प्यार था या धोखा

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josef
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Re: प्यार था या धोखा

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अध्याय 28

उसी रात

रफीक और बल्ला बैठे शराब पी रहे थे,

“रफीक भाई ये डॉ के चक्कर में हम यंहा आ तो गए लेकिन लेकिन लगता है साला सच में इन लड़कियों से प्यार हो जाएगा …”

बल्ला की बात सुनकर रफीक थोड़े देर तक तो चुप था लेकिन फिर खूब हंसा ..

“सही कहा भाई,क्या लड़की है पूर्वी ,कितनी शरीफ,मासूम और प्यारी दिल करता है की चुम लू”

“हा भाई मेरी सपना भी कितनी सेक्सी है दिल करता है की …”

वो इतना ही बोल कर रुक गया ,रफीक उसे देखकर हँसने लगा

“क्या दिल करता है ??की ..”

बल्ला थोड़ा झेंपा

“भाई सच बोलूं उसके बारे में गंदा बोलने का भी मन नही कर रहा”

रफीक फिर से हंसा लेकिन फिर उसके होठो में एक संजीदगी आ गई..

“लगता है ये साली हम जैसे कमीनो को भी शरीफ बना देंगी,”

उसने अपने ग्लास में रखा पेग एक ही झटके में अंदर कर लिया…

“भाई अगर ऐसा हुआ तो हमे तो इनसे बच के रहना चाहिए,हम तो लड़कियों को चोद कर फेकने वाले लोग है,हमारा काम कैसे चलेगा अगर हम ही शरीफ हो गए तो काम कैसे चलेगा हमारा”

“हम्म बात तो सच है तेरी ,अब बच तो सकते नही हमे बुलाया ही इसीलिए गया है की हम इनके साथ समय बिताए और इन्हें यकीन दिलाये की हम शेख है लेकिन ...लेकिन हमे सम्हाल कर रहना होगा कही हमे इन लड़कियों से प्यार ना हो जाए वरना साला पता चला अपना राज खुद ही खोल देंगे “

इस बार रफीक और बल्ला दोनों ही संजीदा थे ………..

************

रोहन और सपना, रोहन के ऑफिस में बैठे हुए उस शख्स का इंतजार कर रहे थे जो उनके पिता की मीटिंग की ऑडियो टेप लाने वाला था..

वो बेचैन लग रहे थे..

आखिरकार उन्हें टेप मिल ही गई ,

उस शख्स के जाने के बाद तुरंत ही रोहन ने उसे अपने कम्प्यूटर में लोड किया और दोनों कान गड़ाए सुनने लगे..

कुछ देर यू ही फॉर्मल बातचीत होती रही ...फिर ओबराय(रोहन के पिता) की आवाज सुनाई दी

“यार ये तस्वीर का क्या चक्कर है कुछ समझ आया …”

“समझ तो मुझे भी नही आ रहा है की आखिर ये तस्वीर उस औरत के पास कैसे आयी,ये तो हमारे गोवा वाले फॉर्महाउस में हमने खिंचाई थी,लेकिन एक प्रॉब्लम ये भी है की एक शेख का बेटा भी आ गया है,मुझे पता लगा की वो यंहा कोई केमिकल फेक्ट्री खोलने के लिए आया है,शायद ये भी उसी फार्मूले का ही चक्कर है,क्योकि वो शायद उसी शेख का बीटा है जिसने उस लड़की को गायब किया था ..”लखानी(सपना के पिता) ने कहा

“huuummm खबर तो मुझे भी यही लगी है ,लेकिन वो अभी तक जमीन देख रहा है,अभी प्रोसेस लंबा होगा,बिजनेस का कोई चांस नही है उसके साथ “कपूर सोचते हुए बोला जिससे लखानी गुस्सा हो गया..

“इसीलिए मैं इस साले से इतनी नफरत करता हु ,हम यंहा अपने बच्चों की परेशानी को लेकर बैठे यही और ये साला बिजनेस की सोच रहा है “लखानी ने मुह सिकोड़ा लेकिन फिर कपूर बोल उठा

“अरे नही बिजनेस की बात इसलिए लाया क्योकि वो आजकल हमारे बच्चों के साथ ही घूम रहा है ,और ये तस्वीर भी सपना के hod के पास ही उसे मिली थी,और जंहा तक मुझे पता चला है की पूर्वी का पति गौरव भी उस लड़की के साथ ही पढ़ता था जब उस लड़की ने फार्मूला बनाया था,तो यार मैं क्यो ना सोचु की कही ये हमारे पैसे को लेकर कोई गेम तो नही है ,हर चीज हमारे बच्चों के इर्दगिर्द ही घुम रही है ,हमने वो फार्मूला उस लड़की से हासिल करने की कोशिस की थी याद है ना आज फिर से उसी फार्मूले के चक्कर में कोई कांड होने वाला है,रोहन के मुह से फार्मूले की बात सुनकर मैं थोड़ा चौका जरूर था लेकिन जब अब पूरी बात हमारे सामने है तो मुझे तो लगता है की ये सब उसी के इर्दगिर्द की ही चीजे है ,हो ना हो वो वही फार्मूला है जो वो मालती ने छुपा के रखा है जो रोहन मुझे बताने की कोशिस कर रहा था लेकिन सपना ने उसे चुप करवा दिया और बात पलट दिया,मैंने पता लगवाया है की मालती भी उस समय उस लड़की की प्रोफेसर थी ,साले मुझे बिजनेस की फिक्र नही है मुझे तो अपनी बेटी की सबसे ज्यादा फिक्र है ,ना जाने वो फार्मूला सही है भी की नही लेकिन जिस लड़की ने वो फार्मूला बनाया था और जिसे हमने उसे लालच दिखाकर और अपनी ताकत दिखाकर उसे छिनने की कोशिस की थी आज उसी लड़की का एक करीबी दोस्त मेरी बेटी का पति है ,तो चिंता वाली बात तो मेरे लिए भी ज्यादा है “कपूर की आवाज में सच में चिंता थी ..

“अच्छा और मेरी बेटी भी तो उसके साथ ही काम कर रही है ,तुझे लगता है की मुझे उसकी चिंता नही है “लखानी बोल पड़ा ..

“अबे चुप करो यार तुम दोनों,हम सभी जानते है की हम एक दूसरे के बच्चों को भी अपने बच्चों जैसा ही मानते है ,सपना और पूर्वी दोनों ही अभी गौरव के संपर्क में है और किसी ना किसी तरह से उस फार्मूले से संबंधित भी है और हमे उनकी चिता करनी ही चाहिए,लेकिन बात इतने साल पुरानी हो गई है ,अगर ऐसा कोई फार्मूला अब भी किसी के पास है तो बात समझ भी आती है लेकिन ...ये फ़ोटो ..?? याद करो सालों कही हमने कुछ ऐसा तो नही किया था जो आज हमारे बच्चों के जिंदगी की आफत बन जाए “

ओबराय की बात सुनकर दोनों चुप हो गए और सोचने लगे किसी को भी कुछ ऐसा समझ नही आ रहा था …

“अच्छा एक काम करते है शुरू से सोचते है जब से हमे इस फार्मूले के बारे में पता चला “

ओबराय ने सुझाव दिया सभी ने सहमति में सर भी हिलाया ...अब ओबराय ने बोलना शुरू किया

“जंहा मैं गलत हो जाऊ तो मुझे सुधार देना ओके,तो शुरुवात हुई थी प्रोफेसर मित्तल से ,जब वो हमारे पास एक प्रपोजल लेकर आये थे,हम तीनो अपने बिजनेस में बिजी थे और मित्तल जो की केमेस्ट्री का प्रोफेसर था हमारे पास अपने एक फार्मूले को लेकर आया था याद है ,ये बात वही से तो शुरू होती है ना,(सभी ने सर हिलाया ) तो प्रोफेसर हमारे पास आया और अपना फार्मूला दिखाया जिससे हम एक ऐसी दवाई बना सकते थे जिससे कई रोग आसानी से ठीक हो सके ,वो हमसे और रिसर्च करने की सुविधा और पैसे चाहता था बदले में हमे उससे दवाई बनाकर बेचने की अथारटी मिलती ,यंहा तक ठीक है (सभी ने फिर से सर हिलाया )..तो हम फार्मा के क्षेत्र में जाना चाहते थे और वो फार्मूला हमे अच्छा भी लगा तो हमने उसे हा कह दिया ,लेकिन तुम दोनों चूतिये अपनी हिस्सेदारी को लेकर फिर से लड़ने लगे ,और डील कैंसल हो गई ,लेकिन कपूर ने मित्तल से सीक्रेट डील की जिसका हमे पता नही था ,ठीक है कपूर (कपूर ने सर हिलाया) ..तो कपूर ने मित्तल को पैसे दिए और मित्तल ने अपना रिसर्च बढ़ाया..लगभग 5 साल बाद हमे पता चला की मित्तल जो प्रयोग कर रहा है उसमें कपूर उसकी मदद कर रहा है,हमने तुझे कुछ नही बोला लेकिन लखानी को ये बाद पसंद नही आयी और उसने मित्तल को खरीदने की कोशिस की ,मित्तल ने उससे भी पैसे ले लिए ..यंहा तक ठीक…”सब ने फिर से हा में सर हिलाया

“तो बात आगे बड़ी और लगभग 2 सालों के बाद मित्तल के प्रयोगशाला में आग लगी और सबकुछ के साथ मित्तल भी खत्म हो गया..और तुम दोनों दारू पीकर मेरे पास रोने आ गए ठीक”

ये कहते हुए ओबराय के होठो में एक स्वाभाविक मुस्कान खिल गई थी..दोनों भी मुस्कुराते हुए हा में सर हिला गए ..

“तुम दोनों को पता लगा की तुम्हारा पैसा तो डूब गया,लेकिन कुछ सालों के बाद तुम्हे पता लगा की मित्तल की एक बेटी भी थी जो की बेहद ही इंटेलिजेंट है और उसने हमारे ही शहर के कालेज में दाखिला लिया है,तुम दोनों को ये आस लगी की हो ना हो मित्तल की रिसर्च का पता उसकी बेटी को भी होगा क्योकि वो अक्सर मित्तल के साथ ही प्रयोगशाला में तुम्हे दिख जाती थी,लेकिन इस बार तुम दोनों ने साथ काम करने का फैसला लिया और हम तीनो उस लड़की के पास पहुचे,और उसने हमे बताया की सच में मित्तल का फार्मूला उसके पास है लेकिन उसमें कई कमियां है और वो उसे दूर करके एक ऐसा फार्मूला बनाना चाहती है जो की एक साधारण से इंसान को सुपर ह्यूमन बना दे ,हम तीनो चौके और हम उसके प्रोजेक्ट में पैसा पानी की तरह बहाने को भी राजी होई गए लेकिन उसने साफ माना कर दिया ,यही हमारे ईगो को ठेस पहुची और हमने उसे धमकाना शुरू कर दिया,अब ये सोचो की क्या हमने कुछ ऐसा किया था उस समय जो बेहद बुरा हो ,बिजनेस के लिए इतना तो हर बिजनेस मेन करता है ,यानी हमने गुंडों से उसे डराया था,उसे मारने की धमकी, पुलिस से उसे डराने की कोशिस ..बस इतना ही तो किया था हमने,..या तुम सालों ने कोई होशियारी दिखाई थी…”

“नही यार बस जो किया था हम तीनो ने साथ मिलकर ही तो किया था,वो लड़की फिर भी डर ही नही रही थी ना ही पैसे ही ही मान रही थी,मैंने तो और कुछ भी नही किया था इस साले लखानी का मुझे नही पता …”

कपूर ने लखानी की ओर देखा

“नही नही मैंने भी कुछ ऐसा नही किया था फिर हमे गोवा जाना हो गया जंहा की ये फ़ोटो है और फिर आकर पता चला की यंहा उस लड़की के साथ कुछ बुरा हो गया है और उसे कोई शेख उठाकर ले गया ,या शायद वो खुद चली गई अभी तक कुछ क्लियर नही हुआ “

“ह्म्म्म तो इस केस में हमारा तो कोई हाथ नही था फिर ये साला तस्वीर का क्या चक्कर है “

ओबराय ने अपनी बात रखी ..

“ह्म्म्म यार मुझे पूर्वी के लिए डर है क्योकि गौरव भी तो उस लड़की का दोस्त था ना,और फिर मालती उस समय उनलोगों की प्रोफेसर थी अगर मालती के पास वो फ़ोटो था तो कही ऐसा तो नही की गौरव ने जानबूझकर पूर्वी को फसाया हो ,हो सकता है की वो लोग हमारे ऊपर नजर रखे हो ,या उन्हें लगता हो की उस लड़की के गायब होने में हमारा कोई हाथ है और फ़ोटो इसलिए क्योकि इसमें हम तीनो का पूरा परिवार एक साथ है,ना जाने वो किसको टारगेट कर रहे थे,शायद सबको जो उनके हाथ में आ जाए “

कपूर की बात सुनकर सभी गंभीर हो गए

“लेकिन ...इससे उन्हें क्या मिलेगा,मतलब बेचारी पूर्वी को आखिर उस फार्मूले के बारे में क्या पता “

लखानी ने शक व्यक्त किया

“लेकिन बात फार्मूले की हो ही ना बात बदले की हो,कही गौरव पूर्वी के जरिये हमसे बदला तो नही लेना चाहता “कपूर की आवाज में चिंता और भी बढ़ गई थी…

“नही यार वैसा लड़का तो लगता नही मुझे वो ,जिस तरह से सपना और गौरव उसके बारे में बताते है मुझे तो नही लगता की ऐसा कुछ होगा …”ओबराय ने कपूर को दिलासा देने वाले स्वर में कहा ..

“अब फ़ोटो मालती के पास क्यो थी ये वो ही बता सकती है ,क्या किया जाए की उससे उगलवाया जाए,केडनेप करवा ले साली को ,हमारे बच्चों का सवाल है …”इस बार लखानी थोड़े गुस्से में था ,लेकिन उसकी बात सुनकर इधर रिकार्डिंग सुन रखे सपना और गौरव भी चौक गए ..

“नही नही यार क्यो लफड़ा बढ़ाने की बात कर रहा है हमारे बच्चों को कुछ नही होगा ,और कपूर तू फिक्र मत कर पूर्वी को भी कुछ नही होगा,रोहन और सपना उसके साथ है,और अगर उस गौरव के बच्चे ने ऐसा कुछ करने की सोची भी तो साले को अपने हाथो से मौत के घाट उतारूंगा,लेकिन मुझे लगता है की मालती को किडनैप करना सही प्लान नही होगा,क्योना इस बारे में हम रोहन और सपना से सलाह ले ले..”ओबराय की बात सुनकर शायद दोनों ही चौक गए

“मतलब क्या है तेरा वो शेख फिर से इंडिया में आने की कोशिस कर रहा है जिसने पहले ही एक लड़की को गायब कर दिया जिसका आजतक कोई पता नही चल पाया है,और साले तू इसे बच्चों का खेल समझ रहा है”कपूर भड़क गया था

“तुझे क्या लगता है की हमारे बच्चे अभी भी बच्चे ही है ,साले वो हमारा खून है,और जब हम उनकी उम्र में थे तो कितने करामाती है भूल गया,इनके उम्र में हमने अपने बाप का बिजेस खुद ही सम्हालना शुरू कर दिया था,वो बड़े हो गए है और अगर हम उन्हें सच्चाई बता दे तो शायद वो इसे ठीक से समझ सके ,तुम लोग बोलो तो मैं रोहन से अकेले में इसके बारे में बात करू,हा मुझे भी समझ आ रहा है की अगर हमारे सामने सच्चाई नही आयी तो खतरा हो सकता है लेकिन अब उस खतरे के बारे में हमे अपने बच्चों को भी बता ही देना चाहिए,पूर्वी को नही तो कम से कम रोहन और सपना को तो बता ही देना चाहिए ताकि वो दोनों ही सम्हल कर रहे और पूर्वी को भी बचाये और साथ ही सपना मालती की खास बन चुकी है क्या पता उसे किडनैप करवाने की जरूरत ही ना पड़े बात ऐसे ही पता लग जाए,और अगर कुछ ना हुआ तो हमारे पास अपना तरीका तो है ही ,किडनैप करवा लेंगे साली को फिर तो उसका बाप भी बताएगा की ये फोटो उसके पास क्यों है ..”

ओबराय की बात से वंहा थोड़े देर के लिए शांति छा गई

“हम्म ठीक है लेकिन रोहन नही सपना को भी इस बारे में बता,क्योकि मुझे रोहन के दिमाग पर भरोसा नही है ,”

कपूर की बात सुनकर वंहा बैठ हर व्यक्ति हँसने लगा साथ ही उनकी बात सुन रही सपना भी जबकि रोहन ने अपना मुह बनाया ..

…………………..

“तो रोहन बात अब हमतक आने वाली है ,मालती को अगर इन लोगो ने किडनैप किया तो मुश्किल हो जाएगी जबरदस्ती में प्रॉब्लम्स खड़ी होंगी ,उन्हें हमे अपनी बातों से रोकना है और उन्हें यकीन भी दिलाना है की हम उसे अपने तरीके से हैंडल कर लेंगे,और यार मालती के ऊपर कुछ कर उसे तुझे भी सम्हालना है,प्लान पता है ना की तुझे क्या करना है और कैसे फोटो का राज उसके मुह से निकलवाना है…”

सपना ने बड़ी उम्मीद से रोहन को देखा ,रोहन ने बस मुस्कुराते हुए अपना सर हिलाया ………….



josef
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अध्याय 29

हल्की हल्की बारिश की फुहारों में भीगा हुआ गौरव अभी घर के पोर्च में खड़ा था,पास ही खिड़की से फैलती हुई रोशनी से वंहा थोड़ी रोशनी थी,वो बेचैनी से खुद की भावनाओ पर काबू पाकर वंहा चहलकदमी कर रहा था,कमरे की खिड़की ना पूरी बंद थी ना ही पूरी खुली,लेकिन जितनी भी खुली थी उससे पता चल रहा था की अंदर तेज लाइट जल रही है वही वंहा से आती हुई आवाजे भी उसे साफ सुनाई दे रही थी ,वो बेचैन और भी बेचैन हो रहा था ,उसने खिड़की से झांकने की भी कोशिस की लेकिन उसे कुछ दिखाई नही दिया,हा परछाईया जरूर दिखाई पड़ी जिससे प्रतीत होता था की एक लड़की अपने कपड़े उतार कर फेक रही है वही एक मर्द भी अपने कपड़े उतार कर नंग हो रहा है,उसने दो नंगे जिस्म की परछाइयों को आपसे में लपटते देखा था और फिर दोनों ही बिस्तर में गिर गए ..

सिसकियां तेज हो रही थी जिससे गौरव की बेचैनी और भी बढ़ रही थी ,गौरव की भी सांस तेज होने लगी थी..

“अअअअअअअ हहहह ...रोहन ..”

एक चीख से ऐसा लगा जैसे लड़की की योनि में लड़के का लिंग प्रवेश कर चुका है,कहने की बात नही थी की लिंग रोहन का था..

रोहन का नाम सुनकर गौरव को तेज झटका सा लगा लेकिन वो खुद को सम्हालने की कोशिस कर रहा था,वो चाहता था की वो दरवाजा पिट कर दोनों को उस प्रेममिलाप से बाहर निकाले लेकिन फिर वो मोबाइल पर आये उस मेसेज को देखकर चुप रह जाता था,उसे इंतजार करने को कहा गया था जबतक की ये खेल खत्म नही हो जाता,शायद उसे ये जानबूझ कर दिखाया या सुनाया जा रहा था ताकि उसे अपनी गलती का अहसास हो सके…..

“तुम बड़ी करारी हो जान कब से तुम्हारे साथ ये करना चाह रहा था..”

रोहन जैसे उस नंगे जिस्म पर टूट ही पड़ा था,सिसकियां और भी तेज हो रही थी और आउच आह जैसी आवाज जोरो से आने लगी थी..

“तुम तो उस कमीनी सपना के साथ ही चिपके रहते हो ,मेरे ऊपर तो तुम्हारा ख्याल भी नही गया”

“ऐसी बात नही है मेरी जान तुम तो मेरी जान हो ,तुम्हारे हुस्न का तो मैं हमेशा से ही कायल रहा हु”

रोहन का ये बोलना था की गु गु की आवाज आने लगी थी,जैसे रोहन ने अपने होठो को उसके होठो से लगा दिया हो ,चूमने और चूसने में भी इतनी शिद्दत थी की आवाजे बाहर तक सुनाई दे जाती थी..

इधर गौरव के सब्र का बांध टूटने को हो रहा था,वो गुस्से में आ चुका था लेकिन कुछ कर नही सकता था,आवाजे तेज हो रही थी और वैसे ही गौरव की सांस भी …

“आह रोहन ...फक मि डार्लिंग ,तुम्हारे जैसा आज तक नही लिया मैंने ,आह रोहन फक मि ..”

आवाजे तेज हो रही थी ,अंत समीप ही था…

“ओह बेबी यू यार टू गुड ,आह आह आई एम कमिंग बेबी ..”

“या फक मि हार्ड ,मेरे अंदर ही गिरा दो..यस “

गौरव ने सिचुएशन को समझकर अपने चहरे में आये हुए पसीने को पोछा थोड़ी देर में ही कमरे से आवाजे आनी बंद हो गई थी ...और थोड़े ही देर में घर का दरवाजा खुला ..

“ओह गौरव हाय..”

रोहन के होठो में एक कमीनी सी मुस्कान थी वो अपनी पेंट की चैन लगा रहा था,

गौरव ने उसका कोई भी जवाब नही दिया वो अंदर जाने के लिए हुआ लेकिन रोहन ने उसे रोक दिया ..

“रिलेक्स मेन ,मैं बियर लेने जा रहा हु जो भी काम हो थोड़ा जल्दी निपटान क्या है तुम्हारे कारण बस एक ही राउंड हो पाया है ,आज पहली बार है तो रात भर करने का मुड़ है..होप मेरे आने तक तुम अपना काम निपटा लोगे…”

गौरव ने फिर से कोई जवाब नही दिया लेकिन रोहन के होठो में वही कमीनी सी मुस्कान थी उसने गौरव को बिना कुछ कहे ही अपना बाइक स्टार्ट किया और वंहा से निकल गया….

गौरव अंदर आ चुका था…

“व्हाट द फक ...ये सब हो क्या रहा है यंहा पर तुम मुझे इम्पोर्टेन्ट काम बोलकर यंहा बुलाती हो और फिर ये सब ..क्या दिखाना चाहती हो तुम मुझे ..”

उधर से बस एक कातिल सी मुस्कान आयी

“यही की तुम अकेले नही हो ,मेरे कई दीवाने है जो मेरे एक इशारे पर कुछ भी कर सकते है..”

“तुमने ये दिखाने के लिए मुझे यंहा बुलाया था”

गौरव बुरी तरह से झल्ला गया

“क्या ये जानना भी तुम्हारे लिए इम्पोर्टेन्ट काम नही है “

“रोहन तुम्हारा यूज़ कर रहा है मालती ..”

गौरव झल्ला कर बोला,वही मालती हँसने लगी

“तुमने मुझे यूज़ किया गौरव,जब से पूर्वी तुम्हारे जीवन में आयी तुमने मुझे चाय में गिरी मख्खी की तरह निकाल कर फेक दिया,तुम्हे क्या लगा की तुम्हारे बिना मैं अकेली हो जाऊंगी नही गौरव नही ,चूत गुड़ की तरह होती है अगर खुल जाए तो मख्खियां खुद ब खुद आसपास झूमने लगती है ...वैसे रोहन बता रहा था की पूर्वी का गुड़ भी काफी मीठा है..”

मालती जोरो से हंसी वही गौरव का पारा चढ़ गया

“इनफ इस इनफ मालती पूर्वी को बीच में मत लाओ ..”

गौरव लगभग चीखा लेकिन उसके चीख में वो आवाज नही थी ..

“अच्छा सारा गुड़ तुम खाओ और हम रहे भूखे...भूलना मत गौरव की अगर हमारे संबंधों का पता पूर्वी को चल गया ना तो वो तुम्हारे पास एक पल भी नही रुकेगी ..”

इस बार मालती की बात सुनकर गौरव जोरो से हँसने लगा था ..

“उसे हमारे बारे में सब पता है,उसे शादी से पहले ही पता था चूतिया ने बताया था”

मालती बुरी तरह से चौकी

“किस चूतिया ने “

“अरे डॉ चुटिया..चुन्नीलाल “

“ओह तो वो कमीना भी …...उसने कविता को तुमसे अलग कर दिया और अब पूर्वी को भी अलग करना चाहता है..आखिर ऐसी क्या बात हो गई जो उसने पूर्वी को ये सब बताया था “

मालती के चहरे में आ रहे चिंता के भाव से गौरव के चहरे पर भी चिंता के भाव आने लगे थे,वो नही चाहता था की मालती को उसके बारे में कोई भी शक हो ..

“वो सब छोड़ो तुमने मुझे क्यो बुलाया था और के कमीना रोहन यंहा क्यो आया है ,मालती मेरी बात मानो ये साला बहुत कमीना है तुम्हे पटा कर तुम्हारा यूज़ करेगा..,”

मालती जोरो से हंसी

“तुम्हे मेरी बहुत फिक्र हो रही है गौरव बाबू,मेरी फिक्र मत करो और मैंने तुम्हे यही दिखाने के लिए बुलाया था लेकिन तुम्हारी बात सुनकर मेरा दिमाग खटकने लगा है,

“तुम अपना दिमाग मत खटकाओ और आइंदा ऐसे मेरा समय बर्बाद करने की कोशिस भी मत करना,तुम्हारा जीवन है जिससे चाहो चुड़वाओ ..”

गौरव गुस्से से निकल रहा था तभी उसे मालती की आवाज सुनाई दी

“यही बात अपनी बीबी को भी बोल देना,क्योकि मुझे लगता है की कुछ दिनों बाद तुम्हे मेरी जगह तुम्हरी बीबी मिलेगी ..”

गौरव को मालती की जोरो की हंसी सुनाई दी उसे गुस्सा तो बहुत आया था लेकिन वो कुछ करना नही चाहता था…….









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