Incest Main meri family aur mera gaon part -2

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SATISH
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Re: Incest Main meri family aur mera gaon part -2

Post by SATISH »

Update 1250

neha bua ko suresh uncle ne sab kuchh bata diya,

kuchh bhi nahi chhupaya,

neha bua ka dil jit liya,

neha bua ka dil kah raha tha ki suresh uncle aisa kar hi nahi sakte,

neha bua aaj khush thi kyu ki wo galat sabit huyi,

neha bua ko khud pe bahot gussa aa raha tha jo wo suresh uncle ko galat samajhne ki galati kar rahi thi,

neha bua kuchh jyada hi ro rahi thi,

suresh - "neha, ab bas karo, bahot ro liya"

neha bua- "main bahot buri hu jo aapko galat samajh liya"

suresh - "tumne kaha galat samjha, tumhare dil ko haarne kaise deta is liye main aa gaya"

neha bua- "galti meri hai"

suresh - "galti meri hai jo main tumhe khone ke dar se kuchh bata nahi paya"

neha bua- "hamari kismat hi aisi likhi ho"

suresh - "lekin tumhara pyar jit gaya jo main tumhare pass vapas aa gaya hu"

neha bua- "ab main aapko khud se alag nahi karungi"

suresh - "main bhi tumse ab alag nahi hone vala, jab bhi tumhe muze milna ho to full moon ki night ko aawaz dena"

neha bua- "muze pata hai, lekin Avi to bahar padhai karne ja raha hai"

suresh - "to kya hua"?

neha bua-" fir main aapse kaise mil paungi"?

suresh - "neha, jenny ke sath jo hua usne bhale galti meri na ho par uska pachatap muze karna hoga"

neha bua- "kya karna hoga"?

suresh - "wo sab bad me bataunga, aaj jitna samay hai hamare pass wo sath me bitate hai, muze batav komal kaisi hai, kavita ko kaise sambhala, shweta ki shadi kaise huyi"?

neha bua- "aapko to pata hoga,aapne dekha hoga na"?

suresh - "main tumhare muh se sunna chahta hu"

neha bua- "wo sab badme bataungi, aaj main aapko pyar kiye bina jane nahi dungi"

aur neha bua ne suresh uncle ko bed pe gira diya,

suresh - "neha ye kya kar rahi ho"?

neha bua- "aapko pyar kar rahi hu"

aur neha bua ne suresh uncle ko kiss karna shuru kiya,

to suresh uncle ne neha bua ko dhakka de di,

neha bua ko alag karke khade ho gaye,

suresh - "tum pagal mat bano, ye Avi ka sharir hai"

neha bua- "pyar aatma se hota hai, aur Avi ke sharir me aapki aatma hai"

suresh - "tum samajh nahi rahi ho"

neha bua- "aap ko kya ho gaya, aap to kabhi pyar karne ko mana nahi karte"?

suresh- "tum samajhne ki koshish karo, ye galat hai, jab main zinda tha tab ye thik tha par ab"

neha bua- "main aap se pyar karti hu, Avi ki aatma aate hi Avi se dur rahungi"

suresh - "to pyar dikhane ki jarurat nahi hai, hamare dil ek hai itna hi kafi hai"

neha bua- "aap suresh nahi ho sakte, suresh hote to aisa kabhi nahi kahte, suresh to muze pyar karne se kabhi nahi rokte"

suresh - "neha meri bat to suno"


neha bua ne dusari taraf muh kiya aur jor jor se rone lagi,

suresh - "neha, meri bat ko samajh ne ki koshish karo"

neha bua- "aap aaye hi kyu, sirf apni begunai sabit karne, aap nahi the to main ne khud ko us hisab se dhaal diya tha, khud ke dil ko pyar karne se rok diya tha, aur ab aap aaye ho to main aap se kaise dur rah sakti hu, aapke rahte huye main bina pyar ke kaise rah sakti hu"?

suresh - "neha, tumhari bat sahi hai par"?

neha bua- "jaiye us jenny ke pass"

suresh - "meri pyari neha"

neha bua- "main aise akeli thik thi,aap vaps aaker muze tadfa rahe ho"

suresh - "to tum chahti ho to main vapas jata hu, ab vapas nahi aaunga"

neha bua- "jaiye"

aur suresh uncle pata nahi kaha chale gaye neha bua chup chap baithi thi,

suresh uncle ki aawaz na aane se neha bua ne pichhe mud kar dekha vaha suresh uncle nahi the,

neha bua bhul hi gayi ki suresh uncle ab is duniya me nahi rahe,

wo to is tarah zagda kar rahi thi jaise hamesh karti thi,

neha bua suresh uncle ko na dekh kar dar gayi aur suresh ko idhar udhar dekhne lagi,

neha bua- "suresh..!!

par kohi jawab nahi aaaya,

neha bua buri tarah se dar gayi fir se suresh uncle ko khone ke dar se,

neha bua vahi zameen par baithe kar rone lagi,

neha bua rote rote huye suresh uncle ko vapas bula rahi thi,

suresh uncle door ke pichhe chhupe huye the,

neha bua ka rona sunte hi bahar aa gaye,

suresh - "neha ro mat, main kahi nahi gaya"

neha bua suresh uncle ki aawaz sunte hi upar dekha to samne suresh uncle ko dekhte hi unko thappad maar diya aur unke gale lag kar rone lagi,

suresh - "ab kyu ro rahi ho, tumhe rulane nahi aaya hu"

neha bua- "na pyar karne dete ho aur na rone dete ho, karu to kya karu, aapke bina rah bhi nahi sakti"?

suresh - "mere pass ek idea hai"

neha bua- "kya" ?

suresh - "roj main tumhe pyar karta tha aaj tum pyar karo, main kuchh nahi karunga, jaisa main tumhare sath karta tha vaisa tum karo mere sath, main dulhan banta hu tum dulha ban jav"

neha bua- "sach..!

suresh - "haa, wo purani yaade taza kar do jo hamne sath me bitai thi, wo pyar karo jo ham karte the"

itna kahte hi neha bua khush ho gayi,

unko suresh uncle ka pyar milega.

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Re: Incest Main meri family aur mera gaon part -2

Post by SATISH »

अपडेट १२५०

नेहा बुआ को सुरेश अंकल ने सब कुछ बता दिया,

कुछ भी नहीं छुपाया,

नेहा बुआ का दिल जीत लिया,

नेहा बुआ का दिल कह रहा था की सुरेश अंकल ऐसा कर ही नहीं सकते,

नेहा बुआ आज खुश थी क्यों की वो गलत साबित हुयी,

नेहा बुआ को खुद पे बहोत गुस्सा आ रहा था जो वो सुरेश अंकल को गलत समझने की ग़लती कर रही थी,

नेहा बुआ कुछ ज्यादा ही रो रही थी,

सुरेश - "नेहा, अब बस करो, बहोत रो लिया"

नेहा बुआ- "मैं बहोत बुरी हु जो आपको गलत समझ लिया"

सुरेश - "तुमने कहा गलत समझा, तुम्हारे दिल को हारने कैसे देता इस लिए मैं आ गया"

नेहा बुआ- "गलती मेरी है"

सुरेश - "गलती मेरी है जो मैं तुम्हे खोने के डर से कुछ बता नहीं पाया"

नेहा बुआ- "हमारी किस्मत ही ऐसी लिखी हो"

सुरेश - "लेकिन तुम्हारा प्यार जीत गया जो मैं तुम्हारे पास वापस आ गया हु"

नेहा बुआ- "अब मैं आपको खुद से अलग नहीं करुँगी"

सुरेश - "मैं भी तुमसे अब अलग नहीं होने वाला, जब भी तुम्हे मुझे मिलना हो तो फुल मून की नाईट को आवाज़ देना"

नेहा बुआ- "मुझे पता है, लेकिन अवी तो बाहर पढाई करने जा रहा है"

सुरेश - "तो क्या हुआ"?

नेहा बुआ-" फिर मैं आपसे कैसे मिल पाउँगी"?

सुरेश - "नेहा, जेनी के साथ जो हुआ उसमें भले गलती मेरी न हो पर उसका पश्चाताप मुझे करना होगा"

नेहा बुआ- "क्या करना होगा"?

सुरेश - "वो सब बाद में बताउंगा, आज जितना समय है हमारे पास वो साथ में बिताते है, मुझे बताव कोमल कैसी है, कविता को कैसे सम्भाला, श्वेता की शादी कैसे हुयी"?

नेहा बुआ- "आपको तो पता होगा,आपणे देखा होगा ना"?

सुरेश - "मैं तुम्हारे मुह से सुनना चाहता हु"

नेहा बुआ- "वो सब बादमे बताऊँगि, आज मैं आपको प्यार किये बिना जाने नहीं दूंगी"

ओर नेहा बुआ ने सुरेश अंकल को बेड पे गिरा दिया,

सुरेश - "नेहा ये क्या कर रही हो"?

नेहा बुआ- "आपको प्यार कर रही हु"

ओर नेहा बुआ ने सुरेश अंकल को किस करना शुरू किया,

तो सुरेश अंकल ने नेहा बुआ को धक्का दे दिया,

नेहा बुआ को अलग करके खड़े हो गये,

सुरेश - "तुम पागल मत बनो, ये अवी का शरीर है"

नेहा बुआ- "प्यार आत्मा से होता है, और अवी के शारीर में आपकी आत्मा है"

सुरेश - "तुम समझ नहीं रही हो"

नेहा बुआ- "आप को क्या हो गया, आप तो कभी प्यार करने को मना नहीं करते"?

सुरेश- "तुम समझने की कोशिश करो, ये गलत है, जब मैं ज़िन्दा था तब ये ठीक था पर अब"

नेहा बुआ- "मैं आप से प्यार करती हु, अवी की आत्मा आते ही अवी से दूर रहुंगी"

सुरेश - "तो प्यार दिखाने की जरुरत नहीं है, हमारे दिल एक है इतना ही काफी है"

नेहा बुआ- "आप सुरेश नहीं हो सकते, सुरेश होते तो ऐसा कभी नहीं कहते, सुरेश तो मुझे प्यार करने से कभी नहीं रोकते"

सुरेश - "नेहा मेरी बात तो सुनो"


नेहा बुआ ने दूसरी तरफ मुह किया और जोर जोर से रोने लगी,

सुरेश - "नेहा, मेरी बात को समझने की कोशिश करो"

नेहा बुआ- "आप आये ही क्यु, सिर्फ अपनी बेगुनाई साबित करने, आप नहीं थे तो मैंने खुद को उस हिसाब से ढाल दिया था, खुद के दिल को प्यार करने से रोक दिया था, और अब आप आये हो तो मैं आप से कैसे दूर रह सकती हु, आपके रहते हुए मैं बिना प्यार के कैसे रह सकती हु"?

सुरेश - "नेहा, तुम्हारी बात सही है पर"?

नेहा बुआ- "जाइये उस जेनी के पास"

सुरेश - "मेरी प्यारी नेहा"

नेहा बुआ- "मैं ऐसे अकेली ठीक थी,अप वापस आकर मुझे तड़फा रहे हो"

सुरेश - "तो तुम चाहती हो तो मैं वापस जाता हु, अब वापस नहीं आउन्गा"

नेहा बुआ- "जाइये"

ओर सुरेश अंकल पता नहीं कहा चले गए नेहा बुआ चुप चाप बैठी थी,

सुरेश अंकल की आवाज़ ना आने से नेहा बुआ ने पीछे मुड कर देखा वह सुरेश अंकल नहीं थे,

नेहा बुआ भूल ही गयी की सुरेश अंकल अब इस दुनिया में नहीं रहे,

वह तो इस तरह झगड़ा कर रही थी जैसे हमेश करती थी,

नेहा बुआ सुरेश अंकल को ना देख कर डर गयी और सुरेश को इधर उधर देखने लगी,

नेहा बुआ- "सुरेश..!!

पर कोहि जवाब नहीं आया,

नेहा बुआ बुरी तरह से डर गयी फिर से सुरेश अंकल को खोने के डर से,

नेहा बुआ वहीं ज़मीन पर बैठ कर रोने लगी,

नेहा बुआ रोते रोते हुए सुरेश अंकल को वापस बुला रही थी,

सुरेश अंकल डोर के पीछे छूपे हुए थे,

नेहा बुआ का रोना सुनते ही बहार आ गये,

सुरेश - "नेहा रो मत, मैं कही नहीं गया"

नेहा बुआ सुरेश अंकल की आवाज़ सुनते ही ऊपर देखा तो सामने सुरेश अंकल को देखते ही उनको थप्पड़ मार दिया और उनके गले लग कर रोने लगी,

सुरेश - "अब क्यों रो रही हो, तुम्हे रुलाने नहीं आया हु"

नेहा बुआ- "ना प्यार करने देते हो और ना रोने देते हो, करू तो क्या करु, आपके बिना रह भी नहीं सकती"?

सुरेश - "मेरे पास एक आईडिया है"

नेहा बुआ- "क्या" ?

सुरेश - "रोज मैं तुम्हे प्यार करता था आज तुम प्यार करो, मैं कुछ नहीं करूंगा, जैसा मैं तुम्हारे साथ करता था वैसा तुम करो मेरे साथ, मैं दुल्हन बनता हु तुम दूल्हा बन जाव"

नेहा बुआ- "सच..!

सुरेश - "हा, वो पुराणी यादे ताज़ा कर दो जो हमने साथ में बिताई थी, वो प्यार करो जो हम करते थे"

इतना कहते ही नेहा बुआ खुश हो गयी,

उनको सुरेश अंकल का प्यार मिलेंगा.

badlraj
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Re: Incest Main meri family aur mera gaon part -2

Post by badlraj »

Nice update

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Re: Incest Main meri family aur mera gaon part -2

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बढ़िया उपडेट दिये हो सतीश भाई


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