आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:37

Kamini wrote:
13 Nov 2017 19:32
mast update
Ankit wrote:
13 Nov 2017 20:16
superb update
thanks ap dono ko

Re: आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:37

होटेल से बाहर निकलकर आँचल अंकुर की कार में बैठ गयी. कार ड्राइवर उसे ब्रीच कैंडी ले गया. वहाँ शॉपिंग करने में आँचल को बहुत मज़ा आया. शॉप्स भी अच्छी थी और धक्कामुक्की बिल्कुल नही थी. आँचल ने कुछ इंपोर्टेड ब्रा ,पैंटीज और हैंडबैग्स खरीदे. आँचल ने मन ही मन यहाँ शॉपिंग करने का सुझाव देने के लिए अंकुर को धन्यवाद दिया. जब उसकी शॉपिंग खत्म हुई तो दोपहर के 1 बज गये थे. आँचल कार में बैठकर ओबेरॉय होटेल की तरफ चल दी जहाँ उसे अंकुर के साथ लंच करना था.

कॉफी शॉप में आँचल ने देखा अंकुर अभी नही पहुँचा था. आँचल वहाँ बैठकर उसका इंतज़ार करने लगी. थोड़ी ही देर में अंकुर वहां पहुँचा और आँचल को अपना इंतज़ार करते पाकर, आँचल की ओर देखकर मुस्कुराया. आँचल के पास पहुँचकर अंकुर ने उसके गाल पर किस करके विश किया. आँचल ने उसके पौरुष की गंध को महसूस किया. अंकुर को देखकर आँचल को सुनील के कजिन समीर की याद आती थी. दोनो ही लंबे चौड़े , हैंडसम और कॉन्फिडेंट थे. सबसे पहले आँचल को समीर ने ही सिड्यूस किया था. इसलिए वो उसे भूली नहीं थी.

आँचल के बगल में ना बैठकर अंकुर उसके सामने टेबल के दूसरी तरफ बैठ गया. लंच के दौरान अंकुर उससे एक जेंटलमैन की तरह व्यवहार करते रहा और मुंबई की बातें , ख़ासकर अपनी गुज्जु कम्यूनिटी के हँसी मज़ाक के किस्से सुनाता रहा.

आँचल को महसूस हुआ कि अंकुर की पर्सनालिटी से वो अंकुर की तरफ आकर्षित हो रही है. अंकुर की हल्की फुल्की बातों पर वो खुलकर हंस रही थी. अंकुर का साथ उसे बहुत पसंद आ रहा था.

अंकुर ने बताया कि उसके बड़े भाई गुल्मोहर ने शाम को फिल्म शूटिंग देखने का इंतज़ाम करवा दिया है. एक प्राइवेट बंगले में शूटिंग हो रही थी और आँचल को लेने 6 pm पर कार उसके होटेल आ जाएगी. फिर अंकुर ने कहा की उसको आँचल के साथ लंच करके बहुत अच्छा लगा और जब वो दोबारा मुंबई आएगी तो वो उससे ज़रूर मिलेगा.

आँचल का अंकुर के साथ अच्छा टाइम पास हो रहा था, अंकुर के जाने की बात सुनकर वो उदास हो गयी. वो बाकी दिन भी अंकुर के साथ बिताना चाह रही थी क्यूंकी सुनील तो पुणे गया था और रात को लौटने वाला था. तब तक तो वो होटेल में अकेले बोर हो जाएगी.

आँचल बोली,” मैं जुहू बीच देखना चाहती हूँ, लेकिन अकेले जाकर क्या करूँगी. अगर आप साथ चलो तो….”
अंकुर ने मना करके आँचल का दिल दुखाना ठीक नही समझा और साथ चलने की हामी भर दी. दोनो कार में बैठकर जुहू बीच की तरफ चल दिए.

कार की बैकसीट में अंकुर आँचल से थोड़ी जगह छोड़कर बैठा था. आँचल सोचने लगी इसकी जगह कोई और होता तो अब तक मुझसे सटकर बैठकर, इधर उधर हाथ फिराने लगता. ये उसके लिए नया अनुभव था क्यूंकी अब तक तो सभी मर्द उससे चिपटने को उतावले रहते थे. वो सोचने लगी कहीं ये गे तो नही ? या फिर शर्मीला ? आख़िर ये मुझसे दूरी क्यूँ रख रहा है. कॉफ़ी शॉप में भी बगल की सीट खाली होते हुए भी सामने बैठा , यहाँ कार में भी अलग हटके बैठा है. वो अंकुर की तरफ आकर्षित थी लेकिन अंकुर एक जेंटलमैन की तरह बिहेव कर रहा था.

आँचल ने सोचा अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा. इस हैंडसम बंदे को सिड्यूस करती हूँ. आँचल बहाने से थोड़ा खिसक गयी अब दोनो की टाँगे सट गयी थी. फिर वो अपने हाथ से बाल पीछे को करने लगी जिससे उसकी छाती आगे को तन गयी , वो चाहती थी की ऐसा करने से उसके पतले कपड़े के ब्लाउज को फाड़कर बाहर आने को मचलती चूचियों का हिलना डुलना अंकुर को दिखे.

अंकुर ने आँचल को छूने का कोई प्रयास नही किया लेकिन आँचल ने तिरछी नज़रों से देख लिया की उसके पैंट में तंबू बनने लगा है. आँचल मन ही मन मुस्कुरायी. मादक आँचल के रूप के जादू से कोई मर्द नही बच सकता था.

आँचल ने अपने बालों से हाथ हटाकर नीचे लाते हुए अपनी बाँह अंकुर की बाँह से छुआ दी. फिर बातें करते हुए कार की खिड़की से बाहर किसी बिल्डिंग या किसी और चीज़ की ओर इशारा करते हुए अपना बदन अंकुर के और करीब झुका दे रही थी.

[आँचल को पता नही था लेकिन पहली रात को डिनर के बाद दोनो भाइयों में आँचल की खूबसूरती को लेकर बातें हुई थी.
गुल्मोहर बोला,” सुनील की बीवी इतनी खूबसूरत होगी ये तो मैंने कभी सपने में भी नही सोचा था. इस साली को तो मैं हाथ से जाने नही दूँगा. शाम को शूटिंग दिखाकर आँचल को मैं ज़रूर चोदूँगा.”
फिर उसने सुनील के साथ पुणे जाने का प्रोग्राम बहाना बनाकर कैंसिल कर दिया और अपने मैनेजर को सुनील के साथ पुणे भेज दिया और ये हिदायत भी दे दी की रात 11 बजे से पहले पुणे से लौटना नही. सुनील को पुणे में ही ज़्यादा से ज़्यादा देर तक रोकने की उनकी ये चाल थी.]

लेकिन यहाँ कार में तो उल्टा हो रहा था. अंकुर सोचने लगा ये तो खुद मेरा ही शिकार कर रही है. दोनो भाइयों में हमेशा बड़े की ही चलती थी अंकुर का नंबर गुल्मोहर के बाद ही आता था. इस बार भी गुल्मोहर ने शूटिंग के बाद आँचल को फँसाने का प्लान बनाया था . गुल्मोहर जब आँचल को चोद लेता फिर उसके बाद अंकुर को चांस मिलता. अंकुर सोचने लगा हमेशा मलाई बड़ा भाई खा जाता है मुझे बची खुची जूठन खानी पड़ती है. लेकिन इस बार मैं ऐसा नही होने दूँगा. भाड़ में गया बड़े भाई का प्लान. अभी मेरे पास अच्छा मौका है , इस बार पहले मैं मलाई खाऊंगा .

कुछ देर बाद आँचल ने अंकुर की ओर झुकते हुए एक बिल्डिंग की ओर इशारा किया और उसके बारे में पूछा. अंकुर ने आँचल के कंधों पर हाथ रख दिया और अपना चेहरा आँचल के करीब लाकर उसको बिल्डिंग के बारे में बताने लगा. बताते हुए उसने आँचल के कंधे को पकड़कर थोड़ा अपने और नज़दीक़ कर लिया और आँचल को देखकर मुस्कुराया.

आँचल खुश हो गयी . चलो आख़िर इसने कुछ तो हरकत की. शायद अब लाइन में आ रहा है. वो भी अंकुर को देखकर मुस्कुरायी. फिर नीचे उसकी पैंट में बने तंबू को देखा. हम्म्म ...… इसका भी लंड बड़ा ही लग रहा है.

अंकुर ने देख लिया आँचल बीच बीच में उसके पैंट की तरफ देख रही है. वो सोचने लगा इसका चुदाई का बहुत मन हो रहा है. अब अंकुर की हिम्मत बढ़ गयी . वो आँचल की गर्दन और कंधे सहलाने लगा. आँचल को कोई विरोध ना करते देखकर उसने दूसरा हाथ आँचल की साड़ी के पल्लू के अंदर डाल दिया. और उसकी चूचियों को सहलाने लगा. अपनी चूचियों पर अंकुर के हाथ के स्पर्श से आँचल के मुँह से हल्की सी सिसकारी निकली.
अंकुर धीरे धीरे चूचियों पर दबाव बढ़ाकर ब्लाउज के बाहर से ही उनको मसलने लगा. आँचल अपने होठ को दाँत में दबाकर सिसकारियाँ रोकने का प्रयास करने लगी.

फिर अंकुर ने आँचल के रसीले होठों का चुंबन ले लिया और बोला,” भाभी आप बहुत ही मादक हो , बहुत ही सेक्सी…”

आँचल उत्तेजित होकर बोली,” अंकुररर..…” और उसे अपने होठों का चुंबन लेने दिया.

अंकुर ने आँचल के होठों का चुंबन लेना जारी रखा. आँचल ने अपना मुँह खोल दिया और उसकी जीभ को अंदर आने दिया. अंकुर अपनी जीभ आँचल के मुँह में घुमाने लगा और दोनो हाथों से आँचल की बड़ी और नरम चूचियों को पतले ब्लाउज के बाहर से मसलने लगा. आँचल के कड़े हो चुके निपल्स को वो महसूस कर रहा था. और उन्हे चूसने के लिए उतावला हो रहा था. सोच रहा था कल रात से ही इस औरत ने मुझ पर जादू कर दिया है.

अंकुर के किस करने और चूचियां मसलने से आँचल की चूत गीली होने लगी. थोड़ी देर बाद अंकुर ने चुंबन खत्म किया , आँचल गहरी साँसे लेने लगी. फिर अंकुर ने ब्लाउज और ब्रा को ऊपर को खींच दिया जिससे आँचल की चूचियां थोड़ी बाहर को आ गयी . और हाथों से चूचियों को पकड़कर निपल को भी बाहर निकाल लिया. ज़ोर से ऊपर खींचने से पतला ब्लाउज फट गया.

ड्राइवर ने रियर व्यू मिरर में आँचल की गोरी चूचियां और तने हुए निपल देखे. उसका ध्यान भंग हो गया और उसने कार की स्पीड कम कर दी. अब उसका इंटरेस्ट कार चलाने में कम और पीछे देखने में ज़्यादा हो गया. आँचल के मादक जिस्म को देखने का मौका वो भी छोड़ना नहीं चाहता था.

अंकुर ने अपना मुँह निपल पर लगाकर उसे चूसना शुरू कर दिया. आँचल अब ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी. और उत्तेजना में उसने अंकुर के लंड को पैंट के बाहर से पकड़ लिया. फिर वो उसकी पैंट की ज़िप खोलकर लंड बाहर निकालने की कोशिश करने लगी. तभी मोबाइल की घंटी बज गयी.

अंकुर ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ गुल्मोहर था. अंकुर ने गुजराती में उसको सब बता दिया.

अंकुर बोला,” मैं तुमसे बात कर रहा हूँ और ये मेरा लंड ज़िप से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. आँचल को सिड्यूस करने के लिए बाहर घुमाने फिराने की ज़रूरत नही है, इसको मैं सीधे होटेल के कमरे में ला रहा हूँ वहीं मैं इसकी जमकर चुदाई करूँगा. तुम भी होटेल आ जाओ.”

फिर साथ में ये बताना नही भूला,” जब तक तुम होटेल पहुचोगे मैं इसे चोद चुका होऊंगा ( इस तरह तुमसे आगे निकल जाऊंगा …).”

आँचल गुजराती नही समझती थी , उत्तेजना में उसे मतलब भी नही था कि अंकुर किससे और क्या बात कर रहा है. उसकी आँखे झूम रही थी. उसने देखा ड्राइवर मिरर से उसी को घूर रहा है. आँचल ने भी बेशर्मी से उसको घूरा और सिसकारियाँ लेती रही, अंकुर फोन पर बात करते समय भी उसके निपल मसल रहा था. आँचल उत्तेजना से कांप रही थी और उससे एक सिंपल सी पैंट की ज़िप भी नही खुल पा रही थी.

फोन बंद करने के बाद अंकुर ने अपनी ज़िप खोलकर लंड बाहर निकाल लिया . अंकुर का लंड देखकर आँचल ने सिसकारी ली. उसको एक रगड़कर चुदाई की ज़रूरत थी और अंकुर का बड़ा और मोटा लंड चुदाई के लिए बिल्कुल पर्फेक्ट था. आँचल झुकी और लंड मुँह में ले लिया. दूसरे हाथ से उसकी गोलियों को सहलाती हुई वो मज़े से लंड चूसने लगी. अंकुर आनंद से आहे भरने लगा.

आँचल के नीचे झुकने से ड्राइवर को फ्री शो दिखना बंद हो गया. उसका मूड खराब हो गया. हद है.

आँचल अब तक लंड चूसने में एक्सपर्ट हो चुकी थी. जैसे ही उसे लगता की अब अंकुर झड़ जाएगा वो लंड चूसना बंद कर देती , कुछ पलों बाद फिर चूसने लगती और फिर बंद कर देती. इस तरह उसने लंड चुसाई लंबी खींच दी.

अंकुर मज़े से पागल हुआ जा रहा था, किसी ने मेरा लंड ऐसा नही चूसा जैसा ये साली सेक्सी कुतिया चूस रही है. आँचल के खेल से वो तड़पने लगा और बोला, “ भाभी प्लीज़ मुझे झड़ने दो, रुक मत जाओ, चूसती रहो.”
आँचल मज़े ले रही थी , देखो किसी बच्चे की तरह मेरी खुशामद कर रहा है.

आँचल को रुका हुआ देखकर अंकुर ने खुद ही अपनी गांड उठाकर आँचल के मुँह को चोदना शुरू कर दिया. कुछ ही देर में उसने आँचल का मुँह अपने वीर्य से भर दिया.

“ भाभीईईईई….” कहते हुए उसने वीर्य की धार आँचल के मुँह में छोड़ दी और लंड से वीर्य निकलता रहा और आँचल के मुँह में जाता रहा.

आँचल जितना वीर्य निगल सकती थी उसने निगल लिया , फिर उसने अपना चेहरा उठाया और लंड से निकलता वीर्य उसके चेहरे , बालों और साड़ी में गिर गया.

ड्राइवर ने आँचल के खूबसूरत चेहरे को वीर्य से सना हुआ देखा , इस नज़ारे से उसका लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को हो गया और कार उसके कंट्रोल से बाहर होकर इधर उधर होने लगी. बड़ी मुश्किल से उसने अपने ऊपर काबू पाया और कार को कंट्रोल किया.

अंकुर ने आँचल के चेहरे पर वीर्य लगा देखकर अपने रुमाल से साफ करने की कोशिश की. आँचल मदहोश थी , उसे अब अपनी चूत में एक मोटा लंड चाहिए था. अंकुर ने आँचल से कहा, की हम तुम्हारे होटेल पहुँचने वाले हैं और उसके फटे ब्लाउज और ब्रा से जैसे तैसे उसकी चूचियां ढक दी. और साड़ी के पल्लू को आगे कर दिया.

होटेल पहुँचकर अंकुर ने आँचल की कमर में हाथ डाला और रिसेप्शनिस्ट से कमरे की चाभी माँगी. होटेल के स्टाफ ने आँचल को उत्तेजित हालत में देखा. वो समझ गये की इसका पति तो पुणे गया हुआ है , आज ये जमकर चुदने वाली है.

Hotel se bahar nikalkar Aanchal Ankur ki car mein baith gayi. Car driver use Breach Candy le gaya. Wahan shopping karne mein Aanchal ko bahut maza aaya. Shops bhi acchi thi aur dhakkamukki bilkul nahi thi. Aanchal ne kuch imported bra panties aur handbags kharide. Aanchal ne mann hi mann yahan shopping karne ka sujhav dene ke liye Ankur ko dhanyawad diya. Jab uski shopping khatam hui to dopahar ke 1 baj gaye the. Aanchal car mein baithkar Oberoi hotel ki taraf chal di jahan use Ankur ke sath lunch karna tha.

Coffee shop mein Aanchal ne dekha Ankur abhi nahi pahuncha tha. Aanchal wahan baithkar uska intzaar karne lagi. Thodi hi der mein Ankur wahanpahuncha aur Aanchal ko apna intzar karte pakar, Aanchal ki or dekhkar muskuraya. Aanchal ke pass pahunchkar Ankur ne uske gaal par kiss karke wish kiya. Aanchal ne uske paurush ki gandh ko mehsoos kiya. Ankur ko dekhkar Aanchal ko Sunil ke cousin Sameer ki yaad aati thi. Dono hi lambe chaude , handsome aur confident the. Sabse pehle Aanchal ko Sameer ne hi seduce kiya tha.Isliye wo use bhooli nahi thi.

Aanchal ke bagal mein na baithkar Ankur uske samne table ke dusri taraf baith gaya. Lunch ke dauran Ankur usse ek gentleman ki tarah vyavhar karte raha aur Mumbai ki batein , khaskar apni gujju community ke hansi majak ke kisse sunata raha.

Aanchal ko mehsoos hua ki Ankur ki personality se wo Ankur ki taraf akarshit ho rahi hai. Ankur ki halki fulki baton par wo khulkar hans rahi thi. Ankur ka sath use bahut pasand aa raha tha.

Ankur ne bataya ki uske bade bhai Gulmohar ne sham ko film shooting dekhne ka intzam karwa diya hai. Ek private bungalow mein shooting ho rahi thi aur Aanchal ko lene 6pm par car uske hotel aa jayegi. Phir Ankur ne kaha ki usko Aanchal ke sath lunch karke bahut accha laga aur jab wo dobara mumbai aayegi to wo usse jaroor milega.

Aanchal ka Ankur ke sath accha time pass ho raha tha, Ankur ke jane ki baat sunkar wo udas ho gayi. Wo baki din bhi Ankur ke sath bitana chah rahi thi kyunki Sunil to pune gaya tha aur raat ko lautne wala tha. Tab tak to wo hotel mein akele bor ho jayegi.

Aanchal boli,” mai juhu beach dekhna chahti hun, lekin akele jakar kya karungi. Agar aap sath chalo to….”

Ankur ne mana karke Aanchal ka dil dukhana theek nahi samjha aur sath chalne ki hami bhar di. Dono car mein baithkar juhu beach ki taraf chal diye.

Car ki backseat mein Ankur Aanchal se thodi jagah chodkar baitha tha. Aanchal sochne lagi iski jagah koi aur hota to ab tak mujhse satkar baithkar, idhar udhar hath firane lagta. Ye uske liye naya anubhav tha kyunki ab tak to sabhi mard usse chiptne ko utawle rehte the. wo sochne lagi kahin ye gay to nahi ? ya phir sharmila ? aakhir ye mujhse doori kyun rakh raha hai. Coffe shop mein bhi bagal ki seat khali hote hue bhi samne baith yahan car mein bhi alag hatke baitha hai. Wo Ankur ki taraf akarshit thi lekin Ankur ek gentleman ki tarah behave kar raha tha.

Aanchal ne socha ab mujhe hi kuch karna padega. Iss handsome bande ko seduce karti hun. Aanchal bahane se thoda khiskak gayi ab dono ki tange sat gayi thi. Phir wo apne hath se baal piche ko karne lagi jisse uski chati aage ko tan gayi , wo chahti thi ki aisa karne se uske patle kapde ke blouse ko phadkar bahar aane ko machalti chuchiyon ka hilna dulna Ankur ko dikhe.

Ankur ne Aanchal ko chune ka koi prayas nahi kiya lekin Aanchal ne tirchi nazron se dekh liya ki uske pant mein tambu banne laga hai. Aanchal mann hi mann muskurayi. Madak Aanchal ke roop ke jadoo se koi mard nahi bach sakta tha.
Aanchal ne apne balon se hath hatakar niche late hue apni banh Ankur ki banh se chua di. Phir batein karte hue car ki khidki se bahar kisi building ya kisi aur cheez ki or ishara karte hue apna badan Ankur ke aur kareeb jhuka de rahi thi.


[Aanchal ko pata nahi tha lekin pehli raat ko dinner ke baad dono bhaiyon mein Aanchal ki khoobsurati ko lekar baatein hui thi.

Gulmohar bola,” Sunil ki biwi itni khoobsurat hogi ye to mene kabhi sapne mein bhi nahi socha tha. Is Sali ko to mein hath se jane nahi dunga. Sham ko shooting dikhakar Aanchal ko main jaroor chodunga.”

Phir usne Sunil ke sath Pune jane ka program bahana banakar cancel kar diya aur apne manager ko Sunil ke sath Pune bhej diya aur ye hidayat bhi de di ki raat 11 baje se pehle Pune se lautna nahi. Sunil ko Pune mein hi jyada se jyada der tak rokne ki unki ye chal thi.]


Lekin yahan car mein to ulta ho raha tha. Ankur sochne laga ye to khud mera hi shikar kar rahi hai. Dono bhaiyon mein hamesha bade ki hi chalti thi Ankur ka number Gulmohar ke baad hi aata tha. Is baar bhi Gulmohar ne shooting ke baad Aanchal ko fasane ka plan banaya tha . Gulmohar jab Aanchal ko chod leta phir uske baad Ankur ko chance milta. Ankur sochne laga hamesha malai bada bhai kha jata hai mujhe bachi khuchi joothan khani padti hai. Lekin is baar mai aisa nahi hone dunga. Bhad mein gaya bade bhai ka plan. Abhi mere pass accha mauka hai , is baar pehle mai malai khaunga.

Kuch der baad Aanchal ne Ankur ki or jhukte hue ek building ki or ishara kiya aur uske bare mein pucha. Ankur ne Aanchal ke kandhon par hath rakh diya aur apna chehra Aanchal ke kareeb lakar usko building ke bare mein batane laga. Batate hue usne Aanchal ke kandhe ko pakadkar thoda apne aur nazdeeq kar liya aur Aanchal ko dekhkar muskuraya.

Aanchal khus ho gayi . chalo aakhir isne kuch to harkat ki. Sayad ab line mein aa raha hai. Wo bhi Ankur ko dekhkar muskurayi. Phir niche uski pant mein bane tambu ko dekha. Hmmm… Iska bhi lund bada hi lag raha hai.

Ankur ne dekh liya Aanchal beech beech mein uske pant ki taraf dekh rahi hai. Wo sochne laga iska chudai ka bahut mann ho raha hai. Ab Ankur ki himmat bad gayi . wo Aanchal ki gardan aur kandhe sehlane laga. Aanchal ko koi virodh na karte dekhkar usne dusra hath Aanchal ki saree ke pallu ke andar dal diya. Aur uski chuchiyon ko sahlane laga. Apni chuchiyon par Ankur ke hath ke sparsh se Aanchal ke munh se halki si siskari nikli. Ankur dhire dhire chuchuyon par dabav badakar blouse ke bahae se hi unko masalne laga. Aanchal apni hoth ko daant mein dabakar siskariyan rokne ka prayas karne lagi.

Phir Ankur ne Aanchal ke rasile hothon ka chumban le liya aur bola,” Bhabhi aap bahut hi maadak ho , bahut hi sexy…”

Aanchal uttezit hokar boli,” ankurrr…” aur use apne hothon ka chumban lene diya.

Ankur ne Aanchal ke hothon ka chumban lena jari rakha. Aanchal ne apna munh khol diya aur uski jeebh ko andar aane diya. Ankur apni jeebh Aanchal ke munh mein ghumane laga aur dono hathon se Aanchal ki badi aur naram chuchiyon ko patle blose ke bahar se masalne laga. Aanchal ke kade ho chuke nipples ko wo mehsoos kar raha tha. Aur unhe choosne ke liye utawala ho raha tha. Soch raha tha kal raat se hi is aurat ne mujh par jadoo kar diya hai.

Ankur ke kiss karne aur chuchiyan masalne se Aanchal ki choot gili hone lagi. Thodi der baad Ankur ne chumban khatam kiya , Aanchal gehri sanse lene lagi. Phir Ankur ne blouse aur bra ko upar ko khinch diya jisse Aanchal ki chuchiyan thodi bahar ko aa gayi . aur hathon se chuchiyon ko pakadkar nipple ko bhi bahar nikal liya. jor se upar khinchne se patla blouse fat gaya.

Driver ne rear view mirror mein Aanchal ki gori chuchiyan aur tane hue nipple dekhe. Uska dhyan bhag ho gaya aur usne car ki speed kam kar di. Ab uska interest car chalane mein kam aur piche dekhne mein jyada ho gaya. Aanchal ke madak jism ko dekhne ka mauka wo bhi chodna nai chahta tha.

Ankur ne apna munh nipple par lagakar use choosna shuru kar diya. Aanchal ab jor jor se siskariyan lene lagi. Aur uttezna mein usne Ankur ke lund ko pant ke bahar se pakad liya. Phir wo uski pant ki zip kholkar lund bahar nikalne ki koshish karne lagi. Tabhi mobile ki ghanti baj gayi.

Ankur ne phone uthaya to dusri taraf Gulmohar tha. Ankur ne gujrati mein usko sab bata diya.

Ankur bola,”mai tumse baat kar raha hun aur ye mera lund zip se bahar nikalne ki koshish kar rahi hai. Aanchal ko seduce karne ke liye bahar ghumane firane ki jarurat nahi hai, isko mai sidhe hotel ke kamre mein la raha hun wahin main iski jamkar chudai karunga. Tum bhi hotel aa jao.”
Phir sath mein ye batana nahi bhula,” jab tak tum hotel pahuchoge mai ise chod chuka hunga( is tarah tumse aage nikal jaunga …).”


Aanchal gujrati nahi samajhti thi , uttezna mein use matlab bhi nahi tha Ankur kisse aur kya baat kar raha hai. Uski Aankhe jhoom rahi thi. Usne dekha driver mirror se usi ko ghoor raha hai. Aanchal ne bhi besharmi se usko ghoora aur siskariyan leti rahi, Ankur phone par baat karte samay bhi uske nipple masal raha tha. Aanchal uttezna se kanp rahi thi aur usse ek simple si pant ki zip bhi nahi khul pa rahi thi.

Phone band karne ke baad Ankur ne apni zip kholkar lund bahar nikal liya . Ankur ka lund dekhkar Aanchal ne siskari li. Usko ek ragadkar chudai ki jarurat thi aur Ankur ka bada aur mota lund chudai ke liye bilkul perfect tha. Aanchal jhuki aur lund munh mein le liya. Dusre hath se uski goliyon ko sehlati hui wo maze se lund choosne lagi. Ankur anand se aahe bharne laga.

Aanchal ke niche jhukne se driver ko free show dikhna band ho gaya. Uska mood kharab ho gaya. Hadd hai ...

Aanchal ab tak lund choosne mein expert ho chuki thi. Jaise hi use lagta ki ab Ankur jhad jayega wo lund choosna bandkar deti , kuch palon baad phir choosne lagti aur phir band kar deti. Is tarah usne lund chusai lambi khinch di.

Ankur maze se pagal hua ja raha tha, kisi ne mera lund aisa nahi choosa jaisa ye sali sexy kutiya choos rahi hai. Aanchal ke khel se wo tadapne laga aur bola, “ Bhabhi please mujhe jhadne do, ruk mat jao, choosti raho.”

Aanchal maze le rahi thi , dekho kisi bacche ki tarah meri khusamad kar raha hai.
Aanchal ko ruka hua dekhkar Ankur ne khud hi apni gand uthakar Aanchal ke munh ko chodna shuru kar diya. Kuch hi der mein usne Aanchal ka munh apne viry se bhar diya.

“ Bhabhiiiiiiii….” Kehte hue usne viry ki dhar Aanchal ke munh mein chod di aur lund se viry nikalta raha aur Aanchal ke munh mein jata raha.

Aanchal jitna viry nigal sakti thi usne nigal liya , phir usne apna chehra uthaya aur lund se nikalta viry uske chehre , balon aur saree mein gir gaya.

Driver ne Aanchal ke khoobsurat chehre ko viry se sana hua dekha , is nazare se uska lund pant phadkar bahar aane ko ho gaya aur car uske control se bahar hokar idhar udhar hone lagi. Badi muskil se usne apne upar kaboo paya aur car ko control kiya.

Ankur ne Aanchal ke chehre par viry laga dekhkar apne rumaal se saaf karne ki koshish ki. Aanchal madhosh thi , use ab apni choot mein ek mota lund chahiye tha. Ankur ne Aanchal se kaha, ki hum tumhare hotel pahunchne wale hain aur uske fate blouse aur bra se jaise taise uski chuchiyan dhak di. Aur Saree ke pallu ko aage kar diya.

Hotel pahunchkar Ankur ne Aanchal ki kamar mein hath dala aur receptionist se kamre ki chabhi mangi. Hotel ke staff ne Aanchal ko uttezit halat mein dekha. Wo samajh gaye ki iska pati to Pune gaya hua hai , aaj ye jamkar chudne wali hai.

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:38

आँचल ने होटेल स्टाफ की ललचाई नज़रों को इग्नोर कर दिया.
होटेल के कमरे में पहुंचकर अंकुर ने 2 बॉटल बियर का ऑर्डर दिया.

आँचल ने अपने कपड़े उतार दिए और अंकुर को आलिंगन कर लिया. आँचल को चुदाई के लिए जल्दबाज़ी करते देखकर अंकुर ने भी अपने कपड़े निकाल फेंके और आँचल को बेड पर लिटा दिया. फिर आँचल की टाँगे फैलाकर उसकी चूत में मुँह लगा दिया.

आँचल पहले से ही गीली हो रखी थी , अपनी चूत पर अंकुर की जीभ लगने से सिसकारियाँ लेने लगी ,”ओह……अंकुर, हाँ ………….ऐसे ही चूसो …….मुझे चूसो अंकुर…………..अहह……..”

वो पहले से ही कार में बहुत उत्तेजित हो गयी थी. अंकुर के उसकी चूत चाटने से थोड़ी ही देर में उसको ओर्गास्म आ गया. अंकुर ने उसकी क्लिट को चाटते हुए आँचल का बदन अकड़ता महसूस किया. आँचल ने अपने नितंबों को थोड़ा हवा में उठाया फिर नीचे गिरा दिया. वो झड़ गयी.

चूत चाटते हुए अंकुर ने एक अंगुली आँचल की गांड के छेद में घुसा दी. आँचल को दर्द और आनंद की मिली जुली फीलिंग्स आई ,”ओइईईईई…………ओह………”

आँचल की उत्तेजना देखकर अंकुर अपने को रोक नही पाया और एक हाथ से अपने खड़े लंड को पकड़कर आँचल की चूत के होठों के बीच फँसा दिया. पहले धक्के में सुपाड़ा अंदर घुस गया. आँचल को अपनी चूत स्ट्रेच होते हुए फील हुई. उसकी सिसकारी निकल गयी,”आअरगघह….”

अंकुर ने दोनो हाथों से आँचल की पहाड़ जैसी उठी हुई गोरी गोरी चूचियां पकड़ी और चूत पर धक्के मारने लगा. लंड के अंदर घुसते ही उसे फील हुआ की आँचल की चूत ने उसके लंड को जकड़ लिया है.
“भाभी आपकी चूत तो किसी कुंवारी की तरह टाइट है.”

“उनन्नज्……उहह……..उन्न्ञन्..” चूत की दीवारों पर लंड रगड़ने से आँचल को बहुत मज़ा मिल रहा था. “आह….चोदो मुझे……चोदोओओओ …..”

अंकुर के धक्कों के जवाब में आँचल अपनी गांड ऊपर को उछालने लगी और फिर अपनी मांसल जांघों के घेरे में अंकुर की कमर को कस लिया जैसे अब जाने ही नही देगी.

अंकुर तेज तेज चोदते हुए चूचियों को मुँह में भरकर काटने लगा , “ भाभिइइइ, सस्साली तू मस्त चीज़ है रे….”

दोनो चुदाई में इतना शोर कर रहे थे की उन्होने डोरबेल नही सुनी.

दरवाज़े के बाहर वेटर बियर लेकर खड़ा था. अंदर से आवाज़ें आने पर वो दरवाज़े पर कान लगाकर आँचल की सिसकारियाँ सुनने लगा.
तभी आँचल को ओर्गास्म आ गया,” उूउउइईईईई……म्म्माआअ….अहह….उन्न्नननगज्गघह…” और वो ज़ोर से सिसकारियाँ लेती हुई झड़ने लगी.

“सस्स्साली चूततततत्त….” मस्ती में अंकुर चिल्लाया और आँचल की चूत को अपने गाड़े वीर्य से भर दिया.

बाहर वेटर का लंड सिर्फ़ आवाज़ सुनकर ही पैंट फाड़ने लगा. वो बियर बॉटल पकड़े हुए ही आँखे बंद करके , अंदर के नज़ारे को इमेजिन करते हुए, अपनी गांड आगे पीछे करने लगा जैसे किसी को चोद रहा हो.

झड़ने के बाद अंकुर आँचल के बदन पर गिर पड़ा. थोड़ी देर तक दोनो अपनी सांसो पर काबू पाने का प्रयास करते रहे. तभी वेटर ने फिर से डोरबेल बजाई.

अंकुर ने झट से टॉवेल अपनी कमर पर लपेट लिया और आँचल ने अपने ऊपर चादर डाल ली. अंकुर ने थोड़ा सा दरवाजा खोला लेकिन वेटर जानबूझकर बियर और स्नैक्स की ट्रे लेकर अंदर आ गया. टेबल पर ट्रे रखते हुए उसने आँचल को अस्तव्यस्त हालत में बेड पर चादर से ढके हुए देखा , उसके बाल बिखरे हुए थे और चेहरे पर पसीना आ रहा था. ट्रे रखने के बाद भी वो बेशर्मी से आँचल को घूरता रहा और अपनी टिप का इंतज़ार करने लगा.

अंकुर ने एक हाथ से अपना टॉवेल पकड़े हुए ही फर्श पर पड़ी अपनी पैंट उठाई और 50 का नोट वेटर को पकड़ा दिया. जा भाई अब यहाँ से , साला घूरे ही जा रहा है. टिप मिलने के बाद वेटर भारी कदमों से ऐसे जा रहा था जैसे बाहर जाने का उसका मन ही ना हो.

वेटर के जाते ही गुल्मोहर आ गया. अंकुर और आँचल की हालत देखकर वो सब समझ गया.
और बोला,” भाभी आप बहुत खूबसूरत लग रही हो और खुश भी…”

आँचल को पता नही था की गुल्मोहर भी वहाँ आने वाला है, वो तो सिर्फ़ अंकुर के साथ मज़े का सोच के आई थी. गुल्मोहर को सामने देखकर आँचल को शरम महसूस हुई और उसका चेहरा फीका पड़ गया.

अंकुर बियर बॉटल से ग्लास में बियर डालने लगा. गुल्मोहर बेड में आँचल के पास जाकर बैठ गया और उसके गाल सहलाने लगा. आँचल के चेहरे के उड़े हुए रंग को देखकर बोला,” भाभी घबराओ मत, तुम्हें मज़ा आएगा.”

फिर उसने एक झटके में आँचल के ऊपर से चादर हटा दी और उसके नंगे बदन को ललचाई नज़रों से देखने लगा.
“भाभी आप बहुत मस्त चीज़ हो, आओ मेरे पास, डरो मत…” कहते हुए उसने आँचल को बेड से उतार दिया और पास में पड़े सोफे में बैठकर आँचल को अपनी गोद में खींच लिया.

आँचल गुल्मोहर को पसंद नही करती थी पर इस समय वो असहाय महसूस कर रही थी और कुछ नही बोली.
गुल्मोहर ने उसकी चूचियों को अपने हाथ से पकड़ा जैसे उनका वजन तौल रहा हो. और फिर उसके निपल्स को मुँह में भरकर चूसने लगा. गुल्मोहर के चूचियों को ज़ोर से मसलने से आँचल के मुँह से एक चीख निकली.
उसका रिएक्शन देखकर गुल्मोहर हंसा और बोला,” भाभी दर्द हुआ क्या ? लगता है भाई ने बहुत मसला है इन्हे..”

गुल्मोहर उसकी चूचियों और निपल को चूसते और मसलते रहा और आँचल के मुँह से आह निकलती रही. वो आँचल के नंगे बदन पर मनमर्ज़ी से हाथ फिराता रहा और उसका खड़ा होता लंड आँचल को अपने नंगे नितंबों के नीचे महसूस हुआ.

अंकुर ये सब देखते हुए ठंडी बियर पी रहा था. अपने बड़े भाई की गोद में नंगी बैठी हुई मादक आँचल की आहें सुनकर उसका लंड फिर खड़ा हो गया.

अंकुर के टॉवेल में बने तंबू को देखकर गुल्मोहर बोला, “ भाभी वो तो छोटा भाई है, इसलिए उसका मुझसे छोटा है. अब तुम बड़े भाई का बड़ा लंड देखोगी..”.

फिर उसने आँचल को सोफे पर बैठा दिया और फटाफट अपने कपड़े उतार दिए.
आँचल ने जैसे ही उसका बड़ा और मोटा लंड देखा वो हिप्नोटाइज हो गयी. ये तो मिस्टर सेठी से भी मोटा है. इतने मोटे लंड से मिलने वाले चुदाई के मज़े के बारे में सोचकर आँचल की चूत के होंठ फड़कने लगे और चूत रस बहने लगा.

अंकुर भी अपने भाई के लंड को देख रहा था . आँचल की टाइट चूत में इतना मोटा लंड घुसेगा कैसे , ये सोचकर उसको भी एक्साइट्मेंट होने लगी.

गुल्मोहर सोफे पर बैठ गया और आँचल को अपनी गोद में बिठा लिया. फिर आँचल की टाँगे फैलाकर उसकी चूत के होठों पर लंड रगड़ने लगा. आँचल को अपनी टांगों के बीच वो लंड ऐसा लगा जैसा वो उसका अपना लंड हो. आँचल ने अपनी अंगुलियां उसके चारो ओर लपेटकर उसकी मोटाई का अंदाज़ा लेने का प्रयास किया लेकिन वो उसकी अंगुलियों में पूरा आया ही नही.

“उन्न्ह….” उसके मुँह से निकला. वो सोचने लगी कितना मोटा लंड है पकड़ में भी नही आ रहा.

“भाभी घबराओ नही…”, आँचल के चेहरे के भाव देखकर गुल्मोहर बोला.

फिर आँचल की क्लिट और चूत की दरार में लंड का सुपाड़ा रगड़ने लगा. क्लिट पर लंड रगड़ने से आँचल सिसकारियाँ लेने लगी और उसकी चूत फिर से गीली होने लगी. गुल्मोहर ने आँचल के नितंबों को दोनो हाथों से पकड़ा और धीरे धीरे सुपाड़े को चूत के अंदर घुसाने लगा.

“आहह…एयेए….आअहह….आअहह……..” आँचल को लगा जैसा उसका निचला हिस्सा किसी ने चीर दिया है.
जब लंड का तीन चौथाई हिस्सा चूत में घुस गया तो गुल्मोहर ने आँचल की गांड पकड़कर उसे अपने लंड पर उछालना शुरू किया. आँचल की टाइट चूत उसके मोटे लंड से बहुत स्ट्रेच हो गयी. आँचल को लगा जैसे कोई गर्म मोटी रोड उसकी चूत में घुस गयी हो.

“आअहह….ओइईईईईईईई….उफफफफफफफफफफफफ्फ़……..म्म्माआआआ….”

आँचल को इतना चिल्लाते देखकर गुल्मोहर को लगा वो जैसे किसी कुँवारी लड़की की सील तोड़ रहा हो.
“भाभी घबराओ नही…..मज़ा आएगा , तेरी चूत को बहुत मज़ा आएगा…….” आँचल को अपने लंड पर उछालते हुए गुल्मोहर बोला.

अब गुल्मोहर का पूरा लंड आँचल की चूत में घुस चुका था. आँचल की टाइट चूत ने उसके लंड को इतनी बुरी तरह से जकड़ रखा था की कामोत्तेजना से गुल्मोहर पागल हो गया. वो आँचल के बड़े बड़े नितंबों को टाइट पकड़कर उसे तेज तेज अपने लंड पर उछालने लगा.

“आहह….उरररज्ग्घह..उन्न्ननज्ग्घह….ऑहह….चोदो ….मुझे ….और चोदो ……” आँचल चुदाई के मज़े से आनंदित होती हुई बोली.

कुछ देर बाद “आ…ओह….उफफफ्फ़…”करती हुई आँचल को जबरदस्त ओर्गास्म आ गया और वो चूतरस बहाती हुई गुल्मोहर की गोद में झड़ गयी.

आँचल को झड़ते देखकर गुल्मोहर ने उसकी चूत से लंड बाहर निकाल लिया और उसको नीचे कार्पेट पर पेट के बल लिटा दिया. फिर आँचल की गांड ऊपर उठाकर पीछे से चूत में लंड घुसेड दिया.

“आआआआआ…ओइईईईईईईईई…….” एक झटके में लंड घुसने से औंधी पड़ी आँचल चिल्ला पड़ी.

गुल्मोहर ने उसकी बड़ी गांड में एक ज़ोर से थप्पड़ मारा . और नितंबों को हिलते देखकर वो तेज़ी से आँचल की चूत चोदने लगा. आँचल के हिलते नितंबों और धक्कों से आगे पीछे को हिलती बड़ी बड़ी चूचियों को देखकर अंकुर से रहा नही गया और चिल्लाती हुई आँचल के मुँह में उसने अपना लंड डाल दिया.

अब दोनो भाई मादक आँचल के नंगे बदन का मज़ा लेते हुए उसे चोदने लगी. यही सेक्सी कुतिया कल तक हमें टीज़ कर रही थी. आँचल को भी जबरदस्त चुदाई का भरपूर मज़ा मिल रहा था. उसकी टाइट चूत की बहुत दिन बाद जमकर ठुकाई हो रही थी.

एक एक करके दोनो भाइयों ने आँचल की चूत और मुँह को गाड़े वीर्य से भर दिया. और अपने मुरझाए लंड बाहर निकाल लिए. आँचल कार्पेट पर गिर पड़ी. दोनो भाई और आँचल गहरी गहरी साँसे लेने लगे.
फिर उन तीनो ने ठंडी बियर पीकर अपने गरम हो चुके बदन को ठंडक पहुँचाई.

कुछ देर बाद गुल्मोहर ने फिर से आँचल को अपनी गोद में बिठा लिया और उसकी बाँह ऊपर करके उसकी कांख (armpit) को चाटने लगा . उसको औरतों की कांख बहुत अच्छी लगती थी. आँचल की कांख चाटते हुए उसने अपने दाँत भी गड़ा दिए.

अंकुर उनके सामने आकर बैठ गया और आँचल की चूचियों को मुँह में भरकर चूसने और काटने लगा. कुछ ही देर में उसकी गोरी गोरी चूचियों पर काटने के लाल निशान पड़ गये और अंकुर की लार से वो गीली हो गयीं.
दोनो भाइयों के अपने नंगे बदन को ऐसे मसलने से आँचल उत्तेजना से मचलने लगी और उसकी दर्द कर रही चूत फिर से गीली होने लगी. दोनो भाइयों ने उसके पूरे नंगे बदन को चूम और चाट लिया और इससे आँचल के जिस्म में आग लग गयी.

फिर अंकुर ने आँचल को गुल्मोहर की गोद से खींचकर बेड पर लिटा दिया और उसके पेट में बैठ गया. फिर उसकी दोनो बड़ी बड़ी चूचियों को आपस में मिलाकर उनके बीच लंड घुसकर चूची-चुदाई करने लगा.
चूचियों पर लंड रगड़ने से आँचल सिसकारियाँ लेने लगी और अंकुर भी कुछ ही देर में झड़ गया और अपना सारा वीर्य चूचियों पर उडेल कर बेड से उतर गया.

अब आँचल ने गुल्मोहर को अपना तना हुआ मोटा लंड हाथ में पकड़े हुए बेड पर चढ़ते देखा. उसने आँचल की टाँगे पकड़कर घुटने मोड़ दिए लेकिन घुटने आपस में मिलाए रखे और चूत के छेद पर सुपाड़ा लगा दिया. गुल्मोहर को मालूम था की ऐसे घुटने मिलाकर चोदने से चूत और भी टाइट फील होगी.

जैसे ही सुपाड़ा अंदर घुसा, आँचल चिल्ला पड़ी,” आरररगज्गघह….उउउर्रणननन्ग्घह…”

गुल्मोहर ने दोनो घुटने मिलाकर ऊपर को मोड़कर पकड़े हुए थे और आँचल की टाइट चूत में लंड घुसाकर चुदाई शुरू कर दी. आँचल की उठी हुई गांड में गुल्मोहर की बड़ी गोलियाँ टकराने से कमरे में ठप ठप ठप………. का चुदाई संगीत गूंजने लगा.

गुल्मोहर चूत पर धक्के मारते रहा और आँचल चिल्लाती रही,”ओइईईईई….माआआ…ओह…आआहह…ओह…”
आँचल झड़ती रही और झड़ती रही और झड़ती रही , ना जाने कितनी बार ……………..

लेकिन गुल्मोहर नही झड़ा वो बेरहमी से आँचल की चूत की ठुकाई करते रहा.

अंकुर भी अपने बड़े भाई का स्टैमिना देखकर दंग रह गया. दोनो भाइयों ने पहले भी साथ में औरतें चोदी थी पर इस बार गुल्मोहर को ना जाने क्या हो गया था. आँचल जैसी मादक और खूबसूरत औरत फिर मिले ना मिले , इस ख़याल से वो रुकने का नाम ही नही ले रहा था और आँचल को चोदते ही जा रहा था.

काफ़ी देर तक चोदते रहने के बाद गुल्मोहर ने अपने वीर्य से आँचल की चूत को भर दिया और फिर लंड को बाहर निकाल लिया. फुचच की आवाज़ के साथ आँचल की टाइट चूत से उसका लंड बाहर आया. और आँचल की चूत ने राहत की सांस ली.

तभी अंकुर की नज़र घड़ी पर पड़ी. उसने भाई से कहा, “ बहुत देर हो गयी भाई, अब हमें यहाँ से निकलना चाहिए. सुनील आता ही होगा.”

गुल्मोहर बोला,” यार आज टाइम का पता ही नही चला.”

और दोनो फटाफट अपने कपड़े पहनने लगे , फिर चुपचाप कमरे से बाहर चले गये.

उन दोनो के जाने के बाद आँचल का बेड से उठने का मन ही नही हो रहा था. आज दोनो ने उसकी इतनी रगड़ कर चुदाई की थी की उसका वैसे ही सो जाने को दिल कर रहा था. लेकिन सुनील किसी भी समय आ सकता था.

आँचल बेड से उठी और दरवाजा लॉक कर दिया. फिर बाथरूम जाकर नहाने लगी और अपनी दर्द कर रही चूत को भी पानी से ठंडा करने लगी.

नहाने के बाद उसने कमरा ठीक ठाक किया और थकान से चूर होकर नंगी ही चादर ओढ़कर लेट गयी. जबरदस्त चुदाई से मिली कामतृप्ति से खुश होकर आँचल जल्दी ही मीठी नींद में सो गयी.


Aanchal ne hotel staff ki lalchayi nazron ko ignore kar diya.
Hotel ke kamre mein pahuchkar Ankur ne 2 bottle beer ka order diya.
Aanchal ne apne kapde utar diye aur Ankur ko alingan kar liya. Aanchal ko chudai ke liye jaldibazi karte dekhkar Ankur ne bhi apne kapde nikaal fenke aur Aanchal ko bed par lita diya. Phir Aanchal ki tange failakar uski choot mein munh laga diya.

Aanchal pehle se hi gili ho rakhi thi , apni choot par Ankur ki jeebh lagne se siskariyan lene lagi ,”ohhhhh……Ankur, haan………….aise hi chuso …….mujhe chuso Ankur…………..ahhhhh……..”

Wo pehle se hi car mein bahut uttezit ho gayi thi. Ankur ke uski choot chatne se thodi hi der mein usko orgasm aa gaya. Ankur ne uski clit ko chat-te hue Aanchal ka badan akadta mehsoos kiya. Aanchal ne apne nitambon ko thoda hawa mein uthaya phir niche gira diya. Wo jhad gayi.

Choot chat-te hue Ankur ne ek anguli Aanchal ki gand ke ched mein ghusa di. Aanchal ko dard aur anand ki mili juli feelings aayi ,”oiiiiiii…………ohhhhh………”

Aanchal ki uttezna dekhkar Ankur apne ko rok nahi paya aur ek hath se apne khade lund ko pakadkar Aanchal ki choot ke hothon ke beech fansa diya. Pehle dhakke mein supaada andar ghus gaya. Aanchal ko apni choot stretch hote hue feel hui. Uski siskari nikal gayi,”aaarrrungghhhhhhhhhh….”

Ankur ne dono hathon se Aanchal ki pahad jaisi uthi hui gori gori chuchiyan pakdi aur choot par dhakke marne laga. Lund ke andar ghuste hi use feel hua ki Aanchal ki choot ne uske lund ko jakad liya hai.

“Bhabhi aapki choot to kisi virgin ki tarah tight hai.”

“unnngh……uhhhhh……..unnnn..” choot ki diwaron par lund ragadne se Aanchal ko bahut maza mil raha tha. “Ahhhh….chodo mujhe……chodoooo…..”

Ankur ke dhakkon ke jawab mein Aanchal apni gand upar ko uchalne lagi aur phir apni mansal janho ke ghere mein Ankur ki kamar ko kas liya jaise ab jane hi nahi degi.

Ankur tej tej chodte hue chuchiyon ko munh mein bharkar kaatne laga , “ bhabhiiii, sssaali tu mast cheez hai re….”

Dono chudai mein itna shor kar rahe the ki unhone doorbell nahi suni.

Darwaze ke bahar waiter beer lekar khada tha. Andar se awazein aane par wo darwaze par kaan lagakar Aanchal ki siskariyan sunne laga.

Tabhi Aanchal ko orgasm aa gaya,” uuuuiiiiiiii……mmmaaaaa….ahhhhhh….unnnnngggghhh…” aur wo jor se siskariyan leti hui jhadne lagi.

“Ssssaali chootttttt….” Masti mein Ankur chillaya aur Aanchal ki choot ko apne gade viry se bhar diya.

Bahar waiter ka lund sirf awaz sunkar hi pant fadne laga. Wo beer bottle pakde hue hi aankhe band karke , andar ke nazare ko imagine karte hue, apni gand aage piche karne laga jaise kisi ko chod raha ho.

Jhadne ke baad Ankur Aanchal ke badan par gir pada. Thodi der tak dono apni sanso par kabu pane ka prayas karte rahe. Tabhi waiter ne phir se doorbell bajayi.
Ankur ne jhat se towel apni kamar par lapet liya aur Aanchal ne apne upar chadar daal li. Ankur ne thoda sa darwaja khola lekin waiter janboojhkar beer aur snacks ki tray lekar andar aa gaya. Table par tray rakhte hue usne Aanchal ko astvyast halat mein bed par chadar se dhake hue dekha , uske baal bikhre hue the aur chehre par pasina aa raha tha. Tray rakhne ke baad bhi wo besharmmi se Aanchal ko ghorrta raha aur apni tip ka intzar karne laga.

Ankur ne ek hath se apna towel pakade hue hi farsh par padi apni pant uthayi aur 50 ka note waiter ko pakda diya. Ja bhai ab yahan se , saala ghoore hi ja raha hai.

Tip milne ke baad waiter bhaari kadmon se aise ja raha tha jaise bahar jane ka uska mann hi na ho.

Waiter ke jate hi Gulmohar aa gaya. Ankur aur Aanchal ki halat dekhkar wo sab samajh gaya.
Aur bola,” Bhabhi aap bahut khoobsurat lag rahi ho aur khush bhi…”

Aanchal ko pata nahi tha ki Gulmohar bhi wahan aane wala hai, wo to sirf Ankur ke sath maze ka soch ke aayi thi. Gulmohar ko samne dekhkar Aanchal ko sharam mehsoos hui aur uska chehra feeka pad gaya.

Ankur beer bottle se glass mein beer dalne laga. Gulmohar bed mein Aanchal ke paas jakar baith gaya aur uske gaal sehlane laga. Aanchal ke chehre keude hue rang ko dekhkar bola,” Bhabhi ghabrao mat, tumhe maza aayega.”

Phir usne ek jhatke mein Aanchal ke upar se chadar hata di aur uske nange badan ko lalchayi nazron se dekhne laga.

“Bhabhi aap bahut mast cheez ho, aao mere pass, daro mat…” kehte hue usne Aanchal ko bed se utar diya aur pass mein pade sofe mein baithkar Aanchal ko apni god mein khinch liya.

Aanchal Gulmohar ko pasand nahi karti thi par is samay wo asahaay mehsoos kar rahi thi aur kuch nahi boli.

Gulmohar ne uski chuchiyon ko apne hath se pakda jaise unka wajan taul raha ho. Aur phir uske nipples ko munh mein bharkar choosne laga. Gulmohar ke chuchiyon ko jor se masalne se Aanchal ke munh se ek chikh nikli. Uska reaction dekhkar Gulmohar hansa aur bola,” Bhbahi dard hua kya ? lagta hai bhai ne bahut masla hai inhe..”

Gulmohar uski chuchiyon aur nipple ko chooste aur masalte raha aur Aanchal ke munh se aah nikalti rahi. Wo Aanchal ke nange badan par manmarzi se hath firata raha aur uska khada hota lund Aanchal ko apne nange nitambon ke niche mehsoos hua.

Ankur ye sab dekhte hue thandi beer pi raha tha. Apne bade bhai ki god mein nangi baithi hui madak Aanchal ki aahe sunkar uska lund phir khada ho gaya.
Ankur ke towel mein bane tambu ko dekhkar Gulmohar bola, Bhabhi wo to chota bhai hai, isliye uska mujhse chota hai. Abtum bade bhai ka bada lund dekhogi..”.

Phir usne Aanchal ko sofe par botha diya aur fatafat apne kapde utar diye.
Aanchal ne jaise hi uska bada aur mota lund dekha wo hypnotise ho gayi. Ye to Mr Sethi se bhi mota hai. Itne mote lund se milne wale chudai ke maze ke baare mein sochkar Aanchal ki choot ke hoth fadakne lage aur choot ras behne laga.

Ankur bhi apne bhai ke lund ko dekh raha tha . Aanchal ki tight choot mein itna mota lund ghusega kaise ye sochkar usko bhi excitement hone lagi.

Gulmohar sofe par baith gaya aur Aanchal ko apni god mein bitha liya. Phir Aanchal ki tange failakar uski choot ke hothon par lund ragadne laga. Aanchal ko apni tango ke beech wo lund aisa laga jaisa wo uska apna lund ho. Aanchal ne apni anguliyan uske charo or lapetkar uski motayi ka andaza lene ka prayas kiya lekin wo uski anguliyon mein pura aaya hi nahi.

“unnhhh….” Uske munh se nikla. Wo sochne lagi kitna mota lund hai pakad mein bhi nahi aa raha.

“Bhabhi ghabrao nahi…”, Aanchal ke chehre ke bhav dekhkar Gulmohar bola.
Phir Aanchal ki clit aur choot ki darar mein lund ka supada ragadne laga. Clit par lund ragadne se Aanchal siskariyan lene lagi aur uski choot phir se gili hone lagi.

Gulmohar ne Aanchal ke nitambon ko dono hathon se pakda aur dhire dhire supade ko choot ke andar ghusane laga.

“Aahhhh…aaa….aaahhhhh….aaahhhhh……..” Aanchal ko laga jaisa uska nichla hissa kisi ne cheer diya hai.

Jab lund ka teen chauthayi hissa choot mein ghus gaya to Gulmohar ne Aanchal ki gand pakadkar use apne lund par uchalna shuru kiya. Aanchal ki tight choot uske mote lund se bahut stretch ho gayi. Aanchal ko laga jaise koi garm moti rod uski choot mein ghus gayi ho.
“Aaahhhhh….oiiiiiiiiii….ufffffffffffff……..mmmaaaaaaaa….”

Aanchal ko itna chillate dekhkar Gulmohar ko laga wo jaise kisi kunwari ladi ki seal tod raha ho.

“Bhabhi ghabrao nahi…..maza aayega , teri choot ko bahut maza aayega…….”
Aanchal ko apne lund par uchalte hue Gulmohar bola.

Ab Gulmohar ka pura lund Aanchal ki choot mein ghus chuka tha. Aanchal ki tight choot ne uske lund ko itni buri tarah se jakad rakha tha ki kamottezna se Gulmohar pagal ho gaya. Wo Aanchal ke bade bade nitambon ko tight pakadkar use tej tej apne lund par uchalne laga.

“Aahhh….urrrggghhh..unnnnggghhhhh….ohhhh….chodo ….mujhe ….aur chodo……” Aanchal chudai ke maze se anandit hoti hui boli.

Kuch der baad “aah…ohhhhh….uffff…” kart hui Aanchal ko jabardast orgasm aa gaya aur wo chootras bahati hui Gulmohar ki god mein jhad gayi.

Aanchal ko jhadte dekhkar Gulmohar ne uski choot se lund bahar nikaal liya aur usko niche carpet par pet ke bal lita diya. Phir Aanchal ki gand upar uthakar piche se choot mein lund ghused diya.

“Aaaaaaaaaa…oiiiiiiiiiii…….” Ek jhatke mein lund ghusane se aundhi padi Aanchal chilla padi.

Gulmohar ne uski badi gand mein ek jor se thappad mara . aur nitambon ko hilte dekhkar wo teji se Aanchal ki choot chodne laga. Aanchal ke hilte nitambon aur dhakkon se aage piche ko hilti badi badi chuchiyon ko dekhkar Ankur se raha nahi gaya aur chillati hui Aanchal ke munh mein usne apna lund daal diya.

Ab dono bhai madak Aanchal ke nange badan ka maza lete hue use chodne lagi. Yehi sexy kutiya kal tak hamein tease kar rahi thi. Aanchal ko bhi jabardast chudai ka bharpoor maza mil raha tha. Uski tight choot ki bahut din baad jamkar thukai ho rahi thi.

Ek ek karke dono bhaiyonne Aanchal ki choot aur munh ko gaade viry se bhar diya. Aur apne murjhaye lund bahar nikaal liye. Aanchal carpet par gir padi. Dono bhai aur Aanchal gehri gehri sanse lene lage.

Phir un tino ne thandi beer pikar apne garam ho chuke badan ko thandak pahunchai.

Kuch der baad Gulmohar ne phir se Aanchal ko apni god mein bitha liya aur uski banh upar karke uski kankh (armpit) ko chatne laga . usko auraton ki kankh bahut acchi lagti thi. Aanchal ki kankh chat-te hue usne apne daant bhi gada diye.

Ankur unke samne aakar baith gaya aur Aanchal ki chuchiyon ko munh mein bharkar choosne aur katne laga. Kuch hi der mein uski gori gori chuchiyon par katne ke lal nishan pad gaye aur Ankur ki laar se wo gili ho gayin.

Dono bhaiyon ke apne nange badan ko aise masalne se Aanchal uttezna se machalne lagi aur uski dard kar rahi choot phir se gili hone lagi. Dono bhaiyon ne uske pure nange badan ko choom aur chat liya aur isse Aanchal ke jism mein aag lag gayi.

Phir Ankur ne Aanchal ko Gulmohar ki god se khinchkar bed par lita diya aur uske pet mein baith gaya. Phir uski dono badi badi chuchiyon ko aapas mein milakar unke beech lund ghusakar chuchi-chudai karne laga.

Chuchiyon par lund ragadne se Aanchal siskariyan lene lagi aur Ankur bhi kuch hi der mein jhad gaya aur apna sara viry chuchiyon par udel kar bed se utar gaya.
Ab Aanchal ne Gulmohar ko apna tana hua mota lund hath mein pakde hue bed par chadte dekha. Usne Aanchal ki tange pakadkar ghutne mod diye lekin ghutne aapas mein milaye rakhe aur choot ke ched par supada laga diya. Gulmohar ko malum tha ki aise ghutne milakar chodne se choot aur bhi tight feel hogi.

Jaise hi supada andar ghusa, Aanchal chilla padi,” Aarrrgggghhh….Uuurrnnnngghhh…”

Gulmohar ne dono ghutne milakar upar ko modkar pakde hue the aur Aanchal ki tight choot mein lund ghusakar chudai shuru kar di. Aanchal ki uthi hui gand mein Gulmohar ki badi goliyan takrane se kamre mein THAP THAP THAP………. ka chudai sangeet gujne laga.

Gulmohar choot par dhakke marte raha aur Aanchal chillati rahi,”oiiiiiii….maaaaaa…ohhhhhhhh…aaaahhhhh…ohhhhhhhhhh…”

Aanchal jhadti rahi aur jhadti rahi aur jhadti rahi , na jaane kitni baar ……………..

Lekin Gulmohar nahi jhada wo berahmi se Aanchal ki choot ki thukai karte raha.

Ankur bhi apne bade bhai ka stamina dekhkar dang reh gaya. Dono bhaiyon ne pehle bhi sath mein auratein chodi thi par is baar Gulmohar ko na jane kya ho gaya tha. Aanchal jaise madak aur khoobsurat aurat phir mile na mile is khayal se wo rukne ka naam hi nahi le raha tha aur Aanchal ko chodte hi ja raha tha.

Kafi der tak chodte rehne ke baad Gulmohar ne apne viry se Aanchal ki choot ko bhar diya aur phir lund ko bahar nikaal liya. Phuuucchhhhh ki awaz ke sath Aanchal ki tight choot se uska lund bahar aaya. Aur Aanchal ki choot ne rahat ki sans li.

Tabhi Ankur ki nazar ghadi par padi. Usne bhai se kaha, “ bahut der ho gayi bhai, ab hamein yahan se nikalna chahiye. Sunil aata hi hoga.”

Gulmohar bola,” yaar aaj time ka pata hi nahi chala.”

Aur dono fatafat apne kapde pahanne lage phir chupchap kamre se bahar chale gaye.

Un dono ke jane ke baad Aanchal ka bed se uthne ka mann hi nahi ho raha tha. Aaj dono ne uski itni ragadkar chudai ki thi ki uska waise hi so jane ko dil kar raha tha. Lekin Sunil kisi bhi samay aa sakta tha.

Aanchal bed se uthi aur darwaja lock kar diya. Phir bathroom jakar nahane lagi aur apni dard kar rahi choot ko bhi pani se thanda karne lagi.

Nahane ke baad usne kamra theek thak kiya aur thakaan se choor hokar nangi hi chadar odkar let gayi. Jabardast chudai se mili kaamtripti se khush hokar Aanchal jaldi hi meethi nind mein so gayi.

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:39

मुंबई ट्रिप से लौटे हुए आँचल को 2 महीने बीत चुके थे. इस बीच बहुत कुछ ऐसा हुआ जो उसकी फैमिली के लिए बुरा साबित हुआ. सुनील का बिज़नेस काफ़ी खराब चलने लगा था. और ये सब मुंबई से लौटने के बाद शुरू हुआ.

मुंबई से तो वो दोनो खुशी खुशी लौटे थे. सुनील इसलिए खुश था क्यूंकी उसको अपने डिसट्रिब्युटर्स गुल्मोहर और अंकुर से बकाया 85 लाख का चेक मिला था और आँचल इसलिए खुश थी की मुंबई में दोनो भाइयों के साथ होटेल में उसने जमकर चुदाई का लुत्फ़ उठाया था, हालाँकि गुल्मोहर के मोटे लंड की रगड़ से उसकी चूत में थोड़ी सूजन आ गयी थी.

लेकिन उनकी खुशी ज़्यादा दिन नही टिकी. 85 लाख का चेक बाउन्स हो गया . आँचल का ससुर गुस्से से पागल हो गया. एक तो वो अपनी मादक बहू को चोद नही पा रहा था उससे फ्रस्टरेट हो गया था. अब उसके बेटे सुनील को डिसट्रिब्युटर्स ने बेवकूफ़ बना दिया था. उसने बेटे को डांटा की तुमसे इतना काम भी नही हो पाया.

ससुर तुरंत मुंबई गया और चेक पेमेंट ना होने पर , गुल्मोहर और अंकुर दोनो भाइयों के खिलाफ FIR करवा दी.

ऑटो इंडस्ट्री रिसेशन में चल रही थी , इससे सुनील की ऑटो पार्ट्स बनाने की फैक्ट्री में भी काम काफ़ी कम हो गया. पैसों की तंगी हुई तो सुनील ने अपना मकान गिरवी रखकर बैंक से फैक्ट्री के लिए बहुत लोन ले लिया. जैसे जैसे दिन गुज़रते गये बिज़नेस के खराब हालात के टेंशन से सुनील का कॉन्फिडेन्स और उसकी सेक्स की इच्छा दोनो ही ख़तम होते गये.

आँचल अपने परिवार की बिगड़ती आर्थिक हालत से चिंतित थी. उसके अपने खर्चे भी कम हो गये और घर में नौकर भी सब हटाने पड़े सिर्फ़ एक आया ही रह गयी. आँचल को ही खाना पकाने और घर के बाकी काम करने पड़ते थे. ऊपर से सुनील तो अब बेड में उसके साथ कुछ करता ही नही था. उसके सेक्सुअल फ़्रस्ट्रेशन बढ़ने लगे. आँचल अंगुली करके थोड़ा काम चला रहा थी लेकिन असली चुदाई के लिए उसका मन तड़प रहा था , मन को शांति तो अच्छी चुदाई से ही मिलती है.

घर के बिगड़े हालात से आँचल की सास टेंशन से बीमार पड़ गयी और उसने बिस्तर पकड़ लिया. आँचल के ऊपर बहुत बोझ पड़ गया. सास को भी देखना है, घर के सारे काम जो उसने पहले कभी किए नही थे वो भी करने पड़ रहे हैं, और अपनी सेक्सुअल फ़्रस्ट्रेशन अलग से. उसे लगा ऐसा ही ज़्यादा दिन चला तो मैं तो पागल हो जाऊँगी.

घर के दमघोंटू माहौल से निकलने के लिए आँचल ने रोज़ शाम को बैडमिंटन खेलने के लिए क्लब जाना शुरू कर दिया. आजकल सुनील शाम को जल्दी घर आ जाता था. उसके घर आने के बाद आँचल को 2 घंटे के लिए खुली हवा में सांस लेने का मौका मिल जाता था क्यूंकी आँचल के क्लब से लौटने तक माँ की देखभाल सुनील कर लेता था. आँचल का ससुर मुंबई में ही रहकर कोर्ट केस अटेंड कर रहा था इसलिए सुनील या आँचल में से किसी एक का बीमार सास के पास रहना ज़रूरी था.

आँचल को क्लब जाते हुए एक हफ़्ता हो गया था , वहाँ विकी और उसके टीन ग्रूप से (अपडेट 15) आँचल घुलमिल गयी थी. वो चार टीनएजर्स थे, विकी की GF करिश्मा और अनिल और सैफ. आँचल रोज़ उनके साथ बैडमिंटन खेलती थी और उनके साथ हँसी मज़ाक से उसका टेंशन दूर हो जाता था. मादक आँचल को अपने साथ वाइट टीशर्ट और स्कर्ट में खेलते देखकर वो टीनएजर्स भी खुश रहते थे और उसकी तारीफ करने का कोई मौका नही गँवाते थे. आँचल उनके बीच अपने को रानी की तरह महसूस करती थी क्यूंकी वो उससे 6-7 साल छोटे थे और उसके आगे पलक पावडे बिछाए रहते थे. विकी उनमे सबसे लंबा और हैंडसम था , आँचल को भी वो अच्छा लगता था लेकिन उसकी GF करिश्मा की वजह से आँचल अपने को कंट्रोल में रखती थी. आँचल को हँसमुख और सुंदर करिश्मा भी अच्छी लगती थी.

सेक्सी आँचल को करिश्मा भी बहुत पसंद करती थी. करिश्मा अभी टीनएजर थी और उसकी बॉडी अभी डेवेलप हो रही थी. चेंजिंग रूम में नहाकर कपड़े बदलते समय आँचल की बड़ी बड़ी गोरी चूचियों की तरफ वो आकर्षित रहती थी. करिश्मा ने ये भी गौर किया था की उसका BF विकी आँचल को इंप्रेस करने की कोशिश में लगा रहता है और डबल्स गेम खेलते समय आँचल की जाँघ या साइड से चूचियों को छूने का कोई मौका नही छोड़ता है. इससे कभी कभी करिश्मा को जलन भी होती थी पर हँसमुख स्वभाव की होने से वो ज़्यादा बुरा नही मानती थी. वैसे भी वो खुद ही आँचल की तरफ आकर्षण महसूस करती थी.

एक दिन बैडमिंटन खेलने के बाद आँचल ने चेंजिंग रूम मे कपड़े उतारे और शावर में नहाने लगी. वो अपनी छाती और कांख में साबुन लगा रही थी , तभी उसने करिश्मा को घूरते पाया.

थोड़ी देर नज़रअंदाज़ करने के बाद आँचल ने पूछ ही लिया,” क्या हुआ करिश्मा ? ऐसे क्या देख रही हो ?”

पकड़े जाने से करिश्मा घबरा गयी और उसने सच सच बोल दिया,” वो …वो ..मैं तुम्हारे बूब्स देख रही थी , कितने बड़े बड़े और सुडोल हैं…”

करिश्मा की फ्रैंक बात से आँचल शरमा गयी और बोली,” उम्म, थैंक्स करिश्मा. तुम भी तो बहुत सुंदर हो.”

आँचल से अपनी तारीफ सुनकर करिश्मा भी खुश हो गयी. उसने अपने कपड़े उतारे और आँचल की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसके बगल के शावर में नहाने लगी. आँचल ने नहाती हुए करिश्मा का गोरा क्यूट बदन देखा , उभरे हुए उरोज़ , छरहरी कमर , कसे हुए नितम्ब , लम्बी गोरी चिकनी टाँगें. वो सोचने लगी ये तो सिर्फ़ 18 साल की है , पता नही इसने विकी के साथ सेक्स का मज़ा लिया भी है या नही. दोनो एक दूसरे की तरफ देखते हुए नहा रही थीं. सेक्स के बारे में सोचने से आँचल की उत्तेजना बढ़ने लगी. उसके निपल सख़्त होकर तन गये और चूत में गीलापन बढ़ने लगा.

आँचल अपनी चूत में साबुन लगाने लगी, करिश्मा अभी भी आँचल की तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी.
फिर आँचल अपनी पीठ में साबुन लगाने लगी.

तभी करिश्मा उसके पीछे आ गयी और बोली,” लाओ मैं तुम्हारी पीठ में साबुन लगा दूं” और आँचल के हाथ से साबुन लेकर उसकी पीठ में लगाने लगी.

आँचल इधर उधर देखने लगी की कोई देख तो नही रहा. आँचल को नर्वस देखकर करिश्मा बोली, “ जब मैं तुम्हारी पीठ में साबुन लगा लूँगी तो फिर तुम भी मेरी पीठ में साबुन लगा देना.”

करिश्मा ने पहले आँचल की पीठ के उपरी हिस्से, गर्दन और कंधों में साबुन लगाया . करिश्मा के पीठ मलने से आँचल के मुँह से हल्की सिसकारी निकल गयी. करिश्मा समझ गयी की आँचल एग्ज़ाइटेड हो रही है , वो खुद भी गरम हो रही थी.

पहले करिश्मा गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल में पड़ती थी . वहाँ हॉस्टिल में लड़कियों के साथ उसने बहुत मज़े किए थे. उसका पहला और एकलौता BF विकी था और उसी के साथ वो सेक्स का मज़ा ले चुकी थी.

जबसे करिश्मा ने आँचल को शावर में नहाते हुए देखा था वो तभी से उसके नंगे बदन को छूना चाहती थी. आज कई महीनो बाद ये मौका हाथ लगा था क्यूंकी बीच में आँचल ने क्लब आना छोड़ दिया था. हॉस्टिल में लड़कियों के साथ करिश्मा को अच्छा ख़ासा एक्सपीरियेन्स हो गया था.

आँचल को हल्की हल्की सिसकारियाँ लेते देखकर करिश्मा अब पीठ में नीचे की तरफ साबुन लगाने लगी. आँचल के बड़े बड़े नितंबों में साबुन लगाते हुए वो नितंबों को पकड़कर दबा भी दे रही थी. फिर उसने एक हाथ से आँचल के बायें नितंब को पकड़ा और नितंबों के बीच की दरार में उंगलियाँ डालकर उसकी गांड के छेद और चूत में साबुन लगाने लगी.

अब आँचल अपने ऊपर काबू नही रख पाई और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी.

“अच्छा लग रहा है ?” करिश्मा ने मासूमियत से पूछा.

करिश्मा अब पीछे से ही हाथ डालकर आँचल की क्लिट मसल रही थी और एक उंगली चूत में डालकर अंदर बाहर कर रही थी.

“उम्म्म्म…..ह…” आँचल ने जवाब दिया.

आँचल को लगा अब ओर्गास्म आने ही वाला है , वो आँखे बंद करके मज़े लेने लगी. करिश्मा बड़े प्यार से उसे मज़े दे रही थी. तभी किसी के चलने की आवाज़ आई.

करिश्मा आँचल की चूत से अपनी उंगली निकालकर झट से बगल के अपने शावर में चली गयी.

उस चेंजिंग रूम की इंचार्ज वहाँ आ गयी. आँचल का मज़ा खराब हो गया , उसने करिश्मा की तरफ हैरानी से देखा , क्या हुआ ? . करिश्मा ने उसको इशारे से बताया कोई आ गया है.

आँचल ने पीछे मुड़कर इंचार्ज को देखा. ओर्गास्म ना आ पाने से उसको बहुत फ्रस्ट्रेशन फील हुआ.
आँचल को फ़्रस्ट्रेटेड देखकर करिश्मा बोली,” जानू , कल दोपहर के बाद मेरे घर आओ. उस समय कोई नही होगा वहाँ.”

नहाकर कपड़े बदलने के बाद करिश्मा आँचल के पास आई और उसके चेहरे को अपने दोनो हाथों में पकड़कर बोली,” जानू , सॉरी आज तुम्हारा मज़ा खराब हो गया. लेकिन कल बहुत मज़ा आएगा तुम्हें , प्रॉमिस.”

फिर उसने आँचल को अपना फोन नंबर दिया और कल दोपहर के बाद फोन करने को कहा.
आँचल जब घर पहुँची तो बहुत हॉर्नी फील कर रही थी. क्यूंकी उसका ओर्गास्म बाहर नही निकल पाया था.

आँचल को करिश्मा का टच करना बहुत अच्छा लगा था और वो फिर से करिश्मा का साथ चाह रही थी पर कल दोपहर तक इंतज़ार करना था.

डिनर के बाद आँचल ने सुनील के लंड को मलते हुए सेक्स के लिए कहा.

सुनील बोला,” आज नही डार्लिंग, आज मैं बहुत थका हुआ हूँ.” और वो उसकी तरफ पीठ करके करवट लेकर सो गया. धन्य हो ! शादी ही क्यूँ की थी इस आदमी ने .

आँचल थोड़ी देर सुनील को खर्राटे लेते देखकर कुढ़ती रही. फिर उठकर बाथरूम चली गयी . बाथटब में गरम पानी में लेटकर करिश्मा के बारे में सोचते हुए उसने मूठ मारी और ओर्गास्म आने से उसकी सेक्सुअल टेंशन रिलीज़ हो गयी.

अगली सुबह आँचल ने सुनील से कहा की दोपहर के बाद उसको कुछ काम से बाहर जाना है तो आया को सास की देखभाल के लिए बोल दूँगी. सुनील के जाने के बाद आँचल से इंतज़ार बर्दाश्त नही हुआ और वो करिश्मा को फोन करने लगी पर कोई फोन नही उठा रहा था. उसने दो तीन बार ट्राइ किया पर कोई फायदा नही हुआ.
आँचल बहुत फ़्रस्ट्रेटेड हो गयी, कैसी है ये करिश्मा , फोन भी नही उठा रही है.

आख़िरकार दोपहर बाद 1 pm पर आँचल ने फिर से करिश्मा को फोन किया , इस बार करिश्मा ने मीठी आवाज़ में हेलो बोला.

आँचल बोली, यार कबसे फोन कर रही हूँ , फोन नही उठा रही हो.

करिश्मा ने उसे अपने घर का एड्रेस बताया और कहा अभी घर में कोई नही है.

आँचल ने तुरंत ऑटो पकड़ा और करिश्मा के बताए एड्रेस पर पहुँच गयी.

आँचल को अपने घर देखकर करिश्मा खुश हो गयी और उसने आँचल के होठों पर किस करके विश किया.
आँचल ने भी जवाब में करिश्मा के होठों को किस किया और अपनी जीभ उसके होठों के बीच से मुँह में घुसा दी. मादक आँचल को पूरे मूड में देखकर करिश्मा मुस्कुरायी और अपने बेडरूम में ले गयी.

करिश्मा मन ही मन सोचने लगी आँचल को टीज़ कर करके मज़ा दूँगी , इस सेक्सी औरत को तड़पकर सिसकारियाँ लेते हुए देखने में ज़्यादा मज़ा आएगा.

Mumbai trip se laute hue Aanchal ko 2 mahine beet chuke the. Is beech bahut kuch aisa hua jo uski family ke liye bura sabit hua. Sunil ka business kafi kharab chalne laga tha. Aur ye sab Mumbai se lautne ke baad shuru hua.

Mumbai se to wo dono khushi khushi laute the. Sunil isliye khus tha kyunki usko apne distributors Gulmohar aur Ankur se bakaya 85 lakh ka cheque mila tha aur Aanchal isliye khus thi ki Mumbai mein dono bhaiyon ke sath hotel mein usne jamkar chudai ka lutf uthaya tha, halanki Gulmohar ke mote lund ki ragad se uski choot main thodi suzan aa gayi thi.

Lekin unki khushi jyada din nahi tiki. 85 lakh ka cheque bounce ho gaya . Aanchal ka Sasur gusse se pagal ho gaya. Ek to wo apni madak bahu ko chod nahi pa raha tha usse frustrate ho gaya tha. Ab uske bete Sunil ko distributors ne bewakoof bana diya tha. Usne bete ko danta ki tumse itna kaam bhi nahi ho paya.

Sasur turant Mumbai gaya aur cheque payment na hone par , Gulmohar aur Ankur dono bhaiyon ke khilaaf FIR karwa di.

Auto industry recession mein chal rahi thi , isse Sunil ki Auto parts banane ki factory mein bhi kaam kafi kam ho gaya. Paison ki tangi hui to Sunil ne apna makan girwi rakhkar bank se factory ke liye bahut loan le liya. Jaise jaise din gujarte gaye business ke kharab halaat ke tension se Sunil ka confidence aur uski sex ki iccha dono hi khatam hote gaye.

Aanchal apne pariwar ki bigadti aarthik halat se chintit thi. Uske apne kharche bhi kam ho gaye aur ghar mein naukar bhi sab hatane pade sirf ek aaya hi reh gayi. Aanchal ko hi khana pakane aur ghar ke baki kaam karne padte the. Upar se Sunil to ab bed mein uske sath kuch karta hi nahi tha. Uske sexual frustrations badne lage. Aanchal anguli karke thoda kaam chala raha thi lekin asli chudaai ke liye uska mann tadap raha tha , Mann ko shanti to acchi chudai se hi milti hai.

Ghar ke bigde halaat se Aanchal ki Saas tension se bimaar pad gayi aur usne bistar pakad liya. Aanchal ke upar bahut bojh pad gaya. Saas ko bhi dekhna hai, Ghar ke sare kaam jo usne pehle kabhi kiye nahi the wo bhi karne pad rahe hain, aur apni sexual frustrations alag se. use laga aisa hi jyada din chala to mai to pagal ho jaungi.

Ghar ke dumghotu mahaul se nikalne ke liye Aanchal ne roz sham ko badminton khelne ke liye club jana shuru kar diya. Aajkal Sunil sham ko jaldi ghar aa jata tha. Uske ghar aane ke baad Aanchal ko 2 ghante ke liye khuli hawa mein sans lene ka mauka mil jata tha kyunki Aanchal ke club se lautne tak Maa ki dekhbhal Sunil kar leta tha. Aanchal ka Sasur Mumbai mein hi rehkar court case attend kar raha tha isliyee Sunil ya Aanchal mein se kisi ek ka bimaar Saas ke pass rehna jaruri tha.

Aanchal ko club jaate hue ek hafta ho gaya tha , wahan Vicky aur uske teen group se (Update 15) Aanchal ghulmil gayi thi. Wo char teenagers the, Vicky ki GF Karishma aur Anil aur Saif. Aanchal roz unke sath badminton khelti thi aur unke sath hansi mazak se uska tension dur ho jata tha. Madak Aanchal ko apne sath white tshirt aur skirt mein khelte dekhkar wo teenagers bhi khush rehte the aur uski tareef karne ka koi mauka nahi ganwate the. Aanchal unke beech apne ko Rani ki tarah mehsoos karti thi kyunki wo usse 6-7 saal chote the aur uske aage palak pawde bichaye rehte the. Vicky unme sabse lamba aur handsome tha , Aanchal ko bhi wo accha lagta tha lekin uski GF Karishma ki wajah se Aanchal apne ko control mein rakhti thi. Aanchal ko hansmukh aur sundar Karishma bhi acchi lagti thi.

Sexy Aanchal ko Karishma bhi bahut pasand karti thi. Karishma abhi teenager thi aur uski body abhi develop ho rahi thi. Changing room mein nahakar kapde badalte samay Aanchal ki badi badi gori chuchiyon ki taraf wo akarshit rehti thi. Karishma ne ye bhi gaur kiya tha ki uska BF Vicky Aanchal ko impress karne ki koshish mein laga rehta hai aur doubles game khelte samay Aanchal ki jangh ya side se chuchiyon ko chune ka koi mauka nahi chodta hai. Isse kabhi kabhi Karishma ko jalan bhi hoti thi par hansmukh swabhav ki hone se wo jyada bura nahi manti thi. Waise bhi wo khud hi Aanchal ki taraf akarshan mehsoos karti thi.

Ek din badminton khelne ke baad Aanchal ne changing room me kapde utare aur shower mein nahane lagi. Wo apni chati aur kankh mein sabun laga rahi thi , tabhi usne Karishma ko ghurte paya.

Thodi der nazarandaaz karne ke baad Aanchal ne puch hi liya,” kya hua Karishma ? aise kya dekh rahi ho ?”

Pakde jane se Karishma ghabra gayi aur usne such such bol diya,” wo …wo ..mai Tumhare boobs dekh rahi thi , kitne bade bade aur sudol hain…”

Karishma ki frank baat se Aanchal sharma gayi aur boli,” umm, thanks Karishma. Tum bhi to bahut sundar ho.”

Aanchal se apni tareef sunkar Karishma bhi khush ho gayi. Usne apne kapde utare aur Aanchal ki taraf dekhkar muskurate hue uske bagal ke shower mein nahane lagi. Aanchal ne nahati hue Karishma ka gora cute badan dekha , ubhare hue uroz, charhari kamar, kase hue nitamb , lambi gori chikni tange. Wo sochne lagi ye to sirf 18 saal ki hai , pata nahi isne Vicky ke sath sex ka maza liya bhi hai ya nahi. Dono ek dusre ki taraf dekhte hue naha rahi thi. Sex ke bare mein sochne se Aanchal ki uttezna badne lagi. Uske nipple sakht hokar tan gaye aur choot mein gilapan badne laga.

Aanchal apni choot mein sabun lagane lagi, Karishma abhi bhi Aanchal ki taraf dekhkar muskura rahi thi.

Phir Aanchal apni peeth mein sabun lagane lagi.

Tabhi Karishma uske piche aa gayi aur boli,” lao mein tumhari peeth mein sabun laga dun” aur Aanchal ke hath se sabun lekar uski peeth mein lagane lagi.

Aanchal idhar udhar dekhne lagi ki koi dekh to nahi raha. Aanchal ko nervous dekhkar Karishma boli, “ jab mai tumhari peeth mein sabun laga lungi to phir tum bhi meri peeth mein sabun laga dena.”

Karishma ne pehle Aanchal ki peeth ke upari hisse, gardan aur kandhon mein sabun lagaya . Karishma ke peeth malne se Aanchal ke munh se halki siskari nikal gayi. Karishma samajh gayi ki Aanchal excited ho rahi hai , wo khud bhi garam ho rahi thi.

Pehle Karishma girls boarding school mein padti thi . wahan hostel mein ladkiyon ke sath usne bahut maze kiye the. Uska pehla aur eklauta BF Vicky tha aur usi ke sath wo sex ka maza le chuki thi.

Jabse Karishma ne Aanchal ko shower mein nahate hue dekha tha wo tabhi se uske nange badan ko chuna chahti thi. Aaj kai mahino baad ye mauka hath laga tha kyunki beech mein Aanchal ne club aana chod diya tha. Hostel mein ladkiyon ke sath Karishma ko accha khasa experience ho gaya tha.

Aanchal ko halki halki siskariyan lete dekhkar Karishma ab peeth mein niche ki taraf sabun lagane lagi. Aanchal ke bade bade nitambon mein sabun lagate hue wo nitambon ko pakadkar daba bhi de rahi thi. Phir usne ek hath se Aanchal ke baye nitamb ko pakda aur nitambon ke beech ki darar mein ungliyan dalkar uski gand ke ched aur choot mein sabun lagane lagi.

Ab Aanchal apne upar kaboo nahi rakh payi aur jor jor se siskariyan lene lagi.
“Accha lag raha hai ?” Karishma ne masumiyat se pucha.

Karishma ab piche se hi hath dalkar Aanchal ki clit masal rahi thi aur ek ungli choot mein dalkar andar bahar kar rahi thi.

“Ummmm…..Ahhhh…” Aanchal ne jawab diya.

Aanchal ko laga ab orgasm aane hi wala hai , wo aankhe band karke maze lene lagi. Karishma bade pyar se use maze de rahi thi. Tabhi kisi ke chalne ki awaz aayi.

Karishma Aanchal ki choot se apni ungli nikaalkar jhat se bagal ke apne shower mein chali gayi.

Us changing room ki incharge wahan aa gayi. Aanchal ka maza kharab ho gaya , usne Karishma ki taraf hairaani se dekha , kya hua ? . Karishma ne usko ishare se bataya koi aa gaya hai.

Aanchal ne piche mudkar incharge ko dekha. Orgasm na aa pane se usko bahut frustration feel hua.

Aanchal ko frustrated dekhkar Karishma boli,” Janu , kal dopahar ke baad mere ghar aao. Us samay koi nahi hoga wahan.”

Nahakar kapde badalne ke baad Karishma Aanchal ke pass aayi aur uske chehre ko apne dono hathon mein pakadkar boli,” Janu , sorry aaj tumhara maza kharab ho gaya. Lekin kal bahut maza aayega tumhen , promise.”

Phir usne Aanchal ko apna phone number diya aur kal dopahar ke baad sham phone karne ko kaha.

Aanchal jab ghar pahunchi to bahut horny feel kar rahi thi. Kyunki uska orgasm bahar nahi nikal paya tha. Aanchal ko Karishma ka touch karna bahut accha laga tha aur wo phir se Karishma ka sath chah rahi thi par kal dopahar tak intzaar karna tha.

Dinner ke baad Aanchal ne Sunil ke lund ko malte hue sex ke liye kaha.
Sunil bola,” aaj nahi darling, aaj mai bahut thaka hua hun.” Aur wo uski taraf peeth karke karwat lekar so gaya. Dhanya ho ! shadi hi kyun ki thi is aadmi ne .

Aanchal thodi der Sunil ko kharrate lete dekhkar kudti rahi. Phir uthkar bathroom chali gayi . Bathtub mein garam pani mein letkar Karishma ke baare mein sochte hue usne muth mari aur orgasm aane se uski sexual tension release ho gayi.
Agli subah Aanchal ne Sunil se kaha ki dopahar ke baad usko kuch kaam se bahar jana hai to aaya ko Saas ki dekhbhal ke liye bol dungi. Sunil ke jane ke baad Aanchal se intzar bardast nahi hua aur wo Karishma ko phone karne lagi par koi phone nahi utha raha tha. Usne do teen baar try kiya par koi fayda nahi hua.
Aanchal bahut frustrated ho gayi, kaise hai ye karishma , phone bhi nahi utha rahi hai.

Aakhirkar dopahar baad 1 pm par Aanchal ne phir se Karishma ko phone kiya , is baar Karishma ne meethi awaz mein hello bola.

Aanchal boli, yaar kabse phone kar rahi hun , phone nahi utha rahi ho.

Karishma ne use apne ghar ka address bataya aur kahan abhi ghar mein koi nahi hai.

Aanchal ne turant auto pakda aur Karishma ke bataye address par pahunch gayi.
Aanchal ko apne ghar dekhkar Karishma khush ho gayi aur usne Aanchal ke hothon par kiss karke wish kiya.

Aanchal ne bhi jawab mein Karishma ke hothon ko kiss kiya aur apni jeebh uske hothon ke beech se munh mein ghusa di. Madak Aanchal ko poore mood mein dekhkar Karishma muskurayi aur apne bedroom mein le gayi.

Karishma mann hi mann sochne lagi Aanchal ko tease kar karke maza dungi , is sexy aurat ko tadapkar siskariyan lete hue dekhne mein jyada maza aayega.

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 14 Nov 2017 19:43

करिश्मा आँचल को अपने बेडरूम में ले गयी और धीरे धीरे उसकी साड़ी, ब्लाउज, पेटिकोट और ब्रा उतारने लगी. कपड़े उतारते समय वो आँचल के बदन को छू रही थी जिससे आँचल सिसकारियाँ लेने लगी. फिर आँचल ने भी करिश्मा के कपड़े उतार दिए लेकिन उसको जल्दबाज़ी हो रही थी , इसलिए उसने फटाफट करिश्मा के कपड़े उतार फेंके.

अब दोनो औरतें बिल्कुल नंगी थी. एक दूसरे के बदन पर हाथ फिराते हुए दोनो होठों का चुंबन लेने लगी. आँचल इतनी ज़्यादा सेक्सुअली एग्ज़ाइटेड हो रखी थी की करिश्मा के किस करने और बदन में हाथ फिराने से उसको खड़े खड़े ही जबरदस्त ओर्गास्म आ गया और वो आहह….....ऊऊहह…......उन्न्ञंफफफ़फ़गगगघह करती हुई झड़ गयी. उसने करिश्मा को अपने आलिंगन में जकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी. करिश्मा दुबली पतली थी उससे आँचल संभाली नही गयी और उसने जैसे तैसे आँचल को बेड में लिटा दिया.

फिर करिश्मा ने आँचल की मस्त बड़ी बड़ी गोरी चूचियों को हाथों में पकड़कर दबाना शुरू किया. आँचल की चूचियों को मसलने से खुद करिश्मा के मुँह से भी सिसकारियाँ निकलने लगी. फिर उसने आँचल के बड़े निपल को मुँह में भर लिया और एक एक करके दोनो निपल्स को चूसने लगी. आँचल मदहोशी से सिसकारियाँ ले रही थी. आँचल को करिश्मा की चूत को चाटने का मन हुआ, लेकिन करिश्मा उसकी चूचियों को चूसने और मसलने में मगन थी. आँचल भरी पूरी औरत थी और करिश्मा टीनेजर थी , तो आँचल ने करिश्मा को बेड पर धक्का दिया और उसकी टाँगें खींचकर अलग कर दी. और फिर करिश्मा की चूत में मुँह लगाकर जीभ से चाटने लगी. करिश्मा अपने से बड़ी आँचल का मुक़ाबला नही कर पाई और लेटे हुए सिसकारियाँ लेने लगी. आँचल ने उसकी क्लिट को जीभ से छेड़ा और गीली चूत में उंगली घुसाकर अंदर बाहर करने लगी.

करिश्मा अपने हॉस्टिल के लेस्बियन संबंधों में डॉमिनेंट पार्ट्नर रहती थी . आँचल को भी उसने तड़पाते हुए मज़े देने की सोची थी लेकिन यहाँ आँचल के सामने उसकी नही चली और उसे लगा की आँचल उसकी चूत ही खा जाएगी.
“उन्न्ञंह…ऊओह …उफफफफ्फ़… आँचल……” करिश्मा को ओर्गास्म आ गया और वो आँचल के मुँह में चूतरस बहाते हुए झड़ गयी.

फिर आँचल ने उसको अपनी गोद में बिठा लिया और उसके बूब्स को चूसने लगी. और एक उंगली उसकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगी. कुछ देर बाद उसने चूत में दो उंगली डाल दी. आँचल अपनी गोद में करिश्मा को मनमर्ज़ी से चोद रही थी. और करिश्मा सिसकारियाँ ले रही थी.
करिश्मा को एक और ओर्गास्म आ गया.

“ऊओ….करिश्मा , मज़ा आ रहा है नाआआ……….” खुद भी सिसकारियाँ लेते हुए आँचल बोली.
करिश्मा को शुरू में दर्द हुआ था क्यूंकी अनाड़ी आँचल ने उत्तेजना में दो उंगलियों से उसकी टाइट चूत में दर्द करवा दिया था लेकिन आँचल की गोद में टाँगे फैलाए हुए बैठने से और आँचल द्वारा डॉमिनेट किए जाने से उसको बहुत कामतृप्ति मिली.

फिर आँचल ने उंगलियाँ करिश्मा की चूत से बाहर निकाली और उसके मुँह में डाल दी. और अपनी उंगलियाँ उससे चटवाकर साफ़ करवाई. फिर गोद में बिठाये हुए ही अपनी चूचियां उसके मुँह में डालती हुई बोली,” तू ये माँग रही थी ना, चूस मेरे मम्मों को. हाथ से देख कितने भारी हैं, चूस करिश्मा चूस…”

करिश्मा उसके मम्मों को चूसती रही और उत्तेजना से आँचल की चूत से रस बहने लगा.
फिर आँचल ने करिश्मा को गोद से उतारा और खुद बेड में लेट गयी. और बोली,” चूस मेरी चूत को …”
करिश्मा ने आँचल की चिकनी चूत के फूले हुए होठों में अपना मुँह लगा दिया और उसकी क्लिट को जीभ से छेड़ने लगी.
“आहह…ओह…” आँचल ने सिसकारी ली.
फिर करिश्मा ने आँचल की फड़कती चूत के अंदर जीभ डाल दी और उसे अंदर घुमाने लगी.
“उहह…ऑश…उन्न्नह…उननग्ज्ग……एसस्स्सस्स….ज़ोर से और ज़ोर से ….” आँचल बोली और अपने बड़े नितंबों को उछालकर करिश्मा के मुँह में झटका देने लगी.

“उईईईईईईईईई….माआआअ……” आँचल उत्तेजना में सिसकी लेती रही.
फिर करिश्मा ने आँचल के नितंब पकड़े और एक अंगुली उसकी गांड के छेद में डाल दी.
“ऊओह ……..आहह…मैं मर गयी ………..उन्न्नह………आऐईयईईईई..” आँचल मज़े और दर्द से चिल्लाई और ओर्गास्म से झड़ गयी.

आँचल को ओर्गास्म के मज़े लेते देखकर करिश्मा उत्तेजित हो गयी और अपनी टेबल से वाइब्रेटिंग डिल्डो उठा लाई. फिर डिल्डो को ऑन करके आँचल की क्लिट को छेड़ने लगी. अपनी क्लिट पर वाइब्रेशन से आँचल फिर से सिसकारियाँ लेने लगी. करिश्मा ने डिल्डो को आँचल की चूत में घुसाना शुरू किया. डिल्डो बड़ा था तो आँचल को अपनी चूत स्ट्रेच होती हुई महसूस हुई. आँचल ने पहले कभी डिल्डो यूज़ नही किया था और इस डिल्डो का सेन्सेशन उसको अच्छा लग रहा था. अब करिश्मा डिल्डो को आँचल की चूत में तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी.

“उईईईईई …..करिश्मा …….” आँचल अपने नितंबों को ऊपर उछालने लगी.
फिर करिश्मा ने डिल्डो रोक दिया ताकि मज़ा लंबा खिच सके. डिल्डो के रुकने से आँचल तड़पने लगी.
“चोद साली करिश्मा…प्लीज़…….. चोद मुझे … “ आँचल फ्रस्ट्रेशन से चिल्लाई.

आँचल को अपनी खुशामद करते देखकर करिश्मा मुस्कुरायी और मन ही मन बोली, तड़पा तड़पा के मज़े दूँगी तुझे. अब वो डॉमिनेंट पार्ट्नर बन चुकी थी और इसमे उसे मज़ा आ रहा था.

फिर उसने डिल्डो एक तरफ रख दिया और आँचल की टाँगें फैलाकर खुद उनके बीच आ गयी. अब दोनो की चूत एक के ऊपर एक थी. करिश्मा ने अपनी गीली चूत को आँचल की रस टपकाती चूत से रगड़ना शुरू किया. दोनो ही सिसकारियाँ लेने लगी. कुछ देर बाद करिश्मा ने आँचल से पेट के बल लेटने को कहा.

करिश्मा अब आँचल के बड़े बड़े नितंबों को पकड़कर मसलने लगी और बीच बीच में उनपर थप्पड़ मारने लगी. और थप्पड़ मारने से नितंबों को हिलते हुए देखकर मज़े लेने लगी. पीछे से आँचल की चूत में भी किसी किसी समय वो उंगली करने लगी.

फिर करिश्मा ने आँचल की मांसल जांघों को मसलना शुरू किया. करिश्मा के मसलने से आँचल सिसकारियाँ लेने लगी. अब करिश्मा को भी मज़े की ज़रूरत थी.

“ बहुत मज़े कर लिए तूने…अब उठ और चूस मुझे…” आँचल से अपनी चूत चाटने को कहने लगी.

आँचल उठी और करिश्मा की चूत में जीभ लगाकर चाटने लगी. फिर चूत के अंदर जीभ डालकर करिश्मा को मज़े देने लगी. करिश्मा ने आँचल का सर पकड़कर अपनी चूत में दबा दिया और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी. थोड़ी देर बाद करिश्मा को ओर्गास्मआ गया और आँचल के सर को चूत में दबाए रखकर उसने उसका मुँह अपने चूतरस से भर दिया. कुछ पलों के बाद जब उसका ओर्गास्म ख़तम हुआ तो उसने आँचल का सर छोड़ दिया. आँचल ने चूतरस और लार से भीगा हुआ अपना मुँह ऊपर उठा लिया.

उसके बाद करिश्मा ने अपनी कमर में डिल्डो बेल्ट से बाँध लिया. और डॉगी पोज़ में आँचल की चूत में डिल्डो डालकर चोदने लगी. सपोर्ट के लिए उसने आँचल के हिलते हुए बूब्स पकड़ लिए. आँचल थोड़ी ही देर में झड़ गयी लेकिन करिश्मा रुकी नही और उसे चोदते रही.

“उहह….आअहह….बस करो करिश्मा…..उन्न्नह….दुख़्ता है …बससस्स…” आँचल दर्द से गुस्से में चिल्लाई.
आँचल को दर्द से चिल्लाते देखकर करिश्मा रुक गयी. और आँचल के चेहरे को अपने हाथों में पकड़कर बोली,” आई ऍम सॉरी, आँचल. मुझे पता नही चला की तुम्हें दर्द होने लगा है.”

फिर उसने आँचल के चेहरे को सब जगह चूमकर प्यार जताया और दिखाया कि उसको कष्ट पहुंचाने का उसका कोई इरादा नही था.
दोनो बहुत थक गयी थीं और कुछ देर तक नंगी ही बेड पर लेटी रहीं.

फिर करिश्मा कपड़े पहनते हुए बोली , चलो अब क्लब चलते हैं.

आँचल बहुत थक गयी थी और उसकी सेक्सुअल फ़्रस्ट्रेशन भी रिलीज़ हो गयी थी. उसका क्लब जाने का मन नही था पर करिश्मा के कहने पर वो राज़ी हो गयी.

क्लब पहुचने के बाद करिश्मा अपने BF विकी और उसके फ्रेंड्स के साथ बैडमिंटन खेलने लगी. आँचल चेयर में बैठकर उनका खेल देखती रही , थकावट से उसने बैडमिंटन नही खेला.
करिश्मा खेलने के दौरान उसकी तरफ देखकर शरारत से मुस्कुराती रही.

कुछ देर बाद आँचल ने कहा की उसे घर जाना है और करिश्मा से अपनी कार में उसे घर छोड़ देने को कहा.
विकी करिश्मा की कार चलाने लगा और बॅक सीट में आँचल करिश्मा और सैफ के बीच में बैठ गयी. दोनो ही आँचल के बदन को छूने लगे. सैफ पीछे से हाथ डालकर उसकी गर्दन और कंधों पर हाथ फिराने लगा और करिश्मा उसकी जांघों पर हाथ रखकर धीरे धीरे रगड़ने लगी. आँचल ने उन दोनो को नही रोका उसे जल्दी से घर पहुँचकर गरम पानी से नहाने की पड़ी थी , उसकी चूत भी डिल्डो की रगड़ से थोड़ी दर्द कर रही थी.

आँचल ने देखा सैफ के पैंट में तंबू बनने लगा है . तभी उसका घर आ गया और सबको मुस्कुराते हुए गुडबाय बोलकर वो कार से उतर गयी.

अपने बाथरूम में बाथटब में बैठकर गरम पानी में नहाते समय आँचल के दर्द से आँसू आ गये , करिश्मा ने बड़ी बेरहमी से डिल्डो से उसे चोदा था और गुस्सा करने पर ही वो रुकी थी. आँचल ने चूत में हाथ लगाकर सूजन को महसूस किया.

उस रात सुनील के साथ सोते समय आँचल चुपचाप करवट लेकर सो गयी , सुनील के लिए ये आश्चर्य की बात थी.

Karishma Aanchal ko apne bedroom mein le gayi aur dhire dhire uski saree, blouse, petticoat aur bra utarne lagi. Kapde utarte samay wo Aanchal ke badan ko chu rahi thi jisse Aanchal siskari yanlene lagi. Phir Aanchal ne bhi Karishma ke kapde utar diye lekin usko jaldbazi ho rahi thi , isliye usne fatafat karishma ke kapde utar phenke.

Ab dono auratein bilkul nangi thi. Ek dusre ke badan par hath firate hur dono hothon ka chumban lene lagi. Aanchal itni jyada sexually excited ho rakhi thi ki Karishma ke kiss karne aur badan mein hath firane se usko khade khade hi jabardast orgasm aa gaya aur wo Aahhh…oooohhhhh…unnnnffffgggghhh karti hui jhad gayi. Usne Karishma ko apne alingan mein jakad liya aur jor jor se siskariyan lene lagi. Karishma dubli patli thi usse Aanchal sambhali nahi gayi aur usne jaise taise Aanchal ko bed mein lita diya.

Phir Karishma ne Aanchal ki mast badi badi gori chuchiyon ko hathon mein pakadkar dabana shuru kiya. Aanchal ki chuchiyon ko masalne se khud Karishma ke munh se bhi siskariyan nikalne lagi. Phir usne Aanchal ke bade bade nipple ko munh mein bhar liya aur ek ek karke dono nipples ko choosne lagi. Aanchal madhoshi se siskariyan le rahi thi. Aanchal ko Karishma ki choot ko chatne ka mann hua, lekin Karishma uski chuchiyon ko choosne aur masalne mein magan thi. Aanchal bhari poori aurat thi aur Karishma teenager thi , to Aanchal ne Karishma ko bed par dhakka diya aur uski tangen khinchkar alag kar di. Aur phir Karishma ki choot mein munh lagakar jeebh se chatne lagi. Karishma apne se badi Aanchal ka muqabla nahi kar payi aur lete hue siskariyan lene lagi. Aanchal ne uski clit ko jeebh se cheda aur gili choot mein ungli ghusakar andar bahar karne lagi.

Karishma apne hostel ke lesbian sambandhon mein dominant partner rehti thi . Aanchal ko bhi usne tadpate hue maze dene ki sochi thi lekin yahan Aanchal ke samne uski nahi chali aur use laga ki Aanchal uski choot hi kha jayegi.

“unnnnh…ooohhhh …ufffff…ohh Aanchal……” Karishma ko orgasm aa gaya aur wo Aanchal ke munh mein chootras bahate hue jhad gayi.

Phir Aanchal ne usko apni god mein bitha liya aur uske boobs ko choosne lagi. Aur ek ungli uski choot mein dalkar anndar bahar karne lagi. Kuch der baad usne choot mein do ungli dal di. Aanchal apni god mein Karishma ko manmarzi se chod rahi thi. Aur Karishma siskariyan le rahi thi.

Karishma ko ek aur orgasm aa gaya.
“ooohhh….Karishma , maza aa raha hai naaaaaa……….” Khud bhi siskariyan lete hue Aanchal boli.

Karishma ko shuru mein dard hua tha kyunki Anari Aanchal ne uttezna mein do ungliyon se uski tight choot mein dard karwa diya tha lekin Aanchal ki god mein tange failaye hue baithne se aur Aanchal dwara dominate kiye jane se usko bahut kaamtripti mili.

Phir Aanchal ne ungliyan Karishma ki choot se bahar nikaali aur uske munh mein daal di. Aur apni ungliyan usse chatwakar saaf karwayi. Phir god mein bithaye hue hi apni chuchiyan uske munh mein dalti hui boli,” tu ye mang rahi thi na, choos mere mummo ko. Hath se dekh kitne bhari hain, choos Karishma choos…”

Karishma uske mummo ko choosti rahi aur uttezna se Aanchal ki choot se ras behne laga.

Phir Aanchal ne Karishma ko god se utara aur khud bed mein let gayi. Aur boli,” choos meri choot ko …”

Karishma ne Aanchal ki chikni choot ke phoole hue hothon mein apna munh laga diya aur uski clit ko jeebh se chedne lagi.
“Aahhhh…ohhhhh…” Aanchal ne siskari li.

Phir Karishma ne Aanchal ki fadakti choot ke andar jeebh daal di aur use andar ghumane lagi.

“uhhh…ohhh…unnnhhh…unnggg……yessssss….jor se aur jor se ….” Aanchal boli aur apne bade nitambon ko uchaalkar Karishma ke munh mein jhatka dene lagi.

“uiiiiiiiiiii….maaaaaaa……” Aanchal uttezna mein siski leti rahi.

Phir Karishma ne Aanchal ke nitamb pakde aur ek anguli uski gand ke ched mein daal di.

“ooohhhh ……..aahhhhhh…mai mar gayi ………..unnnhhhh………aaaiiiiiii..” Aanchal maze aur dard se chillayi aur orgasm se jhad gayi.

Aanchal ko orgasm ke maze lete dekhkar Karishma uttezit ho gayi aur apni table se vibrating dildo utha layi. Phir dildo ko on karke Aanchal ki clit ko chedne lagi.
Apni clit par vibration se Aanchal phir se siskariyan lene lagi. Karishma ne dildo ko Aanchal ki choot mein ghusana shuru kiya. Dildo bada tha to Aanchal ko apni choot stretch hoti hui mehsoos hui. Aanchal ne pehle kabhi dildo use nahi kiya tha aur is dildo ka sensation usko accha lag raha tha. Ab Karishma dildo ko Aanchal ki choot mein teji se andar bahar karne lagi.

“uiiiiiii …..Karishma …….” Aanchal apne nitambon ko upar uchalne lagi.

Phir Karishma ne dildo rok diya taki maza lamba khich sake. Dildo ke rukne se Aanchal tadapne lagi.

“chod saali Karishma…please…….. chod mujhe … “ Aanchal frustration se chillayi.

Aanchal ko apni khusamad karte dekhkar Karishma muskurayi aur mann hi mann boli, tadpa tadpake maze dungi tujhe. Ab wo dominant partner ban chuki thi aur isme use maza aa raha tha.

Phir usne dildo ek taraf rakh diya aur Aanchal ki tange failakar khud unke beech aa gayi. Ab dono ki choot ek ke upar ek thi. Kaishma ne apni gili choot ko Aanchal ki ras tapkati choot se ragadna shuru kiya. Doni hi siskariyan lene lagi. Kuch der baad Karishma ne Aanchal se pet ke bal letne ko kaha.

Karishma ab Aanchal ke bade bade nitambon ko pakadkar masalne lagi aur beech beech mein unpar thappad marne lagi. aur thappad marne se nitambon ko hilte hue dekhkar maze lene lagi. piche se Aanchal ki choot mein bhi kisi kisi samay wo ungli karne lagi.

Phir Karishma ne Aanchal ki mansal janghon ko masalna shuru kiya. Karishma ke masalne se Aanchal siskariyan lene lagi. Ab Karishma ko bhi maze ki jarurat thi.
“ bahut maze kar liye tune…ab uth aur choos mujhe…” Aanchal se apni choot chatne ko kehne lagi.

Aanchal uthi aur Karishma ki choot mein jeebh lagakar chatne lagi. phir choot ke andar jeebh dalkar Karishma ko maze dene lagi. Karishma ne Aanchal ka sar pakadkar apni choot mein daba diya aur jor jor se siskariyan lene lagi. Thodi der baad Karishma ko orgasm aa gaya aur Aanchal ke sar ko choot mein dabaye rakhkar usne uska munh apne chootras se bhar diya. Kuch palon ke baad jab uska orgasm khatam hua to usne Aanchal ka sar chod diya. Aanchal ne chootras aur laar se bheega hua apna munh upar utha liya.

Uske baad Karishma ne apni kamar mein dildo belt se bandh liya. Aur doggy pose mein Aanchal ki choot mein dildo dalkar chodne lagi. support ke liye usne Aanchal ke hilte hue boobs pakad liye. Aanchal thodi hi der mein jhad gayi lekin Karishma ruki nahi aur use chodte rahi.

“uhhh….aaahh….bas karo Karishma…..unnnh….dukhta hai …bassss…” Aanchal dard se gusse mein chillayi.

Aanchal ko dard se chillate dekhkar Karishma ruk gayi. Aur Aanchal ke chehre ko apne hathon mein pakadkar boli,” I am sorry, Aanchal. Mujhe pata nahi chala ki tumhe dard hone laga hai.”

Phir usne Aanchal ke chehre ko sab jagah choomkar pyar jataya aur dikhaya ki usko kasht pahuchane ka uska koi irada nahi tha.

Dono bahut thak gayi thi aur kuch der tak nangi hi bed par leti rahi.

Phir Karishma kapde pahante hue boli , chalo ab club chalte hain.

Aanchal bahut thak gayi thi aur uski sexual frustration bhi release ho gayi thi. Uska clubjane ka mann nahi tha par Karishma ke kehne par wo raji ho gayi.

Club pahuchne ke baad Karishma apne BF vicky aur uske friends ke sath badminton khelne lagi. Aanchal chair mein baithkar unka khel dekhti rahi , thakawat se usne badminton nahi khela.

Karishma khelne ke dauran uski taraf dekhkar sharart se muskurati rahi.

Kuch der baad Aanchal ne kaha ki use ghar jana hai aur Karishma se apni car mein use ghar chod dene ko kaha.

Vicky Karishma ki car chalane laga aur back seat mein Aanchal Karishma aur Saif ke beech mein baith gayi. Dono hi Aanchal ke badan ko chune lage. Saif piche se hath dalkar uski gardan aur kandhon par hath firane laga aur Karishma uski janghon par hath rakhkar dhire dhire ragadne lagi. Aanchal ne un dono ko nahi roka use jaldi se ghar pahunchkar garam pani se nahane ki padi thi , uski choot bhi dildo ki ragad se thodi dard kar rahi thi.

Aanchal ne dekha Saif ke pant mein tambu banne laga hai . tabhi uska ghar aa gaya aur sabko muskurate hue goodbye bolkar wo car se utar gayi.

Apne bathroom mein bathtub mein baithkar garam pani mein nahate samay Aanchal ke dard se aansu aa gaye , Karishma ne badi berahmi se dildo se use choda tha aur gussa karne par hi wo ruki thi. Aanchal ne choot mein hath lagakar suzan ko mehsoos kiya.

Us raat Sunil ke sath sote samay Aanchal chupchap karwat lekar so gayi , Sunil ke liye ye ascharya ki baat thi.

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