भैंस वाली भाभी की बेटी की चुदाई

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jay
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भैंस वाली भाभी की बेटी की चुदाई

Post by jay » 21 Mar 2015 14:11

भैंस वाली भाभी की बेटी की चुदाई


ये बात पिच्छले साल की है जब मैने अपने नये मकान मे रहना सुरू किया था.
मेरे मकान के पास मेरे गाओं का जो कि भाई लगता है की फॅमिली भी रहती है.
उनकी फॅमिली मे भाई भाभी ओर एक लड़का ओर 2 लड़किया रहती है. लड़का बी.टेक
कर रहा है 1स्ट्रीट एअर मे है ओर लड़किया 10+1 मे ओर 9थ मे पढ़ती है.
भाभी जी की एज 45 साल है ओर लड़कियो की एज 22 साल ओर 20 साल है. बड़ी
लड़की का नाम मीनाक्षी ओर छोटी का नाम प्रियंका है. भाई साहिब एक्स.
सर्विस मॅन है जो अब सेक्यूरिटी की जॉब करता तो अक्सर ड्यूटी पर रहता है
ओर ड्यूटी डे नाइट करनी पड़ती है इसलिए घर पर कम ही रहते है ओर भाभी जी
ने घर मे 2 भैंसे रखी हुई है जिनका वो दूध बेचती है. भाभी जी भी घर पर कम
ही रहती है वो सुबह सुबह चारा लेने के लिए खेत मे जाती है. लड़का
प्राइवेट कॉलेज मे जाता है तो उसकी छुट्टी साम को 5 बजे होती है. उनके घर
मे कंप्यूटर भी है जो कभी कभार मैं चला लेता था ओर लड़के को मूवी की
सीडीज़ भी ला कर देता था उसमे कुच्छ अडल्ट मूवीस भी थी. ऐसे मे बड़ी
लड़की मीनाक्षी जो गूव्ट. स्कूल मे पढ़ती है अक्सर घर मे अकेली रहती है.
तो दोस्तो ये था फॅमिली बॅकग्राउंड भाई ओर भाभी के परिवार का. मैने उनके
घर पर सुबह ओर साम को दूध लाने के लिए जाता हूँ ओर कभी कभार लस्सी भी ले
आता हूँ.
मीनाक्षी जो कि अभी सोहलवे साल मे थी की जवानी ने उसको सताना सुरू कर
दिया थाउस को अकेले देखकर मैं उनके घर पर जाता था. वो पहले दिन से मुझे
अजीब सी नज़रो से देखती थी. जब मैं दूध डालने के लिए बोलता तो चाय के लिए
भी पूछ लेती थी. सुरू सुरू मे तो मैने मना किया पर जब मुझे पता चला कि वो
चुदवाने के चक्कर मे है तो मैं भी कह दिया करता कि चाय तो पीला दे ओर
झाड़ू निकालते वक्त अपनी चुचिया मेरे को दिखा देती थी. तो वो चाय बना
लेती थी जिसको हम दोनो पिया करते. जब मैं चाय पीता तो वो टीवी ऑन कर लिया
करती थी. चाय पीते पीते टीवी भी देख लिया करता. एक दिन सुबह सुबह मैं
उनके घर पर गया तो घर पर कोई नही था सिर्फ़ मीनाक्षी अकेली थी. मैने कहा
मीनाक्षी दूध डाल दे तो बोली आपको आज ताज़ा दूध पिलाउन्गि. मैने कहा कि
अगर तू ताज़ा दूध पिलाएगी तो मैं भी मज़े से पी लूँगा. उस पर वो बोली कि
आप थोड़ी देर बैठो मैं आज अकेली हूँ थोड़ी देर मे डालती हू ओर बोली अंकल
जी आप चाइ पीओगे क्या मैं अकेली हूँ हम दोनो चाय पी लेते है.

मैने कहा ठीक है चाइ बना लो मैं मन ही मन सोच रहा था आज तो ये 100%
चुदेगि. वो चाइ बनाने लगी तो मैं भी रशोई मे पहुँच गया . उसने चुन्नी नही
ले रखी थी सूट पहना हुआ था ओर उसका बड़ा गला था जिससे उसके चुन्चे जो
बाहर को निकलने को हो रहे थे साफ दिखाई दे रहे थे मुझको. उसने नज़रो ही
नज़रो मे मुझे घूरा कि मैं उसके चुन्चे देख रहा हूँ. वो बोली अंकल घर मे
अकेली बोर हो जाती हूँ क्या करूँ मैने कहा कोई बात नही मैं हूँ ना तुझे
बोर नही होने दूँगा तो वो बोली ऐसा क्या करोगे जो आप मुझे बोर नही होने
दोगो तो मैं उसके पास जाकर खड़ा हो गया ओर उससे पूछा तू क्या चाहती है तो
वो बोली अंकल जी मैं अपने भाई के कंप्यूटर पर फिल्म देखना चाहती हूँ पर
उसमे पासवर्ड डाल रखा है मेरे भाई ने तो मैने कहा पासवर्ड मेरे को पता है
आजा मैं तेरे को मूवी दिखता हूँ. मैने कंप्यूटर को चालू किया ओर उसको
पूछा की कोन्सि मूवी देखेगी तो वो बोली आपको जो अच्छी लगे वो दिखा दो तो
मैने कहा क़ी यू
यू- टर्न मूवी अच्छी है इसमे अच्छी फाइटिंग है तो वो बोली ठीक है.
यू-टर्न मूवी देख रहे थे जिसमे काफ़ी सेक्स सीन है मूवी मे जब लड़का
लड़की को अपना चूसा रहा था ओर वो सेक्स भी कर रहे थे तो उसकी गाल शरम से
लाल थी ओर मेरा लंड ये सीन देखकर 90 डिग्री पर खड़ा हो गया. वो भी यही
चाहती थी के कब मैं उसको चोदने के लिए कहूँ ओर कब उसको चोदु. यह सब देखकर
मैने उसको अपनी बाहों मे ले लिया वो शरम से मेरे सीने पर चिपक गयी.
मैने कहा क्या हुआ तो वो बोली कुच्छ नही ये क्या कर रहे है फिल्म मे तो
मैने कहा क्या तुम कुच्छ नही जानती हो . तो बोली कि मैने मम्मी को देखा
है जब पापा के साथ सोई हुई थी तो पापा मम्मी की चूत मे उंगली कर रहे थे
ओर मम्मी पापा का लंड चूस रही थी दोनो आह आह कर रहे थे ओर थोड़ी देर बाद
पापा ने मुम्मी के मूह पर सफेद पानी छ्चोड़ दिया ओर पापा मम्मी के उपर
निढाल होकर लेट गये पर मम्मी कह रही थी कि तुम्हारी यही कमी है तुम कुच्छ
कर ही नही पाते हो ओर मेरे को उंगली करके काम चलाना पड़ता है.
तब मैने सोचा कि इसमे तो बहूत मज़ा आता होगा तब मैने बाथरूम मे जाकर
उंगली करने की सोची पर मेरे को दर्द हो रहा था इसलिए मैं उंगली कर नही
पाई. उसके बाद वो बोली अंकल चूत मे लंड डालने पर दर्द होता होगा ना तो
मैने कहा की पहली बार थोड़ा सा दर्द होता है पर मज़े बहूत आते है ऐसे बात
करते करते हम दोनो आपस मे चिपक गये थे. मैं उसके माममे जो कि मुझे बहूत
आनंद दे रहे थे को मसल रहा था ओर मैने अपना लंड उसके हाथ मे पकड़ा रखा था
को हिला रही थी. वो बोली अंकल जी आप मेरे मम्मो को दबा रहे हो तो मुझे
बहूत मज़े आ रहे हैं. तो मैने कहा मेरे जान मज़े अभी तूने लिए कहाँ पर है
मज़े तो मैं तुम्हे अभी दूँगा. ऐसा कहकर मैने उसका कमीज़ उतार दिया उसने
सिर्फ़ कमीज़ ही पहना हुआ था क्योंकि वो अभी 21 ही साल की थी ओर उसने अभी
ब्रा पहननि सुरू नही की थी. कसम से यारो मैं तो उसको देखता ही रह गया
क्या मम्मे थे उसके मैने उसके मुम्मो को अपने दोनो हाथो मे लिया ओर ज़ोर
ज़ोर से दबाना सुरू किया तो उसकी सिसकिया निकल पड़ी मैं भी मदहोश हो गया
था अब मैं उसके मम्मो को चूम रहा था उसने मेरे सर को पकड़ रखा था फिर
मैने उसकी सलवार मे हाथ डाला तो देखा की उसकी चूत गीली हो चुकी थी मैने
सोचा अब इसको चोदने का सही वक्त आ गया है मैने उसे कहा कि तू अपनी सलवार
खोल तो उसने झट से अपनी सलवार खोल दी….अरे यारो क्या द्रश्य था अभी उसके
चूत पर सिर्फ़ देखने के लिए ब्राउन बाल ही उगे हुए थे ओर उसकी चूत ऐसी
फूली हुई थी क्या बयान करू यारो मेरा दिल उसको खाने को कर रहा था…
मस्त चूत उपर की ओर फूली हुए थी ओर उसकी चूत का दाना काफ़ी बड़ा
था….बिल्कुल कुँवारी चूत…सील बंद चूत थी उसकी……मैं उसकी चूत देखकर माधोस
हो गया था..ऐसी चूत मैने जिंदगी मे पहले कभी नही देखी थी…मैने उसकी चूत
को मसलना सुरू किया तो वो भी मेरे को चूमने लगी…ओर वो आह उः आह उः कर रही
थी.मैने उसको एक बार गीला ओर कर दिया था..वो फिर अपनी चूत की तरफ इशारा
कर के कहने लगी अंकल जी यहाँ पर मेरे को खुजली हो रही है कुच्छ करो…आप.तो
मैने कहा की अब करता हूँ…ऐसा कहकर मैने उसको बेड पर लिटा दिया ओर उसके
नीचे एक गंदा सा कपड़ा जो कि वहाँ पर रखा हुआ था को उसके नीचे बिच्छा
दिया था ताकि खून के धब्बो से बेड शीट खराब ना हो…वो बिल्कुल नंगी मेरे
सामने लेटी हुई थी …मैने अपनी बनियान जो कि मेरे सरीर पर थी को उतारा अब
हम दोनो नंगे थे मैने कहा की सरसो का तेल कहाँ पर है तो वो बोली कि उसका
क्या करोगे तो मैने कहा बात तू बता दे फिर तेरे को बताउन्गा की मैं क्या
करूँगा….तो उसने हाथ से टेबल की तरफ इशारा कर के कहा की उसमे है ….मैने
तेल की सीसी निकाली ओर कुच्छ तेल अपने लॅंड पर लगाया ओर कुच्छ तेल उसकी
चूत पर लगाया….
फिर मैने अपना लंड उसकी चूत पर रख कर रगड़ना सुरा कर दिया .वो पूरी तरह
से मस्त हो चुकी थी ओर कह रही थी आप ओर मत तड़फाव कब कुच्छ करो ना.तो
मैने अपना लंड जो उसके चूत के दाने पर था को आगे की तरफ धकेल दिया ….कसम
से यारो …..उसकी चीख..ही निकल पड़ी …..ये तो मेरे को एक्सपीरियेन्स था…कि
मैने उसके मूह पर हाथ रख कर उसकी चीख को बंद कर दिया था….वरना कसम से
यारो मैं तो मारा ही जाता….वो बोली की अंकल जी इसको निकाल दो नही तो मैं
मार ही ज़ाउन्गि……… मैने कहा कि कोई बात नही अब दर्द नही होगा…लिकिन फिर
भी वो बोली की नही मुझे नही चुदवाना आप इसको निकाल लो नही तो मैं मा को
बता दूँगी…. मैने कहा की कोई बात नही है बस थोड़ी देर रुक जाओ मैं तुम्हे
दर्द नही होने दूँगा…. इस पर वो कुच्छ नही बोली मैने उसकी चूत मे अभी भी
लंड को जो कि थोडा सा ही घुसा हुआ था को घुसाए रखा. था……… 2 मिनूट के बाद
मैने उससे पुचछा की अब दर्द हो रहा है कि नही तो वो बोली कि नही अब दर्द
नही हो रहा है अब
मेरी चूत मे दोबारा खुजली सुरू हो गयी है अब तो आप इसे घुसा ही दो अब
मुझसे ओर बर्दास्त नही होता चाहे मेरे को कितना ही दर्द क्यों ना हो…इस
पर मैने कहा कि कुच्छ देर ओर रूको .मैने सोचा कि अबकी बार इसकी चूत
फाड़ने मे कोई देर नही करनी है…मैने अपना लंड बाहर निकाला ओर.दोबारा से
उसकी चूत पर रगड़ना सुरू किया….तो वो बोली अंकल जी अब तो आप मेरी चूत
फाड़ ही दो….
मैने देखा कि अब मौका है …तो मैने अपना लंड जो कि उसकी चूत मे घुसने को
बेकरार था …को उसकी चूत पर रखा ओर उसके मूह पर अपनी हथेली रखकर….. एक
ज़ोर का धक्का……………कााअ लगाया…………कसम से यारो मेरा लंड ही जाने की उसको
कितना दर्द ओर सुकून मिला………. उसकी चूत से खून की फुफ्कार निकली…… ……वो
बोली आपने तो मेरी चूत को फाड़ ही दिया इसमे से तो खून निकल रहा है अब
क्या करेंगे……….अब क्या होगा तो मैने कहा कि मेरी जान ये पहली बार जब
चुदाई करते है तो ऐसे ही चूत फटती है….अब आगे से ऐसा नहीं होगा..वो बोली
अंकल जी मेरे को दरद बहूत हो रहा है आप प्लीज़ एक बार अपने लंड को निकाल
लो..तो मैने कहा कि अब मैं नही निकालुन्गा…अब मैं तेरे को तेरे दर्द को
शांत करके तुझको असली चुदाई का मज़ा देता हूँ….मैं उसकी चूत जो की खून से
भरी हुई थी जैसे कि किसी ने माँग मे सिंदूर की सीसी उडेल दी है ऐसे उसकी
चूत लाल लग रही थी… के अंदर अपना लंड डालना सुरू किया…अभी तक मेरा लंड
60% ही उसकी चूत मे गया था…को मैं अंदर बाहर कर रहा था…फिर मैने एक ज़ोर
का धक्का लगाया ओर उसकी चूत मे अपना पूरा लंड डाल दिया…तो एक बार फिर उपर
को उच्छली ..इस बार वो मज़े मे उच्छली थी….. मैने अब अपने लंड की.. सपीड़
बढ़ा दी थी….वो अब पूरे मज़े ले रही थी….वो अपनी चूत को उपर नीचे कर रही
थी और कह रही थी अंकल जी ये मज़े होते है चुदाई के मेरी चूत आपकी हमेशा
आभारी रहेगी जो आपने इसकी चुदाई की….अब आपका इस पर पूरा हक है .आप जब
चाहे इसकी चुदाई कर सकते है …ये आपकी गुलाम है…. मैं भी पूरे मज़े से
उसकी चुदाई कर रहा था…..मेरे लंड को जन्नत मिल गयी…..थी…मेरा लंड बार बार
उसकी चूत की गहराई मे आनंद ले रहा..था……… कसम से मेरा लंड बार बार कह रहा
था क्या चूत मिली है…….. उसकी कसी हुए कुँवारी चूत ने मेरे लंड को निहाल
कर दिया था…
वो भी अपने चूतड़ को उपर नीचे कर रही थी…मैं उसके मुम्मो को बार बार बार
चूम रहा था.. मैने अपना लंड निकाला ओर उसे कहा कि अब तुम नीचे आकर झुक
जाओ……उसने ऐसा ही किया
फिर मैने उसके पिछे से चूत मे अपना लंड पूरा डाला तो उसे थोड़ा दर्द हुआ
पर अब उसे मज़े आ रहे थे….मैं लगातार 20 मिनूट से चुदाई कर रहा था……कि वो
बोली अंकल जी अब पता नही मुझे क्या हो रहा कि मेरी चूत मे से कुच्छ
निकलने को हो रहा है………तो मैने कहा कि मेरे लंड भी कुच्छ छूटने वाला
है….तो बोली कि आप…जो छ्चोड़ रहे हो…वो मेरी चूत मे …..ही छ्चोड़ देना
ताकि मेरी चूत को ….आराम मिले….फिर मेरे लंड ने उसकी चूत मे ही ….अपना
लावा छ्चोड़ दिया….हम दोनो अब निढाल थे…मैं उसके उपर लेट गया लंड को उसकी
चूत मे ही रख रखा था.उसने मुझे अपनी बाहों मे जाकड़ रखा था…..हम 10 मिनूट
तक चिपके रह एक दूसरे के साथ………फिर मैने कहा कि अब हमे साफ सफाई कर लेनी
चाहिए… तो वो एकदम उठ खड़ी हुए ओर बोली कि हाँ शायद मेरी मा आ जाए….फिर
हम दोनो उठे…..ओर मैने अपना लंड जो की खून से ओर मेरे ओर उसके लावे से
सना हुआ था को एक कपड़े से साफ किया ओर उसने अपनी चूत जिसकी हालत बिगड़
गयी थी को साफ किया ओर उस कपड़े को हमने टाय्लेट मे डाल दिया था…ओर उसके
बाद मैने कपड़े डाले ओर उसने खून से भरे हुए कपड़े को बाहर घर के पिछे
जहाँ पर गंदगी पड़ी हुई थी डाल दिया ओर सफाई कर के नहाने चली गयी तब तक
मैं अपने घर पर चला गया…
मैं थोड़ी देर बाद आया तो फिर वो घर पर अकेली थी…उसकी मा घर पर नही आई
थी…….मैने उससे पुचछा कि कैसे लगा…..तो बोली कसम से तुमने मुझे ओर मेरी
चूत को निहाल कर दिया….फिर बोली कि अब मैं आप को राजा कह कर बोला करूँगी
तो मैने कहा कि ऐसा मत करना नही तो घर वाले सक करेंगे तू मुझे अंकल जी ही
कहा कर तो बोली आप तो बहूत समझदार हो तो मैने कहा कि समझदार हूँ तभी तो
तेरे को चोद पाया………इस पर वो हंस पड़ी…ओर बोली की मैं आप के लिए चाय बनती
हूँ मैने कहा कि चाय तो तेरे मा के हाथो की ही पियुंगा अब मैं चलता
हूँ.तो बोली कि कोई बात नही…आप जब चाहे तब पीना.फिर मैने उसके गालो की एक
पप्पी ली ओर अपने घर आ गया…तो दोस्तो अब जब वो घर पर अकेली होती है मेरे
को मिस कॉल कर देती है ओर मैं उसको चोदने के लिए उसके घर पर पहुँच जाता
हूँ…मैने उसकी चुदाई बड़े मस्त अंदाज मे की है.उसने अपनी दो कुँवारी
सहेलियो को भी मेरे से चुदवाया है
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Re: भैंस वाली भाभी की बेटी की चुदाई

Post by Kamini » 30 Oct 2017 22:20

Mast story

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