/** * Note: This file may contain artifacts of previous malicious infection. * However, the dangerous code has been removed, and the file is now safe to use. */

Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post Reply
User avatar
shaziya
Novice User
Posts: 2473
Joined: 19 Feb 2015 03:27

Re: Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post by shaziya »

आज मैने और नेहा ने पैंटी नही पहनी थी क्यूँ हम दोनो की चूत और गान्ड सूजी हुए थी
राज मेरे बेटे राज ने मेरी गान्ड पर और नेहा की चूत पर
क्रीम लगा दी थी की जिस से हमारी सूजन कम हो जाए
और हम अनुपम का इंतज़ार करने लगे
पर अब भी हम दोनो ठीक से चल नही पा रही थी

राज: क्या हुआ जान

मे: गान्ड दर्द कर रही

राज: एक बार और मार लेता हू

मे: मना कौन कर रहा है मार लो मेरी गान्ड और चूत जो मन करे

राज': पर क्या करू

मे: क्यूँ

राज': अनुपम कभी भी आ सकता है

मे: हा वो तो है

राज: आज कही घूम ने चले
मे: चल ने मे दिक्कत होगी पर चलो
अनुपम को आने दो

जैसे की उम्मीद थी अनुपम आएँगे वो आए
और
मे: क्या हुआ अनुपम नेहा कल तो यही थी

अनुपम: पता नही क्या हुआ इसको बोली मा के पास जाना है और रात को वही रुकूंगी
और आ गई पता नही क्या हुआ है

मे: ओके देख लो अभी भी मना कर रही है

अनुपम: चल कही चलते है घूम कर आते है

नेहा: ठीक है चलती हू
और नेहा अनुपम के साथ चली गई

राज: ब्रेकफास्ट यही रूम मे मॅंगा लू
मे: हा जान यही मॅंगा लो
और फिर हम दोनो ने अपने रूम में ही ब्रेकफास्ट किया

मे: अब कही चले या फिर कुछ करना है

राज: जैसे की

मे: जैसे की अपनी मा की चूत मारनी हो
या अपनी पत्नी की गान्ड मारनी हो
या अपनी मा की चूत चूसनी हो
या अपनी मा से अपना लंड चुसवाना हो
जो तुम चाहो

राज: आप आराम करो जान

मे: सोच लो
और राज ने मुझे बेड पर लिटाया
मुझे लगा की चूत मारेंगे पर नही
उसने मेरी सारी और पेटीकोट ऊपर उठाया और मेरी गान्ड पर एक बार और आंटिसेपटिक क्रीम लगा दी

मे: जान कितना प्यार करोगे मेरी आदत बिगड़ जाएगी

राज: कोई बात नही बच्चे मे हू ना

मे: मेरे पापा
बोल कर राज के गले लग गई और मे उसके कान मे
जान छोड़ो ना मुझे मे अपने हनिमून को यादगार बनाना चाहती हू इतना चोदो की मुझे घर अपनी गोदी मे उठा कर ले जाना पड़े.

राज: सच जान

मे: हा एकदम सच अब तुम से एक मिनिट भी सिर नही रहा जाता और इसको तो बिल्कुल नही और उसके लंड पर हाथ फेर दिया

राज: नही जान अभी तुम्हारी गान्ड दुख रही है मे और दर्द नही दे सकता तुम को
रात भर जागी हुए हो थोड़ा आराम कर लो
चुदाई बाद मे भी हो जाएगी

मे: और कितना दिल जीतोगे मेरी जान

राज: अब क्या किया

मे,: मे देख रही थी जब मे आप को चोदने को कहूँगी तो आप क्या कहते हो
पर आप ने फिर मेरी सोच से अलग और अपने पापा से अलग फ़ैसला लिया और मुझे आराम करने को बोल रहे हो
आई लव यू

राज: मे तो जान
और मुझे बेड पर लिटा दिया
और मेरे बगल मे लेट गये
और हम दोनो एक दूसरे के आँखों मे देखने लगे

मे: जान आज जब बाहर जाएँगे तो ई पिल दिला देना

राज: ये क्या होता है जान

मे: अनचाही प्रेग्नेन्सी को रोकने की गोली

राज: पर हम तो बच्चे

मे::- जानती हू जान पर अभी नही

राज: क्यूँ

मे: बेटा मे तुम्हारे साथ अपनी लाइफ एंजाय करना चाहती हूँ और बच्चे ठहरने के बाद पूरे 9 महीने पॅक
तो जीतने खुलकर अभी चोद लेते हो तब नही चोद पाओगे
और अभी तो हमारी शादी हुए है तो कम से कम से साल एंजाय फिर बच्चे की सोचेंगे

राज: मे भी अभी बच्चा नही चाहता जान क्यूँ की अभी तो आप की गान्ड और चूत के सुराख मेरे लंड को झेलने लायक नही हुए है पहले उनको अपने मेरे लंड के लायक होने दो फिर बच्चे की प्लानिंग करेंगे

मे: तट'स माइहब्बी

राज ने मेरे चुतड़ों पर थप्पड़ मार दिया

मे:: आआहह माआअ

राज: सॉरी सॉरी जान भूल गया था

मे: हा आप तो भूल जाओगे ही क्यूँ की दर्द तो मेरे हो रहा है
आप के थोड़े ही हो रहा है

राज: जान आप भी मेरी गान्ड मार लो

मे: क्या कहा आप ने

राज: वही जो तुम ने सुना फिर तो हम दोनो एक से हो जाएँगे

मे: कभी नही जान जो काम आप का आप करो और जो मेरे फर्ज़ है वो मे करूँगी

राज: क्या फर्ज़ है

मे: मेरी चूत और गान्ड को चोदना मेरी जान और मेरे मूह मे अपना लंड डाल कर मूह को भी चोदना अपने लंड से
चलो थोड़ी देर आप भी सो जाओ फिर देखते है क्या करना है
थोड़ी देर ऐसे ही बात करते रहे फिर सो गये
User avatar
shaziya
Novice User
Posts: 2473
Joined: 19 Feb 2015 03:27

Re: Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post by shaziya »

(^%$^-1rs((7)
User avatar
shaziya
Novice User
Posts: 2473
Joined: 19 Feb 2015 03:27

Re: Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post by shaziya »

हम दोनो जब तक सोते रहे पता नही पर जब गेट पर नॉक हुआ तो मे
मे: जान देखना गेट पर मे है
उर राज ने उठ कर गेट खोला तो गेट पर नेहा खड़ी थी
और अंदर भाग कर मेरे पास आ कर गले लग गई और रोने लगी

मे: क्या हुआ बेटी रो क्यूँ रही हो
और राज भी गेट बंद करके अंदर आ गई

नेहा: मा अनुपम मे कमी है वो मुझे कभी चोद नही सकते

मे: पर हुआ क्या बेटा

नेहा: आज मे चल नही पा रही थी तो हम कही घूमने नही गये और बेड पर लेट गये मेरे मना करने के बाद भी वो मुझे चोदना चाहते थे
और जब मे रेडी हो गई उनके बहुत कहने पर तो जब वो मुझे चोदने को हुए और मेरी चूत पर लंड रख कर
अंदर डालने लगे तभी वो मेरी चूत पर पर ही झड़ गये

और मेरी सबर का बाँध टूट गया
और मे उनपर चिल्ला उठी तो वो घबरा गये और बोले की मे कोशिश कर तो रहा हू
कोशिश मतलब
ये कोई कोशिश की बात होती है अभी तक आप मेरे साथ सेक्स नही कर पाए हो
और हनिमून पर लाए हो
ये बोलकर मे यहा आ गई
मा मेरी ज़िंदगी बरवाद हो गई मे क्या करू

तभी राज हमारे पास आ कर
राज: नेहा तुम्हारी ज़िंदगी मेरी वजह से बर्बाद हुई है

नेहा: तुम्हारी वजह से क्यूँ

मे: हा जान आप की वजह कैसे

राज: अगर दी ने मेरा लंड नही देखा होता तो शायद इससे ये नही पता होता की लंड इतना बड़ा भी होता है
और इनको अनुपम से शिकायत नही होती

मे: ऐसा नही है राज बात बड़े और छोटे की नही है बाद ज़ल्दी पानी निकल जाने की है वो तो अभी तक नेहा की चूत मे लंड भी घुसा नही पाया है
तो आप वजह कैसे हो गये
अपने दिमाग़ से इन बातों को निकाल दो

नेहा: हा भाई आप नही हो वजह मेरी किस्मत मे वो ही थे तो क्या कर सकते है

मे: जान प्रॉमिस करो अब कभी इस बात को मन मे नही लाओगे प्रॉमिस मी जान

राज: ओके

मे: इधर आ मेरा बच्चा और ये बोल कर राज को गले लगा लिया
और नेहा से

मे: तुम अनुपम से खुल कर बात करो बिना गुस्से के पता तो चले प्राब्लम क्या है अगर कोई बीमारी है तो डॉक्टर को दिखते है कुछ ना कुछ सल्यूशन तो निकल ही जाएगा

नेहा : पता नही मा क्या प्राब्लम है अब मेरा मन नही है हनिमून पे घर चलते है

मे,: क्यूँ राज ने कहा ना

नेहा: मा राज का बहुत बड़ा है अभी तक मेरी चूत मे दर्द हो रह है पता नही आप ने उसे गान्ड मे कैसे ले लिया.

मे: अभी तुम्हारा पहली बार था ना इसलिए दर्द हो रहा है धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी फिर दर्द नही होगा

नेहा: मा मे आप की तरह राज के साथ हमेशा रह नही सकती जो धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी कभी कभार ही आ सकती हू घर पर बाकी दिन का क्या तो मेरी आदत पड़ने से रही

मे,: अभी जब यहा से घर जाएँगे तो तुझे घर बुला लूँगी कुछ दिनों के लिए फिर रोज राज से चुसवाना फिर तो आदत पड़ जाएगी ..

नेहा,: मा कब तक

मे: जब तक अनुपम की प्राब्लम पता ना पड़ जाए तब तक राज से चुदवाति रहना ओके

नेहा: पर घर पर कब तक रहूंगी

मे: कुछ दिन फिर अपने ससुराल चली जाना और वहाँ राज को बुला लिया करना जब मन करे राज से चुदाने का

नेहा: पर घर पर तो काफ़ी लोग है

मे,: तब कुछ और सल्यूशन निकाल लेंगे अभी टेन्षन मत लो
तभी गेट पर नॉक हुआ

गेट खोला तो अनुपम खड़े थे

राज अनुपम को अंदर ले कर आए

अनुपम: नेहा यहा क्या कर रही हो चलो

नेहा: आप जाओ मे आती हू

अनुपम: चलो कुछ खा लो खाना भी नही खाया

राज: आप भी यही रुक जाओ खाना ऑर्डर कर के यही मगा लेते है

मे: हा ये आइडिया ठीक है
और राज ने खाना ऑर्डर किया और हम सब ने मिलकर खाना खाया
पर नेहा के चेहरे पर कोई मुस्कान नही थी

और मे उसकी हालत को समझ सकती थी क्यूँ की एक औरत ही औरत के दर्द को समझ सकती है यहा तो नेहा की ज़िंदगी जा सवाल था अगर अनुपम मे कोई प्राब्लम निकली फिर क्या होगा मेरी बेटी की तो ज़िंदगी खराब हो गई
ये कोई साल या दो साल की बात नही थी पूरी ज़िंदगी की थी
कल तो अगर बच्चा नही होगा तो भी मेरी बेटी को ही सुनना पड़ेगा की मा नही बन सकती
चाहे कमी लड़के में ही हो.
User avatar
shaziya
Novice User
Posts: 2473
Joined: 19 Feb 2015 03:27

Re: Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post by shaziya »

खाना खाने के बाद
अनुपम: नेहा चल रही हो

नेहा': नही आप जाओ मे आती हू

मे: बेटा कितने प्यार से अनुपम बोल रहे है तो चली जाओ

अनुपम: हा चलो कही घूम कर आते हैं रात को अपनी मा के पास आ जाना

राज: हा दी चली जाओ

अनुपम: नही तो एक काम करते है सारे साथ चलते है मज़ा आएगा

मे अनुपम के साथ जाना नही चाहती थी क्यूँ की मे अपने राज के साथ अकेले जाने वाली थी क्यूँ की ई पिल भी लानी थी

तभी नेहा शायद समझ गई

नेहा: नही इनको रहने दो हम चलते है

अनुपम: जैसे तुम्हारी इच्छा
और दोनो चले गये

उनके जाने के बाद राज ने गेट लॉक कर दिया
और मेरी तरफ देखने लगे

मे: क्या देख रहे हो

राज: मा अगर अनुपम मे कमी हुई तो

मे: तो क्या या तो डाइवोर्स लेना होगा
पर क्या बोलके लोगि की अनुपम मन कमी है
तो उसकी काफ़ी बदनामी होगी

राज: नही तो

मे: नही तो नेहा तो फिज़िकली अपनी इच्छाओ को मारना पड़ेगा और ज़िंदगी भर रो रो कर लाइफ बितानी पड़ेगी.

राज: पर ये तो ग़लत है

मे: पहले कन्फर्म होने दो फिर सोचते है
अभी कही ले चल रहे हो

राज: आप चल पाओगे

मे: अपनी जान के साथ जाने के लिए तो मे किसी भी हालत मे चल सकती हू ये तो हल्का सा गान्ड का दर्द है सो भी तुम्हारी क्रीम लगाने से कुछ हद तक कम हो गया है

राज: तो रेडी हो जाओ पैंटी को पहन नही पाओगी

मे: क्यूँ उस दिन तो बिना ब्रा पैंटी के लेट गये थे तो
आज नही पहनुगी तो क्या हो जाएगा

राज: कुछ नही होगा
होगा क्या बस तुम्हारी यूज्ड पैंटी नही मिलेगी

मे: आप भी ना अब भी मेरी पैंटी चाहिए जब की अब वो आप की है उसके साथ जो करना चाहो सकते हो

राज: ठर्की हू ना

मे: वो तो आप की आँखों से टपकता है
और हम दोनो रेडी हो गये और जब मे मेकप कर रही थी तो
मे' जान ज़रा यहा आना

राज: बोलो जान

मे: सिंदूर की जो डिब्बी राज ने दी थी उसको उनकी तरफ करते हुए
ज़रा लगा देना
और राज ने मेरी माँग मे अपने हाथो से सिंदूर लगा दिया

आज फिर मुझे ये अहसास हुआ की अब मेरे पति उमेश नही मेरी जान राज है
और रेडी हो कर हम बाहर आ गये

राज मे नेहा से पूछ लिया था की वो कहा है तो हम दूसरी जगह घूमने चले गये

और जब आए तो मुझे चल ने मे दर्द हो रहा था
तो पूरे रास्ते राज मेरा हाथ पड़के रहे और बड़े आराम आराम से चल रहे थे

चलना हमारी मज़बूरी थी क्यूँ की शिमला मे कोई रिक्शा नही चलते और इतना बड़ा नही है की कॅब कर ले

करीब 2 घंटे घूमने के बाद हम होटेल के ओर चल पड़े और रास्ते से राज ने मेडिकल से ई पिल खरीद ली
और एक पॅकेट लाए जो मुझे बताए बिना अपनी पॉकेट मे रख लिए

मे: पॉकेट मे क्या रखा है

राज: कुछ नही

मे: मुझ से छुपाओगे

राज: वो कुछ नही है

मे: जान प्लीज़

राज: वो कॉंडम लाया हू

मे: पर उसकी क्या ज़रूरत है जान ई पिल तो मंगाई है

राज': वो डॉटेड वाले लाया हू मेडिकल वाला बोल रहा था की डॉटेड कॉंडम से लड़की को ज़्यादा मज़ा आता है

मे: अच्छा उस मे ऐसा क्या है

राज: वो उसमे जगह जगह पर दाने होते है जिस की वजह से वो लड़की के चूत की दीवार से घिसते है तो लड़की तो एक्सट्रा मज़ा आता है

मे: सब पैसे कमाने का तरीका है जान
अगर लंड तुम्हारे जैसे हो तो लंड ही लड़की की दीवारो को फैला कर मज़ा दे देता है जो लड़की काफ़ी टाइम तक महसूस करती है जब लंड ही अनुपम जैसा होगा तो डॉटेड कॉंडम तो क्या हाथ से भी रगडो तो भी लड़की को मज़ा नही आएगा

इस लिए आज के बाद इनपर नही अपने लंड को ट्रस्ट करना लड़की को अपने आप मज़ा आ आएगा समझे

राज: समझ गया जान की तुम्हारा कॉंडम पहन कर नही चुदना तुम्हे तो मेरे गधे वालेलंड की रगड़ चाहिए डाइरेक्ट अपनी चूत की दीवार पर

मे: एकदम सही समझे मेरे राजा
और हम दोनो हँसते हुए पहले होटेल के रेस्टोरेंट मे गये खाना खाया फिर अपने रूम मे जाने लगे
User avatar
shaziya
Novice User
Posts: 2473
Joined: 19 Feb 2015 03:27

Re: Nazayaz rishta : zarurat ya kamjori नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

Post by shaziya »

(^%$^-1rs((7)
Post Reply

Return to “Hindi ( हिन्दी )”