आखिरी शिकार

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Re: आखिरी शिकार

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"ओह !" - राज ने यूं अपनी हथेलियां रगड़नी बन्द कर दी जैसे वह चोरी करते पकड़ा गया हो - "दरअसल हनी, यह मेरी बड़ी पुरानी आदत है । जब मैं बहुत खुश होता हूं तो अपने दोनों हाथों की हथेलियां एक-दूसरे से रगड़ने लगता हूं। और जब मैं बहुत क्रोधित होता हूं तो अपने दायें हाथ की मुट्ठी बांध कर अपने बायें हाथ की हथेली पर मारने लगता हूं | यूं |"
और राज ने दूसरा एक्शन भी करके दिखाया । मेरी चिन्तित दिखी देने लगी।

"सोहबत का असर है ।" - राज बोला "क्योंकि मेरा दोस्त ऐसे करता था इसलिये मैं भी ऐसा करने लगा।"

"वही दोस्त जिसकी गर्ल फ्रेंड का नाम मेरी है ?" - मेरी ने पूछा।

"हां।"

मेरी ने शैम्पेन की बोतल उठाई और शैम्पेन गिलासों में डालने लगी।

"बेचारा बहुत भला आदमी था । अपने देश के लोगों के अतिरिक्त अगर मेरी किसी से जिगरी दोस्ती हुई थी तो उसी से हुई थी।"

“अब कहां गया वह ?" - मेरी ने एक गिलास राज को थमा दिया और दूसरा खुद ले लिया ।

"पता नहीं । मुझे उससे मिले हुये बहुत अरसा हो गया है लेकिन मुझे मालूम हुआ है कि आज कल वह लन्दन में ही है ।"

मेरी शैम्पेन की चुस्कियां लेने लगी।

"इतना आकर्षक व्यक्तित्व था उसका कि लड़कियां उस पर जी-जान से फिदा हो जाती थीं लेकिन वह था कि सिर्फ मेरी से मुहब्बत करता था लेकिन बाद में बेचारे में एक खराबी पैदा हो गई थी।"

"क्या ?"

"उसके गले में गोली लग गई थी जिसकी वजह से उसकी आवाज में ऐसा नुक्स पैदा हो गया था कि वह केवल भर्राई हुई धीमी आवाज में ही बोल पाता था । वह ऊंचा बोलने की कोशिश करता था तो उसके गले से आवाज नहीं निकलती थी
मेरी ने खट्ट से अपना शैम्पेन का गिलास मेज पर रख दिया।

"क्या नाम है तुम्हारे दोस्त का ?" - वह तीव्र स्वर से बोली।

"जार्ज ।" - राज शान्ति से बोला - "जार्ज टेलर ।"

"ओह माई गॉड !" - वह हताश और क्रोधपूर्ण स्वर से बोली - "मैं फिर मूर्ख बन गई । एक जोकर और आ गया ।"

"क्या मतलब ?" - राज मासूमियत-भरे स्वर से बोला।

वह अपने स्थान से उठ खड़ी हुई और चिल्लाकर बोली - "तुम लोग मेरे पीछे क्यों पड़े हुये हो?"

"कौन तुम्हारे पीछे पड़ा हुआ है ?"

"अब ज्यादा बनने की कोशिश मत करो । फौरन यहां से दफा हो जाओ व मैं शोर मचा दूंगी।"

राज ने भी अपना शैम्पेन का गिलास मेज पर रख दिया और अपने पैरों पर उठ खड़ा हुआ ।

"तो तुम स्वीकार करती हो कि तुम जार्ज टेलर को जानती हो और तुम्हीं उसकी मेरी नाम की गर्ल फ्रेंड हो?"

"आई से गेट आउट ऑफ हियर ।"

"और तुम जे सिंहाकुल नाम के उस थाई को भी जानती हो जो कुछ दिन पहले जार्ज टेलर को तलाश करता हुआ यहां आया था लेकिन अगली सुबह इसी इमारत के समीप से गुजरती रेलवे लाइन पर उसकी कटी हुई लाश पाई गई थी?"

“मैं किसी को नहीं जानती ।"

"तुम सब जानती हो । मैडम, जे. सिंहाकुल की हत्या की गई थी और उस हत्या में तुम्हारा भी हाथ था ।"

"यह झूठ है । वह आदमी एक्सीडेन्ट से रेल के नीचे आ गया था । पुलिस भी यही कहती है ।

अखबार में भी यही छपा है ।"

"पुलिस यह कहती है । अखबार में यह छपा है लेकिन यह सच नहीं है। और सच क्या है, उसे तुम जानती हो । जे सिंहाकुल यहां आया था और जार्ज टेलर ने उसकी हत्या कर दी थी। फिर उसने ऐसी स्टेज तैयार कर दी कि तफ्तीश से ऐसा मालूम हो कि वह रेल द्वारा दुर्घटनावश कट मरा है।"

"यह सरासर झूठ है । जार्ज टेलर जे सिंहाकुल की मौत का जिम्मेदार नहीं हो सकता । मैंने महीनों से जार्ज टेलर की सूरत नहीं देखी है।"

"तुम झूठ बोल रही हो । तुम अभी उसी दिन जार्ज टेलर से मिली हो जिस दिन जे सिंहाकुल की हत्या हुई थी।"

"तुम चाहते क्या हो?"

"मैं जार्ज टेलर का पता जानता चाहता हूं।"

"मुझे नहीं मालूम उसका पता । और अगर मुझे मालूम भी होता तो मैं बताती नहीं ।"

"क्यों?"

"क्योंकि मैं किसी बखेड़े में नहीं फंसना चाहती। वह पहला आदमी भी जार्ज टेलर का पता जानने की नीयत से यहां आया था और परलोक सिधार गया था ।"
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"लेकिन मैं आसानी से मरने वाला नहीं हूं। मैं जार्ज टेलर के लिये तैयार होकर आया हूं |"

"लेकिन मिस्टर, बाई गॉड, मुझे टेलर का पता नहीं मालूम । मैं सच कह रही हूं, मैंने महीनों से उसकी सूरत नहीं देखी ।"

"मुझे तुम्हारी बात पर विश्वास नहीं ।"

"वह थाई भी मेरी बात का विश्वास नहीं कर रहा था । लेकिन मैं सच कह रही हूं मुझे नहीं मालूम जार्ज टेलर कहां है ! जार्ज टेलर मुझसे मुहब्बत करता था । हम दोनों शादी करने वाले थे और फिर एकाएक वह कहीं गायब हो गया । मुझे खुद उसकी तलाश है।"
राज सोचने लगा।

"और अगर तुम्हारा वह थाई साथी इसीलिये मरा है क्योंकि वह जार्ज टेलर के पीछे पड़ा हुआ था तो विश्वास करो तुम्हारी भी खैर नहीं । जार्ज टेलर बहुत खतरनाक आदमी है । वह तुम्हारा भी तुम्हारे साथी की तरह काम तमाम कर देगा ।"

"तुम मुझे धमका रही हो?"

"मैं तुम्हें हकीकत बता रही हूं।"

राज कुछ क्षण अनिश्चित सा मेरी का मुंह देखता रहा । फिर उसके दिमाग में एक नया ख्याल आया । उसने अपना पर्स निकाल लिया ।

"मेरी" - वह मीठे स्वर से बोला - "मुझे जार्ज टेलर का पता बता दो । बदले में मैं तुम्हें पचास पाउन्ड दूंगा।"

मेरी की आंखें लालच से चमक उठी लेकिन लगभग फौरन ही वह चमक उसकी आंखों से गायब हो गई।

"लेकिन मुझे उसका पता मालूम तो हो !" - वह बेबस स्वर में बोली।

"मैं सौ पाउन्ड दूंगा।"

"बाई गॉड, मिस्टर, मुझे पैसे की बहुत जरूरत है । मैं इतनी बड़ी रकम का लालच भी नहीं छोड़ सकती । अगर मुझे उसका पता मालूम होता तो मैं तुम्हें जरूर बता देती ।"

"उसने तुमसे कभी सम्पर्क स्थापित नहीं किया

"कुछ महीने पहले तक कभी-कभी उसका फोन आया करता था ।"

"कहां से?"

"मालूम नहीं।"

"कोई चिट्ठी पत्री?"

मेरी कुछ क्षण हिचकिचाई और फिर बोली - "हां मेरे पास उसकी एक चिट्ठी है।"

"उस पर जार्ज टेलर का पता लिखा था ?"

"हां।"

"पता क्या था?"

"पता मुझे याद नहीं लेकिन मुझे इतना याद है कि वह चिट्ठी डेनवर से आई थी।"

"कभी उसने तुमसे डेनवर का जिक्र किया था ?"

"हां । लगभग चार साल पहले उसने मुझे एक बार बताया था कि डेनवर के समीप का एक छोटा-सा टापू उसे विरासत में मिला था । और यह कि वह उस टापू पर एक बंगला बनवाने वाला था ।"

"उस टापू का कोई नाम? कोई ठीक पता ठिकाना?"

"मुझे याद नहीं ।"

"आखिरी बार वह तुमसे कम मिला था ?"

"लगभग छ: महीने पहले ।"

"कहां?"

“यहीं।"

"और उसके बाद?"

"उसके बाद वह पता नहीं कहां गायब हो गया ! मुझे खुद उसका इन्तजार है ।" "उसके बाद तुम हाल में उससे मिली थी जब जे सिंहाकुल की हत्या हुई थी।" "बाई गॉड, नहीं।" “अच्छा, छोड़ो | कभी उसने तुम्हारे सामने किसी यार दोस्त का जिक्र किया हो ?"

"यार दोस्त तो नहीं" - मेरी सोचती हुयी बोली "लेकिन उसकी एक बहन है ।"

“बहन ?" - राज के कान खड़े हो गये ।

"हां । उसका नाम मार्गरेट टेलर है।"

"तुम कैसे जानती हो उसे ?"

"मैं जानती नहीं । एक दिन उसने फोन करके टेलर के बारे में पूछा था । जार्ज ने उसे मेरे बारे में बताया होगा । तभी तो उसने यहां फोन किया था

"यह कब की बात है ?"

"लगभग आठ महीने पहले की ।"

"फिर?"

"उस वक्त जार्ज यहां था नहीं। उसने कहा जब जार्ज आये तो अपनी बहन को फोन कर ले ।"

"उसने फोन नम्बर भी बताया होगा ?"

"हां ।"

"क्या नम्बर था ?"

"देखकर बताती हूं।"

मेरी ने टेलीफोन डायरेक्ट्री उठा ली । डायरेक्ट्री के प्रथम पृष्ट पर कुछ नम्बर लिखे हुए थे । उनमें मार्गरेट टेलर का नम्बर था-01-240-4567
राज ने वह नम्बर नोट कर लिया ।

"वह चिट्ठी कहां है जो टेलर ने तुम्हें डेनवर से लिखी थी ?"

"मेरे पास है।"

"मुझे दो।"

"ऊपर है । अभी लाती हूं।"

मेरी चली गई।

राज ने एक सिगरेट सुलगा लिया और प्रतीक्षा करने लगा।

एकाएक इमारत का वातावरण एक हृदयग्राही चीख से गूंज उठा।
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राज रिवाल्वर निकालकर तेजी से पिछली द्वार की ओर झपटा । उसने दरवाजा खोला, कुछ क्षण प्रतीक्षा की फिर रिवाल्वर ताने गलियारे में
आ गया ।

गलियारे के दूसरे सिरे पर सीढियों के पास मेरी का शरीर दोहरा हुआ पड़ा था । राज लपककर उसके समीप पहुंचा।
मेरी की गरदन टूट चुकी थी । उसे प्राण पखेरू उड़ चुके थे।

उसी क्षण राज को बाहर एक कार स्टार्ट होने की आवाज सुनाई दी । वह वापिस सामने के कमरे की ओर दौड़ा।

कमरे में पहुंचकर उसने खिड़की का पर्दा हटाया और बाहर सड़क पर झांका । एक काले रंग की कार उसके देखते-देखते सड़क पर दौड़ी और पलक झपकते दृष्टि से ओझल हो गई।
राज वापिस गलियारे में आया और मेरी के शरीर को बचाकर सीढियां चढने लगा ।

ऊपर सीढियों के सिर पर एक कमरा था जिसका दरवाजा खुला था । बत्ती जल रही थी। कमरे के फर्श पर बीस-पच्चीस चिट्ठियां फैली थीं

राज ने उन सबको देखा ।

उनमें वह चिट्ठी नहीं थी जो टेलर ने मेरी को डेनवर से लिखी थी।

राज ने कमरे में निगाह दौड़ाई । दूसरे सिरे पर एक दरवाजा था जो बाहर एक छोटी-सी बालकनी में खुलता था ।

राज बालकनी में पहुंचा । बालकनी की रेलिंग के साथ एक पतली किन्तु मजबूत रस्सी बन्धी हुई थी जो नीचे जमीन तक लटक रही थी।
यह वापिस लौटा । सीढियां उतरकर वह नीचे आया।

एक अन्तिम दृष्टि मेरी के मृत शरीर पर डालकर वह सामने के कमरे में आ गया । उसने रिवाल्वर जेब में रखी । कमरे की बत्ती बुझाई और इमारत से बाहर निकल आया ।
रात के दो बज गये थे । सन्नाटे में वह एक ओर चल दिया।

मोड़ पर उसे टैक्सी मिल गई।
***

"मेरी शेमरन भी जार्ज टेलर का शिकार हो गई है |" - राज ने सिगरेट की राख झाड़ते हुये कहा
कई क्षण कोई कुछ नहीं बोला ।

जान फ्रेडरिक, अनिल, साहनी और रोशनी सकपकाये से एक-दूसरे का मुंह देखते रहे ।
दिन के ग्यारह बजे थे।

राज क्रामवेल रोड की उस इमारत में उन लोगों के सामने बैठा था, जहां मिलर की हत्या की रात को रोशनी उसे लायी थी।

"कैसे?" - रोशनी ने पूछा ।

"मैं पिछली रात उसके निवास पर गया था ।" - राज बोला - "टेलर को किसी प्रकार पता लग गया कि मैं शेरमन के साथ था । वह मेरी के घर में छुपा हुआ हमारी बातें सुन रहा था । मेरी ने उसके डेनवर से आये एक पत्र के बारे में बताया | वह पत्र लेने गई । एक क्षण बाद ही मैंने उसकी चीख सनी । मैं दौडा । मेरी गलियारे में मरी पडी थी। टेलर उसे मारने के बाद अपना वह पत्र भी ले गया जो उसने मेरी को लिखा था और जो वह मुझे देने वाली थी ।"
"मेरी से तुम्हें और कुछ नहीं मालूम हुआ ?" - फ्रेडरिक ने पूछा।

"टेलर की मारिट नाम की एक बहन है । मेरी ने मुझे उसका फोन नम्बर बताया है । मैंने डायरेक्ट्री में मारिट का नाम और नम्बर चैक किया वह प्रिंस एल्बर्ट रोड के मिशन कम्पाउन्ड में चार नम्बर काटेज में रहती है।"

"तुम मिले उससे ?"

"अभी नहीं । मैं गया था लेकिन वह थी नहीं । थोड़ी देर बाद मैं फिर जाऊंगा ।"

कोई कुछ नहीं बोला।
***
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मिशन कम्पाउण्ड एक बहुत बड़ा अहाता था जिसमें लगभग पन्द्रह काटेज थे । राज चार नम्बर काटेज के सामने पहुंचा । उसने द्वार की कालबैल बजा दी और प्रतीक्षा करने लगा । उस समय एक बज चुका था ।

लगभग पच्चीस साल की बड़ी ही मामूली शक्ल वाली एक लड़की ने द्वार खोला ।

अपने सामने एक विदेशी को खड़ा देखकर वह उलझनपूर्ण स्वर से बोली - "यस !"

"गुड आफ्टरनून ।" - राज मीठे स्वर में बोला - "आर यू मिस टेलर?"

"यस ।"

"मेरा नाम राज है । मैं आपके भाई जार्ज टेलर का दोस्त हूं | मैं जार्ज से मिलना चाहता हूं।"

मार्गरेट के चेहरे पर उदासी के बादल छा गये ।

"आप बहुत देर से आये ।" - वह धीरे से बोली ।

"क्या मतलब?"

"जार्ज इस दुनिया में नहीं है । उसे परलोक सिधारे छ: महीने से ज्यादा हो गये हैं ।"

राज बुरी तरह चौंका।

"जी ?" - वह चिढंककर बोला ।

"जार्ज मर चुका है।"

"ठहरिये । कहीं कोई गलती तो नहीं हो रही है !

आपका नाम मार्गरेट हैं न?"

"हां।"

"आप जार्ज टेलर की बहन हैं ?"

"हां ।"

"और जार्ज मर चुका है ?"

"हां ।"
"ओह, माई गॉड ।"

"जार्ज आपका दोस्त था ?"

"बहुत अच्छा ।"

"भीतर आइये ।"

राज भीतर प्रविष्ट हुआ।

मार्गरेट उसे एक सजे-सजाये ड्राइंगरूम में ले आई।

"तशरीफ रखिये।"

राज बैठ गया।

"आप जार्ज को कैसे जानते थे ?"

कुछ क्षण राज को उत्तर नहीं सूझा । फिर वह सोचकर बोला - "चीन में कुछ दोस्तों के माध्यम से मेरी उससे मित्रता हो गई थी।"

"कौन दोस्त ? ज्योति विश्वास, जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी वगैरह ?"

"आप उन्हें जानती हैं ?" - राज हैरानी से बोला।

"जिक्र सुना है ।"

"किससे?"

"जार्ज से । वह मुझे अक्सर पत्र लिखा करता था । उसके पत्रों से ही मुझे मालूम हुआ था कि वह और उसके नौ साथी चीन में कोई गुप्त कार्य कर रहे थे । मुझे उसके सारे साथियों के नाम तक याद हैं । ज्योति विश्वास, जान फ्रेडरिक, अनिल साहनी, रोशनी, तौफीक इस्माइल, जे सिंहाकुल तांग पेई, लैला, ली ता नान । लेकिन जार्ज ने कभी आपका जिक्र नहीं किया ।"
"वह भूल गया होगा।"

"जार्ज ऐसा आदमी तो नहीं था । वह अपने मित्रों के बारे में बराबर लिखा करता था ।"

"शायद उसने लिखा हो और आपको याद न हो

मार्गरेट चुप रही लेकिन उसके चेहरे पर अविश्वास के भाव थे। “जार्ज की मृत्यु कैसे हुई ?" - राज ने प्रश्न किया।

"हांगकांग में एक मोटर दुर्घटना में । मुझे यहां के विदेश मन्त्रालय से उसकी मौत की सूचना मिली थी।"

"आपने उसकी लाश देखी थी ?"

"देखी थी । बुरी तरह कुचली हुई ।" "यानी आप लाश देखकर यह नहीं कह सकती थी कि वह जार्ज था या नहीं?"

"लेकिन वह जार्ज था । वह जरूर जार्ज था ।"

"आप यह दावा कैसे कर सकती हैं जबकि उसकी शिनाख्त सम्भव नहीं थी?"

"क्योंकि लाश की जेब से जार्ज का पासपोर्ट और उसके अन्य कागजात मिले थे ।"

"फिर भी गलती हो ही जाती है ।"

“आप कहना क्या चाहते हैं ?"

"मैं कहना चाहता हूं कि आपका भाई जीवित है

“आपको कैसे मालूम ? आपने देखा है जार्ज को ?" - वह तीव्र स्वर से बोली ।

"मैंने सूरत तो नहीं देखी, आवाज सुनी थी लेकिन आप जानती हैं कि अपनी आवाज के कारण वह लाखों में पहचाना जा सकता है।"

"मुझे विश्वास नहीं होता । आपको जरूर कोई गलतफहमी हुई है । मुझे अपने देश के विदेश मंत्रालय पर पूरा विश्वास है । उनसे ऐसी भारी गलती नही हो सकती । आपने मेरा पता कैसे जाना?"

"डायरेक्ट्री में आपके भाई का पता तलाश कर रहा था टो मुझे आपका नाम दिखाई दे गया ।

जार्ज टेलर आपका जिक्र अक्सर किया था इसलिये मुझे आपका नाम याद था । मैंने सोचा शायद आप जानती हों कि आजकल जार्ज कहां है?"

"जार्ज मर चुका है ।" - मारिट पटाक्षेप सा करती हुई बोली।

"अगर वह जीवित हो तो क्या आपको खुशी नहीं होगी?"

"क्यों नहीं होगी? मगर यह सम्भव नहीं है। जार्ज मर चुका है ।"

"लेकिन..."

उसी क्षण बड़ी जोर से काटेज की घण्टी बज उठी।
मार्गरेट द्वार की ओर बढी । राज भी उठ खड़ा हुआ।

मार्गरेट ने द्वार खोला ही था कि किसी ने जोर से द्वार को धकेला । वह लड़खड़ाकर पीछे हट गई।
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