Fantasy मोहिनी

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ramangarya
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Re: Fantasy मोहिनी

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Update do yaar.
ramangarya
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Re: Fantasy मोहिनी

Post by ramangarya »

Story शुरू किए हैं तो खत्म भी कीजिए। आगाज किए हैं तो अंजाम तक पहुंचाइए ।
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Dolly sharma
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Re: Fantasy मोहिनी

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राल्फ स्मिथ के महलनुमा मकान के बाहर पुलिस की कारों की कतार देखकर मेरा माथा ठनका। लंदन के प्रसिद्ध जासूसों और पुलिस वालों ने पहले ही वहाँ कार्यवाही शुरू कर दी थी।

मैं टैक्सी वाले का किराया अदा करके इमारत का निरीक्षण लेने लगा। अंदर पहुँचा तो मेरा संदेह सही साबित हुआ।
लार्ड स्मिथ की लाश उसके शयनकक्ष में मसहरी के क़रीब फर्श पर पड़ी थी। बिस्तर की बेदाग चादर आधी मसहरी पर थी और आधी नीचे झूल रही थी।

मुझे कत्ल का अंदाज़ा हुआ जिससे दो-चार होने के बाद ही उस ज़िंदा दिल बूढ़े ने मौत से शिकस्त खाई होगी।
पुलिस के फोटोग्राफर और फिंगर विशेषज्ञ बड़ी सरगर्मी से अपना काम कर रहे थे। एक पुलिस ऑफ़िसर कमरे में एक तरफ खड़ा हुआ संकेत से बातें कर रहा था।

मैंने सारा के चेहरे का जायजा लिया। उसकी हालत शोकाकुल थी। उसके चेहरे की सारी रौनक जर्द पड़ गयी थी। उसकी खूबसूरत आँखों में विरानी तैर रही थी। मैं उससे निगाहें न मिला सका।

न जाने क्यों मेरा मन कुदरत के अन्याय पर मुस्कराने को चाहता था। जब मैं किसी से सांत्वना के शब्द कहता हूँ तो मुझे खुद पर संतुलन बनाना पड़ता है। शब्द मुँह से नहीं निकलते और दुःख प्रकट करना बनावटी सा लगता है। मौत का ग़म जिसे होता है उसे सांत्वना देने वाले हमेशा अपने बयान में कमी महसूस करते हैं।

मैं सारा को क्या सांत्वना देता।

पुलिस के दूसरे विशेषज्ञ और जासूस विभिन्न कोणों से लाश का निरीक्षण कर रहे थे। यहाँ की पुलिस और हिन्दुस्तान की पुलिस में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ था।

यह लोग बहुत ही चतुराई से बिना गाली दिए गंभीरता से अपना काम कर रहे थे।

मैंने उस मेज़ की तरफ़ नज़र उठाई जो लार्ड के मसहरी के सिरहाने मौजूद थी। मेज़ पर रखे हुए गिलास में कुछ दूध अब भी मौजूद था। मोहिनी ने मुझे बताया था कि लार्ड की मौत यह दूध पीने से हुई है। इसमें ज़हर का मिश्रण था।
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Dolly sharma
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Re: Fantasy मोहिनी

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मैं अभी दूध का गिलास ध्यानपूर्वक देख रहा था कि मोहिनी मेरे सिर पर वापस आ गयी। मैंने उसकी तरफ़ देखा। वह गंभीरता से बोली-
“राज, अब तुम्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। मैंने ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कर दी हैं कि पुलिस सरलता से वास्तविक मुजरिम तक पहुँच जाएगी।”

फिर मोहिनी ने जो विवरण बताया उसे सुनकर मेरा दिल चाहा कि उसे गोद में उठाकर सीने से लगा लूँ। उसने मुझे बचाने की ख़ातिर जो जाल बुना था वह बेहद दिलचस्प था।

अचानक सारा की नज़र मुझ पर पड़ी। वह किसी भयभीत हिरणी की तरह दौड़ती हुई मेरे निकट आई और मेरे सीने से लिपट कर बोली-
“अमित, यह क्या हो गया। मेरे पापा मुझसे क्यों नाराज़ हो गए। क्या मैं इतनी बुरी थी ?”

“हिम्मत से काम लो सारा।” मैंने उसे तसल्ली देते हुए कहा।

“सभी इंसानों का अंत यही है। सिर्फ़ पहले और बाद की बात है। कुदरत के फ़ैसले अटल होते हैं। इंसान सब्र के सिवा और क्या कर सकता है।”

सारा मेरे सीने से लगी हुई बच्चे की तरह बिलख-बिलख कर रो रही थी। मुझे बर्दाश्त न हो सका। मेरी आँखों में भी आँसू आ गए।

कमरे में उपस्थित अधिकारियों में से कुछ ने कुछ क्षण के लिए मेरी तरफ़ देखा फिर अपने काम में व्यस्त हो गए।
वह पुलिस ऑफ़िसर आगे बढ़ा जो सारा से बात कर रहा था। फिर उसने मुझे संकेत से सुझाव दिया कि मैं सारा को घटनास्थल से अलग ले जाऊँ। मैंने स्वीकृति में सिर हिलाया और सारा को दूसरे कमरे में ले गया। वह बुरी तरह विलाप कर रही थी। मेरे लिए यह क्षण भावुक और दर्दनाक थे। उसका गम देखकर मुझे मेरे अजीजों की मौत याद आ गयी।
डॉली और माला के ज़ख़्म भी हरे हो गए। मैं उसे दिलासा दे रहा था। हालाँकि मैं स्वयं भी निढाल हो गया था।

उसी समय रॉबर्ट तेज-तेज कदम बढ़ाता हुआ कमरे में दाख़िल हुआ। हम दोनों की दृष्टि चार हुई। एक बार दिल में आया कि इस कमबख्त को अभी मिटा दूँ।

रॉबर्ट ने मुझे देखकर नफ़रत से मुँह फेर लिया। और फिर लपक कर क़रीब आया और सारा से संबोधित हुआ- “यह सब अचानक कैसे हो गया सारा ? अंकल शाम तक तो ठीक थे। उनसे फ़ोन पर बातें हुई थीं। तुम्हारा फ़ोन आया तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मेरा ख़्याल था कि तुमने परेशान करने के लिए ख़तरनाक मज़ाक किया है। लेकिन यहाँ आकर मालूम हुआ कि बिसात सचमुच उलट चुकी है। मुझे बहुत दुःख है। मैं तुम्हारा ग़म महसूस कर रहा हूँ।”

सारा ने रॉबर्ट की बात का उत्तर नहीं दिया। उसे दयनीय दृष्टि से देखकर सारा दोबारा मेरे सीने में मुँह छुपाकर रोने लगी। उसकी हिचकियाँ बँध गयी। मुझे अहसास था कि सारा को मेरे सीने से लगा देखकर रॉबर्ट पर क्या गुजरी होगी।
उसी क्षण मोहिनी ने मेरे कान में सरगोशी की- “राज! देख रहे हो इस खूबसूरत नौजवान की दिलेरी ? इजाज़त हो तो कुछ क्षणों में मैं इसका भरम खाक में मिला दूँ ? मेरी मानो तो इसे अधिक ढील देना उचित नहीं।”

“जल्दबाज़ी से काम मत लो मोहिनी।” मैंने भी दिल में उसे संबोधित किया। “इसे इस तरह नहीं छोड़ा जा सकता। इसकी कार्यवाही का तमाशा सबको देखना चाहिए। यह बचकर कहाँ जाएगा। लेकिन इसे हैरतअंगेज अंजाम से दो-चार करना ज़रूरी है।”

कुछ देर बाद पुलिस के दो ऑफ़िसर कमरे में आ गए। रॉबर्ट ने परेशानी का प्रदर्शन करते हुए कहा-
“क्यों ऑफ़िसर, अंकल स्मिथ की मौत का कारण मालूम हुआ ?”

“हाँ, डॉक्टर का ख़्याल है कि लार्ड ने कोई ज़हर लिया था। लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने से पहले कोई निश्चित बात नहीं की जा सकती।”

“जहर ? नहीं, नहीं ऑफ़िसर! मैं नहीं मान सकता।” रॉबर्ट ने भर्राए स्वर में कहा। “अंकल बड़े दृढ़ आत्म संयम के स्वामी थे।

“उनकी गिनती ऐसे लोगों में नहीं की जा सकती जो किसी नाज़ुक क्षण से परेशान होकर आत्महत्या का फ़ैसला कर बैठे। मेरा ख़्याल है अंकल निश्चित ही किसी साज़िश का शिकार हो गए हैं। मगर उनका दुश्मन कौन हो सकता है ?” रॉबर्ट ने सोचते हुए कहा।

“आपकी तारीफ़ ?” पुलिस ऑफ़िसर ने रॉबर्ट से प्रश्न किया।

“मेरा नाम रॉबर्ट है। अंकल स्मिथ से हमारा घरेलू संबंध है। कुछ और भी संबंध होने वाले थे मगर...आह...!”

रॉबर्ट ने सारा की तरफ़ देखते हुए कहा- “मुझे इस दर्दनाक घटना की सूचना सारा ने दी थी।”

“हो सकता है आपका संदेह सही हो।” पुलिस ऑफ़िसर ने जवाब दिया। “पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और फिंगर विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही फ़ैसला किया जाएगा।”

सारा ने तय कर लिया था कि उसे सिर्फ़ मेरे सीने में सकून मिलेगा। वह सिसक रही थी और मैं रॉबर्ट और पुलिस ऑफ़िसर के बीच होने वाले वार्तालाप को सुन रहा था।

रॉबर्ट बार-बार इस संदेह को प्रकट कर रहा था कि लार्ड स्मिथ की मृत्यु में गहरी साज़िश है।

उसके वार्तालाप का अंदाज़ बहुत भावुक था। वह बार-बार तैश में हाथ मलने लगता। स्मिथ खानदान से अपने संबंधों और रिश्तों का ज़िक्र वह ऐसे स्वर में कर रहा था जैसे लार्ड स्मिथ की मौत का दुःख लम्बे अर्से तक करता रहेगा।
रॉबर्ट के बाद पुलिस ऑफ़िसर ने सारा से प्रश्न करने शुरू किए।

मैं इन तमाम समय में ख़ामोश, शांत, तमाशाई की तरह खड़ा रहा। सारा ने किसी षड्यंत्र की संभावना पर अज्ञानता प्रकट की। एक और प्रश्न के उत्तर में उसने पुलिस को मेरा और रॉबर्ट का नाम बताया।

सारा के बयानानुसार उस रोज़ मेरे और रॉबर्ट के सिवा किसी ने मृतक से मुलाक़ात नहीं की थी। पुलिस ऑफ़िसर ने अपने एक सहयोगी को आदेश किया कि घर के तमाम नौकरों के उँगलियों के निशान ले लिये जाए।

सहयोगी के जाने के बाद रॉबर्ट ने अपनी उँगलियाँ भी पुलिस के सामने पेश कर दी। पुलिस ऑफ़िसर भी यही चाहता था।
उसने पहले रॉबर्ट के उँगलियों के फिंगर प्रिंट लिए और फिर मेरी तरफ़ देखा। मोहिनी तमाम कार्यवाही देख रही थी। वह दख़ल देती हुई बोली-
“राज, अब बर्दाश्त नहीं हो सकता। यह वक्त खामोशी का नहीं है। अगर अब भी तुमने बिसात न पलटी तो हालात बिगड़ जाएँगे।”

मेरे लिए अब ख़ामोश रहना उचित नहीं था। पुलिस ने मेरी उँगलियों के निशान लेने की इच्छा प्रकट की तो मैंने खामोशी से उनकी बात मान ली।

जिस समय मैं उँगलियों के चिह्न कागज़ पर उतार रहा था, रॉबर्ट की आँखें ख़ुशी से चमक रही थी। पुलिस ऑफ़िसर जब मेरे फिंगर प्रिंट ले चुका तो रॉबर्ट ने कहा-
“मिस्टर अमित ठाकुर! आप ज्योतिष विशेषज्ञ हैं और हिप्नोटिस्म में आपको महारत हासिल है। मैं स्वयं अपनी आँखों से देख चुका हूँ। सुना है आप परामनोविज्ञान के भी सिद्धहस्त हैं। आप क्या अंकल स्मिथ की मौत के बारे में नहीं बता सकते ?

“राज! मोहिनी गुर्राकर बोली। “बस करो, यह व्यक्ति अपने आपे में नहीं है। इसे बड़ी खुशफहमी है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है।”

“मिस्टर अमित!” पुलिस ऑफ़िसर ने मेरा परिचय सुनने के बाद उपहासजनक स्वर में कहा। “हिन्दुस्तानियों के बारे में ऐसी बातें किताबों में आम हैं। क्या आप हमसे सहयोग नहीं करेंगे ?”

मेरे सब्र का पैमाना लबरेज हो चुका था। पुलिस ऑफ़िसर जिसका नाम हार्डी था। वह रॉबर्ट का शह पाकर मेरा और हिन्दुस्तानियों का यूँ अपमान करता था जैसे हम नीच नस्ल के लोग हैं।

यहाँ आकर मेरे जेहन में इस पूरी ऊँची नस्ल से प्रतिशोध लेने की भावना भड़क उठी थी। मैं उसकी निगाह पहचानता था जिनमें घमंड हमेशा मौजूद रहता था।

मैंने एक नज़र सारा पर डाली। वह सिर झुकाए सिसक रही थी।

रॉबर्ट पुलिस ऑफ़िसर के निकट गर्व से गर्दन अकड़ाए खड़ा था। मैंने हार्डी को संबोधित करते हुए गंभीरता से कहा-
“ऑफ़िसर, मैं पुलिस से सहयोग करना अपना फ़र्ज़ समझता हूँ। लेकिन यह अवसर मेरी परामनोवैज्ञानिक शक्तियों की परीक्षा लेने का नहीं है। क्या लंदन के विशेषज्ञ पुलिस आख़िर मेरी बातों पर ध्यान देंगे ?”

“निश्चय ही।” हार्डी ने शब्द चबाते हुए कंधे उचकाकर उत्तर दिया

“अगर आपका ज्ञान कानून को कोई ठोस सबूत उपलब्ध करा सके तो उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकेगा। वैसे यह तजुर्बा हम सबके लिए दिलचस्प होगा।”

“लेकिन एक शर्त है। मैं घटनाक्रम का विवरण नहीं दूँगा। अगर लंदन की पुलिस यह वचन दे कि वह मेरी शहादतों की असाधारण छानबीन नहीं करेगी तो मैं किसी कदर संतुष्ट हो सकता हूँ। मैं यहाँ तफरीह करने के लिए आया हूँ।”

“हमें आपके व्यक्तित्व से दिलचस्पी हो रही है।” हार्डी ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा।

“आपकी शर्त हमें स्वीकार है। यह वार्तालाप 'ऑफ़ द रिकार्ड' रहेगा। आप विश्वास रखिए।”

मैंने हार्डी को घूरकर आँखें बंद कर ली।
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Dolly sharma
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मोहिनी मुझे पहले ही परिस्थितियों से परिचित करा चुकी थी। कमरे में उपस्थित व्यक्तियों को प्रभावित करने के लिए मैं यूँ ही कुछ देर आँखें बंद किए रहा और बड़बड़ता रहा। फिर आँखें खोलकर बोला-
“मिस्टर हार्डी! मैं समझता हूँ कि लार्ड स्मिथ को कत्ल किया गया है और क़ातिल इस समय इसी छत के नीचे मौजूद है।”

रॉबर्ट मेरी बात सुनकर कुछ क्षण के लिए चौंका फिर तेजी से बोला-
“सोच लीजिए, आप हैरतअंगेज बात बोल रहे हैं मिस्टर अमित! क्या आप उन निशानों के बारे में बता सकते हैं जो विशेषज्ञों को घटनास्थल पर मिले हैं ?”

“मेरा अंतर मन पुकार रहा है कि लार्ड राल्फ स्मिथ को दूध मे ज़हर दिया गया है।” मैंने रॉबर्ट की बात नज़रअंदाज़ करते हुए हार्डी से कहा। “इस षड्यंत्र में मुझे एक मर्द और स्त्री का हाथ नज़र आ रहा है। रखे हुए गिलास पर मिलने वाले उँगलियों के चिह्नों का सवाल तो वह निश्चय ही मेरे साबित होंगे।”

हार्डी मुझे आश्चर्य से देखने लगा और मेरा उत्तर सुनकर एकदम गंभीर हो गया।

रॉबर्ट के होंठों पर उभरने वाली मुस्कराहट बड़ी गहरी और रहस्यमय थी।

हार्डी मुझे कठोर दृष्टि से देख रहा था। वह मुझसे बोला- “आपका बयान आपके अहितकारी साबित हो सकता है।”

“अगर मिस्टर हार्डी मेरे बयान का स्पष्टीकरण चाहते हैं तो विशेषज्ञ यहाँ उपस्थित हैं। वह इस समय भी पुष्टि कर सकते हैं।” मैंने लापरवाही से जवाब दिया।

रॉबर्ट ने उस समय हार्डी के कान में कुछ सरगोशी की जिसके बाद फिंगर प्रिंट सैक्सन को बुलाकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
सारा इस सारी कार्रवाही को आश्चर्य से देख रही थी।

“मिस्टर अमित! अगर विशेषज्ञों ने आपके बयान की पुष्टि कर दी तो मुझे आपको हिरासत में लेना पड़ेगा।” हार्डी ने संदिग्ध स्वर में कहा।

“मुझे अफ़सोस होगा। मैं इसे लंदन के अनुभवी और योग्य ऑफ़िसर का भावुक फ़ैसला समझूँगा।” मैंने मुस्कराते हुए कहा। “सिर्फ़ दूध के गिलास पर मेरे उँगलियों के निशान का मिलना मुझे हत्यारा साबित नहीं करता।

“मिस सारा, पुअर सारा! अपने बयान में इस वास्तविकता को प्रकट कर चुकी हैं कि मिस्टर लार्ड की मौत से पहले आख़िरी बार मैंने मृतक से मुलाक़ात की थी।

“आप इस पहलू पर क्यों नहीं सोचते कि मुझे फँसाने के लिए वही गिलास इस्तेमाल किया गया होगा जो मैंने मृतक के साथ शर्बत पीते समय प्रयोग किया था।

वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या के समय का पता चल सकता है। फिर भी फिलहाल इस गहराई में जाने की आवश्यकता नहीं है। मैं कुछ बुनियादी ठोस बातें जनाब के सामने रख चुका हूँ।” मैंने बहुत शांति से कहा।

“मेरा अनुमान है कि आप इन गंभीर घटनाओं के बारे में खासे होशियार और अनुभवी व्यक्ति हैं मिस्टर अमित ठाकुर।


“आप हिन्दुस्तान में क्या करते हैं ?” हार्डी ने अचानक सवाल किया।

“लार्ड स्मिथ क्या करते थे ? जागीरदार लोग काम नहीं करते।” मैंने झल्लाकर कहा।

“कहीं यह प्रश्न अगर हिन्दुस्तान में किया जाता तो अपमान समझा जाता।”

“खूब!” हार्डी का जासूस साथी बोला।

“मेरा ख़्याल है आप हमारा समय नष्ट कर रहे हैं। इस घटना के बाद अगर आपके हाथ साफ़ नज़र आए तो मैं आपसे मिलना पसंद करूँगा।”

“मुझे ख़ुशी होगी।” मैंने ठंडे स्वर में कहा। “यह ग़लत है मेरे प्यारे दोस्त कि मैं समय नष्ट कर रहा हूँ। अपराधी प्रमाणों के साथ पहचाना जाए तो मेरी ज़िम्मेदारी समाप्त हो जाएगी और मैं आराम से यहाँ तफरीह कर सकूँगा इसलिए मैं कार्यवाही हर सूरत में पूर्ण चाहता हूँ।

“मिस्टर रॉबर्ट अगर मेरा परिचय न कराते तो शायद मैं अपनी जुबान बंद रखता। मगर अब यह ज़रूरी है कि मैं अपनी विद्या का प्रमाण प्रस्तुत करूँ जिस पर मुझे पूरा-पूरा विश्वास है और साथ ही अपना दामन भी बचाऊँगा।”

जासूस मेरा उत्तर सुन कर पहलू बदलने लगा।

कमरे में कुछ देर सन्नाटा छाया रहा फिर उस वक्त हार्डी की आँखें खुली की खुली रह गयी जब फिंगर प्रिंट सैक्सन ने अपनी रिपोर्ट लाकर दी।

उसने कर्कश स्वर में मुझे संबोधित किया-
“मिस्टर अमित! यह प्रमाणित हो चुका है कि दूध के गिलास पर मिलने वाले उँगलियों के निशान शत-प्रतिशत तुम्हारे उँगलियों के हैं। मैं तुरंत तुम्हें हिरासत में लेने पर मजबूर हूँ।”

“मिस्टर हार्डी! प्यारे श्रीमान, आप ज्यादती कर रहे हैं। और आप भूल रहे हैं कि मैंने इस षड्यंत्र में एक मर्द और एक औरत को सम्मिलित बताया था जो इस समय भी मकान के अंदर उपस्थित है।” मैंने भी कठोर रुख़ अपनाया।

“मिस्टर रॉबर्ट को मेरे बारे में बहुत सी बातें मालूम नहीं है। यही नादानी वास्तव में उसकी फाँस बन गयी। मैं हिप्नोटिज्म और पैरासायक्लाजी के अलावा आत्माओं का भी ज्ञान रखता हूँ। जिन्हें पश्चिम के दिमाग़ स्वीकार नहीं करते। किंतु आपने मुर्दा आदमियों की आत्मा से बातचीत की विद्या के बारे में अवश्य सुना होगा ?

“हमारे पूरब में यह माना जाता है कि आत्मा शरीर से अलग होकर हमारे वायुमंडल में भटकती रहती है।

“उनकी अपनी एक दुनिया होती है और उन्हें किसी भी समय अलग किया जा सकता है।

“मैं सामने की बात करता हूँ। रात गुज़र गयी है। आप लोगों को कष्ट हो रहा है। मुझे आज्ञा दीजिए कि मैं लार्ड स्मिथ की आत्मा से वास्तविकता जानने का प्रार्थना करूँ। मुझे कुछ देर का समय चाहिए।”

“यह किस तरह संभव है ?” जासूस ने चौंककर कहा।

“मुझे कोशिश की आज्ञा दी जाए। मैं सिर्फ़ पंद्रह मिनट लूँगा। लेकिन मुझे एक व्यक्ति की ज़रूरत है जो मेरा माध्यम बनकर लार्ड की आत्मा को अपने अंदर ग्रहण कर सके। मुझे एक गिलास और एक मेज़ की भी ज़रूरत है।

“यह प्रयोग आपके दिलचस्पी का केंद्र होगा। क्या यह बात दिलचस्प नहीं होगी कि लार्ड स्मिथ अपने कत्ल की घटना स्वयं बयान करें।” मैंने रहस्यमय स्वर में कहा।

“पंद्रह मिनट।” जासूस ने कुछ सोचकर कहा। मिस्टर अमित, आप कानून की पकड़ से बच नहीं सकते, खैर मैं आपका माध्यम बनने को तैयार हूँ।”

“खूब।” मैंने कहा और सबको मेज़ के चारों तरफ़ बिठा दिया। और फिर एक गिलास सामने रखकर उसे हरकत देने को कहा।

जिस तरह आम तौर पर लोग प्लेन चिट पर आत्माव्हान करते हैं, मैं नहीं जानता कि वे लोग आत्मा बुलाने में सफल हो जाते हैं या नहीं, पर यहाँ मेरा तात्पर्य कुछ और था। मैं मोहिनी को जासूस के सिर भेजकर अपने मतलब की बात कहलवाना चाहता था।

जब गिलास का घूमना रुक गया और मोहिनी जासूस के सिर पर चली गयी तो मैंने उसे संबोधित किया। स्पष्ट है आत्मा ने उत्तर दिया। लार्ड स्मिथ की आत्मा ने।

सारा पापा कहकर चीखने लगी।

हार्डी ने उसको संभाला। मैंने सबको ख़ामोश रहने का संकेत किया। मैंने वातावरण को प्रभावित करने के लिए रौशनियाँ कम से कम करा दी थीं। फिर मैंने भारी आवाज़ में जासूस को संबोधित किया-
“लार्ड स्मिथ की पवित्र आत्मा, मैं क्षमा चाहता हूँ कि मैंने तुझे बुलाया है। मेरे प्रश्नों का जवाब देने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करो। क्या तू वही है जो मैं समझ रहा हूँ ?”

अचानक जासूस की जुबान खुल गयी।

“केवल कुछ क्षण...” मैंने ज़ोर देकर कहा। “ऐ पवित्र आत्मा! तेरा रास्ता स्वर्ग की तरफ़ है। बता तुझे लार्ड के शरीर से अलग करने में कौन-कौन सम्मिलित थे। तू आंतरिक हाल जानती है क्योंकि तू एक आत्मा है। मुझे सच-सच बता। अब तेरी शक्तियाँ असीमित हैं।”

“मुझे मेरे शरीर से एक मर्द और एक औरत ने जुदा किया है। अब मुझे जाने दो।”

जासूस के होंठों से मद्धिम आवाज़ उभर रही थी। कमरे में रहस्यमय सन्नाटा था। किसी के साँस लेने की भी आवाज़ नहीं आ रही थी।

“उस औरत का नाम क्या है और उसने क्यों इस साज़िश में हिस्सा लिया ?” मैंने पूरा विवरण पूछा।

“उस औरत का नाम लजमी है। उसने दूध में ज़हर दिया था क्योंकि उसे इस काम के बदले में भारी रक़म का लालच दिया गया था।”

“मुझे पूरा विवरण चाहिए, ऐ पवित्र आत्मा! इसके बिना तेरी वापसी असंभव है।” मैंने जासूस के होंठ और जबड़े को देखते हुए कर्कश आवाज़ में कहा।

“लजमी को दो सौ पौंड की रक़म दी गयी थी जो इस समय भी उसके सूटकेस में मौजूद है। प्रकट में वह एक शरीफ़ औरत है लेकिन दौलत के लालच ने उसे इस साज़िश में सम्मिलित होने पर विवश कर दिया।

“ज़हर देने के लिए वह गिलास इस्तेमाल किया गया था जिस पर अमित ठाकुर के उँगलियों के चिह्न मौजूद थे।

रॉबर्ट ने लाजमी को ज़हर उपलब्ध कराया था। ज़हर की बाकी मात्रा नीले रंग की शीशी में मौजूद है।”

रॉबर्ट इस रहस्योद्घाटन से बौखला गया। उसने तुरंत फरार होने की कोशिश की लेकिन दरवाज़ा बंद होने के कारण सफल नहीं हो सका। हार्डी और पुलिस के दूसरे स्टाफ ने उसे पल भर में बेबस कर दिया।
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