आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 12 Nov 2017 14:33


आँचल बैंक मैनेजर सेठी के खड़े लंड से रगड़ महसूस कर रही थी पर उसने ऐसे दिखाया जैसे उसे कुछ पता नही है. वो समझ गयी थी उसकी मादक जवानी से बुड्ढा उत्तेजित हो गया है. आँचल को कोई विरोध ना करते देखकर मैनेजर उससे पेपर्स पर साइन करवाते रहा और बहाने से उसके बदन से अपना लंड भी रगड़ते रहा. जब सब जगह साइन हो गये तो उसने आँचल से फोटोग्राफ्स माँगे. आँचल के पास कोई फोटो नही थी उसने कहा की वो मंडे को फोटोज भिजवा देगी.

सेठी ने बहाना बनाया ,” मैडम फोटो तो आज ही चाहिए.”
आँचल की कुछ समझ में नही आया .

आँचल को चुप देखकर सेठी बोला, “आप चिंता मत कीजिए मिसेज जोशी, मैं आपको एक फोटो स्टूडियो में लिए चलता हूँ .”

फिर उसने पिओन को बुलाकर उससे कहा की ड्राइवर से कहो आफीशियल कार बैंक के गेट पर लाए.
बैंक की कार में आँचल के साथ सेठी पीछे की सीट पर उससे सट के बैठा था. उसने अपनी टाँगे आँचल की टाँगों से सटा रखी थी और अपना एक हाथ आँचल के पीछे सीट पर रखा था जो आँचल के कंधों को सहला रहा था.
आँचल ने सेठी के हाथ को अपने कंधों पर महसूस किया और देखा की पैंट में उसका लंड तंबू बना रहा है. सेठी आँचल को बता रहा था की वो कितनी इंपॉर्टेंट पोस्ट पर है. उसने आँचल से कहा की जब भी उसे लोन की ज़रूरत होगी मेरे पास बिना झिझक चले आना , तुरंत जितना चाहिए उतना लोन सेंक्शन कर दूँगा. सेठी ने बताया की मैंने तुम्हारे पति की फैक्ट्री को कितना सारा लोन दिया है.
सेठी ने आँचल से कहा की मैं तुम्हारी शादी में भी आया था , तब तुम दुल्हन की ड्रेस में कितनी खूबसूरत लग रही थी.

जब भी वो कार खराब रोड पर झटके खाती तो आँचल की बिना ब्रा में बड़ी चूचियाँ ज़ोर से हिलती और उन्हे हिलते देखकर उत्तेजना से सेठी आँचल से थोड़ा और सट जाता.
आँचल भी सेठी की इन हरकतों से उत्तेजित होने लगी. सेठी के पैंट में बने तंबू से उसने अंदाज़ा लगा लिया की इसका लंड बड़ा ही लग रहा है. सेठी ने जब आँचल को अपने पैंट में बने तंबू को देखते पाया तो उसकी उत्तेजना और हिम्मत दोनो बढ़ गयी. अब उसने हाथ थोड़ा नीचे किया और आँचल की गर्दन पर पीछे से हाथ फिराने लगा. उसने आँचल के फिगर और उसकी खूबसूरती की तारीफ करनी शुरू कर दी.

सेठी ने अपने बैंक में बहुत सी औरतों को चोदा था , जो वहाँ काम करती थी उनको भी और जो बैंक में काम कराने आती थी उनको भी. अपनी बड़ी पोज़िशन की वजह से उसका रौबदाब बैंक में रहता था. आँचल की गर्दन मलते हुए वो आँचल को भी चोदने का प्लान बना रहा था.

तभी ड्राइवर ने कार फोटो स्टूडियो के आगे रोक दी. सेठी और आँचल कार से उतर गये. सेठी ने आँचल की बाँह कोहनी से थोड़ा ऊपर पकड़ ली और चलने लगा. बाँह पकड़ने से आँचल की मुलायम चूची से उसका हाथ छू जा रहा था. वैसे खड़े लंड के साथ चलने में खुद उसे भी परेशानी हो रही थी.

आँचल बुड्ढे की बोल्डनेस देखकर हैरान थी और साथ ही उत्तेजित भी. उसने सेठी को अपनी बाँह पकड़ने से रोका नही. वो ये देखना चाहती थी अब बुड्ढा आगे क्या करता है. आँचल मादक सा मुँह बनाकर सेठी के साथ चलती रही. सेठी के ऊपर अपने रूप का जादू चलने से उसे सेठी अपना गुलाम जैसा महसूस हो रहा था जो की उसकी फोटो के लिए अपना बैंक छोड़कर उसके आगे पीछे घूम रहा था. आँचल के मादक जिस्म का जादू हर मर्द के ऊपर ऐसे ही चल जाता था. और इस बात का उसे गर्व भी था.

फोटो स्टूडियो में फोटोग्राफर ने पूछा की 5 मिनट में पोलोराइड फोटो चाहिए या पासपोर्ट साइज़ वाली ? उसके लिए 2 घंटे लगेंगे. सेठी तुरंत बोला बैंक में पासपोर्ट वाली ही लगेगी.
फिर सेठी ने आँचल को स्टूल में बिठा दिया और इसी बहाने उसकी चूचियाँ भी छू ली. फिर सही पोज़ बनाने के लिए उसके चेहरे को दोनो हाथों से पकड़कर सीधा करने लगा. फोटोग्राफर भी हैरान था जो काम मेरा है ये बुड्ढा खुद ही कर रहा है . कहाँ बिठाना है कैसा पोज़ बनाना है , ये मैं बताऊँगा या ये बुड्ढा.

उधर आँचल भी सेठी की सब हरकतें समझ रही थी. अपने चेहरे और बदन पर सेठी के बार बार टच करने से उसे हॉर्नी फील हो रहा था. उसने अपने होंठ पॉउट करके फोटो खिचाने के लिए एक सेक्सी सा पोज़ बनाया. सेठी ठीक उसके आगे खड़ा होकर उसके बाल और चेहरा ठीक कर रहा था. सेठी का लंड ठीक आँचल के मुँह के सामने था. आँचल का मन हुआ की वहीं पर सेठी के पैंट की ज़िप खोलकर उसका लंड मुँह में ले ले. इस ख्याल से ही उसकी चूत से रस निकलने लगा.

फोटो खिचाने के बाद सेठी बोला पास में ही एक रेस्टोरेंट है वहाँ लंच कर लेते हैं , क्यूंकी फोटो मिलने में तो 2 घंटे लगेंगे. आँचल ने हामी भर दी. सेठी उसको एक रेस्टोरेंट में ले गया वहाँ बहुत कम लोग थे और लाइट भी काफ़ी कम रोशनी वाली थी . शायद कपल्स की सुविधा के लिए वहाँ कम रोशनी थी जिससे वो अपनी चुम्मा चाटी कर सकें . रेस्टोरेंट में सेठी और बोल्ड हो गया. वो बातें करते करते आँचल की पीठ पर हाथ फिराने लगा. आँचल ने उसकी गरम साँसे अपने चेहरे पर महसूस की. सेठी उसके कंधे और गर्दन को भी मल रहा था. फिर सेठी ने आँचल से बियर पीने को कहा. आँचल ने पहले कभी बियर नही पी थी पर सेठी के ज़ोर देने पर वो मान गयी.
सेठी ने एक ग्लास में बियर डालकर उसको आँचल के होठों पर लगाया, आँचल ने थोड़ी बियर गटक ली. आँचल को बियर पिलाते हुए सेठी ने उसके ब्लाउज पर हाथ रख दिया और उसकी बिना ब्रा की चूचियों को दबाने लगा. आँचल हल्के से मोन करने लगी. फिर सेठी ने अचानक आगे झुककर आँचल के होठों पर अपने होंठ लगाकर एक चुंबन ले लिया.

सेठी की बोल्डनेस से अचंभित होकर आँचल ने उसे टोका,” मिस्टर सेठी…..”

“आप बहुत सेक्सी हैं मिसेज जोशी. मैं अपने ऊपर कंट्रोल नही कर पाया.” सेठी बोला. और उसने फिर से आँचल के होंठ पर चुंबन लेकर उसके निचले होंठ को अपने दांतो से हल्का सा काट लिया.

“उननग्ग्घह…….ऊओह…” उत्तेजना से आँचल की सिसकी निकल गयी . उसने हाथ आगे बढ़ाकर टेबल के नीचे सेठी के पैंट के अंदर उसका लंड पकड़ लिया. सख़्त मोटा लंड अपने हाथ में महसूस करते ही उसकी उत्तेजना और बढ़ गयी.
आँचल की हालत देखकर सेठी समझ गया अब इसको चोदने में कोई परेशानी नही होगी. उसने फटाफट बिल पेमेंट किया और वेटर को 500 रुपये देकर उससे दूसरी मंज़िल में कमरे की चाभी माँगी.

वेटर ने सेठी को मादक आँचल के साथ देखा जो सिसकारियाँ ले रही थी. वो मन ही मन सोचने लगा साले बुड्ढे ने क्या सेक्सी माल पटाया है. वैसे वो सेठी को जानता था क्यूंकी सेठी अपने बैंक की ट्रेनी लड़कियों और कभी कभी कॉल गर्ल्स को लेकर वहाँ आता था और रूम की चाभी उसी से माँगता था.
आँचल ने सेठी को रुपये देते हुए देखा , सेठी और वेटर की आँखो ही आँखो में हुई बात और वेटर के मुस्कुराने से आँचल शरमा गयी. उत्तेजना से उसका बुरा हाल था और उसे इश्स बात से कोई फरक नही पड़ता था की वेटर उसके बारे में क्या सोच रहा होगा. वो चुदाई के लिए अब और इंतज़ार नही कर पा रही थी.

वेटर चाभी लेकर आया तो देखा बुड्ढा आँचल को किस कर रहा था. वो दोनो अपने अगल बगल भी ध्यान नही दे रहे थे. वैसे उस समय लोग तो कम ही थे वहाँ फिर भी….
वेटर सोचने लगा क्या उसको भी इस सेक्सी औरत को चोदने का चांस मिलेगा ? आँचल की ब्लाउज से बाहर दिखती चूचियों को देखकर वो अपनी जीभ होठों पर फिराते हुए सेठी की किस्मत से जलन करने लगा. साला इस उमर में भी इतनी चिकनी माल को चोद पा रहा है.

आँचल सेठी के साथ किस कर रही थी और वेटर उसको देखकर मन ही मन सोच रहा था,” साले बुड्ढे ने आज तो मस्त छोकरी पटाई है, क्या मस्त मम्मे हैं इसके. ज़रूर मज़ा आएगा बुड्ढे को, साला…”

सेठी मादक आँचल को सिड्यूस करके बहुत खुश था . चाभी मिलने के बाद वो आँचल की बाँह पकड़कर ऊपर कमरे की तरफ जाने लगा. रेस्टोरेंट में मौजूद लोग और वेटर्स की जलन भरी निगाहों से उसे और मज़ा आ रहा था. सेठी जानबूझकर लोगों को जलाने के लिए रेस्टोरेंट मैनेजर के पास जाकर रुका और उससे थोड़ी देर बातचीत की . लोगों को दिखाने के लिए आँचल के बदन पर वो हाथ भी फिराता जा रहा था.

सेठी के टच करने से आँचल मदहोशी में थी उसे अपनी होने वाली चुदाई के ख़याल से चूत रस बहता महसूस हो रहा था.

मैनेजर ने आँचल की बड़ी बड़ी चूचियां देखी , फिर उसे घूरते हुए सेठी से पूछा,” कितने में सौदा हुआ ?”

उसकी बात पर सेठी हंसा और आँचल को सीढ़ियों से ऊपर कमरे में ले गया.
Aanchal bank manager Sethi ke khade lund se ragad mehsoos kar rahi thi par usne aise dikhaya jaise use kuch pata nahi hai. Wo samajh gayi thi uski madak jawani se buddha uttezit ho gaya hai. Aanchal ko koi virodh na karte dekhkar manager usse papers par sign karwate raha aur bahane se uske badan se apna lund bhi ragadte raha. Jab sab jagah sign ho gaye to usne Aanchal se photographs mange. Aanchal ke pass koi photo nahi thi usne kaha ki wo Monday ko photos bhijwa degi.

Sethi ne bahana banaya ,” madam photo to aaj hi chahiye.”

Aanchal ki kuch samajh mein nahi aaya .

Aanchal ko chup dekhkar Sethi bola, “Aap chinta mat kijiye Mrs Joshi, mai aapko ek photo studio mein liye chalta hun .”

Phir usne peon ko bulakar usse kaha ki driver se kaho official car bank ke gate par laye.

Bank ki car mein Aanchal ke sath Sethi piche ki seat par usse sat ke baitha tha. Usne apni tange Aanchal ki tangon se sata rakhi thi aur apna ek hath Aanchal ke piche seat par rakha tha jo Aanchal ke kandhon ko sahla raha tha.

Aanchal ne Sethi ke hath ko apne kandhon par mehsoos kiya aur dekha ki pant mein uska lund tambo bana raha hai. Sethi Aanchal ko bata raha tha ki wo kitni important post par hai. Usne Aanchal se kaha ki jab bhi use loan ki jarurat hogi mere pass bina jhijhak chale aana , turant jitna chahiye utna loan sanction kar dunga. Sethi ne bataya ki mene tumhare pati ki company ko kitna sara loan diya hai.

Sethi ne Aanchal se kaha ki mai tumhari shadi mein bhi aaya tha , tab tum dulhan ki dress mein kitni khoobsurat lag rahi thi.
Jab bhi wo car kharab road par jhatke khati to Aanchal ki bina bra mein badi chuchiyan jor se hilti aur unhe hilte dekhkar uttezna se Sethi Aanchal se thoda aur sat jata.

Aanchal bhi Sethi ki in harkaton se uttezit hone lagi. Sethi ke pant mein bane tambu se usne andaza laga liya ki iska lund bada hi lag raha hai. Sethi ne jab Aanchal ko apne pant mein bane tambu ko dekhte paya to uski uttezna aur himmat dono bad gayi. Ab usne hath thoda niche kiya aur Aanchal ki garden par piche se hath firane laga. Usne Aanchal ke figure aur uski khoobsurati ki tareef karni shuru kar di.

Sethi ne apne bank mein bahut si auraton ko choda tha , jo wahan kaam karti thi unko bhi aur jo bank mein kaam karane aati thi unko bhi. Apni badi position ki wajah se uska rob dob bank mein rehta tha. Aanchal ki garden malte hue wo Aanchal ko bhi chodne ka plan bana raha tha.

Tabhi driver ne car photo studio ke aage rok di. Sethi aur Aanchal car se utar gaye. Sethi ne Aanchal ki banh kohni se thoda upar pakad li aur chalne laga. Banh pakadne se Aanchal ki mulayam chuchi se uska hath chu ja raha tha. Waise khade lund ke sath chalne mein khud use bhi pareshani ho rahi thi.

Aanchal buddhe ki boldness dekhkar hairan thi aur sath hi uttezit bhi. Usne Sethi ko apni banh pakadne se roka nahi. Wo ye dekhna chahti thi ab Buddha aage kya karta hai. Aanchal madak sa munh banakar Sethi ke sath chalti rahi. Sethi ke upar apne roop ka jadoo chalne se use Sethi apna gulam jaisa mehsoos ho raha tha jo ki uski photo ke liye apna bank chodkar uske aage piche ghoom raha tha. Aanchal ke madak jism ka jadoo har mard ke upar aise hi chal jata tha. Aur is baat ka use garv bhi tha.

Photo studio mein photographer ne pucha ki 5 min mein Polaroid photo chahiye ya passport size wali ? uske liye 2 ghante lagenge. Sethi turant bola bank mein passport wali hi lagegi.

Phir Sethi ne Aanchal ko stool mein bitha diya aur isi bahane uski chuchiyan bhi chu li. Phir sahi pose banane ke liye uske chehre ko dono hathon se pakadkar sidha karne laga. Photographer bhi hairan tha jo kaam mera hai ye Buddha khud hi kar raha hai . kahan bithana hai kaisa pose banana hai , ye mai bataunga ya ye Buddha.

Udhar Aanchal bhi Sethi ki sab harkatein samajh rahi thi. Apne chehre aur badan par Sethi ke bar bar touch karne se use horny feel ho raha tha. Usne apne hoth pout karke photo khichane ke liye ek sexy sa pose banaya. Sethi theek uske aage khada hokar uske baal aur chehra theek kar raha tha. Sethi ka lund theek Aanchal ke munh ke samne tha. Aanchal ka mann hua ki wahin par Sethi ke pant ki zip kholkar uska lund munh mein le le. Iss khayal se hi uski choot se ras nikalne laga.

Photo khichane ke baad Sethi bola pass mein hi ek restaurant hai wahan lunch kar lete hain , kyunki photo milne mein to 2 ghante lagenge. Aanchal ne hami bhar di. Sethi usko ek restaurant mein le gaya wahan bahut kam log the aur light bhi kafi kam roshni wali thi sayad couples ki suvidha ke liye wahan kam roshni thi jisse wo apni chumma chati kar sake. Restaurant mein Sethi aur bold ho gaya. Wo batein karte karte Aanchal ki peeth par hath firane laga. Aanchal ne uski garam sanse apne chehre par mehsoos ki. Sethi uske kandhe aur garden ko bhi mal raha tha. Phir Sethi ne Aanchal se beer pine ko kaha. Aanchal ne pehle kabhi beer nahi pi thi par Sethi ke jor dene par wo maan gayi.

Sethi ne ek glass mein beer dalkar usko Aanchal ke hothon par lagaya, Aanchal ne thodi beer gatak li. Aanchal ko beer pilate hue Sethi ne uske blouse par hath rakh diya aur uski bina bra ki chuchiyon ko dabane laga. Aanchal halke se moan karne lagi. Phir Sethi ne achanak aage jhukkar Aanchal ke hothon par apne hoth lagakar ek chumban le liya.

Sethi ki boldness se achambhit hokar Aanchal ne use toka,” Mr Sethi…..”

“Aap bahut sexy hain Mrs Joshi. Mai apne upar control nahi kar paya.” Sethi bola. Aur usne phir se Aanchal ke hoth par chumban lekar uske nichle hoth ko apne danto se halka sa kaat liya.

“unnggghhh…….ooohhhh…” uttezna se Aanchal ki siski nikal gayi . usne hath aage badakar table ke niche Sethi ke pant ke andar uska lund pakad liya. Sakht mota lund apne hath mein mehsoos karte hi uski uttezna aur bad gayi.
Aanchal ki halat dekhkar Sethi samajh gaya ab isko chodne mein koi pareshani nahi hogi. Usne fatafat bill payment kiya aur waiter ko 500 rupiye dekar usse dusri manzil mein kamre ki chabhi mangi.

Waiter ne Sethi ko madak Aanchal ke sath dekha jo siskariyan le rahi thi. Wo mann hi mann sochne laga sale buddhe ne kya sexy maal pataya hai. Waise wo Sethi ko janta tha kyunki Sethi apne bank ki trainee ladkiyon aur kabhi kabhi call girls ko lekar wahan aata tha aur room ki chabhi usi se mangta tha.

Aanchal ne Sethi ko rupiye dete hue dekha , Sethi aur waiter ki aankho hi aankho mein hui baat aur waiter ke muskurane se Aanchal sharma gayi. Uttezna se uska bura haal tha aur use iss baat se koi farak nahi padta tha ki waiter uske bare mein kya soch raha hoga. Wo chudai ke liye ab aur intzaar nahi kar pa rahi thi.

Waiter chabhi lekar aaya to dekha Buddha Aanchal ko kiss kar raha tha. Wo dono apne agal bagal bhi dhyan nahi de rahe the. waise us samay log to kam hi the wahan phir bhi….

Waiter sochne laga kya usko bhi is sexy aurat ko chodne ka chance milega ? Aanchal ki blouse se bahar dikhti chuchiyon ko dekhkar wo apni jeebh hothon par firate hue Sethi ki kismat se jalan karne laga. Sala is umar mein bhi itni chikni maal ko chod pa raha hai.

Aanchal Sethi ke sath kiss kar rahi thi aur waiter usko dekhkar mann hi mann soch raha tha,” sale buddhe ne aaj to mast chokri patayi hai, kya mast mamme hain iske. Jaroor maza aayega buddhe ko, sala…”

Sethi madak Aanchal ko seduce karke bahut khush tha . chabhi milne ke baad wo Aanchal ki banh pakadkar upar kamre ki taraf jane laga. Restaurant mein maujood log aur waiters ki jalan bhari nigahon se use aur maza aa raha tha. Sethi janboojhkar logon ko jalane ke liye restaurant manager ke pass jakar ruka aur usse thodi der baatchit ki . logon ko dikhane ke liye Aanchal ke badan par wo hath bhi firata ja raha tha.

Sethi ke touch karne se Aanchal madhoshi mein thi use apni hone wali chudai ke khayal se chootras behta mehsoos ho raha tha.

Manager ne Aanchal ki badi badi chuchiyan dekhi , phir use ghoorte hue Sethi se pucha,” kitne mein sauda hua ?”

Uski baat par Sethi hansa aur Aanchal ko seediyon se upar kamre mein le gaya.

Re: आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 12 Nov 2017 14:35

मैनेजर ने आँचल की बड़ी बड़ी चूचियां देखी , फिर उसे घूरते हुए सेठी से पूछा,” कितने में सौदा हुआ ?”

उसकी बात पर सेठी हंसा और आँचल को सीढ़ियों से ऊपर कमरे में ले गया.

कमरे में पहुचने के बाद बैंक मैनेजर सेठी ने फटाफट आँचल की साड़ी उतार दी. अब आँचल सिर्फ़ पेटीकोट और एक पतले ब्लाउज में थी. उस पतले ब्लाउज में आँचल की बड़ी बड़ी चूचियां बाहर आने को मचल रही थी. सेठी ने ब्लाउज के बाहर से ही निपल को मुँह में भर लिया और चूसने लगा फिर ऐसे ही उसने दूसरे निपल को भी चूसा. सेठी के मुँह की लार से वो पतले कपड़े का ब्लाउज पारदर्शी हो गया और ब्लाउज के बाहर से ही चूचियां दिखने लगी.

सेठी के चूचियों को चूसने से आँचल सिसकारियाँ लेने लगी,”..उनन्नज्ग्घह….आअहह….”

फिर सेठी ने आँचल का पेटीकोट उतार दिया और ब्लाउज खींचकर निकाल फेंका. आँचल ने ब्रा और पैंटी नही पहनी थी. उसकी बिना बालों की चिकनी चूत देखकर सेठी के मुँह में पानी आ गया. उसने आँचल को बेड में लिटा दिया और उसकी चूत में जीभ लगाकर चाटने लगा. आँचल की गुलाबी चूत के फूले होठों को देखकर सेठी कामवसना से पागल हो उठा. वो आँचल की क्लिट को जीभ से छेड़ने लगा.

“आअहह.......आअहह” सेठी की जीभ अपनी चूत पर रगड़ने से आँचल सिसकारियाँ लेने लगी. अपनी चूत चटवाना उसको बहुत पसंद था. सेठी के चूत चाटने से आँचल बहुत उत्तेजित हो गयी . उसकी चूत से रस निकलने लगा. आँचल उत्तेजना में भरकर अपने नितंबों को सेठी के मुँह पर उछालने लगी. जल्द ही उसको पहला ओर्गास्म आ गया और चूत से रस बहाते हुए वो झड़ गयी.

सेठी आँचल की कामुकता से हैरान रह गया और सोचने लगा ये तो बहुत ही मज़े ले रही है. उसने जीभ लगाकर आँचल की चूत से बहते रस को चाट लिया.
फिर सेठी ने अपने कपड़े उतार दिए. सेठी कद काठी में कोई खास नही था.
आँचल को उसका शरीर देखकर थोड़ी निराशा हुई. लेकिन जब उसने अपना पैंट और अंडरवियर उतारा तो उसके बड़े और मोटे तने हुए लंड को देखकर आँचल का मुँह खुला का खुला रह गया. उसकी आँखे सेठी के लंड पर ही जम गयी.

सेठी ने आँचल के चेहरे के भाव देखे. उसे इसकी आदत थी. जो भी औरत उसके लंड को देखती थी ऐसा ही रिएक्शन देती थी. सेठी बहुत अनुभवी चोदू था. कुछ औरतें उसके बड़े लंड को देखकर घबरा जाती थी और घबराहट से उनकी चूत बिल्कुल सूख जाती थी. सेठी उनको धैर्य से बहला फुसलाकर धीरे धीरे चोदता था और जब औरत की चूत से रस निकलना शुरू हो जाता था तब वो उनको अच्छी तरह से चोदता था. आँचल को देखकर सेठी समझ गया इसकी हालत भी वैसी ही हो रही है. उसने आगे बढ़कर आँचल का हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया.

अपने हाथ से बड़े लंड को महसूस करके आँचल डर गयी,” नही नही….मिस्टर सेठी….मैं मर जाऊंगी , इतना बड़ा…”

उसके और कुछ कहने से पहले ही सेठी ने अपने लंड के सुपाड़े को उसके होठों के बीच रख दिया. धीमे धीमे आँचल के गाल और बाल सहलाते हुए बोला,” घबराओ नही मिसेज जोशी, तुम बस इसे चूसो. सिर्फ़ चूसो और कुछ मत सोचो.”

आँचल सुपाड़े को चूसने लगी . सेठी ने धीरे धीरे अपना आधे से ज़्यादा लंड उसके मुँह में घुसा दिया. कुछ पल बाद सेठी को लगा की आँचल का दम घुट रहा है तो उसने लंड मुँह से बाहर निकाल लिया और लार से सने हुए लंड को आँचल के चेहरे पर रगड़ने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद उसने फिर से लंड आँचल के मुँह में घुसा दिया. धीरे धीरे मोटे लंड की आदत हो जाने के बाद आँचल मज़े से सेठी का लंड चूसने लगी. कुछ देर बाद उसने सेठी की गोलियों को भी चूसा. अब सेठी से कंट्रोल नही हो रहा था . आँचल ने इतनी अच्छी तरह से मज़े ले लेके उसका लंड चूसा की उसे लगा वो अब झड़ जाएगा.

सेठी ने आँचल के मुँह से लंड निकाल लिया और उसकी क्लिट और चूत के फूले होठों को चूसने लगा. आँचल मज़े से सिसकारियाँ लेने लगी. आँचल की डर और घबराहट से सूख चुकी चूत फिर से गीली होने लगी थी. सेठी को अपनी जीभ में चूत रस का स्वाद आया. उसने आँचल की टांगों को उठा कर अपने कंधों में रख लिया और आँचल की टाइट चूत के छेद में लंड का सूपाड़ा घुसाया.

“आआआअहह …ओइईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई….म्म्म्माआआआआआआ…” मोटे लंड के टाइट चूत में घुसते ही आँचल चिल्लाई.

सेठी बड़ी मुश्किल से आँचल की चूत में आधा लंड ही घुसा पाया , अब आगे को लंड घुस ही नही पा रहा था. वो धीरे धीरे और ज़्यादा लंड अंदर घुसाने की कोशिश करता रहा.

आँचल दर्द से चिल्लाई,” मिस्टर सेठी…….ओइईई…माआआ….तुम मेरी फाड़ दोगे…….ओइईई..”

फिर सेठी ने पूरा लंड बाहर निकाल लिया और फिर धीरे से अंदर घुसाना शुरू किया. ऐसा करते करते कुछ देर बाद वो अपना पूरा लंड जड़ तक चूत के अंदर घुसाने में सफल हो गया. उसके बाद उसने अपने दोनो हाथ आँचल की चूचियों पर रख दिए और धीरे धीरे चूत पर धक्के मारने लगा. उसकी गोलियाँ आँचल के नितंबों से टकरा रही थी. लंड के चूत की दीवारों में रगड़ खाने से आँचल की चीखें अब सिसकारियों में बदल गयी.

“मज़ा आ रहा है ना ? तेरी चूत तो बहुत टाइट और मस्त है आँचल जोशी ” , आँचल की टाइट चूत के मज़े लेते हुए सेठी बोला. मादक आँचल को अपने से चुदते हुए देखकर और सिसकारियाँ लेते हुए देखकर बुड्ढा अपने पहलवान लंड की ही तरह जवान महसूस कर रहा था.

“ आआहाआंन्न…..बहुत मज़ा आ रहा है…..चोदो …चोदो …उईईई माआ..और चोदो …” उत्तेजना में अपने नितंबों को ऊपर उछालती हुई आँचल बोली.

आँचल को मज़े में अपनी गांड ऊपर उछालते देखकर सेठी भी जोश में आ गया और उसने आँचल की चूत में ताबड़तोड़ स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए. उसकी गोलियों के तेज़ी से आँचल की गांड से टकराने से ठप ठप ठप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.

“ऊऊउीईईई…ओह…आआअहह…..उईईई..म्म्माआ….” सेठी के मोटे लंड के तेज तेज धक्कों से आँचल चिल्ला पड़ी.

थोड़ी ही देर में उसको ओर्गास्म आ गया और वो दूसरी बार झड़ गयी.
आँचल को झड़ते देखकर सेठी ने धक्के लगाने की स्पीड कम कर दी. और वो ओर्गास्म का आनंद लेती आँचल के चेहरे के बदलते भावों को देखते हुए मज़े लेने लगा. फिर कुछ देर वो आँचल की टाइट चूत में जकड़े हुए अपने लंड को रोके हुए ही रहा. कुछ देर बाद उसने फिर से स्ट्रोक लगाने शुरू किए और फिर से कमरे में ठप ठप ठप की आवाज़ गूंजने लगी.

आँचल ने मदहोशी में देखा , बुड्ढा पसीने से भीगा हुआ धक्के पर धक्के लगाए जा रहा है. सेठी आँचल की बड़ी बड़ी दूध जैसी गोरी गोरी चूचियों को दोनो हाथ से बुरी तरह से मसलते हुए धक्के लगाते रहा. आँचल झड़ती रही …और झड़ती रही……

कुछ देर बाद सेठी ने अपने गरम वीर्य से आँचल की चूत को पूरा भर दिया. फिर आँचल की चूत से लंड बाहर निकालकर सेठी ने आँचल के मुँह में डाल दिया. आँचल के मुँह में भी थोड़ा वीर्य चला गया जो उसने गटक लिया. फिर वो आँचल के बगल में लेट गया. दोनो के बदन पसीने से भीग गये थे और साँसे रुक रुक कर चल रही थी.

कुछ समय बाद सेठी बेड से उठा और बाथरूम में नहाने चला गया. नहाने के बाद उसने आँचल से भी नहाने को कहा. आँचल फटाफट नहा के आई और कपड़े पहनने लगी. उसका ब्लाउज सेठी की लार से गीला था और ज़ोर से खींचने से फट भी गया था. जब उसने ब्लाउज पहना तो उसकी चूचियां और निपल ब्लाउज के पतले गीले कपड़े से साफ दिखाई दे रहे थे. आँचल ने जैसे तैसे अपने पल्लू से छाती को ढका और सीढ़ियों से नीचे आ गयी.

वहाँ रेस्टोरेंट मैनेजर और कुछ वेटर्स खड़े थे. वो सब आँचल को ललचाई आँखो से देखने लगे. उसके सूज़े होंठ और बदन को देखकर लग रहा था की वो बुरी तरह से चुदी है. सेठी ने मैनेजर को कमरे की चाबी दी.

मैनेजर ने आँचल को ऊपर से नीचे घूरते हुए सेठी की पीठ ठोकी, “ साला बहुत मज़ा किया , क्या माल ठोका है तुमने आज.”

सेठी ने आँचल की कमर में हाथ डाला और उसे बाहर कार की तरफ ले जाने लगा. जाते जाते उसने मैनेजर और वेटर्स को आँख मारी.

कार में बैठने के बाद सेठी ने आँचल से कहा की फोटोग्राफ्स मैं खुद ही ले लूँगा. और ड्राइवर से कहा की तुम मुझे बैंक में उतार दो और उसके बाद आँचल को घर छोड़ देना.

“मज़ा आया इस बुड्ढे के साथ ?” सेठी ज़ोर से आँचल से बोला, बिना इस बात की परवाह किए हुए की ड्राइवर भी सब सुन रहा है.

आँचल को चुप देखकर फिर बोला,” बोलो, मिसेज जोशी , मज़ा आया कि नही ?”

आँचल ने उसके बार बार पूछने पर धीमे से कहा , “ हाँ …”

आँचल की धीमी आवाज़ सुनकर सेठी ज़ोर से हंसा और बोला,” मुझे फोन मारना , और भी मज़ा दूँगा.”

फिर अपने बैंक में सेठी उतर गया और ड्राइवर से आँचल को उसके घर तक छोड़ आने को कहा.

Manager ne Aanchal ki badi badi chuchiyan dekhi , phir use ghoorte hue Sethi se pucha,” kitne mein sauda hua ?”

Uski baat par Sethi hansa aur Aanchal ko seediyon se upar kamre mein le gaya.

Kamre mein pahuchne ke baad bank manager Sethi ne fatafat Aanchal ki saree utar di. Ab Aanchal sirf petticoat aur ek patle blouse mein thi. Us patle blouse mein Aanchal ki badi badi chuchiyan bahar aane ko machal rahi thi. Sethi ne blouse ke bahar se hi nipple ko munh mein bhar liya aur choosne laga phir aise hi usne dusre nipple ko bhi choosa. Sethi ke munh ki laar se wo patle kapde ka blouse pardarshi ho gaya aur blouse ke bahar se hi chuchiyan dikhne lagi.

Sethi ke chuchiyon ko choosne se Aanchal siskariyan lene lagi,”..unnnggghhh….aaahhhh….”

Phir Sethi ne Aanchal ka petticoat utar diya aur blouse khinchkar nikal phenka. Aanchal ne bra aur panty nahi pehni thi. Uski bina balon ki chikni choot dekhkar Sethi ke munh mein pani aa gaya. Usne Aanchal ko bed mein lita diya aur uski choot mein jeebh lagakar chatne laga. Aanchal ki gulabi choot ke phule hothon ko dekhkar Sethi kaamvasana se pagal ho utha. Wo Aanchal ki clit ko jeebh se chedne laga.

“Aaahhhhh.......aaahhhhhh” Sethi ki jeebh apni choot par ragadne se Aanchal siskariyan lene lagi. Apni choot chatwana usko bahut pasand tha. Sethi ke choot chatne se Aanchal bahut uttezit ho gayi . uski choot se ras nikalne laga. Aanchal uttezna mein bharkar apne nitambon ko Sethi ke munh par uchalne lagi. jald hi usko pehla orgasm aa gaya aur choot se ras bahate hue wo jhad gayi.

Sethi Aanchal ki kamukta se hairan reh gaya aur sochne laga ye to bahut hi maze le rahi hai. Usne jeebh lagakar Aanchal ki choot se behte ras ko chat liya.
Phir Sethi ne apne kapde utar diye. Sethi kad kathi mein koi khas nahi tha.
Aanchal ko uska sharer dekhkar thodi nirasha hui. Lekin jab usne apna pant aur underwear utara to uske bade aur mote tane hue lund ko dekhkar Aanchal ka munh khula ka khula reh gaya. Uski ankhe Sethi ke lund par hi jam gayi.

Sethi ne Aanchal ke chehre ke bhav dekhe. use iski aadat thi. Jo bhi aurat uske lund ko dekhti thi aisahi reaction deti thi. Sethi bahut anubhavi chodu tha. Kuch auratein uske bade lund ko dekhkar ghabra jati thi aur ghabrahat se unki choot bilkul such jati thi. Sethi unko dhairya se behla fuslakar dhire dhire chodta tha aur jab aurat ki choot se ras nikalna shuru ho jata tha tab wo unko acchi tarah se chodta tha. Aanchal ko dekhkar Sethi samajh gaya iski halat bhi waisi hi ho rahi hai. Usne aage badkar Aanchal ka hath pakda aur apne lund par rakh diya.

Apne hath se bade lund ko mehsos karke Aanchal dar gayi,” nahi nahi….Mr Sethi….mai mar jaungi , itna bada…”

Uske aur kuch kehne se pehle hi Sethi ne apne lund ke supade ko uske hothon ke beech rakh diya. Dhime dhime Aanchal ke gaal aur baal sahlate hue bola,” ghabrao nahi Mrs Joshi, tum bas ise chuso. Sirf chuso aur kuch mat socho.”

Aanchal supade ko choosne lagi . Sethi ne dhire djire apna aadhe se jyada lund uske munh mein ghusa diya. Kuch pal baad Sethi ko laga ki Aanchal ka dum ghut raha hai to usne lund munh se bahar nikal liya aur laar se sane hue lund ko Aanchal ke chehre par ragadne laga. Kuch der aisa karne ke baad usne phir se lund Aanchal ke munh mein ghusa diya. Dhire dhire mote lund ki aadat ho jane ke baad Aanchal maze se Sethi ka lund choosne lagi. Kuch der baad usne Sethi ki goliyon ko bhi choosa. Ab Sethi se control nahi ho raha tha . Aanchal ne itni acchi tarah se maze le leke uska lund choosa ki use laga wo ab jhad jayega.

Sethi ne Aanchal ke munh se lund nikal liya aur uski clit aur choot ke phule hothon ko choosne laga. Aanchal maze se siskariyan lene lagi. Aanchal ki dar aur ghabrahat se such chuki choot phir se gili hone lagi thi. Sethi ko apni jeebh mein choot ras ka swad aaya. Usne Aanchal ki tango ko utha kar apne kandhon mein rakh liya aur Aanchal ki tight choot ke ched mein lund ka supada ghusaya.

“Aaaaaaahhhhhhhhhh …oiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii….mmmmaaaaaaaaaaaaaa…” mote lund ke tight choot mein ghuste hi Aanchal chillayi.

Sethi badi muskil se Aanchal ki choot mein aadha lund hi ghusa paya , ab aage ko lund ghus hi nahi pa raha tha. Wo dhire dhire aur jyada lund andar ghusane ki koshish karta raha.

Aanchal dard se chillayi,” Mr Sethi…….oiiiii…maaaaaa….tum meri faad doge…….oiiiii..”

Phir Sethi ne pura lund bahar nikal liya aur phir dhire se andar ghusana shuru kiya. Aisa karte karte kuch der baad wo apna pura lund jad tak choot ke andar ghusane mein safal ho gaya. Uske baad usne apne dono hath Aanchal ki chuchiyon par rakh diye aur dhire dhire choot par dhakke marne laga. Uski goliyan Aanchal ke nitambon se takra rahi thi. Lund ke choot ki diwaron mein ragad khane se Aanchal ki chikhe ab siskariyon mein badal gayi.

“maza aa raha hai na ? teri choot to bahut tight aur mast hai Aanchal Joshi” Aanchal ki tight choot ke maze lete hue Sethi bola. Madak Aanchal ko apne se chudte hue dekhkar aur siskariyan lete hue dekhkar Buddha apne pehalwan lund ki hi tarah jawan mehsoos kar raha tha.

“ aaahaaannn…..bahut maza aa raha hai…..chodo …chodo…uiiiii maaaa..aur chodo…” Uttezna mein apne nitambon ko upar uchalti hui Aanchal boli.

Aanchal ko maze mein apni gand upar uchalte dekhkar Sethi bhi josh mein aa gaya aur usne Aanchal ki choot mein tabadtod stroke lagane shuru kar diye. Uski goliyan ke teji se Aanchal ki gand se takrane se THAP THAP THAP ki awaz poore kamre mein goojne lagi.

“oooouiiiiiii…ohhhhhhhhhhh…aaaaahhhhh…..uiiiii..mmmaaaa….” Sethi ke mote lund ke tej tej dhakkon se Aanchal chilla padi.

Thodi hi der mein usko orgasm aa gaya aur wo dusri baar jhad gayi.
Aanchal ko jhadte dekhkar Sethi ne dhakke lagane ki speed kam kar di. Aur wo orgasm ka anand leti Aanchal ke chehre ke badalte bhavon ko dekhte hue maze lene laga. Phir kuch der wo Aanchal ki tight choot mein jakde hue apne lund ko roke hue hi raha. Kuch der baad usne phir se stroke lagane shuru kiye aur phir se kamre mein THAP THAP THAP ki awaz goojne lagi.

Aanchal ne madhoshi mein dekha Buddha pasine se bhiga hua dhakke par dhakke lagaye ja raha hai. Sethi Aanchal ki badi badi doodh jaisi gori gori chuchiyon ko dono hath se buri tarah se masalte hue dhakke lagate raha. Aanchal jhadti rahi …aur jhadti rahi……

Kuch der baad Sethi ne apne garam virya se Aanchal ki choot ko pura bhar diya. Phir Aanchal ki choot se lund bahar nikalkar Sethi ne Aanchal ke munh mein dal diya. Aanchal ke munh mein bhi thoda virya chala gaya jo usne gatak liya. Phir wo Aanchal ke bagal mein let gaya. Dono ke badan pasine se bhig gaye the aur sanse ruk ruk kar chal rahi thi.

Kuch samay baad Sethi bed se utha aur bathroom mein nahane chala gaya. Nahane ke baad usne Aanchal se bhi nahane ko kaha. Aanchal fatafat naha ke aayi aur kapde pahanne lagi. Uska blouse Sethi ki laar se gila tha aur jor se khitchne se fat bhi gaya tha. Jab usne blouse pahna to uski chuchiyan aur nipple blouse ke patle gile kapde se saaf saaf dikhayi de rahe the. Aanchal ne jaise taise apne pallu se chati ko dhaka aur seediyon se niche aa gayi.

Wahan restaurant manager aur kuch waiters khade the. Wo sab Aanchal ko lalchayi aankho se dekhne lage. Uske suze hoth aur badan ko dekhkar lag raha tha ki wo buri tarah se chudi hai. Sethi ne manager ko kamre ki chabi di.

Manager ne Aanchal ko upar se niche ghoorte hue Sethi ki peeth thoki, “ sala bahut maza kiya , kya maal thoka hai tumne aaj.”

Sethi ne Aanchal ki kamar mein hath dala aur use bahar car ki taraf le jane laga. Jaate jaate usne manager aur waiters ko aankh mari.

Car mein baithne ke baad Sethi ne Aanchal se kaha ki photographs mein khud hi le lunga. Aur driver se kaha ki tum mujhe bank mein utaar do aur uske baad Aanchal ko ghar chod dena.

“maza aaya iss buddhe ke sath ?” Sethi jor se Aanchal se bola, bina is baat ki parvah kiye hue ki driver bhi sab sun raha hai.

Aanchal ko chup dekhkar phir bola,” bolo, Mrs Joshi , maza aaya ki nahi ?”

Aanchal ne uske baar baar puchne par dhime se kaha , “ haan…”

Aanchal ki dhimi awaz sunkar Sethi jor se hansa aur bola,” mujhe phone maarna , aur bhi maza dunga.”

Phir apne bank mein Sethi utar gaya aur driver se Aanchal ko uske ghar tak chod aane ko kaha.

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Smoothdad
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Smoothdad » 12 Nov 2017 14:57

बहुत जबर और मजेदार जा रही है कहानी।

अगली कड़ी उत्सुकता से की प्रतीक्षा में . . .

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Dolly sharma
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Dolly sharma » 12 Nov 2017 18:58

superb...............

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Kamini
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Kamini » 12 Nov 2017 23:16

Mast update

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