घटिया मानसिकता

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Ankit
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घटिया मानसिकता

Postby Ankit » 20 May 2016 08:41

घटिया मानसिकता



" तुझे कितनी बार कहा है दीपक, मेरे साथ होते हुए किसी भी लड़की के साथ ऐसी बकवास हरकत मत किया कर " समीर ने गुस्से मे कहा.

" तू होता कौन है मुझे रोकने वाला, मेरी मर्ज़ी मैं जो चाहे करू, जिसे चाहे छेड़ू, वो तेरी बेहन लगती है क्या " दीपक भी तैश मे आकर बोला.

" नही, मेरी बेहन नही लगती वो, लेकिन किसी की तो लगती है ना, मैं तेरा दोस्त हूँ यार, तेरी भलाई ही सोचूँगा, मान जा मेरी बात "

" भाड़ मे जा तू, और भाड़ मे जाए तेरी दोस्ती " इतना बोलकर दीपक वहाँ से चला गया, समीर उसे वहाँ से जाते हुए देखता रहा बस.

" यार समीर, तू क्यो उसकी वजह से अपना दिमाग़ खराब करता है, आज तेरा क्रिकेट ट्राइयल है, उसपर फोकस कर, अपने सपने के बारे मे सोच " समीर का एक और दोस्त राहुल बोला.

" सही कहा यार, उम्मीद है कि आज मेरे सपनो को पंख लग पाएँगे " समीर बोला.

" ज़रूर लगेंगे यार, तू इतना अच्छा क्रिकेट खेलता है, तू ज़रूर सेलेक्ट होगा और तू बहुत जल्द इंडिया के लिए भी खेलेगा "

" पता है यार, मेरे पेरेंट्स ने कभी भी मुझे क्रिकेट खेलने के लिए आगे नही आने दिया, हमेशा कहते थे कि खेलो मे कुछ नही रखा, पढ़ाई करो, पढ़-लिख कर कुछ बन जाओ, वो ये कभी नही समझ सके कि हर कोई आइनस्टाइन नही होता, हर कोई पढ़ाई करके ही कुछ नही बनता, किसी की किसी मे रूचि होती है, किसी की किसी मे, पेरेंट्स को बच्चो को वो करने देना चाहिए जो उन्हे पसंद है, क्योंकि उसी मे उनका 100 पर्सेंट निकलकर सामने आता है, लेकिन मेरे पेरेंट्स ने ये कभी नही किया, आज वो इस दुनिया मे नही है, फिर भी पता नही क्यू यार, उनकी बाते दिमाग़ मे घूम रही है "

" तू चिंता मत कर, सिर्फ़ अपने गेम पे ध्यान दे, तेरा सेलेक्षन पक्का है "

" लेकिन यार मेरे पास ना तो वाइट ड्रेस है और ना ही क्रिकेट किट, एक सफेद ड्रेस खरीदने के भी पैसे नही है मेरे पास "

" देख समीर, क्रिकेट सफेद कपड़ो मे ही खेला जाए, ये ज़रूरी नही है, जिसमे टॅलेंट होता है, पैसा उसकी राह का रोड़ा कभी नही बनता "

" भगवान करे कि तेरी बात सच हो जाए मेरे दोस्त "

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" नही, नही, पहले जा के सफेद ड्रेस ले के आओ और किट ले के आओ, उसके बाद ही तुम्हे ट्राइयल दिए जाने की पर्मिशन मिलेगी " कोच ने कहा.

" प्लीज़ सर, ये बहुत अच्छा खेलता है, इसे बस एक मौके की ज़रूरत है " राहुल ने कहा.

" एक बार कह दिया नही, तो नही, हमारे भी कुछ रूल्स है " कोच ने कहा.

कोच की ये बात सुनकर समीर हंस दिया.
बोला," चल राहुल, मैने पहले ही कहा था कि यहाँ मेरा कुछ नही होने वाला "

" आए लड़के, मैने कोई जोक मारा है, किस बात की हँसी आ रही है तुम्हे "

" कुछ नही सर, एक नयी बात पता चली आज मुझे, इसलिए खुश हो रहा था कि जनरल नालेज मे बढ़ोतरी हो गयी "

" अच्छा, ऐसी क्या नयी बात पता चली तुझे, ज़रा मैं भी तो सुनूँ "

" यही सर, कि जिसके पास सफेद ड्रेस नही है, उसे क्रिकेट खेलना नही आता "

" क्या बकवास कर रहे हो तुम "

" सही तो कह रहा हूँ सर, सारे गली-मोहल्लो मे बच्चे खेलते है, कोई सफेद ड्रेस पहनकर नही खेलता, और कोई उन्हे बाध्य नही करता सफेद ड्रेस पहनने के लिए सर, पता है क्यूँ, क्योंकि वहाँ उन बच्चो का टॅलेंट देखा जाता है, उनके कपड़े नही, अधनंगे, फटे-पुराने कपड़ो के साथ भी बच्चे क्रिकेट खेलते है सर, क्योंकि ये गेम हमारे खून मे मिला हुआ है, इसे खेले बिना हम रह नही सकते, और आप लोग सिर्फ़ कपड़ो की वजह से ना जाने कितने टॅलेंटेड लोगो को बाहर बैठा देते है, इंडिया के ग्रेट्स भी ग़रीबी से ही उठकर आए थे सर, उनके पास भी कभी कपड़े नही हुआ करते थे, सिर्फ़ एक मौके की बात होती है सर, सिर्फ़ एक मौके की, वो एक मौका जिसे मिल जाता है, वो दुनिया को दिखा पाता है कि उसके पास क्या है, भगवान ने उसे क्या गिफ्ट देके भेजा है, और मेरे जैसे लोग, सारी जिंदगी सिर्फ़ उस एक मौके की तलाश मे गुज़ार देते है सर, सिर्फ़ उस एक मौके की तलाश मे "
इतना बोलकर राहुल और समीर वापिस जाने के लिए मूड गये.

कोच के चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि कुछ सोच रहा हो, फिर अचानक बोला," आए लड़के, इधर आओ "
कोच की आवाज़ सुनकर राहुल और समीर वापिस मुड़े.
" क्या नाम बताया था तुमने अपना " कोच ने पूछा.

" समीर " समीर बोला.
" क्या करते हो, मेरा मतलब बॅटिंग, बोलिंग, कीपिंग या ऑल-रआउंडर हो "
" ऑल-रआउंडर हूँ सर "
" हूँ, ठीक है, एक मौका दिया तुझे, मेरे कॅंप का बेस्ट बॅट्समेन तेरी बॉल्स को फेस करेगा, अगर तूने उसे 12 बॉल्स मे आउट कर दिया, तो तेरा सेलेक्षन पक्का, मंजूर है "

" बिल्कुल सर, मुझे क्या प्राब्लम हो सकती है " समीर की आँखो मे चमक आ गयी थी, वही हाल राहुल का भी था.
" ठीक है, आ जाओ मैदान मे " कोच ने कहा.

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'तडाक'
बिल्कुल ऐसी ही आवाज़ हुई थी जब समीर ने पहली ही बॉल पर बॅट्समेन की मिड्ल स्टंप उखाड़ दी थी, इंस्विंगिंग डेलिवरी थी, आगे पिच की हुई, तकरीबन 140 की पेस पे, बॅट्समेन कवर ड्राइव खेलने गया, बॅट और पॅड के बीच मे गॅप बना और लेट स्विंग की वजह से बॅट्स्मन गच्चा खा गया और बोल्ड.

कोच काफ़ी इंप्रेस हुआ समीर से, और इस तरह समीर का सेलेक्षन हो गया.

फिर हुआ डिस्ट्रिक्ट लेवेल का टूर्नमेंट, और उसमे समीर ने कमाल ही कर दिया, बॅट से भी और बोल से भी, इतना ही नही टूर्नमेंट की सभी टीम्स मे से वन ऑफ दा बेस्ट फीलडरर्स भी उसे कहा गया कॉमेंटेटर्स के द्वारा.

जल्द ही उसका रणजी टीम मे सेलेक्षन हो गया और वहाँ से उसने पीछे मुड़कर नही देखा, वैसे भी इंडियन टीम को एक सीमिंग ऑरआउंडर की ज़रूरत थी और समीर उसमे बिल्कुल फिट बैठता था, अपने पहले ट्राइयल के सिर्फ़ एक साल बाद ही समीर इंडियन क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा था.

और फिर वो घड़ी भी आ गयी जब उसने डेब्यू किया, कॅप्टन से कॅप लेकर उसे ऐसा लगा जैसे कि उसने पूरी दुनिया जीत ली हो, इतनी खुशी उसे आजतक नही हुई थी.

इतनी जल्दी सफलता उसे मिली थी जिसकी उसने कभी कल्पना भी नही की थी, क्रिटिक्स भी उसे इंडिया के लिए 'नेक्स्ट बिग थिंग' बता रहे थे, और उसने भी उन्हे निराश नही किया, अपने पहले ही मॅच मे पहले बॅटिंग करते हुवे इंडिया ने 309 रन बनाए जिसमे समीर ने ताबड़तोड़ 75 रन्स की पारी खेली सिर्फ़ 35 बॉल्स मे, रही-सही कसर उसकी 10-3-25-6 की बोलिंग फिगर्स ने पूरी कर दी.

पहले ही मॅच से वो इंडिया की यूथ के दिल-ओ-दिमाग़ पर छा गया.

फिर आया वो लम्हा जिसके लिए हर क्रिकेटर खेलता है, अपनी टीम को वर्ल्ड कप मे रेप्रेज़ेंट करना, वर्ल्ड कप इंडिया मे हो रहा था इसलिए फेवराइट्स इंडिया ही थे, और जैसे-जैसे टूर्नमेंट आगे बढ़ा, सबको लगने लगा कि इंडिया ही जीतेगी, सेमिफाइनाल की हर्डल भी पार कर ली थी इंडिया ने, सिर्फ़ फाइनल बचा था, सेमिफाइनाल जीतने के बाद समीर राहुल के साथ पार्टी करने के लिए गया था.

जब वो पार्टी से लौट रहे थे तो उन्हे रास्ते मे एक गाड़ी मे से किसी लड़की की घुटि-घुटि सी चीख की आवाज़ आई.
उन्होने जाकर देखा तो 5 लोग मिलकर एक लड़की का रेप करने की कोशिश कर रहे थे.

राहुल और समीर ने उस लड़की को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वो 5 थे और इधर सिर्फ़ दो, लेकिन उन्होने हार नही मानी, जब तक उनके शरीर मे ताक़त थी, वो लड़ते रहे, तब तक वहाँ से गुजरती पोलीस की गश्त लगाती जीप ने उन्हे देख लिया और वो 5 वहाँ से भाग गये, समीर और राहुल को हॉस्पिटल मे भरती कराया गया, समीर की 6 हड्डिया टूट गयी थी राहुल की भी एक उंगली फ्रॅक्चर थी और काफ़ी अन्द्रूनि चोटे लगी थी.

उसे ठीक होते-होते काफ़ी दिन लग गये, इंडिया वर्ल्ड कप जीत गया और उसके सभी टीम-मेट्स वर्ल्ड कप लेकर उससे मिलने वहाँ आए.

तभी वहाँ प्रेस कान्फरेन्स भी रखी गयी थी.
प्रेस ने समीर से सवाल किया," आप वर्ल्ड कप फाइनल मे नही खेल पाए, क्या इस बात का आपको मलाल है "

" जी नही, मैं उस लड़की की इज़्ज़त बचा सका, मुझे इस बात की खुशी है, किसी बात का मलाल नही है "

" लेकिन अपनी टीम को वर्ल्ड कप जिताना हर खिलाड़ी का सपना होता है, आपने उस सपने की जगह उस लड़की को ही क्यू चुना "

" देखिए, वर्ल्ड कप 4 साल बाद फिर से आ जाएगा, लेकिन अगर उस लड़की की इज़्ज़त चली जाती, तो वो 4 साल बाद फिर नही आती, इसलिए मैने उस लड़की को बचाना, मेरे वर्ल्ड कप फाइनल मे खलेने से ज़्यादा ज़रूरी समझा "

" कयि लोगो का मानना है कि लड़कियो के छोटे कपड़े पहनने से रेप होते है, और कयि लोग कहते है कि शादी की एज 18 कर दी जाए तो रेप केसस कम हो जाएँगे, आपके हिसाब से इंडिया मे बढ़ते हुए रेप केसस को कैसे रोका जा सकता है "

" रेप होने की वजह लकड़ियो के शॉर्ट कपड़े पहनना या शादी की एज 21 होना नही है, रेप होने की वजह है इंसानो की घटिया मानसिकता, जो सिर्फ़ लड़कियो को इस्तेमाल की वास्तु समझते है, जिस दिन इन लोगो की मानसिकता बदल जाएगी, उस दिन रेप होने अपने आप रुक जाएँगे, ये लोग किसी भी लड़की को छेड़ते है जैसे कि वो इनके बाप की जागीर हो, लेकिन अगर कोई इनकी बेहन को छेड़े तो इनके तन-बदन मे आग लग जाती है, ये क्यो नही सोचते कि ये जिस लड़की को छेड़ रहे है, वो भी तो किसी की बेहन होगी "

" आपकी 6 हड्डिया टूट गयी है, आप काफ़ी दिनो तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहेंगे, इस बारे मे आपको क्या कहना है "
समीर के होंठो पर मुकुराहट उभर आई," अगर मेरी इन टूटी हुई 6 हड्डियो के बदले मे मैं अगर सिर्फ़ 6 लोगो की मानसिकता, उनकी लड़कियो के प्रति घटिया सोच को बदल पाउन्गा, तो इन 6 हड्डियो के टूटने का मुझे कोई मलाल नही है "

दा एंड


GHATIYA MAANSIKTA

" tujhe kitni baar kaha hai deepak, mere saath hote huve kisi bhi ladki ke saath aisi bakvaas harkat mat kiya kar " sameer ne gusse me kaha.
" tu hota koun hai mujhe rokne vaala, meri marji mai jo chaahe karu, jishe chaahe chhedu, vo teri behan lagti hai kya " deepak bhi taish me aakar bola.
" nahi, meri behan nahi lagti vo, lekin kisi ki to lagti hai na, mai tera dost hu yaar, teri bhalaayi hi sochunga, maan jaa meri baat "
" bhaad me jaa tu, aur bhaad me jaaye teri dosti " itna bolkar deepak vaha se chala gaya, sameer ushe vaha se jaate huve dekhta raha bas.
" yaar sameer, tu kyo uski vajah se apna dimaag kharaab karta hai, aaj tera cricket trial hai, uspar focus kar, apne sapne ke baare me soch " sameer ka ek aur dost rahul bola.
" sahi kaha yaar, ummeed hai ki aaj mere sapno ko pankh lag paayenge " sameer bola.
" jaroor lagenge yaar, tu itna achha cricket khelta hai, tu jaroor select hoga aur tu bahut jald india ke liye bhi khelega "
" pata hai yaar, mere parents ne kabhi bhi mujhe cricket khelne ke liye aage nahi aane diya, hamesha kehte they ki khelo me kuch nahi rakha, padhaayi karo, padh-likh kar kuch ban jaao, vo ye kabhi nahi samajh sakey ki har koyi einstein nahi hota, har koyi padhaayi karke hi kuch nahi banta, kisi ki kisi me ruchi hoti hai, kisi ki kisi me, parents ko bachho ko vo karne dena chahiye jo unhe pasand hai, kyonki ushi me unka 100 percent nikalkar saamne aata hai, lekin mere parents ne ye kabhi nahi kiya, aaj vo is duniya me nahi hai, fir bhi pata nahi kyu yaar, unki baate dimaag me ghoom rahi hai "
" tu chinta mat kar, sirf apne game pe dhyaan de, tera selection pakka hai "
" lekin yaar mere paas na to white dress hai aur na hi cricket kit, ek safed dress khareedne ke bhi paise nahi hai mere paas "
" dekh sameer, cricket safed kapdo me hi khela jaaye, ye jaroori nahi hai, jisme talent hota hai, paisa uski raah ka roda kabhi nahi banta "
" bhagvaan kare ki teri baaat sach ho jaaye mere dost "

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" nahi, nahi, pehle jaa ke safed dress le ke aao aur kit le ke aao, uske baad hi tumhe trial diye jaane ki permission milegi " coach ne kaha.
" please sir, ye bahut achha khelta hai, ishe bas ek mouke ki jaroorat hai " rahul ne kaha.
" ek baar keh diya nahi, to nahi, hamare bhi kuch rules hai " coach ne kaha.
coach ki ye baat sunkar sameer hans diya.
bola," chal rahul, maine pehle hi kaha tha ki yaha mera kuch nahi hone vaala "
" aye ladke, maine koyi joke maara hai, kis baat ki hansi aa rahi hai tumhe "
" kuch nahi sir, ek nayi baat pata chali aaj mujhe, isliye khush ho raha tha ki general knowledge me badhotari ho gayi "
" achha, aisi kya nayi baat pata chali tujhe, jara mai bhi to sunu "
" yahi sir, ki jiske paas safed dress nahi hai, ushe cricket khelna nahi aata "
" kya bakvaas kar rahe ho tum "
" sahi to keh raha hu sir, saare gali-mohallo me bachhe khelte hai, koyi safed dress pehankar nahi khelta, aur koyi unhe baadhya nahi karta safed dress pehanne ke liye sir, pata hai kyu, kyonki vaha un bachho ka talent dekha jaata hai, unke kapde nahi, adhnange, fatey-puraane kapdo ke saath bhi bachhe cricket khelte hai sir, kyonki ye game hamare khoon me mila hua hai, ishe khele bina hum reh nahi sakte, aur aap log sirf kapdo ki vajah se na jaane kitne talented logo ko baahar baitha dete hai, india ke greats bhi gareebi se hi uthkar aaye they sir, unke paas bhi kabhi kapde nahi hua karte they, sirf ek mouke ki baat hoti hai sir, sirf ek mouke ki, vo ek mouka jishe mil jaata hai, vo duniya ko dikha paata hai ki uske paas kya hai, bhagvaan ne ushe kya gift deke bheja hai, aur mere jaise log, saari jindagi sirf us ek mouke ki talaash me gujaar dete hai sir, sirf us ek mouke ki talaash me "
itna bolkar rahul aur sameer vaapis jaane ke liye mud gaye.
coach ke chehre ko dekhkar aisa lag raha tha jaise ki kuch soch raha ho, fir achanak bola," aye ladke, idhar aao "
coach ki aawaaj sunkar rahul aur sameer vaapis mudey.
" kya naam bataya tha tumne apna " coach ne poocha.
" sameer " sameer bola.
" kya karte ho, mera matlab batting, bowling, keeping ya all-rounder ho "
" all-rounder hu sir "
" hu, theek hai, ek mouka diya tujhe, mere camp ka best batsmen teri balls ko face karega, agar tune ushe 12 balls me out kar diya, to tera selection pakka, manjoor hai "
" bilkul sir, mujhe kya problem ho sakti hai " sameer ki aankho me chamak aa gayi thi, vahi haal rahul ka bhi tha.
" theek hai, aa jaao maaidaan me " coach ne kaha.

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'tadaak'
bilkul aisi hi aawaaaj huyi thi jab sameer ne pehli hi ball par batsmen ki middle stump ukhaad di thi, inswinging delivery thi, aage pitch ki huyi, takreeban 140 ki pace pe, batsmen cover drive khelne gaya, bat aur pad ke beech me gap bana aur late swing ki vajah se batsman gachha khaa gaya aur bold.
coach kaafi impress hua sameer se, aur is tarah sameer ka selection ho gaya.
fir hua district level ka tournament, aur usme sameer ne kamaal hi kar diya, bat se bhi aur bowl se bhi, itna hi nahi tournament ki sabhi teams me se one of the best fielders bhi ushe kaha gaya commentators ke dwara.
jald hi uska ranji team me selection ho gaya aur vaha se usne peeche mudkar nahi dekha, vaise bhi indian team ko ek seaming allrounder ki jaroorat thi aur rahul usme bilkul fit baithta tha, apne pehle trial ke sirf ek saal baad hi sameer indian cricket team ke dressing room ka hissa tha.
aur fir vo ghadi bhi aa gayi jab usne debut kiya, captain se cap lekar ushe aisa laga jaise ki usne poori duniya jeet li ho, itni khushi ushe aajtak nahi huyi thi.
itni jaldi safalta ushe mili thi jiski usne kabhi kalpana bhi nahi ki thi, critics bhi ushe india ke liye 'next big thing' bata rahe they, aur usne bhi unhe niraash nahi kiya, apne pehle hi match me pehle batting karte huve india ne 309 run banaye jisme sameer ne taabadtod 75 runs ki paari kheli sirf 35 balls me, rahi-sahi kasar uski 10-3-25-6 ki bowling figures ne poori kar di.
pehle hi match se vo india ki youth ke dil-o-dimaag par chaa gaya.
fir aaya vo lamha jiske liye har cricketer khelta hai, apni team ko world cup me represent karna, world cup india me ho raha tha isliye favourites india hi they, aur jaise-jaise tournament aage badha, sabko lagne laga ki india hi jeetegi, semifinal ki hurdle bhi paar kar li thi india ne, sirf final bacha tha, semifinal jeetne ke baad sameer rahul ke saath party karne ke liye gaya tha.
jab vo party se lout rahe they to unhe raaste me ek gaadi me se kisi ladki ki ghuti-ghuti si cheekh ki aawaaj aayi.
unhone jaakar dekha to 5 log milkar ek ladki ka rape karne ki koshish kar rahe they.
rahul aur sameer ne us ladki ko bachaane ki poori koshish ki, lekin vo 5 they aur idhar sirf do, lekin unhone haar nahi maani, jab tak unke shareer me taakat thi, vo ladte rahe, tab tak vaha se gujarti police ki gasht lagaati jeep ne unhe dekh liya aur vo 5 vaha se bhaag gaye, sameer aur rahul ko hospital me bharti karaya gaya, sameer ki 6 haddiya toot gayi thi rahul ki bhi ek ungli fracture thi aur kaafi androoni chotey lagi thi.
ushe theek hote-hote kaafi din lag gaye, india world cup jeet gaya aur uske sabhi team-mates world cup lekar usse milne vaha aaye.
tabhi vaha press conference bhi rakhi gayi thi.
press ne sameer se sawaal kiya," aap world cup final me nahi khel paaye, kya is baat ka aapko malaal hai "
" ji nahi, mai us ladki ki ijjat bacha saka, mujhe is baat ki khushi hai, kisi baat ka malaal nahi hai "
" lekin apni team ko world cup jitana har khiladi ka sapna hota hai, aapne us sapne ki jagah us ladki ko hi kyu chuna "
" dekhiye, world cup 4 saal baad fir se aa jaayega, lekin agar us ladki ki ijjat chali jaati, to vo 4 saal baad fir nahi aati, isliye maine us ladki ko bachana, mere world cup final me khlene se jyada jaroori samjha "
" kayi logo ka maanna hai ki ladkiyo ke chhote kapde pehanne se rape hotey hai, aur kayi log kehte hai ki shaadi ki age 18 kar di jaaye to rape cases kam ho jaayenge, aapke hisaab se india me badhte huve rape cases ko kaise roka jaa sakta hai "
" rape hone ki vajah lakdiyo ke short kapde pehanna ya shaadi ki age 21 hona nahi hai, rape hone ki vajah hai insaano ki ghatiya maansikta, jo sirf ladkiyo ko istemaal ki vastu samajhte hai, jis din in logo ki maansikta badal jaayegi, us din rape hone apne aap ruk jaayenge, ye log kisi bhi ladki ko chhedte hai jaise ki vo inke baap ki jaageer ho, lekin agar koyi inki behan ko chhede to inke tan-badan me aag lag jaati hai, ye kyo nahi sochte ki ye jis ladki ko chhed rahe hai, vo bhi to kisi ki behan hogi "
" aapki 6 haddiya toot gayi hai, aap kaafi dino tak cricket ke maidaan se baahar rahenge, is baare me aapko kya kehna hai "
sameer ke hontho par mukurahat ubhar aayi," agar meri in tooti huyi 6 haddiyo ke badle me mai agar sirf 6 logo ki maansikta, unki ladkiyo ke prati ghatiya soch ko badal paaunga, to in 6 haddiyo ke tootne ka mujhe koyi malaal nahi hai "

THE END
dthaker
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Re: घटिया मानसिकता

Postby dthaker » 13 Jun 2016 01:57

बेहतरीन ....बहुत ही बढ़िया
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Ankit
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Re: घटिया मानसिकता

Postby Ankit » 16 Jun 2016 13:57

dthaker wrote:बेहतरीन ....बहुत ही बढ़िया



thnks mitr
amitraj39621
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Re: घटिया मानसिकता

Postby amitraj39621 » 03 Oct 2016 12:04

Awesome
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