आँचल की अय्याशियां

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xyz
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by xyz » 13 Nov 2017 08:49

superb bhai

Re: आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 13 Nov 2017 17:26

रास्ते भर सेठी का ड्राइवर आँचल को ललचाई आँखो से देखता रहा. रोड पर जब भी कार को झटका लगता था तो आँचल की बिना ब्रा के चूचियां ब्लाउज में उछल जाती थी. उस पतले कपड़े के ब्लाउज में उसके सूज़े हुए निप्पल भी साफ दिख रहे थे. आँचल ने ड्राइवर को बार बार अपने को घूरते पाया , वो चुपचाप बैठी रही और जल्दी से सफ़र खत्म हो तो घर पहुँचू , ऐसा सोचने लगी.

घर पहुचने के बाद वो फटाफट अपने बेडरूम में चली गयी , इस डर से की किसी से सामना ना हो जाए . सास ससुर शायद अपने कमरे में थे. बाथरूम में नहाकर उसने नाइटगाउन पहन लिया और सुनील के लौटने का इंतज़ार करने लगी.

रात में डिनर करते समय ससुर नाराज़ लग रहा था.

ससुर आँचल से बोला,” तुम दिन भर कहाँ थी ? तुमने बैंक के काम को इतनी लापरवाही से लिया . बहुत ज़रूरी काम था बैंक में और जब मैं तुम्हें लेने आश्रम पहुँचा तो तुम वहाँ से चली गयी थी. तुम्हे मेरा इंतज़ार करना चाहिए था . मैं तुम्हें बैंक ले जाता.”

ससुर के डाँटने पर आँचल ने माफी माँगी और बोली,” आज पूजा थोड़ी जल्दी खत्म हो गयी थी इसलिए मैंने आपका इंतज़ार नही किया और खुद ही बैंक जाकर पेपर्स पर साइन कर दिए.”

“तो फिर तुमने घर लौटने में इतनी देर क्यूँ की ?”

“ बैंक में मैनेजर ने बताया की कुछ पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ्स भी चाहिए. फोटो स्टूडियो में गयी तो उन्होने बताया की 2 घंटे लगेंगे. बैंक मैनेजर मिस्टर सेठी अच्छे आदमी थे , उन्होने कहा इतना वेट यहाँ बैठकर करने से अच्छा है , मैं तुम्हें लंच पर लिए चलता हूँ. तो मैं उनके साथ लंच के लिए चली गयी. इन सब में थोड़ी देर हो गयी.”

आँचल के मुँह से सेठी के साथ लंच की बात सुनकर ससुर मन ही मन गुस्से से पागल हो गया. सेठी के क़िस्सों से वो भली भाँति वाक़िफ़ था. उस रेस्टोरेंट के ऊपर बने सेठी के पसंदीदा कमरे में खुद ससुर ने सेठी के साथ औरतें चोदीं थी. आँचल के मुँह से उसी रेस्टोरेंट का नाम सुनकर ससुर समझ गया , कमीने सेठी ने आज मेरी बहू को जरूर चोद डाला होगा वहाँ. साला मैंने इतनी प्लानिंग की थी अपनी इस मादक बहू को फँसाने की और मज़े लूट ले गया कमीना सेठी.

फिर अपना गुस्सा पीकर बात बदलते हुए ससुर सुनील से बोला, “ तुम्हें कल सुबह मुंबई जाना है. वहाँ हमारा जो मेन डिसट्रिब्युटर है उसका बहुत सारा पेमेंट रुका पड़ा है. उससे पैसे लेके आओ. ठीक है ?”
आगे बोला, “ तुम चिंता मत करो, बहू को मैं पूजा के लिए आश्रम छोड़ दूँगा और लेने भी चला जाऊंगा .”

सुनील बोला,” ठीक है पापा, मैं कल सुबह मुंबई चला जाऊंगा .”

ससुर मन ही मन खुश होने लगा , अब कैसे बचेगी मेरी जान आँचल रानी , अब तो मैं तुझे चोदूँगा ही चोदूँगा . इस खुशी से उसकी भूख बढ़ गयी और उसने भरपेट डिनर किया.

आँचल ससुर की चाल सब समझ रही थी , बुड्ढा खुद कही नही जाता है और सुनील को कभी सोनीपत , कभी मुंबई भेज देता है. मैं ये चाल कामयाब होने ही नही दूँगी.

डिनर के बाद बेडरूम में आँचल ने सुनील से कहा,” प्लीज़ सुनील , मैं भी तुम्हारे साथ मुंबई आना चाहती हूँ. मुझे भी ले चलो ना अपने साथ.”

“लेकिन कल की पूजा का क्या होगा ?”

“स्वामी भोगानंद जी कह रहे थे की पूजा हो चुकी है जितनी होनी थी , अब मेरे आश्रम जाने की कोई ज़रूरत नही है. इसलिए तुम उसकी चिंता मत करो. देखो सुनील , हम हनीमून के बाद से कहीं घूमने नही गये. अगर मैं तुम्हारे साथ मुंबई गयी तो मैं भी घूम आऊँगी , थोड़ा मेरा मन भी बदल जाएगा.”

मादक आँचल की बात कौन मर्द टाल सकता था . सुनील भी जल्दी ही राज़ी हो गया. दोनो सुबह जल्दी उठकर पहली फ्लाइट से मुंबई चले गये.

ससुर को बाद में जब ये बात पता चली की बहू फिर गच्चा दे गयी तो उसने अपना माथा पीट लिया.

मुंबई पहुँचकर सुनील ने एयरपोर्ट के पास एक 3 स्टार होटेल में रूम लिया.

थोड़ी देर बाद उसने आँचल से कहा ,”तुम खुद ही थोड़ी साइटसीयिंग कर लेना. मुझे मीटिंग से आने में शाम हो जाएगी फिर हम जुहू बीच घूमने जाएँगे. ठीक है ?”

“हाँ , ठीक है.”

सुनील के जाने के बाद आँचल ने कोलाबा एरिया में जाकर थोड़ी शॉपिंग करने का मन बनाया. रिसेप्शनिस्ट से पूछने पर उसने बताया की लोकल ट्रेन से चली जाओ.
आँचल ने ऑटो लिया और स्टेशन पहुँच गयी. वहाँ जाकर उसने पता किया की कौन सी ट्रेन पकड़नी है. स्टेशन में लोगों की भीड़ की वजह से उसे ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हुई. लोगों के धक्के खाती हुई वो एक कम्पार्टमेंट में चढ़ गयी.

ट्रेन में चढ़ते ही उसे पछतावा होने लगा. उसे अपनी गांड में फिरते हाथ महसूस हुए. कोई उसकी गांड में चिकोटी भी काट गया था. लोगों के बीच उसकी हालत सैंडविच की तरह हो गयी थी. आँचल की शिफॉन साड़ी में अजनबी लोग उसके बदन पर हाथ फिरा रहे थे. जब ट्रेन चलने लगी तो ट्रेन के धक्कों के साथ ही लोग भी धक्के लगाने लगे. आँचल कुछ नही कर सकती थी. उसने ध्यान भटकाने के लिए ट्रेन के बाहर की सीनरी देखने की कोशिश की. लेकिन बाहर झोपड़ पट्टी, स्लम की गंदगी के सिवाए कुछ नही दिखाई दे रहा था.

आँचल ने एक हाथ से सपोर्ट के लिए रेलिंग को पकड़ रखा था. इससे उसकी चूचियों को हाथ का प्रोटेक्शन नही मिल पा रहा था और साइड से या आगे से लोग उसकी चूचियों को टच कर दे रहे थे. तभी ट्रेन सिग्नल के लिए रुक गयी . आँचल ने देखा पटरियों के पास ही कोई आदमी लेट्रीन कर रहा है.

तभी आँचल को अपने नितंबों पर कुछ महसूस हुआ. उसके ठीक पीछे खड़ा आदमी उसके नितंबों पर अपना खड़ा लंग रगड़ रहा था. भीड़ भाड़ होने की वजह से आँचल ज़्यादा हिल डुल नही पा रही थी. कुछ देर बाद उस आदमी की हिम्मत और बढ़ गयी. उसने दोनो नितंबों के बीच की दरार में साड़ी के बाहर से ही लंड रगड़ना शुरू कर दिया.

अपने नितंबों पर मोटे सख़्त लंड की रगड़ से आँचल उत्तेजित होने लगी. तभी एक झटके से ट्रेन चल पड़ी. पीछे खड़े आदमी ने आँचल की कमर पकड़ ली. आँचल की मुलायम गोरी त्वचा पर उस आदमी के रूखे हाथों के स्पर्श से आँचल की धड़कने बढ़ गयी. वो आदमी पीछे से अपना लंड चुभाता रहा और आँचल की कमर पर हाथ भी फिराता रहा. उसकी बोल्डनेस देखकर आँचल को घबराहट हुई पर साथ ही साथ उसकी उत्तेजना भी बढ़ने लगी.

आँचल ने अपने अगल बगल नज़रें घुमाकर देखा की कोई उनकी ओर तो नही देख रहा ? लेकिन सभी धक्का मुक्की से अपने को बचाने की जुगत में लगे थे. मुंबई की भीड़ भरी लोकल ट्रेन्स में उनका ये रोज़ रोज़ का सफ़र था पर देल्ही की आँचल के लिए ये नया अनुभव था. शायद उस आदमी को भी अंदाज़ा हो गया था की ये खूबसूरत औरत कहीं बाहर से आई है और उसका विरोध नही कर रही है इसलिए वो थोड़ा और बोल्ड हो गया. उसने आँचल का हाथ पकड़ लिया और पीछे ले जाकर अपने खड़े लंड पर दबा दिया. फिर उसने आँचल के खड़े हाथ (जिससे उसने रेलिंग पकड़ रखी थी) की कांख को पकड़ लिया और आँचल को थोड़ा साइड्वेज घुमा दिया. अब वो उस आदमी का चेहरा देख सकती थी. आँचल ने एक नज़र उस आदमी पर डाली , वो मुस्कुरा रहा था , आँचल ने शरम से अपनी नज़रें झुका ली.

वो आदमी करीब 40 साल की उमर का , ठिगने कद का और काले रंग का था. आँचल को कोई विरोध ना करते देखकर , अब वो आदमी आगे हाथ बढ़ाकर पतले ब्लाउज के बाहर से आँचल की बड़ी बड़ी चूचियों को मसलने लगा. आँचल के तने हुए निपल और ऐरोला पर वो अपना अंगूठा और उंगलियाँ घुमाने लगा. आँचल की साँसे रुक रुक कर आने लगी. उसे अपनी चूत से रस बहता महसूस हुआ. उसने बड़ी मुश्किल से अपने होंठ दांतों में दबाकर अपने को सिसकारियाँ लेने से रोका.

फिर वो आदमी आँचल के हाथ से अपने पैंट के बाहर से ही लंड को रगड़ने लगा. मादक आँचल के बदन की खुशबू से वो कामवासना से पागल हो गया था. कुछ ही देर ऐसे हाथ रगड़ने से वो हरामी अपने पैंट के अंदर ही झड़ गया. और झड़ते हुए आँचल की चूचियों को ज़ोर से मसलते रहा. आँचल दर्द से अपने होंठ काटती रही. फिर उसने आँचल को छोड़ दिया और वहीं अपने स्टॉप पर ट्रेन से उतर गया.

आँचल उत्तेजना से गीली हो गयी थी पर शरम से ह्युमिलिटेड भी महसूस कर रही थी. मैंने कैसे उस आदमी को इतना सब कुछ करने दिया ? लेकिन इन सब बातों को सोचने का वो सही समय नही था. ट्रेन में और भी लोग चढ़ गये और कम्पार्टमेंट खचाखच भर गया. आँचल लोगों के बीच दब गयी. लोग उसके बदन पर हाथ फिराते रहे , चिकोटी काटते रहे. आख़िर चर्चगेट स्टेशन आ ही गया और लोगों की भीड़ के धक्के खाती हुई आँचल ट्रेन से उतर गयी.

स्टेशन के प्लेटफार्म पर आँचल ने अपने कपड़े देखे. उसकी शिफॉन साड़ी बुरी तरह से खराब हो चुकी थी. अपने बदन से उसे , और लोगों की गंध आ रही थी. स्टेशन से बाहर आकर आँचल ने घृणा से अपना टिकट फाड़ कर फेंक दिया और प्रण कर लिया की मुंबई की लोकल ट्रेन में वो अब नही बैठेगी, छी !

वहाँ से आँचल ने कोलाबा के लिए टैक्सी पकड़ी और कुछ घंटे कपड़ों और सैंडल्स की शॉपिंग करते हुए बिताए. वहाँ शॉपिंग करते हुए भी उसने देखा की लोग उसके बदन को छूने और पिंच करने का कोई मौका नही छोड़ रहे. इन सब बातों से वो इरिटेट हो गयी और एक टैक्सी में अपना खरीदा हुआ सामान लेकर वापस होटेल आ गयी.

होटेल के कमरे में पहुँचकर आँचल ने रूम सर्विस से खाना मँगवाया और नहाने चली गयी. नहाने के बाद वो टीवी देखने लगी. आँचल नहाकर अपने बेड पर सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में लेटकर टीवी चैनल बदलने लगी. तभी उसने देखा एक चैनल में ब्लू फिल्म आ रही है. उसने टीवी का वॉल्यूम हल्का कर दिया और ब्लू फिल्म देखने लगी. ब्लू फिल्म में एक गोरी लड़की को एक काला आदमी चोद रहा था . वो लड़की बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी.

बड़ी बड़ी चूचियों वाली गोरी लड़की को हबशी काले बड़े लंबे लंड से पीछे से चोद रहा था. हबशी के तेज तेज धक्कों से लड़की की चूचियां हवा में उछल रही थी. ये सीन देखकर आँचल उत्तेजित हो गयी और अपनी पैंटी के अंदर हाथ डालकर चूत में उंगली करने लगी.

कुछ देर बाद उसने पैंटी उतार फेंकी और अपनी नंगी हो चुकी चूत पर उंगलियाँ चलाने लगी और ज़ोर ज़ोर से क्लिट को रगड़ने लगी. उसकी सिसकारियाँ निकलने लगी. टीवी स्क्रीन पर वो हबशी उस गोरी लड़की को पीछे से बेरहमी से चोद रहा था और वो लड़की ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी. सुबह ट्रेन में हुई घटना और अब ब्लू फिल्म ने आँचल को बहुत उत्तेजित कर दिया , वो तेज़ी से अपनी क्लिट को मसलने लगी . कुछ ही पलों में उसका बदन अकड़ गया और एक जबरदस्त ओर्गास्म से उसका बदन काँपने लगा ……..आअहह………… उसकी कमर ऊपर को उठ कर टेढ़ी हो गयी फिर वापस बेड पर गिर पड़ी. आँचल झड़ चुकी थी. झड़ने के बाद उसने देखा टीवी पर वो हबशी अभी भी चोदे ही जा रहा है. क्या नाटक है साला . आँचल ने टीवी बंद कर दिया और बेड पर सो गयी.

आअहह…… शांति मिल गयी …….अब बढ़िया नींद आएगी.

Raste bhar Sethi ka driver Aanchal ko lalchayi ankho se dekhta raha. Road par jab bhi car ko jhatka lagta tha to Aanchal ki bina bra ke chuchiyan blouse mein uchal jati thi. Us patle kapde ke blouse mein uske suze hue nippal bhi saaf dikh rahe the. Aanchal ne driver ko baar baar apne ko ghoorte paya , wo chupchap baithi rahi aur jaldi se safar khatam ho to ghar pahunchu , aisa sochne lagi.

Ghar pahuchne ke baad wo fatafat apne bedroom mein chali gayi , is dar se ki kisi se samna na ho jaye . saas sasur sayad apne kamre mein the. Bathroom mein nahakar usne nightgown pahan liya aur Sunil ke lautne ka intzaar karne lagi.

Raat mein dinner karte samay Sasur naraz lag raha tha.

Sasur Aanchal se bola,” tum din bhar kahan thi ? tumne bank ke kam ko itni laparwahi se liya . bahut jaruri kaam tha bank mein aur jab mai tumhe lene ashram pahuncha to tum wahan se chali gayi thi. Tumhe mera intzar karna chahiye tha . mai tumhe bank le jata.”

Sasur ke dantne par Aanchal ne maafi mangi aur boli,” aaj pooja thodi jaldi khatam ho gayi thi isliye mene aapka intzar nahi kiya aur khud hi bank jakar papers par sign kar diye.”

“to fir tumne ghar lautne mein itni der kyun ki ?”

“ bank mein manager ne bataya ki kuch passport size photographs bhi chahiye. Photo studio mein gayi to unhone bataya ki 2 ghante lagenge. Bank manager Mr Sethi acche aadmi the , unhone kaha itna wait yahan baithkar karne se accha hai , mai tumhe lunch par liye chalta hun. To mai unke sath lunch ke liye chali gayi. In sab mein thodi der ho gayi.”

Aanchal ke munh se Sethi ke sath lunch ki baat sunkar Sasur mann hi mann gusse se pagal ho gaya. Sethi ke kisson se wo bhali bhanti waqif tha. Us restaurant ke upar bane Sethi ke pasandida kamre mein khud Sasur ne Sethi ke sath auratein chodi thi. Aanchal ke munh se usi restaurant ka naam sunkar Sasur samajh gaya , kamine Sethi ne aaj meri bahu ko jaarur chod dala hoga wahan. Sala mene itni planning ki thi apni is madak bahu ko fasane ki aur maze loot le gaya kamina Sethi.

Phir apna gussa pikar baat badalte hue Sasur Sunil se bola, “ tumhe kal subah Mumbai jana hai. Wahan hamara jo main distributor hai uska bahut sara payment ruka pada hai. Usse paise leke aao. Theek hai ?”
aage bola, “ tum chinta mat karo, bahu ko mai pooja ke liye ashram chod dunga aur lene bhi chala jaunga.”

Sunil bola,” theek hai papa, mai kal subah Mumbai chala jaunga.”

Sasur mann hi mann khush hone laga , ab kaise bachegi meri jaan Aanchal rani , ab to mai tujhe chodunga hi chodunga. Is khushi se uski bhookh bad gayi aur usne bharpet dinner kiya.

Aanchal sasur ki chal sab samajh rahi thi , Buddha khud kahi nahi jata hai aur Sunil ko kabhi Sonepat kabhi Mumbai bhej deta hai. Mai ye chal kamyab hone hi nahi dungi.

Dinner ke baad bedroom mein Aanchal ne Sunil se kaha,” please Sunil , mai bhi tumhare sath Mumbai aana chahti hun. Mujhe bhi le chalo na apne sath.”

“lekin kal ki pooja ka kya hoga ?”

“Swami Bhoganand ji keh rahe the ki pooja ho chuki hai jitni honi thi , ab mere Ashram jane ki koi jarurat nahi hai. Isliye tum uski chinta mat karo. Dekho Sunil , hum honeymoon ke bad se kahin ghoomne nahi gaye. Agar mai tumhare sath Mumbai gayi to mai bhi ghoom aaungi thoda mera mann bhi badal jayega.”

Madak Aanchal ki baat kaun mard tal sakta tha . Sunil bhi jaldi hi raji ho gaya. Dono subah jaldi uthkar pehli flight se Mumbai chale gaye.

Sasur ko baad mein jab ye baat pata chali ki bahu phir guccha de gayi to usne apna matha peet liya.

Mumbai pahunchkar Sunil ne airport ke pass ek 3 star hotel mein room liya.

Thodi der baad usne Aanchal se kaha ,”tum khud hi thodi sightseeing kar lena. Mujhe meeting se aane mein sham ho jayegi phir hum juhu beech ghoomne jayenge. Theek hai ?”

“Haan theek hai.”

Sunil ke jane ke baad Aanchal ne Colaba area mein jakar thodi shopping karne ka mann banaya. Receptionist se puchne par usne bataya ki local train se chali jao.
Aanchal ne auto liya aur station pahunch gayi. Wahan jakar usne pata kiya ki kaun si train pakadni hai. Station mein logon ki bheed ki wajah se use train mein chadne mein pareshani hui. Logon ke dhakke khati hui wo ek compartment mein chad gayi.

Train mein chadte hi use pachtawa hone laga. Use apni gand mein firte hath mehsoos hue. Koi uski gand mein chikoti bhi kaat gaya tha. Logon ke beech uski halat sandwitch ki tarah ho gayi thi. Aanchal ki chiffon saree mein ajnabi log uske badan par hath fira rahe the. jab train chalne lagi to train ke dhakkon ke sath hi log bhi dhakke lagane lage. Aanchal kuch nahi kar sakti thi. Usne dhyan bhatkane ke liye train ke bahar ki scenery dekhne ki koshish ki. Lekin bahar jhopad patti, slum ki gandagi ke siwa kuch nahi dikhayi de raha tha.

Aanchal ne ek hath se support ke liye railing ko pakad rakha tha. Isse uski chuchiyon ko hath ka protection nahi mil pa raha tha aur side se ya aage se log uski chuchiyon ko touch kar de rahe the. Tabhi train signal ke liye ruk gayi . Aanchal ne dekha patriyon ke pass hi koi aadmi latrine kar raha hai.

Tabhi Aanchal ko apne nitambon par kuch mehsoos hua. Uske theek piche khada aadmi uske nitambon par apnakhada lung ragad raha tha. Bhid bhad hone ki wajah se Aanchal jyada hil dul nahi pa rahi thi. Kuch der baad us Aadmi ki himmat aur bad gayi. Usne dono nitambon ke beech ki darad mein saree ke bahar se hi lund ragadna shuru kar diya.

Apne nitambon par mote sakht lund ki ragad se Aanchal uttezit hone lagi. Tabhi ek jhatke se train chal padi. Piche khade aadmi ne Aanchal ki kamar pakad li. Aanchal ki mulayam gori twacha par us aadmi ke rukhe hathon ke sparsh se Aanchal ki dhadkane bad gayi. Wo aadmi piche se apna lund chubhata raha aur Aanchal ki kamar par hath bhi phirata raha. Uski boldness dekhkar Aanchal ko ghabrahat hui par sath hi sath uski uttezna bhi badne lagi.

Aanchal ne apnea al bagal nazren ghumakar dekha ki koi unki or to nahi dekh raha ? lekin sabhi dhakka mukki se apne ko bachane ki jugat mein lage the. Mumbai ki bheed bhari local trains mein unka ye roz roz ka safar tha par Delhi ki Aanchal ke liye ye naya anubhav tha. Sayad us aadmi ko bhi andaja ho gaya tha ki ye khoobsurat aurat kahin bahar se aayi hai aur uska virodh nahi kar rahi hai isliye wo thoda aur bold ho gaya. Usne Aanchal ka hath pakad liya aur piche le jakar apne khade lund par daba diya. Phir usne Aanchal ke khade hath (jisse usne railing pakad rakhi thi) ki kankh ko pakad liya aur Aanchal ko thoda sideways ghuma diya. Ab wo us aadmi ka chehra dekh sakti thi. Aanchal ne ek nazar us aadmi par dali , wo muskura raha tha , Aanchal ne sharam se apni nazren jhuka li.

Wo aadmi karib 40 saal ki umar ka thigne kad ka aur kale rang ka tha. Aanchal ko koi virodh na karte dekhkar , ab wo aadmi aage hath badakar patle blouse ke bahar se Aanchal ki badi badi chuchiyon ko masalne laga. Aanchal ke tene hue nipple aur aerola par wo apna angutha aur ungliyan ghumane laga. Aanchal ki sanse ruk ruk kar aane lagi. Use apni choot se ras behta mehsoos hua. Usne badi mushkil se apne hoth datoon mein dabakar apne ko siskariyan lene se roka.

Phir wo aadmi Aanchal ke hath se apne pant ke bahar se hi lund ko ragadne laga. Madak Aanchal ke badan ki khusboo se wo kaamvasna se pagal ho gaya tha. Kuch hi der aise hath ragadne se wo harami apne pant ke andar hi jhad gaya. Aur jhadte hue Aanchal ki chuchiyon ko jor se masalte raha. Aanchal dard se apne hoth kat-ti rahi. Phir usne Aanchal ko chor diya aur wahin apne stop par train se utar gaya.

Aanchal uttezna se gili ho gayi thi par sharam se humiliated bhi mehsoos kar rahi thi. Mene kese us aadmi ko itna sab kuch karne diya ? lekin in sab baton ko sochne ka wo sahi samay nahi tha. Train mein aur bhi log chad gaye aur compartment khachakhach bhar gaya. Aanchal logon ke beech dab gayi. Log uske badan par hath firate rahe , chikoti kat-te rahe. Aakhir churchgate station aa hi gaya aur logon ki bheed ke dhakke khati hui Aanchal train se utar gayi.

Station ke platform par Aanchal ne apne kapde dekhe. Uski chiffon saree buri tarah se kharab ho chuki thi. Apne badan se use aur logon ki gandh aa rahi thi. Station se bahar aakar Aanchal ne grihna se apna ticket phad kar phenk diya aur pran kar liya ki Mumbai ki local train mein wo ab nahi baithegi, chi !

Wahan se Aanchal ne colaba ke liye taxi pakdi aur kuch ghante kapdon aur sandles ki shopping karte hue bitaye. Wahan shopping karte hue bhi usne dekha ki log uske badan ko chune aur pinch karne ka koi mauka nahi chor rahe. In sab baton se wo irritate ho gayi aur ek taxi mein apna kharida hua saman lekar wapas hotel aa gayi.

Hotel ke kamre mein pahunchkar Aanchal ne room service se khana mangwaya aur nahane chali gayi. Nahane ke baad wo TV dekhne lagi. Aanchal nahakar apne bed par sirf bra aur panty mein letkar TV channel badalne lagi. Tabhi usne dekha ek channel mein blue film aa rahi hai. Usne TV ka volume halka kar diya aur blue film dekhne lagi. Blue film mein ek gori ladki ko ek kala aadmi chod raha tha . wo ladki bahut jor jor se siskariyan le rahi thi.

Badi badi chuchiyon wali gori ladki ko habshi kale bade lambe lund se piche se chod raha tha. Habshi ke tej tej dhakkon se ladki ki chuchiyan hawa mein uchal rahi thi. Ye scene dekhkar Aanchal uttezit ho gayi aur apni panty ke andar hath dalkar choot mein ungli karne lagi.

Kuch der baad usne panty utar phenki aur apni nangi ho chuki choot par ungliyan chalane lagi aur jor jor se clit ko ragadne lagi. Uski siskariyan nikalne lagi. TV screen par wo habshi us gori ladki ko piche se berahmi se chod raha tha aur wo ladki jor jor se chilla rahi thi. Subah train mein hui ghatna aura b blue film ne Aanchal ko bahut uttezit kar diya , wo teji se apni clit ko masalne lagi . kuch hi palo mein uska badan akad gaya aur ek jabardast orgasm se uska badan kanpne laga ……..aaahhhhhhh………… uski kamar upar ko uth kar tedi ho gayi phir wapas bed par gir padi. Aanchal jhad chuki thi. Jhadne ke baad usne dekha TV par wo habshi abhi bhi chode hi jar aha hai. Kya natak hai sala . Aanchal ne TV band kar diya aur bed par so gayi.

Aaahhh…… shanti mil gayi …….ab badiya nind aayegi.

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 13 Nov 2017 17:31

देर शाम को सुनील ने रूम का दरवाज़ा खटखटाया , आँचल अभी भी सोयी हुई थी. उसने जल्दी से पैंटी पहनी और ऊपर से गाउन पहन लिया.

दरवाज़ा खोलने पर सुनील अंदर आया और आँचल से बोला, “ तुम जल्दी से तैयार हो जाओ .नीचे डिसट्रिब्युटर हमारा इंतज़ार कर रहे हैं. वो हमें डिनर में ले जाने के लिए आए हैं."

आँचल ने पूछा, “ जाना कहाँ है ? उसी हिसाब से मैं कपड़े पहनूंगी .”

सुनील बोला,” वो हमें 5 star होटेल Sun-n-Sand में ले जा रहे हैं. इसलिए तुम थोड़ी सेक्सी ड्रेस पहन लो.”

सुनील अपनी खूबसूरत बीवी को शो ऑफ करके डिसट्रिब्युटर को इंप्रेस करना चाह रहा था.
आँचल ने एक टाइट फिटिंग वाली वन पीस सेक्सी रेड ड्रेस पहन ली. जो उसके घुटनो से बहुत ऊपर थी. आँचल खुश थी की सुनील खुद उससे सेक्सी ड्रेस पहनने को कह रहा है इसलिए उसने भी रिवीलिंग ड्रेस पहन ली. ड्रेस बहुत टाइट थी इसलिए आँचल ने अंदर से ब्रा पैंटी नही पहनी. पैरो में ऊँची हील वाली सैंडल पहनने से वो चलते समय और भी सेक्सी लग रही थी. आँचल के साथ चलते हुए सुनील बहुत गर्व महसूस कर रहा था क्यूंकी होटेल में सब उसी की ओर देख रहे थे. होटेल की लॉबी में पहुँचकर सुनील ने डिसट्रिब्युटर से आँचल को मिलवाया.

आँचल ने देखा डिसट्रिब्युटर दो भाई थे, बड़ा वाला गुल्मोहर शाह 45 साल का और छोटा भाई अंकुर शाह 35 साल का था. दोनो भाई खूबसूरत आँचल को देखकर सोच रहे थे सुनील की बीवी तो इतनी मादक निकली. उन्हे अपने को घूरते पाकर आँचल के निपल एक्साइट्मेंट से तन गये. दूसरे आदमियों पर अपनी खूबसूरती का जादू चलने से आँचल को बहुत अच्छा लगता था. आँचल को पता था की बिना ब्रा के उस पतली ड्रेस में उसके निपल कड़े होकर दिख रहे हैं.

सुनील भी खूबसूरत आँचल का पति होने से गर्व महसूस कर रहा था. वहाँ खड़े लोगो को जलाने के लिए वो जानबूझकर आँचल की पीठ पर हाथ फिरा रहा था. फिर वो चारों लोग होटेल से बाहर आकर कार में बैठ गये.
डिनर के लिए सुनील और आँचल टेबल के एक तरफ थे और दोनो भाई उनके सामने बैठे थे. आँचल ने देखा की दोनो भाई उससे बहुत इंप्रेस्ड हैं. बड़ा भाई गुल्मोहर थोड़ा मोटा और सावला था लेकिन छोटा भाई अंकुर लंबा , गोरा और हैंडसम था. डिनर करते समय आँचल के बारे में ही बातें हो रही थी.

अंकुर ने पूछा कि आँचल का मुंबई में दिन कैसा बीता और उसे मुंबई कैसा लगा , पसंद आया या नही. आँचल ने बताया की लोकल ट्रेन में उसका सफ़र बहुत खराब रहा. रास्ते भर लोग धक्कामुक्की करते रहे. और कोलाबा में शॉपिंग करते समय भी यही हाल रहा. कुल मिलाकर उसे मुंबई पसंद नही आया.

आँचल की बात सुनकर अंकुर बोला,” भाभी, अगर सुनील भाई साहब ने पहले बताया होता की आपको घूमने जाना है तो मैं अपनी कार और ड्राइवर को आपके पास भेज देता.”

आँचल मुस्कुरायी और बोली, “ थैंक्स, कार से तो मुझे बहुत सहूलियत हो जाती. लेकिन हम लोग कल वापस देल्ही जा रहे हैं इसलिए आपका ऑफर मैं नेक्स्ट टाइम एक्सेप्ट कर लूँगी.”

तभी सुनील बोल पड़ा,”आँचल मैं तुम्हें बताना भूल गया की हम यहाँ एक दिन और रुकने वाले हैं. कल मुझे गुल्मोहर के साथ पुणे जाना है . इसलिए अब हम कल नही बल्कि परसो देल्ही वापस जाएँगे.”

ये बात सुनकर अंकुर खुश हो गया और बोला,” भाभी , कल के दिन भी आप यहीं हो, इसलिए मेरी कार और ड्राइवर कल दिन भर के लिए आपके पास रहेंगे. अब आप मना मत करना.”

फिर बोला,” आपको शॉपिंग के लिए कोलाबा जाने की ज़रूरत नही , मेरा ड्राइवर आपको ब्रीच कैंडी ले जाएगा शॉपिंग के लिए वो बेस्ट जगह है. भाभी , आप मुंबई में और क्या देखना चाहेंगी ? “

आँचल अंकुर के ऑफर से मन ही मन खुश हुई की चलो अब टैक्सी और ट्रेन के सफ़र का झंझट नही रहेगा. वो अंकुर से बोली,” मैं हमेशा से मुंबई में फिल्म शूटिंग देखना चाहती थी.”

उसके ऐसा कहते ही गुल्मोहर बोल पड़ा,” भाभी वो मुझ पर छोड़ दो. जब आप शॉपिंग कर लोगी तो उसके बाद आपको फिल्म शूटिंग भी दिखा देंगे.”

फिर आँचल की चूचियों पर नज़रें गड़ाकर बोला,” भाभी, आप फिल्म हेरोयिन्स से ज़्यादा खूबसूरत हो. आपको तो मॉडलिंग या एक्टिंग करने के बारे में सोचना चाहिए. फिर तो रोज़ शूटिंग ही शूटिंग, है ना.” और अपने जोक पर खुद ही हंस पड़ा.

आँचल को , खुलेआम अपनी चूचियों को घूरते हुए और आँचल पर जोक मारकर हंसते हुए गुल्मोहर को देखकर गुस्सा आया. वो चुप रही और गुल्मोहर की बात का कोई जवाब नही दिया. उसने मन ही मन सोचा की छोटा भाई कितना हैंडसम है और ये मोटा घूरता ही रहता है और बेहूदी बात करके हंसता है. उसने गुल्मोहर को इग्नोर करके अंकुर की तरफ ध्यान दिया.

रात में जब वो दोनो होटेल के कमरे में वापस आए तो आँचल लोगों के सामने सेक्सी ड्रेस में घूमने फिरने से थोड़ी उत्तेजना महसूस कर रही थी. सुनील ने उसकी उत्तेजना को और भड़का दिया,” आँचल तुमने देखा वो दोनो भाई तुमको कैसे देख रहे थे. तुमसे उनकी नज़रें हट ही नही रही थी.”

आँचल बोली,” उग्घ…वो गुज्जु भाई गुल्मोहर तो मुझे बहुत बेशर्मी से घूर रहा था. सुनील अगर तुम वहाँ पर नही होते ना तो वो मेरी ड्रेस फाड़ डालता और मेरा रेप कर देता.” उत्तेजना से आँचल की चूत गीली होने लगी.
आँचल की बातों से सुनील भी उत्तेजित हो गया . उसने फटाफट आँचल के सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगा हो गया. बिना किसी फोरप्ले के उसने आँचल की टाँगे फैलाई और उसकी गीली चूत में लंड डाल दिया. फिर चूत में तेज तेज धक्के लगाने लगा. जैसे ही आँचल को मज़ा आने लगा वो अपनी गांड ऊपर उछालकर सुनील के धक्कों का जवाब देने लगी, तभी सुनील झड़ गया. आँचल सोचने लगी मज़ा शुरू होते ही खत्म हो गया. सुनील अपनी खूबसूरत बीवी के सेक्सुअल फ्रस्ट्रेशन की परवाह किए बिना ही बगल में आराम से करवट लेकर सो गया.

आँचल 10 – 15 मिनिट तक अपनी किस्मत को कोसते हुए चुपचाप लेटी रही लेकिन फ्रस्ट्रेशन से उसको नींद नही आ रही थी. फिर उसने टीवी ऑन करके वही ब्लू मूवीज वाला चैनल लगा दिया. कुछ देर बाद उसने सुनील को भी उठा दिया. सुनील अपनी आँखे मलता हुआ उठ बैठा. सुनील ने देखा आँचल ब्लू फिल्म देख रही है जिसमे एक आदमी लड़की को डॉगी स्टाइल में पीछे से चोद रहा है और वो लड़की उत्तेजना में चिल्ला रही थी. सुनील भी ये सीन देखकर उत्तेजित हो गया और जल्दी ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.

सुनील ने आँचल को मूवी के जैसे कुतिया बना दिया और उसकी गांड ऊँची करके पीछे से चूत में अपना लंड डाल दिया. आँचल को मूवी में लड़की के जैसे चुदवाने में मज़ा आने लगा लेकिन कुछ ही धक्कों के बाद सुनील फिर झड़ गया और आँचल के बदन के ऊपर बेड में ढेर हो गया.

आँचल ने सुनील को अपने बदन से धक्का देकर बगल में हटा दिया और फ्रस्ट्रेशन से उसके आंसू निकल आए. सुनील जल्दी ही खर्राटे लेकर सो गया. आँचल थोड़ी देर चुपचाप रोती रही. फिर कुछ देर बाद उसने टीवी का वॉल्यूम कम कर दिया और ब्लू फिल्म देखकर मूठ मारते हुए अपनी उत्तेजना शांत करने लगी.

अगली सुबह 5 बजे सुनील ने आँचल से कहा,” डार्लिंग, मैं पुणे जा रहा हूँ. गुल्मोहर की बजाए अब कोई दूसरा आदमी मेरे साथ पुणे जा रहा है. रात 9 बजे तक लौट आऊंगा.” फिर आँचल को किस करके सुनील चला गया.
आँचल देर तक सोती रही . फोन की घंटी बजी तो उसकी नींद खुली. फोन में अंकुर बोला,” भाभी मैंने ड्राइवर को कार लेकर आपके पास भेज दिया है. वो आपको ब्रीच कैंडी शॉपिंग के लिए ले जाएगा. “

फिर बोला,” अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो मेरे साथ आज लंच करिएगा.”

अंकुर के साथ टाइम बिताने की बात सुनकर आँचल का मूड ठीक हो गया. वो बोली,” आपके साथ लंच करके मुझे खुशी होगी.”

अंकुर बोला,” ओबेरॉय होटेल के पास कॉफी शॉप में आ जाना लंच के लिए ठीक 1:30 pm पर.”

आँचल बोली,” ठीक है, मैं आ जाऊँगी.”

आँचल खुश होकर नहाने चली गयी. नहाने के बाद उसने बाथिंग गाउन पहन लिया और रिसेप्शनिस्ट को फोन किया की उसको साड़ी और ब्लाउज में फटाफट प्रेस चाहिए.

कुछ देर बाद डोरबेल बजी और एक वेटर उसके कपड़े ले जाने के लिए आया. जैसे ही आँचल कपड़े देने के लिए मुड़ी उसका पैर लंबे बाथिंग गाउन में पड़ गया और एक झटके में गाउन उसके कन्धों से उतर कर फर्श पर गिर गया. वेटर अपने सामने नंगी आँचल को देखकर हैरान रह गया.

आँचल ने शरमाकर झट से अपनी चूचियों और चूत को हाथों से ढकने का प्रयास किया . फिर झुककर अपना गाउन उठाया और बाथरूम में भाग गयी. पीछे मुड़ने से वेटर को आँचल की मस्त बड़ी गांड के भी दर्शन हो गए .
आँचल बहुत एंबॅरस्ड फील कर रही थी. बाथरूम में गाउन पहनकर वो हिचकिचाते हुए बाहर आई और वेटर को कपड़े दिए. वेटर उसको देखकर मुस्कुराया और कपड़े ले लिए. आँचल की गोरी बड़ी बड़ी चूचियां , चिकनी चूत और बड़ी गांड देखने के बाद अपनी किस्मत पर खुश होता हुआ रूम से बाहर जाने लगा.

आँचल हकलाते हुए बोली ,” मुझे कपड़े जल्दी चाहिए.” और दरवाजा बंद कर दिया . वेटर अभी भी मुस्कुरा रहा था.

वेटर के जाने के बाद आँचल ने जल्दी से गाउन के अंदर ब्रा और पेटीकोट पहन लिया. और वेटर के अपने कपड़े लाने का इंतज़ार करने लगी.

वेटर के डोरबेल बजाने पर इस बार उसने थोड़ा सा ही दरवाजा खोला और वहीं पर कपड़े लेकर दरवाजा बंद कर दिया. वेटर को अंदर आने देने की ग़लती वो दोहराना नही चाहती थी.

साड़ी पहनकर जब वो शॉपिंग करने के लिए नीचे होटेल की लॉबी में आई तो उसे लगा की रिसेप्शन में होटेल के स्टाफ वाले उसे देखकर मंद मंद मुस्कुरा रहे हैं.

क्या ये आँचल का वहम था या वेटर ने सबको बता दिया था ?

Der sham ko Sunil ne room ka darwaza khatkhataya , Aanchal abhi bhi soyi hui thi. Usne jaldi se panty pehni aur upar se gown pahan liya.

Darwaza kholne par Sunil andar aaya aur Aanchal se bola, “ tum jaldi se tayyar ho jao .niche distributor hamara intzar kar rahe hain. Wo hamein dinner mein le jane ke liye aaye hain.

Aanchal ne pucha, “ jana kahan hai ? usi hisab se mein kapde pahungi.”

Sunil bola,” wo hamein 5 star hotel Sun-n-Sand mein le ja rahe hain. Isliye tum thodi sexy dress pahan lo.”

Sunil apni khoobsurat biwi ko show off karke distributor ko impress karna chah raha tha.

Aanchal ne ek tight fitting wali one piece sexy red dress pahan li. Jo uske ghutno se bahut upar thi. Aanchal khus thi ki Sunil khud usse sexy dress pahanne ko kah raha hai isliye usne bhi revealing dress pahan li. Dress bahut tight thi isliye Aanchal ne andar se bra panty nahi pehni. Pairo mein unchi heel wali sandle pahane se wo chalte samay aur bhi sexy lag rahi thi.
Aanchal ke sath chalte hue Sunil bahut garv mehsoos kar raha tha kyunki hotel mein sab usi ki aur dekh rahe the. Hotel ki lobby mein pahunchkar Sunil ne distributor se Aanchal ko milwaya.



Aanchal ne dekha distributor do bhai the, bada wala Gulmohar Shah 45 saal ka aur chota bhai Ankur Shah 35 saal ka tha. Dono bhai Khoobsurat Aanchal ko dekhkar soch rahe the Sunil ki biwi to itni madak nikli. Unhe apne ko ghoorte pakar Aanchal ke nipple excitement se tan gaye. Dusre aadmiyon par apni khoobsurati ka jadoo chalne se Aanchal ko bahut accha lagta tha. Aanchal ko pata tha ki bina bra ke us patli dress mein uske nipple kade hokar dikh rahe hain.

Sunil bhi khoobsurat Aanchal ka pati hone se garv mehsoos kar raha tha. Wahan khade logo ko jalane ke liye wo janboojhkar Aanchal ki peeth par hath fira raha tha. Phir wo charon log hotel se bahar aakar car mein baith gaye.

Dinner ke liye Sunil aur Aanchal table ke ek taraf the aur dono bhai unke samne baithe the. Aanchal ne dekha ki dono bhai usse bahut impressed hain. Bada bhai Gulmohar thoda mota aur sawla tha lekin chota bhai Ankur lamba , gora aur handsome tha. Dinner karte samay Aanchal ke bare mein hi batein ho rahi thi.
Ankur ne pucha ki Aanchal ka Mumbai mein din kaisa bita aur use Mumbai kaisa laga , pasand aaya ya nahi. Aanchal ne bataya ki local train mein uska safar bahut kharab raha. Raaste bhar log dhakkamukki karte rahe. Aur Colaba mein shopping karte samay bhi yahi haal raha. Kul milakar use Mumbai pasand nahi aaya.

Aanchal ki baat sunkar Ankur bola,” Bhabhi, agar Sunil bhaisaab ne pehle bataya hota ki aapko ghumne jana hai to mein apni car aur driver ko aapke pass bhej deta.”

Aanchal muskurayi aur boli, “ Thanks, car se to mujhe bahut sahuliyat ho jati. Lekin hum log kal wapas Delhi ja rahe hain isliye aapka offer mai next time accept kar lungi.”

Tabhi Sunil bol pada,”Aanchal mai tumhe batana bhool gaya ki hum yahan ek din aur rukne wale hain. Kal mujhe Gulmohar ke sath Pune jana hai . isliye ab hum kal nahi balki parso delhi wapas jayenge.”

Ye baat sunkar Ankur khus ho gaya aur bola,” Bhabhi , kal ke din bhi aap yahin ho, isliye meri car aur driver kal din bhar ke liye aapke pass rahenge. Ab aap mana mat karna.”
Phir bola,” aapko shopping ke liye Colaba jane ki jarurat nahi , mera driver aapko Breach Candy le jayega shopping ke liye wo best jagah hai. Bhabhi , aap Mumbai mein aur kya dekhna chahengi ?”

Aanchal Ankur ke offer se mann hi mann khush hui ki chalo ab taxi aur train ke safar ka jhanjhat nahi rahega. Wo Ankur se boli,” mai hamesha se Mumbai mein film shooting dekhna chahti thi.”

Uske aisa kehte hi Gulmohar bol pada,” Bhabhi wo mujh par chod do. Jab aap shopping kar logi to uske baad aapko film shooting bhi dikha denge.”

Phir Aanchal ki chuchiyon par nazren gadakar bola,” Bhabhi, aap film heroines se jyada khoobsurat ho. Aapko to modeling ya acting karne ke bare mein sochana chahiye. Phir to roz shooting hi shooting, hai na.” aur apne joke par khud hi hans pada.

Aanchal ko khuleaam apni chuchiyon ko ghoorte hue aur Aanchal par joke marker hanste hue Gulmohar ko dekhkar gussa aaya. Wo chup rahi aur Gulmohar ki baat ka koi jawab nahi diya. Usne mann hi mann socha ki chota bhai kitna handsome hai aur ye mota ghoorta hi rehta hai aur behudi baat karke hansta hai. Usne Gulmohar ko ignore karke Ankur ki taraf dhyan diya.

Raat mein jab wo dono hotel ke kamre mein wapas aaye to Aanchal logon ke samne sexy dress mein ghomne phirne se thodi uttezna mehsoos kar rahi thi. Sunil ne uski uttezna ko aur bhadka diya,” Aanchal tumne dekha wo dono bhai tumko kese dekh rahe the. tumse unki nazren hat hi nahi rahi thi.”

Aanchal boli,” uggh…wo gujju bhai Gulmohar to mujhe bahut besharmi se ghoor raha tha. Sunil agar tum wahan par nahi hote na to wo meri dress faad dalta aur mera rape kar deta.” Uttezna se Aanchal ki choot gili hone lagi.

Aanchal ki baton se Sunil bhi uttezit ho gaya . usne fatafat Aanchal ke sare kapde utar diye aur khud bhi nanga ho gaya. Bina kisi foreplay ke usne Aanchal ki tange failayi aur uski gili choot mein lund dal diya. Phir choot mein tej tej dhakke lagane laga. Jaise hi Aanchal ko maza aane laga wo apni gand upar uchalkar Sunil ke dhakkon ka jawab dene lagi, tabhi Sunil jhad gaya. Aanchal sochne lagi maza shuru hote hi khatam ho gaya. Sunil apni khoobsurat biwi ke sexual frustration ki parwah kiye bina hi bagal mein aaram se karwat lekar so gaya.

Aanchal 10 – 15 minute tak apni kismat ko koste hue chupchap leti rahi lekin frustration se usko nind nahi aa rahi thi. Phir usne TV on karke wahi blue movies wala channel laga diya. Kuch der baad usne Sunil ko bhi utha diya. Sunil apni aankhe malta hua uth baitha. Sunil ne dekha Aanchal blue film dekh rahi hai jisme ek aadmi ladki ko doggy style mein piche se chod raha hai aur wo ladki uttezna mein chilla rahi thi. Sunil bhi ye scene dekhkar uttezit ho gaya aur jaldi hi uska lund phir se khada ho gaya.

Sunil ne Aanchal ko movie ke jaise kutiya bana diya aur uski gand unchi karke piche se choot mein apna lund dal diya. Aanchal ko movie mein ladki ke jaise chudwane mein maza aane laga lekin kuch hi dhakkon ke baad Sunil phir jhad gaya aur Aanchal ke badan ke upar bed mein dher ho gaya.

Aanchal ne Sunil ko apne badan se dhakka dekar bagal mein hata diya aur frustration se uske aanshu nikal aaye. Sunil jaldi hi kharrate lekar so gaya. Aanchal thodi der chupchap roti rahi. Phir kuch der baad usne TV ka volume kam kar diya aur blue film dekhkar muth marte hue apni uttezna shant karne lagi.

Agli subah 5 baje Sunil ne Aanchal se kaha,” darling, mai Pune ja raha hun. Gulmohar ki bajaye ab koi dusra aadmi mere sath Pune ja raha hai. Raat 9 baje tak laut aunga.” Phir Aanchal ko kiss karke Sunil chala gaya.

Aanchal der tak soti rahi . phone ki ghanti baji to uski nind khuli. Phone mein Ankur bola,” Bhabhi mene driver ko car lekar aapke pass bhej diya hai. Wo aapko Breach Candy shopping ke liye le jayega. “

Phir bola,” agar aapko aitraz na ho to mere sath aaj lunch kariyega.”

Ankur ke sath time bitane ki baat sunkar Aanchal ka mood theek ho gaya. Wo boli,” aapke sath lunch karke mujhe khushi hogi.”

Ankur bola,” Oberoi hotel ke pass coffee shop mein aa jana lunch ke liye theek 1:30 pm par.”

Aanchal boli,” theek hai, mai aa jaungi.”

Aanchal kush hokar nahane chali gayi. Nahane ke baad usne bathing gown pahan liya aur receptionist ko phone kiya ki usko saree aur blouse mein fatafat press chahiye.

Kuch der baad doorbell baji aur ek waiter uske kapde le jane ke liye aaya. Jaise hi Aanchal kapde dene ke liye mudi uska pair lambe bathing gown mein pad gaya aur ek jhatke mein gown uske kandonse utar kar farsh par gir gaya. Waiter apne samne nangi Aanchal ko dekhkar hairan reh gaya.

Aanchal ne sharmakar jhat se apni chuchiyon aur choot ko hathon se dhakne ka prayas kiya . Phir jhukkar apna gown uthaya aur bathroom mein bhag gayi. Piche mudne se waiter ko Aanchal ki mast badi gand ke bhi darshan ho gaye.

Aanchal bahut embarrassed feel kar rahi thi. Bathroom mein gown pahankar wo hichkichate hue bahar aayi aur waiter ko kapde diye. Waiter usko dekhkar muskuraya aur kapde le liye. Aanchal ki gori badi badi chuchiyan , chikni choot aur badi gand dekhne ke baad apni kismet par khush hota hua room se bahar jane laga.

Aanchal haklate hue boli ,” mujhe kapde jaldi chahiye.” Aur darwaja band kar diya . waiter abhi bhi muskura raha tha.

Waiter ke jane ke baad Aanchal ne jaldi se gown ke andar bra aur petticoat pahan liya. Aur waiter ke apne kapde lane ka intzar karne lagi.

Waiter ke doorbell bajane par is baar usne thoda sa hi darwaja khola aur wahin par kapde lekar darwaja band kar diya. Waiter ko andar aane dene ki galti wo dohrana nahi chahti thi.

Saree pahankar jab wo shopping karne ke liye niche hotel ki lobby mein aayi to use laga ki reception mein hotel ke staff wale use dekhkar mand mand muskura rahe hain.

Kya ye Aanchal ka waham tha ya waiter ne sabko bata diya tha ?

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Kamini
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Kamini » 13 Nov 2017 19:32

mast update

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Ankit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Ankit » 13 Nov 2017 20:16

superb update

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