चूस्स मेरे राजा चूस ले

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Sexi Rebel
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चूस्स मेरे राजा चूस ले

Post by Sexi Rebel » 04 Nov 2017 17:21


चूस्स मेरे राजा चूस ले

बात तब की है, जब पूजा अपनी बड़ी बहन की बेटी की शादी के लिए शापिंग करने निकली थी। पूजा, एक हाउसवाइफ, उम्र 45 साल, पति जो की एक बैंकर है, काफी पैसे कमाता है पूजा के लिए जिसे वो खुशी से खर्च करती है शापिंग में।

उसका बेटा करण, 21 साल, एक नंबर का मादरचोद। बस बहाने ढूँढ़ता रहता है अपनी माँ को नंगा करने का और उसे चोदने का ख्वाब देखता रहता है। लेकिन ये सिर्फ मादरचोद ही नहीं बहनचोद भी है, अपनी 18 साल की कमसिन बहन राधा को तो चोद भी चुका है। लेकिन वो कहानी बाद में।

पूजा एक हाउसवाइफ है और पति के पैसे सिर्फ शापिंग में ही नहीं, फिटनेस में भी खर्च करती है। एक जिम जहां सब इंपोर्टेड मशीनें है वहां वर्काउट करती है। इसीलिये 45 साल की उम्र में भी वो एक कामदेवी से कम नहीं। उसकी 34डी के स्तन उसकी छाती की शोभा ही नहीं बल्की अच्छे अच्छो के लण्ड का साइज भी बढ़ा देते हैं।

पुजा की 28” की पतली कमर, और गहरी नाभि उसके जिश्म का चौथा छेद है जहां आप उंगली कर सकते हैं। और गाण्ड… गाण्ड के क्या कहने, 40” की साइज की मोटी और गोल गाण्ड जिस कुर्सी पर रखती होगी, कुर्सी भी खुश हो जाए। और पूजा अपनी कामुकतका प्रदर्शन करने में कभी पीछे भी नहीं रहती। तो अब पूजा की बड़ी बहन की बेटी की शादी का वक़्त था इसीलिए पूजा को शादी के लिए शापिंग करनी थी।

इसीलिए डिनर के वक़्त पूजा- “राम (पूजा का पति) सिमी की शादी तय हो गई है और शादी अगले हफ्ते ही है हमें शापिंग कर लेनी चाहिए।

राम- तुम ठीक कह रही हो, एक काम करो मेरा क्रेडिट कार्ड ले लो और कल करण के साथ जाकर शापिंग कर लो।

पूजा- ठीक है। करण चलोगे ना?

करण- क्यों नहीं माँ, बिल्कुल।

अगले दिन, दोपहर 12:00 बजे-

पूजा- करण चलो, हमें देर हो जाएगी। मैं कपड़े बदलने जा रही हूँ, तुम भी कपड़े बदल लो।

कपड़े बदलने का नाम सुनते ही करण अपने पलंग से उठकर चुपके से अपनी माँ के कमरे में जने लगा। पूजा ब्लाउज़ और पेटिकोट में थी। धीरे-धीरे उसने अपना ब्लाउज़ और ब्रा उतार दी। उसके गोरे-गोरे मोटे-मोटे नारियल देखते ही करण का लण्ड खड़ा हो गया।

तभी पूजा ने अपनी पेटीकोट और पैंटी भी उतार दी, और नंगी होकर कबार्ड की तरफ बढ़ी। ये सब करण के लिए सहन करना मुश्किल था, और वो मूठ मारने लगा और अपना क्रीम गिरा दिया। फिर अपने कमरे में कपड़े बदलने चला गया। करण कपड़े बदलकर लिविंग रूम में बैठा था।

करण- माँ, मैं तैयार हूँ, आप चलो जल्दी।

पूजा- हाँ बेटा, आ रही हूँ। दरवाजे पे तुमने जो सफेद पानी गिराया है उसे साफ तो कर दूं।

ये सुनते ही करण के पशीने छूट गये।

पूजा लिविंग रूम आ गई। क्या कयामत लग रही थी वो। गोरे बदन पे काली साड़ी और काला ब्लाउज़, और साड़ी भी झलकाऊ। ब्लाउज़ इतना लो-कट की उसकी क्लीवेज किसी अंधे को भी दिख जाए। वही हाल पीठ का भी। साड़ी पूजा ने इतनी नीचे पहनी थी की अगर एक इंच भी वो नीचे हो जाए तो उसकी चूत के बाल बाहर आ जाएं।

ऐसा नजारा देखकर करण का लण्ड फिर से खड़ा हो गया। आँखें फटी की फटी और मुँह खुला रह गया।

पूजा- कैसी लग रही हू?

करण- अच्छी।

पूजा- अच्छी या बहुत अच्छी?

करण- बहुत अच्छी माँ।

पूजा- बहुत अच्छी या माल?

करण- ये क्या कह रही हो माँ? मैं तुम्हारा बेटा हूँ।

पूजा- अच्छा? इस बेटे को अपनी नंगी माँ को देखकर मूठ मारने में तो शर्म नहीं आई क्यों?

करण- सारी माँ… आई ेअम रियली सारी।

पूजा- “अरे सारी क्यो? तू मेरा बेटा है, तू मुझे नंगा नहीं देखेगा तो कौन देखेगा, हुम्म्म?” और ये कहकर पूजा ने अपने बेटे के होंठों पर अपने लाल-लाल होंठ रख दिये और वो एक दूसरे को चूमने लगे। करण का हाथ अपनी माँ के एक स्तन को दबाने लगा तभी पूजा ने उससे रोक दिया।

करण- प्लीज… माँ, प्लीज… करने दो ना।
पूजा- “आज नहीं, आज शापिंग के लिए जाना है। माँ का दूध पीने के लिए सारी रात है, वैसे भी तुम्हारे डैडी आज घर नहीं आने वाले और तुम्हारी बहन तो होस्टेल में ही पढ़ाई के लिये रुकने वाली है, रात भर मजे कर लेना। ठीक है?”

करण खुश हो गया और उसे फिर से चूमने लगा और फिर वो शापिंग के लिए निकल पड़े। एक घंटे बाद माल में, दोपहर 1:30 बजे।

पूजा- आज तो माल में बिल्कुल ही भीड़ नहीं, क्या बात है?

करण- शायद आफ-सीजन की वजह से।

पूजा- चलो पहले तुम्हारे कपड़े खरीदें।

माँ बेटे एक मेनस-वेयर शोप्पी में करण के लिए कपड़े देखने लगे और वहां के शापकीपर्स पूजा के जिश्म को अपनी आँखों से ही चोदने लगे। पूजा ये सब नोटिस कर रही थी और उसने भी मजे लेने का इरादा बना लिया।

पूजा- भैया जरा पैंट तो निकालना।

शापकीपर- क्या?

पूजा- वो जो ब्लू पैंट है ना लटकी हुई, जरा निकालना वो।

स्क- ओह्ह… आइ अम सारी, अभी निकालता हूँ।

पूजा- “अरे आप तो नर्वस हो गये, मैंने आपको आपकी पैंट निकालने के लिए तो नहीं कहा?”

कुछ ऐसी ही मस्ती मजाक करके वो अगली शाप में चले गये। करीब 40 मिनट में करण ने अपने कपड़े खरीद लिए। अब पूजा शापिंग के लिए साड़ियों की दुकान में जाने लगी।

पूजा- बेटा, तुम वहां बोर हो जाओगे, क्यों ना तुम एक फिल्म देख आओ, या कुछ खाने चले जाओ?

करण- ठीक है माँ। आपकी शोपिग होने के बाद मुझे काल कर देना। ओके?

पूजा- “ओके…” कहकर पूजा एक साड़ी की दुकान में चली गई। वहां पे 5 शापकीपर्स और 7-8 फीमेल ग्राहक थे। पूजा को अटेंड करने एक शापकीपर आगे आया।

षोप्खीपेर- हेलो मेम, मेरा नाम संजय है, आपकी क्या मदद कर सकता हू?

पूजा- जी मुझे शादी के लिए कुछ साड़ियां खरीदनी है, क्या आप मुझे दिखाएंगे?

संजय- “क्यों नहीं, आइए मेम…” और संजय ने पूजा को 10 से 15 साड़ियां दिखाई।

उसमें से पूजा ने 3 आलग करके रखी, और कहा- क्या मैं इन्हें ट्राई कर सकती हू?

संजय- ऐसा मेम, देयर िज दि ट्रायल रूम।

पूजा ट्रायल रूम चली गई।

संजय अपने दूसरे शोपकीपर दोस्त की तरफ बढ़ा और बोला- अबे क्या माल है यार?

राजू- हाँ यार, क्या लग रही है उस साड़ी में?

संजय- अबे उसने साड़ी इतने नीचे पहनी है कि उसकी चूत के बाल दिखाई पड़ रहे हैं।

राजू- चूत के बाल? अबे पीछे से उसकी गाण्ड की दरार नजर आ रही है। मैंने तो मोबाइल में फोटो भी ले लिया है।

संजय- मादरचोद।

राजू- क्या बोलता है? चोद देते हैं इसे।

संजय- मान जाएगी?

राजू- क्यों नहीं मानेगी, ऐसे कपड़े सिर्फ रंडिया ही पहनती हैं।

संजय- ठीक है। चल आज इसका गमे कर देते हैं।

पूजा ने अपने लिए 3 साड़ियां पसंद कर ली, और बिल बनाने संजय के साथ निकल पड़ी।

संजय- मेम हमारी शाप में एक नया ब्रा-पैंटी का सेक्षन भी खुला है, आप इन साड़ियों के लिए मैचिंग ब्रा और पैंटीस खरीदना पसंद करेंगी?

पूजा को थोड़ा शक हुआ लेकिन आज तो वो भी मूड में थी, कहा- ठीक है चलिए।

संजय पूजा को एक कमरे में ले गया जहां पे बहुत सारे ब्रा पैंटी के सेक्सन्स थे।

पूजा- ग्रीन साड़ी के लिए मैचिंग ब्रा दिखाईए।

संजय- ये लीजिए मेम।

पूजा- ट्राई कहा करूं?

राजू- सारी मेम, यहां पे ट्रायल रूम नहीं है।

पूजा- ओह्ह… तो फिर मुझे पता कैसे चलेगा कि ये सही साइज है या नहीं?

संजय- कोई बात नहीं मेम, आप यही ट्राई कर लीजिए।

पूजा- तुम दोनों के सामने?

राजू- अरे मेम परेशान ना होइए, ये तो हमारा रोज का काम है।

पूजा- ठीक है।

ये कहकर पूजा ने अपनी साड़ी का पल्लू गिराया। उसके लो-कट ब्लाउज़ से उसने आधे स्तन को संजय और राजू की नजरों में चमका दिया। उनके मुँह में पानी आ गया। पूजा ने संजय की आँखों में आँख डालकर अपनी ब्लाउज़ का एक हुक खोला। फिर राजू की आँख में आँख डालकर दूसरा हुक खोला। फिर संजय फिर राजू और फिर एक मादक अंगड़ाई देकर उसने अपना ब्लाउज़ उतारकर संजय को पकड़ने के लिए दिया।

फिर वो ब्रा उतारने के लिए पीछे का हुक खोलने लगी। संजय और राजू के टाइट लण्ड उनके पैंट में तंबू बना चुके थे और पूजा वो देखकर मन ही मन मुश्कुरा रही थी। पूजा हुक खोल दो। ब्रा की दायां लेस नीचे धकेल दी, फिर लेफ्ट लेस, और अपनी ब्रा की दोनों कप हाथ में पकड़कर नीचे कर दी।

संजय और राजू तिलमिला रहे थे।

लेकिन पूजा कहां रुकने वाली थी। वो आगे बढ़ी और संजय से कहा,- मेरी साड़ी उतारने में मदद करोगे?

संजय- क्यों नहीं?

पूजा- ये लो मेरा पल्लू और खिचो।

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Re: चूस्स मेरे राजा चूस ले

Post by Sexi Rebel » 04 Nov 2017 17:21



संजय पूजा की साड़ी खींच रहा था और पूजा गोल-गोल घूमते हुए साड़ी उतार रही थी। पूजा का चीरहरण उसकी मर्ज़ी से हो रहा था और आज इस द्रौपदी को नंगा होने से कोई रोकने वाला नहीं था। पूजा की साड़ी उतरते ही उसने अपने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, तो उसका पेटीकोट एक झटके में नीचे उतर गया। उसकी गोरी-गोरी मांसल जांघें दोनों मर्दों के लण्ड को उत्तेजित करने लगी। पूजा पीछे पलटकर पैंटी उतारने लगी। पूजा ने पैंटी उतारते वक़्त अपनी गाण्ड का नजारा दोनों को दिखाया।

और फिर संजय और राजू की तरफ बढ़ी और बोली- तो अब, ब्रा पैंटी ट्राई करे या?
उसके आगे बोलने से पहले ही संजय ने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया। राजू पीछे से उसकी गाण्ड को चाटने लगा और चूत में उंगली करने लगा। पूजा पहले से ही गीली हो चुकी थी। संजय उसकी चूचियां को जोर-जोर से दबाने लगा और फिर उन्हें चूसने लगा।

पूजा- “आह्ह… चूस्स मेरे राजा चूस ले…”

राजू- साली रांड़, आज तो तुझे मसल के रख देंगे।

संजय और राजू ने अपना टाइट लण्ड बाहर निकाला, और पूजा अपने घुटनों पर बैठे हुए उनको एक-एक करके चूसने लगी। करीब 5 मिनट तक चूसने के बाद दोनों के लण्ड झड़ गये और पूजा उन दोनों का पानी पी गई। संजय ने पूजा को टेबल पर लिटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा। पूजा कामुकता से चहकने लगी। संजय की जीभ जब भी उसकी चूत के दाने से टकराती पूजा के मुँह से तड़पती हुई आवाज आने लगती।

राजू ने उन आवाजों को अपने लण्ड से बंद कर दिया। पूजा राजू का सोया हुआ लण्ड जगाने के लिए उसे जोर-जोर से चूसने लगी। नीचे संजय उसकी चूत को चाट-चाट कर नरम करने लगा। करीब 10 मिनट तक राजू का लण्ड चूसने के बाद, राजू का लण्ड खड़ा हो गया।

पूजा- चलो, अब अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दो। प्लीज अब सबर नहीं होता। चोद दे मुझे हरामी, चोद मुझे।

राजू- “हरामी किसे बोल रही है रंडी? रुक साली छिनाल तेरी चूत का भोसड़ा ही बना देता हूँ…” कहकर राजू ने पूजा की एक टांग अपने कंधे पर रखी, और अपना लण्ड एक ही झटके में पूरा का पूरा उसकी चूत में घुसेड़ दिया।

पूजा के मुँह से एक जोरदार चीख निकली- “हे भगवान्न… मादरचोद, निकाल भड़वे अपना लण्ड मेरी चूत से… लौड़े के बाल दर्द हो रहा है, निकाल अपना काला लण्ड कुत्ते।

संजय- “चुप कर साली कुतिया छिनाल कहीं की… ये ले…” संजय ने अपना लण्ड पूजा के मुँह में डालकर उसकी आवाज बंद कर दी।

थोड़ी देर बाद पूजा का डर कम हुआ और अब वो चुदाई का मजा लेने लगी- “आह्ह… आह्ह… आह्ह… आह्ह… हअँ हअँ हअँ फक में, फक में, फक में, ऊओह्ह… ऊओह्ह… और जोर से और जोर से फास्टर फास्टर ऊओ… आश… उउंम्म्म…”

राजू ने अपनी स्पीड बधाई और उससे जोर-जोर से चोदने लग।

पूजा- “और जोर से भड़वे और जोर से आह्ह… आइ अम कमिंग… मैं झड़ने वाली हूँ आअह्ह…” और पूजा की चूत से पानी निकलने लगा। ऐसा लग रहा था कि मूत रही है। पूजा झड़ने की वजह से मछली की तरह तड़पने लगी।

संजय- “ला अब मैं चोदता हूँ इसे…” संजय अब राजू की जगह आ गया और उसकी चूत में अपना मोटा लण्ड घुसेड़ दिया।

पूजा सिसकियां भरने लगी- “कम ओन संजय, फक में, फक में, फक में लीके होर… मुझे रंडी बना दो और जोर से संजय और जोर से…”

संजय- उम्म्म… उफ्फ़…, ये ले रंडी ये ले।

पूजा- साले भड़वे जोर से चोद ना मादरचोद… कभी अपनी माँ को चोदा नहीं क्या और जोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत।

संजय ने अपनी स्पीड एकदम तेज कर दी और पूजा एक बार फिर झड़ गई।

पूजा- संजय तुम जमीन पर सो जाओ।

संजय- क्यों?

पूजा- रंडी की औलाद जितना बोला है उतना कर।

संजय नीचे फिर्श पर सो गया। उसका टाइट लण्ड चाट की तरफ खड़ा था। तभी पूजा संजय के लण्ड पर बैठ गई और ऊपर-नीचे करने लगी। संजय को बड़ा मजा आने लगा, पूजा नीचे झुक कर उसे किस करने लगी। संजय अपनी गाण्ड उठाकर उसकी चूत पेलने लगा तभी पूजा को कुछ महसूस हुआ। उसे एहसास हो गया कि राजू उसकी गाण्ड मारना चाहता है।

लेकिन पुजा के कुछ कहने से पहले ही राजू ने एक जोरदार झटका लगाया और अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी गाण्ड में डाल दिया।

पूजा फिर से चिल्लाने लगी- “मादरचोद, लौड़े जा अपनी माँ की गाण्ड मार, मेरी क्यों मार रहा है? हीईए भगवान्न्, साले भड़वे…”

पूजा की आँखों से आँसू आने लगे लेकिन राजू ने उसपर कोई रहम नहीं किया और गाण्ड मारने लगा, पूजा एक ही पोजीशन में चूत भी चुदवा रही थी और गाण्ड भी मरवा रही थी। कालेज के दिनों के बाद ये पहला वक़्त था जब पूजा दो लौड़ों से एक ही वक़्त चुद रही थी, लेकिन इस बार संजय चूत में उसकी चुदाई कर रहा था और राजू उसकी गाण्ड मारकर उसका बलात्कार कर रहा था।

पूजा दर्द से तड़प रही थी। रोते-रोते चुदाई का मजा वो आज पहली बार ले रही थी। थोड़ी देर बाद राजू संजय की जगह चला गया और पूजा को अपने काले लण्ड पे बिठा दिया और संजय उसकी गाण्ड मारने लगा। करीब 25 मिनट तक वो दोनों चूत और गाण्ड बदलकर करके पूजा को चोद रहे थे।

25 मिनट तक गाण्ड मरवाकर पूजा की गाण्ड ढीली हो चुकी थी और वो भी मजे लेने लगी और उनका साथ देने लगी- “और जोर से और जोर से मुझे ऐसे चोदो जैसे अपनी माँ को चोदते हो आआह्ह, ऊओह्ह… ऊह्ह आअह्ह…"

10 मिनट बाद राजू पूजा की चूत में झड़ गया और संजय पूजा की गाण्ड में। तीनों 10 मिनट तक नंगे एक दूसरे के ऊपर ही लेते रहे।

संजय- वाहह… मजा आ गया।

राजू- क्या औरत है तू… साली तुझे तो रंडी होना चाहिए।

पूजा- हाहाहा… चलो अब कपड़े पहन लो और चलो।

अब तीनों कपड़े पहेनने लगे।

पूजा- संजय, तुम्हारी शाप में क्या सभी औरतों को ऐसे ही सर्विस मिलती है?

संजय- सबको नहीं, सिर्फ खास कस्टमर्स को।

पूजा- “और तुम?” राजू की तरफ उंगली करते हुए- नाम क्या है तेरा?

राजू- “रऽराऽराजू…”

पूजा- “राजू। ह्म अपनी माँ को क्या ऐसे ही चोदता है क्या? कभी किसी को चोदा भी या नहीं? जाकर किसी भैंस को चोदा कर हरामी भड़वे…”

राजू- सारी मेम, तुम हो ही ऐसी माल कि कंट्रोल नहीं हुआ अगली बार ऐसा नहीं होगा।

पूजा- अगली बार?

संजय- अगली बार साड़ी खरीदने आएंगी ना आप, हमें खिदमत का दूसरा मौका मिलेगा।

पूजा- मादरचोदो मन नहीं भरा? और इन मचिंग ब्रा पैंटीस का बिल?

राजू और संजय- फ्री।

पूजा- ह्म्म… थैंक योउ, चलो चलते हैं।

करीब दो घंटे की चुदाई के बाद पूजा अपनी साड़ियां लेकर शाप के बाहर आ गई और करण को काल करके पार्किंग में बुलाया।
करीब दो घंटे की चुदाई के बाद पूजा अपनी साड़ियां लेकर शाप के बाहर आ गई और करण को काल करके पार्किंग में बुलाया।

करण- माँ, तुम्हारे बालों को क्या हुआ?

पूजा- क्या हुआ?

करण- सब बिखरे हुए हैं, ऐसा लग रहा है कि तुम्हारा किसी ने बलात्कार कर दिया।

पूजा- बालात्कार नहीं हुआ।

करण- तो फिर?

पूजा- बस थोड़ा मजा।

करण- किससे चुदकर आई हो?

पूजा- बस दो शापकीपर्स थे।

ये सुनते ही करण अपनी माँ पर पार्किंग लाट में ही टूट पड़ा। करण ने एक मिनट के अंदर पूजा की साड़ी पेटीकोट और ब्लाउज़ उतार दिया, और ोूछा- “माँ, तुम्हारी ब्रा पैंटी कहां है?

पूजा- वहीं छोड़ दी है।

और तभी करण ने अपनी माँ के चूत में अपना लण्ड डाल दिया और उससे खड़े-खड़े ही चोदने लगा।

पूजा- “करण बेटा, घर चलके चोदो ना प्लीज, प्लीज…”

करण- नहीं माँ अब सहन नहीं होता, प्लीज… चोदने दो।

पूजा- “आअह्ह… अह्ह… चोद बेटा चोद… तू तो सच में बड़ा हो गया रे चोद दे अपनी माँ को…”

करण- “आह्ह माँ तुम बहुत गरम हो। माँ तुम्हारी चूत भी गरम है, मैं ज्यादा देर तक कंट्रोक नहीं कर पाऊँगा।

पूजा- “तू बस चोदता रह बेटा लंबी चुदाई तो घर जाकर करेंगे आह्ह… ऐसे ही… ऐसे ही बेटा ऐसे ही चोद… वाह… मेरा बेटा अब बड़ा हो गया है चोद बेटा चोद आअह्ह…”

करण- माँ मैं झड़ने वाला हूँ… माँ, मैं झड़ने वाला हूँ।

पूजा- “अंदर ही झड़ बेटा, डाल दे अपना पानी मेरी चूत में आअह्ह…”

करण- “आह्ह… माँ आआह्ह…”

पूजा- वाउ… मेरे बेटे के लण्ड में तो बहुत दम है और पानी भी बहुत है। बेटा, दैट वाज रियली गुड…”

करण के लण्ड का पानी अपनी माँ के चूत से निकलकर उसकी जांघों पर बहने लगा। पूजा ने उसे अपने हाथ में लिया और उस हाथ पर लगे पानी को चाटने लगी- “उउंम्म… तेरा पानी तो टेस्टी भी है। चल घर चल आज इस कुंवें का सारा पानी पी जाऊँगी…”

और दोनों घर चले गये, करण ने उस रात अपनी माँ को घर के हर कमरे में, हर कोने में, हर पोजीशन में चोदा। लिविग रूम, बेडरूम, किचेन, बाल्कनी, खाना बनाते वक़्त, खाना खाते वक़्त, चलते हुए, बैठते हुए, यहां तक की मूतते वक़्त भी करण अपनी माँ को चोदता रहा। और इस तरह, वो रात करण की सबसे यादगार और मजेदार रात रही, और पूजा कालेज के दिनों के बाद पहली बार इतना चुदी थी।
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***** THE END समाप्त *****

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zainu98
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Re: चूस्स मेरे राजा चूस ले

Post by zainu98 » 05 Nov 2017 21:00

good work

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