बीवी के गुलाम आशिक complete

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josef
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बीवी के गुलाम आशिक complete

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बीवी के गुलाम आशिक

बीवी के गुलाम आशिक


“ओह जान तुम तो किसी भी मर्द को अपना गुलाम ही बना दोगी..”
मेरे मुह से यही निकला जब मैंने मोना के योनि में अपना वीर्य उड़ेल दिया …
मैं थका हुआ उसके ऊपर पड़ा हुआ था वही वो मेरे सर को सहलाती हुई शांत पड़ी थी,जब मैंने उसकी आंखों में देखा तो वो उसकी आंखों में एक अजीब सी हलचल थी और होठो पर एक कातिल मुस्कान…
“सच में मैं किसी भी मर्द को अपना गुलाम बना सकती हु..”
मोना की बात से मेरे भी होठो पर एक मुस्कान खिल गई ..
“मुझे तो बना ही चुकी हो …”
वो हल्के से हँसी ..
“अच्छा,लेकिन मुझे तो लगता है की मैं आपकी गुलाम बन चुकी हु ,आपके प्यार के आगे मेरी हुस्न की क्या मजाल है,जब से हमारी शादी हुई है आपके प्यार की कसीस ने मुझे अपना गुलाम ही बना दिया है…”
उसकी आंखों से छलकती हुई सच्चाई की बूंदों को मैंने अपने होठो में भर लिया …
“तुम्हारे हुस्न और सच्चाई ,तुम्हारी ये प्यारी सी आंखे और भरे हुए होठो से छलकते हुए रस के प्याले ,किसी भी मर्द को पागल बना देंगे….तुम जब हंसती हो तो लगता है की चांद खिल गया है,तुम्हारा रूठा हुआ चहरा भी इतना प्यारा है की दिल करता है अपना सब कुछ तुम्हारे कदमो में रख दु …”
मेरी आवाज में मोना के लिए बस प्यार ही प्यार था..
और उसके आंखों में आंसू ,जिसे मैं अपने होठो से हल्के हल्के से चूम रहा था,
“इतना ही प्यार करते हो तो मना क्यो नही करते….”
उसकी बात से मैं सकपका गया था,ना जाने क्यो लेकिन उसकी हर बात मुझे अच्छी लगती थी,ये भी की जब वो अपने आशिकों से बात किया करती थी,हा मेरी बीवी के आशिक थे एक दो नही कई जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थे,लेकिन मेरी बीवी थी की उसे मेरे सिवा किसी और की फिक्र ही नही थी …
मेरे होठो में हल्की मुस्कान तैरने लगी …
“जलन तो होती है लेकिन फिर भी अच्छा लगता है जब देखता हु की तुम्हारा प्यार बस मेरे लिए है,और उन बेचारों के चहरे में मायूसी देखता हु...मेरे जीवन में सिर्फ तुम ही एक लड़की हो ,मैंने तो कभी कोई लड़की पटाई भी नही लेकिन तुम जिससे बात कर दो वो तुम्हारा दीवाना हो जाता है ,ऐसी बीवी है मेरी तो थोड़ा शो ऑफ तो बनता है..”
उसने झूठे गुस्से से मुझे मारा ..
“आप भी ना ……..”
लेकिन वो तुरंत ही गंभीर हो गई
“लेकिन अगर किसी से मुझे भी प्यार हो गया तो …”
उसकी बात सुनकर मैं भी गंभीर हो चुका था..
“तो मैं समझूंगा की मेरा प्यार कमजोर था..”
वो थोड़ी देर मुझे देखने लगी ..
“और अगर मैं बहक गई तो ….”
उसकी बातो का इशारा मैं समझ सकता था,
मैं भी गहरे सोच में डूब चुका था..
“मुझे नही पता ….”
मैं बस इतना ही बोल पाया …
उसने प्यार से निहारते हुए मेरे होठो पर अपने होठो को रख दिया ..
“ये साली मोना तो साड़ी में और भी कमाल लगती है ..पिछवाड़ा तो देख इसका ”
एक अजनबी आवाज को सुनकर मैं अचानक ही रुक गया,ये मोना की ऑफिस पार्टी थी और मैं उसके लिए ड्रिंक लेने गया हुआ था,

josef
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Re: बीवी के गुलाम आशिक

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मैंने उन लड़को को घूरा जो मीना की ऐसी तारीफ कर रहे थे,कुछ लड़को का ग्रुप था जिनमे एक लड़का बहुत ही हैंडसम टाइप था,डोले शोले और अच्छी हाइट ने उसे और भी आकर्षक बना रखा था,लेकिन उसकी नजर अभी मोना के उन्नत पिछवाड़े पर ही टिकी थी साथ ही बाकी लोग भी उसे खा जाने वाली निगाह से देख रहे थे,मोना अभी अपने बॉस शर्मा जी से हँस हँस कर बाते कर रही थी इन सबसे अनजान की उसके ही ऑफिस के लड़के उसे ऐसी नजरो से घूर रहे है…….
लेकिन मेरे अंदर भी कुछ बदल रहा था,उन लोगो की बात का मुझपर दोहरा असर हो रहा था,एक तरफ ऐसा लगा की सालो के दांत तोड़ दु तो दूसरी तरफ मुझे एक उत्तेजना सी महसूस हुई ,मेरे साथ यही होता रहा है,जब भी मैं किसी को मोना को घूरते हुए देखता तो एक अजीब सी जलन और मजा मेरे अंदर घर कर जाता था,मुझे पहले पहल तो लगा की ये कोई रोग है लेकिन जब मैं इसके बारे में पता किया तो पता चला की ये एक कामन सी चीज है जो हर मर्द में होती है,ज्यादा या कम मात्रा में,ये असल में जलन का ही एक रूप है जब आपकी कोई इन्फिरियरटी के कारण आप खुद को दुसरो से कम समझते है ,और जब कोई आपकी प्रोपर्टी की तरफ देखता है तो कुछ नही कर पाने का दुख उमड़ता है,लेकिन मन धीरे धीरे इसमें मजे लेने लगता है,मर्दानगी का ईगो आपमे जलन पैदा करता है और साथ ही अवचेतन में छुपी हुई कुछ कुंठाये आपके भीतर एक उत्तेजना का संचार भी करती है,ये जितना नार्मल है उतना ही एबनार्मल भी है……
मैं इन सब से सालो से जूझता रहा और मुझे एक ही रास्ता दिखा की मैं मोना को ही ये फैसला करने दु की उसे क्या चाहिए,मैं किसी भी तरह से उसके ऊपर कोई भी फैसला थोपना नही चाहता था,अगर मैं ऐसा करता तो मेरे मन में ही अंतर्द्वंद की स्तिथि उमड़ जाती ……
मैं अपने ख्यालों से सम्हलता की वही हट्टा कट्टा लड़का बोल उठा,
“शर्मा इसकी लेता है क्या कैसे हँस हँस कर बात कर रही है..”
सभी लड़के मुस्कुरा उठे,
“नही यार साला बुड्डा ठरकी तो है लेकिन इसे नही पटा पाया,साली बड़ी नखरे वाली और तेज है लड़को को घुमा कर छोड़ दे “
उस लड़के की आंखों में एक अजीब सा नशा चढ़ गया
“तब तो ये मेरे लायक है ..”
वो बड़े ही शान से बोला ..
मैं चलता हुआ मोना तक पहुच मुझे देखकर शर्मा जो की जोरो से हँस रहा था,उसकी हँसी थोड़ी कम हो गई जैसे झेंप गया हो या मेरा आना उसे पसंद नही आया हो …
“कैसे हो अभी..”
“अच्छा हु सर ,नाइस पार्टी भाभी जी नही दिख रही “
मेरी बात सुनकर उसका चहरा पूरी तरह से उतर गया..
“होंगी यही ओके तुम दोनो एन्जॉय करो मैं बाकी के गेस्ट से मिलता हु ..”
उसके जाने के बाद मोना ने और मैंने एक दूसरे को घूरा और हँस पड़े ,
“साला ठरकी ,अच्छा हुआ की तुम जल्दी आ गए नही तो इसे सम्हालना बहुत मुश्किल हो जाता है ,साला चिपके ही जाता है “
मोना की चंचल हँसी को मैं बस देखता ही रह गया…
वो सच में कमाल की लग रही थी ,मादकता उसके जिस के हर हिस्से से फूटे जा रही थी ,1 साल हो चुके थे हमारी शादी को लेकिन जब भी उसे देखता था पता नही साला मेरा बाबूराव ऐसे क्यो अकड़ जाता था,मेरी हवस भरी निगाहों को वो आसानी से पहचान गई ..
“यंहा तो सब्र करो,अपनी भी बीवी को ऐसे घूर रहे हो..”
उसके आवाज में थोड़ी मस्ती थी ,
“तुम हो ही ऐसी ,सोचो मेरा ये हाल हो रहा है तो दुसरो का क्या हो रहा होगा,उस बेचारे शर्मा का क्या दोष और उन लड़को का जो तुम्हे देखकर आहे भर रहे है ..”
उसने अपनी आंखे बड़ी कर ली
“कौन लड़के ??”

josef
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Re: बीवी के गुलाम आशिक

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मैंने हल्के आंखों से उन लोगो की तरफ इशारा किया,वो भी बहाने से पलटी ..और फिर मेरी तरफ देखने लगी ,
“ये साले ऑफिस के ठरकी लोग है ,इनका काम ही यही है,हा लेकिन वो नया लड़का थोड़ा अलग है ,उसमे एक बात है..हैंडसम भी है ..”
उसने थोड़ी शरारत फिर से दिखाई,उसे भी मुझे थोड़ा जलाने में मजा आता था,मैंने आंखों में ही पूछ लिया की वो किसकी बात कर रही है,
“चलो मिलावाती हु ..”
वो मुड़ी और थोड़े ही देर में हम उन्ही लड़को के पास थे..
“हाय कैसी चल रही है तुम लोगो की पार्टी..शर्मा कभी कभी तो मेहरबान होता है,फोकट की दारू ज्यादा मत पी लेना ..”
मोना का अंदाज बहुत ही फ्रेंडली था,मैं भी थोड़े आश्चर्य में था की ये वही लड़के है जिन्हें ये अभी गालियां दे रही थी ..
“ओह इनसे मिलो मेरे पतिदेव अभिषेक ..”
मोना ने मेरा सभी से परिचय करवाया और सभी ने बड़े ही अच्छे ढंग से मुझसे हाथ मिलाया ,लेकिन आखिर में ..
“और ये है हमारे ऑफिस के नए मेंबर राज ,अभी अभी आया है..”
ये वही लड़का था जिसके बारे में मोना ने मुझसे कहा था,और साथ ही वो जो मोना को पटाने की बात कर रहा था,साला था तो दिखने में बेहद से हैंडसम ,लेकिन उसकी बात सच हो पाएगी या नही ये मैं नही कह सकता क्योकि मैं मोना को जानते हुए भी नही जानता था,उसका अंदाज जितना बिंदास था ,अदाएं उतनी ही कातिलाना लेकिन दिमाग उससे भी ज्यादा तेज ,किसी लड़के की वो फेंटेसी हो सकती थी लेकिन उसे पाना कोई आसान काम तो नही लगता….
पार्टी अपने सबाब पर पहुच चुकी थी और मोना के साथ साथ मैं भी कुछ ड्रिंक्स अंदर कर चुके थे,मोना पीने के बाद और भी मतवाली हो जाती है,वो दुनिया की फिक्र भूल कर मेरे साथ डांस करने लगी,लगभग सभी डांस फ्लोर में आ चुके थे…..
मैंने मोना को कस रखा था और कभी कभी उसके जिस्म को मसल भी देता था,उसकी आंखों में भी वासना की लहरे नाचने लगी थी,लेकिन अभी हम इसे कम नही करना चाहते थे,आज तो बिस्तर में भूचाल आना तय था लेकिन अभी उसे आग और भड़काने का दिल था……..
“मुझे एक और ड्रिंक चाहिए “मोना मेरे कानो में चिल्लाई
“कितना पीयेगी बेवड़ी “
मैं उसके कानो में चिल्लाया और वो खिलखिला के हँस पड़ी ..
“प्लीज़ जान “वो फिर से चिल्लाई और मैं मुस्कुराते हुए उसके लिए ड्रिंक लाने चला गया,डांस फ्लोर में अंधेरा था लेकिन डांस लाइट के कारण उजाला और अंधेरा बार बार हो रहा था,कभी जैसे आधे सेकंड के लिए रोशनी हो जाती फिर से आधे सेकंड का अंधेरा ..
मैं बार में खड़ा हुआ अपने पैक का इंतजार कर रहा था,और मेरी निगाहे अभी भी मोना पर थी जो अभी भी मस्त हुई नाच रही थी ,तभी किसी ने उसे पीछे से जकड़ लिया,वो कोई नही राज था,उसने मोना के कानो में कुछ कहा वो पलटी और उसे देखकर हँसने लगी,दोनो साथ डांस कर रहे थे …….
लेकिन अभी तक कुछ भी गलत नही लगा लेकिन राज ने अपने हाथ आगे बढ़ाये और मोना की कमर को सहलाने लगा,मोना नशे में थी या शायद उसे उसके ऐसा करने में कोई आपत्ति नही थी ,उसकी कोई प्रतिक्रिया नही आयी और राज ने उसे थोड़ा और अपने पास खिंचा,मेरी मतवाली और मदहोश बीवी के साथ उस खूबसूरत मर्द को देखकर एक अजीब सा अहसास मेरे अंदर आ गया,मैं कोई प्रतिक्रिया नही कर रहा था लेकिन एक उत्तेजना मेरे अंदर बढ़ रही थी,मेरा लिंग अकड़न खा रहा था,तभी राज ने मोना को और जोरो से अपने करीब खिंच लिया ,और उसके कानो में कुछ कहने लगा,मोना हंसते हुए उसके सीने में एक मुक्का मार गई ,दोनो के चहरे बेहद करीब थे ,राज का हाथ मोना के कमर को जकड़े था जो उसकी साड़ी के कारण खुला हुआ था,सीधे चमड़ी का स्पर्श राज के अंदर क्या भावना जगा रहा होगा ये तो मुझे नही पता लेकिन मेरी हालत खराब थी ,मैं बेहद ही उत्तेजित महसूस कर रहा था,मैंने अपनी बीवी को किसी मर्द के इतने पास कभी नही देखा था…
मेरी ड्रिंक्स आ चुकी थी और मैं उसे लेकर फिर से मोना की तरफ बढ़ा,राज में मुझे आते देख लिया और वो मोना से थोड़ा दूर हो गया,मैंने मोना को उसकी ड्रिंक दी और राज को एक हल्की स्माइल वो झेंपा लेकिन मुस्कुराता हुआ हमसे अलग हो गया…
ड्रिंक खत्म होने के बाद मैं मोना से चीपक चुका था,मोना मेरे सीने में अपना सर रखे हुए थी और मैं उसे अपनी बांहो में भरा हुआ था,गाना भी रोमांटिक चल रहा था और मोना भी नशे में चूर हो चुकी थी……
“क्या हो रहा था उसके साथ “
मैंने हल्के से उसके कानो में कहा,वो मुझसे थोड़ी और चीपक गई
“बस थोड़ी मस्ती ,आपको कोई ऐतराज तो नही …”
मैं उसका चहरा देखने उससे थोड़ा अलग हुआ ,उसके होठो में एक नशीली सी मुस्कान थी जैसे कह रही हो की देखो मैं कितनी कमीनी हु…
“फिलहाल तो घर चलो तुम्हारी पूरी मस्ती निकलता हु “वो खिलखिलाई और हम दोनो के होठ मिल गए ….

josef
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घर आकर हमने जोरदार सेक्स किया,आज मोना बेहद ही उत्तेजित लग रही थी वही हाल मेरा भी था,मेरे सामने बार बार मोना और उसके चाहने वाले राज का चहरा घूम रहा था,जब राज ने मोना के कमर में हाथ डाला था वो सीन ही मुझे उत्तेजित कर दे रहा था….
“गुड मॉर्निंग बेबी “
सुबह सुबह जब नींद खुली तो ये प्यारी सी आवाज मेरे कानो में आई..मोना का खिला हुआ चहरा मेरे आंखों के सामने था,वो मुझसे लिपट गई उसके बाल भीगे हुए थे और शरीर से हल्के इत्र की खुश्बू आ रही थी ,
“कल जो भी हुआ उसके लिए सॉरी जान ,शायद मैं ज्यादा पी गई थी “उसने मुझसे सटते हुए कहा
“लेकिन बहुत एक्साइटिंग था,कसम से कल का सेक्स मैं कभी नही भूलूंगा “
मैं मोना के कमर को और जोरो से अपने ओर खिंचने लगा,वो मेरे आंखों में देख रही थी ,
“आप ठरकी हो ये तो पता था लेकिन इतने हो ये नही पता था,इन पोर्न वेबसाइट्स और कहानियों ने अपका दिमाग खराब कर रखा है..”वो गुस्से में थी लेकिन होठो में मुस्कान लेकर ..
मैं भी हँस पड़ा ,
“सच में आपको गुस्सा नही आया ??”
“आया ना,लेकिन मजा भी आया ,ये वैसे ही था जैसा तुमने हमारी सुहागरात वाली रात को कहा था,की दर्द तो हुआ लेकिन मजा भी आया,तो बात इसपर डिपेंड है की ज्यादा गुस्सा आया की मजा ”
हम दोनो ही हँसने लगे ..
हमारे बीच ये बात जितनी छिपी हुई थी उतनी ही उजागर भी थी की मुझे उसके किसी और मर्द से संबंध से कोई आपत्ति नही है ,
उसे तैयार होते हुए देखकर ना जाने कितने सवाल मेरे मन में आ रहे थे,मैं यही सोच रहा था की आज वो राज का सामना कैसे करेगी,या राज शायद आज उसपर और भी ज्यादा लाइन मारेगा..
वो रोज से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी और जाते हुए उसने मुझे जो शैतानी मुस्कान दी थी उससे लगा था की कुछ तो होने वाला था,
मैं अपने ऑफिस में बैठा था,एक क्राइम एनालिस्ट की जॉब जितनी एक्साइटिंग लगती है उतनी ही बोरिंग भी होती है ,अधिकतर समय मेरे पास कोई काम नही होता था,और जब होता तो क्या दिन और क्या रात…
मैं अपनी फेवरेट वेबसाइट में कुछ स्टोरी पड़ने लगा,मुझे उससे कुछ आइडियाज मिले की कैसे एक पति अपने पत्नी के पास काम के वक्त फोन करता है ,मुझे खुद पर हँसी भी आ रही थी की मैं ये क्या पागलपन करने में लगा हुआ हु…
लेकिन फिर भी मैंने मोना को काल लगाया ..
“हैलो आज इस वक्त सब ठीक तो है ना “मैं उसे ऑफिस टाइम में तब ही फोन करता था जब मेरे पास कोई केस आ जाता था,या मुझे बाहर जाना होता या कोई इम्पार्टेंट काम होता ,
“बस सोच रहा था की आज राज का क्या रिएक्शन रहा होगा..”वो चुप तो थी लेकिन उसकी हल्की हँसी की आवाज मेरे कानों में पड़ रही थी ,
“आप सच में पगला गए हो ,चलो आपको तो कोई काम है नही लेकिन मेरे पास बहुत काम होता है ,”
“अरे मेरी जान कुछ तो बताओ “
“क्या …?क्या बताऊँ बस साला अजीब से घूर रहा था और पास आने की बात करने की कोशिस कर रहा था लेकिन मैंने उसे कोई चांस नही दिया ,अब वो अपना काम कर रहा है और मैं अपना और आप भी अपना काम करो ,जासूस हो लेकिन अब अपनी बीवी की जासूसी करने में मत लग जाओ “वो खिलखिलाई और मैंने भी उसे प्यार से लव यू बोलकर फोन रख दिया,लेकिन जाने अनजाने मोना ने मेरे दिमाग में एक दूसरे आईडिया को जन्म दे दिया था,मोना की जासूसी ….
“अभिषेक सर sp साहब बुला रहे है “एक कांस्टेबल मेरे कमरे में आया
“हा आता हु,”मैंने राहत की सांस ली की चलो मुझे भी कोई काम मिल गया
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josef
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“यार अभी हाई प्रोफ़ाइल केस है कोई मंत्री भी इन्वाल्व हो सकता है ,मीडिया में बात पहुची तो बात बिगड़ जाएगी ,हमे भी इसे सम्हालना है लेकिन शांति से “मैं अपने जिले के क्राइम sp आर. के. ठाकुर साहब को देखता हुआ गंभीर हुआ जा रहा था ..
“सर लेकिन ये बड़ा मामला लगता है हमारे जिले तक सीमित नही है “
“साले चूतिये इसीलिए तो हमे दिया गया है ,तुम हेडक्वार्टर में बैठते हो इसका मतलब समझते हो ,तुम पूरे राज्य में कही भी इन्वेस्टिगेशन कर सकते हो ,अब फाइल उठाओ और अपनी टीम तैयार करो ,मैं चाहता हु की तुम ही इसे लीड करो और मुझे रिपोर्ट करो ..”
मैं हा बोलकर तो निकल गया लेकिन अपना माथा पकड़कर अपने केबिन में बैठ गया,साल ये क्या झंझट आ गई थी ,जो जांच किसी IAS या IPS की टीम को करना था मुझे पकड़ा दिया था,मैं एक ASP रेंक का अधिकारी था जिसके पास उतनी पॉवर नही होती की किसी मंत्री की जासूसी करे ,लेकिन फिर भी मैंने वो आदिवासी लैंड स्कैम की फाइल खोली और देखने लगा और देखते ही देखते मेरे आंखों की चमक भी बढ़ने लगी ….

हल्के मध्यम रोशनी से पूरा कमरा जगमगा रहा था,हवा में उड़ाती हुई खुशबू ने मेरे नथुनों को भर दिया,मैं आश्चर्य से भर गया जब मैं घर में घुसा,अभी मोना कही दिखाई तो नही दी लेकिन मोहोल को देखकर जरूर लग रहा था की आज मोना रोमांस के फूल मुड़ में है ,मैं धीरे से जब अपने कमरे में पहुचा तो पाया की वो बाथरूम में है और साथ ही बेड में पड़े उसके उत्तेजक लिंगरिस ने ये बात कन्फर्म कर दी थी की आज वो जलवे बिखेरने वाली थी ,मैंने उन लिंगरिस को देखा वो बिल्कुल ही नए थे जैसे पहली बार आज ही उनका इस्तेमाल होने वाला हो,वो बहुत ही मुलायम थे इनके मुलायम की उन्हें छूते ही मेरा लिंग अकड़न खाने लगा,मैं जल्दी से अपना बेग फेंककर बाथरूम के दरवाजे के पास पहुचा दरवाजा खुला हुआ था मैं अंदर दाखिल हो गया,मोना अंदर बिना किसी कपड़े के शावर के नीचे खड़ी हुई थी ,मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े फेके और पीछे से उसे जाकर अपनी बांहो में भर लिया..वो मुस्कुराई लेकिन कुछ नही कहा ..
“मेरी जान बड़ी मूड में लग रही हो ..”वो हल्के से हँसी
“और आप हमेशा की तरह जल्दबाजी में ..”वो खिलखिलाई
“कभी तो थोड़ा सब्र करो ,भाग थोड़ी ना रही हु,इतना इंतजाम किया है और आप यही शुरू हो जाओगे,”उसका गीला हाथ मेरे लिंग पर था,सच में मैं यही सोच रहा था की कभी अकड़े हुए लिंग को उसकी गीली योनि में घुसा ही दु ,लेकिन उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा खुद पर कंट्रोल पाने की सोची..
“ऐसे भी मेरे पास कुछ ऐसी खबर है की आप आज रात धमाल मचा दोंगे,पानी गिर गया तो फिर खबर का मजा नही आएगा ..”वो फिर से अपनी चिर परिचित अंदाज में खिलखिलाई और झट से टॉवेल उठाकर बाहर निकल गई ..
उसकी बात सुनकर मेरे दिल की धड़कने बढ़ गई थी ,मेरा पेशा ही ऐसा था की मैं एक साथ कई पॉसिबिलिटी के बारे में सोचता था उसमे एक ये था की उसने राज के साथ कुछ किया तो नही ,या शर्मा …
शायद वो मुझे ये बताना चाहती थी क्योकि उसे पता था की उसके दूसरे के साथ किये हरकत मेरे लिंग में हरकत पैदा कर देते है …
उसके साथ ही मैं अपने दिल को सहलाता हुआ बाहर निकला और जल्दी से एक शार्ट पहन लिया ,मेरी उत्तेजना की शिखर ये था की लिंग शार्ट को मानो फाड़कर बाहर आना चाहता था,एक तंबू साफ साफ दिख रहा था,

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