आँचल की अय्याशियां

दोस्तो इस फोरम में आप हिन्दी और रोमन (Roman ) स्क्रिप्ट में नॉवल टाइप की कहानियाँ पढ़ सकते हैं
pongapandit
Expert Member
Posts: 346
Joined: 26 Jul 2017 16:08

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 11 Nov 2017 09:52


लंच के बाद आँचल अपने बेडरूम में चली गयी और दरवाज़ा बंद करके बाथरूम में बाथटब में गरम पानी भरके टब में बैठकर नहाने लगी. आज के दिन जो उसको मज़ा मिला था उन पलों के बारे में सोचने लगी. स्वामी भोगानंद वास्तव में एक अनुभवी चोदू था. स्वामी और उसकी चुदाई के बारे में सोचने से आँचल उत्तेजना महसूस करने लगी. अभी दो दिन तक और स्वामी उसको पूजा के बहाने चोदने वाला था.

वो दोनो लड़कियाँ भी सेक्सी थी और ख़ासकर जिस लड़की ने आँचल की चूत चाटी थी , उसका ऐसा करना आँचल को बहुत पसंद आया था. आँचल सोचने लगी काश स्वामी उन दोनो लड़कियों को भी सेक्स करते समय बुला ले तो मज़ा बढ़ जाएगा.आँचल उन दोनो लड़कियों को अपने सामने स्वामी से चुदते हुए देखना चाहती थी. इन सब कामुक ख़यालों को सोचते हुए आँचल की चूत से रस बहकर बाथटब के गरम पानी में मिल गया. आँचल चूत में उंगली डालकर मूठ मारने लगी. फिर आँचल को याद आया की उन दोनो लड़कियों ने अपनी चूत में बाल साफ किए हुए थे.

आँचल ने कभी भी अपनी चूत शेव नही की थी उसकी चूत में काले घने बाल थे. वो बाथटब से उठी और सुनील के रेज़र से चूत के सारे बाल साफ कर दिए. अपनी चिकनी साफ चूत को देखकर उसे ऐसा लगा की जैसे ये शादीशुदा औरत की ना होकर किसी कुँवारी लड़की की चूत है. उस टाइट चूत की वजह से ही उसे चोदने वालों को इतना ज़्यादा मज़ा मिलता था की वो कामोन्माद से पागल हो जाते थे.

फिर चिकनी चूत पर हाथ फेरते हुए वो अपनी क्लिट को मसलने लगी और जल्दी ही ओर्गास्म से झड़ गयी. गरम पानी से नहाने के बाद उसने एक पारदर्शी नाइटी पहनी और दोपहर की नींद लेने के लिए बेड में लेट गयी. जैसे ही उसको नींद आने लगी , किसी ने उसका दरवाज़ा खटखटाया. कौन आ मरा ये नींद खराब करने ! हद है .

आँचल ने उठ कर दरवाज़ा खोला , कौन था भाई ?
और कौन होगा वही ठरकी ससुर था.

ससुर कहने लगा की ताश के पत्ते खेलने का मूड हो रहा है. आँचल ना नुकुर करने लगी लेकिन बुड्ढा सीधे अंदर आकर बेड में बैठ गया और ताश के पत्ते फेटने लगा. आँचल को ना चाहते हुए भी खेलने के लिए ससुर के साथ बैठना पड़ा.

खेलते वक़्त ससुर की नज़रे देखकर आँचल समझ गयी की ये पारदर्शी नाइटी के मज़े ले रहा है. आँचल ने तो सोने के लिए वो नाइटी पहनी थी उसे क्या पता था की ससुर उसके बेडरूम में आ धमकेगा . उसका मन हुआ की बाथरूम जाकर नाइटी बदल के आए. लेकिन फिर उसने सोचा की उस दिन सलीम के चोदने के बाद मुझे बेड पर नंगी रोते हुए ससुर देख ही चुका है , तो रहने देती हूँ.

वैसे भी आँचल को अपने ससुर को टीज़ करने में मज़ा आता था . उसने सोचा चलो बुड्ढे को तड़पाकर मज़े लेती हूँ. घर में सास है तो ये कुछ गड़बड़ कर नही पाएगा. आँचल पत्ते उठाने के बहाने जानबूझकर झुकने लगी और ससुर को अपनी चूचियाँ दिखाने लगी. ससुर समझ गया ये सेक्सी बहू फिर मुझे टीज़ कर रही है. वो उत्तेजित होने लगा. मन ही मन सोचने लगा कल तुझे पूजा के बाद मैं आश्रम में लेने आऊँगा और फिर दोस्त के होटेल ले जाकर जी भरके चोदूँगा.

फिर आँचल खेलने के बहाने ससुर की बाँह टच करने लगी और सेक्सी सा चेहरा बनाकर मंद मंद मुस्कुराने लगी. अब ससुर से कंट्रोल नही हो पाया और उसने आँचल का हाथ पकड़कर अपने पैंट में खड़े लंड के ऊपर रख दिया. आँचल हैरानी से अवाक रह गयी उसकी हालत देखकर ससुर मुस्कुराने लगा.

आँचल ने अपने हाथ में पैंट के अंदर फनफनाते लंड को महसूस किया , जो लोहे की तरह सख़्त हो चुका था. आँचल धीरे से बोली, “ उन्ह……..ससुरजी ये आप क्या कर रहे हैं ?”

ससुर भी धीरे से बोला, “ देखोगी क्या ?”

“नही…नही…उम्म्म…कोई आ जाएगा,” आँचल ने जवाब दिया.

जब ससुर ने देखा की बहू तो अपना हाथ नही छुड़ा रही है तो उसकी हिम्मत और बढ़ गयी, वो बोला, “ ज़ोर से पकड़ो, खुद ही देख लो , मैं अभी भी जवान हूँ.”

ससुर ने देखा की उसके कहने से, आँचल ने उसके लंड को पैंट के बाहर से थोड़ा ज़ोर से पकड़ लिया है , वो उत्तेजना में बोला, “ कल देखना मैं तुम्हे चोदूँगा और तुम्हारी जवानी की प्यास बुझाऊँगा , मेरी आँचल रानी.”

ससुर के खड़े लंड को पकड़ने से और उसके मुँह से कल को अपनी चुदाई के इरादे की बात सुनकर आँचल की उत्तेजना बढ़ गयी और उसकी साँसे भारी हो गयी. उसके दिमाग़ की बजाय फिर जिस्म की प्यास हावी होने लगी. उसका ससुर के लंड से हाथ हटाने को मन ही नही कर रहा था . वो सोचने लगी ससुरजी का लंड कितना सख़्त और मोटा लग रहा है पैंट के बाहर से ही. आँचल की चूत से रस बहने लगा.

अपनी बहू को विरोध ना करते देखकर और गहरी गहरी साँसे लेते हुए देखकर , ससुर बोला,” मेरी आँचल रानी, मैं तुम्हें बहुत मज़ा दूँगा, तुम्हें चोदकर मस्त कर दूँगा.”

फिर वो आँचल के करीब आ गया और उसको अपने आलिंगन में जकड़ लिया.

अपने ससुर के टाइट आलिंगन से आँचल कसमसाई,”…उउउन्न्ह….ओह्ह ससुरजी….”

ससुर आँचल की पीठ पर हाथ फिराने लगा. ससुर की गंदी बातों और अपने बदन से छेड़खानी से आँचल मदहोश हो गयी. अगर ससुर चाहता तो बहू को इस समय आराम से चोद सकता था क्यूंकी आँचल मदहोशी से विरोध नही कर पाती. लेकिन घर में सास के होने से ऐसा करने में बहुत ख़तरा था.

ससुर उसको आलिंगन में लेकर उसके बदन पर हाथ फेरते हुए बोला,” मैं तुम्हारी चूत से तुम्हारा रस पीयूँगा , मेरी आँचल रानी.”

ससुर के मुँह से ऐसी कामुक बातें सुनकर आँचल ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी. ससुर की फट गयी कोई सुन ना ले , उसने जल्दी से आँचल के मुँह पर अपना हाथ रख दिया. आँचल की पैंटी चूतरस से पूरी भीग चुकी थी और चूत के होंठ उत्तेजना से फूल चुके थे. उसको ओर्गास्म आ गया और वो ससुर के आलिंगन में झड़ गयी.

तभी उनको सास की आवाज़ सुनाई दी जो नौकर से पूछ रही थी , “ तुमने साहब को कहीं देखा ?”

सास बेडरूम की तरफ ही आ रही थी.
आँचल बेड से कूदकर बातरूम में भागी , वो अभी भी उत्तेजना से कांप रही थी.

ससुर अपने लंड के इरेक्शन को छुपाने की कोशिश करने लगा और उत्तेजना से छलक आए पसीने को चेहरे से पोछने लगा. फिर जल्दी से हाथ में ताश के पत्ते लेकर बैठ गया.

तभी सास बेडरूम में आ गयी.

ससुर को वहाँ बैठे देखकर वो भड़क गयी और बोली,” यहाँ पत्ते लेकर क्या बैठे हो. बहू सुबह उतनी देर तक पूजा से थककर लौटी है .थोड़ी देर दोपहर में उसको आराम तो करने देते. अब चलो यहाँ से.”

बीवी की डांट खाकर ससुर चुपचाप सास के पीछे पीछे आँचल के बेडरूम से बाहर चला गया.

आँचल अपने बाथरूम से सब सुन रही थी और डर और उत्तेजना से कांप रही थी. उसने सोचा अभी सास ने पकड़ ही लिया था ससुर के साथ. ससुर के साथ तो बहुत ही ख़तरा है. मुझे अपने जिस्म पर काबू रखना चाहिए.

लेकिन वो अपने जिस्म पर काबू कैसे रख सकती थी ? वो सेक्सुअली फ्रस्टरेटेड थी क्यूंकी उसका पति बिस्तर में उसको सैटिस्फाई नही कर पाता था. वो जवान थी, खूबसूरत थी और अब जब उसने असली चुदाई का स्वाद चख लिया था तो वो कैसे कंट्रोल कर सकती थी. उसको चुदाई में बहुत मज़ा आता था लेकिन उसका पति जल्दी झड़ जाने के कारण उसकी प्यास नही बुझा पाता था.

लेकिन ससुर के साथ कोई भी संबंध बहुत रिस्की था , ये उसने अभी देख लिया था की वो कैसे सास द्वारा पकड़े जाने से बाल बाल बची थी. इसलिए आँचल ने फ़ैसला किया की वो ससुर को अपने से दूर ही रखेगी. वो ससुर के साथ कल बैंक जाने से बचने का रास्ता ढूंढने लगी.

फिर उसने अपने बेडरूम का दरवाजा बंद किया और बेड में सोचते सोचते उसे नींद आ गयी.

उठने के बाद आँचल ने बैडमिंटन खेलने के लिए क्लब जाने की सोची. इससे उसकी थोड़ी एक्सर्साइज़ भी हो जाएगी और सुनील के घर आने तक वो अपने सास ससुर से दूर भी रह पाएगी. क्लब पहुँचने के बाद उसने लेडीज लॉकर रूम में कपड़े बदलकर सफेद टीशर्ट और सफेद स्कर्ट पहन ली. क्लब में ड्रेस के मामले में बहुत सख्ती थी और कैज़ुअल ड्रेस में खेलने की मनाही थी.

आँचल क्लब में किसी को भी नही पहचानती थी इसलिए उसने वहाँ के एक कर्मचारी से एक गेम खेलने की रिक्वेस्ट की. वो 20 मिनिट का गेम खेलने को तैयार हो गया. उस बुड्ढे कर्मचारी ने आँचल को पूरे कोर्ट में दौड़ा दौड़ा कर खूब एक्सर्साइज़ करवा दी.

वहीं कुछ स्कूल के लड़के भी खड़े थे , वो सब आँचल को देख रहे थे. सेक्सी आँचल को कोर्ट में इधर उधर दौड़ते और उसकी चूचियों को टीशर्ट में उपर नीचे हिलते देखकर उन्हे बहुत मज़ा आ रहा था. आँचल जब शट्लकॉक उठाने के लिए झुकती थी तो वो उसकी पैंटी देखने की कोशिश करते थे. आँचल का ध्यान उनकी तरफ नही था. वो लड़के क्लब में बैडमिंटन खेलने अपने ग्रुप के साथ आया करते थे और आज मादक आँचल को टीशर्ट और स्कर्ट में बैडमिंटन खेलते देखकर अपना खेलना भूल गये थे. उनकी निगाहे आँचल पर ही जमी थी.

गेम खत्म होने के बाद आँचल पसीने से लथपथ हो गयी. उसकी टीशर्ट पसीने से भीगकर उसके बदन से चिपक गयी और गीली होने से थोड़ी पारदर्शी हो गयी. आँचल कोर्ट के किनारे बैठकर टॉवेल से अपने को पोछने लगी. तभी वो 3 लड़के उसके पास आए और उसे गुड आफ्टरनून बोले. फिर उन्होने आँचल से 2-2 का जोड़ा बनाकर डबल्स गेम खेलने की रिक्वेस्ट की. आँचल ने कहा थोड़ा रेस्ट कर लेती हूँ फिर खेलेंगे.

उनमे से 2 लड़के कोर्ट में खेलने लगे लेकिन जो सबसे लंबा लड़का था वो आँचल के पास बैठा रहा. उसने अपना नाम विकी बताया और अपने दोस्तों के बारे में आँचल को बताने लगा. बोलते हुए वो आँचल को ऊपर से नीचे तक घूर रहा था. विकी ने आँचल की खूबसूरती की तारीफ की और उससे पूछा की वो किस कॉलेज में पढ़ती है ? जब आँचल ने बातया की वो शादीशुदा है और मिसेज जोशी है तो विकी कहने लगा, आप टीशर्ट और स्कर्ट में बहुत खूबसूरत लग रही हो, शादीशुदा औरत कौन बताएगा आपको.

आँचल विकी के मुँह से अपनी खूबसूरती की तारीफ सुनकर शरमा गयी और मन में उसे खुशी हुई की मैं इतनी सुंदर दिखती हूँ. फिर विकी के साथ जोड़ा बनाकर उसने गेम खेलना शुरू किया. विकी बैडमिंटन खेलने में एक्सपर्ट था उसको खेलते देखकर आँचल उसकी चुस्ती और फिजिक से प्रभावित हुई.

गेम के दौरान जब भी शट्लकॉक आँचल के पास गिरती तो विकी फटाफट उठाने आ जाता और आँचल की स्कर्ट के अंदर झाँककर उसकी जांघें और पैंटी देखने का आनंद लेता. दो तीन बार उसने गेम के बहाने से आँचल की जांघों और उसकी चूचियों को छू भी दिया पर हर बार सॉरी कहकर ऐसा दिखाता जैसे ग़लती से टच हुआ है.

जब आँचल थक गयी तो लेडीज रूम में जाकर उसने शावर के नीचे नहाया. लेडीज रूम मे लाइन से शावर बने हुए थे लेकिन ओपन थे. आँचल ने वहाँ कुछ लड़कियों को तारीफ भरी निगाहों से अपने बदन को ताकते पाया. आँचल को पता नही था की उन लड़कियों में एक विकी की गर्लफ्रेंड करिश्मा भी थी. करिश्मा ने देखा था की कैसे गेम खेलने के बहाने उसका BF आँचल के बदन को छूने की कोशिश कर रहा था. करिश्मा को जलन महसूस हुई. जब उसने आँचल को लॉकर रूम में जाते देखा तो वो भी उसके पीछे चली आई. नहाते समय आँचल के मादक जिस्म को देखकर करिश्मा को उत्तेजना महसूस हुई.

नहाने के बाद फटाफट कपड़े पहनकर आँचल अपने घर चली गयी.

रात में डिनर करते समय आँचल ने देखा आज ससुर बहुत खुश है . उसको कुछ ज़्यादा ही खुश और मुस्कुराते देखकर वो समझ गयी की ये कल के अपने चुदाई के प्लान से इतना खुश हो रहा है . वो परेशान हो गयी की इस समस्या का हल कैसे निकाले.

Lunch ke baad Aanchal apne bedroom mein chali gayi aur darwaza band karke bathroom mein bathtub mein garam pani bharke tub mein baithkar nahane lagi. Aaj ke din jo usko maza mila tha un palon ke bare mein sochne lagi. Swami Bhoganand vastav mein ek anubhavi chodu tha. Swami aur uski chudai ke bare mein sochne se Aanchal uttezna mehsoos karne lagi. Abhi do din tak aur Swami usko pooja ke bahane chodne wala tha.

Wo dono ladkiyan bhi sexy thi aur khaskar jis ladki ne Aanchal ki choot chati thi , uska aisa karna Aanchal ko bahut pasand aaya tha. Aanchal sochne lagi kash Swami un dono ladkiyon ko bhi sex karte samay bula le to maza bad jayega.Aanchal un dono ladkiyon ko apne samne Swami se chudte hue dekhna chahti thi. In sab kamuk khayalon ko sochte hue Aanchal ki choot se ras behkar bathtub ke garam pani mein mil gaya. Aanchal choot mein ungli dalkar muth marne lagi. Phir Aanchal ko yaad aaya ki un dono ladkiyon ne apni choot mein baal saaf kiye hue the.

Aanchal ne kabhi bhi apni choot save nahi ki thi uski choot mein kale ghane baal the. Wo bathtub se uthi aur Sunil ke razor se choot ke sare baal saaf kar diye. Apni chikni saaf choot ko dekhkar use aisa laga ki jaise ye shadishuda aurat ki na hokar kisi kunwari ladki ki choot hai. Us tight choot ki wajah se hi use chodne walon ko itna jyada maza milta tha ki wo kamonmad se pagal ho jate the.

Phir chikni choot par hath pherte hue wo apni clit ko masalne lagi aur jaldi hi orgasm se jhad gayi. Garam pani se nahane ke baad usne ek pardarshi nighty pehni aur dopahar ki nind lene ke liye bed mein let gayi. Jaise hi usko nind aane lagi , kisi ne uska darwaza khatkhataya. Kaun aa mara ye nind kharab karne ? hadd hai

Aanchal ne uth kar darwaza khola , kaun tha bhai?

Aur kaun hoga wahi tharki sasur tha.

Sasur kehne laga ki tash ke patte khelne ka mood ho raha hai. Aanchal na nukur karne lagi lekin Sasur sidhe andar aakar bed mein baith gaya aur tash ke patte fetne laga. Aanchal ko na chahte hue bhi khelne ke liye sasur ke sath baithna pada.

Khelte waqt sasur ki nazre dekhkar Aanchal samajh gayi ki ye pardarshi nighty ke maze le raha hai. Aanchal ne to sone ke liye wo nighty pehni thi use kya pata tha ki sasur uske bedroom mein aa dhamkega. Uska mann hua ki bathroom jakar nighty badal ke aaye. Lekin phir usne socha ki us din salim ke chodne ke baad mujhe bed par nangi rote hue Sasur dekh hi chuka hai , to rehne deti hun.

Waise bhi Aanchal ko apne sasur ko tease karne mein maza aata tha . Usne socha chalo buddhe ko tadpakar maze leti hun. Ghar mein Saas hai to ye kuch gadbad kar nahi payega. Aanchal patte uthane ke bahane jaanboojhkar jhukne lagi aur sasur ko apni chuchiyan dikhane lagi. Sasur samajh gaya ye sexy bahu phir mujhe tease kar rahi hai. Wo uttezit hone laga. Mann hi mann sochne laga kal tujhe pooja ke baad mai ashram mein lene aaunga aur phir dost ke hotel le jakar ji bharke chodunga.

Phir Aanchal khelne ke bahane sasur ki banh touch karne lagi aur sexy sa chehra banakar mand mand muskurane lagi. Ab Sasur se control nahi ho paya aur usne Aanchal ka hath pakadkar apne pant mein khade lund ke upar rakh diya. Aanchal hairani se awaak reh gayi uski halat dekhkar Sasur muskurane laga.

Aanchal ne apne hath mein pant ke andar fanfanate lund ko mehsoos kiya , jo lohe ki tarah sakht ho chuka tha.
Aanchal dhire se boli, “ unhhh……..Sasurji ye aap kya kar rahe hain?”

Sasur bhi dhire se bola, “ dekhogi kya ?”

“nahi…nahi…ummm…koi aa jayega,” Aanchal ne jawab diya.

Jab Sasur ne dekha ki bahu to apna hath nahi chuda rahi hai to uski himmat aur bad gayi, wo bola, “ jor se pakdo, khud hi dekh lo , mai abhi bhi jawan hun.”

Sasur ne dekha ki uske kehne se, Aanchal ne uske lund ko pant ke bahar se thoda jor se pakad liya hai , wo uttezna mein bola, “ kal dekhna mai tumhe chodunga aur tumhari jawani ki pyas boojhaunga, meri Aanchal rani.”

Sasur ke khade lund ko pakadne se aur uske munh se kal ko apni chudai ke irade ki baat sunkar Aanchal ki uttezna bad gayi aur uski sanse bhari ho gayi. Uske dimag ki bajay phir jism ki pyas havi hone lagi. Uska sasur ke lund se hath hatane ko mann hi nahi kar raha tha . wo sochne lagi sasurji ka lund kitna sakht aur mota lag raha hai pant ke bahar se hi. Aanchal ki choot se ras behne laga.

Apni bahu ko virodh na karte dekhkar aur gehri gehri sanse lete hue dekhkar , Sasur bola,” meri Aanchal rani, mai tumhe bahut maza dunga, tumhe chodkar mast kar dunga.”

Phir wo Aanchal ke karib aa gaya aur usko apne alingan mein jakad liya.
Apne sasur ke tight alingan se Aanchal kasmasayi,”…uuunnhhh….ohhhh sasurji….”

Sasur Aanchal ki peeth par hath firane laga. Sasur ki gandi baton aur apne badan se chedkhani se Aanchal madhosh ho gayi. Agar sasur chahta to bahu ko is samay aaram se chod sakta tha kyunki Aanchal madhoshi se virodh nahi kar pati. Lekin ghar mein saas ke hone se aisa karne mein bahut khatra tha.

Sasur usko alingan mein lekar uske badan par hath ferte hue bola,” mai tumhari choot se tumhara ras piyunga , meri Aanchal rani.”

Sasur ke munh se aisi kamuk batein sunkar Aanchal jor jor se siskariyan lene lagi. Sasur ki fat gayi koi sun na le , usne jaldi se Aanchal ke munh par apna hath rakh diya. Aanchal ki panty chootras se puri bheeg chuki thi aur choot ke honth uttezna se phool chuke the. Usko orgasm aa gaya aur wo sasur ke alingan mein jhad gayi.
Tabhi unko Saas ki awaz sunayi di jo naukar se puch rahi thi , “ tumne sahab ko kahin dekha ?”

Saas bedroom ki taraf hi aa rahi thi.
Aanchal bed se kudkar bathroom mein bhagi , wo abhi bhi uttezna se kanp rahi thi.
Sasur apne lund ke erection ko chupane ki koshish karne laga aur uttezna se chalak aaye pasine ko chehre se pochne laga. Phir jaldi se hath mein tash ke patte lekar baith gaya.

Tabhi Saas bedroom mein aa gayi.

Sasur ko wahan baithe dekhkar wo bhadak gayi aur boli,” yahan patte lekar kya baithe ho. Bahu subah utni der tak pooja se thakkar lauti hai .Thodi der dophar mein usko aaram to karne dete. Ab chalo yahan se.”

Biwi ki dant khakar Sasur chupchap Saas ke piche piche Aanchal ke bedroom se bahar chala gaya.

Aanchal apne bathroom se sab sun rahi thi aur dar aur uttezna se kanp rahi thi. Usne socha abhi Saas ne pakad hi liya tha sasur ke sath. Sasur ke sath to bahut hi khatra hai. Mujhe apne jism par kaboo rakhna chahiye.

Lekin wo apne jism par kaboo kaise rakh sakti thi ? wo sexually frustrated thi kyunki uska pati bistar mein usko satisfy nahi kar pata tha. Wo jawan thi, khoobsurat thi aur ab jab usne asli chudai ka swad chakh liya tha to wo kaise control kar sakti thi. Usko chudai mein bahut maza aata tha lekin uska pati jaldi jhad jane ke karan uski pyas nahi boojha pata tha.

Lekin Sasur ke sath koi bhi sambandh bahut risky tha , ye usne abhi dekh liya tha ki wo kaise saas dwara pakde jane se baal baal bachi thi. Isliye Aanchal ne faisla kiya ki wo Sasur ko apne se dur hi rakhegi. Wo sasur ke sath kal bank jane se bachne ka rasta dhondhne lagi.

Phir usne apne bedroom ka darwaja band kiya aur bed mein sochte sochte use nind aa gayi.

Uthne ke baad Aanchal ne badminton khelne ke liye club jane ki sochi. Isse uski thodi exercise bhi ho jayegi aur Sunil ke ghar aane tak wo apne saas sasur se dur bhi reh payegi. Club pahunchne ke baad usne ladies locker room mein kapde badalkar safed tshirt aur safed skirt pahan li. Club mein dress ke mamle mein bahut sakhti thi aur casual dress mein khelne ki manahi thi.

Aanchal club mein kisi ko bhi nahi pehchanti thi isliye usne wahan ke ek karmchari se ek game khelne ki request ki. Wo 20 minute ka game khelne ko tayyar ho gaya. Us buddhe karmchari ne Aanchal ko pure court mein dauda dauda kar khoob exercise karwa di.

Wahin kuch school ke ladke bhi khade the , wo sab Aanchal ko dekh rahe the. Sexy Aanchal ko court mein idhar udhar daudte aur uski chuchiyon ko tshirt mein upar niche hilte dekhkar unhe bahut maza aa raha tha. Aanchal jab shuttlecock uthane ke liye jhukti thi to wo uski panty dekhne ki koshish karte the. Aanchal ka dhyan unki taraf nahi tha. Wo ladke club mein badminton khelne apne group ke sath aaya karte the aur aaj madak Aanchal ko tshirt aur skirt mein badminton khelte dekhkar apna khelna bhool gaye the. unki nigahe Aanchal par hi jami thi.

Game khatam hone ke baad Aanchal pasine se lathpath ho gayi. Uski tshirt pasine se bhigkar uske badan se chipak gayi aur gili hone se thodi pardarshi ho gayi. Aanchal court ke kinare baithkar towel se apne ko pochne lagi. Tabhi wo 3 ladke uske pass aaye aur use good afternoon bole. Phir unhone Aanchal se 2-2 ka joda banakar doubles game khelne ki request ki. Aanchal ne kaha thoda rest kar leti hun phir khelenge.

Unme se 2 ladke court mein khelne lage lekin jo sabse lamba ladka tha wo Aanchal ke pass baith raha. Usne apna naam Vicky bataya aur apne doston ke bare mein Aanchal ko batane laga. Bolte hue wo Aanchal ko upar se niche tak ghoor raha tha. Vicky ne Aanchal ki khoobsurati ki tareef ki aur usse pucha ki wo kis college mein padti hai ? Jab Aanchal ne baataya ki wo shadisuda hai aur Mrs Joshi hai to Vicky kehne laga aap tshirt aur skirt mein bahut khoobsurat lag rahi ho, shadisuda aurat kaun batayega aapko.

Aanchal Vicky ke munh se apni khoosurati ki tareef sunkar sharma gayi aur mann mein use khushi hui ki mai itni sundar dikhti hun. Phir Vicky ke sath joda banakar usne game khelna shuru kiya. Vicky badminton khelne mein expert tha usko khelte dekhkar Aanchal uski chusti aur physic se prabhawit hui.

Game ke dauran jab bhi shuttlecock Aanchal ke pass girti to Vicky fatafat uthane aa jata aur Aanchal ki skirt ke andar jhank kar uski janghe aur panty dekhne ka anand leta. Do teen baar usne game ke bahane se Aanchal ki jangho aur uski chuchiyon ko chu bhi diya par har baar sorry kehkar aisa dikhata jaise galti se touch hua hai.

Jab Aanchal thak gayi to ladies room mein jakar usne shower ke niche nahaya. Ladies room me line se shower bane hue the lekin open the. Aanchal ne wahan kuch ladkiyon ko tareef bhari nigahon se apne badan ko takte paya . Aanchal ko pata nahi tha ki un ladkiyon mein ek Vicky ki girlfriend Karishma bhi thi. Karishma ne dekha tha ki kaise game khelne ke bahane uska BF Aanchal ke badan ko chune ki koshish kar raha tha. Karishma ko jalan mehsoos hui. Jab usne Aanchal ko locker room mein jate dekha to wo bhi uske piche chali aayi. Nahate samay Aanchal ke madak jism ko dekhkar karishma ko uttezna mehsoos hui.

Nahane ke baad fatafat kapde pahankar Aanchal apne ghar chali gayi.

Raat mein dinner karte samay Aanchal ne dekha aaj Sasur bahut khush hai . Usko kuch jyada hi khush aur muskurate dekhkar wo samajh gayi ki ye kal ke apne chudai ke plan se itna khush ho raha hai . Wo pareshan ho gayi ki is samasya ka hal kese nikale.

Re: आँचल की अय्याशियां

Sponsor

Sponsor
 

User avatar
jay
Super member
Posts: 7023
Joined: 15 Oct 2014 22:49
Contact:

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by jay » 11 Nov 2017 19:04

super hot story bro
Read my other stories




(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


Read my fev stories

(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

User avatar
rajaarkey
Super member
Posts: 6832
Joined: 10 Oct 2014 10:09
Contact:

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by rajaarkey » 11 Nov 2017 22:27

बहुत ही अच्छा अपडेट है दोस्त
(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &;
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj sharma

pongapandit
Expert Member
Posts: 346
Joined: 26 Jul 2017 16:08

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 12 Nov 2017 14:31

jay wrote:
11 Nov 2017 19:04
super hot story bro
rajaarkey wrote:
11 Nov 2017 22:27
बहुत ही अच्छा अपडेट है दोस्त

thanks mitro

pongapandit
Expert Member
Posts: 346
Joined: 26 Jul 2017 16:08

Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 12 Nov 2017 14:32

अगले दिन सुबह सुनील ने आँचल को स्वामी के आश्रम में पूजा के लिए कार से पहुँचा दिया. आँचल स्टड स्वामी के साथ फिर से चुदाई को लेकर बहुत एक्साइटेड थी. लेकिन इस बार उसको वेटिंग रूम में 1 घंटे से भी ज़्यादा समय तक बैठना पड़ा. बात ये थी की अंदर स्वामी एक नयी नवेली शादीशुदा औरत को चोद रहा था.

एक घंटे बाद वो दोनो लड़कियाँ आई और आँचल को स्वामी के कमरे में ले गयी. स्वामी को देखते ही आँचल अपने कपड़े उतारने लगी . आँचल की चुदने को जल्दबाज़ी देखकर स्वामी खुश हो गया. नंगी आँचल को स्वामी ने अपनी गोद में बैठा लिया. आँचल के नरम नितंबों के स्पर्श से स्वामी का लंड खड़ा होने लगा. आँचल ने भी अपने नितंबों के नीचे स्वामी के खड़े होते लंड को महसूस किया. उसने स्वामी को अपने आलिंगन में भर लिया और अपनी बड़ी चूचियों को उसकी छाती में दब जाने दिया.

स्वामी उसकी चूची को अपने हाथ से पकड़कर निपल के चारो और अंगूठा घुमाने लगा. आँचल के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी. फिर अचानक उसने एक झटके में अपना लंड आँचल की चूत में घुसा दिया.

आँचल अचानक हुए हमले से चिल्लाई ,” ओइईईईईईईई.......उूुुुऊउगगगघह…”

चूत में पूरा लंड जाने के बाद स्वामी ने अपने सामने लटकती आँचल की बड़ी बड़ी चूचियों पर ध्यान लगाया . वो उनको चूसने , चूमने और काटने लगा. जी भरकर चूसने के बाद उसने आँचल के नितंबों के नीचे हाथ डालकर उसको लंड पर ऊपर उछालना शुरू किया.

आँचल अपनी चूत में स्वामी के मोटे लंड के अंदर बाहर होने से ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लगी ,”..ह…उन्न्ञन्…..स्वामीजी चोदो…उफफफ्फ़…उन्न्ञननणणन्…..अहह….”

स्वामी बोला,” मज़ा आ रहा है तुम्हें ?”

“उनन्ं….हाआन्न….स्वामीजी…..” आँचल ने लंड पर उछलते हुए जवाब दिया.

स्वामी के मोटे लंड से आँचल की टाइट चूत की खूब रगड़ाई हो रही थी. ऐसी रगड़ से वो मदहोश हो गयी. मादक आँचल को अपनी गोद में मदहोश होकर चुदवाते देखकर स्वामी ने उसके रसीले होठों को चबा लिया . आँचल को पहला ओर्गास्म आ गया और वो सिसकारियाँ लेती हुई झड़ गयी. कुछ पल बाद स्वामी ने उसकी छूट को गरम वीर्य से भर दिया. स्वामी आँचल को अपने आलिंगन में कस के जकड़े हुए था और उसकी चूत में वीर्य की धार पर धार छोड़ता जा रहा था.

फिर उसी पोज़ में वो उठा और आँचल की चूत से अपना लंड निकाले बिना ही उसको उठाकर बेड तक ले गया. बेड में आँचल को लिटाने के बाद स्वामी को ध्यान आया की कल तो आँचल की चूत में घने काले बाल थे. आँचल की चिकनी चूत को देखकर वो बहुत उत्तेजित हो गया और सोचने लगा इश्स शादीशुदा औरत की चूत बिल्कुल लड़की जैसी टाइट कैसे है.

स्वामी ने पूछा,” तुम्हारा पति अच्छे से चोदता है तुम्हें ?”

“उन्न्ह….नही स्वामीजी….” आँचल अभी भी चुदाई के नशे में थी.

उन दोनो लड़कियों में से एक लड़की ने आँचल की चिकनी चूत देखी तो वो अपने को रोक नही पाई और आँचल के बगल में लेटकर उसने आँचल की चूत में मुँह लगा दिया और उसकी चूत से निकलते रस को चाटने लगी. अपनी चूत और क्लिट पर लड़की की जीभ की रगड़ से आँचल कामानंद से सिसकारियाँ लेने लगी. अपनी चूत चटवाना आँचल को बहुत अच्छा लगता था. उसका भी मन चूत चाटने का होने लगा.

आँचल बोली, “ इधर दो….उन्न्ह…अपनी चूत इधर दो…..उंगग्गघह..”

आँचल की बात सुनकर उस लड़की ने 69 पोज़ में अपनी चूत आँचल के मुँह पर लगा दी. अब दोनो एक दूसरे की क्लिट और गीली रस से भरी चूत को जीभ से चाटने, चूमने और चूसने लगी.

स्वामी अपने सामने के नज़ारे को देखकर बहुत उत्तेजित हो गया और सिसकारियाँ लेती लड़कियों के बगल में बेड पर लेट गया. फिर उसने आँचल की गांड के छेद में उंगली घुसा दी और उंगली से गांड चोदने लगा. चूत और गांड दोनो की रगड़ाई से आँचल आनंद से चीखने लगी और ओर्गास्म पर ओर्गास्म से झड़ती रही.

फिर स्वामी ने आँचल के पेट के दोनो ओर अपनी टाँगे रख दी और उसकी दोनो चूचियों के बीच लंड रगड़ने लगा. दूसरी लड़की ने आँचल के सर के नीचे तकिया लगा कर उसका सर थोड़ा उठा दिया. स्वामी उसकी दोनो बड़ी चूचियों को आपस में मिलाकर बीच में लंड डालकर चूची चोदने लगा. आँचल को दर्द हुआ.

आँचल दर्द से कराह उठी, “ नहिन्न…उन्न्ञन्…बहुत ज़ोर से दबा रहे है आप…नहिन्न….”

आँचल का दर्द देखकर स्वामी थोड़ी देर तक रुक गया और बोला,” क्यूँ रो रही है ? अभी तो तेरी गांड में घुसाऊँगा.”

फिर उसने आँचल को घुटनो के बल कुतिया बना दिया और उसकी चूत में पीछे से लंड घुसा दिया.

टाइट चूत में स्वामी का मोटा लंड घुसने से आँचल चिल्लाई,”उननगज्गघह…ओइइ…”

स्वामी को डोगी पोज़ बहुत पसंद था. आश्रम में आने वाली जवान औरतों को वो डोगी पोज़ में ज़रूर चोदता था. आँचल के उठे हुए नितंबों में थप्पड़ मारते हुए वो तेज तेज धक्के लगाने लगा. धक्कों से आँचल की बड़ी बड़ी चूचियाँ लटककर आगे पीछे को हिलने लगी. स्वामी हाथ आगे करके चूचियों को मसलने लगा.

स्वामी ने आँचल की चूत में तेज तेज धक्के मारते हुए पूछा,” क्या तुम्हारे पति ने ऐसे चोदा है ?”

“उन्न्गह…..ऊओुईइ….माआआआ…..” आँचल ने सिसकारियों से जवाब दिया.

स्वामी मज़े लेते हुए बोला,” अपनी माँ को क्यूँ याद कर रही हो ? मज़ा नही आ रहा है क्या ?”

स्वामी ने उत्तेजना में आँचल के बड़े नितंब थप्पड़ मार मार कर लाल कर दिए.

“उन्न्नह….ओह…..स्वामी….आह…” आँचल दर्द से चिल्लाई और वो झड़ती रही ……..और झड़ती रही.

फिर स्वामी ने अपना लंड चूत से बाहर निकालकर आँचल की गांड के छेद में लगा दिया. सुपाड़े को अंदर डालने के लिए उसने एक धक्का लगाया.

“ ओइईईईईईई…माआ……आआअहह……, मैं मर जाऊँगी, बहुत दर्द हो रहा है,” आँचल गांड में दर्द से चिल्ला पड़ी.

सुपाड़े को गांड में घुसाते हुए स्वामी बोला,” बस थोड़ा दुखेगा, तेरी गांड बहुत टाइट है ना….अभी मज़ा भी मिलेगा तुम्हें….”.

फिर सुपाड़ा अंदर जाने के बाद स्वामी ने बाकी का हिस्सा भी पूरा गांड में घुसा दिया. आँचल को लगा उसकी गांड दो हिस्सों में फट गयी है. दर्द से उसके आँसू बहने लगे और वो रोने लगी.
पर स्वामी ने उसके रोने पर कोई ध्यान नही दिया और उसकी गांड मारते रहा.

थोड़ी देर बाद आँचल को दर्द कुछ कम हो गया और अब गांड में लंड की रगड़ से उसको भी थोड़ा मज़ा मिलने लगा.

तभी एक लड़की वहाँ आई और स्वामी से बोली की आँचल का ससुर उसे लेने आ गया है.
स्वामी उत्तेजना में था उसने लड़की की बात पर कोई ध्यान नही दिया. स्वामी ने आँचल की गांड मारना जारी रखा . कुछ देर बाद उसने आँचल की गांड को अपने वीर्य से भर दिया.
अब स्वामी बहुत थक चुका था , सुबह से दो औरतों को कई बार चोदने की वजह से. वो आँचल के बदन के उपर ही लेट गया. आँचल उसके वजन से दब गयी.

जब लड़कियों ने फिर से ससुर की बात कही तो स्वामी बोला, “ इसको ले जाकर नहलाओ और कपड़े पहना दो.”

आँचल ने स्वामी से विनती की, “ स्वामीजी , मैं ऐसे उनके पास नही जा सकती,वो सब समझ जाएँगे. प्लीज़…..उनको बोलो की मैं यहाँ से निकल चुकी हूँ. मैं ऑटो पकड़कर चली जाऊँगी.”

स्वामी बोला,” ठीक है. जैसा तुम चाहती हो हम वैसा ही करेंगे पर इसके बदले तुम्हें भी मेरा काम करना होगा.”

आँचल ने बिना काम पूछे ही तुरंत हामी भर दी.

स्वामी ने लड़की से कहा की वो आँचल के ससुर से जाकर कह दे की वो यहाँ से पहले ही जा चुकी है.
फिर उसने आँचल से कहा, “ कल सुबह 6 बजे आने की बजाय 10 बजे आना.”

आँचल ने ठीक है कहा और नहाने चली गयी. नहा धोकर कपड़े पहनने के बाद वो आश्रम से बाहर आ गयी और ऑटो ढूंढने लगी.

जब एक ऑटो ड्राइवर ने उससे पूछा की कहाँ चलना है ? तो आँचल ने सोचने में थोड़ा वक़्त लगाया क्यूंकी उसकी समझ में नही आ रहा था की वो घर जाए या बैंक जाए.

ऑटो वाले ने उसको सोचते देखकर हाइ क्लास कॉल गर्ल समझा, वो उसे घूरते हुए बोला, “ होटेल में जाने का है क्या ?”

उसकी बात सुनकर आँचल को बहुत गुस्सा आया. उसने कहा, “ कनाट प्लेस चलो.”

आँचल ने सोचा की खुद ही बैंक जाकर पेपर में साइन करके आती हूँ.
बैंक में पहुँचकर आँचल सीधे बैंक मैनेजर के केबिन में चली गयी और अपना परिचय दिया.

बैंक मैनेजर मिस्टर सेठी था जिसकी उमर करीब 50 वर्ष की थी. अपने केबिन में खूबसूरत आँचल को देखकर मैनेजर उसकी बात ध्यान से सुनने लगा. फिर उसने पिओन को बुलाकर साइन करने के लिए पेपर्स और चाय लाने को कहा. आँचल से बात करते समय सेठी का ध्यान आँचल की चूचियों पर ही था.

सेठी को चूचियाँ घूरते देखकर आँचल को ध्यान आया की आश्रम से आते समय जल्दबाज़ी में वो ब्रा और पैंटी पहनना भूल गयी थी. उसके सूज़े हुए निपल पतले ब्लाउज से दिख रहे थे. तब उसको ध्यान आया की ऑटो ड्राइवर उसको कॉल गर्ल क्यूँ समझ रहा था क्यूंकी बिना ब्रा के निपल उसने भी देख लिए होंगे. मैनेजर के सामने बैठी आँचल शरमा गयी पर अब कुछ किया नही जा सकता था. बैंक में काम खत्म होकर घर लौटने तक उसे इन्ही कपड़ो से काम चलाना था.

मैनेजर भगवान द्वारा अपने केबिन में भेजी गयी अप्सरा को देखकर बहुत खुश था, इसीलिए जब पिओन फटाफट साइन करने के लिए पेपर्स ले आया तो उसे बहुत गुस्सा आया. मन ही मन सोचने लगा, कम्बख़्त थोड़ी देर लगाकर नही ला सकता था.

फिर मैनेजर ने आँचल से पेपर्स पर साइन करने को कहा और खुद जाकर आँचल के पीछे खड़ा हो गया, कहाँ कहाँ पर साइन करने है ये बताने के लिए.

आँचल को कुछ मतलब नही था की वो किन पेपर्स पर साइन कर रही है, जैसा मैनेजर ने बताया वैसे उसने साइन कर दिए. पीछे खड़ा मैनेजर उसकी बिना ब्रा की चूचियों का नज़ारा देख रहा था. आँचल की दूध जैसी गोरी चूचियाँ और उनके बीच की गहरी खाई देखकर मैनेजर का लंड खड़ा हो गया. फिर वो हाथ लगाकर बताने लगा की यहाँ पर साइन करने है और बहाने से उसकी बाँह छूने लगा. उसने बैठी हुई आँचल की बाँह और कंधे से अपना खड़ा लंड भी रगड़ दिया.

Agle din subah Sunil ne Aanchal ko Swami ke ashram mein pooja ke liye car se pahuncha diya. Aanchal stud Swami ke sath phir se chudai ko lekar bahut excited thi. Lekin is baar usko waiting room mein 1 ghante se bhi jyada samay tak baithna pada.

Baat ye thi ki andar Swami ek nayi naweli shadishuda aurat ko chod raha tha.
Ek ghante baad wo dono ladkiyan aayi aur Aanchal ko Swami ke kamre mein le gayi. Swami ko dekhte hi Aanchal apne kapde utarne lagi . Aanchal ki chudne ko jaldbazi dekhkar Swami khus ho gaya. Nangi Aanchal ko Swami ne apni god mein baitha liya. Aanchal ke naram nitambon ke sparsh se Swami ka lund khada hone laga. Aanchal ne bhi apne nitambon ke niche Swami ke khade hote lund ko mehsoos kiya. Usne Swami ko apne alingan mein bhar liya aur apni badi chuchiyon ko uski chati mein dab jane diya.

Swami uski chuchi ko apne hath se pakadkar nipple ke charo aur angutha ghumane laga. Aanchal ke munh se siskariyan nikalne lagi. Phir achanak usne ek jhatke mein apna lund Aanchal ki choot mein ghusa diya.

Aanchal achanak hue hamle se chillayi ,” oiiiiiiiiii.uuuuuuugggghhhh…”

Choot mein pura lund jane ke baad Swami ne apne samne latakti Aanchal ki badi badi chuchiyon par dhyan lagaya . wo unko choosne , choomne aur katne laga. Ji bharkar choosne ke baad usne Aanchal ke nitambon ke niche hath dalkar usko lund par upar uchalna shuru kiya.

Aanchal apni choot mein Swami ke mote lund ke andar bahar hone se jor jor se siskariyan bharne lagi ,”..ahhhh…unnnn…..swamiji chodo…uffff…unnnnnnnn…..ahhhhhh….”

Swami bola,” maza aa raha hai tumhe ?”

“unnn….haaann….swamiji…..” Aanchal ne lund par uchalte hue jawab diya.
Swami ke mote lund se Aanchal ki tight choot ki khoob ragdai ho rahi thi. Aise ragad se wo madhosh ho gayi. Madak Aanchal ko apni god mein madhosh hokar chudwate dekhkar Swami ne uske rasile hothon ko chaba liya . Aanchal ko pehla orgasm aa gaya aur wo siskariyan leti hui jhad gayi. Kuch pal baad Swami ne uski choot ko garam virya se bhar diya. Swami Aanchal ko apne alingan mein kas ke jakde hue tha aur uski choot mein virya ki dhar par dhar chorta ja raha tha.

Phir usi pose mein wo utha aur Aanchal ki choot se apna lund nikale bina hi usko uthakar bed tak le gaya. Bed mein Aanchal ko litane ke baad Swami ko dhyan aaya ki kal to Aanchal ki choot mein ghane kale baal the. Aanchal ki chikni choot ko dekhkar wo bahut uttezit ho gaya aur sochne laga iss shadishuda aurat ki choot bilkul ladki jaisi tight kaise hai.

Swami ne pucha,” tumhara pati acche se chodta hai tumhe ?”

“unnhh….nahi Swamiji….” Aanchal abhi bhi chudai ke nashe mein thi.

Un dono ladkiyon mein se ek ladki ne Aanchal ki chikni choot dekhi to wo apne ko rok nahi payi aur Aanchal ke bagal mein letkar usne Aanchal ki choot mein munh laga diya aur uski choot se nikalte ras ko chatne lagi. Apni choot aur clit par ladki ki jeebh ki ragad se Aanchal kamanad se siskariyan lene lagi. Apni choot chatwana Aanchal ko bahut accha lagta tha. Uska bhi mann choot chatne ka hone laga.

Aanchal boli, “ idhar do….unnhhhh…apni choot idhar do…..ungggghhhhh..”

Aanchal ki baat sunkar us ladki ne 69 pose mein apni choot Aanchal ke munh par laga di. Ab dono ek dusre ki clit aur gili ras se bhari choot ko jeebh se chatne, choomne aur choosne lagi.

Swami apne samne ke nazare ko dekhkar bahut uttezit ho gaya aur siskariyan leti ladkiyon ke bagal mein bed par let gaya. Phir usne Aanchal ki gand ke ched mein ungli ghusa di aur ungli se gand chodne laga. Choot aur gand dono ki ragdai se Aanchal anand se chikhne lagi aur orgasm par orgasm se jhadti rahi.

Phir Swami ne Anchal ke pet ke dono aur apni tange rakh di aur uski dono chuchiyon ke beech lund ragadne laga. Dusri ladki ne Aanchal ke sar ke niche takiya laga kar uska sar thoda utha diya. Swami uski dono badi chuchiyon ko aapas mein milakar beech mein lund dalkar chuchi chodne laga. Aanchal ko dard hua.

Aanchal dard se karah uthi, “ nahiii…unnnn…bahut jor se daba rahe hai aap…nahinn….”

Aanchal ka dard dekhkar Swami thodi der tak ruk gaya aur bola,” kyun ro rahi hai ? abhi to teri gand mein ghusaunga.”

Phir usne Aanchal ko ghutno ke bal kutia bana diya aur uski choot mein piche se lund ghusa diya.
Tight choot mein Swami ka mota lund ghusne se Aanchal chillayi,”unngggghhhh…oiiii…”

Swami ko dogi pose bahut pasand tha. Ashram mein aane wali jawan auraton ko wo dogi pose mein jaroor chodta tha. Aanchal ke uthe hue nitambon mein thappad marte hue wo tej tej dhakke lagane laga. Dhakkon se Aanchal ki badi badi chuchiyan latakkar aage piche ko hilne lagi. Swami hath aage karke chuchiyon ko masalne laga.

Swami ne Aanchal ki choot mein tej tej dhakke marte hue pucha,” kya tumhare pati ne aise choda hai ?”

“unnhhhhhghhhh…..ooouiiii….maaaaaaaa…..” Aanchal ne siskariyon se jawab diya.

Swami maze lete hue bola,” apni Ma ko kyun yaad kar rahi ho ? maza nahi aa raha hai kya ?”

Swami ne uttezna mein Aanchal ke bade nitamb thappad maar maar kar laal kar diye.
“unnnhhh….ohhhhh…..swami….ohhhh…” Aanchal dard se chillayi aur wo jahdti rahi ……..aur jhadti rahi.

Phir Swami ne apna lund choot se bahar nikalkar Aanchal ki gand ke ched mein laga diya. Supade ko andar dalne ke liye usne ek dhakka lagaya.

“ oiiiiiiiii…maaaa……aaaaahhhhhh……, mai mar jaungi, bahut dard ho raha hai,” Aanchal gand mein dard se chilla padi.

Supade ko gand mein ghusate hue Swami bola,” bas thoda dukhega, teri gand bahut tight hai na….abhi maja bhi milega tumhe….”.

Phir supada andar jane ke baad Swami ne baki ka hissa bhi pura gand mein ghusa diya. Aanchal ko laga uski gand do hisson mein fat gayi hai. Dard se uske aanshu behne lage aur wo rone lagi.

Par Swami ne uske rone par koi dhyan nahi diya aur uski gand marte raha.
Thodi der baad Aanchal ko dard kuch kam ho gaya aur ab gand mein lund ki ragad se usko bhi thoda maza milne laga.

Tabhi ek ladki wahan aayi aur Swami se boli ki Aanchal ka Sasur use lene aa gaya hai.

Swami uttezna mein tha usne ladki ki baat par koi dhyan nahi diya. Swami ne Aanchal ki gand marna jari rakha . Kuch der baad usne Aanchal ki gand ko apne virya se bhar diya.

Ab Swami bahut thak chuka tha , subah se do auraton ko kai baar chodne ki wajah se. Wo Aanchal ke badan ke upar hi let gaya. Aanchal uske wajan se dab gayi.
Jab ladkiyon ne phir se Sasur ki baat kahi to Swami bola, “ isko le jakar nahlao aur kapde pehna do.”

Aanchal ne Swami se vinti ki, “ Swamiji , mai aise unke pass nahi ja sakti,wo sab samajh jayenge. Please…..unko bolo ki mai yahan se nikal chuki hun. Mai auto pakadkar chali jaungi.”

Swami bola,” theek hai. Jaisa tum chahti ho hum waisa hi karenge par iske badle tumhe bhi mera kaam karna hoga.”

Aanchal ne bina kaam puche hi turant hami bhar di.

Swami ne ladki se kaha ki wo Aanchal ke Sasur se jakar keh de ki wo yahan se pehle hi ja chuki hai.

Phir usne Aanchal se kaha, “ kal subah 6 baje aane ki bajay 10 baje aana.”

Aanchal ne theek hai kaha aur nahane chali gayi. Naha dhokar kapde pahanne ke baad wo Ashram se bahar aa gayi aur Auto dhondhne lagi.

Jab ek auto driver ne usse pucha ki kahan chalna hai ? to Aanchal ne sochne mein thoda waqt lagaya kyunki uski samajh mein nahi aa raha tha ki wo ghar jaye ya bank jaye.

Auto wale ne usko sochte dekhkar high class call girl samjha, wo use ghorte hue bola, “ hotel mein jane ka hai kya ?”

Uski baat sunkar Aanchal ko bahut gussa aaya. Usne kaha, “ Connaught place chalo.”

Aanchal ne socha ki khud hi bank jakar paper mein sign karke aati hun.
Bank mein pahunchkar Aanchal sidhe bank manager ke cabin mein chali gayi aur apna parichay diya.

Bank manager Mr Sethi tha jiski umar kareeb 50 varsh ki thi. Apne cabin mein khoobsurat Aanchal ko dekhkar manager uski baat dhyan se sunne laga. Phir usne peon ko bulakar sign karne ke liye papers aur chai lane ko kaha. Aanchal se baat karte samay Sethi ka dhyan Aanchal ki chuchiyon par hi tha.

Sethi ko chuchiyan ghoorte dekhkar Aanchal ko dhyan aaya ki Ashram se aate samay jaldbazi mein wo bra aur panty pehanna bhool gayi thi. Uske suze hue nipple patle blouse se dikh rahe the. Tab usko dhyan aaya ki Auto driver usko call girl kyun samajh raha tha kyunki bina bra ke nipple usne bhi dekh liye honge.

Manager ke samne baithi Aanchal sharma gayi par ab kuch kiya nahi ja sakta tha. Bank mein kaam khatam hokar ghar lautne tak use inhi kapdo se kaam chalana tha.

Manager bhagwan dwara apne cabin mein bheji gayi apsara ko dekhkar bahut khus tha, isiliye jab peon fatafat sign karne ke liye papers le aaya to use bahut gussa aaya. Mann hi mann sochne laga, kambakht thodi der lagakar nahi la sakta tha.
Phir manager ne Aanchal se papers par sign karne ko kaha aur khud jaker Aanchal ke piche khada ho gaya, kahan kahan par sign karne hai ye batane ke liye.

Aanchal ko kuch matlab nahi tha ki wo kin papers par sign kar rahi hai, jaisa manager ne bataya waise usne sign kar diye. Piche khada manager uski bina bra ki chuchiyon ka nazara dekh raha tha. Aanchal ki doodh jaise gori chuchiyan aur unke beech ki gehri khai dekhkar manager ka lund khada ho gaya. Phir wo hath lagakar batane laga ki yahan par sign karne hai aur bahane se uski banh chune laga. Usne baithi hui Aanchal ki banh aur kandhe se apna khada lund bhi ragad diya.

Post Reply