आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 17 Nov 2017 17:40

आँचल क्लब से शाम को घर पहुँची तो उसका ससुर मुंबई से घर वापस आ चुका था. ससुर और सुनील में केस को लेकर बातचीत हो रही थी. तभी ससुर की नज़र वाइट टीशर्ट और शॉर्ट स्कर्ट पहने हुई आँचल पर पड़ी (आज आँचल ने बैडमिंटन खेला नही था लेकिन अपनी ड्रेस उसने चेंज नही की और उसी में घर आ गयी) , ससुर के लंड में दर्द की लहर उठी. केस के बारे में बात करना भूलकर वो सोचने लगा आख़िर कब इस चिकनी बहू को चोदने की मेरी इच्छा पूरी होगी ? हर बार मेरा प्लान गड़बड़ हो जाता है. काश उसी दिन मैंने इसे चोद दिया होता जब कुक सलीम इसे नंगी छोड़कर भाग गया था. अब देखो कैसे मेरे सामने छोटी स्कर्ट पहने बैठी है , आहा मक्खन जैसी गोरी गोरी चिकनी जांघें हैं इसकी. आँचल सुनील और ससुर के साथ छोटी वाइट स्कर्ट में अपनी टाँगें मिलाए बैठी थी . ससुर की नज़रें उसकी दूधिया जांघों पर ही थी तभी बातों बातों में आँचल ने अपनी टाँगें थोड़ी अलग करी और ससुर को उसकी वाइट पैंटी दिख गयी. आअहह………..साली सामने रसमलाई है और मैं खा नही पा रहा हूँ.

ससुर की मुंबई ट्रिप से कोई खास फायदा नही हुआ था. दोनों भाई गुल्मोहर और अंकुर के खिलाफ बाउन्स चेक का केस कोर्ट में लंबा खिच रहा था. और अब अगली डेट दो महीने बाद की थी तो ससुर वापस देल्ही आ गया.

अब उनकी आर्थिक हालत ख़स्ता थी, बैंक से बहुत लोन ले लिया था. उसका ब्याज और किस्त देने में उनको बहुत परेशानी आ रही थी.

सुनील ने आँचल से कहा,” अपने पापा से 25 लाख रुपये माँग लो , हमारी थोड़ी हेल्प हो जाएगी.”

आँचल ने अपने पापा को फोन किया,” पापा यहाँ हमारी कंडीशन थोड़ी खराब है , आप इधर आ जाओ, कुछ बात करनी है.”

आँचल के पेरेंट्स देल्ही में ही रहते थे , वो दोनों आँचल की ससुराल आ गये. आँचल ने उनको सारी बात बताई की कैसे फैक्ट्री के लोन की किस्त चुकाने में आफ़त आ रही है और जगह जगह डिसट्रिब्युटर्स के पास पैसा अटका पड़ा है.

आँचल के पापा बोले,” देखो बेटा , मैं तो रिटायर्ड आदमी हूँ , 25 लाख कहाँ से लाऊंगा. कुछ प्रॉपर्टी है मेरे पास जिसको बेचकर ज़्यादा से ज़्यादा 15-18 लाख मिल सकते हैं. इसमे भी दो महीने लग ही जाएँगे सौदा करने में. मैं अपनी तरफ से जितना हो सकता है उतनी मदद कर दूँगा . ठीक है बेटा ?”

आँचल बोली,” जैसा आप ठीक समझें वैसा ही कीजिए पापा.”

अब सुनील और ससुर ने डिसाइड किया की बाकी जितने भी डिसट्रिब्युटर्स हैं उन सब के पास जाते हैं और रुका हुआ पेमेंट माँग कर लाते हैं, जिससे जितना भी मिल जाए. इस टूर में उनको दो हफ्ते लग जाएँगे.

तब तक आँचल सुबह से लेकर लंच टाइम तक फैक्ट्री अटेंड करेगी. लेकिन आँचल की सास अभी भी बीमार थी . इसलिए ये डिसाइड हुआ की सास अपने भाई के घर दो हफ्ते के लिए रहेगी वहाँ उसकी देखभाल हो जाएगी . आँचल अपने पेरेंट्स के घर रहेगी और वहीं से सुबह फैक्ट्री जाएगी.

आँचल ने अपना सामान पैक किया और मम्मी पापा के साथ मायके चली गयी. मायके में नौकर रामू ने मुस्कुराते हुए आँचल का स्वागत किया. मैडम वापस आ गयी है , अब तो मज़ा आएगा चोदने में, बहुत दिन हो गये मैडम को चोदे हुए. हंसते हुए रामू को देखकर आँचल के बदन में झुरजुरी दौड़ गयी , उसको याद आया पिछली बार जबरदस्त चुदाई के बाद सर्वेंट क्वॉर्टर्स से ही ऑटो लेकर ससुराल भागना पड़ा था.

आँचल के मम्मी पापा अपनी लाड़ली बेटी के परिवार की बिगड़ी हुई फाइनेंसियल कंडीशन से दुखी थे , वो दोनों रात में काफ़ी देर तक आँचल के बेडरूम में उससे इस बारे में बात करते रहे फिर चिंता में डूबे सोने चले गये.
अगली सुबह चाय देने आँचल की माँ भी रामू के साथ आई तो आँचल को रामू से अकेले में बात करने का मौका नही मिला. आँचल फटाफट तैयार हुई और कार ड्राइव करके फैक्ट्री पहुँच गयी. फैक्ट्री पहुँचकर उसने देखा स्टाफ और वर्कर्स के चेहरों पर चिंता की लकीरें थी.

आँचल ने सबको मीटिंग के लिए बुलाया और बोली,” अगले दो हफ्ते तक मैं फैक्ट्री का कामकाज़ देखूँगी. चिंता मत करो किसी की भी नौकरी नही जाएगी. जो भी पैसे की परेशानी है उसका कुछ ना कुछ हल हम लोग निकाल लेंगे.”

आँचल ने फैक्ट्री मैनेजर मुकेश बंसल से कहा ,” मेरे केबिन में अकाउंट स्टेट्मेंट्स और बैंक लोन फाइल्स लेकर आओ.”

बंसल लगभग 48 साल की उमर का था , पेट बाहर को निकला हुआ , कद काठी भी साधारण ही थी. पहली बार उसका सामना सुनील की बजाय उसकी खूबसूरत बीवी से हो रहा था. आँचल को फाइल्स दिखाते हुए उसकी नज़र आँचल के खूबसूरत बदन और उसकी क्लीवेज पर पड़ जा रही थी. आँचल ने अकाउंट स्टेट्मेंट्स वगैरह देखे , बंसल को आश्चर्य हुआ ये हाउसवाइफ फटाफट सब कैसे समझ जा रही है. आँचल ने DU से कॉमर्स की डिग्री फर्स्ट क्लास में पास की थी. अपने स्कूल में भी वो मैथ्स और अकाउंटिंग में बहुत अच्छी थी.

आँचल के केबिन में एसी काम नही कर रहा था , गर्मी से उसको पसीना आ रहा था. फैन से देल्ही की गर्मी में कुछ फायदा नही होता. बंसल झुककर आँचल को फाइल्स दिखा रहा था. उसको आँचल के पसीने की गंध आई. आँचल की कांख (armpit) के पास ब्लाउज पसीने से गीला हो गया था. बंसल उस मादक गंध से उत्तेजित होने लगा. खड़े खड़े उसने देखा पसीने की बूंदे आँचल के बूब्स की गहरी खाई में नीचे को लुढ़क रही हैं. बंसल का लंड खड़े होकर पैंट की तंग जगह में दर्द करने लगा.

आँचल के बदन के पसीने की मादक गंध से कामांध होकर बंसल उसके और नज़दीक़ झुककर खुशबू अपनी नाक में भरने लगा. फैक्ट्री की खराब फाइनेंसियल कंडीशन को समझने में आँचल को दो घंटे लग गये. तब तक खड़े खड़े बंसल की टाँगें बैठने लगी लेकिन लंड खड़ा ही था. अब बंसल की भी हिम्मत बढ़ने लगी. फाइल उठाने के बहाने वो उसकी नंगी बाँह (स्लीवलेस ब्लाउज पहने थी) और कंधों से अपने हाथ टच करने लगा और एक बार उसने आँचल के बूब्स से भी हाथ टच कर दिया.

बूब्स पर हाथ टच होते ही आँचल ने नज़र उठाकर बंसल को देखा.

बंसल की साँस अटक गयी, उसने तुरंत माफी माँग ली, “ ग़लती से टच हो गया, मैडम.”

आँचल ने कोई जवाब नही दिया.

आँचल को गुस्सा ना करते देखकर बंसल की जान में जान आई और उसकी हिम्मत और भी बढ़ गयी. वो फाइल्स रखने और उठाने के बहाने उसकी बाँह और कंधों से अपनी बाँह टच करते रहा . औरतें सब समझती हैं , आँचल भी समझ रही थी. ये मोटा अपनी बाँह मुझसे बहाने से रगड़ रहा है. लेकिन उसने अपनी भावनाओ को कंट्रोल में रखा और अकाउंट्स को समझने में ही सारा ध्यान लगाया. ये भी एक नयी बात थी, शायद घर की खराब हालत की वजह से , वरना उसके दिमाग़ की बजाय उस पर दिल ज़्यादा हावी रहता था.

जब आँचल ने सारे अकाउंट्स चेक कर लिए तो उसने बंसल से चेयर पर बैठने को कहा और बोली,” स्टाफ की सैलरी के लिए बैंक से आज पैसे निकालने है. आप चेक बनाओ.”

बंसल आँचल की टेबल के सामने बैठने लगा, आँचल ने उसकी पैंट में बने तंबू को नोटिस किया. मेरी बगल में खड़ा होकर ये तंबू ही बना रहा था कमीना……..

बंसल ने देखा आँचल की नज़र उसके तंबू पर है , वो मुस्कुराया , आँचल झेंप गयी और झट से नज़रें हटा ली .

बंसल मुस्कुराते हुए सोचने लगा,” चुदासी औरत लगती है ये, मेरे छूने से इसको भी कुछ एफेक्ट तो पड़ा ही है……..”

आँचल झेंपते हुए सोचने लगी , मोटे कमीने ने लंड को ताकते हुए पकड़ लिया मुझे.

फिर झेंप मिटाने के लिए उसने बात बदल दी और बोली,” बैंक में हमारा बैलेंस कितना है ? सैलरी देने के लिए पूरा है की नही ?”

बंसल ने बैलेंस चेक किया और बताया, “ आज सैलरी देने के लिए तो हो जाएगा , मैडम.”
फिर बंसल ने चेक बनाने शुरू किए.

आँचल ने सभी चेक्स में साइन कर दिए. तब तक दोपहर के 1 बज गये.

आँचल ने बंसल से कहा,” आप बैंक से पैसा लाओ और स्टाफ में सैलरी बाँट दो. अभी मैं घर जा रही हूँ और कल कुछ क्रेडिटर्स के साथ मीटिंग करूँगी. “

सुनील ने बैंक के अलावा भी और जगह से लोन लिया हुआ था और वो लोग अब पैसा लौटने को दबाव बना रहे थे. आँचल कल उनके साथ मीटिंग करने वाली थी.

फिर आँचल उठी और ऑफिस से बाहर चली गयी.

बंसल आँचल के बड़े बूब्स और फिर पीछे से उसकी मटकती हुई गांड देखते रहा. साली के नितंब कैसे हिल रहे हैं…….कभी इधर को कभी उधर को …आहह………. सुनील साहब बहुत लकी हैं जो ऐसा मस्त माल उनको मिला है.

घर पहुँचकर आँचल ने मम्मी पापा के साथ लंच किया और अपने बेडरूम में रेस्ट करने चली गयी. थोड़ी देर बाद उसके मम्मी पापा क्लब में कार्ड खेलने चले गये. अब वो शाम को ही लौटेंगे, अपने दोस्तों के साथ कार्ड खेलकर.

आँचल थोड़ी उत्तेजना महसूस कर रही थी, बंसल ने उसे गरम कर दिया था. सोचने लगी मुंबई से आने के बाद एक बार भी ढंग से चुदाई नही हो पाई. ऊपर से घर के रोज़ नये नये टेंशन.

उसने रामू को आवाज़ दी और एक कप कॉफी लेकर आने को कहा. फिर सोचने लगी मम्मी पापा के लौटने तक आज रामू के साथ जमकर चुदाई का मज़ा लेती हूँ. ……….आहहहह……….

Aanchal club se sham ko ghar pahunchi to uska Sasur Mumbai se ghar wapas aa chuka tha. Sasur aur Sunil mein case ko lekar baatcheet ho rahi thi. Tabhi Sasur ki nazar White tshirt aur short skirt pehne hui Aanchal par padi (Aaj Aanchal ne badminton khela nahi tha lekin apni dress usne change nahi ki aur usi mein ghar aa gayi) , Sasur ke lund mein dard ki lehar uthi. Case ke baare mein baat karna bhoolkar wo sochne laga aakhir kab is chikni bahu ko chodne ki meri iccha poori hogi ? har baar mera plan gadbad ho jata hai. Kaash usi din mene ise chod diya hota jab cook Salim ise nangi chorkar bhag gaya tha. Ab dekho kaise mere samne choti skirt pehne baithi hai , aha makkhan jaisi gori gori chikni janghe hain iski. Aanchal Sunil aur Sasur ke sath choti white skirt mein apni tange milaye baithi thi . Sasur ki nazrein uski dudhiya janghon par hi thi tabhi baaton baaton mein Aanchal ne apni tange thodi alag kari aur Sasur ko uski white panty dikh gayi. Aaahhhh………..saali samne rasmalai hai aur mai kha nahi pa raha hun.

Sasur ki Mumbai trip se koi khas fayda nahi hua tha. Dono bhai Gulmohar aur Ankur ke khilaaf bounce cheque ka case court mein lamba khich raha tha. Aur ab agli date do mahine baad ki thi to Sasur wapas Delhi aa gaya.

Ab unki aarthik halat khasta thi, bank se bahut loan le liya tha. Uska byaj aur kist dene mein unko bahut pareshani aa rahi thi.

Sunil ne Aanchal se kaha,” apne Papa se 25 lakh rupiye maang lo , hamari thodi help ho jayegi.”

Aanchal ne apne Papa ko phone kiya,” Papa yahan hamari condition thodi kharab hai , Aap idhar aa jao, kuch baat karni hai.”

Aanchal ke parents Delhi mein hi rehte the , wo dono Aanchal ki sasural aa gaye. Aanchal ne unko sari baat batayi ki kaise factory ke loan ki kist chukane mein aafat aa rahi hai aur jagah jagah distributors ke pass paisa atka pada hai.

Aanchal ke Papa bole,” dekho beta , mai to retired aadmi hun , 25 lakh kahan se launga. Kuch property hai mere pass jisko bechkar jyada se jyada 15-18 lakh mil sakte hain. Isme bhi do mahine lag hi jayenge sauda karne mein. Mai apni taraf se jitna ho sakta hai utni madad kar dunga . theek hai beta ?”

Aanchal boli,” jaisa aap theek samjhen waisa hi kijiye Papa.”

Ab Sunil aur Sasur ne decide kiya ki baki jitne bhi distributors hain un sab ke pass jate hain aur ruka hua payment maang kar late hain, jisse jitna bhi mil jaye. Is tour mein unko do hafte lag jayenge.

Tab tak Aanchal subah se lekar lunch time tak factory attend karegi. Lekin Aanchal ki Saas abhi bhi bimaar thi . isliye ye decide hua ki Saas apne bhai ke ghar do hafte ke liye rahegi wahan uski dekhbhal ho jayegi . Aanchal apne parents ke ghar rahegi aur wahin se subah factory jayegi.

Aanchal ne apna saman pack kiya aur Mummy Papa ke sath mayke chali gayi. Mayke mein naukar Ramu ne muskurate hue Aanchal ka swagat kiya. Madam wapas aa gayi hai , ab to maza aayega chodne mein, bahut din ho gaye madam ko chode hue. Hanste hue Ramu ko dekhkar Aanchal ke badan mein jhurjhuri daud gayi , usko yaad aaya pichli baar jabardast chudai ke baad servant quarters se hi auto lekar sasuraal bhagna pada tha.

Aanchal ke Mummy Papa apni ladli beti ke pariwar ki bigdi hui financial condition se dukhi the , wo dono raat mein kaafi der tak Aanchal ke bedroom mein usse is baare mein baat karte rahe phir chinta mein dube sone chale gaye.

Agli subah chai dene Aanchal ki Maa bhi Ramu ke sath aayi to Aanchal ko Ramu se akele mein baat karne ka mauka nahi mila. Aanchal fatafat tayyar hui aur car drive karke factory pahunch gayi. Factory pahunchkar usne dekha staff aur workers ke chehron par chinta ki lakire thi.

Aanchal ne sabko meeting ke liye bulaya aur boli,” agle do hafte tak mai factory ka kaamkaz dekhungi. Chinta mat karo kisi ki bhi naukri nahi jayegi. Jo bhi paise ki pareshani hai uska kuch na kuch hal hum log nikaal lenge.”

Aanchal ne factory manager Mukesh Bansal se kaha ,” mere cabin mein account statements aur bank loan files lekar aao.”

Bansal lagbhag 48 saal ki umar ka tha , pet bahar ko nikla hua , kad khathi bhi sadharan hi thi. Pehli baar uska samna Sunil ki bajay uski khoobsurat biwi se ho raha tha. Aanchal ko files dikhate hue uski nazar Aanchal ke khoobsurat badan aur uski cleavage par pad ja rahi thi. Aanchal ne account statements wagerah dekhe , Bansal ko ascharya hua ye housewife fatafat sab kaise samajh ja rahi hai. Aanchal ne DU se Commerce ki degree first class mein pass ki thi. Apne school mein bhi wo maths aur accounting mein bahut acchi thi.

Aanchal ke cabin mein AC kaam nahi kar raha tha , garmi se usko pasina aa raha tha. Fan se Delhi ki garmi mein kuch fayda nahi hota. Bansal jhukkar Aanchal ko files dikha raha tha. Usko Aanchal ke pasine ki gandh aayi. Aanchal ki Kankh (Armpits) ke pass blouse pasine se gila ho gaya tha. Bansal us madak gandh se uttezit hone laga. Khade khade usne dekha pasine ki boonde Aanchal ke boobs ki gehri khai mein niche ko ludak rahi hain. Bansal ka lund khade hokar pant ki tang jagah mein dard karne laga.

Aanchal ke badan ke pasine ki madak gandh se kaamandh hokar Bansal uske aur nazdeeq jhukkar khoosbu apni naak mein bharne laga. Factory ki kharab financial conditionko samajhne mein Aanchal ko do ghante lag gaye. Tab tak khade khade Bansal ki tange baithne lagi lekin lund khada hi tha. Ab Bansal ki bhi himmat badne lagi. File uthane ke bahane wo uski nangi banh (sleeveless blouse pehne thi) aur kandhon se apne hath touch karne laga aur ek baar usne Aanchal ke boobs se bhi hath touch kar diya.

Boobs par hath touch hote hi Aanchal ne nazar uthakar Bansal ko dekha.
Bansal ki saans atak gayi, usne turant maafi mang li, “ galti se touch ho gaya, Madam.”

Aanchal ne koi jawab nahi diya.

Aanchal ko gussa na karte dekhkar Bansal ki jaan mein jaan aayi aur uski himmat aur bhi bad gayi. Wo files rakhne aur uthane ke bahane uski banh aur kandhon se apni banh touch karte raha . Auraten sab samajhti hain , Aanchal bhi samajh rahi thi. Ye mota apni banh mujhse bahane se ragad raha hai. Lekin usne apni bhavnao ko control mein rakha aur accounts ko samajhne mein hi sara dhyan lagaya. Ye bhi ek nayi baat thi, Sayad ghar ki kharab halat ki wajah se , warna uske dimaag ki bajay us par dil jyada havi rehta tha.

Jab Aanchal ne sare accounts check kar liye to usne Bansal se chair par baithne ko kaha aur boli,” staff ki salary ke liye bank se aaj paise nikalne hai. Aap cheque banao.”

Bansal Aanchal ki table ke samne baithne laga, Aanchal ne uski pant mein bane tambu ko notice kiya. Meri bagal mein khdae hokar ye tambu hi bana raha tha kamina……..

Bansal ne dekha Aanchal ki nazar uske tambu par hai , wo muskuraya , Aanchal jhenp gayi aur jhat se nazren hata li .

Bansal muskurate hue sochne laga,” chudasi aurat lagti hai ye, mere chune se isko bhi kuch effect to pada hi hai……..”

Aanchal jhenpte hue sochne lagi , mote kamine ne lund ko takte hue pakad liya mujhe.

Phir jhenp mitane ke liye usne baat badal di aur boli,” bank mein hamara balance kitna hai ? salary dene ke liye poora hai ki nahi ?”

Bansal ne balance check kiya aur bataya, “ aaj salary dene ke liye to ho jayega , madam.”

Phir Bansal ne cheque banane shuru kiye.

Aanchal ne sabhi cheques mein sign kar diye. Tab tak dopahar ke 1 baj gaye.

Aanchal ne Bansal se kaha,” Aap bank se paisa lao aur staff mein salary baant do. Abhi mai ghar ja rahi hun aur kal kuch creditors ke sath meeting karungi. “

Sunil ne bank ke alawa bhi aur jagah se loan liya hua tha aur wo log ab paisa lautane ko babav bana rahe the. Aanchal kal unke sath meeting karne wali thi.

Phir Aanchal uthi aur office se bahar chali gayi.

Bansal Aanchal ke bade boobs aur phir piche se uski matakti hui gand dekhte raha. Saali ke nitamb kese hil rahe hain…….kabhi idhar ko kabhi udhar ko …Aahhhhh………. Sunil sahab bahut lucky hain jo aisa mast maal unko mila hai.

Ghar pahunchkar Aanchal ne Mummy Papa ke sath lunch kiya aur apne bedroom meinrest karne chali gayi. Thodi der baad uske Mummy Papa club mein card khelne chale gaye. Ab wo sham ko hi lautenge, apne doston ke sath card khelkar.

Aanchal thodi uttezna mehsoos kar rahi thi, Bansal ne use garam kar diya tha. Sochne lagi Mumbai se aane ke baad ek baar bhi dhang se chudai nahi ho payi. Upar se ghar ke roz naye naye tension.

Usne Ramu ko awaz di aur ek cup coffee lekar aane ko kaha. Phir sochne lagi Mummy Papa ke lautne tak aaj Ramu ke sath jamkar chudai ka maza leti hun……..Aahhhh………..

Re: आँचल की अय्याशियां

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pongapandit
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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 17 Nov 2017 17:41

आँचल अपने बेडरूम में लेटी हुई थी . उसका नौकर रामू वहाँ आ गया और उसकी ओर ललचाई नज़रों से देखने लगा. आँचल ने देखा उसके निक्कर में लंड ने तंबू बना रखा है. आँचल जैसे ही बेड में उठने को हुई , रामू उसके ऊपर चढ़ गया और उसके गालों और होठों का चुंबन लेने लगा . आँचल ने अपने बदन पर उसके खड़े लंड की रगड़ महसूस की. आँचल को कोई विरोध ना करते देखकर रामू ने अपना निक्कर उतार दिया और गर्व से अपना बड़ा लंड आँचल के खूबसूरत चेहरे के आगे हिलाने लगा.

रामू के बड़े लंड को देखकर आँचल उत्तेजित हो गयी और तुरंत अपना मुँह नज़दीक़ लाकर लंड के सुपाड़े को चूसने लगी. दूसरे हाथ से वो रामू की गोलियों को सहलाने लगी. कुछ ही देर में आँचल लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी, रामू मज़े से आहें भरने लगा. आँचल को बड़े लंड पसंद थे , वो मज़े से रामू का लंड चूसती रही.

थोड़ी देर बाद उसने लंड को मुँह से बाहर निकाला और रामू की गोलियाँ चूसने लगी. रामू बर्दाश्त नही कर पाया और उसने वीर्य की धार आँचल के चेहरे और बालों में छोड़ दी. तभी आँचल का फोन आ गया. आँचल का चेहरा वीर्य से भीग चुका था , रामू ने उसे फोन पकड़ा दिया. लेकिन आँचल उत्तेजना में थी , उससे बोला नही जा रहा था.

“ उन्न्ह…बोलो, कौन है ?”

“मैडम , मैं हूँ बंसल.”

तब तक रामू आँचल के बूब्स को नंगा कर चुका था और अब निपल चूस रहा था.

“उन्न्नह…आहह….बोलो, क्या बात है ?”

“मैडम यहाँ बैंक में चेक क्लियर नही हुआ और सैलरी देने के लिए बैलेंस नही है .”

रामू अब आँचल की चूत के होठों पर उंगली फिरा रहा था. फिर उसने गीली चूत के अंदर दो उंगली डाल दी और अंदर बाहर करने लगा.

“उननग्ग…उन्ह..ऊहह…मिस्टर बंसल…”

“मैडम ! मैडम आप ठीक तो हैं ना ?”

“उंगघह…….उफफफफफ्फ़….ऊओह…” आँचल फोन पकड़े हुए सिसकारियाँ लेने लगी. रामू अंगूठे से उसकी क्लिट मसल रहा था और उंगली चूत में अंदर बाहर कर रहा था.

“मैडम बोलिए मैं सैलरी का क्या करुँ ?” मायूस होकर बंसल बोला.

“आआहह…..ऊओह…………..उूउउइईईई म्माआअ…”आँचल को ओर्गास्म आ गया और ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए वो झड़ गयी और फोन उसके हाथ से चूत कर बेड में गिर गया.

जब आँचल को ओर्गास्म आ रहा था तब रामू ने उसकी चूत से अपनी उंगलियाँ निकालकर आँचल के मुँह में डाल दी.

अपने चूतरस से भीगी हुई रामू की उंगलियाँ मुँह में जाने से आँचल को अपने ही चूतरस का स्वाद आया.
“ये क्या कर रहे हो तुम रामू ?”

रामू ने उंगलियाँ आँचल के मुँह से हटा ली और अब वो आँचल को चोदने के लिए उसके बाकी कपड़े उतारने लगा.

रामू ने ब्लू फिल्म्स में देखा था की उसमे लड़का लड़की बहुत सारे अलग अलग पोज़ बनाकर चुदाई करते हैं. वो सोचने लगा आज मैं भी अपनी सेक्सी मेमसाब के साथ अलग अलग पोज़ में चुदाई करूँगा. पिछली बार तो सर्वेंट क्वॉर्टर में जल्दी जल्दी डर डर के चुदाई करनी पड़ी थी पर इस बार कोई टेंशन नही है, शाम तक का सारा वक़्त पड़ा है चुदाई के लिए. सोचते सोचते उसका लंड झटके मारने लगा.

रामू का लंड फिर से खड़ा होते देख आँचल उत्तेजना से आहें भरने लगी. आज उसने जमकर चुदाई का मज़ा लेने का मन बनाया था. अपने मज़े में उन दोनो का ध्यान फोन से हट गया था.

बंसल फोन में उधर की आवाज़ें सुन रहा था, मैडम चुद रही है सोचकर उसका लंड पैंट में तन गया था. वो सोचने लगा,” सुनील साहब तो बाहर गये हैं, फिर मैडम किससे चुद रही है ? ये रामू कौन है ? क्या मेरा भी नंबर आएगा सेक्सी मैडम को चोदने का ?” उसने जानबूझकर फोन डिसकनेक्ट नही किया और वो चुपचाप सब आवाज़ें सुनता रहा.

“मज़ा आया मेमसाब ?”

“ओह्ह …. रामू तुम इतने छोटे दिखते हो , पर तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है. ये सब करना तुमने कैसे सीखा ?”

रामू मुस्कुराते हुए बोला,” अरे मेमसाब , अभी तो मैंने कुछ भी नही किया , अभी देखती जाओ मैं तुम्हें कैसे कैसे चोदता हूँ और तुम्हारी तरसी हुई चूत को कैसे कैसे मज़े देता हूँ.”

“ओह्ह …रामुऊऊउ…”

“जैसे मैं छोटा हूँ लेकिन मेरा लंड बड़ा है. वैसे ही तू मेमसाब इतनी बड़ी और चिकनी है लेकिन तेरी चूत छोटी और पतली है.” आँचल की टाँगों को अपने कंधों पर रखकर उसकी चूत के होठों के बीच अपने लंड को रखते हुए रामू बोला.

“ओह्ह …रामू ….” आँचल अपनी चूत में लंड घुसने का इंतज़ार करते हुए सिसकी.

“अरे देखती क्या है, मेमसाब . लंड पकड़ और अंदर डाल. मैं तुम्हारे मुम्मो की मालिश करता हूँ.”

आँचल ने रामू का लंड पकड़ा और अपनी चूत के छेद में घुसाया , रामू उसके बूब्स को दबाने लगा. एक झटके में रामू ने सुपाड़ा अंदर घुसा दिया.

“आअहह…उननग्ग्घह…”सुपाड़ा अंदर घुसते ही आँचल ने मज़े से सिसकारी ली.

“बहुत टाइट है तेरी चूत, घबरा मत, मैं धीरे धीरे ही लंड घुसाता हूँ.” रामू आँचल की गीली लेकिन टाइट चूत में लंड अंदर घुसाने लगा. फिर धीरे धीरे स्ट्रोक लगाते हुए उसके निपल मसलने लगा.

“उऊहह …रामू …ज़ोर से और ज़ोर से…..बहुत मज़ा आ रहा है …आहह…ऊऊहह…उईईइ..माआ…” आँचल मज़े से अपने नितंबों को ऊपर को उछालती हुई बोली.

चुदाई करवाने में आँचल को बहुत मज़ा आता था और वो कामोन्माद में मदहोश हो जाती थी.

“मेमसाब तेरी चूत तो बहुत तरस रही है, ये ले ज़ोर से ….ये और ज़ोर से ले …” आँचल की चूत में ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते हुए रामू बोला. उसकी गोलियाँ आँचल की गांड से टकरा रही थी.

“ हाय …उउन्न्नह…..चोदो मुझे … चोद मुझे रामू….” उत्तेजना से आँचल चिल्लाई. रामू के ताबड़तोड़ धक्के उसकी चूत को बहुत मज़ा दे रहे थे. उसने उत्तेजित होकर रामू के चेहरे , गालों पर दाँत काट दिया. और फिर उसको जबरदस्त ओर्गास्म आ गया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए झड़ गयी.

“आहह….ऊऊहह….ऊऊीीईईईईईई..आऐईईईई…..”

आँचल को ओर्गास्म का आनंद लेते देखकर रामू ने अपना चूतरस से भीगा हुआ लंड चूत से बाहर निकाल लिया और आँचल के चेहरे पर लंड से थप्पड़ मारने लगा.

“मज़ा आया मेमसाब ?”

“उन्न…हाँ..मेरे रामू…” आँचल सिसकारियाँ लेते हुए धीमे से बोली.

Aanchal apne bedroom mein leti hui thi . uska naukar Ramu wahan aa gaya aur uski or lalchayi nazron se dekhne laga. Aanchal ne dekha uske nikkar mein lund ne tambu bana rakha hai. Aanchal jaise hi bed mein uthne ko hui , Ramu uske upar chad gaya aur uske galon aur hothon ka chumban lene laga . Aanchal ne apne badan par uske khade lund ki ragad mehsoos ki. Aanchal ko koi virodh na karte dekhkar Ramu ne apna nekkar utar diya aur garv se apna bada lund Aanchal ke khoobsurat chehre ke aage hilane laga.

Ramu ke bade lund ko dekhkar Aanchal uttezit ho gayi aur turant apna munh nazdeeq lakar lund ke supade ko choosne lagi. dusre hath se wo Ramu ki goliyon ko sahlane lagi. kuch hi der mein Aanchal lund ko poora munh mein lekar choosne lagi, Ramu maze se aahe bharne laga. Aanchal ko bade lund pasand the , wo maze se Ramu ka lund choosti rahi.

Thodi der baad usne lund ko munh se bahar nikala aur Ramu ki goliyan chosne lagi. Ramu bardast nahi kar paya aur usne viry ki dhar Aanchal ke chehre aur balon mein chod di. Tabhi Aanchal ka phone aa gaya. Aanchal ka chehra viry se bheeg chuka tha , Ramu ne use phone pakda diya. Lekin Aanchal uttezna mein thi , usse bola nahi ja raha tha.

“ unnhhhh…bolo, kaun hai ?”

“madam , mai hun bansal.”

Tab tak Ramu Aanchal ke boobs ko nanga kar chuka tha aur ab nipple choos raha tha.

“unnnhh…Aahhh….bolo, kya baat hai ?”

“madam yahan bank mein cheque clear nahi hua aur salary dene ke liye balance nahi hai .”

Ramu ab Aanchal ki choot ke hothon par ungli fira raha tha. Phir usne gili choot ke andar do ungli daal di aur andar bahar karne laga.

“unngg…unhhh..oohhh…Mr Bansal…”

“madam ! madam aap theek to hai na ?”

“ungghhh…….uffffff….ooohhhh…” Aanchal phone pakde hue siskariyan lene lagi. Ramu anguthe se uski clit masal raha tha aur ungli choot mein andar bahar kar raha tha.

“madam boliye mai salary ka kya karu ?” mayus hokar Bansal bola.

“Aaaahhhhhh…..ooohhhhhhhhhh…………..uuuuuiiiiiii mmaaaaa…”Aanchal ko orgasm aa gaya aur jor se siskariyan lete hue wo jhad gayi aur phone uske hath se choot kar bed mein gir gaya.

Jab Aanchal ko orgasm aa raha tha tab Ramu ne uski choot se apni ungliyan nikalkar Aanchal ke munh mein daal di.

Apne chootras se bhigi hui Ramu ki ungliyan munh mein jane se Aanchal ko apne hi chootras ka swad aaya.

“ye kya kar rahe ho tum Ramu ?”

Ramu ne ungliyan Aanchal ke munh se hata li aur ab wo Aanchal ko chodne ke liye uske baki kapde utarne laga.

Ramu ne blue films mein dekha tha ki usme ladka ladki bahut sare alag alag pose banakar chudai karte hain. Wo sochne laga aaj mai bhi apni sexy memsaab ke sath alag alag pose mein chudai karunga. Pichli baar to servant quarter mein jaldi jaldi dar dar ke chudai karni padi thi par is bar koi tension nahi hai, sham tak ka sara waqt pada hai chudai ke liye. Sochte sochte uska lund jhatke marne laga.
Ramu ka lund phir se khada hote dekh Aanchal uttezna se aahe bharne lagi. aaj usne jamkar chudai ka maza lene ka mann banaya tha. Apne maze mein undono ka dhyan phone se hat gaya tha.

Bansal phone mein udhar ki awazein sun raha tha, madam chud rahi hai sochkar uska lund pant mein tan gaya tha. Wo sochne laga,” Sunil sahab to bahar gaye hain, phir madam kisse chud rahi hai ? ye Ramu kaun hai ? kya mera bhi number aayega sexy madam ko chodne ka ?” usne jaanboojhkar phone disconnect nahi kiya aur wo chupchap sab awazein sunta raha.

“maza aaya memsaab?”

“ohh…. Ramu tum itne chote dikhte ho , par tumhara lund bahut bada hai. Ye sab karna tumne kaise sikha ?”

Ramu muskurate hue bola,” are memsaab, abhi to mene kuch bhi nahi kiya , abhi dekhti jao mai tumhe kaise kaise chodta hun aur tumhari tarsi hui choot ko kaise kaise maze deta hun.”

“ohhhh…Ramuuuu…”

“jaise mein chota hun lekin mera lund bada hai. Waise hi tu memsaab itni badi aur chikni hai lekin teri choot choti aur patli hai.” Aanchal ki tangon ko apne kandhon par rakhkar uski choot ke hothon ke beech apne lund ko rakhte hue Ramu bola.

“ohhh …Ramu ….” Aanchal apni choot mein lund ghusne ka intzar karte hue siski.

“are dekhti kya hai, memsaab. Lund pakad aur andar daal. Mein tumhare mummo ki malish karta hun.”

Aanchal ne Ramu ka lund pakda aur apni choot ke ched mein ghusaya , Ramu uske boobs ko dabane laga. Ek jhatke mein Ramu ne supada andar ghusa diya.

“Aaahhh…unnggghhh…” supada andar ghuste hi Aanchal ne maze se siskari li.

“bahut tight hai teri choot, ghabra mat, mai dhire dhire hi lund ghusata hun.”

Ramu Aanchal ki gili lekin tight choot mein lund andar ghusane laga. Phir dhire dhire stroke lagate hue uske nipple masalne laga.

“uuhhh …Ramu …jor se aur jor se…..bahut maza aa raha hai …aahhhh…oooohhhh…uiiii..maaaa…” Aanchal maze se apne nitambon ko upar ko uchalti hui boli.

Chudai karwane mein Aanchal ko bahut maza aata tha aur wo kamonmaad mein madhosh ho jati thi.

“memsaab teri choot to bahut taras rahi hai, ye le jor se ….ye aur jor se le …” Aanchal ki choot mein jor jor se dhakke marte hue Ramu bola. Uski goliyan Aanchal ki gand se takra rahi thi.

“ haay …uunnnhhh…..chodo mujhe …chod mujhe Ramu….” Uttezna se Aanchal chillayi. Ramu ke tabadtod dhakke uski choot ko bahut maza de rahe the. usne uttezit hokar Ramu ke chehre , gaalon par daant kaat diya. Aur phir usko jabardast orgasm aa gaya aur wo jor jor se siskariyan lete hue jhad gayi.

“Aahhhhhhhhhhh….oooohhhhh….ooooiiiiiiiii..aaaeeeeeeee…..”

Aanchal ko orgasm ka anand lete dekhkar Ramu ne apna chootras se bhiga hua lund choot se bahar nikaal liya aur Aanchal ke chehre par lund se thappad marne laga.

“maza aaya memsaab ?”

“unn…haan..mere Ramu…” Aanchal siskariyan lete hue dhime se boli.

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 17 Nov 2017 17:42

आँचल को ओर्गास्म का आनंद लेते देखकर रामू ने अपना चूतरस से भीगा हुआ लंड चूत से बाहर निकाल लिया और आँचल के चेहरे पर लंड से थप्पड़ मारने लगा.

“मज़ा आया मेमसाब ?”

“उन्न…हाँ..मेरे रामू…” आँचल सिसकारियाँ लेते हुए धीमे से बोली.


“उठ जा , अब मैं तुझे खड़े खड़े चोदूँगा “ कहते हुए रामू ने नंगी आँचल को बेडरूम की दीवार के सहारे पीठ टिकाकर खड़ा कर दिया. फिर उसकी एक टांग ऊपर उठा ली और दूसरे हाथ से उसकी कमर को पकड़कर अपना खड़ा लंड उसकी चूत में एक झटके में घुसा दिया.

“आहह…उनन्नग्घह…रामुऊऊउ…..” आँचल की चूत में रामू का बड़ा लंड घुसते ही आँचल ने सिसकारी ली.
रामू अब खड़े खड़े आँचल की चूत में धक्के लगाने लगा. आँचल की छाती में उसके बड़े बड़े बूब्स धक्कों के साथ ही ऊपर नीचे हिलने लगे.

आँचल उत्तेजना से सिसकारियाँ लेती रही ,” आहह…उंगघह ….ऊओिईईईई म्म्माआअ…”

अब रामू तेज तेज धक्के लगाने लगा. आँचल की पीठ और गांड पीछे दीवार से टकराने लगे. आँचल के उछलते बूब्स को रामू अपने मुँह में भरकर चूसने लगा.

आँचल के बूब्स पसीने और रामू की लार से पूरी तरह भीग गये. अपनी चूत पर पड़ते धक्कों से मज़े लेती हुई आँचल को ओर्गास्म आ गया और वो सिसकते हुए झड़ गयी.

“आहह…..मेरे राजाआअ…………..ऊओह……….आआहह……………”

रामू ने मेमसाब को झड़ते देखा तो उसको अपना प्रेशर भी बनता महसूस हुआ,” मेमसाब मैं तेरी चूत को भरने वाला हूँ, क्या मस्त है तेरी चूत मेमसाब….” कहते हुए उसने आँचल की चूत अपने गाड़े वीर्य से भर दी.

झड़ने के बाद रामू का मुरझाया हुआ लंड चूत से बाहर निकल आया . रामू ने आँचल की टांग नीचे रख दी और उसकी कमर से अपना हाथ हटा लिया. आँचल के पास खड़े होने की भी ताक़त नही थी, थकान से वो दीवार के सहारे फिसलती हुई नीचे फर्श पर ही लेट गयी और अपनी साँसों पर काबू पाने का प्रयास करने लगी. उसको फर्श पर लेटा देखकर रामू भी उसी के साथ ठंडे फर्श पर लेट गया.

कुछ देर बाद आँचल उठी और बेड के पास पहुँची. उसकी नज़र अपने फोन पर पड़ी , फोन उठाया तो देखा कॉल चालू थी. आँचल बोली,” हेलो ..?”

“मैडम ….मैडम हेलो , मैं बंसल बोल रहा हूँ.”

बंसल ने सब सुन लिया था की कोई रामू मैडम को चोद रहा है और मेमसाब कह रहा है. बंसल समझ गया की ये कोई नौकर होगा.
“मैडम , आप ठीक तो हैं ना ? मुझे आपकी चीखने की आवाज़ आ रही थी .”

आँचल समझ गयी , इस कमीने ने उसकी और रामू की चुदाई की आवाज़ें सब सुन ली हैं. उसको एम्बरस्सेमेंट फील हुई.
हिचकिचाते हुए बोली,” मैं वो ….टीवी में मूवी देख रही थी, उसकी आवाज़ आ रही होगी. बोलो क्या बात है ?”

बंसल को मालूम था आँचल झूठ बोल रही है मूवी वाली बात, वो मज़े लेते हुए बोला,” मैं घबरा गया था मैडम. मैंने समझा की कोई आपका रेप कर रहा है, तभी आप चीख रही हैं.”

आँचल को गुस्सा आ गया. वो नाराज़गी से बोली,” ये क्या बकवास कर रहे हैं आप ? काम की बात बोलो…”

बंसल फिर भी मज़े लेते रहा,” सॉरी मैडम, पर मुझे लगा कोई सच में आपका रेप कर रहा है, मैं तो वाक़ई घबरा गया था मैडम.”

फिर बोला,” मैडम मैंने इसलिए आपको फोन किया था की जो चेक हमने डाला था वो अभी तक क्लियर नही हुआ है.”

आँचल झल्लाते हुए बोली,” आप इसका हल खुद ही निकालिए मिस्टर बंसल.”

बंसल बोला,” मैडम, वो तो मैंने बैंक वालों को मनाकर सैलरी के पैसे निकाल लिए हैं. पर कल तक अगर चेक क्लियर नही हुआ तो हमें पैसे भरने होंगे.”

आँचल अब ज़्यादा बात करने के मूड में नही थी,” ठीक है, कल बात करूँगी, बाइ..” कहकर उसने फोन काट दिया.

बंसल के साथ बात करके आँचल का मूड ऑफ हो गया. जो चुदाई का मज़ा वो रामू के साथ ले रही थी वो भी खराब हो गया. वो सोचने लगी , इस बंसल कमीने ने फोन पर सब सुन लिया है , अब कहीं कुछ नुकसान ना पहुँचा दे.

तभी रामू भी बेड पर आ गया और आँचल के बूब्स को मसलने लगा.

आँचल का अब मूड नही था , “ अभी नही सताओ मुझे रामू…”

लेकिन रामू नही माना . आँचल का हाथ अपने फिर से तन चुके लंड पर रखते हुए बोला,” देखो मेरा लंड फिर से खड़ा है. अब तो मैं तेरी गांड मारूँगा मेमसाब.”

आँचल की एक ही बार गांड मारी थी , वो कुक सलीम ने ज़बरदस्ती से . उसमे आँचल को इतना दर्द हुआ था की वो अब डरती थी.

“नही रामू ….प्लीज़ , गांड में नही…” आँचल ने उसे मना किया.

लेकिन रामू ने उसे पेट के बल लिटा दिया और बोला,” डरो मत मेमसाब, मज़ा आएगा.”

फिर उसने अपनी उंगलियों पर थूक लगाकर , आँचल की गांड के छेद में उंगलियाँ घुसाई.

आँचल चिल्लाने लगी ,”ऊऊीईईईईईईईईईईईई…………माआआआअ…”

आँचल की टाइट गांड देखकर और उसके चिल्लाने से रामू बोला,” क्या मेमसाब, ये तो बहुत टाइट है…..क्या सुनील साब ने कभी भी आपकी गांड नही मारी ?”

“नही …आ…आईईए….रामू…” आँचल आगे होने वाले दर्द को सोचकर चिल्लाई.

रामू ने देखा मेमसाब तो बहुत डरी हुई है , इसको कष्ट पहुँचाना ठीक नही होगा. उसने गांड मारने का इरादा टाल दिया और बोला,” अच्छा ठीक है. पर इस खड़े लंड का कुछ तो सोचो मेमसाब.”

फिर रामू ने आँचल के नितंब पकड़े और लंड गांड में ना डालकर उसकी चूत में पीछे से घुसा दिया. और डॉगी पोज़ में आँचल को चोदने लगा.

“उउउफफफ्फ़…” आँचल सिसकी.

रामू के पीछे से जोरदार धक्कों से आँचल का पूरा बदन हिलने लगा.

“उन्न्ह….उफफफ्फ़……रामू….उफफफ्फ़…”

आँचल का मन अब चुदाई में नही था, उसकी चूत सूख चुकी थी. रामू के धक्कों से उसकी चूत दर्द करने लगी.
“बस करो रामू, मुझे दर्द हो रहा है. बस रामू बस….”

लेकिन रामू ने उसकी बात उनसुनी करदी और उसे पीछे से चोदता रहा. उसको अपने मज़े की पड़ी थी.

थोड़ी देर बाद उसको अपना पानी निकलता महसूस हुआ. वो आँचल की बड़ी गांड में थप्पड़ मारते हुए उसकी चूत में झड़ गया. झड़ने के बाद खुशी खुशी कपड़े पहनकर कमरे से बाहर चला गया.

आँचल थोड़ी देर तक वैसे ही बेड में लेटी रही. रामू की बेरहमी से की गयी चुदाई से उसकी चूत दुखने लगी थी. मना करने पर भी वो नही माना था और झड़कर पूरा मज़ा लेने के बाद ही वो गया था.
आँचल कुछ देर तक बेड में मुंह छुपाये हल्के हल्के सुबकती रही.

Aanchal ko orgasm ka anand lete dekhkar Ramu ne apna chootras se bhiga hua lund choot se bahar nikaal liya aur Aanchal ke chehre par lund se thappad marne laga.
“maza aaya memsaab ?”

“unn…haan..mere Ramu…” Aanchal siskariyan lete hue dhime se boli.

“uth ja ab mai tujhe khade khade chodunga “ kehte hue Ramu ne nangi Aanchal ko bedroom ki deewar ke sahare peeth tikakar khada kar diya. Phir uski ek tang upar utha li aur dusre hath se uski kamar ko pakadkar apna khada lund uski choot mein ek jhatke mein ghusa diya.

“Aahhh…unnngghhh…Ramuuuu…..” Aanchal ki choot mein Ramu ka bada lund ghuste hi Aanchal ne siskari li.

Ramu ab khade khade Aanchal ki choot mein dhakke lagane laga. Aanchal ki chati mein uske bade bade boobs dhakkon ke sath hi upar niche hilne lage.

Aanchal uttezna se siskariyan leti rahi ,” Aahhhhh…ungghhhh ….oooiiiiiii mmmaaaaa…”

Ab Ramu tej tej dhakke lagane laga. Aanchal ki peeth aur gand piche deewar se takrane lage. Aanchal ke uchalte boobs ko Ramu apne munh mein bharkar choosne laga.

Aanchal ke boobs pasine aur Ramu ki laar se poori tarah bheeg gaye. Apni choot par padte dhakkon se maze leti hui Aanchal ko orgasm aa gaya aur wo sisakte hue jhad gayi.

“Aahhhh…..mere rajaaaaa…………..ooohhhhh……….Aaaahhhh……………”

Ramu ne memsaab ko jhadte dekha to usko apna pressure bhi banta mehsoos hua,” memsaab mai teri choot ko bharne wala hun, kya mast hai teri choot memsaab….” Kehte hue usne Aanchal ki choot apne gade viry se bhar di.

Jhadne ke baad Ramu ka murjhaya hua lund choot se bahar nikal aaya . Ramu ne Aanchal ki tang niche rakh di aur uski kamar se apna hath hata liya. Aanchal ke pass khade honi ki bhi takat nahi thi, thakan se wo deewar ke sahar fisalti hui niche farsh par hi let gayi aur apni sanson par kaboo pane ka prayas karne lagi. usko farsh par leta dekhkar Ramu bhi usi ke sath thande farsh par let gaya.

Kuch der baad Aanchal uthi aur bed ke pass pahunchi. Uski nazar apne phone par padi , phone uthaya to dekha call chalu thi. Aanchal boli,” hello ..?”

“Madam ….madam hello , mai Bansal bol raha hun.”

Bansal ne sab sun liya tha ki koi Ramu madam ko chod raha hai aur memsaab keh raha hai. Bansal samajh gaya ki ye koi naukar hoga.

“Madam , aap theek to hai na ? mujhe aapki cheekhne ki awaz aa rahi thi .”

Aanchal samajh gayi , is kamine ne uski aur Ramu ki chudai ki awazein sab sun li hain. Usko embarrassement feel hui.
Hichkichate hue boli,” mai wo ….TV mein movie dekh rahi thi, uski awaz aa rahi hogi. Bolo kya baat hai ?”

Bansal ko malum tha Aanchal jhooth bol rahi hai movie wali baat, wo maze lete hue bola,” mai ghabra gaya tha madam. Mene samjha ki koi aapka rape kar raha hai, tabhi aap cheekh rahi hain.”

Aanchal ko gussa aa gaya. Wo narazgi se boli,” ye kya bakwas kar rahe hain aap ? kaam ki baat bolo…”

Bansal phir bhi maze lete raha,” sorry madam, par mujhe laga koi such mein aapka rape kar raha hai, mai to waqai ghabra gaya tha madam.”

Phir bola,” Madam mene isliye aapko phone kiya tha ki jo cheque humne dala tha wo abhi tak clear nahi hua hai.”

Aanchal jhallate hue boli,” aap iska hal khud hi nikaliye Mr. Bansal.”

Bansal bola,” Madam, wo to mene bank walon ko manakar salary ke paise nikaal liye hain. Par kal tak agar cheque clear nahi hua to hamein paise bharne honge.”

Aanchal ab jyada baat karne ke mood mein nahi thi,” theek hai, kal baat karungi, bye..” kehkar usne phone kaat diya.

Bansal ke sath baat karke Aanchal ka mood off ho gaya. Jo chudai ka maza wo Ramu ke sath le rahi thi wo bhi kharab ho gaya. Wo sochne lagi , is bansal kamine ne phone par sab sun liya hai , ab kahin kuch nuksaan na pahuncha de.

Tabhi Ramu bhi bed par aa gaya aur Aanchal ke boobs ko masalne laga.

Aanchal ka ab mood nahi tha , “ abhi nahi satao mujhe Ramu…”

Lekin Ramu nahi mana . Aanchal ka hath apne phir se tan chuke lund par rakhte hue bola,” dekho mera lund phir se khada hai. Ab to mai teri gand marunga memsaab.”

Aanchal ki ek hi baar gand mari thi , wo cook Salim ne jabardasti se . Usme Aanchal ko itna dard hua tha ki wo ab darti thi.

“nahi Ramu ….please , gand mein nahi…” Aanchal ne use mana kiya.

Lekin Ramu ne use pet ke bal lita diya aur bola,” daro mat memsaab, maza aayega.”

Phir usne apni ungliyon par thook lagakar , Aanchal ki gand ke ched mein ungliyan ghusayi.

Aanchal chillane lagi ,”ooooiiiiiiiiiiiiiii…………maaaaaaaaa…”

Aanchal ki tight gand dekhkar aur uske chillane se Ramu bola,” kya memsaab, ye to bahut tight hai…..kya Sunil saab ne kabhi bhi aapki gand nahi maari ?”

“nahi …aa…aaeeeee….Ramu…” Aanchal aage hone wale dard ko sochkar chillayi.

Ramu ne dekha memssab to bahut dari hui hai , isko kasht pahuchana theek nahi hoga. Usne gand marne ka irada taal diya aur bola,” accha theek hai. Par is khade lund ka kuch to socho memsaab.”

Phir Ramu ne Aanchal ke nitamb pakde aur lund gand mein na dalkar uski choot mein piche se ghusa diya. Aur doggy pose mein Aanchal ko chodne laga.

“uuuffff…” Aanchal siski.

Ramu ke piche se jordaar dhakkon se Aanchal ka poora badan hilne laga.

“unnhhh….uffff……Ramu….uffff…”

Aanchal ka mann ab chudai mein nahi tha, uski choot sookh chuki thi. Ramu ke dhakkon se uski choot dard karne lagi.

“bas karo Ramu, mujhe dard ho raha hai. Bas Ramu bas….”

Lekin Ramu ne uski baat unsuni kardi aur use piche se chodta raha. Usko apne maze ki padi thi.

Thodi der baad usko apna pani nikalta mehsoos hua. Wo Aanchal ki badi gand mein thappad marte hue uski choot mein jhad gaya. Jhadne ke baad khushi khushi kapde pahankar kamre se bahar chala gaya.

Aanchal thodi der tak waise hi bed mein leti rahi. Ramu ki berahmi se ki gayi chudai se uski choot dukhne lagi thi. Mana karne par bhi wo nahi mana tha aur jhadkar poora maza lene ke baad hi wo gaya tha. Aanchal kuch der tak bed mein munh chupaye halke halke subakti rahi.

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by pongapandit » 17 Nov 2017 17:44

आँचल अगली सुबह 8 बजे फैक्ट्री पहुँच गयी. बंसल वहाँ पहले से ही मौजूद था. वो आँचल के केबिन में विश करने आया. फिर उसको कल बैंक से पैसा निकालने में आई परेशानी के बारे में बताने लगा. बात करते हुए आँचल के बदन को ललचाई नज़रों से घूर भी रहा था. उसे मालूम था कल ये सेक्सी औरत अपने नौकर से चुदाई के मज़े ले रही थी. वो अब खुद भी मैडम को चोदना चाहता था.

आँचल ने हल्के नीले कलर की शिफ्फॉन साड़ी और एक पतला स्लीवलेस ब्लाउज पहन रखा था , जिसके अंदर उसकी ब्लैक ब्रा दिख रही थी. उसके बड़े बूब्स उस छोटे ब्लाउज से बाहर झाँक रहे थे , उससे बंसल को आँचल की काफ़ी क्लीवेज दिख जा रही थी. आँचल को मालूम था बंसल की नज़रें कहाँ कहाँ हैं, उसे अनकंफर्टबल फील हुआ लेकिन वो चुप रही. कल फोन पर बंसल ने सब सुन लिया था , इस बात से वो वैसे भी अपसेट थी.

फिर बंसल बोला,” फैक्ट्री के कुछ बिल जैसे इलेक्ट्रिसिटी वगैरह भी देने हैं और कुछ लोन देने वाले भी परेशान कर रहे हैं. सुनील साहब पैसा लेकर कब तक आएँगे.”

आँचल ने बताया,” उनको तो अभी कम से कम 2 हफ्ते और लगेंगे वापस आने में.”

बंसल बोला,” तब तक बिना पैसे के कैसे काम चलेगा?”

फिर बंसल ने अकाउंट्स लेजर आँचल की टेबल में रख दिया और खुद आँचल की चेयर के पीछे आकर जो जो भी पेमेंट्स तुरंत करने हैं, उनके बारे में बताने लगा. बहाने से आँचल की बाँहों को छूने लगा और उंगली को फाइल में लगाकर बताने के बहाने अपने गाल उसके गाल के पास ले आया. आँचल का ध्यान उसकी हरकतों से फाइल से हट जा रहा था. फिर जब वो अपना चेहरा पीछे से उसके चेहरे के पास ले आया तो वो सोचने लगी , कमीना अपना चेहरा मुझसे चिपका रहा है.

अब बंसल ने अपना हाथ आँचल की पीठ में रख दिया और उसको अकाउंट्स समझाते रहा. कुछ देर बाद ब्लाउज के उपर नीचे की नंगी पीठ पर वो अपने हाथ फिराने लगा. आँचल सोचने लगी, आज इसकी हिम्मत कुछ ज़्यादा ही बढ़ गयी है.

आज क्रेडिटर्स के साथ आँचल की मीटिंग थी. आँचल के केबिन में एक एक करके क्रेडिटर्स को बुलाया गया. बंसल भी वहीं बैठा था. आँचल के लिए वो मीटिंग बहुत ही अपमानजनक साबित हुई. लोन देने वाले , पेमेंट ना होने से गुस्से में थे. सुनील की जगह उसकी जवान बीवी को देखकर वो उस पर हावी हो गये और उसे खूब खरी खोटी सुना दी. आँचल ने उन्हे शांत करने का प्रयास किया , लेकिन वो जानती थी की पैसों की समस्या बढ़ती ही जा रही है. मीटिंग में सबकी डांट खाने से आँचल का मूड ऑफ हो गया. सुनील होता तो थोड़ा संभाल लेता पर आँचल को इन सब चीज़ों का अनुभव नही था.

तभी बैंक से फोन आ गया कि तुरंत 5 लाख अकाउंट में जमा कराओ , जो सैलरी चेक क्लियर नही हुआ था उसके. सब जगह से पैसों की डिमांड से परेशान होकर आँचल की आँखों में आँसू आ गये.

बंसल बोला,” बैंक मैनेजर मिस्टर सेठी आजकल छुट्टी पर हैं, इसलिए कोई राहत की उम्मीद भी नही की जा सकती . बैंक में किसी भी हालत में आज ही पैसा जमा करना होगा.”

आँचल को रुआंसी देखकर अपना हाथ उसकी पीठ के पीछे से दूसरी बाँह तक डालकर बंसल बोला,” मैडम आप परेशान मत हो. मेरा एक पुराना बॉस है मिस्टर साजिद ख़ान जो पैसा उधार देता है. ये फैक्ट्री ज्वाइन करने से पहले मैं उसी के यहाँ काम करता था. शायद हमें उससे बात करनी चाहिए पैसों के लिए.”

आँचल को जैसे उम्मीद की किरण दिखाई दी, वो तुरंत राज़ी हो गयी.

आँचल ने सुनील को फोन किया और उसे फैक्ट्री के हालात के बारे में बताया,” तुम तो चले गये और यहाँ मुझे लोन वाले खाने को आ रहे हैं. हर तरफ से पैसों की डिमांड आ रही है. दुनिया भर के बिल भरने हैं. एक कोई बंसल का पुराना बॉस है मिस्टर ख़ान, जो पैसा उधार देता है. उससे बात करूँ क्या ?”

सुनील बोला,” अभी तक हम यहाँ डिसट्रिब्युटर्स से सिर्फ़ थोड़ा बहुत ही पैसा निकलवा पाए हैं. हो सके तो तुम मिस्टर ख़ान से 20 लाख रुपये माँग लेना , अभी के लिए काम चल जाएगा.”

आँचल अपने पति से फोन पर बात कर रही थी और बंसल उसके कंधों और पीठ पर हाथ फिरा रहा था. अब उसकी हिम्मत बढ़ते जा रही थी.

आँचल अनकंफर्टबल फील कर रही थी , मोटा मुझसे मज़े ले रहा है. लेकिन वो पैसों की समस्या से परेशान थी इसलिए बंसल की हरकतों को इग्नोर करके फोन पे बात करते रही.

बंसल के लिए अपने पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था. मादक आँचल की गोरी चिकनी पीठ पर हाथ फिराते हुए उसका मन कर रहा था यहीं केबिन में इसे चोद डालूं.

सुनील से बात करने के बाद आँचल ने बंसल से मिस्टर ख़ान से कांटेक्ट करने को कहा. बंसल ने आँचल की पीठ से मजबूरी में हाथ हटाया और अपने केबिन में जाकर ख़ान का नंबर ढूंढने लगा.

आधे घंटे बाद बंसल बुझे मन से आँचल के केबिन में आया और बोला,” मिस्टर ख़ान के पास आज हमारे साथ मुलाकात के लिए वक़्त नही है, कल दोपहर को ही वो हमसे मिल सकता है.”

फिर बोला,” अब मिस्टर ख़ान बहुत बड़ा फिनांसर बन गया है. आजकल फिल्म फाइनान्स करने में उसका ज़्यादा इंटेरेस्ट है. वैसे फैक्ट्री के लिए भी लोन देता है. आप उससे खुद बात करो तो ज़्यादा ठीक रहेगा क्यूंकी अभी तो यहाँ की बॉस आप ही हो.”

आँचल बोली,” ठीक है. आप मिस्टर ख़ान का नंबर मुझे दे दो. मैं सीधे उनसे ही बात कर लेती हूँ.”

आँचल ने ख़ान को फोन करके रिक्वेस्ट करी की 5 लाख आज ही दे दीजिए , पेपरवर्क कल कर लेंगे. और ये भी बताया की 20 लाख और भी चाहिए.

ख़ान बड़ा फिनांसर था सबको मुँह नही लगाता था. लेकिन आँचल की मादक आवाज़ सुनकर और उसके मिन्नतें करने से वो मान गया .

आँचल ने बंसल से कहा कि ख़ान से 5 लाख लेकर बैंक में तुरंत जमा करा दो.

लेकिन ख़ान ने कहा कि 20 लाख देने के लिए तो वो उनकी फैक्ट्री के फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स देखेगा और ब्याज़ और पैसा लौटाने की शर्तों के बारे में बात करने के लिए उससे अपने ऑफिस में मुलाकात करेगा. तभी डिसाइड करेगा कि रूपिया देना है की नही.

आँचल ने कहा,” मैं फैक्ट्री के फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स आज शाम को ही भिजवा दूँगी और पर्सनल मीटिंग के लिए जब भी आपको टाइम होगा मैं आ जाऊँगी.”

खान बोला ,” मेरे ऑफिस से कॉल आ जाएगी मीटिंग के लिए .”

तब तक दोपहर के 1 बज गये थे. आँचल फैक्ट्री से घर चली गयी. वो थोड़ा सॅटिस्फाइड फील कर रही थी की चलो सैलरी का पैसा तो बैंक में आ जाएगा. अब मुझे कैसे भी ख़ान को कन्विंस करके 20 लाख निकलवाने हैं. वो सोचने लगी ख़ान कैसा आदमी होगा ? वो फिल्म फाइनान्स करता है तो फिल्म स्टार्स से उसके कांटेक्ट होंगे. फिल्म इंडस्ट्री का ग्लैमर आँचल को आकर्षित करता था और वो सोचने लगी , थैंक गॉड मुझे फिल्म इंडस्ट्री के बड़े फिनांसर से मिलने का मौका मिल रहा है.

अपने मम्मी पापा के साथ लंच करने के बाद आँचल ने सुनील को फोन किया और ख़ान के साथ जो कुछ बातें हुई उसके बारे में बताया. सुनील ने राहत की सांस ली और बोला की जब तुम ख़ान से पैसों का इंतज़ाम कर लोगी तो मैं वापस आ जाऊंगा क्यूंकी डिसट्रिब्युटर्स तो पैसा दे नही रहे हैं. फिर आँचल को समझाने लगा की ख़ान की लोन देने की शर्तों को मान लेना क्यूंकी हमारे पास अभी कोई और चारा नही है.

उसके बाद आँचल ने बंसल को फोन किया की ख़ान के पास आज शाम को फैक्ट्री के फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स ले जाओ.

आँचल अपने बेडरूम मे आराम करने लगी. उसके मम्मी पापा रोज़ की तरह कार्ड्स खेलने क्लब चले गये. अब वो रामू के साथ घर में अकेली थी लेकिन आज उसका चुदाई का मन नही था. पैसों की समस्या से वो परेशान थी और उसको बिल्कुल भी उत्तेजना नही आ रही थी. इसीलिए जब उसको ऑफिस में बंसल पीठ पर हाथ फेरकर परेशान कर रहा था तो उसको बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था.

अब आँचल के दिमाग़ में एक ही बात थी की कैसे भी ख़ान से 20 लाख लोन मिल जाए तो सुनील घर वापस आ जाए और फिलहाल के लिए तो उनकी पैसों की समस्या हल हो जाए. सुनील उसे बिस्तर पर शीघ्र पतन की बीमारी की वजह से खुश नही रख पाता था लेकिन था तो वो अच्छा इंसान और आँचल का पूरा ख़याल रखता था. आँचल भी उसे पसंद करती थी और उसके बिना अकेलापन महसूस करने लगी थी.

आँचल सोचने लगी इस बार तो मैं सुनील से बात करूँगी और उसे पक्का किसी डॉक्टर को दिखाऊंगी ताकि उसकी बीमारी का इलाज़ हो सके. आँचल एक स्वस्थ और जवान औरत थी और उसका पति उसकी शारीरिक ज़रूरतों को पूरा नही कर पा रहा था. अगर आँचल को नॉर्मल सेक्सुअल लाइफ चाहिए तो उसके पति का ठीक होना ज़रूरी था. वो अपनी शारीरिक ज़रूरतों को कब तक दूसरे मर्दों से पूरा करते रहेगी.

अगले दिन आँचल फैक्ट्री पहुँची. उसने अपने केबिन में बंसल को बुलाया और उससे पूछा , “ख़ान से लोन मिलने के क्या चान्सेस हैं ? कैसा आदमी है वो ? इतना लोन देगा की नही ?”

बंसल ने देखा की आँचल लोन के लिए बहुत उतावली है. वो बोला,” मैडम , मिस्टर ख़ान बहुत बड़ा आदमी है . मुझे नही मालूम की वो आपको लोन देगा की नही. आजकल वो फिल्म इंडस्ट्री में बिज़ी है. हमें उसकी कॉल का इंतज़ार नही करना चाहिए क्यूंकी पता नही इसमे कितने दिन लग जाए . इससे बढ़िया ये है की हम सीधे उसके ऑफिस चलते हैं , क्या पता वहाँ उससे मुलाकात हो जाए. चान्स लेने में हर्ज़ ही क्या है ?”

आँचल को बंसल की बात ठीक लगी , ख़ान बिज़ी आदमी है , हम कब तक उसकी कॉल का वेट करेंगे सीधे ही मिलने की कोशिश करते हैं.
फिर वो दोनो ख़ान के ऑफिस चले गये.

Aanchal agli subah 8 baje factory pahunch gayi. Bansal wahan pahle se hi maujud tha. Wo Aanchal ke cabin mein wish karne aaya. Phir usko kal bank se paisa nikalne mein aayi pareshani ke bare mein batane laga. Baat karte hue Aanchal ke badan ko lalchai nazron se ghoor bhi raha tha. Use maloom tha kal ye sexy aurat apne naukar se chudai ke maze le rahi thi. Wo ab khud bhi madam ko chodna chahta tha.

Aanchal ne halke nile colour ki chiffon saree aur ek patla sleeveless blouse pahan rakha tha , jiske andar uski black bra dikh rahi thi. uske bade boobs us chote blouse se bahar jhank rahe the , usse Bansal ko Aanchal ki kafi cleavage dikh ja rahi thi. Aanchal ko malum tha Bansal ki nazren kahan kahan hain, use uncomfortable feel hua lekin wo chup rahi. Kal phone par Bansal ne sab sun liya tha , is baat se wo waise bhi upset thi.

Phir Bansal bola,” factory ke kuch bill jaise electricity wagerah bhi dene hain aur kuch loan dene wale bhi pareshan kar rahe hain. Sunil sahab paisa lekar kab tak aayenge.”

Aanchal ne bataya,” unko to abhi kam se kam 2 hafte aur lagenge wapas aane mein.”

Bansal bola,” tab tak bina paise ke kaise kaam chalega?”

Phir Bansal ne accounts ledger Aanchal ki table mein rakh diya aur khud Aanchal ki chair ke piche aakar jo jo bhi payments turant karne hain, unke bare mein batane laga. Bahane se Aanchal ki banhon ko chune laga aur ungli ko file mein lagakar batane ke bahane apne gaal uske gaal ke pass le aaya. Aanchal ka dhyan uski harkaton se file se hat ja raha tha. Phir jab wo apna chehra piche se uske chehre ke pass le aaya to wo sochne lagi , kamina apna chehra mujhse chipka raha hai.

Ab Bansal ne apna hath Aanchal ki peeth mein rakh diya aur usko accounts samjhate raha. Kuch der baad Blouse ke upar niche ki nangi peeth par wo apne hath firane laga. Aanchal sochne lagi, aaj iski himmat kuch jyada hi bad gayi hai.

Aaj creditors ke sath Aanchal ki meeting thi. Aanchal ke cabin mein ek ek karke creditors ko bulaya gaya. Bansal bhi wahin baitha tha. Aanchal ke liye wo meeting bahut hi apmaanjanak sabit hui. Loan dene wale payment na hone se gusse mein the. Sunil ki jagah uski jawan biwi ko dekhkar wo us par havi ho gaye aur use khoob khari khoti suna di. Aanchal ne unhe shant karne ka prayas kiya , lekin wo janti thi ki paison ki samasya badti hi ja rahi hai. Meeting mein sabki daant khane se Aanchal ka mood off ho gaya. Sunil hota to thoda sambhal leta par Aanchal ko in sab cheezon ka anubhav nahi tha.

Tabhi bank se phone aa gaya ki turant 5 lakh account mein jama karao , jo salary cheque clear nahi hua tha uske. Sab jagah se paison ki demand se pareshan hokar Aanchal ki aankhon mein aansu aa gaye.

Bansal bola,” bank manager Mr Sethi aajkal chutti par hain, isliye koi rahat ki ummed bhi nahi ki ja sakti . bank mein kisi bhi halat mein aaj hi paisa jama karana hoga.”

Aanchal ko ruansi dekhkar apna hath uski peeth ke piche se dusri banh tak dalkar Bansal bola,” Madam aap pareshan mat ho. Mera ek purana boss hai Mr Sajid Khan jo paisa udhar deta hai. Ye factory join karne se pehle mai usi ke yahan kaam karta tha. Sayad hamein usse baat karni chahiye paison ke liye.”

Aanchal ko jaise ummed ki kiran dikhayi di, wo turant razi ho gayi.

Aanchal ne Sunil ko phone kiya aur use factory ke halat ke bare mein bataya,” tum to chale gaye aur yahan mujhe loan wale khane ko aa rahe hain. Har taraf se paison ki demand aa rahi hai. Duniya bhar ke bill bharne hain. Ek koi Bansal ka purana boss hai Mr Khan, jo paisa udhar deta hai. Usse baat karun kya ?”

Sunil bola,” abhi tak hum yahan distributors se sirf thoda bahut hi paisa nikalwa paye hain. Ho sake to tum Mr Khan se 20 lakh rupiye mang lena , abhi ke liye kaam chal jayega.”

Aanchal apne pati se phone par baat kar rahi thi aur Bansal uske kandhon aur peeth par hath fira raha tha. Ab uski himmat badte ja rahi thi.

Aanchal uncomfortable feel kar rahi thi , mota mujhse maze le raha hai. lekin wo paison ki samasya se pareshan thi isliye Bansal ki harkaton ko ignore karke phone pe baat karte rahi.

Bansal ke liye apne par kaboo pana mushkil ho raha tha. Madak Aanchal ki gori chikni peeth par hath firate hue uska mann kar raha tha yahin cabin mein ise chod dalun.

Sunil se baat karne ke baad Aanchal ne Bansal se Mr Khan se contact karne ko kaha. Bansal ne Aanchal ki peeth se majboori mein hath hataya aur apne cabin mein jakar Khan ka number dhondhne laga.

Aadhe ghante baad Bansal bujhe mann se Aanchal ke cabin mein aaya aur bola,” Mr Khan ke pass aaj hamare sath mulakat ke liye waqt nahi hai, kal dopahar ko hi wo hamse mil sakta hai.”

Phir bola,” ab Mr Khan bahut bada financier ban gaya hai. Aajkal Film finance karne mein uska jyada interest hai. Waise factory ke liye bhi loan deta hai. Aap usse khud baat karo to jyada theek rahega kyunki abhi to yahan ki boss aap hi ho.”

Aanchal boli,” theek hai. Aap Mr Khan ka number mujhe de do. Mai sidhe unse hi baat kar leti hun.”

Aanchal ne Khan ko phone karke request kari ki 5 lakh aaj hi de dijiye , paperwork kal kar lenge. Aur ye bhi bataya ki 20 lakh aur bhi chahiye.

Khan bada financier tha sabko munh nahi lagata tha. Lekin Aanchal ki madak awaz sunkar aur uske minnate karne se wo maan gaya .

Aanchal ne Bansal se kaha ki Khan se 5 lakh lekar bank mein turant jama kara do.

Lekin Khan ne kaha ki 20 lakh dene ke liye to wo unki factory ke financial statements dekhega aur byaz aur paisa lautane ki sharton ke bare mein baat karne ke liye usse apne office mein mulakat karega. Tabhi decide karega ki rupiya dena hai ki nahi.

Aanchal ne kaha,” mai factory ke financial statements aaj sham ko hi bhijwa dungi aur personal meeting ke liye jab bhi aapko time hoga mai aa jaungi.”

Khan bola,” mere office se call aa jayegi meeting ke liye.”

Tab tak dopahar ke 1 baj gaye the. Aanchal factory se ghar chali gayi. Wo thoda satisfied feel kar rahi thi ki chalo salary ka paisa to bank mein aa jayega. ab mujhe kaise bhi Khan ko convince karke 20 lakh nikalwane hain. Wo sochne lagi Khan kaisa aadmi hoga ? wo film finance karta hai to film stars se uske contact honge. Film industry ka glamour Aanchal ko akarshit karta tha aur wo sochne lagi , thank god mujhe film industry ke bade financier se milne ka mauka mil raha hai.

Apne Mummy Papa ke sath lunch karne ke baad Aanchal ne Sunil ko phone kiya aur Khan ke sath jo kuch baatein hui uske bare mein bataya. Sunil ne rahat ki sans li aur bola ki jab tum Khan se paison ka intzam kar logi to mai wapas aa jaunga kyunki distributors to paisa de nahi rahe hain. Phir Aanchal ko samjhane laga ki Khan ki loan dene ki sharton ko maan lena kyunki hamare paas abhi koi aur chara nahi hai.

Uske baad Aanchal ne Bansal ko phone kiya ki Khan ke pass aaj sham ko factory ke financial statements le jao.

Aanchal apne bedroom me aaram karne lagi. Uske Mummy Papa roz ki tarah cards khelne club chale gaye. Ab wo Ramu ke sath ghar mein akeli thi lekin aaj uska chudai ka mann nahi tha. Paison ki samasya se wo pareshan thi aur usko bilkul bhi uttezna nahi aa rahi thi. Isiliye jab usko office mein Bansal peeth par hath ferkar pareshan kar raha tha to usko bilkul bhi accha nahi lag raha tha.

Ab Aanchal ke dimag mein ek hi baat thi ki kaise bhi Khan se 20 lakh loan mil jaye to Sunil ghar wapas aa jaye aur filhaal ke liye to unki paison ki samasya hal ho jaye. Sunil use bistar par shighra patan ki bimari ki wajah se khush nahi rakh pata tha lekin tha to wo accha insaan aur Aanchal ka pura khayal rakhta tha. Aanchal bhi use pasand karti thi aur uske bina akelapan mehsoos karne lagi thi.

Aanchal sochne lagi is baar to mai Sunil se baat karungi aur use pakka kisi doctor ko dikhaungi taki uski bimari ka ilaz ho sake. Aanchal ek swasth aur jawan aurat thi aur uska pati uski sharirik jaruraton ko pura nahi kar pa raha tha. Agar Aanchal ko normal sexual life chahiye to uske pati ka theek hona jaruri tha. Wo apni sharirik jaruraton ko kab tak dusre mardon se pura karte rahegi.

Agle din Aanchal factory pahunchi. Usne apne cabin mein Bansal ko bulaya aur usse pucha , “Khan se loan milne ke kya chances hain ? kaisa aadmi hai wo ? itna loan dega ki nahi ?”

Bansal ne dekha ki Aanchal loan ke liye bahut utawali hai. Wo bola,” Madam , Mr Khan bahut bada aadmi hai . mujhe nahi maloom ki wo aapko loan dega ki nahi. Aajkal wo film industry mein busy hai. Hamein uski call ka intzaar nahi karna chahiye kyunki pata nahi isme kitne din lag jaye . isse badiya ye hai ki hum sidhe uske office chalte hain , kya pata wahan usse mulakat ho jaye. Chance lene mein harz hi kya hai ?”

Aanchal ko Bansal ki baat theek lagi , Khan busy aadmi hai hum kab tak uski call ka wait karenge sidhe hi milne ki koshish karte hain.

Phir wo dono Khan ke office chale gaye.

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Re: आँचल की अय्याशियां

Post by Ankit » 17 Nov 2017 19:50

superb update bhai

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