ान का लंड चूसने लगी और उसकी गोलियों को सहलाने लगी. आँचल अब लंड चूसने में माहिर हो चुकी थी. उसके लंड चूसने से जल्दी ही ख़ान सिसकने लगा.
“उउउ…ओह्ह …आँचल…..हाँ हाँ ऐसे ही चूसो ….. चूसती रहो….”

आँचल ख़ान का लंड भी चूस रही थी और अपनी गांड भी बीच बीच में ऊपर को उछाल रही थी क्यूंकी सना उसकी चूत को उंगलियों से तेज तेज चोद रही थी.

तभी ख़ान को लगा की वो अब झड़ने वाला है. उसने जल्दी से आँचल के मुँह से अपना लंड निकाल लिया. अब वो सना को चोदना चाह रहा था.

ख़ान ने सना को बेड में उल्टा लिटा दिया और उसकी गांड हवा में उठाकर अपना लंड सना की चूत में घुसा दिया.

“आअहह….उफफफ्फ़…ओह” ख़ान का मोटा लंड अपनी चूत में घुसते ही सना सिसकी.
ख़ान अब सना की चूत में धक्के मारने लगा. दुबली पतली सना उसके धक्कों से पूरी तरह से हिल जा रही थी.

“आअहह….ओह…उननगज्गग…..आआआआ…..ओइईईई….” सना चिल्लाने लगी.
ख़ान सना को अब पीछे से तेज़ी से चोदने लगा.

आँचल लेटे हुए ही सना को डॉगी पोज़ में ज़ोर ज़ोर से चिल्लाकर चुदते हुए देखने लगी. चुदते हुए सना को अलग अलग तरह का मुँह बनाते देखकर आँचल रोमांचित हो गयी. और अपनी फूली हुई क्लिट को उंगलियों से मसलने लगी. कुछ ही देर में सना की चुदाई देखकर अपनी क्लिट को मसलते हुए आँचल झड़ गयी.

ख़ान ने सना को चोदना जारी रखा. दुबली पतली सना के नितंब आँचल की तरह भरे हुए सुडौल नही थे. ख़ान उत्तेजना मे सना को चोदते हुए सना के नितंबों पर थप्पड़ मारने लगा. सना उत्तेजना और दर्द से चिल्लाती रही.

कुछ देर बाद ख़ान ने सना की चूत से अपना लंड निकाल लिया और सना को उठाकर उसके सेक्सी मुँह में डाल दिया. सना के मुँह में लंड घुसाकर ख़ान उसका सर टाइट पकड़कर उसे रफ तरीके से चोदने लगा. और जल्दी ही उसने सना का मुँह अपने वीर्य से भर दिया.

जब ख़ान ने सना के मुँह से अपना लंड बाहर निकाला तो आँचल ने देखा की सना के मुँह के किनारे से वीर्य बाहर निकल रहा है. आँचल ने सना के मुँह का चुंबन ले लिया और दोनो औरतें मज़े से ख़ान के वीर्य को निगल गयी.

थोड़ी देर बाद ख़ान बेड से उठा. सना और आँचल के नितंबों पर हल्के से एक एक थप्पड़ लगाकर ख़ान ने उन्हे उठने को कहा. ख़ान को एक बिज़नेस मीटिंग के लिए देर हो रही थी. आँचल और सना दोनो बेड से उठ खड़ी हुई और चादर से अपने चेहरे और नंगे बदन से वीर्य और चूत रस पोछने लगी. फिर दोनो ने फटाफट अपने कपड़े पहन लिए.

आँचल चुदाई के आनंद लेते हुए बंसल को भूल ही गयी और कामतृप्त होकर खुशी खुशी अपने मम्मी पापा के घर कार चलाकर चली गयी. घर जाकर आँचल बाथटब में बैठकर , मस्त चुदाई को याद करके गुनगुनाते हुई नहाने लगी.

फिर उसको अपने ससुर का ध्यान आया , कल उसका ससुर वापस आने वाला था. फोन पे उसके ससुर ने उससे जो कामुक बातें कही थी , उन्हे यादकर आँचल सोचने लगी, इस बार तो उसका ससुर मौके को हाथ से जाने नही देगा और उसे चोदकर ही मानेगा क्यूंकी अभी ससुराल में सास भी नही है और सुनील भी नही है.

आँचल अपने ससुर से संबंध बनाने में , सुनील और सास की वजह से, डरती थी , इसीलिए उसने अभी तक अपने आप को ससुर से बचाकर रखा था. लेकिन ससुर उसे चोदेगा इस ख़याल से उसकी चूत गीली भी हो जाती थी. अब जब कल ससुर वापस आएगा तो फिर क्या होगा , यही सोचते हुए वो बाथटब से उठ गयी.

Jab Khan , Sana aur Aanchal ko apne restroom mein le gaya to Aanchal samajh gayi ki aaj Khan ka threesome ka plan hai. Aanchal ka , film actress Sana ko khan se chudte hue dekhne ka sapna aaj pura hone wala tha , is khayal se uski choot gili ho gayi.

Restroom mein khan bed par baith gaya aur Sana ko apni god mein bitha liya. Phir uske hothon ko choomte hue uski chuchiyon ko masalne laga.

Aanchal ne dekha Sana siskari lene lagi hai aur khan ki shirt ke button kholne ki koshish kar rahi hai. Khan ne sana ke munh mein jeebh daal di aur uske munh ko choomne laga.

Aanchal akele khadi hokar khan aur sana ko ek dusre ka chumban lete dekh rahi thi. Khan ne sana ka blouse khol diya aur sana ki chuchiyon ke nipple ko ungliyon se dabane laga. Phir sana ke hothon ka chumban khatam karke usne apna munh sana ki chuchiyon par laga diya. Sana jor se siskariyan lete hue adhmundi aankho se Aanchal ko dekh rahi thi. Aanchal ne dekha sana ki tani hui chuchiyon ko khan ne chus chuskar apni laar se gila kar diya. Khan dono chuchiyon ko baari baari se choosne aur katne laga. Sana anand aur dard se machalte hue siskariyan lene lagi. un dono ki kaamkrida dekhkar Aanchal ki sanse bhari ho gayi, uski chuchiyan tan gayi aur choot se ras behne laga.

Khan ne Aanchal ko akeli khade dekha. Usne Aanchal ko pass bulaya,” yahan aao, jara sana ke badan par hath to firao. Dekho ye kitni sexy hai.”

Aanchal pass aayi aur Sana ke chehre ko hathon se sahlane lagi. phir jhukkar, usne siskariyan leti sana ke rasile hothon par apne hoth rakh diye aur use chumne lagi. dono ek dusre ke munh mein jeebh ghumane lagi.

Aanchal ko sana ke hothon ka chumban accha laga aur wo use choomti rahi. Khan jhuki hui Aanchal ki chuchiyon ko dabane laga. Phir khan ne Aanchal ko khinchkar sana se alag kar diya kyunki wo Aanchal ki tshirt ko utarkar uski badi badi chuchiyon se maze lena chah raha tha. Usne Aanchal ke sar ke upar se khinchkar tshirt nikal di. Aanchal ne bra nahi pahni thi. Uski badi gori chuchiyan azad ho gayi.

Sana ne Aanchal ki chuchiyon ko dekha to usne hath lagakar unka wazan taulne ki koshish ki . Phir khan ki god se utarkar dono hathon se Aanchal ki chuchiyon ko dabane lagi aur apne munh mein bharkar choosne lagi. Aanchal aankhe band karke siskariyan lene lagi. Ab sana ki sexy gand khan ki taraf thi. Khan ne sana ki skirt aur phir panty utar di. Ab sana puri nangi ho gayi thi.

Sana ke chuchiyon ko choosne se Aanchal ab jor jor se siskariyan lene lagi. khan uthkar Aanchal ke piche aa gaya aur uska jeans kholkar uski gili ho chuki panty bhi utar di. Aur Aanchal ko uthakar bed par lita diya.

Aanchal ki tangon ko sana ne alag kar diya aur Aanchal ki choot mein apna munh laga diya. Aanchal ki tani hui clit ko sana jeebh se chedne lagi aur Aanchal ki gili choot mein do ungliyan dalkar andar bahar karne lagi.

“unhhhh……aaahhh…..ohhhh…” Aanchal sisakne lagi.

Phir sana ne aanchal ki choot se apni ungliyan bahar nikaal li jo chootras se puri bhig chuki thi aur ab usne aanchal ki choot mein apni jeebh ghusa di aur uska chootras chatne lagi. Apni najuk choot mein sana ki rough jeebh ke ghoomne se Aanchal bahut uttezit ho gayi aur apni gand ko sana ke munh par uchalne lagi. kuch hi der mein Aanchal ko jabardast orgasm aa gaya aur usne sana ka sar pakadkar apni choot mein daba diya. Sana ko apna dum ghut ta sa mehsoos hua.

“aaahhh………….ohhhhh………uffffffffffffff…………oiiiiiiiiiii” karte hue Aanchal jhad gayi aur uski choot se nikle ras ne sana ka munh bhigo diya. Ab jakar Aanchal ne sana ke sar se apni pakad dhili ki.

Tab tak khan apne kapde utarkar lund ko hath mein liye hila raha tha aur un dono ki kaam lila dekhkar maze le raha tha. Aanchal ko jor jor se siskariyan lekar jhadte dekhkar khan se ab ruka nahi gaya. Usne sana ko baal pakadkar aanchal ki choot se hata diya aur Aanchal ki dono tange pakadkar faila di.

Khan ne apne mote aur bade lund ko aanchal ki phooli hui choot ke ched par lagaya aur ek jor ka dhakka lagakar lund andar ghusa diya.

“aahhh…unnhhhh…oiiiii…mmmaaaaa…” apni gili , par tight choot mein khan ka mota lund ghuste hi aanchal chillayi.

Khan ke mote lund se apni choot ki deewaron ko stretch hote mehsoos kar aanchal kamonmaad mein doob gayi. Khan uski choot mein tej tej shot marne laga , un dhakkon se Aanchal ka badan aur uski badi chuchiyan jor jor se hilne lagi. khan aanchal ki mansal janghon ko pakde hue uski choot ki thukai karte raha.

Sana aanchal ki chudai dekhkar kaamvasna se behal ho gayi , wo apni choot mein khud hi ungli karke apna orgasm lane ki koshish karne lagi. phir sana aanchal ke khoobsurat chehre par baith gayi aur apni gili choot ko aanchal ke munh par ragadne lagi. Aanchal ne sana ki bina baalon wali choot mein jeebh ghusakar use chatna suru kiya. Apne hathon se usne sana ki patli janghon ko pakad liya aur apne sar ko thoda uthakar sana ki choot chatne lagi.

Aanchal ne sana ki choot ko itna maza diya ki jaldi hi sana ko orgasm aa gaya
“ooooo…ohhhhhh…..aaaaahhhh….” siskariyan lete hue sana jhad gayi aur uski choot ne ras bahate hue aanchal ka munh bhigo diya. Jabardast orgasm se sana apne ko samhal nahi payi aur sisakte hue bed par aanchal ke bagal mein gir gayi. Aanchal ne apne upar se sana ki tange hatakar side mein kar di.

Idhar khan aanchal ko pele ja raha tha , apne ko jhadte hue mehsoos karke khan ne aanchal ki choot mein dhakke tej kar diye.

Mote lund ke dhakkon ki maar se aanchal jor se sisakne lagi …..ooohhhh…….oiiiiii…..aaaahhhhh…

Tabhi khan ne aanchal ki choot ko apne gaade viry se bhar diya. Aur apna lund aanchal ki choot se nikaal liya. Jabardast chudai se thakkar khan bhi aanchal ke bagal mein let gaya.

Wo tino bed par lete hue apni sanso par kaboo pane ka prayas karne lage. Aanchal bed par nangi apni tange failaye leti hui thi. Uski choot se viry aur chootras nikalkar chadar par gir raha tha. Abhi tak ki chudai ka aanchal ne ji bharkar anand liya. Khan aur sana ke sath chudai se use bharpoor kaamtripti mil gayi.

Thodi der aaram karne ke baad aanchal ne dekha sana uth baithi hai. Phir sana aanchal ke upar aa gayi. Ab dono ek dusre ke badan ko chumne lagi aur hath firane lagi. phir aanchal ne apne upar jhuki hui sana ki chuchiyon ko munh mein bhar liya aur unhe choosne lagi. sana ne aanchal ki choot mein teen ungliyan daal di aur teji se andar bahar karne lagi. dono hi aurten siskariyan lene lagi.

Aanchal aur sana ko siskariyan lete dekhkar khan apna lund hilane laga. Phir usne Aanchal ke munh mein apna lund ghusa diya. Aanchal khan ka lund chusne lagi aur uski goliyon ko sahlane lagi. Aanchal ab lund chusne mein mahir ho chuki thi. Uske lund chusne se jaldi hi khan sisakne laga.
“uuu…ohhh…aanchal…..haan haan aise hi chuso …..chusti raho….”

Aanchal khan ka lund bhi choos rahi thi aur apni gaand bhi beech beech mein upar ko uchal rahi thi kyunki sana uski choot ko ungliyon se tej tej chod rahi thi.

Tabhi khan ko laga ki wo ab jhadne wala hai. Usne jaldi se aanchal ke munh se apna lund nikaal liya. Ab wo sana ko chodna chah raha tha.

Khan ne sana ko bed mein ulta lita diya aur uski gaand hawa mein uthakar apna lund sana ki choot mein ghusa diya.

“aaahhhh….uffff…ohhhhh” khan ka mota lund apni choot mein ghuste hi sana siski.
Khan ab sana ki choot mein dhakke marne laga. Dubli patli sana uske dhakkon se puri tarah se hil ja rahi thi.

“aaahhhh….ohhhhhhh…unngggg…..aaaaaaaa…..oiiiiii….” sana chillane lagi.
Khan sana ko ab piche se teji se chodne laga.

Aanchal lete hue hi sana ko doggy pose mein jor jor se chillakar chudte hue dekhne lagi. chudte hue sana ko alag alag tarah ka munh banate dekhkar Aanchal romanchit ho gayi. Aur apni phuli hui clit ko ungliyon se masalne lagi. kuch hi der mein sana ki chudai dekhkar apni clit ko masalte hue aanchal jhad gayi.

Khan ne sana ko chodna jari rakha. Dubli patli Sana ke nitamb aanchal ki tarah bhare hue sudol nahi the. khan uttezna me sana ko chodte hue sana ke nitambon par thappad marne laga. Sana uttezna aur dard se chillati rahi.

Kuch der baad khan ne sana ki choot se apna lund nikaal liya aur sana ko uthakar uske sexy munh mein daal diya. Sana ke munh mein lund ghusakar khan uska sar tight pakadkar use rough tarike se chodne laga. Aur jaldi hi usne sana ka munh apne viry se bhar diya.

Jab khan ne sana ke munh se apna lund bahar nikala to aanchal ne dekha ki sana ke munh ke kinare se viry bahar nikal raha hai. Aanchal ne sana ke munh ka chumban le liya aur dono aurten maze se khan ke viry ko nigal gayi.

Thodi der baad khan bed se utha. Sana aur aanchal ke nitambon par halke se ek ek thappad lagakar khan ne unhe uthne ko kaha. Khan ko ek business meeting ke liye der ho rahi thi. Aanchal aur sana dono bed se uth khadi hui aur chadar se apne chehre aur nange badan se viry aur choot ras pochne lagi. phir dono ne fatafat apne kapde pahan liye.

Aanchal chudai ke anand lete hue bansal ko bhool hi gayi aur kaamtript hokar khushi khushi apne mummy papa ke ghar car chalakar chali gayi. Ghar jakar aanchal bathtub mein baithkar , mast chudai ko yaad karke gungunate hui nahane lagi.

Phir usko apne sasur ka dhyan aaya , kal uska sasur wapas aane wala tha. Phone pe uske sasur ne usse jo kamuk baatein kahi thi , unhe yaadkar aanchal sochne lagi, is baar to uska sasur mauke ko haath se jane nahi dega aur use chodkar hi manega kyunki abhi sasuraal mein saas bhi nahi hai aur sunil bhi nahi hai.

Aanchal apne sasur se sambandh banane mein , sunil aur saas ki wajah se, darti thi , isiliye usne abhi tak apne aap ko sasur se bachakar rakha tha. lekin sasur use chodega is khayal se uski choot gili bhi ho jati thi. Ab jab kal sasur wapas aayega to phir kya hoga , yahi sochte hue wo bathtub se uth gayi.

Re: आँचल की अय्याशियां

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rajaarkey
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by rajaarkey » 22 Nov 2017 13:41

Super hot kahani hai dost
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &;
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 22 Nov 2017 14:55

rajaarkey wrote:
22 Nov 2017 13:41
Super hot kahani hai dost
thanks Raj bhai

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 22 Nov 2017 15:06

ख़ान और सना के साथ थ्रीसम के बाद रात में आँचल को सेक्सी सपने आए. सपने में उसने देखा ख़ान उसे और सना को चोद रहा है. लेकिन फिर सपना बदल गया और आँचल ने देखा उसका ससुर उसे और सना दोनो को चोद रहा है. आँचल जब सुबह उठी तो उसे रात का सपना याद आया. आज उसका ससुर आने वाला था. ससुर से मुलाकात को लेकर आँचल को डर के साथ एक्साइट्मेंट भी हुआ. आँचल को पूरा यकीन था सुनील के लौटकर आने से पहले घर में उसे अकेला पाकर ससुरजी चोदने में बिल्कुल भी देर नही करेंगे. ससुर से चुदवाने के ख़याल से उसकी चूत गीली हो गयी, लेकिन उसका दिमाग़ कह रहा था ये ग़लत है.

“क्या करूँ ?” आँचल सोच में डूब गयी.

आँचल एक खूबसूरत और जवान औरत थी. एक बार जब उसने खुलकर सेक्स के मज़े ले लिए , जब उसे पता लगा की असली चुदाई क्या होती है तो अब वो अपने को चुदाई का मज़ा लेने से रोक नही पाती थी. उसकी कामइच्छाएँ उसके दिमाग़ पर भारी पड़ जाती थी. अगर शादी के कुछ महीने बाद समीर और किमी ने आँचल को सिड्यूस करके जबरदस्त चुदाई के मज़े नही दिलवाए होते तो शायद वो आज एक पतिव्रता औरत होती और सुनील के साथ जैसे तैसे गुजारा कर लेती. शायद वो अपनी कामइच्छाओं को दबा लेती या फिर मूठ मारकर काम चला लेती. लेकिन समीर और किमी के साथ उस घटना के बाद उसको पता चल गया की अगर मर्द अच्छे से चोदे तो औरत को बहुत मज़ा दे सकता है. बड़े लंड से अपनी टाइट चूत के स्ट्रेच होने की फीलिंग ही कुछ और थी. अब आँचल को जब भी चुदाई का मौका मिलता था तो वो अपने को रोक नही पाती थी और चुदवा लेती थी.

आँचल को एक दो बार ससुर ने पैंट के बाहर से अपना लंड पकड़वाया था , ससुरजी का भी तो बड़ा लंड था, आँचल को ससुर के साथ हुई वो घटना याद आई , उसको उत्तेजना आई. फिर आँचल सोचने लगी, एक बार ससुरजी ने उसे चोद दिया तो वो बार बार उसे चोदेंगे. कभी ना कभी उसकी सास या पति सुनील उन्हे पकड़ ही लेगा. फिर क्या होगा ? घर में बाप बेटे के बीच झगड़ा हो जाएगा , वो अपने मम्मी पापा को क्या मुँह दिखाएगी. बाहर तो कभी कभार चुदवाने में पकड़े जाने के चांस कम हैं पर घर में ससुर के साथ तो वो ज़रूर पकड़ी जाएगी. नहाते समय आँचल के मन में यही सब विचार आ रहे थे. कुल मिलाकर वो उलझन में थी , ससुर से चुदाई में उसे कोई ऐतराज़ नही था पर दिमाग़ कह रहा था की इसमे बहुत रिस्क है , ससुर से बच के रहो.

नहाकर फैक्ट्री जाने के लिए तैयार होकर आँचल अपने मम्मी पापा के साथ नाश्ता करने लगी. वो परोठा खा रही थी तभी उसके ससुर का फोन आ गया.

“आज तुम अपना बैग पैक करके रखना. फैक्ट्री से हम साथ साथ तुम्हारे पापा के घर जाएँगे और तुम हमारे साथ अपने घर वापस आओगी. आज की रात तो बहुत रंगीन होगी, तेरी बाँहों में…” ससुर मस्ती में बोला.

ससुर का प्लान सुनकर आँचल को डर लगा , पर उसे उत्तेजना भी हुई, वो केवल “उनन्ं…जी …” ही बोल पाई.

“बस तुम जल्दी से फैक्ट्री आ जाओ, तुम्हें देखने और चूमने का दिल कर रहा है.” ठरकी ससुर ने कहा.

“ज्ज्ज…जी..” आँचल ने धीरे से कहा.

“ये क्या जी… जी लगा रखा है . जल्दी आओ मेरा लंड बहुत तड़प रहा है.” उत्तेजित होते हुए ससुर ने कहा.

“उम्म्म…हाँ, बस अभी आ रही हूँ…” आँचल ने धीरे से जवाब दिया.

“क्यूँ तुझे भी तड़पन हो रही है ? बोलो ना…” ससुर मस्ती में था.

“ज्ज…जी हाँ …” आँचल धीरे से बोली. टेबल पर सामने परोठे खाते हुए उसके मम्मी पापा उसको ही देख रहे थे. आँचल का मुँह शरम से लाल हो गया , उसने सोचा ससुरजी तो फोन रखेंगे नही, ऐसी ही कामुक बातें बोलते रहेंगे. आँचल ने फोन काट दिया.

आँचल की मम्मी ने पूछा , तो आँचल ने बताया की वो दोपहर में फैक्ट्री से लौटते वक़्त ससुरजी के साथ आएगी और फिर अपना सामान पैक करके वापस ससुराल चली जाएगी.

आँचल के पापा बोले, बेटा ये तो अच्छी बात है . तुम बहुत दिनों से मायके में हो. आज अपने घर चली जाओगी.

अब आँचल से परोठा निगला ही नही जा रहा था. वो सोचने लगी , ससुरजी तो कह रहे थे , तेरी बाँहों में आज की रात बहुत रंगीन होगी. आज तो मैं किसी हाल में नही बच सकती. धीरे धीरे उसने नाश्ता खत्म किया और कार लेकर फैक्ट्री आ गयी.

फैक्ट्री पहुँचकर आँचल ने देखा उसका ऑफिस अंदर से बंद था. नॉक किया तो बंसल ने दरवाज़ा खोला और आँचल के अंदर आने के बाद फिर से लॉक कर दिया.

आँचल ने देखा टेबल पर बहुत सारी नोटो की गड्डियां पड़ी हुई हैं और बंसल उनको गिन रहा है.

आँचल ने पूछा तो बंसल ने बताया की ससुरजी अभी कहीं बाहर गये हैं एक दो घंटे में वापस आ जाएँगे.

फिर बंसल रुपये गिनना छोड़कर आँचल की कमर में हाथ डालकर उसको अपनी तरफ खींचते हुए बोला,”कल ख़ान और सना के साथ बहुत मज़े किए तुमने ? ”

ब्लाउज के नीचे नंगी कमर पर बंसल के हाथ घूमने लगे. आँचल ने बंसल को धक्का देकर हटाने की कोशिश की लेकिन बंसल ने उसकी कमर और टाइट पकड़ ली और सोफे पर आँचल को खींच लिया.

“ये क्या कर रहे हो तुम बंसल ? छोड़ो मुझे …” आँचल ने रूखेपन से बंसल को झिड़कते हुए कहा.

“छोडूं या चोदूँ ..” बंसल ज़ोर से हंसते हुए बोला.

फिर एक हाथ से आँचल के खूबसूरत चेहरे को ज़ोर से दबाते हुए बोला,” भूल गयी क्या ? मेरे पास टेप है. तेरी चुदाई का सबूत, तेरे नौकर के साथ….”

फिर उसने और भी ज़ोर से आँचल के गालों को अपने हाथ से पकड़कर दबाया , आँचल दर्द से कसमसाई.

“मेरे साथ अच्छे से पेश आओ मैडम. नही तो मैं वो टेप तुम्हारे ससुर को दे दूँगा. समझी ?”

“ओइईई…….बंसल , प्लीज़ ….दर्द हो रही है ……..मेरा चेहरा तो छोड़ दो ” दर्द से चिल्लाते हुए आँचल बोली.
“प्लीज़ …बंसल जी…ओके ओके , मैं अच्छा व्यवहार करूँगी तुम्हारे साथ…..”

आँचल को दर्द से कसमसाते देखकर बंसल ने उसका चेहरा छोड़ दिया. फिर उसके कंधे में हाथ डालकर उसको अपने पास खींचते हुए बोला,” अब बताओ आँचल जी , मज़ा किया कल तुमने ?”

“हाँ..” आँचल ने धीरे से कहा.

बंसल फुसफुसाया,” बस हाँ ? ये क्या जवाब है आँचल जी ? ज़रा खुलकर बताओ , क्या क्या मस्ती की तुमने ख़ान और सना के साथ ?

“हाँ , बहुत मज़ा आया..” आँचल भी फुसफुसाते हुए बोली.

“क्या तुम दोनो को चोदा ख़ान ने ?” बंसल फिर फुसफुसाया. बंसल ने अब पीछे से आँचल का ब्लाउज खोल दिया था और फिर लेस वाली ब्रा भी उतार दी. ब्लाउज और ब्रा को एक तरफ फेंक दिया. आँचल चुपचाप बैठी रही. बंसल उसको टेप का डर दिखाकर ब्लैकमेल कर रहा था.


मादक आँचल को ऊपर से नंगा करके बंसल उसकी गोरी गोरी बड़ी चूचियों का हाथ लगाकर वजन तौलने लगा. फिर उसने ज़ोर से चूची का निपल उंगलियों से दबा दिया.

“ओइईई……आआहह..” आँचल दर्द से चिल्लाई.

“बोलो आँचल जी , सारी की सारी कहानी बताओ . चुप मत रहो , नही तो ..” कहते हुए बंसल ने फिर से उसके निपल को ज़ोर से दबाकर दर्द कर दी.

“अच्छा अच्छा ….प्लीज़ ऐसे दर्द मत करो. सब कुछ बताती हूँ प्लीज़…” बेचारी आँचल अपनी चुदाई का किस्सा बंसल को बताने लगी.

बंसल उसकी बात सुनते हुए उसकी चूचियों और निपल को मुँह में भरकर चूसने लगा.

आँचल अपना किस्सा सुना रही थी और बंसल उसकी चूचियों को मसल रहा था , चूस रहा था. अब आँचल भी उत्तेजित होने लगी और किस्सा सुनाते हुए बीच बीच में सिसकारियाँ लेने लगी. बंसल समझ गया , साली गरम कुतिया उत्तेजित होने लगी है.

उसने आँचल को सोफे से खड़ा कर दिया और बोला,” फटाफट साड़ी पेटीकोट उतार दो.”

“कोई आ जाएगा बंसल जी..” आँचल उत्तेजना से काँपती आवाज़ में बोली , लेकिन कपड़े उतारने लगी.

“दरवाजा बंद है. घबराओ नही.” बंसल भी फटाफट अपने कपड़े उतारते हुए बोला.

नंगी आँचल को डेस्क के पास ले जाकर बंसल ने झुका दिया और एक हाथ से उसकी पीठ को नीचे दबाते हुए पीछे से उसकी चूत में उंगली घुसा दी.

“सना की चूत चाटने में तुझे बहुत मज़ा आया लगता है …”

आँचल की चूत गीली देखकर बंसल खुश हो गया. सोचने लगा , ये साली गरम कुतिया हमेशा चुदाई को तैयार रहती है. साली बहुत कामुक है.

बंसल ने अपना छोटा लेकिन मोटा लंड पीछे से आँचल की चूत में पेल दिया. और धक्के मारने लगा.

“आह ओह्ह …ऊऊ……” आँचल सिसकने लगी.

आँचल की बड़ी चूचियां डेस्क के उपर लगे ठंडे ग्लास में दबी हुई थी और उसकी बड़ी गांड ऊपर को उठी हुई थी.
बंसल आँचल को धीरे धीरे चोदने लगा और आँचल से अपना किस्सा जारी रखने को कहा.

आँचल चुदते हुए किस्सा सुनाने लगी. तभी उसको लगा की ओर्गास्म आने वाला है.

“आअहह…..बंसल जी……..ओइईईईईईई………..”

बंसल धीरे धीरे इसलिए चोद रहा था ताकि चुदाई का मज़ा देर तक आए .

जब वो दोनो ही झड़ने को हुए तो किसी ने ज़ोर से दरवाजा खटखटा दिया.

“दरवाजा खोलो बंसल ”, मिस्टर जोशी (आँचल का ससुर ) तेज आवाज़ में बोला.

बंसल का लंड तुरंत मुरझाकर आँचल की चूत से बाहर आ गया. वो फटाफट अपने कपड़े पहनने लगा.

आँचल डेस्क पर झुकी हुई चुदाई की मदहोशी में थी लेकिन ससुरजी की कड़क आवाज़ सुनकर उसका ओर्गास्म गायब हो गया . वो सीधी खड़ी हो गयी और फटाफट पेटीकोट पहनने लगी.

बंसल ने तो फटाफट पैंट कमीज़ पहन ली पर आँचल को तो साड़ी ब्लाउज पहनना था. उसने बिना ब्रा के ही ब्लाउज पहन लिया और बंसल की मदद से साड़ी बाँध ली.

बंसल ने फर्श पर पड़ी ब्रा को अपनी जेब में छुपा लिया और टेबल से बहुत सारे नोट फर्श पर गिरा कर बिखेर दिए.
फिर वो दरवाजा खोलने लगा और आँचल से कहा फर्श पर पड़े नोट उठाने का नाटक करे.

Khan aur Sana ke sath threesome ke baad raat mein Aanchal ko sexy sapne aaye. Sapne mein usne dekha khan use aur sana ko chod raha hai. Lekin phir sapna badal gaya aur Aanchal ne dekha uska sasur use aur sana dono ko chod raha hai. Aanchal jab subah uthi to use raat ka sapna yaad aaya. Aaj uska sasur aane wala tha. Sasur se mulakat ko lekar Aanchal ko dar ke sath excitement bhi hua. Aanchal ko pura yakin tha sunil ke lautkar aane se pehle ghar mein use akela pakar sasurji chodne mein bilkul bhi der nahi karenge. Sasur se chudwane ke khayal se uski choot gili ho gayi, lekin uska dimaag keh raha tha ye galat hai.

“kya karu ?” aanchal soch mein doob gayi.

Aanchal ek khoobsurat aur jawan aurat thi. Ek baar jab usne khulkar sex ke maze le liye , jab use pata laga ki asli chudai kya hoti hai to ab wo apne ko chudai ka maza lene se rok nahi pati thi. Uski kaamicchayen uske dimaag par bhari pad jati thi. Agar shadi ke kuch mahine baad Sameer aur kimi ne Aanchal ko seduce karke jabardast chudai ke maze nahi dilwaye hote to sayad wo aaj ek pativrata aurat hoti aur sunil ke sath jaise taise gujara kar leti. Sayad wo apni kaamicchaon ko daba leti ya phir muth marker kaam chala leti. Lekin Sameer aur kimi ke sath us ghatna ke baad usko pata chal gaya ki agar mard acche se chode to aurat ko bahut maza de sakta hai. Bade lund se apni tight choot ke stretch hone ki feeling hi kuch aur thi. Ab Aanchal ko jab bhi chudai ka mauka milta tha to wo apne ko rok nahi pati thi aur chudwa leti thi.

Aanchal ko ek do baar sasur ne pant ke bahar se apna lund pakadwaya tha , Sasurji ka bhi to bada lund tha, Aanchal ko sasur ke sath hui wo ghatna yaad aayi , usko uttezna aayi. Phir Aanchal sochne lagi, ek baar sasurji ne use chod diya to wo baar baar use chodenge. Kabhi na kabhi uski saas ya pati sunil unhe pakad hi lega. Phir kya hoga ? ghar mein baap bete ke beech jhagda ho jayega , wo apne mummy papa ko kya munh dikhayegi. Bahar to kabhi kabhar chudwane mein pakde jane ke chance kam hain par ghar mein sasur ke sath to wo jarur pakdi jayegi. Nahate samay Aanchal ke man mein yahi sab vichar aa rahe the. kul milakar wo uljhan mein thi , sasur se chudai mein use koi aitraz nahi tha par dimag keh raha tha ki isme bahut risk hai , sasur se bach ke raho.

Nahakar factory jane ke liye tayyar hokar Aanchal apne mummy papa ke sath nasta karne lagi. wo parotha kha rahi thi tabhi uske sasur ka phone aa gaya.

“aaj tum apna bag pack karke rakhna. Factory se hum sath sath tumhare papa ke ghar jayenge aur tum hamare sath apne ghar wapas aaogi. Aaj ki raat to bahut rangeen hogi, teri banhon mein…” sasur masti mein bola.

Sasur ka plan sunkar Aanchal ko dar laga , par use uttezna bhi hui, wo kewal “unnn…ji …” hi bol payi.

“bas tum jaldi se factory aa jao, tumhe dekhne aur choomne ka dil kar raha hai.” Tharki sasur ne kaha.

“jjj…ji..” Aanchal ne dhire se kaha.

“ye kya ji…. ji laga rakha hai . jaldi aao mera lund bahut tadap raha hai.” Uttezit hote hue sasur ne kaha.

“ummm….haan, bas abhi aa rahi hun…” Aanchal ne dhire se jawab diya.

“kyun tujhe bhi tadpan ho rahi hai ? bolo na…” sasur masti mein tha.

“jj…ji haan…” Aanchal dhire se boli. Table par samne parothe khate hue uske mummy papa usko hi dekh rahe the. Aanchal ka munh sharam se laal ho gaya , usne socha sasurji to phone rakhenge nahi, aise hi kamuk baatein bolte rahenge. Aanchal ne phone kaat diya.

Aanchal ki mummy ne pucha , to Aanchal ne bataya ki wo dopahar mein factory se lautte waqt sasurji ke sath aayegi aur phir apna saman pack karke wapas sasuraal chali jayegi.

Aanchal ke papa bole, beta ye to acchi baat hai . tum bahut dino se mayke mein ho. Aaj apne ghar chali jaogi.

Ab Aanchal se parotha nigla hi nahi ja raha tha. Wo sochne lagi , sasurji to keh rahe the , teri banhon mein aaj ki raat bahut rangeen hogi. Aaj to mai kisi haal mein nahi bach sakti. Dhire dhire usne nasta khatam kiya aur car lekar factory aa gayi.

Factory pahunchkar Aanchal ne dekha uska office andar se band tha. Knock kiya to bansal ne darwaza khola aur Aanchal ke andar aane ke baad phir se lock kar diya.
Aanchal ne dekha table par bahut sari noto ki gaddiyan padi hui hai aur bansal unko gin raha hai.

Aanchal ne pucha to bansal ne bataya ki sasurji abhi kahin bahar gaye hain ek do ghante mein wapas aa jayenge.

Phir bansal rupiye ginna chodkar Aanchal ki kamar mein hath dalkar usko apni taraf khinchte hue bola,”kal khan aur sana ke sath bahut maze kiye tumne ? ”

Blouse ke neeche nangi kamar par bansal ke hath ghumne lage. Aanchal ne bansal ko dhakka dekar hatane ki koshish ki lekin bansal ne uski kamar aur tight pakad li aur sofe par Aanchal ko khinch liya.

“ye kya kar rahe ho tum bansal ? choro mujhe …” Aanchal ne rukhepan se bansal ko jhidakte hue kaha.

“choru ya chodu ..” bansal jor se hanste hue bola.

Phir ek hath se Aanchal ke khoobsurat chehre ko jor se dabate hue bola,” bhool gayi kya ? mere pass tape hai. Teri chudai ka saboot, tere naukar ke sath….”

Phir usne aur bhi jor se Aanchal ke galon ko apne hath se pakadkar dabaya , Aanchal dard se kasmasayi.

“mere sath acche se pesh aao madam. Nahi to mai wo tape tumhare sasur ko de dunga. Samjhi ?”

“oiiiii…….bansal , please ….dard ho rahi hai ……..mera chehra to chod do” dard se chillate hue aanchal boli.
“please …bansal ji….ok ok , mai accha vyavhar karungi tumhare sath…..”

Aanchal ko dard se kasmasate dekhkar Bansal ne uska chehra chod diya. Phir uske kandhe mein hath dalkar usko apne pass khinchte hue bola,” ab batao aanchal ji , maza kiya kal tumne ?”

“haan..” aanchal ne dhire se kaha.

Bansal fusfusaya,” bas haan ? ye kya jawab hai aanchal ji ? jara khulkar batao , kya kya masti ki tumne khan aur sana ke sath ?

“ haan , bahut maza aaya..” aanchal bhi fusfusate hue boli.

“kya tum dono ko choda khan ne ?” bansal phir fusfusaya. Bansal ne ab piche se aanchal ka blouse khol diya tha aur phir lace wali bra bhi utar di. Blouse aur bra ko ek taraf phenk diya. Aanchal chupchap baithi rahi. Bansal usko tape ka dar dikhakar blackmail kar raha tha.

Madak aanchal ko upar se nanga karke bansal uski gori gori badi chuchiyon ka hath lagakar wajan taulne laga. Phir usne jor se chuchi ka nipple ungliyon se daba diya.

“oiiiii……aaaahhhh..” aanchal dard se chillayi.

“bolo aanchal ji , sari ki sari kahani batao . chup mat raho , nahi to ..” kehte hue bansal ne phir se uske nipple ko jor se dabakar dard kar di.

“accha achha ….please aise dard mat karo. Sab kuch batati hun please…” bechari aanchal apni chudai ka kissa bansal ko batane lagi.

Bansal uski baat sunte hue uski chuchiyon aur nipple ko munh mein bharkar choosne laga.

Aanchal apna kissa suna rahi thi aur bansal uski chuchiyon ko masal raha tha , choos raha tha. Ab aanchal bhi uttezit hone lagi aur kissa sunate hue beech beech mein siskariyan lene lagi. Bansal samajh gaya , saali garam kutiya uttezit hone lagi hai.

Usne aanchal ko sofe se khada kar diya aur bola,” fatafat sari petticoat utar do.”

“koi aa jayega bansal ji..” aanchal uttezna se kanpti awaz mein boli , lekin kapde utarne lagi.

“darwaja band hai. Ghabrao nahi.” Bansal bhi fatafat apne kapde utarte hue bola.

Nangi aanchal ko desk ke pass le jakar bansal ne jhuka diya aur ek hath se uski peeth ko niche dabate hue piche se uski choot mein ungli ghusa di.

“sana ki choot chatne mein tujhe bahut maza aaya lagta hai …”

Aanchal ki choot gili dekhkar bansal khush ho gaya. Sochne laga , ye saali garam kutiya hamesha chudai ko tayyar rehti hai. Saali bahut kamuk hai.

Bansal ne apna chota lekin mota lund piche se aanchal ki choot mein pel diya. Aur dhakke marne laga.

“ohhhh….aaaah….oooo……” Aanchal sisakne lagi.

Aanchal ki badi chuchiyan desk ke upar lage thande glass mein dabi hui thi aur uski badi gaand upar ko uthi hui thi.

Bansal aanchal ko dhire dhire chodne laga aur Aanchal se apna kissa jari rakhne ko kaha.

Aanchal chudte hue kissa sunane lagi. tabhi usko laga ki orgasm aane wala hai.

“aaahhh…..bansal ji……..oiiiiiiiii………..”

Bansal dhire dhire isliye chod raha tha taki chudai ka maza der tak aaye .

Jab wo dono hi jhadne ko hue to kisi ne jor se darwaja khatkhata diya.

“darwaja kholo bansal” Mr Joshi (aanchal ka sasur ) tej awaz mein bola.

Bansal ka lund turant murjhakar aanchal ki choot se bahar aa gaya. Wo fatafat apne kapde pahanne laga.

Aanchal desk par jhuki hui chudai ki madhoshi mein thi lekin sasurji ki kadak awaz sunkar uska orgasm gayab ho gaya . wo sidhi khadi ho gayi aur fatafat petticoat pahanne lagi.

Bansal ne to fatafat pant kameez pahan li par aanchal ko to saree blouse pahanna tha. Usne bina bra ke hi blouse pahan liya aur bansal ki madad se saree bandh li.

Bansal ne farsh par padi bra ko apni jeb mein chupa liya aur table se bahut sare note farsh par gira kar bikher diye.
Phir wo darwaja kholne laga aur aanchal se kaha farsh par pade note uthane ka natak kare.

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 22 Nov 2017 15:07

जब बंसल ने ऑफिस का दरवाज़ा खोला तो मिस्टर जोशी (ससुर) अंदर आए. बंसल बिना पूछे तुरंत सफाई देने लगा की बहुत सारा पैसा टेबल से गिरकर बिखर गया है , हम उसी को उठा रहे थे.

ससुर ने देखा आँचल झुकी हुई है और फर्श से नोट उठा रही है. उसने ब्रा नही पहनी थी जिससे उसकी बड़ी चूचियां साफ दिख रही थी क्यूंकी झुके होने से साड़ी का पल्लू हटा हुआ था. ससुर ने ऊपर से झाँका तो उसको निपल भी दिखाई दिए.

ससुर दरवाज़ा खोलने में हुई देरी से नाराज़ था और बंसल से जवाब तलब करना चाह रहा था लेकिन मादक आँचल की चूचियों को देखकर उसका गुस्सा काफूर हो गया. वो आँचल के पास गया और उसके स्लीवलेस ब्लाउज के थोड़ा नीचे उसकी बाँह पकड़कर उसे उठाने लगा. ससुर की अंगुलियां आँचल की कांख को टच कर रही थी. और उसकी नज़र आँचल की बिना ब्रा की चूचियों पर थी. आँचल को उठाने के बहाने ससुर ने उसकी कांख पर अंगुलियां फेरते हुए , कांख से आ रही खुशबू को अपनी नाक में भर लिया. …आहह…..क्या मादक गंध है…मैं कितना तड़प रहा हूँ , इस सेक्सी बहू को चोदने के लिए.

आँचल ने देखा उसका ससुर उसे कांख के पास बाँह पकड़कर उठा रहा है. आँचल उठी और एक नर्वस स्माइल के साथ ससुर को विश किया. वो अभी भी घबराई हुई थी. चुदाई की मदहोशी में उसे ओर्गास्म आने ही वाला था की ससुर ने दरवाज़ा भड़भड़ा दिया था. उसकी साँसे अभी भी भारी थी और बदन कांप रहा था.

ससुर ने देखा बहू गहरी साँसे ले रही है और उसकी बड़ी चूचियां सांसो के साथ ऊपर नीचे हो रही हैं, आँचल का चेहरा भी चुदाई के आनंद से थोड़ा लाल हो रखा था. ससुर ने सोचा बहू मुझे देख के उत्तेजित हो रही है. शायद ये भी मेरे लिए उतना ही तड़प रही है, जितना मैं इसके लिए.

तब तक बंसल ने गिराए हुए सारे नोट उठा लिए थे.
बंसल बोला, “ सर , मैं इन रूपयों को बैंक में जमा कर दूं.”

ससुर बोला,” हाँ बंसल जी , ये पैसा बैंक में जमा कर दो और मेरे सेक्रेटरी से कहना , कोई मुझे डिस्टर्ब ना करे.”

बंसल के जाने के बाद ससुर आँचल को देखकर मुस्कुराया.
“बहुत दिन हो गये तुम्हें देखे. बहुत सुंदर लग रही हो.”

फिर ससुर आँचल का हाथ पकड़कर उसी सोफे पर बैठ गया जहाँ थोड़ी देर पहले बंसल ने आँचल को नंगा किया था. सोफे पर बैठकर ससुर ने आँचल को अपने पास बैठा लिया और उसके कंधे पर अपनी बाँह रख दी. फिर वो आँचल की खूबसूरती की तारीफ करने लगा और आँचल के गालों को सहलाते हुए कहने लगा की ख़ान से लोन निकलवाकर तुमने बहुत अच्छा काम किया.

आँचल ससुर की बाँहों में घबराहट और उत्तेजना से काँपने लगी. उसकी चुदाई अधूरी रह जाने से ओर्गास्म निकल नही पाया था. ससुर के बदन को सहलाने से उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी. वो चुदकर अपने ओर्गास्म को बाहर निकालने को तड़प रही थी.

ससुर उसके गालों को सहलाकर उसकी तारीफ करता रहा. आँचल के बदन को काँपते देखकर वो बोला,”डरो नही मेरी जान. मैं तुम्हें बहुत कुछ सिखाऊंगा. कैसे मज़ा मिलता है और कैसे मज़ा देते हैं. डरती क्यूँ हो, आज की रात तुम्हारी अब तक की सबसे रंगीन रात होगी.”

फिर ससुर ने आँचल के होठों पर चुंबन ले लिया.

“ओह्ह …ससुरजी…” आँचल सिसकी.

ससुर आँचल के रसीले होंठो को चूसने लगा. आँचल ने अपने होंठ अलग कर दिए और ससुर की जीभ को अपने मुँह के अंदर आने दिया , आँचल के मुँह की मिठास पाकर ससुर खुश हो गया. आँचल ने अपने को पूरी तरह से ससुर के हवाले कर दिया. उत्तेजना से उसकी चूत से रस बहने लगा. आँचल ने अपने ससुर को लंबे समय तक टीज़ किया था , वो जानती थी उसका ससुर उसको चोदने का कोई मौका नही छोड़ेगा.

ससुर आँचल को चूमता रहा. आँचल आँखे बंद किए ससुर की बाँहो में सिसकते रही. ससुर का लंड पैंट में खड़ा हो गया था. उसने आँचल के होठों से अपने होंठ हटा लिए और बोला,” देखो मेरा लंड कितना तड़प रहा है , तुम्हारी चूत में जाने के लिए.”

आँचल ने ससुर के पैंट में बने हुए तंबू को देखा. वो वासना से तड़प उठी.
सेक्सी आँचल को खुले हुए कंपकंपाते होठों से अपने लंड के उभार को देखते हुए पाकर ससुर सुध बुध खो बैठा. उसने आँचल को घर में रात भर आराम से चोदने का प्लान बनाया था. पर आँचल को उत्तेजना से काँपते हुए चुदने को तैयार देखकर वो कंट्रोल खो बैठा. उसने अपना लंड पैंट से बाहर निकाल लिया.

आँचल ने देखा ससुरजी का लंड बहुत बड़ा और मोटा है. लाल रंग का मोटा सुपाड़ा था. आँचल ने लंड को हाथ से पकड़ लिया और सुपाड़े को चाट लिया.

“ओह….” आँचल की जीभ का स्पर्श अपने सुपाड़े पर लगते ही ससुर सिसका.

आँचल सुपाड़े को चाटने लगी और गोलियों को हाथ से सहलाने लगी. मादक आँचल को अपने लंड को चाटते देखकर ससुर सिसकारियाँ लेने लगा. अपनी बहू से लंड चुसवाने की उसकी बहुत इच्छा थी . वो काबू नही कर पाया और उसकी गोलियाँ टाइट होने लगी. फिर उसने आँचल के बाल पकड़ लिए और उसके होठों में वीर्य की धार छोड़ दी.

आँचल ने अपने होठों पर जीभ फिराकर ससुर का वीर्य चखा. वो ससुर के इतनी जल्दी झड़ने से हैरान थी. अभी तो उसने लंड को मुँह में भी नही लिया था और ये झड़ गया. जैसा बेटा वैसा बाप , वो सोचने लगी. उसका ओर्गास्म अभी निकल नही पाया था.

ससुर ने देखा आँचल अपने होठों से उसका वीर्य चाट रही है और उसके मुरझाए हुए लंड को मुँह में लेने की कोशिश कर रही है. बहू बहुत उत्तेजना में है. ससुर भी आँचल की उत्तेजना देखकर फिर से उत्तेजित होने लगा.

अपने मुँह में ससुर के मुरझाए हुए लंड को फिर से बढ़ते देखकर आँचल को हैरानी हुई क्यूंकी उसके पति सुनील का एक बार झड़कर फिर खड़ा नही होता था . वो लंड चूसकर और बड़ा करने लगी. ससुर का लंड तनकर फिर से बहुत बड़ा हो गया. आँचल बहुत खुश हो गयी. ससुर में अभी बहुत जान है. बेटे का जैसा बुद्धू नही है.

तभी किसी ने दरवाजा नॉक कर दिया. ससुर जल्दी से खड़ा होकर , झुंझलाते हुए बोला,” कौन है ? मैंने कहा था ना की डिस्टर्ब मत करना.”

बाहर से उसका सेक्रेटरी बोला,”सर, एक क्रेडिटर आया है, आपसे अर्जेंट्ली मिलना चाहता है.”

ससुर बोला,” ठीक है , 10 मिनिट बाद भेज दो उसको.”

फिर आँचल को देखकर मजबूरी जताने लगा,” ओह्ह मेरी जान, थोड़ा सबर करो. आज रात को पूरा मज़ा दूँगा.”

फिर उसने आँचल के चेहरे पर लगा वीर्य टॉवल से पोंछ दिया और उसके कपड़े ठीक करने में मदद करने लगा. आँचल की प्यास एक बार फिर अधूरी रह गयी.

जब क्रेडिटर अंदर आया तो आँचल ने देखा की ये वही आदमी ने जिसने पहले दिन मीटिंग में अपने पैसों के लिए , बंसल के सामने उसे डांट पिला दी थी और बहुत खरी खोटी सुना दी थी, जिससे आँचल की आँखों में आँसू आ गये थे. आज वही आदमी उसके ससुर के सामने भीगी बिल्ली बना बैठा था और यस सर, यस सर …… कर रहा था. ससुरजी की पावर से आँचल इंप्रेस हो गयी. ये आदमी मेरे सामने शेर बन रहा था आज चूहा बन गया है. आँचल सोचने लगी , ससुरजी के सामने बंसल भी चूहा बन जाता है. ससुरजी सुनील के जैसे नही है जो सभी मायनो में चूहा है. छोटा लंड है, एक बार झड़ के फिर खड़ा नही होता. इतनी खूबसूरत बीवी होकर भी उसकी चुदाई की इच्छा ही नही होती है.

अपने ससुर की पावरफुल पर्सनॅलिटी को बाहर के लोगो के सामने आँचल ने आज देखा. वाह… ससुर जी के सामने तो सब चूहे बन जाते हैं. आँचल ने एक्साइटेड फील किया. अंजाने में वो साड़ी के अंदर एक पैर के ऊपर रखे हुए दूसरे पैर को हिलाने लगी, जिससे उसकी तनी हुई क्लिट रगड़ खाने लगी. आँचल सामने बैठी अपने ससुर को देख रही थी , और ससुर के साथ चुदाई की कल्पना करते हुए, अपनी ऊपर वाली टांग हिलाते रही और क्लिट रगड़कर मूठ मारती रही. वो इतनी उत्तेजित थी की उन दोनो आदमियों के सामने ही कुछ ही देर में उसको रुका हुआ ओर्गास्म आ गया और गर्मी बाहर निकलने से उसका चेहरा सुर्ख लाल हो गया. अपने होठों को दांतो से काटकर उसने सिसकारी निकलने से रोका. उसकी आँखे मदहोशी में डूबी हुई थी. उन दोनो आदमियों को पता ही नही चला की उनके सामने बैठे बैठे टाँगे रगड़कर आँचल को ओर्गास्म आ गया है.

अपने पैसे वापस मिलने की बात से संतुष्ट होकर जब क्रेडिटर गया तब तक 2 pm हो चुका था.

आँचल अपने ससुर के साथ कार चलाकर अपने मायके से सामान लाने चली गयी. आँचल का ससुर रास्ते भर उसके गालों, उसके कंधों को सहलाता रहा. आँचल कार चलाने पर ध्यान दे रही थी, पर ससुर का स्पर्श उसे उत्तेजित कर दे रहा था.

जब वो दोनो आँचल के मायके पहुँचे तो वहाँ लंच टेबल पर मेहमान आए हुए थे. आँचल ने देखा उसकी कज़िन रिया अपने मम्मी पापा के साथ आई हुई है. रिया ने आँचल को देखते ही खुश होकर उसे अपने आलिंगन में भर लिया और दोनो ने एक दूसरे के गालों को चूमकर विश किया.

मिस्टर जोशी को आँचल के मम्मी पापा ने रिया के मम्मी पापा से मिलवाया. और रिया को आँचल अपने बेडरूम में ले गयी.

रिया ने आँचल को बताया की उसकी शादी तय हो गयी है और वो शादी के लिए शॉपिंग करने देल्ही आई है. आँचल ने जब उसकी शादी की खबर सुनी तो रिया को बाँहों में भर लिया और उसके दोनो गालों को चूमकर पप्पी दे दी. रिया आँचल से एक साल छोटी थी और अपने मम्मी पापा के साथ चंडीगढ़ में रहती थी. एक ही औलाद होने से वो अपने मम्मी पापा के खूब मुँह लगी थी. आँचल से उसकी खूब बनती थी.

जब रिया को पता चला की उसके जीजाजी सुनील बाहर गये हैं तो उसने आँचल से कहा की मैं तुम्हारे ही साथ रहूंगी और तुम मुझे देल्ही में शॉपिंग करवा देना.

आँचल रिया की बात से खुश हो गयी की वो 2 दिन उसके साथ रहेगी. हम दोनो खूब जमकर शॉपिंग करेंगे. आँचल ने खुशी खुशी अपना सामान पैक किया और दोनो लंच के लिए टेबल पर आ गयी.

लंच करते वक़्त रिया ने अपनी मम्मी से कहा की आप लोग यहाँ रुक रहे हो , लेकिन मैं आँचल के घर जा रही हूँ और वहीं रहूंगी. वो मुझे शॉपिंग करवा देगी. रिया की कोई बात उसके मम्मी पापा टालते नही थे , वो तुरंत राज़ी हो गये.

आँचल के साथ रिया के रहने की बात सुनकर ससुर का मुँह एकदम से लटक गया, बहू को चोदने का ये सुनहरा मौंका भी गया हाथ से. लेकिन वो क्या कर सकता था. चुपचाप लंच करते रहा. उसने एक नज़र आँचल की ओर डाली. आँचल ने ससुर का लटका हुआ चेहरा देखा. वो समझ गयी ससुर उसको चोदने का मौका निकल जाने से निराश हो गये है. उसने ससुर को टीज़ करने के लिए उसकी तरफ देखकर बड़ी सी मुस्कान बिखेर दी………साली मादक आँचल.

Jab bansal ne office ka darwaza khola to Mr Joshi (Sasur) andar aaye. Bansal bina puche turant safai dene laga ki bahut sara paisa table se girkar bikhar gaya hai , hum usi ko utha rahe the.

Sasur ne dekha Aanchal jhuki hui hai aur farsh se note utha rahi hai. Usne bra nahi pahni thi jisse uski badi chuchiyan saaf dikh rahi thi kyunki jhuke hone se saree ka pallu hata hua tha. Sasur ne upar se jhanka to usko nipple bhi dikhayi diye.

Sasur darwaza kholne mein hui deri se naraz tha aur bansal se jawab talab karna chah raha tha lekin Madak Aanchal ki chuchiyon ko dekhkar uska gussa kafur ho gaya. Wo aanchal ke pass gaya aur uske sleeveless blouse ke thoda niche uski banh pakadkar use uthane laga. Sasur ki anguliyan aanchal ki kankh ko touch kar rahi thi. Aur uski nazar aanchal ki bina bra ki chuchiyon par thi. Aanchal ko uthane ke bahane sasur ne uski kankh par angulian ferte hue , kankh se aa rahi khusboo ko apni naak mein bhar liya. …aahh…..kya madak gandh hai…..mai kitna tadap raha hun , is sexy bahu ko chodne ke liye.

Aanchal ne dekha uska sasur use kankh ke pass banh pakadkar utha raha hai. Aanchal uthi aur ek nervous smile ke sath sasur ko wish kiya. Wo abhi bhi ghabrayi hui thi. Chudai ki madhoshi mein use orgasm aane hi wala tha ki sasur ne darwaza bhadbada diya tha. Uski sanse abhi bhi bhari thi aur badan kanp raha tha.

Sasur ne dekha bahu gehri sanse le rahi hai aur uski badi chuchiyan sanso ke sath upar niche ho rahi hain, aanchal ka chehra bhi chudai ke anand se thoda laal ho rakha tha. Sasur ne socha bahu mujhe dekh ke uttezit ho rahi hai. Sayad ye bhi mere liye utna hi tadap rahi hai, jitna mai iske liye.

Tab tak bansal ne giraye hue sare note utha liye the.
Bansal bola, “ sir mai in rupiyon ko bank mein jama kar dun.”

Sasur bola,” haan bansal ji , ye paisa bank mein jama kar do aur mere secretary se kehna , koi mujhe disturb na kare.”

Bansal ke jane ke baad sasur aanchal ko dekhkar muskuraya.
“bahut din ho gaye tumhe dekhe. Bahut sundar lag rahi ho.”

Phir sasur aanchal ka hath pakadkar usi sofe par baith gaya jahan thodi der pehle bansal ne aanchal ko nanga kiya tha. Sofe par baithkar sasur ne aanchal ko apne pass baith liya aur uske kandhe par apni banh rakh di. Phir wo aanchal ki khoobsurati ki tareef karne laga aur aanchal ke gaalon ko sehlate hue kehne laga ki khan se loan nikalwakar tumne bahut accha kaam kiya.

Aanchal sasur ki banhon mein ghabrahat aur uttezna se kanpne lagi. uski chudai adhuri reh jane se orgasm nikal nahi paya tha. Sasur ke badan ko sahlane se uski uttezna badne lagi. wo chudkar apne orgasm ko bahar nikalne ko tadap rahi thi.

Sasur uske galon ko sahlakar uski tareef karta raha. Aanchal ke badan ko kanpte dekhkar wo bola,”daro nahi meri jaan. Mai tumhe bahut kuch sikhaunga. Kaise maza milta hai aur kese maza dete hain. Darti kyun ho, aaj ki raat tumhari ab tak ki sabse rangeen raat hogi.”

Phir sasur ne aanchal ke hothon par chumban le liya.

“ohhh…sasurji…” aanchal siski.

Sasur aanchal ke raseli hontho ko chusne laga. Aanchal ne apne hoth alag kar diye aur sasur ki jeebh ko apne munh ke andar aane diya , aanchal ke munh ki mithas pakar sasur khush ho gaya. Aanchal ne apne ko puri tarah se sasur ke hawale kar diya. Uttezna se uski choot se ras behne laga. Aanchal ne apne sasur ko lambe samay tak tease kiya tha , wo janti thi uska sasur usko chodne ka koi mauka nahi chodega.

Sasur aanchal ko chumta raha. Aanchal aankhe band kiye sasur ki banho mein sisakte rahi. Sasur ka lund pant mein khada ho gaya tha. Usne aanchal ke hothon se apne hoth hata liye aur bola,” dekho mera lund kitna tadap raha hai , tumhari choot mein jane ke liye.”

Aanchal ne sasur ke pant mein bane hue tambu ko dekha. Wo wasna se tadap uthi.
Sexy aanchal ko khule hue kankapate hothon se apne lund ke ubhar ko dekhte hue pakar sasur sudh budh kho baitha. Usne aanchal ko ghar mein raat bhar aaram se chodne ka plan banaya tha. Par aanchal ko uteezna se kanpte hue chudne ko tayyar dekhkar wo control kho baitha. Usne apna lund pant se bahar nikaal liya.

Aanchal ne dekha sasurji ka lund bahut bada aur mota hai. Lal rang ka mota supada tha. Aanchal ne lund ko hath se pakad liya aur supade ko chat liya.

“ohhhhh….” Aanchal ki jeebh ka sparsh apne supade par lagte hi sasur siska.

Aanchal supade ko chatne lagi aur goliyon ko hath se sehlane lagi. madak aanchal ko apne lund ko chat te dekhkar sasur siskariyan lene laga. Apni bahu se lund chuswane ki uski bahut iccha thi . wo kaboo nahi kar paya aur uski goliyan tight hone lagi. Phir usne aanchal ke baal pakad liye aur uske hothon mein viry ki dhar chod di.

Aanchal ne apne hothon par jeebh firakar sasur ka viry chakha. Wo sasur ke itni jaldi jhadne se hairaan thi. Abhi to usne lund ko munh mein bhi nahi liya tha aur ye jhad gaya. Jaisa beta waisa baap , wo sochne lagi. uska orgasm abhi nikal nahi paya tha.

Sasur ne dekha aanchal apne hothon se uska viry chat rahi hai aur uske murjhaye hue lund ko munh mein lene ki koshish kar rahi hai. Bahut bahut uttezna mein hai. Sasur bhi aanchal ki uteezna dekhkar phir se uttezit hone laga.

Apne munh mein sasur ke murjhaye hue lund ko phir se badte dekhkar aanchal ko hairani hui kyunki uske pati sunil ka ek baar jhadkar phir khada nahi hota tha . wo lund chooskar aur bada karne lagi. sasur ka lund tankar phir se bahut bada ho gaya. Aanchal bahut khush ho gayi. sasur mein abhi bahut jaan hai. Bete ka jaisa buddhu nahi hai.

Tabhi kisi ne darwaja knock kar diya. Sasur jaldi se khada hokar , jhunjhulate hue bola,” kaun hai ? mene kaha tha na ki disturb mat karna.”

Bahar se uska secretary bola,”sir, ek creditor aaya hai, aapse urgently milna chahta hai.”

Sasur bola,” theek hai , 10 minute baad bhej do usko.”

Phir aanchal ko dekhkar majboori jatane laga,” ohhh meri jaan, thoda sabar karo. Aaj raat ko pura maja dunga.”

Phir usne aanchal ke chehre par laga viry towel se poch diya aur uske kapde theek karne mein madad karne laga. Aanchal ki pyas ek baar phir adhuri reh gayi.

Jab creditor andar aaya to aanchal ne dekha ki ye wahi aadmi ne jisne pehle din meeting mein apne paison ke liye , bansal ke samne use dant pila di thi aur bahut khari khoti suna di thi, jisse aanchal ki aankhon mein aansu aa gaye the. aaj wahi aadmi uske sasur ke samne bhigi billi bana baitha tha aur yes sir , yes sir…… kar raha tha. Sasurji ki power se aanchal impress ho gayi. ye aadmi mere samne sher ban raha tha aaj chuha ban gaya hai. Aanchal sochne lagi , sasurji ke samne bansal bhi chuha ban jata hai. Sasurji sunil ke jese nahi hai jo sabhi mayno mein chuha hai. Chota lund hai, ek baar jhad ke phir khada nahi hota. Itni khoobsurat biwi hokar bhi uski chudai ki iccha hi nahi hoti hai.

Apne sasur ki powerful personality ko bahar ke logo ke samne aanchal ne aaj dekha. Wah sasur ji ke samne to sab chuhe ban jate hain. Aanchal ne excited feel kiya. Anjane mein wo saree ke andar ek pair ke upar rakhe hue dusre pair ko hilane lagi, jisse uski tani hui clit ragad khane lagi. Aanchal samne baithi apne sasur ko dekh rahi thi , aur sasur ke sath chudai ki kalpana karte hue, apni upar wali tang hilate rahi aur clit ragadkar muth marti rahi. Wo itni uttezit thi ki un dono aadmiyon ke samne hi kuch hi der mein usko ruka hua orgasm aa gaya aur garmi bahar nikalne se uska chehra surkh laal ho gaya. Apne hothon ko daanto se kaatkar usne siskari nikalne se roka. Uski aankhe madhoshi mein doobi hui thi. Un dono aadmiyon ko pata hi nahi chala ki unke samne baithe baithe tange ragadkar aanchal ko orgasm aa gaya hai.

Apne paise wapas milne ki baat se santust hokar jab creditor gaya tab tak 2pm ho chuka tha.

Aanchal apne sasur ke sath car chalakar apne mayke se samaan lane chali gayi. aanchal ka sasur raste bhar uske gaalon, uske kandhon ko sahlata raha. Aanchal car chalane par dhyan de rahi thi, par sasur ka sparsh use uttezit kar de raha tha.
Jab wo dono aanchal ke mayke pahunche to wahan lunch table par mehman aaye hue the. Aanchal ne dekha uski cousin Riya apne mummy papa ke sath aayi hui hai. Riya ne Aanchal ko dekhte hi khush hokar use apne alingan mein bhar liya aur dono ne ek dusre ke galon ko choomkar wish kiya.

Mr Joshi ko Aanchal ke mummy papa ne Riya ke mummy papa se milwaya. Riya ko Aanchal apne bedroom mein le gayi.

Riya ne aanchal ko bataya ki uski shadi tay ho gayi hai aur wo shadi ke liye shopping karne delhi aayi hai. Aanchal ne jab uski shadi ki khabar suni to riya ko banhon mein bhar liya aur uske dono galon ko chumkar puppy de di. Riya Aanchal se ek saal choti thi aur apne mummy papa ke sath chandigarh mein rehti thi. Ek hi aulad hone se wo apne mummy papa ke khoob munh lagi thi. Aanchal se uski khoob banti thi.

Jab Riya ko pata chala ki uske jijaji Sunil bahar gaye hain to usne Aanchal se kaha ki mai tumhare hi sath rahungi aur tum mujhe delhi mein shopping karwa dena.
Aanchal Riya ki baat se khush ho gayi ki wo 2 din uske sath rahegi. Hum dono khoob jamkar shopping karenge. Aanchal ne khushi khushi apna saman pack kiya aur dono lunch ke liye table par aa gayi.

Lunch karte waqt Riya ne apni mummy se kaha ki aap log yahan ruk rahe ho , lekin mai aanchal ke ghar ja rahi hun aur wahin rahungi. Wo mujhe shopping karwa degi. Riya ki koi baat uske mummy papa talte nahi the , wo turant raji ho gaye.

Aanchal ke sath Riya ke rehne ki baat sunkar Sasur ka munh ekdum se latak gaya, bahu ko chodne ka ye sunahra maunka bhi gaya hath se. lekin wo kya kar sakta tha. Chupchap lunch karte raha. Usne ek nazar aanchal ki or dali. Aanchal ne sasur ka latka hua chehra dekha. Wo samajh gayi sasur usko chodne ka mauka nikal jane se nirash ho gaye hai. Usne sasur ko tease karne ke liye uski taraf dekhkar badi si muskaan bikher di………saaali madak aanchal.


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