आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 20 Nov 2017 13:38

ऑफिस से लौटते समय आँचल ब्यूटी पार्लर गयी. वहाँ उसने वैक्सिंग और फेशियल करवाया. और अपनी कांख भी शेव करवाई. कल ख़ान को वो अपनी खूबसूरती से और भी इंप्रेस करना चाहती थी.

रात में अपने बेडरूम में लेटे हुए उसने सुनील को फोन किया और उसे बताया की कल साजिद ने उसे लोन डॉक्युमेंट्स साइन करने के लिए अपने ऑफिस बुलाया है. एक्साइट्मेंट में उसने ख़ान की तारीफ भी कर दी की वो कितना हैंडसम और आकर्षक़ पर्सनालिटी वाला है और कितने लोग उससे अपायंटमेंट लेने के लिए उसके ऑफिस में घंटो वेट करते हैं.

सुनील लोन मिलने की बात से खुश हुआ. लेकिन उसने महसूस किया की आँचल ख़ान से बहुत प्रभावित लग रही है और उसकी बड़ी तारीफ किए जा रही है. अपनी बीवी को दूसरे आदमी की तारीफ करते देखकर सुनील को ख़ान से जलन हुई. सुनील ने ये भी गौर किया की पहले तो आँचल मिस्टर ख़ान कहती थी , आज साजिद कह रही है. उसे अच्छा नही लगा , लेकिन उसने आँचल के उत्साह को देखते हुए उससे इस बारे में कुछ नही कहा. सुनील ने कहा की लोन का चेक मिलते ही मुझे फोन कर देना फिर मैं वापस आने की तैयारी करूँगा.

रात में आँचल को ठीक से नींद नही आई. वो ख़ान के ख़यालो में ही डूबी रही. ख़ान जैसे फिल्म इंडस्ट्री के बड़े आदमी से वो बहुत प्रभावित हो गयी थी. आँचल ख़ान की तरफ आकर्षित थी. ख़ान पैसेवला था, अच्छी पर्सनालिटी थी, रोबदार आवाज़ थी और सबसे बड़ी बात आँचल को उसने जी भरकर कामतृप्त किया था. आँचल की चूत ख़ान का लंड एक बार फिर लेने के लिए तड़प रही थी. ख़ान के मजबूत हाथों का अपने बूब्स पर स्पर्श, उसके चूत पर पड़ते जोरदार धक्के और आँचल के नितंबों पर उसका थप्पड़ मारना , ये सब आँचल को याद आता रहा. वो कब रात खत्म हो और सुबह आए इसका इंतज़ार करने लगी.

सुबह उठकर आँचल ने बाथटब में सुगंधित साबुन से नहाया और फिर तौलिए से बदन पोछकर बेडरूम में आई. फिर उसने गुलाबी ब्लाउज के साथ जीन्स पहनी. उसने ब्रा नही पहनी थी. गुलाबी ब्लाउज में उसके निपल साफ़ साफ़ दिख रहे थे. आँचल ने मिरर में अपने को देखा , उसे लगा ये कुछ ज़्यादा हो गया. उसके मम्मी पापा क्या सोचेंगे , ऑफिस को ऐसे जा रही है.

उसने ब्लाउज उतारकर एक लेसी ब्रा पहाँ ली जो उसके बड़े बूब्स को आधा ढक रही थी. फिर उसने एक गुलाबी लो नेक वाली टीशर्ट पहाँ ली जिससे उसकी अच्छे से क्लीवेज दिख रही थी. इन सब में उसे देर हो गयी और वो फटाफट कार चलाकर ऑफिस पहुँच गयी. ऑफिस के रुटीन काम में आज उसका बिल्कुल मन नही लग रहा था. वो बार बार टाइम देख रही थी.

बंसल आँचल के केबिन में आया. आँचल को टीशर्ट और जीन्स में देखकर बोला,” मैडम आज तो आप बहुत ही खिली खिली लग रही हो , बहुत ही खूबसूरत.”

फिर उसका ध्यान आँचल के बूब्स पर गया और उसने देखा की मना करने के बावजूद आँचल ने ब्रा पहनी है.
“मैडम , मैने आपको कहा था ना की ख़ान भाई आपको बिना ब्रा के देखकर खुश हो जाएँगे, फिर क्यों आप अपने इतने मस्त मुममे बाँधकर रखती हैं.”
फिर वो आँचल के पास आकर एक हाथ से उसका खूबसूरत चेहरा सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसका एक बूब दबाने लगा.

आँचल बंसल की बात का कोई जवाब देती उससे पहले ही उसके फोन की घंटी बजने लगी. उसके ससुर का फोन था. सुनील ने उसे बता दिया था की आँचल ने ख़ान से लोन निकलवा लिया है. ससुर ने आँचल को बधाई देने के लिए फोन किया था.

“थैंक यू ससुरजी , लेकिन चेक अभी मिला नही है, आज मिलने वाला है.” आँचल ने शरमाते हुए जवाब दिया. बंसल अब उसकी चेयर के पीछे खड़ा था और उसके बूब्स दबाते हुए उसकी गर्दन को चूम रहा था.

ससुर ने आँचल की शारीरिक ज़रूरतों की तरफ इशारा किया,” और तू तो पति के बिना तड़प रही होगी.”

“”ओह्ह …हाँ, सुनील कह रहा था की वो एक दो दिन में वापस आ जाएगा.” ससुर की बात में छिपे मतलब को नज़रअंदाज़ करते हुए आँचल ने जवाब दिया.

“अरे मेरी जान, मैं कल आ रहा हूँ, तेरी प्यास बुझाने. सुनील तो दो दिन बाद आएगा . मुझे तेरी बहुत याद आ रही है.” ठरकी ससुर बोला.

“उम्म्म्म…….हाँ ससुरजी ठीक है, तो कल मिलेंगे.” आँचल ने जवाब दिया. अब बंसल ने उसकी टीशर्ट उतार दी थी और ब्रा को उतारने की कोशिश कर रहा था.

ससुर : “बोल सच बोल, तुझे भी मेरी याद आ रही है ?”

“उम्म्म्म…..हाँ ससुरजी….मैं फोन रख रही हूँ …ओह्ह …” आँचल के मुँह से सिसकी निकल गयी. क्यूंकी बंसल ने अब उसकी ब्रा भी उतारकर , उसके बड़े बूब्स को नंगा कर दिया था और उसके निपल्स को मसलने में लगा हुआ था.

ससुर : “ क्या……क्या ? फोन मत रख , अभी तो तेरे से बहुत बातें करनी है, और कल आते ही मैं तुझे दिखाऊँगा की औरत को असली मर्द कैसे चोदता है.”

“ओह…..क्या…आआअहह….?” आँचल ने सिसकी ली , बंसल अब उसके आगे आकर उसके निपल को मुँह में भरकर चूस रहा था.

ससुर : “ देख मैं ठीक बोलता था, तू कितनी तड़प रही है. तेरी तड़पन सुनकर तो मेरा लंड खड़ा हो गया है, मेरी जान” . ससुर सोच रहा था की उसकी बहू कल उसके साथ चुदाई को लेकर एक्साइट हो रही है और तभी फोन पर सिसकारियाँ ले रही है.

ससुर की बातों से आँचल भी समझ गयी की ससुर उसकी सिसकारियों को अपने लिए समझ रहा है. बंसल की हरकतों और ससुर की ठरकी बातों से उत्तेजित होकर आँचल की चूत गीली हो गयी. उसने फोन पर ज़ोर से सिसकारी ली.
…आआअहह……………..ऊऊहह……उन्न्नननगगगगगगग……………..

बंसल भी फोन पर ससुर की बातें सुन रहा था. आँचल के बूब्स को चूसते हुए उसने सुना की ससुर भी आँचल के पीछे पड़ा है और उसे चोदना चाहता है.

आँचल को फोन पर ज़ोर से सिसकारी लेते देखकर ससुर बोला,” साली , तू तो बड़ी मस्त चीज़ है रे…मेरा लंड तो तेरी सिसकारी सुनकर तड़प रहा है, तेरी चूत में घुसने के लिए. पर पहले तो मैं तेरे से चुसवाऊँगा …..चूसेगी ना मेरा लंड ?”

“हाँ……उउउऊऊहह…..उम्म्म्मम….” आँचल ने फोन पर सिसकारी ली.

ससुर की लंड चूसने की बात से अब वो पूरी उत्तेजित हो चुकी थी. उसने फोन बंद कर दिया. और बंसल के पैंट की ज़िप खोलकर उसका लंड बाहर निकाल लिया. और लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

बंसल आँचल की हरकत से आश्चर्यचकित रह गया. फिर मादक आँचल को अपना लंड चूसते देखकर वो मज़े से सातवे आसमान में उड़ने लगा.

आँचल ने बंसल के लंड को चूसते हुए उसकी गोलियों को हाथ से सहलाया. बंसल जल्दी ही झड़ गया और उसने आँचल के मुँह में वीर्य गिरा दिया. आँचल सब वीर्य निगल गयी.

होश में आने के बाद आँचल को अपनी हरकत पर खुद भी आश्चर्य हुआ लेकिन उत्तेजित होकर वो अपने ऊपर काबू नही रख पाती थी. उत्तेजित होने पर उसे कैसे भी हो, लंड चाहिए होता था.

झड़ने के बाद खुश होकर बंसल ने अपना पैंट ऊपर किया. आँचल ने भी अपनी टीशर्ट पहन ली लेकिन अबकी बार ब्रा नही पहनी.
ख़ान उसके बड़े बूब्स को बिना ब्रा के टीशर्ट में बाउन्स करते देखेगा और उसके निपल भी टीशर्ट में बाहर को तने हुए दिख रहे थे , ये सोचकर आँचल रोमांचित हो गयी.

आँचल बंसल से बोली,” अब चलते हैं. बंसल जी मैं अब और इंतज़ार नही कर सकती.”


Office se laut te samay Aanchal beauty parlour gayi. Wahan usne waxing aur facial karwaya. Aur apni armpits bhi shave karwayi. Kal Khan ko wo apni khoobsurati se aur bhi impress karna chahti thi.

Raat mein apne bedroom mein lete hue usne Sunil ko phone kiya aur use bataya ki kal Sajid ne use loan documents sign karne ke liye apne office bulaya hai. Excitement mein usne Khan ki tareef bhi kar di ki wo kitna handsome aur akarshaq personality wala hai aur kitne log usse appointment lene ke liye uske office mein ghanto wait karte hain.

Sunil loan milne ki baat se khush hua. Lekin usne mehsoos kiya ki Aanchal Khan se bahut prabhawit lag rahi hai aur uski badi tareef kiye ja rahi hai. Apni biwi ko dusre aadmi ki tareef karte dekhkar Sunil ko khan se jalan hui. Sunil ne ye bhi gaur kiya ki pehle to Aanchal Mr Khan kehti thi , aaj Sajid keh rahi hai. Use accha nahi laga , lekin usne Aanchal ke utsah ko dekhte hue usse is bare mein kuch nahi kaha. Sunil ne kaha ki loan ka cheque milte hi mujhe phone kar dena phir mai wapas aane ki tayyari karunga.

Raat mein Aanchal ko theek se nind nahi aayi. Wo khan ke khayalo mein hi doobi rahi. Khan jaise film industry ke bade aadmi se wo bahut prabhawit ho gayi thi. Aanchal khan ki taraf akarshit thi. Khan paisewala tha, acchi personality thi, robdar awaz thi aur sabse badi baat Aanchal ko usne ji bharkar kaamtript kiya tha. Aanchal ki choot khan ka lund ek baar phir lene ke liye tadap rahi thi. Khan ke majboot hathon ka apne boobs par sparsh, uske choot par padte jordar dhakke aur Aanchal ke nitambon par uska thappad marna , ye sab Aanchal ko yaad aata raha. Wo kab raat khatam ho aur subah aaye iska intzar karne lagi.

Subah uthkar Aanchal ne bathtub mein sugandhit sabun se nahaya aur phir tauliye se badan pochkar bedroom mein aayi. Phir usne gulabi blouse ke sath jeans pehni. Usne bra nahi pehni thi. gulabi blouse mein uske nipple saaf saaf dikh rahe thei. Aanchal ne mirror mein apne ko dekha , use laga ye kuch jyada ho gaya. Uske mummy papa kya sochenge , office ko aise ja rahi hai.

Usne blouse utarkar ek lacy bra pahan li jo uske bade boobs ko aadha dhak rahi thi. Phir usne ek gulabi low neck wali tshirt pahan li jisse uski acche se cleavage dikh rahi thi. In sab mein use der ho gayi aur wo fatafat car chalakar office pahunch gayi. Office ke routine kaam mein aaj uska bilkul man nahi lag raha tha. Wo baar baar time dekh rahi thi.

Bansal Aanchal ke cabin mein aaya. Aanchal ko tshirt aur jeans mein dekhkar bola,” madam aaj to aap bahut hi khili khili lag rahi ho , bahut hi khoobsurat.”

Phir uska dhyan Aanchal ke boobs par gaya aur usne dekha ki mana karne ke bawjood Aanchal ne bra pehni hai.
“Madam , maine aapko kaha tha na ki Khan bhai aapko bina bra ke dekhkar khus ho jayenge, phir kyon aap apne itne mast mumme bandhkar rakhti hai.”

Phir wo Aanchal ke pass aakar ek hath se uska khoobsurat chehra sehlane laga aur dusre hath se uska ek boob dabane laga.

Aanchal Bansal ki baat ka koi jawab deti usse pehle hi uske phone ki ghanti bajne lagi. uske sasur ka phone tha. Sunil ne use bata diya tha ki Aanchal ne khan se loan nikalwa liya hai. Sasur ne Aanchal ko badhai dene ke liye phone kiya tha.

“ Thank you Sasurji , lekin cheque abhi mila nahi hai, aaj milne wala hai.” Aanchal ne sharmate hue jawab diya. Bansal ab uski chair ke piche khada tha aur uske boobs dabate hue uski gardan ko choom raha tha.

Sasur ne Aanchal ki sharirik jaruraton ki taraf ishara kiya,” aur tu to pati ke bina tadap rahi hogi.”

“”ohhh…haan, Sunil keh raha tha ki wo ek do din mein wapas aa jayega.” Sasur ki baat mein chipe matlab ko nazarandaz karte hue Aanchal ne jawab diya.

“are meri jaan, mai kal aa raha hun, teri pyas bujhane. Sunil to do din baad aayega . mujhe teri bahut yaad aa rahi hai.” Tharki sasur bola.

“ummmm…….haan sasurji theek hai, to kal milenge.” Aanchal ne jawab diya. Ab Bansal ne uski tshirt utar di thi aur bra ko utarne ki koshish kar raha tha.

Sasur : “bol sach bol, tujhe bhi meri yaad aa rahi hai ?”

“ummmm…..haan sasurji….mai phone rakh rahi hun …ohhhh…” Aanchal ke munh se siski nikal gayi. Kyunki Bansal ne ab uski bra bhi utarkar , uske bade boobs ko nanga kar diya tha aur uske nipples ko masalne mein laga hua tha.

Sasur : “ kya……kya ? phone mat rakh , abhi to tere se bahut batein karni hai, aur kal aate hi mai tujhe dikhaunga ki aurat ko asli mard kaise chodta hai.”

“ohhhhh…..kya…aaaaahhhhh….?” Aanchal ne siski li , Bansal ab uske aage aakar uske nipple ko munh mein bharkar choos raha tha.

Sasur : “ dekh mai theek bolta tha, tu kitni tadap rahi hai. Teri tadpan sunkar to mera lund khada ho gaya hai, meri jaan” . Sasur soch raha tha ki uski bahu kal uske sath chudai ko lekar excite ho rahi hai aur tabhi phone par siskariyan le rahi hai.

Sasur ki baaton se Aanchal bhi samajh gayi ki sasur uski siskariyon ko apne liye samajh raha hai. Bansal ki harkaton aur Sasur ki tharki baaton se uttezit hokar Aanchal ki choot gili ho gayi. Usne phone par jor se siskari li.
…aaaaahhhhhhhhh……………..oooohhhhhhhhhhhhh……unnnnnggggggg……………..

Bansal bhi phone par sasur ki baatein sun raha tha. Aanchal ke boobs ko chuste hue usne suna ki sasur bhi Aanchal ke piche pada hai aur use chodna chahta hai.

Aanchal ko phone par jor se siskari lete dekhkar Sasur bola,” Saali , tu to badi mast cheez hai re…mera lund to teri siskari sunkar tadap raha hai, teri choot mein ghusne ke liye. Par pahle to mai tere se chuswaunga …..chusegi na mera lund ?”

“haan……uuuoooohhhhh…..ummmmm….” Aanchal ne phone par siskari li.

Sasur ki lund choosne ki baat se ab wo puri uttezit ho chuki thi. Usne phone band kar diya. Aur Bansal ke pant ki zip kholkar uska lund bahar nikaal liya. Aur lund munh mein lekar choosne lagi.

Bansal Aanchal ki harkat se ascharyachakit reh gaya. Phir madak Aanchal ko apna lund chooste dekhkar wo maze se satve asmaan mein udne laga.

Aanchal ne Bansal ke lund ko chooste hue uski goliyon ko hath se sahlaya. Bansal jaldi hi jhad gaya aur usne Aanchal ke munh mein viry gira diya. Aanchal sab viry nigal gayi.

Hosh mein aane ke baad Aanchal ko apni harkat par khud bhi ascharya hua lekin uttezit hokar wo apne upar kaboo nahi rakh pati thi. Uttezit hone par use kaise bhi ho, lund chahiye hota tha.

Jhadne ke baad khush hokar Bansal ne apna pant upar kiya. Aanchal ne bhi apni tshirt pahan li lekin abki baar bra nahi pahni.
Khan uske bade boobs ko bina bra ke tshirt mein bounce karte dekhega aur uske nipple bhi tshirt mein bahar ko tane hue dikh rahe the , ye sochkar Aanchal romanchit ho gayi.

Aanchal Bansal se boli,” ab chalte hain. Bansal ji mai ab aur intzar nahi kar sakti.”

Re: आँचल की अय्याशियां

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rajsharma
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by rajsharma » 20 Nov 2017 14:47

मस्त मजेदार अपडेट हैं दोस्त
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Ankit » 20 Nov 2017 17:29

Superb update

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jay
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by jay » 20 Nov 2017 19:15

धमाकेदार कहानी है भाई

अगले अपडेट का इंतजार रहेगा
Read my other stories




(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


Read my fev stories

(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 21 Nov 2017 20:22

बंसल और आँचल कार में ख़ान के ऑफिस के लिए चले. रास्ते भर बंसल ,सना और आँचल की एक साथ चुदाई के ख़याल से एक्साइटेड होता रहा.

आँचल को सना के बारे में पता नही था , वो ख़ान के साथ चुदाई को लेकर एक्साइटेड हो रही थी.

दोनो अपने अपने ख़यालो में मगन चुपचाप बैठे रहे. जब वो ख़ान के ऑफिस पहुँचे तो उन्हे 1 घंटा वेटिंग रूम में इंतज़ार करना पड़ा क्यूंकी ख़ान ऑफिस नही पहुँचा था.

जब ख़ान ऑफिस आया तो उसको पता चला की आँचल पिछले 1 घंटे से उसका वेट कर रही है. ख़ान खुद वेटिंग रूम में उनको विश करने आया और दोनो को अपने केबिन में ले गया.

आँचल ने देखा ख़ान का केबिन बहुत बड़ा है और उसके बगल में उसका प्राइवेट रेस्टरूम भी है. आँचल बड़े मन से बन ठन के आई थी लेकिन ख़ान ने उसके लुक्स पर कोई कॉंप्लिमेंट नही दिया और सीधे काम पर लग गया. आँचल को बड़ी निराशा हुई. ख़ान ने अपने केबिन में सेक्रेटरी को बुलाया और उससे लोन डॉक्युमेंट्स लाने को कहा. डॉक्युमेंट्स आने पर ख़ान ने उनको पढ़ने लगा. आँचल ने देखा की ख़ान उसके ऊपर बिल्कुल ध्यान ही नही दे रहा. इग्नोर फील करने से आँचल के आँसू आ गये. फिर ख़ान ने आँचल से डॉक्युमेंट्स पर साइन करने को कहा. आँचल सर झुकाकर चुपचाप साइन करने लगी.

इस काम में 20 मिनिट लग गये. उसके बाद आँचल बाथरूम जाने के लिए उठ गयी. ख़ान उसको अपने बगल वाले कमरे में ले गया वहाँ बाथरूम था. बाथरूम में ठन्डे पानी से मुँह धोकर आँचल ने अपने को सम्हालने की कोशिश की लेकिन उसके आँसू बहने लगे और उसको रोना आ गया. वो ख़ान को इंप्रेस करने के लिए अच्छे मूड से आई थी और ख़ान आज उसको बिल्कुल मुँह नही लगा रहा था और उससे एक दूरी बनाए हुए था. सिर्फ़ एक बिज़नेस क्लाइंट की तरह उसे ट्रीट कर रहा था.

“ओह शीट ….ये मुझे क्या हो रहा है, मैं इतनी इमोशनल क्यूँ हो रही हूँ…” मिरर में अपने चेहरे को देखती हुई आँचल अपने को शांत करने का प्रयास करने लगी. 10 मिनिट बाद वो थोड़ा शांत हुई तो बाथरूम से बाहर आकर उसने देखा, ख़ान के प्राइवेट रूम में एक बड़ा बेड है. बेड के ऊपर सीलिंग में मिरर लगे हुए थे और एक तरफ की कमरे की दीवार पर भी सब जगह मिरर लगे हुए थे. आँचल एक पल वहाँ पर रुककर सोचने लगी , इस बड़े बेड में ख़ान ने ना जाने कितनी औरतों को चोदा होगा.

फिर आँचल ख़ान के केबिन में आ गयी. ख़ान किसी से फोन पर बात करने में बिज़ी था. आँचल को देखकर उसने सामने सोफे पर बैठने का इशारा किया. ऑफिस केबिन में उस समय ख़ान अकेला था. फोन पर बात करते हुए ख़ान आँचल को देखकर मुस्कुरा देता , आँचल भी जवाब में मुस्कुरा देती. आँचल ख़ान के चेहरे , उसकी चौड़ी छाती , आकर्षक़ पर्सनॅलिटी को देखती रही , मन ही मन सोचती रही कितना हैंडसम दिखता है ख़ान. वो पूरी तरह से ख़ान की तरफ आकर्षित थी , इसीलिए जब ख़ान ने उसकी तरफ ध्यान नही दिया था और उसके लुक्स, उसकी खूबसूरती के लिए दो शब्द भी नही कहे , तो उसे रोना आ गया था. लेकिन अब ख़ान उसकी तरफ ध्यान दे रहा था वरना उसकी तरफ देखकर मुस्कुराता क्यूँ ?

फोन पर बात खत्म करके ख़ान उठा और आँचल से सटकर सोफे में बैठ गया. उसने बताया की बंसल लोन डॉक्युमेंट्स को फॉरमॅलिटीस पूरा करने के लिए नोटरी के पास ले गया है और 1 घंटे में वापस आ जाएगा.
फिर बोला,” आँचल आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो. होटेल की उस रात , तुम्हारे साथ बिताए समय के बाद से मैं तुम्हारे ही बारे में सोचते रहा हूँ.”

ख़ान से अपनी तारीफ सुनकर आँचल का चेहरा खिल उठा और उसने अपनी जांघें ख़ान से और सटा दी.

अपनी बाँह को आँचल के कंधे पर डालकर आँचल को अपनी ओर खींचते हुए ख़ान बोला,” मुझे बहुत लंबे समय से इतना आनंद नही मिला जितना तुमसे मिला. आँचल वास्तव में तुम बहुत सेक्सी हो , बहुत…”, ख़ान का इशारा उस रात की चुदाई की तरफ था.

“साजिद, ऐसा तो आप उन सभी लड़कियों से कहते होगे, जो हमेशा आपको घेरे रहती हैं” आँचल मुस्कुराते हुए बोली. वो ख़ान से अपनी और तारीफ सुनने के मूड में थी. उसने एक हाथ ख़ान की जाँघ पर रख दिया.

ख़ान ने आँचल का हाथ अपनी जाँघ से हटाकर पैंट के बाहर से लंड पर रखते हुए कहा,” आँचल मेरी आँखो में देखो. आँखे झूठ नही बोलती. तुम्हे पता चल जाएगा की मैं सच कह रहा हूँ.”

आँचल ने ख़ान की आँखो में देखा. हैंडसम ख़ान की आँखो में अपने लिए तारीफ के भाव देखकर आँचल को एक्साइट्मेंट हुई. उसने एक हाथ बढ़ाकर ख़ान के चेहरे को प्यार से सहलाया.

और बोली,” ओह साजिद, यू मेक मी फील सो गुड.” वो अपना चेहरा उसके चेहरे के नज़दीक़ लाई . आँचल ख़ान को किस करना चाह रही थी, लेकिन औरत होने की वजह से पहल करने में वो झिझक रही थी.

ख़ान ने देखा आँचल फिर से उसके साथ चुदाई के लिए तैयार है. आँचल ने एक हाथ उसके लंड के ऊपर रखा हुआ था और वो अपना चेहरा उसके नज़दीक़ ले आई थी. ख़ान भी अपना चेहरा उसके नज़दीक़ लाया, उसने देखा , किस को एक्सपेक्ट करते हुए आँचल ने अपने होंठ खोल दिए हैं. ख़ान ने आँचल के रसीले होठों को चूमते हुए चुंबन ले लिया.

“ओह साजिद…” होठों का चुंबन लेते ही आँचल सिसकी. अब उसने पहल करते हुए ख़ान के मुँह में जीभ घुसा दी और अंदर जीभ घुमाने लगी.

ख़ान को आँचल की पहल से थोड़ा आश्चर्य हुआ. वो आँचल की जीभ का अपने मुँह में आनंद लेते रहा. और अपने हाथों से आँचल के बूब्स दबाने लगा. ख़ान अपने हाथों से आँचल के निपल दबाने लगा, आँचल चुंबन लेते हुए उत्तेजना से सिसकने लगी. और फिर उसने ख़ान के मुँह से जीभ निकाल ली.

आँचल की चूत से रस बहने लगा , वो ख़ान से चुदाई को उतावली हो रही थी. फिर आँचल ख़ान का चुंबन लेने को आगे आई तो ख़ान ने अपना चेहरा पीछे हटा लिया और बगल के रेस्ट रूम में चलने को कहा. आँचल सोफे से उठी और रूम में जाने लगी. तभी ख़ान का फोन आ गया.

ख़ान फोन पर बात करने लगा तभी केबिन का दरवाज़ा खुला और सना अंदर आ गयी. अंदर आते ही सना ख़ान से लिपट गयी और उसका चुंबन ले लिया . आँचल ने रेस्टरूम से सना को ख़ान का चुंबन लेते देखा. उसको जलन हुई पर साथ ही साथ एक्साइट्मेंट भी हुई. चुंबन लेते समय ख़ान सना के नितंबों को मसल रहा था.

चुंबन के बाद सना खुश होकर बोली,” थैंक यू साजिद, मुझे “मैं तेरी बनूँगी” फिल्म में रोल मिल गया है. थैंक यू माय डार्लिंग.”

तभी सना की नज़र दूसरे रूम में आँचल पर पड़ी , उसने ख़ान की ओर सवालिया निगाहों से देखा.
ख़ान आँचल के पास आया और उसकी कमर में हाथ डालकर मुस्कुराते हुए बोला,” सना , ये है आँचल. मेरी नयी फिल्म की हीरोइन. “ फिर आँचल को आँख मारते हुए उसका हाथ दबाया और अपने झूठ का साथ देने का इशारा किया.

सना का चेहरा एकदम से उतर गया , वो आँचल को ऊपर से नीचे तक देखते हुए घूरने लगी , ये मेरी कॉम्पिटिटर कहाँ से आ गयी.

“लेकिन साजिद वो रोल तो तुमने मुझे देने का वादा किया था.” आँचल से जलन महसूस करते हुए नाराज़गी से सना बोली.

ख़ान ने आँचल की कमर से हाथ हटाया और सना को अपनी बाहों में लेते हुए बोला,” तुमको वो रोल ज़रूर मिलेगा डार्लिंग. देखो फिल्म में दो हीरोइन्स हैं. एक तुम स्लिम सेक्सी लड़की का रोल करोगी और आँचल मादक सेक्सी औरत का. फिल्म की स्क्रिप्ट सिर्फ़ तुम दोनो सेक्सी औरतों के इर्द गिर्द घूमेगी. “

फिर ख़ान ने सना के होठों को चूम लिया और उसके बूब्स दबाने लगा.

“तुम दुबली पतली हो तो मॉडर्न लड़की का रोल करोगी , आँचल गदरायी हुई बड़े बूब्स वाली है , ये मादक काम की देवी जैसी लगेगी, तुम दोनो को फिल्म में एक साथ देखकर दर्शक तो पागल हो जाएँगे. “ ख़ान खुद भी उत्तेजित होते हुए बोला.

सना अब खुश थी , ख़ान के चेहरे को अपने हाथों में लेकर आँचल की ओर देखते हुए बोली, “हाँ डियर , अब मैं तुम्हारी बात समझ गयी हूँ. आँचल लगती तो बिल्कुल मादक है.”

ख़ान और सना से अपनी मादकता की बात सुनकर आँचल खुश हुई पर थोड़ी कन्फ्यूज़ सी हुई की ये दोनो मेरी इतनी तारीफ क्यूँ कर रहे हैं. लेकिन फिल्म एक्ट्रेस से कॉम्पलिमेंट मिलने से उसे एक्साइट्मेंट भी हो रही थी.

ख़ान मन ही मन खुश हो रहा था , आजकल इन सेक्सी औरतों को पटाना कितना आसान है. वो जानता था की ऐसी कोई फिल्म बनाने का उसका कोई प्लान नही है. वो तो सना को सिर्फ़ बहला रहा था ताकि वो खुश हो जाए. जब तक उसका दिल करेगा वो सना को चोदेगा, उससे अपना मन बहलाएगा, फिर उसे छोड़ देगा और उसकी जगह कोई नयी एक्ट्रेस ले लेगी.

इन दोनो सेक्सी औरतों को साथ साथ चोदने के लिए ख़ान पूरी तरह तैयार था और सना को पकड़े हुए ही उसने अपना दूसरा हाथ आँचल की कमर में डाला और दोनो को अपने बेड की तरफ ले गया.

Bansal aur Aanchal car mein Khan ke office ke liye chale. Raste bhar Bansal ,Sana aur Aanchal ki ek sath chudai ke khayal se excited hota raha.

Aanchal ko Sana ke bare mein pata nahi tha , wo Khan ke sath chudai ko lekar excited ho rahi thi.

Dono apne apne khayalo mein magan chupchap bethe rahe. Jab wo Khan ke office pahunche to unhe 1 ghanta waiting room mein intzaar karna pada kyunki khan office nahi pahuncha tha.

Jab khan office aaya to usko pata chala ki Aanchal pichle 1 ghante se uska wait kar rahi hai. Khan khud waiting room mein unko wish karne aaya aur dono ko apne cabin mein le gaya.

Aanchal ne dekha Khan ka cabin bahut bada hai aur uske bagal mein uska private restroom bhi hai. Aanchal bade mann se ban than ke aayi thi lekin Khan ne uske looks par koi compliment nahi diya aur sidhe kaam par lag gaya. Aanchal ko badi nirasha hui. Khan ne apne cabin mein secretary ko bulaya aur usse loan documents lane ko kaha. Documents aane par Khan ne unko padne laga. Aanchal ne dekha ki khan uske upar bilkul dhyan hi nahi de raha. Ignore feel karne se Aanchal ke aansu aa gaye. Phir khan ne Aanchal se documents par sign karne ko kaha. Aanchal sar jhukakar chupchap sign karne lagi.

Is kaam mein 20 minute lag gaye. Uske baad Aanchal bathroom jane ke liye uth gayi. Khan usko apne bagal wale kamre mein le gaya wahan bathroom tha. Bathroom mein dhande pani se munh dhokar Aanchal ne apne ko samhalne ki koshish ki lekin uske ansu behne lage aur usko rona aa gaya. Wo khan ko impress karne ke liye acche mood se aayi thi aur Khan aaj usko bilkul munh nahi laga raha tha aur usse ek duri banaye hue tha. Sirf ek business client ki tarah use treat kar raha tha.

“oh shit….ye mujhe kya ho raha hai, mai itni emotional kyun ho rahi hun…” mirror mein apne chehre ko dekhti hui Aanchal apne ko shant karne ka prayas karne lagi. 10 minute baad wo thoda shant hui to bathroom se bahar aakar usne dekha, khan ke private room mein ek bada bed hai. Bed ke upar ceiling mein mirror lage hue the aur ek taraf ki kamre ki dewar par bhi sab jagah mirror lage hue the. Aanchal ek pal wahan par rukkar sochne lagi , is bade bed mein khan ne na jane kitni aurton ko choda hoga.

Phir Aanchal khan ke cabin mein aa gayi. Khan kisi se phone par baat karne mein busy tha. Aanchal ko dekhkar usne samne sofe par baithne ka ishara kiya. Office cabin mein us samay khan akela tha. Phone par baat karte hue Khan Aanchal ko dekhkar muskura deta , Aanchal bhi jawab mein muskura deti. Aanchal Khan ke chehre , uski chaudi chati , akarshaq personality ko dekhti rahi , mann hi mann sochti rahi kitna handsome dikhta hai khan. Wo puri tarah se khan ki taraf akarshit thi , isiliye jab khan ne uski taraf dhyan nahi diya tha aur uske looks, uski khoobsurati ke liye do sabd bhi nahi kahe , to use rona aa gaya tha. Lekin ab khan uski taraf dhyan de raha tha warna uski taraf dekhkar muskurata kyun ?

Phone par baath khatam karke khan utha aur Aanchal se satkar sofe mein baith gaya. Usne bataya ki Bansal loan documents ko formalities pura karne ke liye notary ke pass le gaya hai aur 1 ghante mein wapas aa jayega.

Phir bola,” Aanchal aaj tum bahut sexy lag rahi ho. Hotel ki us raat , tumhare sath bitaye samay ke baad se mai tumhare hi bare mein sochte raha hun.”

Khan se apni tareef sunkar Aanchal ka chehra khil utha aur usne apni janghe Khan se aur sata di.

Apni banh ko Aanchal ke kandhe par dalkar Aanchal ko apni aur khinchte hue khan bola,” Mujhe bahut lambe samay se itna anand nahi mila jitna tumse mila. Aanchal vastav mein tum bahut sexy ho , bahut…”, Khan ka ishara us raat ki chudai ki taraf tha.

“Sajid, aisa to aap un sabhi ladkiyon se kehte hoge, jo hamesha aapko ghere rehti hain” Aanchal muskurate hue boli. Wo khan se apni aur tareef sunne ke mood mein thi. Usne ek hath Khan ki jangh par rakh diya.

Khan ne Aanchal ka hath apni jangh se hatakar pant ke bahar se lund par rakhte hue kaha,” Aanchal meri aankho mein dekho. Aankhe jhooth nahi bolti. Tumhe pata chal jayega ki mai sach keh raha hun.”

Aanchal ne khan ki aankho mein dekha. Handsome khan ki aankho mein apne liye taref ke bhav dekhkar Aanchal ko excitement hui. Usne ek hath badkar khan ke chehre ko pyar se sahlaya.

Aur boli,” oh Sajid, you make me feel so good.” Wo apna chehra uske chehre ke nazdeeq layi . Aanchal khan ko kiss karna chah rahi thi, lekin aurat hone ki wajah se pahal karne mein wo jhijhak rahi thi.

Khan ne dekha Aanchal phir se uske sath chudai ke liye tayyar hai. Aanchal ne ek hath uske lund ke upar rakha hua tha aur wo apna chehra uske nazdeeq le aayi thi. Khan bhi apna chehra uske nazdeeq laya, usne dekha , kiss ko expect karte hue Aanchal ne apne hoth khol diye hain. Khan ne Aanchal ke rasile hothon ko choomte hue chumban le liya.

“ohhhhhh Sajid…” hothon ka chumban lete hi Aanchal siski. Ab usne pahal karte hue Khan ke munh mein jeebh ghusa di aur andar jeebh ghumane lagi.

Khan ko Aanchal ki pahal se thoda ascharya hua. Wo Aanchal ki jeebh ka apne munh mein anand lete raha. Aur apne hathon se Aanchal ke boobs dabane laga. Khan apne hathon se Aanchal ke nipple dabane laga, Aanchal chumban lete hue uttezna se sisakne lagi. aur phir usne khan ke munh se jeebh nikal li.

Aanchal ki choot se ras bahne laga , wo khan se chudai ko utawli ho rahi thi. Phir Aanchal khan ka chumban lene ko aage aayi to khan ne apna chehra piche hata liya aur bagal ke rest room mein chalne ko kaha. Aanchal sofe se uthi aur room mein jane lagi. tabhi khan ka phone aa gaya.

Khan phone par baat karne laga tabhi cabin ka darwaza khula aur Sana andar aa gayi. Andar aate hi Sana khan se lipat gayi aur uska chumban le liya . Aanchal ne restroom se sana ko khan ka chumban lete dekha. Usko jalan hui par sath hi sath excitement bhi hui. Chumban lete samay khan sana ke nitambon ko masal raha tha.

Chumban ke baad Sana khus hokar boli,” Thank you Sajid, mujhe “Main Teri Banungi” film mein role mil gaya hai. Thank you my darling.”

Tabhi Sana ki nazar dusre room mein Aanchal par padi , usne khan ki or sawaliyan nigahon se dekha.

Khan Aanchal ke pass aaya aur uski kamar mein hath dalkar muskurate hue bola,” Sana , ye hai Aanchal. meri nayi film ki heroine. “ phir Aanchal ko aankh marte hue uska hath dabaya aur apne jhuth ka sath dene ka ishara kiya.

Sana ka chehra ekdum se utar gaya , wo Aanchal ko upar se niche tak dekhte hue ghoorne lagi , ye meri competitor kahan se aa gayi.

“lekin Sajid wo role to tumne mujhe dene ka vada kiya tha.” Aanchal se jalan mehsoos karte hue narazgi se Sana boli.

Khan ne Aanchal ki kamar se hath hataya aur Sana ko apni bahon mein lete hue bola,” tumko wo role jarur milega darling. Dekho film mein do heroines hain. Ek tum slim sexy ladki ka role karogi aur Aanchal madak sexy aurat ka. Film ki script sirf tum dono sexy aurton ke ird gird ghumegi. “

Phir Khan ne sana ke hothon ko choom liya aur uske boobs dabane laga.

“tum dubli patli ho to modern ladki ka role karogi , Aanchal gadrayi hui bade boobs wali hai , ye madak kaam ki devi jaise lagegi, tum dono ko film mein ek sath dekhkar darshak to pagal ho jayenge. “ Khan khud bhi uttezit hote hue bola.

Sana ab khush thi , Khan ke chehre ko apne hathon mein lekar Aanchal ki or dekhte hue boli, haan dear , ab mai tumhari baat samajh gayi hun. Aanchal lagti to bilkul madak hai.”

Khan aur Sana se apni madakta ki baat sunkar Aanchal khush hui par thodi confuse si hui ki ye dono meri itni tareef kyun kar rahe hain. Lekin film actress se compliment milne se use excitement bhi ho rahi thi.

Khan man hi man khus ho raha tha , aajkal in sexy aurton ko patana kitna asaan hai. Wo janta tha ki aise koi film banane ka uska koi plan nahi hai. Wo to Sana ko sirf behla raha tha taki wo khus ho jaye. Jab tak uska dil karega wo Sana ko chodega , usse apna man behlayega, phir use chor dega aur uski jagah koi nayi actress le legi.

In dono sexy aurton ko sath sath chodne ke liye khan puri tarah tayyar tha aur Sana ko pakde hue hi usne apna dusra hath Aanchal ki kamar mein dala aur dono ko apne bed ki taraf le gaya.

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