आँचल की अय्याशियां

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
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jay
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by jay » 19 Nov 2017 09:17

बहुत बढ़िया जा रहे हो दोस्त

अगले अपडेट का इंतज़ार रहेगा
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(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

Re: आँचल की अय्याशियां

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Dolly sharma
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Dolly sharma » 19 Nov 2017 14:00

superb story

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 20 Nov 2017 13:25

thanks aap sab ka

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 20 Nov 2017 13:26

ख़ान के आँचल के बगल में लेटने के बाद बंसल को मौका मिल गया. उसने आँचल को बेड के किनारे तक खींचा और उसकी टाँगे उठाकर अपना छोटा लेकिन मोटा लंड आँचल की चूत के फूले हुए होठों के अंदर डाल दिया और उसे चोदने लगा.

आँचल ख़ान की जबरदस्त चुदाई से थक चुकी थी. वो मदहोशी में बंसल को अपनी चुदाई करते देखती रही. बंसल के छोटे लंड से चुदाई में उसे कुछ मज़ा नही आ रहा था. लेकिन बंसल आँचल को चोदने में बहुत खुश था और कुछ ही देर में झड़ गया. अपने लंड से वीर्य की कुछ बूंदे आँचल की चूत में गिराकर वो मोटा आँचल के ऊपर ही ढेर हो गया. आँचल मोटे के वजन से दब गयी. उसने धक्का देकर बंसल को अपने ऊपर से हटा दिया.

ख़ान अपना लंड धीरे धीरे हिलाते हुए मज़े से ये सब देख रहा था. बंसल के झड़ने के बाद वो उठने लगा.
ख़ान को फिर से अपने ऊपर आते देख आँचल बोली,” बस …अब और नही…..मेरी फट जाएगी…”

ख़ान ने आँचल के विरोध को नज़रअंदाज़ कर दिया और बेड में बैठकर आँचल को अपनी तरफ खींचा. उसने आँचल को पेट के बल लिटाकर उसके नितंबों को अपनी गोद में रख लिया.

आँचल को अपनी जांघों में ख़ान का तना लंड रगड़ ख़ाता महसूस हुआ, उसकी समझ में नही आया ख़ान करना क्या चाहता है ?

तभी ख़ान ने उसके एक नितंब पर ज़ोर का थप्पड़ मारा , फिर कुछ पल रुककर दूसरे नितंब पर थप्पड़ मारा. ऐसे करके वो बारी बारी से दोनो नितंबों पर थप्पड़ मारने लगा.

“आअहह….ओह…ओइईईईईईईईईई………मुझे क्यूँ मार रहे हो ? ….ओइईई…” आँचल ज़ोर से चिल्लाई.
उसके नितंबों में थप्पड़ मारने से लाल निशान पड़ गये थे.

“आँचल जी , आपको इसलिए मार रहा हूँ की अगर आपने मेरा ब्याज़ लेट दिया या लोन टाइम पर वापस नही किया तो मैं आपको आपके पति के सामने ऐसे ही मारूँगा. समझी आँचलजी…” ख़ान ने जवाब दिया.

दर्द से आँचल की आँखो में आँसू आ गये. ख़ान थप्पड़ मारते हुए बीच बीच में उसकी क्लिट को अपनी उंगलियों से मसलने लगा.

आँचल दर्द से चिल्लाती रही. उसने देखा की बंसल उसे मार खाते हुए देख रहा है. इससे अचानक उसको उत्तेजना आने लगी और उसकी चूत गीली होने लगी. और उसकी चीखें अब सिसकारियों में बदल गयी. बंसल को अपनी तरफ देखते हुए पाकर आँचल को ह्युमिलिटेड फील हुआ लेकिन वो एक अजीब से रोमांच भरे आनंद में नितंबों पर थप्पड़ खाते हुए अपना बदन हिलाने लगी.

“साली को इसमे भी मज़ा आ रहा है. लगता है इसके पति ने इसे बहुत तडपाया है.” बंसल की तरफ देखते हुए ख़ान बोला.

“आ…..आहह…..चोदो मुझे साजिद…..प्लीज़ चोदो….” आँचल सिसकी. अब उत्तेजना से उसकी चूत गीली होकर लंड के लिए तड़प रही थी.

ख़ान ने थप्पड़ मारना बंद कर दिया और आँचल को अपनी गोद में बिठा लिया. फिर आँचल के बूब्स को ज़ोर से पकड़कर उसे थोड़ा ऊपर उठाया और अपना लंड उसकी तड़पती चूत में डाल दिया.

“आहह…….” ख़ान के मोटे लंड से अपनी चूत के स्ट्रेच होते ही आँचल सिसकी.

अब ख़ान ने आँचल के नितंबों को टाइट से पकड़ा और आँचल को अपने लंड पर उछालने लगा. इस पोज़ में लंड आँचल की चूत में बहुत गहराई तक घुस जा रहा था.

“आहह…………..उन्न्ञनह….ऊऊहह……” आँचल दर्द भरी सिसकारियाँ लेने लगी. उसके नितंब थप्पड़ मारे जाने से दर्द कर रहे थे और ख़ान उनको टाइट पकड़कर उसे लंड पर उछालकर चोद रहा था.

चोदते हुए ख़ान आँचल के बूब्स को दाँतों से काटने लगा.

“उहह…..साले ….आअहह……चोद मुझे……..” आँचल उत्तेजना में सिसकते हुए ख़ान को गालियाँ देने लगी. फिर उसको एक के बाद एक कई ओर्गास्म आ गये और वो ख़ान की गोद में उछलते हुए झड़ गयी.

अब आँचल में बिल्कुल भी ताक़त नही बची थी और वो ख़ान की छाती में सर टिकाकर पस्त पड़ गयी. जितने मज़े उसने लेने थे वो ले चुकी थी अब वो चाहती थी कि ख़ान झड़ जाए और उसकी चूत की बेरहम रगड़ाई बंद हो.

लेकिन ख़ान लगातार उसे चोदता रहा. आँचल को अब चूत में दर्द होने लगा था. वो चिल्लाई,” आह …बस करो…..ख़ान अब और नही…प्लीज़…..बस करो…” और वो निढाल होकर ख़ान के ऊपर लुढ़क गयी.

ख़ान को रोकने के लिए वो बोली,” अब मैं चूसूंगी …”

आँचल के निढाल पड़ जाने से ख़ान को अब उसे गोद में उछालना मुश्किल हो गया. उसने आँचल को सामने लिटा दिया और उसकी छाती के दोनो तरफ पैर रखकर आँचल के मुँह में अपना लंड घुसा दिया.आँचल थक चुकी थी लेकिन ख़ान को झड़ाने के लिए उसने तेज़ी से लंड चूसना शुरू कर दिया. वरना वो फिर उसकी दर्द करती चूत चोदने लग जाएगा. थोड़ी ही देर में आँचल ने चूस चूसकर ख़ान का पानी निकाल दिया.

ख़ान ने आँचल का सर पकड़े रखा और पूरा वीर्य उसके मुँह के अंदर ही निकाल दिया. मुँह में वीर्य भर जाने से आँचल को अपना दम घुटता महसूस हुआ. वीर्य उसके होठों से बाहर निकलकर बहने लगा. और वो अपनी सांसो पर काबू पाने का प्रयास करने लगी.

फिर ख़ान बेड से उठा और फर्श से आँचल की साड़ी उठाकर , उस साड़ी से अपने लंड और बदन को पोछकर कपड़े पहनने लगा.

उसके बाद बंसल से बोला,” इस गरम कुतिया को घर तक पहुँचा देना.” और रूम से बाहर चला गया.

बंसल आँचल को बेड से उठाने लगा. आँचल इतना थक चुकी थी की उससे हिला भी नही जा रहा था.
वो बोली,” नही , मैं इस हालत में घर नही जा सकती. थोड़ी देर ठहर जाओ बंसलजी …” और फिर पीछे को बेड पर लुढ़क गयी और कुछ ही देर में उसे नींद आ गयी.

बंसल ने देखा, आँचल बिल्कुल नंगी बेड पर पड़ी है. उसकी चूत, जांघों, चेहरे सब जगह वीर्य लगा हुआ था. मादक आँचल को ऐसे नंगी हाथ पैर फैलाए बेड पर पड़ी देखकर बंसल का मन हुआ इस चिकनी को फिर से चोद डाले, अभी तो ये विरोध कर पाने की हालत में भी नही है.

लेकिन दो बार झड़ जाने से इस उमर में उसका लंड भी जवाब दे गया था. वो अपने कपड़े पहनकर, वहीं पर सोफे में बैठकर आँचल के नंगे बदन को देखता रहा. थोड़ी देर बाद उसने आँचल को नींद से जगाया और बेड में बिठाया.

फिर आँचल की तुड़ी मुड़ी साड़ी और कपड़े लाकर उसे दिए. आँचल ने कपड़े पहने और बंसल कार चलाकर उसे घर पहुँचा आया.

Khan ke Aanchal ke bagal mein letne ke baad Bansal ko mauka mil gaya. Usne Aanchal ko bed ke kinare tak khincha aur uski tange uthakar apna chota lekin mota lund Aanchal ki choot ke phoole hue hothon ke andar daal diya aur use chodne laga.

Aanchal Khan ki jabardast chudai se thak chuki thi. Wo madhoshi mein Bansal ko apni chudai karte dekhti rahi. Bansal ke chote lund se chudai mein use kuch maza nahi aa raha tha. Lekin Bansal Aanchal ko chodne mein bahut khush tha aur kuch hi der mein jhad gaya. Apne lund se viry ki kuch bunde Aanchal ki choot mein girakar wo mota Aanchal ke upar hi dher ho gaya. Aanchal mote ke wajan se dab gayi. Usne dhakka dekar Bansal ko apne upar se hata diya.

Khan apna lund dhire dhire hilate hue maze se ye sab dekh raha tha. Bansal ke jhadne ke baad wo uthne laga.

Khan ko phir se apne upar aate dekh Aanchal boli,” bas …ab aur nahi…..meri fat jayegi…”

Khan ne Aanchal ke virodh ko nazarandaz kar diya aur Bed mein baithkar Aanchal ko apni taraf khincha. Usne Aanchal ko pet ke bal litakar uske nitambon ko apni god mein rakh liya.

Aanchal ko apni janghon mein Khan ka tana lund ragad khata mehsoos hua, uski samajh mein nahi aaya Khan karna kya chahta hai ?

Tabhi Khan ne uske ek nitamb par jor ka thappad mara , phir kuch pal rukkar dusre nitamb par thappad mara. Aise karke wo bari bari se dono nitambon par thappad marne laga.

“Aaahhh….ohhhhhhhh…oiiiiiiiiiiii………mujhe kyun mar rahe ho ? ….oiiiii…” Aanchal jor se chillayi.

Uske nitambon mein thappad marne se laal nishan pad gaye the.
“Aanchal ji , aapko isliye mar raha hun ki agar aapne mera byaz late diya ya loan time par wapas nahi kiya to mai aapko aapke pati ke samne aise hi marunga. Samjhi Aanchalji…” Khan ne jawab diya.

Dard se Aanchal ki aankho mein aansu aa gaye. Khan thappad marte hue beech beech mein uski clit ko apni ungliyon se masalne laga.

Aanchal dard se chillati rahi. Usne dekha ki Bansal use maar khate hue dekh raha hai. Isse achanak usko uttezna aane lagi aur uski choot gili hone lagi. aur uski chikhen ab siskariyon mein badal gayi. Bansal ko apni taraf dekhte hue pakar Aanchal ko humiliated feel hua lekin wo ek ajeeb se romanch bhare anand mein nitambon par thappad khate hue apna badan hilane lagi.

“Saali ko isme bhi maza aa raha hai. Lagta hai iske pati ne ise bahut tadpaya hai.” Bansal ki taraf dekhte hue Khan bola.

“Aah…..aahhh…..chodo mujhe sajid…..please chodo….” Aanchal siski. Ab uttezna se uski choot gili hokar lund ke liye tadap rahi thi.

Khan ne thappad marna band kar diya aur Aanchal ko apni god mein bitha liya. Phir Aanchal ke boobs ko jor se pakadkar use thoda upar uthaya aur apna lund uski tadapti choot mein daal diya.

“Aahhhh…….” Khan ke mote lund se apni choot ke stretch hote hi Aanchal siski.
Ab Khan ne Aanchal ke nitambon ko tight se pakda aur Aanchal ko apne lund par uchalne laga. Is pose mein lund Aanchal ki choot mein bahut gehrayi tak ghus ja raha tha.

“Aahhhh…………..unnnnhhhhh….oooohhhhhhhhh……” Aanchal dard bhari siskariyan lene lagi. Uske nitamb thappad mare jane se dard kar rahe the aur Khan unko tight pakadkar use lund par uchalkar chod raha tha.

Chodte hue Khan Aanchal ke boobs ko danton se katne laga.

“uhhh…..Saale….aaahhhh…….chod mujhe……..” Aanchal uttezna mein sisakte hue Khan ko galiyan dene lagi. phir usko ek ke baad ek kai orgasm aa gaye aur wo Khan ki god mein uchalte hue jhad gayi.

Ab Aanchal mein bilkul bhi takat nahi bachi thi aur wo Khan ki chati mein sar tikakar past pad gayi. Jitne maze usne lene the wo le chuki thi ab wo chahti thi ki Khan jhad jaye aur uski choot ki beraham ragdayi band ho.

Lekin Khan lagatar use chodta raha. Aanchal ko ab choot mein dard hone laga tha. Wo chillayi,” Aah…bas karo…..Khan ab aur nahi…please…..bas karo…” aur wo nidhal hokar Khan ke upar ludak gayi.

Khan ko rokne ke liye wo boli,” ab mai chusungi…”

Aanchal ke nidhal pad jane se Khan ko ab use god mein uchalna muskil ho gaya. Usne Aanchal ko samne lita diya aur uski chati ke dono taraf pair rakhkar Aanchal ke munh mein apna lund ghusa diya.Aanchal thak chuki thi lekin Khan ko jhadane ke liye usne teji se lund choosna suru kar diya. Warna wo phir uski dard karti choot chodne lag jayega. thodi hi der mein Aanchal ne choos chooskar Khan ka pani nikaal diya.

Khan ne Aanchal ka sar pakde rakha aur pura viry uske munh ke andar hi nikal diya. Munh mein viry bhar jane se Aanchal ko apna dum ghutta mehsoos hua. Viry uske hothon se bahar nikalkar behne laga. Aur wo apni sanso par kaboo pane ka prayas karne lagi.

Phir Khan bed se utha aur Farsh se Aanchal ki saree uthakar , us saree se apne lund aur badan ko pochkar kapde pehane laga.

Uske baad Bansal se bola,” is garam kutiya ko ghar tak pahuncha dena.” Aur room se bahar chala gaya.

Bansal Aanchal ko bed se uthane laga. Aanchal itna thak chuki thi ki usse hila bhi nahi ja raha tha.
Wo boli,” nahi , mai is halat mein ghar nahi ja sakti. Thodi der thahar jao Bansalji…” aur phir piche ko bed par ludak gayi aur kuch hi der mein use nind aa gayi.

Bansal ne dekha, Aanchal bilkul nangi bed par padi hai. Uski choot, janghon, chehre sab jagah viry laga hua tha. Madak Aanchal ko aise nangi hath pair failaye bed par padi dekhkar Bansal ka mann hua is chikni ko phir se chod dale, abhi to ye virodh kar pane ki halat mein bhi nahi hai.

Lekin do baar jhad jane se is umar mein uska lund bhi jawab de gaya tha. Wo apne kapde pahankar, wahin par sofe mein baithkar Aanchal ke nange badan ko dekhta raha. Thodi der baad usne Aanchal ko nind se jagaya aur bed mein bithaya.

Phir Aanchal ki tudi mudi saree aur kapde lakar use diye. Aanchal ne kapde pahne aur Bansal car chalakar use ghar pahuncha aaya.


pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 20 Nov 2017 13:27

चुदाई के आनंद से तृप्त होकर आँचल रात में खूब मज़े से सोई. नींद में उसको ख़ान और उसके साथ चुदाई के सपने आए. उसने सपने में सना को भी देखा और सना और ख़ान के साथ थ्रीसम चुदाई के मज़े लिए.

सुबह जब आँचल की मम्मी उसको चाय देने आई तो उसने देखा आँचल नींद में कामुक सिसकारियाँ ले रही है. मम्मी के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी. उसने सोचा आँचल नींद में अपने पति सुनील को याद कर रही है , जिसे टूर पर गये हुए एक हफ्ते से ज़्यादा हो गया था.

मम्मी ने आँचल को हिलाया,” उठो आँचल.”

आँचल ने आँखे खोली , सामने मम्मी खड़ी थी. आँचल सपने में ख़ान और सना से थ्रीसम के मज़े ले रही थी , मम्मी ने उठा के मज़ा खराब कर दिया.
आँचल ने मुँह बनाया.

मम्मी समझ गयी , मैंने इसका सपना तोड़कर मज़ा खराब कर दिया है.
वो बोली,” आँचल तुम सुनील को फोन करके वापस क्यूँ नही बुला लेती ? ऐसा लग रहा है की तुम सुनील को मिस कर रही हो. तुम्हारा अकेले रहना ठीक नही है ख़ासकर की जब तुम्हारी शादी को ज़्यादा टाइम नही हुआ है.”

आँचल मम्मी को देखकर मुस्कुरायी और सोचने लगी, आप क्या जानो सच्चाई क्या है. मैं सुनील के नही किसी और के सपने देख रही हूँ.

आँचल ने अंगड़ाई लेते हुए सोचा, थैंक गॉड , आज सनडे है. आँचल को आराम की ज़रूरत थी. जबरदस्त चुदाई से उसकी चूत और बदन दर्द कर रहा था.

आँचल ने बाथरूम में बाथटब में बैठकर देर तक गरम पानी से नहाया.
उसके बाद आँचल ने सुनील को फोन किया,” सुनील अच्छी खबर है की हमें ख़ान से 20 लाख का लोन मिल गया है. शायद वो कल मुझे चेक दे देगा.”

सुनील ने राहत की सांस ली और बोला,” आँचल तुमने ख़ान से लोन निकलवा लिया. ये तो बहुत अच्छा हुआ. जब चेक मिल जाए तो मुझे फोन कर देना. मैं वापस आ जाऊंगा.”

आँचल ने पूरा दिन टीवी देखने, सोने, खाने पीने और अपने मम्मी पापा के साथ बात करने में बिताया. आज उसका मूड बहुत अच्छा था. उसको सेक्सुअल सैटिस्फैक्शन भी पूरा मिला था और लोन मिलने से पैसे की परेशानी भी दूर हो जाने वाली थी.

दोपहर बाद रामू उसके बेडरूम में आया तो आँचल ने उसे लौटा दिया. आज उसका रामू के साथ चुदाई का मन नही था. वो अपनी टाँगों के बीच तकिया डालकर , ख़ान और सना के बारे में सपने देखते हुए सोती रही.

अगली सुबह आँचल अच्छे मूड से फैक्ट्री पहुँची. अपने केबिन में चाय पीते हुए वो सना के बारे में सोचने लगी. सना सिर्फ़ एक फिल्म में हीरोइन बनी थी. उसके बाद की कुछ फिल्म्स में वो साइड हीरोइन बनी थी और अब उसको सिर्फ़ आइटम सॉंग्स ही मिल रहे थे. फिल्मों से ज़्यादा वो अपनी पर्सनल लाइफ से चर्चा में रहती थी. सुरू में एक बड़े हीरो के साथ रंगरेलियों के लिए और अब ख़ान जैसे बड़े फिनांसर और इंडस्ट्री के पैसे वाले लोगों के साथ रात बिताने के लिए वो चर्चा में रहती थी.

आँचल को सना और उसकी स्टाइल सेक्सी लगती थी. ख़ान से चुदते हुए सना कैसी लगेगी,इस ख्याल से आँचल को उत्तेजना आने लगी और उसकी चूत गीली हो गयी.
आँचल अपने केबिन में बैठकर यही सब सपने देखकर उत्तेजित हो रही थी की तभी बंसल उसके केबिन में आया.

“मैडम ये आपकी गोल्ड चैन , रात को मैं आपको पहनाना भूल गया था.”

आँचल एकदम से झेंप कर शरमा गयी. उसे याद आया की बंसल ने रात में कपड़े पहनने में उसकी मदद की थी. अब उसे उस बात को याद करके बहुत शरम आई.

आँचल को शरमाकर लाल होते देखकर बंसल बोला,” मैडम, कैसा लगा आपको ख़ान ? बहुत बड़ा है ना ?”

“उंगग….हाँ …” ख़ान के बड़े लंड और उससे अपनी चूत की रगड़ाई को याद करते हुए आँचल ने जवाब दिया.

“मैडम, उसने बहुत सी औरतों को चोदा है. कई एक्ट्रेस को भी.” बंसल आँचल के करीब बैठते हुए बोला और आँचल के चेहरे को अपने हाथों से सहलाने लगा.
आँचल ने बंसल की हरकतों को नज़रअंदाज़ कर दिया और कोई विरोध नही किया. वो जानती थी भले ही बंसल उसका मैनेजर है लेकिन अब वो उसे पहले जैसे डांट नही सकती.
बल्कि अभी अपने केबिन में बैठकर वो ख़ान और सना के ही बारे में सोचकर उत्तेजित हो रही थी. वो बंसल से ख़ान के कारनामो के बारे में और जानना चाहती थी.

“उनन्नज्ज्ग…..…बंसल जी सच कह रहे हो आप ? बहुत सी हीरोइन्स के साथ…?” आँचल ने झिझकते हुए पूछा.

आँचल के गोरे गाल पर चिकोटी काटते हुए बंसल बोला,” हाँ मैडम, उस दिन आपके सामने तो ख़ान उस एक्ट्रेस सना के साथ था.”

“तो क्या उसने…….उसने सना को चोदा है…..उनन्नज्ग….क्या वो….” आँचल अब बंसल की चुदाई की बातों सुनकर और ज़्यादा उत्तेजित होने लगी.

“हाँ मैडम, सना को तो ख़ान ने उसी समय चोद दिया होगा.” बंसल ने और आग भड़काई. वो सब समझ रहा था की ये सेक्सी आँचल भी सना के नाम से उतनी ही उत्तेजित हो जाती है जितना वो खुद हो जाता था.

“आहह……..ओह…” बंसल के मुँह से सना की चुदाई की बात सुनकर आँचल ने सिसकारी ली.

अब बंसल ने आँचल के खूबसूरत चेहरे को अपने दोनो हाथों में पकड़ा और उसके रसीले होठों को चूसते हुए अपनी जीभ आँचल के मुँह में डाल दी. आँचल को कोई विरोध ना करते देखकर उसने आँचल के होंठ दाँत से काट दिए और जीभ उसके मुँह में घुमाकर उसे चूसने लगा. फिर आँचल के चेहरे , उसके गुलाबी गालों को जीभ से चाटने लगा.

“ओह्ह …. बंसल जी …” आँचल सिसकी. बंसल उसे पागलों की तरह चूम रहा था , आँचल को सांस लेने में परेशानी हुई.

बंसल ने अपनी लार से आँचल का पूरा मुँह गीला कर दिया. उत्तेजना से आँचल भी बंसल की गर्दन आगे को खींचकर उसके होठों पर चुंबन लेने लगी. और अपनी जीभ उसके मुँह में डालकर घुमाने लगी.

बंसल आँचल को अपने को चूमते देखकर बहुत खुश हुआ , उसको विश्वास ही नही हो रहा था की आँचल जैसी मादक औरत उसे चूम रही है.


आँचल बंसल का चुंबन ले रही थी. फिर उसने अपने होठों को बंसल के होठों से अलग किया और सिसकारी ली,” ओह्ह …. बंसल जी…”

आँचल को उत्तेजित देखकर बंसल ने सोचा , आज इसे अकेले चोदने का अच्छा मौका है. वो फटाफट जाकर केबिन का दरवाज़ा लॉक कर आया. फिर आँचल को चेयर से उठाकर उसने टेबल पर बैठा दिया. आँचल ने बंसल के पैंट की ज़िप खोल दी और अंडरवियर के बाहर से उसके लंड पर हाथ फेरने लगी.

बंसल आँचल का ब्लाउज उतारने लगा और उसकी ब्रा के स्ट्रैप्स निकालकर आँचल के बूब्स को फ्री कर दिया. आँचल के गोरे गोरे बड़े बूब्स को देखकर लार टपकाते हुए बंसल उनपर टूट पड़ा. आँचल के बूब्स को चूसने , मसलने और काटने लगा. आँचल अब ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी.

बंसल ने ज़ोर से उसके बूब्स मसलते हुए कहा,” तेरे मुममे तो बहुत चिकने और बड़े बड़े हैं. मज़ा आ रहा है इन्हे मसलने और चूसने में.”

“ओइइ……….ओह….उननगज्गग……आआहह….” आँचल अपने बूब्स मसले जाने से ज़ोर से सिसकी.

आँचल की सिसकारियों से बंसल बहुत कामोत्तेजित हो गया , उसे लगा जल्दी से इसे नही चोदा तो पैंट में ही झड़ जाऊंगा. उसे मालूम था ज़्यादा देर तक वो ठहर नही पाएगा. उसने अपने सपने में भी कभी ऐसी सेक्सी औरत को चोदने की कल्पना नही की थी. ये उसकी खुशकिस्मती थी की आँचल जैसे खूबसूरत औरत से उसकी मुलाकात हो गयी.

बंसल ने आँचल को टेबल से उतारा और जल्दी जल्दी उसकी साड़ी और पेटिकोट उतारने लगा. उत्तेजना और जल्दी मचाने से उसकी सांस फूल रही थी. आँचल को नंगी करके बंसल ने उसकी चूत पर हाथ फेरा और दो उंगलियाँ चूत में घुसा दी.

आँचल की चूत रस से इतनी गीली हो रखी थी की बंसल की उंगलियाँ भीग गयी. बंसल ने आँचल को दुबारा टेबल में बैठने का इशारा किया. और अपना पैंट उतारने लगा. उसके खड़े लंड से प्रीकम निकल रहा था.

फिर उसने आँचल को टेबल पर लिटा दिया और उसकी टाँगे अलग करके गीली चूत में अपना लंड घुसा दिया.
“उंग़ग्ग….ओह्ह ….” चूत में लंड घुसते ही आँचल सिसकी.

मोटा बंसल धक्के मारकर चूत में लंड अंदर बाहर करने लगा. टेबल के ऊपर ग्लास (काँच) था, उससे आँचल को अपनी नंगी पीठ और नितंबों पर ठंडी लग रही थी. लेकिन उसकी गरम चूत में बंसल का लंड रगड़कर और गर्मी पैदा कर रहा था. बंसल के धक्कों से ग्लास के ऊपर उसका पूरा बदन हिल रहा था.

“आहह…ओह…बंसल जी…” चुदाई के मज़े लेते हुए आँचल सिसकी.

लेकिन बंसल ज़्यादा देर नही रुक पाया और आँचल की चूत में कुछ बूँद वीर्य गिराकर उसने अपना मुरझाया हुआ लंड चूत से बाहर निकाल लिया और फटाफट पैंट पहन लिया. टेबल पर आँचल सिसकारियाँ ले रही थी. उसको अभी ओर्गास्म नही आया था. उसका आधे में मज़ा खराब हो गया.

बंसल को कपड़े पहनते देख वो बोली,” उंग़ग्ग…….बंसल जी चोदो ना……चोदो प्लीज़…” और फ्रस्ट्रेशन में अपनी गांड ऊपर को उछालने लगी.

बंसल ने एक हाथ से आँचल का बांया नितंब टाइट पकड़ा और दूसरे हाथ की दो उंगलियाँ उसकी तड़पती चूत में डालकर बोला,” साली मैं ख़ान तो नही हूँ, जो इतनी देर तक तुझे चोदते रहा, वो भी उस सना को दोपहर में चोदने के बाद.”

फिर वो अंगूठे से आँचल की क्लिट को मसलते हुए उसकी चूत में उंगलियाँ अंदर बाहर करने लगा. और उसको ओर्गास्म दिलाने की कोशिश करने लगा.

“हाँ हाँ ….उईईईईई…ऐसे ही करते रहो……ओह्ह …मज़ा आ रहा है……” बंसल की उंगलियों से चुदाई के जवाब में अपनी गांड ऊपर को उछालते हुए आँचल सिसकी.

कुछ ही देर में आँचल को ओर्गास्म आ गया और वो सिसकारियाँ लेते हुए झड़ गयी.
बंसल ने अपनी उंगलियाँ चूत से निकालकर आँचल के मुँह में डाल दी और उससे चाटकर साफ करवाई.

फिर आँचल टेबल से उतर गयी और अपने कपड़े उठाकर केबिन से लगे हुए बाथरूम में चली गयी.

बाथरूम से आकर उसने बंसल को फोन पर बात करते हुए देखा.
बंसल ख़ान से फोन पर बात कर रहा था,” हाँ , और उस सना को भी बुला लेना. मैं तो बोलता हूँ की दोनो को ही साथ साथ चोदो ख़ान भाई. और साथ में कैमरा भी ऑन रखो.”

आँचल को बाथरूम से बाहर आते देखकर बंसल फोन पर बोला,” हम कल दोपहर में आ जाएँगे.” और फिर फोन बंद कर दिया.

आँचल ने बंसल की बात नही सुनी थी. उसे नही मालूम था की ख़ान और बंसल ने कैमरा लगाकर सना और आँचल को साथ साथ चोदने का प्लान बनाया है.

आँचल ने बंसल से पूछा,” किससे बात हो रही थी ?”

बंसल बोला,” ख़ान के कल दोपहर को अपने ऑफिस बुलाया है. वहाँ लोन पेपर्स पर साइन करने होंगे और लोन का चेक मिल जाएगा.”

फिर बंसल आँचल की कमर में हाथ डालते हुए बोला,” मैडम, आपकी सारी प्यास कल ख़ान भाई बुझायेँगे. बस आप कल ब्रा या पैंटी मत पहनना.”

आँचल ख़ान के साथ एक और चुदाई का मज़ा लेने के ख्याल से उत्तेजित हो गयी. उसने सोचा कल तो ऐसे तैयार होकर जाऊँगी की बिल्कुल कयामत ढा दूँगी.

Chudai ke anand se trapt hokar Aanchal raat mein khoob maze se soyi. Nind mein usko Khan aur uske sath chudai ke sapne aaye. Usne sapne mein Sana ko bhi dekha aur Sana aur khan ke sath threesome chudai ke maze liye.

Subah jab Aanchal ki mummy usko chai dene aayi to usne dekha Aanchal nind mein kamuk siskariyan le rahi hai. Mummy ke chehre par muskurahat aa gayi. Usne socha Aanchal nind mein apne pati Sunil ko yaad kar rahi hai , jise tour par gaye hue ek hafte se jyada ho gaya tha.

Mummy ne Aanchal ko hilaya,” utho Aanchal.”

Aanchal ne aankhe kholi , samne mummy khadi thi. Aanchal sapne mein khan aur Sana se threesome ke maze le rahi thi , mummy ne utha ke maza kharab kar diya.
Aanchal ne munh banaya.

Mummy samajh gayi , mene iska sapna todkar maza kharab kar diya hai.
Wo boli,” Aanchal tum Sunil ko phone karke wapas kyun nahi bula leti ? aisa lag raha hai ki tum Sunil ko miss kar rahi ho. Tumhara akele rehna theek nahi hai khaskar ki jab tumhari shadi ko jyada time nahi hua hai.”

Aanchal mummy ko dekhkar muskurayi aur sochne lagi, aap kya jano sacchayi kya hai. Mai Sunil ke nahi kisi aur ke sapne dekh rahi hun.

Aanchal ne angdayi lete hue socha, thank god , aaj Sunday hai. Aanchal ko aaram ki jarurat thi. Jabardast chudai se uski choot aur badan dard kar raha tha.

Aanchal ne bathroom mein bathtub mein baithkar der tak garam pani se nahaya.
Uske baad Aanchal ne Sunil ko phone kiya,” Sunil acchi khabar hai ki hamein khan se 20 lakh ka loan mil gaya hai. Sayad wo kal mujhe cheque de dega.”

Sunil ne rahat ki sans li aur bola,” Aanchal tumne khan se loan nikalwa liya. Ye to bahut accha hua. Jab cheque mil jaye to mujhe phone kar dena. Mai wapas aa jaunga.”

Aanchal ne pura din TV dekhne, sone, khane pine aur apne mummy papa ke sath baat karne mein bitaya. Aaj uska mood bahut accha tha. Usko sexual satisfaction bhi pura mila tha aur loan milne se paise ki pareshani bhi door ho jane wali thi.

Dopahar baad Ramu uske bedroom mein aaya to Aanchal ne use lauta diya. Aaj uska Ramu ke sath chudai ka mann nahi tha. Wo apni tangon ke beech takiya dalkar , Khan aur Sana ke bare mein sapne dekhte hue soti rahi.

Agli subah Aanchal acche mood se factory pahunchi. Apne cabin mein chai pite hue wo Sana ke bare mein sochne lagi. Sana sirf ek film mein heroine bani thi. Uske baad ki kuch films mein wo side heroine bani thi aur ab usko sirf item songs hi mil rahe the. Filmon se jyada wo apni personal life se charcha mein rehti thi. Suru mein ek bade hero ke sath rangreliyon ke liye aur ab khan jese bade financer aur industry ke paise wale logon ke sath raat bitane ke liye wo charcha mein rehti thi.

Aanchal ko Sana aur uski style sexy lagti thi. Khan se chudte hue Sana kesi lagegi,is khyal se Aanchal ko uttezna aane lagi aur uski choot gili ho gayi.
Aanchal apne cabin mein baithkar yahi sab sapne dekhkar uttezit ho rahi thi ki tabhi Bansal uske cabin mein aaya.

“Madam ye aapki gold chain , raat ko mai aapko pehnana bhool gaya tha.”

Aanchal ekdum se jhenp kar sharma gayi. Use yaad aaya ki Bansal ne raat mein kapde pahnne mein uski madad ki thi. Ab use us baat ko yaad karke bahut sharam aayi.

Aanchal ko sharmakar laal hote dekhkar Bansal bola,” Madam, kaisa laga aapko Khan ? bahut bada hai na ?”

“ungg….haan…” khan ke bade lund aur usse apni choot ki ragdayi ko yaad karte hue Aanchal ne jawab diya.

“Madam, usne bahut si aurton ko choda hai. Kai actresses ko bhi.” Bansal Aanchal ke kareeb baithte hue bola aur Aanchal ke chehre ko apne hathon se sehlane laga.

Aanchal ne Bansal ki harkaton ko nazarandaaz kar diya aur koi virodh nahi kiya. Wo janti thi bhale hi bansal uska manager hai lekin ab wo use pehle jese daant nahi sakti.

Balki abhi apne cabin mein baithkar wo khan aur sana ke hi baare mein sochkar uttezit ho rahi thi. Wo Bansal se khan ke karnamo ke baare mein aur janna chahti thi.

“unnnggg…..…Bansalji sach keh rahe ho aap ? bahut si heroines ke sath…?” Aanchal ne jhijhakte hue pucha.

Aanchal ke gore gaal par chikoti kat-te hue bansal bola,” haan madam, us din aapke samne to Khan us actress Sana ke sath tha.”

“to kya usne…….usne Sana ko choda hai…..unnngg….kya wo….” Aanchal ab Bansal ki chudai ki baaton sunkar aur jyada uttezit hone lagi.

“haan madam, Sana ko to Khan ne usi samay chod diya hoga.” Bansal ne aur aag bhadkayi. Wo sab samjh raha tha ki ye sexy Aanchal bhi Sana ke naam se utni hi uttezit ho jati hai jitna wo khud ho jata tha.

“Aahhh……..ohhhhh…” Bansal ke munh se Sana ki chudai ki baat sunkar Aanchal ne siskari li.

Ab bansal ne Aanchal ke khoobsurat chehre ko apne dono hathon mein pakda aur uske rasele hothon ko chooste hue apni jeebh Aanchal ke munh mein daal di.

Aanchal ko koi virodh na karte dekhkar usne Aanchal ke hothon daant se kaat diye aur jebbh uske munh mein ghumakar use choosne laga. Phir Aanchal ke chehre , uske gulabi gaalon ko jeebh se chatne laga.

“ohhh ….Bansalji…” Aanchal siski. Bansal use paaglon ki tarah choom raha tha , Aanchal ko sans lene mein pareshani hui.

Bansal ne apni laar se Aanchal ka pura munh gila kar diya. Uttezna se Aanchal bhi Bansal ki gardan aage ko khinchkar uske hothon par chumban lene lagi. aur apni jeebh uske munh mein dalkar ghumane lagi.

Bansal Aanchal ko apne ko choomte dekhkar bahut khush hua , usko viswas hi nahi ho raha tha ki Aanchal jaisi madak aurat use choom rahi hai.



Aanchal bansal ka chumban le rahi thi. Phir usne apne hothon ko bansal ke hothon se alag kiya aur siskari li,” ohh…. Bansal ji…”

Aanchal ko uttezit dekhkar Bansal ne socha , aaj ise akele chodne ka accha mauka hai. Wo fatafat jakar cabin ka darwaza lock kar aaya. Phir Aanchal ko chair se uthakar usne table par baitha diya. Aanchalne Bansal ke pant ki zip khol di aur underwear ke bahar se uske lund par hath ferne lagi.

Bansal Aanchal ka blouse utarne laga aur uski bra ke straps nikalkar Aanchal ke boobs ko free kar diya. Aanchal ke gore gore bade boobs ko dekhkar laar tapkate hue bansal unpar tut pada. Aanchal ke boobs ko choosne , masalne aur katne laga. Aanchal ab jor se siskariyan lene lagi.

Bansal ne jor se uske boobs masalte hue kaha,” tere mumme to bahut chikne aur bade bade hain. Maza aa raha hai inhe masalne aur choosne mein.”

“oiiii……….ohhhhhhhhh….unngggg……aaaahhhhhhh….” Aanchal apne boobs masle jane se jor se siski.

Aanchal ki siskariyon se Bansal bahut kamottezit ho gaya , use laga jaldi se ise nahi choda to pant mein hi jhad jaunga. Use malum tha jyada der tak wo thahar nahi payega. Usne apne sapne mein bhi kabhi aise sexy aurat ko chodne ki kalpana nahi ki thi. Ye uski khuskismati thi ki Aanchal jaise khoobsurat aurat se uski mulakat ho gayi.

Bansal ne Aanchal ko table se utara aur jal di jaldi uski saree aur petticoat utarne laga. Uttezna aur jaldi machane se uski sans fool rahi thi. Aanchal ko nangi karke Bansal ne uski choot par hath fera aur do ungliyan choot mein ghusa di.

Aanchal ki choot ras se itni gili ho rakhi thi ki bansal ki ungliyan bhig gayi. Bansal ne Aanchal ko dubara table mein baithne ka ishara kiya. Aur apna pant utarne laga. Uske khada lund se precum nikal raha tha.

Phir usne Aanchal ko table par lita diya aur uski tange alag karke gili choot mein apna lund ghusa diya.

“unggg…..ohhh….” choot mein lund guste hi Aanchal siski.

Mota Bansal dhakke markar choot mein lund andar bahar karne laga. Table ke upar glass (kanch) tha, usse Aanchal ko apni nangi peeth aur nitambon par thandi lag rahi thi. Lekin uski garam choot mein bansal ka lund ragadkar aur garmi paida kar raha tha. Bansal ke dhakkon se glass ke upar uska pura badan hil raha tha.
“Aahhh…ohhhhh…Bansal ji…” chudai ke maze lete hue Aanchal siski.

Lekin Bansal jyada der nahi ruk paya aur Aanchal ki choot mein kuch boond viry girakar usne apna murjhaya hua lund choot se bahar nikaal liya aur fatafat pant pahan liya. Table par Aanchal siskariyan le rahi thi. Usko abhi orgasm nahi aaya tha. Uska aadhe mein maza kharab ho gaya.

Bansal ko kapde pahante dekh wo boli,” unggg…….Bansal ji chodo na…….chodo please…” aur frustration mein apni gand upar ko uchalne lagi.

Bansal ne ek hath se Aanchal ka baya nitamb tight pakda aur dusre hath ki do ungliyan uski tadapti choot mein dalkar bola,” saali mein Khan to nahi hun, jo itni der tak tujhe chodte raha, wo bhi us sana ko dophar mein chodne ke baad.”

Phir wo anguthe se Aanchal ki clit ko masalte hue uski choot mein ungliyan andar bahar karne laga. Aur usko orgasm dilane ki koshish karne laga.

“haan haan ….uiiiiiii…aise hi karte raho……ohhhh…maza aa raha hai……” bansal ki ungliyon se chudai ke jawab mein apni gand upar ko uchalte hue Aanchal siski.

Kuch hi der mein Aanchal ko orgasm aa gaya aur wo siskariyan lete hue jhad gayi.
Bansal ne apni ungliyan choot se nikaalkar Aanchal ke munh mein daal di aur usse chatkar saaf karwayi.

Phir Aanchal table se utar gayi aur apne kapde uthakar cabin se lage hue bathroom mein chali gayi.

Bathroom se aakar usne Bansal ko phone par baat karte hue dekha.
Bansal Khan se phone par baat kar raha tha,” haan , aur us sana ko bhi bula lena. Mai to bolta hun ki dono ko hi sath sath chodo khan bhai. Aur sath mein camera bhi on rakho.”

Aanchal ko bathroom se bahar aate dekhkar Bansal phone par bola,” hum kal dopahar mein aa jayenge.” Aur phir phone band kar diya.

Aanchal ne Bansal ki baat nahi suni thi. Use nahi malum tha ki Khan aur Bansal ne camera lagakar Sana aur Aanchal ko sath sath chodne ka plan banaya hai.

Aanchal ne Bansal se pucha,” kisse baat ho rahi thi ?”

Bansal bola,” khan ke kal dopahar ko apne office bulaya hai. Wahan loan papers par sign karne honge aur loan ka cheque mil jayega.”

Phir Bansale Aanchal ki kamar mein hath dalte hue bola,” Madam, aapki sari pyas kal Khan bhai bujhayenge. Bas aap kal bra ya panty mat pahanna.”

Aanchal Khan ke sath ek aur chudai ka maza lene ke khyal se uttezit ho gayi. Usne socha kal to aise tayyar hokar jaungi ki bilkul kayamat dha dungi.

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