आँचल की अय्याशियां

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rajaarkey
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by rajaarkey » 04 Dec 2017 12:05

mast.....................
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Re: आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 04 Dec 2017 22:20

Ankit wrote:
02 Dec 2017 18:41
superb update bhai
Kamini wrote:
03 Dec 2017 09:02
Mast update
rajaarkey wrote:
04 Dec 2017 12:05
mast.....................
thanks bandhuo

pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 04 Dec 2017 22:21

चेंजिंग रूम का दरवाज़ा बंद करने के बाद सेल्सगर्ल ने आँचल की शर्ट के बटन खोल दिए और शर्ट उतार दी. उस सेल्सगर्ल ने जब ब्रा में क़ैद आँचल की बड़ी चूचियाँ देखी तो उन्हे छूने को उसका जी मचल उठा. आँचल ने देखा ये लड़की तो मेरी चूचियों को देखे जा रही है. उसकी आँखो में आँचल को तारीफ और प्रशंसा के भाव दिखे. उसके ऐसे देखने से आँचल को भी कुछ कुछ होने लगा.

सेल्सगर्ल ने आँचल से कहा,” मैडम, मैं आपकी ब्रा उतार लूँ ? साहब को ऐसी ही मैचिंग ब्रा चाहिए.”

आँचल सोचने लगी , ब्रा का डिज़ाइन तो ऐसे ही दिख रहा है , फिर ये उतारने को क्यूँ बोल रही है ? ज़रूर ये ब्रा उतारने के बहाने मेरी चूचियों को छूना चाह रही है.

अब आँचल भी एक्साइट होने लगी, “ठीक है, उतार के देख लो…….”

आँचल के मान जाने से सेल्सगर्ल खुश हो गयी , वो समझ गयी आँचल भी गरम हो रही है , वरना ब्रा उतारने में ना नुकुर करती.

सेल्सगर्ल ने आँचल के पीछे जाकर ब्रा का हुक खोला फिर उसके मांसल कंधों पर हाथ फिराते हुए ब्रा के स्ट्रॅप्स को कंधों से नीचे उतारा. फिर पीछे से ही हाथ आगे ले जाकर आँचल की चूचियों को हाथ से मसलते हुए ब्रा को उतार दिया. सिर्फ़ एक ब्रा उतारने में देर लगाते हुए आँचल के बदन को सहलाते हुए सेल्सगर्ल ने उसकी उत्तेजना बढ़ा दी. चूचियों पर सेल्सगर्ल का हाथ लगने से आँचल ने सिसकारी ली.

अब सेल्सगर्ल आगे आ गयी और आँचल की आँखो में झाँका. आँचल के होंठ खुले हुए थे , उस पर मदहोशी छाने लगी थी. सेल्सगर्ल आँचल की नंगी चूचियों पर अपने हाथ फिराने लगी. उसके मुँह से भी सिसकारी निकल गयी.

उत्तेजना से आँचल से बोला भी नही जा रहा था. गहरी साँसे लेते हुए उसने कहा,” तुम्हें अच्छे लगे मेरे बूब्स ….?”

“हाँ मैडम, आपके बूब्स परफेक्ट हैं, सो ब्यूटीफुल …………..उन्न्ह…….” उत्तेजना से सेल्सगर्ल का गला भी भर्रा गया. वो अब दोनों हाथों में भरकर आँचल की चूचियों को मसलने लगी.

आँचल सिसकारियाँ लेने लगी, उसकी चूचियों पर निपल कड़े होकर तन गये. उसकी इच्छा हुई की सेल्सगर्ल निपल को मुँह में भरकर चूसे. लेकिन वो लड़की सिर्फ़ हाथों से ही चूचियों को सहला रही थी , दबा रही थी.

अब आँचल से सहन नही हुआ उसने सेल्सगर्ल का सर पकड़ा और अपनी चूचियों पर उसका मुँह दबा दिया, “ ऊओ…….. ओह्ह ……प्लीज़ चूसो इन्हें ………..प्लीज़……………ऊहह…...”

सेल्सगर्ल ने सोचा, ये औरत तो बहुत कामुक है , इतनी जल्दी एक्साइटेड हो गयी. उसने अपने मुँह में आँचल की चूचियों को भर लिया और एक बच्चे की तरह चूसने लगी. फिर निपल के चारों और हल्के भूरे रंग के ऐरोला को जीभ से चाटने लगी. उत्तेजना में भरकर उस सेल्सगर्ल ने आँचल की गोरी चूचियों पर दाँत गड़ा दिए.

“ऊओ………ओह्ह ……….आआहह………...उफफफ्फ़……….उनन्नगज्गघह…..” आँचल सिसकारियाँ लेने लगी. उसकी चूत से रस बहने लगा और उसकी वाइट पैंटी रस से गीली हो गयी.

सेल्सगर्ल उसकी चूचियों को चूसती और चाटती रही.

तभी किसी ने ज़ोर से दरवाज़ा खटखटा दिया.

“ एक ब्रा को चेक करने में इतना टाइम क्यूँ लग रहा है ? जल्दी करो …….क्या बात है ?” बाहर से रवि की आवाज़ आई.

रवि की आवाज़ सुनते ही सेल्सगर्ल घबरा गयी और तुरंत , सिसकती हुई आँचल से अलग हो गयी. लेकिन आँचल तो मदहोश थी अब उसे ओर्गास्म निकालना ही था. एक बार वो गरम हो गयी तो फिर उसको ओर्गास्म चाहिए ही चाहिए.

रवि की बात को नज़रअंदाज़ करके आँचल ने अपना ट्राउज़र उतार दिया और फिर अपनी गीली हो चुकी पैंटी भी उतार दी.

सेल्सगर्ल सोचने लगी, बाहर इसका साथी कह रहा है जल्दी करो. और ये जल्दी करना छोड़कर अपने बाकी कपड़े भी उतार रही है.

लेकिन आँचल को तो फुल मस्ती चढ़ चुकी थी उसने सेल्सगर्ल का सर पकड़ा और उसका मुँह अपनी तड़पती हुई चूत में लगा दिया , “ ईट मी…..ओह गॉड ………...ईट मी प्लीज़…….”

आँचल के चूतरस की खुशबू सेल्सगर्ल की नाक में आई. अब उसने भी घबराना छोड़कर आँचल की चूत में जीभ घुसा दी और उसे चाटना शुरू कर दिया. फिर आँचल फर्श पर लेट गयी और टाँगें मोड़ ली. सेल्सगर्ल भी फर्श पर लेटकर उसकी चूत चाटने लगी. आँचल सेल्सगर्ल के बालों में हाथ फिराने लगी.

वो सेल्सगर्ल लेस्बियन थी और दूसरी औरतों को कामसुख देने में माहिर हो चुकी थी. उस लिंजरी स्टोर में काम करते हुए बहुत सारी औरतों से उसके संबंध बन चुके थे, इसलिए वहाँ काम करना उसे अच्छा लगता था. बड़े ही एक्सपर्ट तरीके से उसने आँचल की चूत को चाटा और चूत में उंगली की , जिससे जल्दी ही आँचल को ओर्गास्म आ गया.

“आअहह……...ओह………………ओइईई……………....” ज़ोर से सिसकते हुए आँचल झड़ गयी.

आँचल की तेज़ सिसकारियों को दबाने के लिए सेल्सगर्ल ने उसके मुँह पर हाथ रख दिया. लेकिन कामोन्माद में आँचल ने उसकी उंगलियों पर दाँत गड़ा दिए. दर्द से सेल्सगर्ल ने अपना हाथ पीछे खींच लिया.

सिसकारियाँ कम होने के बाद आँचल को होश आया तो पाया की बाहर से रवि दरवाज़ा खटखटा रहा है.

“ कितना टाइम लोगे आप लोग ? हो क्या रहा है यहाँ ?” बाहर से रवि परेशान था.

आँचल ने सेल्सगर्ल की मदद से फटाफट कपड़े पहने और चेंजिंग रूम का दरवाज़ा खोलकर बाहर आ गयी.

“क्या हुआ ? इतनी देर क्यूँ लगा दी ? और वो चिल्लाने की आवाज़ क्या थी ?” आँचल के बाहर आते ही रवि ने सवालों की झड़ी लगा दी.

कोई जवाब देने की बजाय आँचल मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गयी.

अब रवि ने सेल्सगर्ल को रोककर वही सवाल पूछ दिए. सेल्सगर्ल ने बताया की मैडम चेंजिंग रूम में फिसल के गिर गयी तभी चिल्लाई थी.

“लेकिन इतनी देर क्यूँ लगा दी ?” रवि को चिल्लाने का जवाब तो मिल गया , तो फिर उसने देर लगाने के लिए सेल्सगर्ल से पूछा.

जवाब में मुस्कुराते हुए सेल्सगर्ल भी आगे बढ़ गयी.

रवि को कुछ समझ नही आया . फिर काउंटर में बिल पे करके और अपना खरीदा हुआ समान लेकर वो शॉप से बाहर आ गया. बाहर आँचल उसका इंतज़ार कर रही थी. रवि को आता देखकर वो कार की तरफ जाने लगी. उसके पीछे चलते हुए रवि ने गौर किया , पहले तो पैंटी लाइन दिख रही थी लेकिन अब नही दिख रही. पैंटी कहाँ गयी ? लेकिन सपने में भी वो नही सोच सकता था की चेंजिंग रूम में हुआ क्या था.

कार में बैठते हुए आँचल सोचने लगी , क्या मस्त चूत चूसी उस सेल्सगर्ल ने. बहुत ही मस्त मज़ा दिलाया. तभी उसको ध्यान आया जल्दबाज़ी में पैंटी पहनना तो वो भूल ही गयी.

“एक मिनट हाँ. मैं अभी आती हूँ.” रवि को कार में छोड़कर आँचल फिर से शॉप में चली गयी.

चेंजिंग रूम के फर्श में पड़ी हुई गीली पैंटी को उसने अपनी पॉकेट में डाल लिया. फिर उस सेल्सगर्ल के पास गयी और अपना नंबर देते हुए बोली, “मुझे फोन करना , ठीक है ?” , फिर सेल्सगर्ल के होठों पर चुंबन लेकर ‘बाय’ बोलकर शॉप से बाहर आ गयी.

अपने होठों पर जीभ फिराकर आँचल के होठों के गीलेपन का स्वाद लेती हुई वो सेल्सगर्ल सोचने लगी, क्या मस्त औरत है, गजब की मादक और कामुक है. फोन करके दुबारा ज़रूर मिलूंगी इससे.

कार में रवि ने देखा आँचल के चेहरे पर मुस्कान है. चेहरा भी दमक रहा है , लगता है अच्छे मूड में है. यही मौका है , इससे चान्स लेता हूँ.

कार चलाती हुई आँचल के कंधों पर रवि ने हाथ रख दिया. आँचल ने एक नज़र रवि को देखा लेकिन कुछ बोली नही.

आँचल के कुछ ना बोलने से रवि की हिम्मत बढ़ गयी और वो कंधे पर अपनी उंगलियाँ फिराने लगा.आँचल चुपचाप कार चलाती रही.

रवि खुश हो गया. आज तो किस्मत साथ दे रही है. आँचल के कंधों पर हाथ फिराने से उसका लंड खड़ा हो गया. आँचल ने देखा रवि के पैंट में तंबू बन गया है. रवि को टीज़ करने के लिए आँचल ने उसकी तरफ देखते हुए अपने होठों पर जीभ फिरा दी.

आज तो आँचल बड़ी लाइन दे रही है , फुल मूड में लगती है. रवि और भी एक्साइटेड हो गया.

तभी एक खाली पड़े पार्क के पास आँचल ने कार रोक दी और रवि को देखकर मुस्कुराने लगी.

“यू वांट टू फक मी रवि…..? ” रवि के बालों में उंगलियाँ फिराते हुए धीमी आवाज़ में आँचल बोली.

रवि को अपने कानो में विश्वास ही नही हुआ. क्या उसने जो सुना वो सच में आँचल ने कहा या ये सिर्फ़ उसका वहम है ? आँचल खुद अपने मुँह से कह रही है की तुम मुझे चोदना चाहते हो.

एक्साइट्मेंट से रवि की आवाज़ ही बंद हो गयी. वो अपना सर हिलाकर हाँ कहने लगा.

आँचल ने देखा ये तो पूरा सम्मोहित हो गया है , इसकी तो आवाज़ ही नही निकल रही.

अब आँचल ने जो किया उससे तो रवि बिल्कुल ही अवाक रह गया.

आँचल ने हाथ बढ़ाकर रवि की पैंट की ज़िप खोल दी और अंदर हाथ डालकर उसका तना हुआ लंड बाहर निकाल लिया.

फिर उसने रवि के लंड को खुला छोड़ दिया और मुस्कुराने लगी. आँचल ने देखा रवि का लंड भी सुनील का जैसा ही छोटा और पतला है. उसको निराशा हुई. सोचने लगी, हैंडसम मर्द होने से इस बात की गारंटी नही होती की उसका लंड भी बड़ा होगा. सुनील भी तो लंबा चौड़ा अच्छा दिखता है , ऐसे ही रवि भी कितना हैंडसम दिखता है. रिया तो हर समय तारीफ करती है. लेकिन दोनों के ही लंड कितने छोटे हैं.

फिर आँचल ने अपनी शर्ट के बटन खोल दिए . रवि ने देखा आँचल की बड़ी चूचियाँ ब्रा से बाहर आने को मचल रही हैं. रवि के होंठ सूख गये. अपनी जीभ को होठों पर फिराकर उसने होंठ गीले किए.

फिर आँचल ने अपनी ब्रा भी खोल दी और उसकी बड़ी गोरी चूचियाँ रवि के सामने नंगी हो गयीं.

रवि के मुँह से सिसकारी निकल गयी. आँचल ने देखा , रवि का पानी निकल गया है. आँचल की चूचियों को नंगी देखकर ही रवि झड़ गया , उसके लंड से निकली वीर्य की धार उसकी शर्ट और पैंट पर जा गिरी. झड़ने के बाद उसका लंड सिकुड़कर और छोटा हो गया. बिना कुछ किए झड़ने से रवि शरमा गया. और झेंपते हुए उसने अपने सिकुड़े हुए छोटे लंड को पैंट के अंदर डालकर ज़िप लगा दी.

मादक आँचल को रवि झेल नही पाया , जबकि उसकी बड़ी इच्छा थी आँचल को चोदने की. जब औरत खुद पहल करने लगती है तो अच्छे अच्छे मर्दों के लंड सिकुड जाते हैं और इरेक्शन गायब हो जाता है. ये रवि के लिए पहला मौका था जब किसी औरत ने उसके सामने पहल की थी वरना तो सब ना नुकुर वाली ही होती हैं. शायद इसीलिए वो बर्दाश्त नही कर पाया और तुरंत ही झड़ गया.

सिर्फ़ चूचियाँ देखकर ही झड़ जाने से आँचल को बहुत निराशा हुई.

रवि को अपने छोटे लंड को पैंट के अंदर डालते हुए देखकर आँचल बोली,” रवि, यू आर स्टिल ए बॉय, यू नीड टू ग्रो अप….”

आँचल की बात सुनकर तो रवि ऐसा झेंप गया की आँचल से आँख मिलाने की उसकी हिम्मत ही नही हुई. शरम से उसका चेहरा लाल हो गया . उसने अपनी नज़रें झुका ली.

आँचल ने अपनी शर्ट के बटन बंद कर दिए. ब्रा अभी भी उसकी गोद में ही पड़ी थी. फिर आँचल ने कार घर की तरफ दौड़ा दी. शरम से रवि चुपचाप बैठा रहा. इस सेक्सी कुतिया ने मेरी बड़ी बेइज़्ज़ती कर दी. साली को चोदने का कितना मन था मेरा. और जब चोदने का वक़्त आया तो बिना छुए ही मेरा पानी निकल गया. शिट …….कितनी बड़ी बेइज़्ज़ती हुई मेरी…….... ‘यू आर स्टिल ए बॉय' कहती है मुझसे. एक ना एक दिन मैं इस मादक बिच को दिखाऊँगा की मैं बच्चा नही हूँ.

निराशा और हताशा से भरे इन ख़यालों में रवि डूबा हुआ था. तभी उसके कानो में आँचल की आवाज़ पड़ी.

“ रवि, तुम्हारी शर्ट और पैंट गंदे हो गये हैं. तुम ऑटो लेकर अपने कमरे में जाओ और कपड़े चेंज करके फिर हमारे घर आ जाना.” आँचल ने रास्ते में कार रोक दी.

बिना आँचल से नज़रें मिलाए रवि चुपचाप कार से उतर गया. रवि के कार से उतरने के बाद आँचल ने फिर से कार घर की तरफ दौड़ा दी. लेकिन कार स्टार्ट करते हुए उसकी हँसी रवि ने सुन ली. रवि और भी ज़्यादा झेंप गया. आज तो बहुत ही बेइज़्ज़ती हो गयी ………….

जब आँचल घर पहुँची तो उसको अकेली देखकर रिया ने पूछा, रवि कहाँ गया ?

आँचल ने जवाब दिया की अभी रवि अपने कमरे में गया है. एक घंटे बाद यहाँ आ जाएगा.

रिया ज़ोर देने लगी की तुम कल मेरे साथ ज़रूर चंडीगढ़ आओगी. आँचल नखरे दिखाती रही. लेकिन रिया नही मानी. फिर उसकी ज़िद देखकर आँचल बोली, ठीक है दो तीन दिन के लिए आ जाऊँगी.

शाम को सुनील और ससुरजी भी फैक्ट्री से घर आ गये. पर रवि नही आया.

“आँचल तुम तो कह रही थी की रवि एक घंटे में आ जाएगा. पर उसका तो अभी तक कोई पता नही है. फोन भी नही लग रहा.” रिया कुछ परेशान सी हुई.

फिर काफ़ी ट्राइ करने के बाद रवि का फोन लगा तो वो बोला,” रिया, मैं कार से आज चंडीगढ़ जा रहा हूँ . अब तुमसे वहीं मिलूँगा.”

असल बात ये थी की वो आँचल से नज़रें नही मिला पा रहा था, इसलिए उनके घर आया ही नही. एक तो वो बिना कुछ किए झड़ गया, ऊपर से आँचल के अपने ऊपर हंसने से उसे और ज़्यादा झेंप हो गयी थी.

रात में उन्होने थोड़ी जल्दी डिनर किया फिर आँचल और रिया चंडीगढ़ जाने के लिए सामान पैक करने लगीं . क्यूंकी उन्हें सुबह की ट्रेन पकड़नी थी.

सुनील ने आँचल से कहा की एक दो दिन बाद मैं तुम्हे लेने चंडीगढ़ आ जाऊँगा.

उनका प्लान सुनकर ससुर चुपचाप ही रहा. मन ही मन सोचने लगा , आँचल को लेने चंडीगढ़ मैं चला जाऊँगा. सुनील को किसी बहाने से यहीं रोक दूँगा.

अगली सुबह आँचल और रिया ट्रेन से चंडीगढ़ के लिए निकल गयीं.


Changing room ka darwaza band karne ke baad salesgirl ne Aanchal ki shirt ke button khol diye aur shirt utar di. us salesgirl ne jab bra mein qaid aanchal ki badi chuchiyan dekhi to unhe chune ko uska ji machal utha. Aanchal ne dekha ye ladki to meri chuchiyon ko dekhe ja rahi hai. Uski aankho mein aanchal ko tareef aur prashansha ke bhav dikhe. Uske aise dekhne se aanchal ko bhi kuch kuch hone laga.

Salesgirl ne Aanchal se kaha,” Madam, mai aapki bra utar lun ? sahab ko aisi hi matching bra chahiye.”

Aanchal sochne lagi , bra ka design to aise hi dikh raha hai , phir ye utarne ko kyun bol rahi hai ? jarur ye bra utarne ke bahane meri chuchiyon ko chuna chah rahi hai.

Ab aanchal bhi excite hone lagi, “theek hai, utar ke dekh lo….”

Aanchal ke maan jane se Salesgirl khus ho gayi , wo samajh gayi aanchal bhi garam ho rahi hai , warna bra utarne mein na nukur karti.

Salesgirl ne aanchal ke piche jakar bra ka hook khola phir uske mansal kandhon par hath firate hue bra ke straps ko kandhon se niche utara. Phir piche se hi hath aage le jakar aanchal ki chuchiyon ko hath se masalte hue bra ko utar diya. Sirf ek bra utarne mein der lagate hue aanchal ke badan ko sehlate hue salesgirl ne uski uttezna bada di. chuchiyon par salesgirl ka hath lagne se Aanchal ne siskari li.

Ab salesgirl aage aa gayi aur aanchal ki aankho mein jhanka. Aanchal ke hoth khule hue the , us par madhoshi chane lagi thi. salesgirl aanchal ki nangi chuchiyon par apne hath firane lagi. uske munh se bhi siskari nikal gayi.

Uttezna se aanchal se bola bhi nahi ja raha tha. gehri sanse lete hue usne kaha,” tumhe acche lage mere boobs ….?”

“haan madam, aapke boobs perfect hain, so beautiful……unnhh….” Uttezna se salesgirl ka gala bhi bharra gaya. wo ab dono hathon mein bharkar aanchal ki chuchiyon ko masalne lagi.

Aanchal siskariyan lene lagi, uski chuchiyon par nipple kade hokar tan gaye. Uski iccha hui ki salesgirl nipple ko munh mein bharkar chuse. Lekin wo ladki sirf hathon se hi chuchiyon ko sehla rahi thi , daba rahi thi.

Ab aanchal se sahan nahi hua usne salesgirl ka sar pakda aur apni chuchiyon par uska munh daba diya, “ ooohhh……please chuso inhe…….please………oohhhh….”

Salesgirl ne socha, ye aurat to bahut kamuk hai , itni jaldi excited ho gayi. usne apne munh mein aanchal ki chuchiyon ko bhar liya aur ek bacche ki tarah chusne lagi. phir nipple ke charon aur halke bhure rang ke aerola ko jeebh se chatne lagi. uttezna mein bharkar us salesgirl ne aanchal ki gori chuchiyon par daant gada diye.

“ooohhh……aaaahhhhh…..uffff….unnngggghhhh….” aanchal siskariyan lene lagi. uski choot se ras behne laga aur uski white panty ras se gili ho gayi.

Salesgirl uski chuchiyon ko chusti aur chatti rahi.

Tabhi kisi ne jor se darwaza khatkhata diya.

“ ek bra ko check karne mein itna time kyun lag raha hai ? jaldi karo ….kya baat hai ?” bahar se Ravi ki awaz aayi.

Ravi ki awaz sunte hi salesgirl ghabra gayi aur turant , sisakti hui aanchal se alag ho gayi. lekin aanchal to madhosh thi ab use orgasm nikaalna hi tha. ek baar wo garam ho gayi to fir usko orgasm chahiye hi chahiye.

Ravi ki baat ko nazarandaaz karke aanchal ne apna trouser utar diya aur phir apni gili ho chuki panty bhi utar di.

Salesgirl sochne lagi, bahar iska sathi keh raha hai jaldi karo. Aur ye jaldi karna chodkar apne baki kapde bhi utar rahi hai.

Lekin Aanchal ko to full masti chad chuki thi usne salesgirl ka sar pakda aur uska munh apni tadapti hui choot mein laga diya , “eat me….oh god…….eat me please….”

Aanchal ke chootras ki khusbu salesgirl ki naak mein aayi. Ab usne bhi ghabrana chodkar aanchal ki choot mein jeebh ghusa di aur use chatna suru kar diya. Phir aanchal farsh par let gayi aur tange mod li. Salesgirl bhi farsh par letkar uski choot chatne lagi. aanchal salesgirl ke baalon mein hath firane lagi.

Wo salesgirl lesbian thi aur dusri aurton ko kaamsukh dene mein mahir ho chuki thi. us lingerie store mein kaam karte hue bahut sari aurton se uske sambandh ban chuke the, isliye wahan kaam karna use accha lagta tha. bade hi exper tarike se usne aanchal ki choot ko chata aur choot mein ungli ki , jisse jaldi hi aanchal ko orgasm aa gaya.

“aaahhh…….ohhhhhh……oiiiii………..” jor se siskate hue aanchal jhad gayi.

Aanchal ki tez siskariyon ko dabane ke liye salesgirl ne uske munh par hath rakh diya. Lekin kamonmaad mein aanchal ne uski ungliyon par daant gada diye. Dard se salesgirl ne apna hath piche khinch liya.

Siskariyan kam hone ke baad aanchal ko hosh aaya to paya ki bahar se ravi darwaza khatkhata raha hai.

“ kitna time loge aap log ? ho kya raha hai yahan ?” bahar se ravi pareshan tha.

Aanchal ne salesgirl ki madad se fatafat kapde pahne aur changing room ka darwaza kholkar bahar aa gayi.

“kya hua ? itni der kyun laga di ? aur wo chillane ki awaz kya thi ?” aanchal ke bahar aate hi ravi ne sawalon ki jhadi laga di.

Koi jawab dene ki bajay aanchal muskurate hue aage bad gayi.

Ab ravi ne salesgirl ko rokkar wahi sawal puch diye. Salesgirl ne bataya ki madam changing room mein fisal ke gir gayi tabhi chillayi thi.

“lekin itni der kyun laga di ?” ravi ko chillane ka jawab to mil gaya , to fir usne der lagane ke liye salesgirl se pucha.

Jawab mein muskurate hue salesgirl bhi aage bad gayi.

Ravi ko kuch samajh nahi aaya . phir counter mein bill pay karke aur apna kharida hua saman lekar wo shop se bahar aa gaya. bahar aanchal uska intzaar kar rahi thi. ravi ko aata dekhkar wo car ki taraf jane lagi. uske piche chalte hue ravi ne gaur kiya , pehle to panty line dikh rahi thi lekin ab nahi dikh rahi. Panty kahan gayi ? lekin sapne mein bhi wo nahi soch sakta tha ki changing room mein hua kya tha.

Car mein baithte hue aanchal sochne lagi , kya mast choot chusi us salesgirl ne. bahut hi mast maza dilaya. Tabhi usko dhyan aaya jaldbazi mein panty pahanna to wo bhool hi gayi.

“ek minute haan. Mai abhi aati hun.” Ravi ko car mein chodkar aanchal phir se shop mein chali gayi.

Changing room ke farsh mein padi hui gili panty ko usne apni pocket mein daal liya. Phir us salesgirl ke pass gayi aur apna number dete hue boli, “mujhe phone karna , theek hai ?” , phir salesgirl ke hothon par chumban lekar ‘bye’ bolkar shop se bahar aa gayi.

Apne hothon par jeebh firakar aanchal ke hothon ke gilepan ka swad leti hui wo salesgirl sochne lagi, kya mast aurat hai, gajab ki madak aur kamuk hai. phone karke dubara jarur milungi isse.

Car mein ravi ne dekha Aanchal ke chehre par muskaan hai. Chehra bhi damak raha hai , lagta hai acche mood mein hai. Yahi mauka hai , isse chance leta hun.

Car chalati hui aanchal ke kandhon par ravi ne hath rakh diya. Aanchal ne ek nazar ravi ko dekha lekin kuch boli nahi.

Aanchal ke kuch na bolne se ravi ki himmat bad gayi aur wo kandhe par apni ungliyan firane laga.aanchal chupchap car chalati rahi.

Ravi khush ho gaya. aaj to kismat sath de rahi hai. Aanchal ke kandhon par hath firane se uska lund khada ho gaya. aanchal ne dekha ravi ke pant mein tambu ban gaya hai. Ravi ko tease karne ke liye aanchal ne uski taraf dekhte hue apne hothon par jeebh fira di.

Aaj to aanchal badi line de rahi hai , full mood mein lagti hai. Ravi aur bhi excited ho gaya.

Tabhi ek khali pade park ke pass aanchal ne car rok di aur ravi ko dekhkar muskurane lagi.

“you want to fuck me ravi….? ” ravi ke ballon mein ungliyan firate hue dhimi awaz mein aanchal boli.

Ravi ko apne kaano mein viswas hi nahi hua. Kya usne jo suna wo sach mein aanchal ne kaha ya ye sirf uska vaham hai ? Aanchal khud apne munh se keh rahi hai ki tum mujhe chodna chahte ho.

Excitement se ravi ki awaz hi band ho gayi. wo apna sar hilakar haan kehne laga.

Aanchal ne dekha ye to pura sammohit ho gaya hai , iski to awaz hi nahi nikal rahi.
Ab aanchal ne jo kiya usse to ravi bilkul hi awak reh gaya.

Aanchal ne hath badakar ravi ki pant ki zip khol di aur andar hath dalkar uska tana hua lund bahar nikaal liya.

Phir usne ravi ke lund ko khula chod diya aur muskurane lagi. Aanchal ne dekha ravi ka lund bhi sunil ka jaisa hi chota aur patla hai. Usko nirasha hui. Sochne lagi, handsome mard hone se is baat ki guarantee nahi hoti ki uska lund bhi bada hoga. Sunil bhi to lamba chauda accha dikhta hai , aise hi ravi bhi kitna handsome dikhta hai. Riya to har samay tareef karti hai. Lekin dono ke hi lund kitne chote hain.

Phir aanchal ne apni shirt ke button khol diye . ravi ne dekha aanchal ki badi chuchiyan bra se bahar aane ko machal rahi hain. Ravi ke hoth sukh gaye. Apni jeebh ko hothon par firakar usne hoth gile kiye.

Phir aanchal ne apni bra bhi khol di aur uski badi gori chuchiyan ravi ke samne nangi ho gayi.

Ravi ke munh se siskari nikal gayi. Aanchal ne dekha , ravi ka pani nikal gaya hai. Aanchal ki chuchiyon ko nangi dekhkar hi ravi jhad gaya , uske lund se nikli viry ki dhar uski shirt aur pant par ja giri. Jhadne ke baad uska lund sikudkar aur chota ho gaya. bina kuch kiye jhadne se ravi sharma gaya. aur jhenpte hue usne apne sikude hue chote lund ko pant ke andar dalkar zip laga di.

Madak aanchal ko ravi jhel nahi paya , jabki uski badi iccha thi aanchal ko chodne ki. Jab aurat khud pahal karne lagti hai to acche acche mardon ke lund sikud jate hain aur erection gayab ho jata hai. Ye ravi ke liye pehla mauka tha jab kisi aurat ne uske samne pahal ki thi warna to sab na nukur wali hi hoti hain. Sayad isiliye wo bardast nahi kar paya aur turant hi jhad gaya.

Sirf chuchiyan dekhkar hi jhad jane se aanchal ko bahut nirasha hui.

Ravi ko apne chote lund ko pant ke andar dalte hue dekhkar aanchal boli,” Ravi, you are still a boy, you need to grow up….”

Aanchal ki baat sunkar to ravi aisa jhenp gaya ki aanchal se aankh milane ki uski himmat hi nahi hui. Sharam se uska chehra laal ho gaya . usne apni nazren jhuka li.

Aanchal ne apni shirt ke button band kar diye. Bra abhi bhi uski god mein hi padi thi. phir aanchal ne car ghar ki taraf dauda di. sharam se ravi chupchap baitha raha. Is sexy kutiya ne meri badi beijjati kar di. saali ko chodne ka kitna man tha mera. Aur jab chodne ka waqt aaya to bina chue hi mera pani nikal gaya. shit….kitni badi beijjati hui meri….. ‘You are a still a boy ‘ kehti hai mujhse. ek na ek din mai is madak bitch ko dikhaunga ki mai baccha nahi hun.

Nirasha aur hatasha se bhare in khayalon mein ravi dooba hua tha. tabhi uske kaano mein aanchal ki awaz padi.

“ Ravi, tumhari shirt aur pant gande ho gaye hain. Tum auto lekar apne kamre mein jao aur kapde change karke phir hamare ghar aa jana.” Aanchal ne raste mein car rok di.

Bina aanchal se nazren milaye ravi chupchap car se utar gaya. ravi ke car se utarne ke baad aanchal ne phir se car ghar ki taraf dauda di. lekin car start karte hue uski hansi ravi ne sun li. Ravi aur bhi jyada jhenp gaya. aaj to bahut hi beijjati ho gayi ………….

Jab aanchal ghar pahunchi to usko akeli dekhkar riya ne pucha, ravi kahan gaya ?
Aanchal ne jawab diya ki abhi ravi apne kamre mein gaya hai. Ek ghante baad yahan aa jayega.

Riya jor dene lagi ki tum kal mere sath jarur chandigarh aaogi. Aanchal nakhre dikhati rahi. Lekin riya nahi maani. Phir uski zid dekhkar aanchal boli, theek hai do teen din ke liye aa jaungi.

Sham ko Sunil aur Sasurji bhi factory se ghar aa gaye. Par ravi nahi aaya.

“aanchal tum to keh rahi thi ki ravi ek ghante mein aa jayega. par uska to abhi tak koi pata nahi hai. Phone bhi nahi lag raha.” Riya kuch pareshan si hui.

Phir kafi try karne ke baad ravi ka phone laga to wo bola,” Riya, mai car se aaj chandigarh ja raha hun . ab tumse wahin milunga.”

Asal baat ye thi ki wo aanchal se nazren nahi mila pa raha tha, isliye unke ghar aaya hi nahi. Ek to wo bina kuch kiye jhad gaya, upar se Aanchal ke apne upar hasne se use aur jyada jhenp ho gayi thi.

Raat mein unhone thodi jaldi dinner kiya phir aanchal aur riya chandigarh jane ke liye samaan pack karne lagin. Kyunki unhe subah ki train pakadni thi.

Sunil ne aanchal se kaha ki ek do din baad mai tumhe lene chandigarh aa jaunga.

Unka plan sunkar Sasur chupchap hi raha. man hi man sochne laga , aanchal ko lene chandigarh mai chala jaunga. Sunil ko kisi bahane se yahin rok dunga.

Agli subah Aanchal aur Riya train se chandigarh ke liye nikal gayin.

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Smoothdad » 04 Dec 2017 22:28

बहुत ज़बरदस्त कहानी है

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jay
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by jay » 05 Dec 2017 14:43

super hot update bhai
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