आँचल की अय्याशियां

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
User avatar
007
Super member
Posts: 3909
Joined: 14 Oct 2014 17:28

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by 007 » 10 Nov 2017 17:20

masti ka bhandaar hai kahani me
(¨`·.·´¨) Always

`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &

(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !

`·.¸.·´
-- 007

>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>

Re: आँचल की अय्याशियां

Sponsor

Sponsor
 

dil1857
Expert Member
Posts: 201
Joined: 19 Jul 2015 13:51

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by dil1857 » 10 Nov 2017 18:28

aage updete

User avatar
rajsharma
Super member
Posts: 5978
Joined: 10 Oct 2014 07:07

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by rajsharma » 10 Nov 2017 18:30

मस्ती से भरपूर कहानी है दोस्त जी चाहता है आप अपडेट देते रहें और हम पढ़ते रहें
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

User avatar
Kamini
Gold Member
Posts: 1046
Joined: 12 Jan 2017 13:15

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Kamini » 10 Nov 2017 22:22

Mast update

pongapandit
Expert Member
Posts: 346
Joined: 26 Jul 2017 16:08

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 11 Nov 2017 09:51

लेकिन आँचल के मामले में स्वामी ये देखकर खुश था की ये खूबसूरत औरत तो खुद ही चुदवाने को इतना बेचैन है. क्यूंकी वो अपनी सेक्स लाइफ से संतुष्ट नही थी , बाकी औरतें इतनी जल्दी गरम नही होती और बहुत ना नुकुर नखरे करती थीं . आँचल को उत्तेजना से तड़पता देखकर स्वामी सोचने लगा , इसको चोदने में तो बहुत ही मज़ा आएगा.

आँचल जबसे मायके से आई थी , तबसे उसकी ढंग से चुदाई नहीं हो पाई थी. मायके में रामू और दूसरे नौकर ने रामू के कमरे में उसको जी भरके छोड़ा था लेकिन उस बात को अब काफ़ी दिन बीत चुके थे. एक अच्छी चुदाई के लिए वो तरस रही थी. अपने सामने खड़े नंगे स्वामी और उसके फनफनाते लंड को देखकर उसकी चूत गीली हो गयी और रस निकलकर जांघों में बहने लगा.

आश्रम में पहले दो लड़कियों ने बदन की मालिश करके उसे उत्तेजित किया था फिर स्वामी ने टॉवेल से बदन रगड़कर और उत्तेजित कर दिया था. आँचल ने देखा ये स्वामी का शरीर तो किसी पहलवान जैसा लंबा चौड़ा है , वो उसका लंड अपनी चूत में लेने को मचल उठी. लेकिन उसकी समझ में नही आ रहा था की स्वामी उसको मना क्यूँ कर रहा है ?

“मुझे चोद स्वामी …ओह…”, आँचल ने फिर से कहा.

स्वामी घुटनो के बल अपने सामने बैठी खूबसूरत आँचल के मुँह से ये शब्द सुनकर बहुत खुश हुआ और अपने लंड को हाथ में पकड़कर , आँचल के चेहरे के करीब लाया. आँचल ने लंड मुँह में लेने के लिए होंठ खोल दिए लेकिन स्वामी उसको तड़पाते हुए लंड को मुँह के अंदर डालने के बजे होठों के दोनो तरफ घुमाने लगा. उसने देखा की ये औरत मेरे लंड को अपने मुँह में लेने को कितना तड़प रही है. उसने हंसते हुए अपने लंड से आँचल के गाल पर दो तीन थप्पड़ मारे और फिर उन दोनो लड़कियों से आँचल को दूसरे कमरे में ले जाने को कहा.

वो दोनो लड़कियाँ आँचल को पकड़कर एक दूसरे कमरे में ले गयी. उस कमरे के बीच मे एक बड़ा बेड था और पूरी छत पर शीशे (मिरर्स) लगे हुए थे. कमरे में एसी लगा हुआ था और दीवारों पर हर तरफ संभोग करते स्त्री-पुरुषों की पिक्चर्स लगी हुई थी.

स्वामी कमरे में आया और उन दोनो लड़कियों से बाहर जाने को कहा. जब वो दोनो बाहर चली गयी तो उसने आँचल को उठाया और बेड पर पटक दिया. आँचल स्वामी की ताक़त देखकर हैरान रह गयी. उसने आँचल को एक बच्चे के जैसे उठा लिया था और बेड पर फेंक दिया. आँचल की हाइट 5’4” थी और वेट 62 किलो था. और स्वामी ने बिना परेशानी के उसे उठा के नरम बिस्तर पर पटक दिया था. वो स्वामी से इंप्रेस होकर उसके चोदने का इंतज़ार करने लगी.

आँचल को बेड पर पड़े हुए अपना इंतज़ार करते देखकर स्वामी भोगानंद मुस्कुराया और बोला, “ तुम्हारा पति तुम्हें बच्चा नही दे सकता , कोई बात नही……….मैं तुम्हें बच्चा दूँगा.”

जवाब में आँचल सिर्फ़ सिसकारियाँ लेती रही. स्वामी ने अपना लंड आँचल की प्यासी परंतु गीली चूत पर लगाया और उत्तेजना से फूले हुए चूत के होठों के भीतर डालकर एक झटके में सुपाड़ा अंदर घुसा दिया.

“आह…उन्न्ञन्…..ओइईईईईईईई…माआआआअ….”, आँचल की टाइट चूत की दीवारों को फैलाते हुए जैसे ही सुपाड़ा अंदर घुसा , आँचल के मुँह से चीख निकल गयी.
फिर पूरे लंड को आँचल की चूत में गहराई तक घुसाकर स्वामी ने लम्बे लेकिन धीमे स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए. स्वामी के ताकतवर धक्कों से आँचल का जिस्म हिल गया. उत्तेजना में अब वो भी अपनी गांड ऊपर को उछालकर स्वामी के धक्कों का जवाब देने लगी.

“उंगग्घह….अहह……और ज़ोर से चोदो ……अहह”, आँचल ने स्वामीजी से आग्रह किया.

स्वामी आँचल की चूत की टाइटनेस से बड़ा खुश हुआ की इस शादीशुदा औरत की चूत तो कुँवारी लड़की जैसी टाइट है , ज़रूर इसके पति का लंड पतला होगा जिससे चूत फैल ना पाने से टाइट ही रह गयी है. उसने आँचल के आग्रह करने पर फटाफट तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए. तेज तेज धक्कों से आँचल की बड़ी बड़ी गोरी चूचियाँ धक्कों के साथ ही तेज़ी से हिलने लगी. इस मादक दृश्य को देखकर स्वामी कामानंद से पागल हो उठा और कुछ देर तक धक्के लगाने के बाद खूबसूरत आँचल की टाइट चूत को उसने अपने गरम वीर्य से पूरा भर दिया.

आँचल ने अपनी चूत में गरम वीर्य को महसूस किया और इस बात का शुक्र मनाया की उसने पिल ले ली थी , नही तो इतने वीर्य के अपनी चूत की गहराई में घुसने से वो ज़रूर प्रेग्नेंट हो जाती.

तभी स्वामी ने उसको गुड़िया के जैसे उठाया और अपनी गोद में बैठा लिया. फिर वो आँचल के खूबसूरत चेहरे को चूमने, चाटने लगा और बड़ी बड़ी चूचियों को मसलने और दांतो से काटने लगा.
उसके चेहरे को चाटते हुए स्वामी बोला, “ अच्छा लगा तुम्हें ?”

“ उम्म्म्म…..स्वामीजी….उउउम्म्म्मम..”, आँचल ने मदहोशी में जवाब दिया.

उसके नितंबों में नीचे से स्वामी का खड़ा लंड चुभ रहा था.
फिर स्वामी ने आँचल की दोनो टांगों को आपस में चिपका कर सीधा ऊपर को कर दिया और उसकी चूत में लंड डाल दिया. दोनो टांगों के आपस में सटे होने से इस पोज़ में आँचल की चूत और भी टाइट हो गयी और स्वामी के मोटे लंड से आँचल को लगा की उसकी चूत की दीवारें बिल्कुल स्ट्रेच हो गयी हैं. फिर स्वामी ने आँचल को अपनी गोद में उछालना शुरू किया और उसका लंड किसी पिस्टन की तरह चूत में अंदर बाहर होने लगा. आँचल की चूचियाँ स्वामी के चेहरे के सामने उछलने लगी . स्वामी ने उनपर मुँह लगाकर उन्हे जितना हो सके मुँह में भर लिया और उनपर दाँत काटने लगा. आँचल उत्तेजना और दर्द से चीखने लगी. फिर आँचल को गोद में उछाल कर चोदते हुए स्वामी ने उसकी गांड के छेद में अपनी उंगली डाल दी.

आँचल उत्तेजना से सिसकारियाँ ले रही थी , गांड में उंगली जाने से उसको बर्दाश्त से बाहर हो गया और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए उसको जबरदस्त ओर्गास्म आ गया , कामसुख और दर्द की लहरें उसके जिस्म में उठी और वो झड़ गयी. वो ज़ोर से चिल्लाई,” स्वामीईई……….. उईईईईईई……… माआआआअ…..”

फिर स्वामी ने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसको गोद में उठाकर बेड पर ले गया. बेड में बिठाकर उसने आँचल से उस उंगली को चूसने को कहा जो आँचल की गांड में घुसाई थी. आँचल के चेहरे पर आए ह्युमिलिएशन के भाव देखकर उसे बहुत मज़ा आया. फिर उसने आँचल को पलट कर घुटनो के बल कुतिया बना दिया. फिर उसके बड़े गोल नितंबों को हाथ से मसलते हुए डॉगी पोज़ में लंड आँचल की चूत में डाल दिया. चोदते चोदते स्वामी आँचल के नितंबों पर थप्पड़ मारने लगा. आँचल को चुदाई का आनंद और थप्पड़ का दर्द एक साथ मिलने लगा. स्वामी उत्तेजना से पागल होकर आँचल को बुरी तरह से रौंदने लगा और साथ ही साथ नितंबों पर थप्पड़ भी लगाता रहा. थप्पड़ों की मार से आँचल के नितंबों पर लाल निशान बन गये. अपनी चूत पर स्वामी के लंड से पड़ते धक्कों से उसको ओर्गास्म पर ओर्गास्म आते रहे और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए कई बार झड़ गयी. स्वामी ने भी आँचल की चूत अपने वीर्य से एक बार फिर से भर दी और उसके बदन पर ही लेट गया. स्वामी के वेट से आँचल का बदन दब गया और वो दोनो पसीने से भीगे हुए कुछ पल तक ऐसे ही लेटे रहे.

फिर स्वामी आँचल के ऊपर से हट कर बगल में लेट गया. तभी वो दोनो लड़कियाँ कमरे में आई और उन्होने आँचल को बेड से उठाया. आँचल लड़खड़ाते कदमों से उनकी सहायता से चलने लगी. आँचल ने देखा स्वामी बेड पर लेटे हुए मुस्कुरा रहा है.

स्वामी बोला, “ कल फिर ठीक टाइम पर आ जाना . और चोदना है तुम्हें.”

आँचल ने झिझकते हुए कहा, “ आऊँगी…”

तो ये थी स्वामी की स्पेशल पूजा जिसके लिए उसने आँचल की सास से 25000 रुपये रखवा लिए थे.

फिर वो दोनो लड़कियाँ आँचल को बाथरूम में ले गयी. वहाँ उन्होने आँचल के बदन में साबुन लगाया और शावर के नीचे ठंडे पानी से उसे नहलाने लगी.

तभी बाथरूम में स्वामी आ गया. उसका लंड तन के खड़ा था. उसने आँचल को अपनी तरफ खींचा. फिर उसकी एक टाँग उठाकर एक धक्का मारकर लंड फिर से चूत में घुसेड दिया.

इस अचानक हुए हमले से आँचल सिसक उठी, “…..ह…..उउउनघगह…”

स्वामी ने उसको एक हाथ से सपोर्ट देते हुए ज़ोर ज़ोर से खड़े खड़े ही चोदना शुरू कर दिया.

दोनो लड़कियाँ आँख फाडे हैरानी से ये सब देख रही थी. ऐसा पहले कभी नही हुआ था. शायद स्वामी ने आँचल जैसी मादक औरत पहले कभी नही देखी थी. वो अपने आश्रम के कायदे भी भूल गया और अपनी सेविकाओ के सामने ही अपनी कामान्धता से पागल हो गया.

अपने सामने आँचल को स्वामी से चुदते देखकर वो दोनो लड़कियाँ भी उत्तेजित हो गयी. आँचल ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए चुद रही थी. अब उनमे से एक लड़की से रहा नही गया और उसने अपनी चूत में उंगली डालकर मूठ मारनी शुरू कर दी.
जोरदार चुदाई से स्वामी और आँचल एक बार और झड़ गये . फिर अपना मुरझाया हुआ लंड लेकर स्वामी बाथरूम से बाहर चला गया. आँचल की टाँगे कंपकपा रही थी वो फर्श पर शावर के नीचे गिर पड़ी.

स्वामी के जाने के बाद वो दोनो लड़कियाँ आँचल पर टूट पड़ी. उनमे से एक ने आँचल के चेहरे और चूचियों को चूमना , चाटना शुरू कर दिया और दूसरी लड़की आँचल की चूत चाटने लगी. उन दोनो लड़कियों ने आँचल को फिर और कई बार झड़ा दिया.

थोड़ी देर बाद स्वामी फिर वहाँ आया और आँचल से तैयार होने को कहने लगा क्यूंकी उसका पति सुनील उसे घर ले जाने आ चुका था और वेटिंग रूम में बैठ उसका इंतज़ार कर रहा था.

वो दोनो लड़कियाँ आँचल को कपड़े पहनाने लगी. आँचल मन ही मन सोचने लगी 4 घंटे कैसे निकल गये पता ही नही चला. क्या मस्त चुदाई का आनंद मिला है मुझे आज.

आँचल स्वामीजी के साथ वेटिंग रूम में आई, सुनील ने स्वामी को देखकर हाथ जोड़ दिए. आँचल के चेहरे पर परम संतुष्टि के भाव देखकर सुनील खुश हुआ ,उसने सोचा पूजा बहुत अच्छी तरह से हुई , लग रहा है.

स्वामी ने सुनील से कहा , “ कल इसको फिर टाइम पर ले आना.”
और फिर आँचल के चेहरे पर आई शरम को देखकर मुस्कुराने लगा.

घर पहुँचने के बाद सुनील वापस फैक्ट्री चला गया.

लंच टाइम में आँचल के ससुर ने उससे पूछा , “ पूजा कैसी रही ?”

आँचल ने सर झुकाकर जवाब दिया, “ स्वामीजी ने बहुत अच्छे ढंग से पूजा की.”

फिर ससुर बोला,” कल मैं तुम्हें पूजा के बाद आश्रम से लेने आऊँगा क्यूंकी बैंक में कुछ पेपर्स पर तुम्हारे साइन करवाने हैं.”

लेकिन आँचल को मालूम नही था की ठरकी बुड्ढा बैंक के बहाने से उसको उसी दोस्त के होटेल में ले जाना चाहता है जहाँ वो अपने दोस्त के साथ मिलकर कभी कभी रंडी चोदता है. ससुर मन ही मन सोच रहा था कल तो होटेल में इस सेक्सी बहू को मैं चोदूँगा ही चोदूँगा.

Lekin Aanchal ke mamle mein swami ye dekhkar khush tha ki ye khoobsurat aurat to khud hi chudwane ko itna baichain hai. Kyunki wo apni sex life se santust nahi thi , baki auratein itni jaldi garam nahi hoti aur bahut na nukur nakhre karti thi. Aanchal ko uttezna se tadapta dekhkar swami sochne laga , isko chodne mein to bahut hi maza aayega.

Aanchal jabse mayke se aayi thi , tabse uski dhang se chudai naho ho payi thi. Mayke mein Ramu aur dusre naukar ne Ramu ke kamre mein usko ji bharke choda tha lekin us baat ko ab kafi din beet chuke the. Ek acchi chudai ke liye wo taras rahi thi. Apne samne khade nange swami aur uske fanfanate lund ko dekhkar uski choot gili ho gayi aur ras nikalkar jhanghon mein behne laga.

Ashram mein pehle do ladkiyon ne badan ki malish karke use uttezit kiya tha phir swami ne towel se badan ragadkar aur uttezit kar diya tha. Aanchal ne dekha ye swami ka sharir to kisi pehalwan jaisa lamba chauda hai , wo uska lund apni choot mein lene ko machal uthi. Lekin uski samajh mein nahi aa raha tha ki swami usko mana kyun kar raha hai ?

“mujhe chodo swami …ohhhhhh…”, Aanchal ne phir se kaha.

Swami ghutno ke bal apne samne baithi khoobsurat Aanchal ke munh se ye sabd sunkar bahut khush hua aur apne lund ko hath mein pakadkar , Aanchal ke chehre ke kareeb laya. Aanchal ne lund munh mein lene ke liye hoth khol diye lekin swami usko tadpate hue lund ko munh ke andar dalne ke bajay hothon ke dono taraf ghumane laga. Usne dekha ki ye aurat mere lund ko apne munh mein lene ko kitna tadap rahi hai. Usne hanste hue apne lund se Aanchal ke gaal par do teen thappad mare aur phir un dono ladkiyon se Aanchal ko dusre kamre mein le jane ko kaha.

Wo dono ladkiyan Aanchal ko pakadkar ek dusre kamre mein le gayi. Us kamreke beech mein ek bada bed tha aur puri chat par shishe (mirrors) lage hue the. kamre mein AC laga hua tha aur diwaron par har taraf sambhog karte stri-purushon ki pictures lagi hui thi.

Swami kamre mein aaya aur un dono ladkiyon se bahar jane ko kaha. Jab wo dono bahar chali gayi to usne Aanchal ko uthaya aur bed par patak diya. Aanchal swami ki takat dekhkar hairan reh gayi. Usne Aanchal ko ek bacche ke jaise utha liya tha aur bed par phenk diya. Aanchal ki height 5’4” thi aur weight 62kg tha. Aur swami ne bina pareshani ke use utha ke naram bistar par patak diya tha. Wo swami se impress hokar uske chodne ka intzaar karne lagi.

Aanchal ko bed par pade hue apna intzar karte dekhkar swami Bhoganand muskuraya aur bola, “ tumhara pati tumhe baccha nahi de sakta , koi baat nahi……….mai tumhe baccha dunga.”

Jawab mein Aanchal sirf siskariyan leti rahi. Swami ne apna lund Aanchal ki pyasi parantu gili choot par lagaya aur uttezna se phule hue choot ke hothon ke bhitar dalkar ek jhatke mein supada andar ghusa diya.

“ahhh…unnnn…..oiiiiiiiiii…maaaaaaaaa….”, Aanchal ki tight choot ki diwaron ko failate hue jaise hi supada andar ghusa , Aanchal ke munh se chikh nikal gayi.
Phir pure lund ko Aanchal ki choot mein gehrayi tak ghusakar swami ne lumbe lekin dhime stroke lagane shuru kar diye. Swami ke takatwar dhakkon se Aanchal ka jism hil gaya. Uttezna mein ab wo bhi apni gand upar ko uchalkar swami ke dhakkon ka jawab dene lagi.

“unggghhhh….ahhhhh……aur jor se chodo ……ahhhhhhh”, Aanchal ne swamiji se agrah kiya.

Swami Aanchal ki choot ki tightness se bada khush hua ki is shadishuda aurat ki choot to kunwari ladki jaisi tight hai , jaroor iske pati ka lund patla hoga jisse choot fail na pane se tight hi rah gayi hai. Usne Aanchal ke agrah karne par fatafat tej tej dhakke lagane shuru kar diye. Tej tej dhakkon se Aanchal ki badi badi gori chuchiyan dhakkon ke sath hi teji se hilne lagi. Is madak drishya ko dekhkar swami kamanand se pagal ho utha aur kuch der tak dhake lagan eke baad khoobsurat Aanchal ki tight choot ko usne apne garam virya se pura bhar diya.

Aanchal ne apni choot mein garam virya ko mehsoos kiya aur is baat ka shukra manaya ki usne pill le li thi , nahi to itne virya ke apni choot ki gehrayi mein ghusne se wo jarur pregnant ho jati.

Tabhi Swami ne usko gudiya ke jaise uthaya aur apni god mein baitha liya. Phir wo Aanchal ke khoobsurat chehre ko choomne, chatne laga aur badi badi chuchiyon ko masalne aur danto se katne laga.
Uske chehre ko chat-te hue Swami bola, “ Accha laga tumhe ?”

“ ummmm…..swamiji….uuummmmm..”, Aanchal ne madhoshi mein jawab diya.

Uske nitambon mein niche se Swami ka khada lund chubh raha tha.
Phir Swami ne Aanchal ki dono tango ko aapas mein chipka kar sidha upar ko kar diya aur uski choot mein lund dal diya. Dono tango ke aapas mein sate hone se is pose mein Aanchal ki choot aur bhi tight ho gayi aur Swami ke mote lund se Aanchal ko laga ki uski choot ki diwaren bilkul stretch ho gayi hai. Phir swami ne Aanchal ko apni god mein uchalna shuru kiya aur uska lund kisi piston ki tarah choot mein andar bahar hone laga. Aanchal ki chuchiyan Swami ke chehre ke samne uchalne lagi . Swami ne unpar munh lagakar unhe jitna ho sake munh mein bhar liya aur unpar dant katne laga. Aanchal uttezna aur dard se chikhne lagi. Phir Aanchal ko god mein uchal kar chodte hue Swami ne uski gand ke ched mein apni ungli dal di.

Aanchal uttezna se siskariyan le rahi thi , gand mein ungli jane se usko bardast se bahar ho gaya aur jor jor se siskariyan lete hue usko jabardast orgasm aa gaya , kamsukh aur dard ki lehren uske jism mein uthi aur wo jhad gayi. Wo jor se chillayi,” swamiiiii……….. uiiiiiiii……… maaaaaaaaa…..”
Phir Swami ne apna lund uski choot se bahar nikal liya aur usko god mein uthakar bed par le gaya. Bed mein bithakar usne Aanchal se us ungli ko choosne ko kaha jo Aanchal ki gand mein ghusayi thi. Aanchal ke chehre par aaye humiliation ke bhav dekhkar use bahut maza aaya. Phir usne Aanchal ko palat kar Ghutno ke bal kutia bana diya. Phir uske bade gol nitambon ko hath se masalte hue doggy pose mein lund Aanchal ki choot mein dal diya. Chodte chodte Swami Aanchal ke nitambon par thappad marne laga. Aanchal ko chudai ka anand aur thappad ka dard ek sath milne laga. Swami uttezna se pagal hokar Aanchal ko buri tarah se raudne laga aur sath hi sath nitambon par thappad bhi lagata raha. Thappadon ki maar se Aanchal ke nitambon par laal nishan ban gaye. Apni choot par Swami ke lund se padte dhakkon se usko orgasm par orgasm aate rahe aur wo jor jor se siskariyan lete hue kai baar jhad gayi. Swami ne bhi Aanchal ki choot apne virya se ek bar phir se bhar di aur uske badan par hi let gaya. Swami ke weight se Aanchal ka badan dab gaya aur wo dono pasine se bhige hue kuch pal tak aise hi lete rahe.

Phir Swami Aanchal ke upar se hat kar bagal mein let gaya. Tabhi wo dono ladkiyan kamre mein aayi aur unhone Aanchal ko bed se uthaya. Aanchal ladkhadate kadmon se unki sahayta se chalne lagi. Aanchal ne dekha Swami bed par lete hue muskura raha hai.

Swami bola, “ kal phir theek time par aa jana . aur chodna hai tumhe.”

“Aanchal ne jhijhakte hue kaha, “ Aaungi…”

To ye thi Swami ki special puja jiske liye usne Aanchal ki Saas se 25000 rupiye rakhwa liye the.

Phir wo dono ladkiyan Aanchal ko bathroom mein le gayi. Wahan unhone Aanchal ke badan mein sabun lagaya aur shower ke niche thande pani se use nahlane lagi.

Tabhi bathroom mein Swami aa gaya. Uska lund tun ke khada tha. Usne Aanchal ko apni taraf khincha. Phir uski ek tang uthakar ek dhakka markar lund phir se choot mein ghused diya.

Is achanak hue hamle se Aanchal sisak uthi, “…..Ahhhh…..uuunghhhghhhh…”

Swami ne usko ek hath se support dete hue jor jor se khade khade hi chodna shuru kar diya.

Dono ladkiyan aankh phade hairani se ye sab dekh rahi thi. Aisa pehle kabhi nahi hua tha. Sayad Swami ne Aanchal jaisi madak aurat pehle kabhi nahi dekhi thi. Wo apne ashram ke kayde bhi bhool gaya aur apni sewikao ke samne hi apni kamandhta se pagal ho gaya.

Apne samne Aanchal ko Swami se chudte dekhkar wo dono ladkiyan bhi uttezit ho gayi. Aanchal jor jor se siskariyan lete hue chud rahi thi. Ab unme se ek ladki se raha nahi gaya aur usne apni choot mein ungli dalkar muth marni shuru kar di.
Jordar chudai se Swami aur Aanchal ek bar aur jhad gaye . phir apna murjhaya hua lund lekar Swami bathroom se bahar chala gaya. Aanchal ki tange kampkapa rahi thi wo farsh par shower ke niche gir padi.

Swami ke jane ke bad wo dono ladkiyan Aanchal par tut padi. Unme se ek ne Aanchal ke chehre aur chuchiyon ko chomna , chatna shuru kar diya aur dusri ladki Aanchal ki choot chatne lagi. Un dono ladkiyon ne Aanchal ko phir aur kai bar jhada diya.

Thodi der bad Swami phir wahan aaya aur Aanchal se tayyar hone ko kehne laga kyunki uska pati Sunil use ghar le jane aa chuka tha aur waiting room mein baith uska intzar kar raha tha.
Wo dono ladkiyan Aanchal ko kapde pehnane lagi. Aanchal mann hi mann sochne lagi 4 ghante kaise nikal gaye pata hi nahi chala. Kya mast chudai ka anand mila hai mujhe aaj.

Aanchal Swamiji ke sath waiting room mein aayi, Sunil ne Swami ko dekhkar hath jod diye. Aanchal ke chehre par param santusti ke bhav dekhkar Sunil khush hua ,usne socha puja bahut acchi tarah se hui lag raha hai.

Swami ne Sunil se kaha , “ kal isko phir time par le aana.”
aur phir Aanchal ke chehre par aayi sharam ko dekhkar muskurane laga.

Ghar pahunchne ke baad Sunil wapas factory chala gaya.

Lunch time mein Aanchal ke sasur ne usse pucha , “ puja kaise rahi ?”

Aanchal ne sar jhukakar jawab diya, “ swamiji ne bahut acche dhang se puja ki.”

Phir Sasur bola,” Kal mein tumhen puja ke bad ashram se lene aunga kyunki bank mein kuch papers par tumhare sign karwane hain.”

Lekin Aanchal ko malum nahi tha ki tharki Buddha bank ke bahane se usko usi dost ke hotel mein le jana chahta hai jahan wo apne dost ke sath milkar kabhi kabhi randi chodta hai. Sasur mann hi mann soch raha tha kal to hotel mein is sexy bahu ko mai chodunga hi chodunga.

Post Reply