Incest Main meri family aur mera gaon part -2

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SID4YOU
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Incest Main meri family aur mera gaon part -2

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Is kahani ke pahle part hindi me padhne ke liye yahan clik kare मैं और मेरा परिवार yaha yah story isse aage chalu rahegi thanks..... SID4YOU


फ्लॅशबॅक 1060

अवी की हालत मे जल्द से जल्द सुधार लाना चाहते थे पिताजी.

पिताजी ने अवी को ठीक करने के लिए शहर2 को डॉक्टर को दिखाया.

पर हर तरफ से यही सुन ने को मिल रहा था की अवी को प्यार की ज़रूरत है.

सुमन दिन हो रात अवी का पूरा ध्यान राक रही थी.

नेहा भी अवी को देखने के लिए रोज आती थी.

गंतो अवी के पास बैठ कर बाते करती रहती थी. पर अवी के मूह से एक वर्ड भी नही निकलता था.

नेहा और सुमन अवी को इतना प्यार दे रहे थे कि जिसे देख कर पिताजी को लगता कि अवी जल्दी ठीक हो जाएगा .

हर कोई अपने तरफ से पूरी कोशिश कर रहा था.

कोई भगवान से दुआ माँग रहा था तो कोई डॉक्टर के पास जाकर इलाज़ ढूँढ रहा था.

नीता कभी जोकर बनके अवी को हसने की कोशिश करती तो कभी जोक सुनती.

पूजा भी अपने तरफ से जितना हो सके उतना कर रही थी.

अवी के आने से पिताजी ने राज की तरफ ध्यान देना बंद किया तो पूजा उदास हो गयी पर पहले अवी को ठीक करना ज़रूरी था.

पूजा डरा के अवी को ठीक करने की कोशिश कर रही थी तो नीता हसा कर

नेहा शालिनी भाभी के क़िस्से सुनकर अवी को ठीक करना चाहती थी.

सुमन अपने प्यार से अवी को ठीक करना चाहती थी.

मीना घर को देखते हुए अवी का ख़याल रख रही थी. उसके मेडिसिन का ध्यान रख रही थी.

सीमा सुमन की मदद कर रही थी.

पिताजी अवी के लिए बड़ा सा बड़ा डॉक्टर ला रहे थे.

रमेश ने आयुर्वैदिक का आइडिया दिया तो वो भी ट्राइ किया.

सुरेश और जतिन ने भी कुछ आश्रम मे पूछा कि कोई पुरानी ट्रीटमेंट है जो अवी को ठीक कर सकती है.

सब अवी के बारे में सोच रहे थे. ऐसे मे मीना माँ बनी कि नही इस्पे किसी का ध्यान नही था.

छोटू को लग रहा था कि पिताजी को पोता मिल गया .पर खुद बाप ना बन ने से वो अंदर ही अंदर दुखी था.

ऐसे दिन निकलते गये .पिताजी ने हवेली जाना बंद किया और ज़्यादा से ज़्यादा समय घर पे रह कर बिताने लगे.

ऐसे दिन निकलते गये .शालिनी को गये हुए 1 साल हो गया.

ऐसे मे एक दिन बारिश के दिनो मे अवी की हालत बहुत खराब हो गयी , सबको लगा कि अवी को ठंड लग रही है , सुमन और नेहा ने अपने बदन की गर्मी दे कर पूरी रात अवी के साथ सो कर बिताई.

उस दिन सुमन समझ गयी कि नेहा अवी से कितना प्यार करती है. पर वो दिखाने के लिए नफ़रत करती है.

सुमन ने ये बात किसी को नही बताई पर नेहा के साथ अवी को प्यार देने लगी.

ये बात सुमन और नेहा के अलावा किसी को पता नही थी.

उस रात के बाद अवी की हालत मे काफ़ी सुधार आ गया

अवी की हालत अच्छी होते हुए देख कर पिताजी को अच्छा लगने लगा.

अवी की हालत कभी अच्छी तो कभी खराब होने लगी.

सब को लगा कि अब अवी जल्दी ठीक हो जाएगा .

डॉक्टर ने अवी का चेकप किया और बता दिया कि हालत मे सुधार हो रहा है.

सुमन और नेहा ये बात सुनकर खुश हो गयी.

सुमन-नेहा.

नेहा-हाँ

सुमन-कल रात हम ने जो किया.

नेहा-मैं ने क्या किया.

सुमन-हम अवी को गर्मी देने के लिए उसके सोई थी ना

नेहा-कब ,मुझे तो याद नही है

सुमन-तू झूठ क्यूँ बोल रही है.

नेहा-मैं अवी के साथ ऐसा क्यूँ करूँगी. आप कुछ भी बोल रही है. मैं उस से नफ़रत करती हूँ

सुमन-समझ गयी.

नेहा-क्या

सुमन-तू शालिनी भाभी से बहुत प्यार करती है.

नेहा-मैं जा सकती हूँ

सुमन-हाँ, और तेरा सीक्रेट किसी को नही बताउन्गी.

नेहा-कुछ था ही नही तो क्या बताएगी.

अवी को देख कर पिताजी उसको अपने बचपन के किस्से सुना कर उसका दिल बहला रहे थे.

छोटू तो बाप ना बन ने से उदास था .ऐसे मे उसकी बीवी अवी के साथ ज़्यादा समय बिताने लगी.

छोटू ऐसे मे अपने दोस्तो के साथ रहने लगा.

छोटू का दोस्ता भोला नही रहा ऐसे मे छोटू और सरपंच का बेटा जो अब सरपंच बन गया था वो मंगला का ख़याल रखने लगे.

छोटू अपने दोस्त के साथ रह कर अपने गुम को छुपाने लगा.

पिताजी ने खेतो का काम छोटू को दिया था जिस पे मीना भी ध्यान रखने लगी.






flashback 1060


Avi ki halat me jald se jald sudar lana chahte the pitaji.

Pitaji ne Avi ko tik karne ke liye shahar2 ko doctor ko dikaya.

Par har taraf se yahi sun ne ko mil raha tha ki Avi ko pyar ki jarurat hai.

Suman din ho raat Avi ka pura dyan rak rahi thi.

Neha bhi Avi ko dekne ke liye roj aati thi.

Ganto Avi ke pass baite kar bate karti rahti thi. Par Avi ke muh se ek word bhi nahi nikalta tha.

Neha aur suman Avi ko itna pyar de rahe the ki jise dek kar pitaji ko lagta ki Avi jaldi tik ho jayenga.

Har kohi apne taraf se puri khosish kar raha tha.

Kohi BHAGVAN se duva maang raha tha to kohi doctor ke pass jakar ilaz dund raha tha.

Neeta kabi jokar banke Avi ko hasane ki ki khosish karti to kabi joke sunati.

Pooja bhi apne taraf se jitana ho sake utna kar rahi thi.

Avi ke aane se pitaji ne raj ki taraf dyan dena band kiya to pooja udss ho gayi par pahale Avi ko tik karna jaruri tha.

Pooja dara ke Avi ko tik karne ki khosish kar rahi thi to neeta hasa kar

Neha shalini bhabhi ke kisse sunakar Avi ko tik karna chahti thi.

Suman apne pyar se Avi ko tik karna chahti thi.

Meena ghar ko dekte huye Avi ka khayal rak rahi thi. Uske medicine ka dyan rak rahi thi.

Seema suman ki madat kar rahi thi.

Pitaji Avi ke liye bada sa bada doctor la rahe the.

Ramesh ne aaurvedic ka idea diya to wo bhi try kiya.

Suresh aur jatin ne bhi kuch aashram me pucha ki kohi purani treatment hai jo Avi ko tik kar sakti hai.

Sab Avi ke bareme soch rahe the. Aise me meena maa bani ki nahi ispe kisi ka dyan nahi tha.

Chhotu ko lag raha tha ki pitaji ko pota mil gaya .par khud baap na ban ne se wo undar hi undar duki tha.

Aise din nikalte gaye .pitaji ne haweli jana band kiya aur jada se jada samay ghar pe rah kar bitane lage.

Aise din nikalte gaye .shalini ko gaye huye 1 saal ho gaya.

Aise me ek din barish ke dino me Avi ki halat bahot kharab ho gayi , sabko laga ki Avi ko thand lag rahi hai , suman aur neha ne apne badan ki garmi de kar puri raat Avi ke sath so kar bitai.

Us din suman samaj gayi ki neha Avi se kitna pyar karti hai. Par wo dikane ke liye nafrat karti hai.

Suman ne ye bat kisi ko nahi batai par neha ke sath Avi ko pyar dene lagi.

Ye bat suman aur neha ke alava kisi ko pata nahi thi.

Us raat ke bad Avi ki halat me kafi sudar aa gaya

Avi ki halat achi hote huye dek kar pitaji ko acha lagne laga.

Avi ki halat kabi achi to kabi kharab hone lagi.

Sab ko laga ki ab Avi jaldi tik ho jayenga.

Doctor ne Avi ka checkup kiya aur bata diya ki halat me sudar ho raha hai.

Suman aur neha ye bat sunkar khush ho gayi.

Suman-neha.

Neha-haa

suman-kal raat ham ne jo kiya.

neha-main ne kya kiya.

suman-ham Avi ko garmi dene ke liye uske soyi thi na

neha-kab ,muze to yaad nahi hai

suman-tu zut kyu bol rahi hai.

neha-main Avi ke sath aisa kyu karungi. aap kuch bhi bol rahi hai. main us se nafrat karti hu

suman-samaj gayi.

neha-kya

suman-tu shalini bhabhi se bahot pyar karti hai.

neha-main ja sakti hu

suman-haa, aur tera secret kisi ko nahi bataungi.

neha-kuch tha hi nahi to kya batayengi.

Avi ko dek kar pitaji usko apne bachpan ke kisse suna kar uska dil bahala rahe the.

chhotu to baap na ban ne se udass tha .aise me uski biwi Avi ke sath jada samay bitane lagi.

chhotu aise me apne dosto ke sath rahne laga.

chhotu ka dosta bhola nahi raha aise me chhotu aur sapanch ka beta jo ab sarpanch ban gaya tha wo mangala ka khayal rakne lage.

chhotu apne dost ke sath rah kar apne gum ko chupane laga.

pitaji ne kheto ka kaam chhotu ko diya tha jis pe meena bhi dyan rakne lagi
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SID4YOU
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Re: Main meri family aur mera gaon

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फ्लश 1061


पिताजी कुछ हद तक नॉर्मल हुए

अवी की हालत मे काफ़ी सुधार आया है

सुमन और नेहा की प्यार अवी को ठीक कर रहा था

पिताजी ने अपनी फॅमिली के बारे में सोचना सुरू किया

अब वो कुछ ऐसा वैसा नही होने देंगे

पर इसी बीच पिताजी को एक ऐसा सच पता चला जिस से पिताजी सोच मे पड़ गये

एक दिन पिताजी अवी के लिए मेडिसिन लाने शहर गये थे

पिताजी मेडिसिन लेने के बाद पिताजी बस स्टॉप गये थे कि उनको एक आदमी ने आवाज़ दी

आदमी- योगेंद्रसिंघ

पिताजी ने पलट कर देखा

एक बूढ़ा आदमी उनको आवाज़ दे रहा था

पिताजी ने कभी उसको देखा नही था जिस से वी आगे जाने लगे

आदमी- योगेंद्रसिंघ ,

पिताजी इस बार रुक गये ,

पिताजी- कौन हो तुम और मेरा नाम क्यूँ ले रहे हो

आदमी- मुझे आप से बात करनी है

पिताजी- क्या मैं आपको जानता हूँ

आदमी- नही ,

पिताजी- तो अपने रास्ते जाओ

आदमी- मुझे आपसे एक बात बतानी है

पिताजी- मेरा दिमाग़ खराब मत करो ,, मुझे अपने गाँव जाना है

अवी की मेडिसिन ले जाना ज़रूरी थी

पिताजी ने उस आदमी को इग्नोर कर दिया

पिताजी अपनी बस की तरफ जाने लगे कि उस आदमी ने फिर से आवाज़ दी ,, इस बार पिताजी के पैर अपना आप रुक गये

आदमी- मुझे जयसिंघ के बारे में बात करनी है

पिताजी रुक कर पलट गये

आदमी- मुझे जयसिंघ के आक्सिडेंट के बारे में बात करनी है

पिताजी - क्या बात करनी है , और वो भी 1 साल बाद

आदमी- मैं बहुत दूर से आया हूँ , क्या हम बैठ कर बात कर सकते है

पिताजी- जो कहना है जल्दी कहो , मुझे मेडिसिन लेकर जाना है

आदमी- अगर आज आपने मेरी बात नही सुनी तो ज़िंदगी भर रोते रहेंगे

फिराजी- क्या बक रहे हो

आदमी- आपके बेटे का आक्सिडेंट नही मर्डर हुआ है

पिताजी ये सुनते ही शॉक्ड हो गये

जयसिंघ और शालिनी का आक्सिडेंट नही मर्डर हुआ था

पिताजी को अपने कानो पे विश्वास नही हो रहा था

पिताजी- मुझे मज़ाक पसंद नही

आदमी- मैं यहाँ जयपुर से आया हूँ , मैं मज़ाक करने तो नही आउन्गा

पिताजी- क्या पता है तुम्हें जयसिंघ के आक्सिडेंट के बारे में

आदमी - क्या हम बैठ कर बाते कर सकते है , मुझसे खड़ा नही रहा जाता , अभी अपनी बीमारी से ठीक हुआ हूँ

पिताजी उस आदमी को लेकर एक कॅंटीन मे चले गये

और 2 टी मॅंगा ली

पिताजी - कहिए क्या कह रहे थे

मुस्कान के पिताजी-मैं कब से आपको मिलना चाहता था

पिताजी - मुझसे मिलना चाहते थे , पर आप है कौन

मुस्कान के पिताजी-मैं जयपुर मे रहता हूँ ,

पिताजी - जयसिंघ भी जयपुर मे रहता था

मुस्कान के पिताजी-मैं सिर्फ़ एक बार आपके बेटे से मिला हूँ

पिताजी - आप जयसिंघ को जानते थे

मुस्कान के पिताजी-नही , जयसिंघ जहाँ रहता था उसके पड़ोसी मेरे पहचान के थे , जयसिंघ और मेरी मुलाकात जयसिंघ के पड़ोसी के यहाँ हुई थी

पिताजी - पर आप है कौन , और ये क्या बोल रहे थे कि जयसिंघ का आक्सिडेंट नही मर्डर हुआ है

मुस्कान के पिताजी-मुझे ऐसा लगता है कि जयसिंघ का मर्डर हुआ है

पिताजी - लगता है , मतलब आप को कुछ पता नही है

मुस्कान के पिताजी-मेरी बात सुनेगे तो आप भी सोचने लग जाएँगे

पिताजी - बताइए क्या कहना है आपको

मुस्कान के पिताजी-मुझे जयसिंघ ने बताया था की कुमार की शादी आपकी बेटी से होने वाली थी , और कुमार ने नेहा के साथ जबेरदास्ती करनी चाहिए

पिताजी - ये सब जयसिंघ ने बताया

मुस्कान के पिताजी-हाँ , पर मेरे सवाल का जवाब दीजिए

पिताजी - हाँ , पर इन बातों को जयसिंघ के आक्सिडेंट से क्या रिश्ता है

मुस्कान के पिताजी-बताता हूँ , कुमार से आपकी बेटी ने शादी करने से क्यूँ मना किया था

पिताजी - कुमार की पहले भी शादी हुई थी

मुस्कान के पिताजी-आपकी बेटी सही थी , मेरी बेटी से कुमार ने धोके से शादी की थी

पिताजी - क्या

मुस्कान के पिताजी-मेरी बेटी से शादी करने के बाद कुमार ने उसे मार दिया था ,, ये बात मैं ने जयसिंघ को बताई थी

पिताजी - कब बताई थी

मुस्कान के पिताजी- जयसिंघ के आक्सिडेंट के एक दिन पहले

पिताजी - तो जयसिंघ आपकी बात सुनकर यहाँ आ रहा था माफी माँगने , मतलब आप उसको कुछ नही बताते तो वो यहाँ नही आता और
एक्सीडेंट नही होता

मुस्कान के पिताजी-आप ग़लत समझ रहे है

पिताजी - तो सच क्या है


मुस्कान के पिताजी-मैं ने अपनी बेटी की कहानी बताई थी जयसिंघ को , और जयसिंघ को पता चला कि कुमार कैसा आदमी है , फिर जयसिंघ
ने कहा था की वो मेरी मदद करेगा मेरी बेटी को इंसाफ़ दिलाने के लिए

पिताजी - ये सब मुझे कुछ पता नही है , मेरे काम की बात बताइए , वरना मैं जा रहा हूँ

मुस्कान के पिताजी-अगर मैं कहूँ की जयसिंघ को कुमार ने मारा है तो

पिताजी - क्या बक रहे हो , कुमार तो फॉरेन मे है

मुस्कान के पिताजी-वो फॉरेन मे था ,

पिताजी - मतलब वो यहाँ है मैं उसे छोड़ूँगा नही नेहा के साथ जो किया उसका हिसाब उस से लेना है

मुस्कान के पिताजी-अब वो वापस विदेश गया है

पिताजी - आप मेरा दिमाग़ खराब कर रहे हो

मुस्कान के पिताजी-मैं सुरू से बताता हूँ

जयसिंघ को मैं ने कुमार का सच बताया ,

जयसिंघ को सच पता चलते ही वो कुमार को सबक सिखाने वाला था

उस दिन के दूसरे दिन ही जयसिंघ इस गाँव आने के लिए निकल पड़ा

और आक्सिडेंट हो गया जयसिंघ का

पिताजी - इस से तो पता चलता है कि जयसिंघ सोच मे डूबा हुआ था और कार चला रहा था कि आक्सिडेंट हो गया


मुस्कान के पिताजी-ये आपका अंदाज़ा है

पिताजी - हाँ

मुस्कान के पिताजी-मेरा अंदाज़ा क्या है सुनना चाहोगे

पिताजी - बताइए

मुस्कान के पिताजी-जयपुर और शहर के बीच मे शहर3 लगता है

पिताजी - हाँ

मुस्कान के पिताजी-कुमार का घर हाइवे पे है

पिताजी - मुझे नही पता

मुस्कान के पिताजी-मुझे पता है , कुमार का घर हाइवे से लग कर है

पिताजी - तो

मुस्कान के पिताजी-जयसिंघ को कुमार का सच पता चला था

पिताजी - आपने बताया था

मुस्कान के पिताजी-जयसिंघ को ये भी पता था कि कुमार वापस आया है

पिताजी - आपने ही बताया की कुमार वापस आया था

मुस्कान के पिताजी-जयसिंघ के आक्सिडेंट के दूसरे दिन ही कुमार वापस विदेश वापस चला गया

पिताजी - तो

मुस्कान के पिताजी-मेरे आदमियो ने बताया कि कुमार विदेश जाने से पहले हॉस्पिटल गया था , अजीत के मूह पर बेनडेज था

पिताजी - मेरी कुछ समझ नही आ रहा है

मुस्कान के पिताजी-जतसिंघ को सच पता चलना , कुमार का जयसिंघ के एक्सीडेंट के दूसरे दिन विदेश जाना , कुमार का डॉक्टर के पास जाना ,आपको शक नही हो रहा है

पिताजी - साफ साफ बताइए

मुस्कान के पिताजी- जयसिंघ को सच पता चला , वो गाँव के लिए निकल पड़ा , कुमार का घर हाइवे पे था तो जयसिंघ वहाँ रुका होगा , जयसिंघ ने कुमार और अजीत की फिराई की , और जयसिंघ गाँव के लिए निकल पड़ा , कुमार ने जयसिंघ से बदला लेने के लिए अपने
आदमियो को जयसिंघ का आक्सिडेंट करने को कहा होगा , जयसिंघ का एक्सीडेंट हो गया है , कुमार वापस विदेश चला गया , क्यूँ कि उसके लिए यही सेफ था ,

पिताजी - आपकी बातों ने मुझे सोचने पे मज़बूर कर दिया है

मुस्कान के पिताजी-मेरा दूसरा अंदाज़ा क्या हो सकता है पता है

पिताजी - बताई

मुस्कान के पिताजी-जयसिंघ को सच पता चला , जयसिंघ गाँव के लिए निकल पड़ा , रास्ते मे कुमार का घर पे रुका , कुमार की कंपनी मे अभी भी जयसिंघ के 40% शेयर है , तोजयसिंघ को सच पता चलते ही कुमार को दर लगने लगा कि जयसिंघ अपना हिस्सा माँग लेगा , जिस से
कुमार ने जयसिंघ का आक्सिडेंट करा दिया , जिसमे उसको भी चोट लगी हो फिर वापस विदेश चला गया

पिताजी - दोनो बाते सही लग रही है

मुस्कान के पिताजी-मैं कुमार को अच्छे से जानता हूँ , जयसिंघ के आक्सिडेंट के पीछे दोनो मे से कोई एक वजह होंगी

पिताजी - ऐसा है तो दोनो केस मे जयसिंघ का आक्सिडेंट नही मर्डर हुआ है

मुस्कान के पिताजी-हाँ

पिताजी - अगर ऐसा है तो कुमार को मैं मार डालूँगा

मुस्कान के पिताजी-पर ये सिर्फ़ अंदाज़ा है

पिताजी - क्या मतलब

मुस्कान के पिताजी-आपजो उस ट्रक ड्राइवर को ढूँढना होगा जिस से आक्सिडेंट हुआ था

पिताजी - उस ट्रक ड्राइवर से सच पता चलेगा , अगर ये सच हुआ तो उसके दूसरे दिन का सूरज नही देख पाएगा कुमार

मुस्कान के पिताजी-मैं तो कुमार को जैल मे डालना चाहता था पर जयसिंघ के मर्डर के

बाद यही चाहूँगा कि कुमार जिंदा ना रहे

पिताजी - अब तक मैं ने पोलीस के उपर छोड़ दिया था उस ट्रक ड्राइवर को ढूँढने का काम , लेकिन अब मैं खुद पता करूँगा , और पता
लगाउन्गा कि हुआ क्या था

मुस्कान के पिताजी-मैं आपके साथ हूँ , कुछ ज़रूरत पड़े तो मुझे याद करना

पिताजी - एक बात पुच्छू

मुस्कान के पिताजी-हाँ पूछिए

पिताजी - जयसिंघ के आक्सिडेंट को 1 साल हो गया और आप आज बताने आए है

मुस्कान के पिताजी-जयसिंघ के मिलने के बाद मुझे हार्ट अटॅक आया मैं बीमार था , जैसे ठीक हुआ तो जयसिंघ से मिलने गया था , पर वहाँ पता चला कि जयसिंघ मर चुका है , पहले तो मैं रिलॅक्स हो गया , पर दिमाग़ पे ज़ोर डालने पे ये दो अंदाज़ा लगा दिया , अब जो है वो आपने सामने है

पिताजी - अब बस उस ट्रकड्राइवर को ढूँढना होगा , मुश्किल है पर नामुमकिन नही है ,और अगर कुमार का हाथ हुआ ऐसा पता चला तो उसको पाताल से ढूँढ निकालूँगा

मुस्कान के पिताजी-उसे छोड़ना मत , मेरी बेटी के साथ उसने बहुत बुरा किया

पिताजी - बुरा ना माने तो आप मुझे बता सकते है कि क्या हुआ था आपकी बेटी के साथ

मुस्कान के पिताजी-इसमे बुरा मानने की क्या बात है

और मुस्कान के पिताजी ने सब कुछ बता दिया

मुस्कान की कहानी सुन कर पिताजी के आँख मे आसू आ गये

अछा हुआ नेहा की शादी कुमार से नही हुई वरना सब कुछ बर्बाद हो जाता

पिताजी ने मुस्कान के पिताजी को वादा किया कि भले ही जयसिंघ के आक्सिडेंट मे कुमार हाथ ना जो पर वो मुस्कान के लिए अपनी बेटी नेहा
के साथ जो किया उसका बदला लेकर रहेंगे ,,

बस उनका पता चले कि कुमार वापस आ गया है

मुस्कान के पिताजी-कुमार जिस दिन वापस आएगा मैं आपको बता दूँगा

इतना बोल कर मुस्कान के पिताजी वापस चले गये

पिताजी सोच मे पड़ गये

अब तो बस ट्रक ड्राइवर का पता लगाना होगा

अब पिताजी को सच जानना ही था ,,

जयसिंघ उनका बेटा था ,, जयसिंघ के गुनहगार को ऐसे छोड़ेंगे नही पिताजी , और कुमार से तो नेहा का बदला भी लेना था

पिताजी ने अपने आदमियो को उस ट्रक ड्राइवर की तलाश मे लगा दिया

पिताजी ने ठाकुर को भी बता दिया मुस्कान के पिताजी की बात

ठाकुरजी को सच पता चलते ही उन्हो ने अपने आदमियो के साथ साथ एंपी से बात करके पोलीस को भी वापस काम पर लगा दिया


अब इतने आदमियो के काम पर लगते ही काम आसान हो गया

पर बात पुरानी थी जिस से थोड़ा टाइम लग रहा था

कुछ महीनो बाद पिताजी को अच्छी खबर सुनाई दी

एक दिन पिताजी को उस ट्रक ड्राइवर के बारे में पता चला जिस ने कार को टक्कर मारी थी.

पिताजी ने उस ड्राइवर को ढूँढने के लिए अपने आदमी लगा दिए.

11/2 साल के बाद उस ड्राइवर का पता चला.

पिताजी ने सुमन को बता दिया कि वो ड्राइवर मिल गया है. जिसने आक्सिडेंट किया था वो उसी ड्राइवर के पास जा रहे है.

सुमन को लगा कि पिताजी ठाकुर के साथ गये होगे पर पिताजी अकेले गये थे.

पिताजी के जाने के 2 घंटे बाद ठाकुर किसी काम से घर आए तो सुमन को पता चला कि पिताजी अकेले गये.

सुमन ने ठाकुर को बता दिया कि पिताजी ट्रक ड्राइवर के पास गये है.

ठाकुर जल्द से जल्द पिताजी के पास जाना चाहते थे.

ठाकुरजी को पता था कि पिताजी उस ट्रक ड्राइवर को मारने गये है

सुमन ने मीना को जाने के लिए कहा

सुमन अवी को अकेला नही छोड़ना चाहती थी.

मीना समझदार थी .वो पिताजी को समझा कर ले आ सकती थी

ठाकुर मीना के साथ पिताजी को ढूँढने के लिए चले गये.



Flash 1061


pitaji kuch had tak normal huye

Avi ki halat me kafi sudaar aaya hai

suman aur neha ki pyar Avi ko tik kar raha tha

pitaji ne apni family ke bareme sochna suru kiya

ab wo kuch aisa vaisa nahi hone denge

par isi bich pitaji ko ek aisa sach pata chala jis se pitaji soch me pad gaye

ek din pitaji Avi ke liye medicine laane shahar gaye the

pitaji medicine lene ke bad pitaji bus stop gaye the ki unko ek aadmi ne aawaz di

aadmi- yogendrasingh

pitaji ne palat kar deka

ek bhuda aadmi unko aawz de raha tha

pitaji ne kabhi usko deka nahi tha jis se wi aage jane lage

aadmi- yogendrasingh ,

pitaji is bar ruk gaye ,

pitaji- khon ho tum aur mera naam kyu le rahe ho

aadmi- muze aap se bat karni hai

pitaji- kya main aapko janta hu

aadmi- nahi ,

pitaji- to apne raste jav

aadmi- muze aapse ek bat batNi hai

pitaji- mera dimag lharab mat karo ,, muze apne gaon jana hai

Avi ki medicine le jana jaruri thi

pitaji ne us aadmi ko ignore kar diya

pitaji apni bus ki taraf jane lage ki us aadmi ne pir se aawaz di ,, is bar pitaji ke pair apna aap ruk gaye

aadmi- muze jaysingh ke bareme bat karni hai

pitaji ruk kar palat gaye

aadmi- muze jaysingh ke accident ke bareme bat karni hai

pitaji - kya bat karni hai , aur wo bhi 1 saal bad

aadmi- main bahot dur se aaya hu , kya ham baite kar bat kar sakte hai

pitaji- jo kahna hai jaldi kaho , muze medicine lekar jana hai

aadmi- ager aaj aapne meri bat nahi suni to zindagi bhar rote rahenge

piraji- kya bak rahe ho

aadmi- aapke bete ka accident nahi murder hua hai

pitaji ye sunte shocked ho gaye

jaysingh sur shalini ka accident nahi murder hua tha

pitaji ko apne kano pe vishwas nahi ho raha tha

pitaji- muzs mazak pasand nahi

aadmi- main yaha jaipur se aaya hu , main mazak karne to nahi aaunga

pitaji- kya pata hai tume jaysingh ke accident ke bareme

aadmi - kya main baite kar bate kar sakte hai , muzse khada nahi raha jat , abi apni bimari se tik hua hu

pitaji us aadmi ko lekar ek canteen me chale gaye

aur 2 tea bhula liya

pitaji - kahi kya kah rahe the

muskaan ke pitaji-main kab se aapko milna chahta tha

pitaji - muzse milna chahte the , par aap hai khon

muskaan ke pitaji-main jaipur me rahta hu ,

pitaji - jaysingh bhi jaipur me rahta tha

muskaan ke pitaji-main sirf ek bar aapke bete se mila hu

pitaji - aap jaysingh ko jaante the

muskaan ke pitaji-nahi , jaysingh jaha rahta tha uske padosi mere pahchan ke the , jaysi gh aur meri mulakat jaysingh ke padosi ke yaha huyi thi

pitaji - par aap hai khon , aur ye kya bol rahe the ki jaysingh ka accident nahi murder hua hai

muskaan ke pitaji-muze aisa lagta hai ki jaysingh ka murder hua hai

pitaji - lagta hai , matlab aap ko kuch pata nahi hai

muskaan ke pitaji-meri bat sunege to aap bhi sochne lag jayenge

pitaji - bataiye kya kahna hai aapko

muskaan ke pitaji-muze jaysingh ne bataya tha ki kumar ki shadi aapki beti se hone vali thi , aur kumar ne neha ke sath jaberdasti karni chaiye

pitaji - ye sab jaysingh ne bataya

muskaan ke pitaji-haa , par mere sawal ka jawab dijiye

pitaji - haa , par in bato ko jaysingh ke accident se kya rista hai

muskaan ke pitaji-batata hu , kumar se aapki beti ne shadi karne se kyu manaa kiya tha

pitaji - kumar ki pahale bhi shadi huyi thi

muskaan ke pitaji-aapki beti sahi thi , meri beti se kumar ne dhokke se shadi ki thi

pitaji - kya

muskaan ke pitaji-meri beti se shadi karne ke bad kumar ne use maar diya tha ,, ye bat main ne jaysingh ko batai thi

pitaji - kab batai thi

muskaan ke pitaji- jaysingh ke accident ke ek din pahale

pitaji - to jaysingh aapki bat sunkar yaha aa raha tha mafi maange , matlab aap usko kuch nahi batate to wo yaha nahi aata aur accidrnt nahi hota

muskaan ke pitaji-aap galat samaj rahe hai

pitaji - to sach kya hai
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Re: Main meri family aur mera gaon

Post by SID4YOU »

muskaan ke pitaji-main ne apni beti ki kahani batai thi jaysingh ko , aur jaysingh kk pata chala ki kumar kaisa aadmi hai , pir jaysingh ne kaha tha ki wo meri madat karenga meri beti ko insaaf dilane ke liye

pitaji - ye sab muze kuch pata nahi hai , mere kaam ki bat bataiye , varna main ja raha hu

muskaan ke pitaji-ager main kahu ki jaysingh ko kumar ne mara hai to

pitaji - kya bak rahe ho , kumar to forign me hai

muskaan ke pitaji-wo forign me me tha ,

pitaji - matlab wo yaha hai main use chhodunga nahi neha ke sath jo kiya uska husab us se lena hai

muskaan ke pitaji-ab wo vapas videsh gaya hai

pitaji - aap mera dimag karab kar rahe ho

muskaan ke pitaji-main suru se batata hu

jaysingh ko main ne kumar ka sach bataya ,

jaysingh ko sach pata chalte wo kumar ko sabak shikane vala tha

us din ke dusare din hi jaysingh is gaon aane ke liye nikal pada

aur accident ho gaya jaysingh ka

pitaji - is se to pata chalta hai ki jaysingh soch me duba hua tha aur car chala raha tha ki accident ho gaya


muskaan ke pitaji-ye aapka andaza hai

pitaji - haa

muskaan ke pitaji-mera andaza kya hai suna chahoge

pitaji - bataiye

muskaan ke pitaji-jaipur aur shahar ke bich me shahar3 lagta hai

pitaji - haa

muskaan ke pitaji-kumar ka ghar highway pe hai

pitaji - muze nahi pata

muskaan ke pitaji-muze pata hai , kumar ka ghar highway ko lag kar hai

pitaji - to

muskaan ke pitaji-jaysingh ko kumar ka sach pata chala tha

pitaji - aapne bataya tha

muskaan ke pitaji-jaysingh ko ye bi pata tha ki kumar vapas aaya hai

pitaji - aapne hi bataya ki kumar vapas aaya tha

muskaan ke pitaji-jaysingh ke accident ke dusare din hi kumar vapas videsh vapas chala gaya

pitaji - to

muskaan ke pitaji-mere aadmiyo ne bataya ki kumar videsh jane se pahale hospital gaya tha , ajit ke muh par bandGe tha

pitaji - meri kuch samaj nahi aa raha hai

muskaan ke pitaji-jatsingh ko sach pata chalna , kumar ka jaysingh ke accidrnt ke dusare din videsh jana , kumar ka doctor ke paass jana ,apko shak nahi ho raha hai

pitaji - saf saf bataiye

muskaan ke pitaji-jaysinvh ko sach pata chala , wo gaon ke liye nikal pada , kumar ka ghar highway pe tha to jaysingh vaha ruka honga , jaysingh ne kumar aur ajit ki pirai ki , aur jaysingh gaon ke liye nikal pada , kumar ne jaysingh se badla lene ke liye apne aadmiyo ko jaysingh ka accident karne ko kaha honga , jaysingh ka aacident ho gaya hai , kumar vapas videsh chala gaya , kyu ki uske liye yahi safe tha ,

pitaji - aapki bato ne muze sochne pe mazboor kar diya hai

muskaan ke pitaji-mera dusara andaza kya ho sakta hai pata hai

pitaji - batai

muskaan ke pitaji-jaysingh ko sach pata chala , jaysingh gaon ke liye nikal pada , raste me kumar ka ghar pe ruka , kumar ke comoany me abi bhi jaysingh ke 40% share hai , tojaysingh ko sach pata chalte kumar ko dar lagne laga ki jaysingh usks hisha maang lenga , jis se kumar ne jaysingh ka accident kar diya , jisme usko bhi chot lsgi ho pir vapas videsh chala gaya

pitaji - dono bate sahi lag rahi hai

muskaan ke pitaji-main kumar ko ache se jaanta hu , jaysingh ke accident ke piche dono me se kohi ek vaja hongi

pitaji - aisa hai to dono case me jaysingh ka accident nahi murder hua hai

muskaan ke pitaji-haa

pitaji - ager aida hai to kumar ko main maar dalunga

muskaan ke pitaji-pat ye sirf andaza hai

pitaji - kya matlab

muskaan ke pitaji-aapjo us truck driver ko dundna oadenga jis de accident hua tha

pitaji - us truck driver se sach pata chalenga , ager ye sach hua to uske dusare din ka suraj nahi dek payenga kumar

muskaan ke pitaji-main to kumar ko jail me daalna chata tha par jaysingh ke murder ke

bad yahi chaunga ki kumar jind a na rahe

pitaji - ab tak main ne police ke upar chhod diya tha us truck driver ko dundne ka kaam , lekin ab main khud pata karunga , aur pata lagaunga ki hua kya tha

muskaan ke pitaji-main aapke sath , kuch jarurat pade to muze yaad karna

pitaji - ek bat puchu

muskaan ke pitaji-haa puchiye
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SID4YOU
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Re: Main meri family aur mera gaon

Post by SID4YOU »

pitaji - jaysingh ke accident ko 1 saal ho gaya aur aap aaj batane aaye hai

muskaan ke pitaji-jaysingh ke milne ke bad muze heart attack aaya main bimar tha , jaise tik hua to jaysingh se milne gaya tha , par vaha pata chala ki jaysingh mar chuka hai , pahale to main relax ho gaya , par dimag pe jor dalne pe ye do andaza laga diya , ab jo hai wo aapne samne hai

pitaji - ab bas us truckdriver ko dundna honga , mushkil hai par namumkin nahi hai ,aur ager kumar ka hant hua aisa pata chala to usko paatal se dund nikaalunga

muskaan ke pitaji-use chhodna mat , meri beti ke sath usne bahot bura kiya

pitaji - bura na maane to aao muze bata sakte hai ki kya hua tha aapki beti ke sath

muskaan ke pitaji-isme bura maane ki kya bat hai

aur muskaan ke pitaji ne sab kuch bata diya

muskaan ki kahani sun kar pitaji ke ankhoin me aasu aa gaye

acha hua neha ki shadi kumar se nahi huyi varna sab kuch barbad ho jata

pitaji ne muskaan ke pitaji ko vada kiya ki bhale jaysingh ke accident me kunar hant na jo par wo muskaan ke liye apni beti neha ke sath jo kiya usja badla lekar rahenge ,,

bas unka pata chale ki kumar vapas aa gaya hai

muskaan ke pitaji-kumar jis din vapas aayenga main aapko bata dunga

itna bol kar muskaan ke pitaji vapas chale gaye

pitaji soch me pad gaye

ab to bas truck driver ka pata lagana honga

ab pitaji ko sach jaanna hi tha ,,

jaysingh unka beta tha ,, jaysingh ke gunnegar ko aisa chhodenge nahi pitaji , aur kumar se to neha ka badla bhi lena tha

pitaji ne apne aadmiyo ko us trcuk driver ke talash me laga diya

pitaji ne thakur ko bhi bata diya muskaan ke pitaji ki bat

thakurji ko sach pata chalte unno ne apne aadmiyo ke sath sath mp se bat karke police kj bhi vapas kaam par laga diya


ab itne aadmiyo ke kaam par lagte kaam aasan ho gaya

par bat purani thi jis se thoda time lag raha tha

kuch mahino bad pitaji ko achi khaber sunai di

ek din pitaji ko us truck driver ke bareme pata chala jis ne car ko takkar mari thi.

pitaji ne us driver ko dundne ke liye apne aadmi laga diye.

11/2 saal ke bad us driver ka pata chala.

pitaji ne suman ko bata diya ki wo driver mil gaya hai. jisne accident kiya tha wo usi driver ke pass ja rahe hai.

suman ko laga ki pitaji thakur ke sath gaye hoge par pitaji akele gaye the.

pitaji ke jane ke 2 gante bad thakur kisi kaam se ghar aaye to suman ko pata chala ki pitaji akele gaye.

suman ne thakur ko bata diya ki pitaji truck driver ke pass gaye hai.

thakur jald se jald pitaji ke pass jana chahte the.

thakurji ko pata tha ki pitaji us truck driver ko maarne gaye hai

suman ne meena ko jane ke liye kaha

suman Avi ko akela nahi chhodna chahati thi.

meena samajdar thi .wo pitaji ko samaja kar le aa sakti thi

thakur meena ke sath pitaji ko dundne ke liye chale gaye.
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SID4YOU
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Re: Main meri family aur mera gaon

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Is kahani ke pahle part hindi me padhne ke liye yaha clik kare मैं और मेरा परिवार yaha yah story sirf hinglish me chalu rahegi thanks..... SID4YOU
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